Friday, 09 Oct 2026 | 07:27 PM

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रेलिंग लेकर जा रहा ट्रक सड़क से नीचे गिरा:ड्राइवर की मौत; कंडक्टर शामगढ़ अस्पताल में भर्ती; एक्सप्रेसवे से हटाया वाहन

रेलिंग लेकर जा रहा ट्रक सड़क से नीचे गिरा:ड्राइवर की मौत; कंडक्टर शामगढ़ अस्पताल में भर्ती; एक्सप्रेसवे से हटाया वाहन

शामगढ़ थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात गरोठ से लोहे की रेलिंग लेकर जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गया। हादसा हरिपुरा फंटा के पास हुआ। 25 वर्षीय ट्रक ड्राइवर देवेंद्र बामनिया की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, ट्रक में सवार कंडक्टर राजेंद्र बामनिया (26 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में घायल का इलाज जारी सूचना मिलते ही पुलिस की 112 टीम मौके पर पहुंची और घायल कंडक्टर को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित हुआ, जिसे बहाल करने के लिए पुलिस, एक्सप्रेसवे कंपनी के कर्मचारी और कुरावन सरपंच की मदद से ट्रक को रास्ते से हटाने का काम शुरू किया गया। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार या ड्राइवर का नियंत्रण खोना मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दुर्घटना स्थल पर भीड़ न लगाएं और यातायात सुचारू होने तक वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

इलेक्ट्रिक केतली का उपयोग: सिर्फ पानी गर्म करने के लिए नहीं, इन गैर जरूरी चीजों के लिए भी होता है इलेक्ट्रिक केटल…5 मिनट में तैयार कर देता है आजमाने की ये चीज

इलेक्ट्रिक केतली का उपयोग: सिर्फ पानी गर्म करने के लिए नहीं, इन गैर जरूरी चीजों के लिए भी होता है इलेक्ट्रिक केटल...5 मिनट में तैयार कर देता है आजमाने की ये चीज

आप इलेक्ट्रिक केतली में क्या-क्या पका सकते हैं: पूरी जिंदगी में इलेक्ट्रिक केटल का अवलोकन सिर्फ चाय या फूलाड़ी बनाने का सामान नहीं रहा। ये छोटे-सा उपकरण अब किचन के स्मार्ट दोस्त बन गए हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो घर में रहते हैं, पिज्जा या छोटी रसोई में, यह जीवनरक्षक साबित हो रहा है। इलेक्ट्रिक केटल का उपयोग अब अंडे से चावल बनाने तक हो रहा है। हाल में कुछ रिजॉल्यूशन में कारण में स्ट्रीक्स के प्रभावित होने के कारण लोग बिजली वाले विकल्प की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में यह उपकरण काफी उपयोगी साबित हो रहा है। खाने-पीने की चीजें बनाने में केटल का इस्तेमाल किया जाता है सबसे पहले तो गर्म पानी तैयार करना सबसे आसान काम है। कुछ ही मिनटों में पानी की चॉकलेट चाय, कॉफ़ी, प्लांट टी या हॉट चॉकलेट बनाना सबसे आसान हो जाता है। लेकिन असली कमाल तब दिखता है जब इसे खाने की चीजों को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। अंडे की कीमत: केटल में पानