IPL में कैसा खेल रहे टी-20 वर्ल्ड चैंपियंस:सैमसन ने शतक लगाया, चक्रवर्ती-बुमराह को विकेट नहीं मिल रहे; रिंकू, हार्दिक और अर्शदीप फ्लॉप

IPL में 19वें सीजन के 18 मैच खत्म हो चुके हैं। भारत को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले 15 प्लेयर्स अलग-अलग टीमों में खेल रहे हैं। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सैमसन ने शनिवार को ही शतक लगा दिया। उनके साथी अभिषेक शर्मा ने भी 74 रन की पारी खेली। हालांकि, वर्ल्ड कप के 2 टॉप विकेट टेकर वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह IPL में विकेट के लिए तरस जा रहे हैं। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल का प्रदर्शन भी बहुत फीका चल रहा है। वर्ल्ड कप में खराब स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव भी अब तक प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। भारत को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले प्लेयर्स का IPL के मौजूदा सीजन में प्रदर्शन… ओपनर्स शनिवार को चमके IPL के 18 मैचों में 10 टीमों से 22 प्लेयर्स ने ओपनिंग की। वर्ल्ड कप खेलने वाले अभिषेक शर्मा सनराइजर्स हैदराबाद और संजू सैमसन चेन्नई सुपर किंग्स से खेल रहे हैं। टूर्नामेंट में अभिषेक 5वें और सैमसन तीसरे बेस्ट स्कोरर हैं। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल टॉप-2 पोजिशन पर हैं। मिडिल ऑर्डर में एक ही फिफ्टी लगी IPL में 3 से 5 नंबर तक 39 प्लेयर्स बैटिंग कर चुके हैं। इनमें 11 ने 100 से ज्यादा रन बनाए, लेकिन वर्ल्ड चैंपियन टीम का एक ही भारतीय इसमें शामिल हैं। नंबर-3 पर बैटिंग करने वाले ईशान ने एक फिफ्टी लगाकर 120 से ज्यादा रन बनाए हैं। वर्ल्ड कप में उनका साथ देने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा कुछ खास नहीं कर सके। ऑलराउंडर्स कमाल नहीं दिखा सके दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल और मुंबई के कप्तान हार्दिक पंड्या भी IPL में अपनी छाप नहीं छोड़ पाए हैं। वहीं वर्ल्ड कप में 2 ही मैच खेलने वाले वॉशिंगटन सुंदर बैट से रन बना रहे हैं। एक ही फिनिशर रन बना पा रहा शिवम दुबे और रिंकू सिंह ने वर्ल्ड कप में फिनिशर की भूमिका निभाई थी। IPL में 49 प्लेयर्स ने 6 से 8 नंबर पर बैटिंग की है। इनमें 12 प्लेयर्स ने 30 प्लस रन बनाए। इनमें 250 प्लस का स्ट्राइक रेट अकेले सरफराज खान का रहा। उनके बाद SRH के अनिकेत वर्मा ने 195 प्लस के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। विकेट को तरस गए स्पिनर वरुण टी-20 वर्ल्ड कप में 14 विकेट लेने वाले वरुण चक्रवर्ती विकेट को तरस गए हैं। टूर्नामेंट के 30 स्पिनर्स में वे आखिरी नंबर पर हैं। दूसरी ओर एक ही वर्ल्ड कप मैच खेलने वाले कुलदीप विकेट लेने वाले स्पिनर्स में 8वें नंबर पर चल रहे हैं। IPL में राजस्थान के रवि बिश्नोई नंबर-1 और SRH के हर्ष दुबे दूसरे नंबर पर हैं। बुमराह को भी विकेट नहीं मिल रहे वर्ल्ड कप में वरुण के बराबर 14 विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह भी IPL में विकेट को तरस गए हैं। उनके बाद दूसरे टॉप विकेट टेकर रहे अर्शदीप सिंह को 4 में से 3 मुकाबलों में विकेट नहीं मिला। मोहम्मद सिराज भी कुछ खास नहीं कर पाए। IPL में 50 पेसर्स ने बॉलिंग की, चेन्नई के अंशुल कम्बोज 8 और गुजरात के प्रसिद्ध कृष्णा 6 विकेट के साथ टॉप-2 पर हैं। ——————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… संजू रोहित-कोहली के क्लब में शामिल:400 सिक्स वाले चौथे भारतीय, इस सीजन का पहला शतक लगाया, सरफराज का डाइविंग कैच; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL 2026 के 18वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 23 रन से हराया। चेपॉक स्टेडियम में संजू सैमसन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के क्लब में एंट्री ली। वे टी-20 में 400 सिक्स पूरे करने वाले चौथे भारतीय बने। उन्होंने इस सीजन का पहला शतक जड़ा। फील्डिंग में सरफराज खान ने डाइविंग कैच लेकर अक्षर पटेल को पवेलियन भेजा। पूरी खबर IPL में आज बेंगलुरु vs मुंबई:डिफेंडिंग चैंपियन RCB ने 2, MI ने 1 मैच जीता; दोनों राजस्थान को नहीं हरा सके इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन में आज डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के सामने 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) की चुनौती है। सीजन का 20वां मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7.30 बजे शुरू होगा, जिसका टॉस 7 बजे होगा। पूरी खबर
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले जोर आजमाइश तेज की: अमित शाह 30 रैलियों के साथ आगे | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 00:43 IST पीएम नरेंद्र मोदी ने 11 रैलियां की हैं, जो केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में निरंतर, जमीनी स्तर की भागीदारी की रणनीति का संकेत देती हैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में. (फाइल फोटो: एक्स/अमित शाह) 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले, अभियान परिदृश्य भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के नेतृत्व में एक मजबूत और संरचित प्रयास को दर्शाता है, जिसमें प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में रैलियों की उच्च आवृत्ति होती है। इस लामबंदी में सबसे आगे हैं अमित शाह, 30 रैलियों के साथ, जो सभी राष्ट्रीय नेताओं में सबसे अधिक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 11 रैलियां की हैं, जो केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में निरंतर, जमीनी स्तर की भागीदारी की रणनीति का संकेत देती हैं। समानांतर रूप से, योगी आदित्यनाथ ने भी 11 रैलियों को संबोधित किया है, जिससे अभियान की पहुंच मजबूत हुई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पार्टी एकीकरण की मांग कर रही है। स्मृति ईरानी ने 13 रैलियां कीं, जो राज्य में व्यापक राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति में योगदान दे रही हैं। अन्य वरिष्ठ नेताओं ने लगातार प्रचार की गति बनाए रखी है। माणिक साहा ने नौ रैलियां की हैं, जबकि हिमंत बिस्वा सरमा और बिप्लब कुमार देब ने आठ-आठ रैलियां की हैं। जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह ने छह-छह रैलियों को संबोधित किया है, जो संगठनात्मक और सरकारी नेतृत्व दोनों की भागीदारी को दर्शाता है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 10 रैलियां की हैं, जबकि नितिन गडकरी ने दो रैलियां की हैं. इसके अतिरिक्त, मोहन चरण माझी ने छह रैलियों को संबोधित किया है, और रेखा गुप्ता ने पांच रैलियों का संचालन किया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मुख्य राजनीतिक नेतृत्व के बाहर के प्रचारकों में से, कंगना रनौत ने सात रैलियों को संबोधित किया है, जबकि हेमा मालिनी ने कई कार्यक्रमों में भाग लिया है। संचयी डेटा पूरे बंगाल में राष्ट्रीय आंकड़ों की एक केंद्रित तैनाती का संकेत देता है, खासकर पहले चरण की शुरुआत में। रैलियों का पैमाना और आवृत्ति केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उच्च-दृश्यता वाले अभियान के माध्यम से मतदाता पहुंच को अधिकतम करने पर केंद्रित रणनीति का सुझाव देती है। जिलों में यह व्यापक लामबंदी व्यापक चुनावी रणनीति में चरण 1 के महत्व को रेखांकित करती है, जिसमें वरिष्ठ नेताओं की निरंतर भागीदारी अभियान दृष्टिकोण का एक प्रमुख घटक है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 00:43 IST समाचार चुनाव भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले तैयारी तेज की: अमित शाह ने 30 रैलियों का नेतृत्व किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव
ग्वालियर में युवक पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर:दोस्तों ने विवाद के बाद मारा चाकू, लिवर में फंसा, जयपुर रेफर

ग्वालियर में एक युवक पर उसके ही दोस्तों ने चाकू से कातिलाना हमला कर दिया। तीनों दोस्त साथ बैठे थे, तभी किसी बात को लेकर मुंहवाद हो गया और विवाद बढ़ने पर दो दोस्तों ने मिलकर युवक पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू युवक के लिवर में जा फंसा, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना माधौगंज थाना क्षेत्र के लक्कड़खाना इलाके की है। जानकारी के अनुसार लक्कड़खाना निवासी आशीष खटीक अपने दोस्तों अंशु शाक्य और रमन वाल्मीकि के साथ शनिवार को बैठा था। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते अंशु और रमन ने चाकू निकालकर आशीष पर हमला कर दिया। चाकू सीने और पेट के बीच में लगते हुए लिवर में जा फंसा। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि आशीष वहीं घायल होकर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों की मदद से परिजन घायल को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन एंबुलेंस से उसे इलाज के लिए जयपुर ले गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी ने जांच शुरू कर दी है। घायल और परिजन के शहर से बाहर होने के कारण फिलहाल मामला दर्ज नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के लौटते ही बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर में युवक पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर:दोस्तों ने विवाद के बाद मारा चाकू, लिवर में फंसा, जयपुर रेफर

ग्वालियर में एक युवक पर उसके ही दोस्तों ने चाकू से कातिलाना हमला कर दिया। तीनों दोस्त साथ बैठे थे, तभी किसी बात को लेकर मुंहवाद हो गया और विवाद बढ़ने पर दो दोस्तों ने मिलकर युवक पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू युवक के लिवर में जा फंसा, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना माधौगंज थाना क्षेत्र के लक्कड़खाना इलाके की है। जानकारी के अनुसार लक्कड़खाना निवासी आशीष खटीक अपने दोस्तों अंशु शाक्य और रमन वाल्मीकि के साथ शनिवार को बैठा था। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते अंशु और रमन ने चाकू निकालकर आशीष पर हमला कर दिया। चाकू सीने और पेट के बीच में लगते हुए लिवर में जा फंसा। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि आशीष वहीं घायल होकर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों की मदद से परिजन घायल को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन एंबुलेंस से उसे इलाज के लिए जयपुर ले गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी ने जांच शुरू कर दी है। घायल और परिजन के शहर से बाहर होने के कारण फिलहाल मामला दर्ज नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के लौटते ही बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आरक्षक-अधिवक्ता का हुआ विवाद:दोनों में मारपीट का CCTV, वकील का आरोप- पुलिस नहीं दर्ज हो रही है FIR

जबलपुर में मामूली विवाद को लेकर जिला न्यायालय के अधिवक्ता और पुलिस आरक्षक के बीच जमकर लड़ाई हुई। हंगामा होते देख आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और लड़ाई को शांत करवाया। जानकारी लगते ही अधिवक्ता के साथी मौके पर पहुंचे और फिर थोड़ी देर बाद सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस आरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इधर, पुलिस आरक्षक ने भी अधिवक्ता पर मारपीट का आरोप लगाया है। जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारी थाने पहुंचे और घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन स्थित समीक्षा टाउन का है, जहां शनिवार रात को बच्चों के बीच हुए विवाद पर बड़े आमने-सामने आ गए। विवाद और मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे जिला न्यायालय में पैरवी करने वाले पकंज कुमार शर्मा का कहना है कि शनिवार शाम को कैंपस में बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी किसी बात को लेकर लड़ाई हो गई। बच्चों की आवाज सुनने के बाद पकंज और पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि मदनमहल थाने मे पदस्थ है, वह भी बाहर निकल आया, जिसके बाद दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि पड़ोस में ही प्रकाश सराठे के घर पर किराए से रहते हैं, उन्होंने मामूली बात पर उके साथ मारपीट की है। अधिवक्ता का कहना है कि रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे, पर उनकी तरफ से एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि विवाद शाम करीब साढ़े 6 बजे हुआ था। अचानक ही पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी सामने आया और गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, इसके बाद भी वह मारता रहा। अधिवक्ता का कहना है कि जब वह शिकायत दर्ज कराने के लिए सिविल लाइन थाने पहुंचा, तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मीयों ने एफआईआर ना दर्ज करते हुए समझौता करने का दवाब बनाया। उनका कहना है कि थाने में जो पुलिसकर्मी की ड्यूटी एफआईआर करने की होती है, उसे भी वहां से इसलिए अलग कर दिया गया कि वह शिकायत ना लिख सके। अधिवक्ता पकंज कुमार शर्मा की और से पुलिस को सीसीटीवी भी सौंपे गए है। जिसमें कि विवाद हो रहा है। अधिवक्ता के साथ मारपीट की जानकारी लगते ही उनके साथी भी सिविल लाइन थाने पहुंच गए। सीएसपी सोनू कुर्मी का का कहना है कि दोनों और से शिकायत दी गई है। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी मिले है। जांच करवाई जा रही है।
एनेस्थीसियोलॉजी में बदलाव की आहट:सिस्टम सुधार से बचेगी जान, RSACPCON में उठी सेफ्टी कल्चर की मांग; इंदौर में जुटे देश-विदेश के एक्सपर्ट्स

RSACPCON 2026 (रिसर्च सोसायटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजी क्लिनिकल फार्माकोलॉजी) की 34वीं नेशनल और 5वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुआ। पहले दिन देश-विदेश के 500 से अधिक एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और पीजी विद्यार्थियों ने चार अलग-अलग हॉल में आयोजित वैज्ञानिक सत्रों में भाग लिया। कॉन्फ्रेंस में ऑपरेटिंग थिएटर (OT) में गलतियों की रोकथाम, सुरक्षित प्रसव, आपदा व युद्धकालीन चिकित्सा प्रबंधन और मेडिकल क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। “ऑडिटिंग व्हाट मैटर्स: क्लिनिकल गलतियां और बिना दोष की रिपोर्टिंग” सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि ओटी में होने वाली अधिकांश गलतियां किसी एक डॉक्टर की नहीं, बल्कि थकान, संचार की कमी, उपकरणों की खामियों और उच्च दबाव वाले वातावरण जैसे सिस्टम संबंधी कारणों से होती हैं। अस्पतालों में निष्पक्ष रिपोर्टिंग की संस्कृति विकसित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि भविष्य में गलतियों को रोका जा सके। “सेफ बर्थ का वादा” सत्र में प्रसूति से जुड़े जटिल मामलों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने प्लेसेंटा एक्रीटा और ऑब्सटेट्रिक हेमरेज जैसी स्थितियों को मातृ मृत्यु का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि समय रहते पहचान और तैयारी से प्रसव के दौरान होने वाली बड़ी त्रासदियों को टाला जा सकता है। “द लाइफलाइन ब्रिगेड: व्हेन डिजास्टर स्ट्राइक्स” सत्र में सैन्य चिकित्सा अधिकारियों ने युद्ध, प्राकृतिक आपदा और जैविक हमलों के दौरान चिकित्सा प्रबंधन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि तेज ट्राइएज, डैमेज कंट्रोल सर्जरी और सीमित संसाधनों में अधिकतम जीवन बचाने की रणनीति बेहद प्रभावी रहती है। AI पर चर्चा में विशेषज्ञों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दवाओं की सटीक डोज तय करने और जटिलताओं का पूर्वानुमान लगाने में सहायक है, लेकिन यह अनुभवी डॉक्टर का विकल्प नहीं बन सकता। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. डॉ. किशोर अरोरा ने कहा कि कॉन्फ्रेंस के सत्र सीधे मरीजों की सुरक्षा से जुड़े रहे और भारतीय एनेस्थीसियोलॉजी वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रही है।
इंदौर में आग से मर्सिडीज कार जलकर खाक:दो बाइक भी जलीं, दमकल की गाड़ियां पहुंची और आग को फैलने से रोका

इंदौर के भक्त प्रहलाद नगर में शनिवार रात एक घर के बाहर आगजनी की घटना हो गई। आग में मर्सिडीज कार और दो बाइक जलकर खाक हो गईं। सूचना के बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग को फैलने से रोका और काबू पाया जा सका। फायर ब्रिगेड के मुताबिक घटना करीब साढ़े नौ बजे के लगभग की है। यहां प्रदेश टुडे अखबार के मालिक ह्दयेश दीक्षित के घर के बाहर खड़ी उनकी मसिर्डीज कार और दो वाहन आग के हवाले हो गए। आग लगने के चलते पूरे वाहन जलकर खाक हो गए। यहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने फायर ब्रिगेड को सूचना की। जानकारी के बाद यहां पुलिस की टीम भी पहुंची। आग लगने का कारण अभी सामने नहीं आया है। देखिए मर्सिडीज में आग की तस्वीरें…
बच्चों को बचाने में बाइक फिसली, युवक घायल:डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल, बहुती स्कूल के सामने हादसा

मऊगंज में एक बाइक चालक बच्चों को बचाने के प्रयास में सड़क पर फिसल गया। इस हादसे में चालक घायल हो गया। यह घटना शनिवार रात मऊगंज थाना क्षेत्र में बहुती ग्लोबल स्कूल के सामने हाईवे पर हुई। हनुमना निवासी बाइक चालक शैलेंद्र सिंह मऊगंज से अपने घर लौट रहे थे। बच्चों को बचाने के प्रयास में हादसा अचानक सड़क पर कुछ बच्चे आ गए। बच्चों को बचाने के प्रयास में शैलेंद्र ने अपनी बाइक का संतुलन खो दिया, जिससे बाइक फिसल गई और वे सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घायल को अस्पताल भेजा घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद लोगों ने डायल-112 को सूचना दी। डायल-112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल शैलेंद्र सिंह को प्राथमिक सहायता प्रदान की और उन्हें सिविल अस्पताल मऊगंज पहुंचाया। उनका उपचार अस्पताल में जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि चालक समय पर ब्रेक नहीं लगाता, तो बच्चों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। पुलिस ने इस मामले की जानकारी ली है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
हाथों में कंपकंपी- मांसपेशियों में जकड़न, बिना देरी भागें डॉक्टर के पास, हो सकती है ये न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम

Last Updated:April 11, 2026, 22:44 IST Parkinson Symptoms: पार्किंसन डिजीज एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जो धीरे-धीरे जानलेवा बनती है. हालांकि इस बीमारी का कोई ठोस इलाज नहीं है, लेकिन शुरआती स्टेज में अगर लक्षण पहचान लिए जाएं तो मेडिकल हेल्प से इसे मैनेज करना आसान होता है. यहां आप पार्किंसन के वॉर्निंग साइन के बारे में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट Parkinson Symptoms: पार्किंसन एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर की गतिविधियों को प्रभावित करती है.ये न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है. इसमें ब्रेन वो कोशिकाएं प्रभावित होती हैं जो शरीर की गतिविधियों को कंट्रोल करती हैं. इस कारण शरीर में डोपामाइन नामक रसायन की कमी हो जाती है, जिससे मांसपेशियों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है. शुरुआत में इसके लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन समय के साथ गंभीर रूप लेते हैं. पार्किंसन रोग होने का सटीक कारण अभी भी पूरी तरह से समझ में नहीं आया है. यही वजह है कि अब तक इस बीमारी का कोई ठोस इलाज नहीं है. मेडिकल हेल्प से सिर्फ इसके लक्षणों को मैनेज किया जाता है, जिससे मरीज लंबे समय तक क्वालिटी लाइफ जी सके. इसलिए इस बीमारी के संकेतों को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है. जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 11 अप्रैल को विश्व पार्किंसन दिवस भी मनाया जाता है. किन लोगोंं में पार्किंसन का ज्यादा खतरा होता है?वैसे तो यह बीमारी आमतौर पर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह युवाओं को भी प्रभावित कर सकती है. इसके अलावा इस बीमारी का खतरा पुरषों में महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होता है. कई मामलों में जेनेटिक कारक भी पार्किंसन होने की वजह देखे जाते हैं. पार्किंसन के शुरुआती लक्षण पार्किंसन के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें सामान्य कमजोरी या बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं. लेकिन कुछ संकेत ऐसे हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है- हाथों या पैरों में कंपकंपी मांसपेशियों में जकड़न और अकड़न चलने-फिरने में धीमापन या असंतुलन उठने-बैठने में दिक्कत लिखने में परेशानी शरीर का एक तरफ झुकना आंखों का कम झपकना या चेहरे के भाव कम होना समय पर इलाज क्यों है जरूरी?अगर पार्किंसन के लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. दवाइयों, फिजियोथेरेपी और स्वस्थ जीवनशैली की मदद से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं. ऐसे में अगर आपको या आपके परिवार में किसी को ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 11, 2026, 22:44 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
इंदौर में युवक के सिर पर पत्थर मारकर हत्या:शराब दुकान के पास मैदान में गंभीर हालत में मिला था, इलाज के दौरान मौत

इंदौर के केट रोड पर शनिवार रात एक युवक की सिर में पत्थर मारकर हत्या कर दी गई। युवक कुंदन नगर स्थित शराब दुकान के पास मैदान में गंभीर हालत में मिला था। पुलिस ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में शनिवार रात पुलिस की एफआरवी 112 को सूचना मिली थी कि कुंदन नगर शराब दुकान के पास करीब 30 वर्षीय युवक घायल अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक अपने साथियों के साथ खाली मैदान में शराब पी रहा था। इसी दौरान विवाद हुआ और आरोपियों ने उसके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस शराब दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है तथा मामले की जांच कर रही है।







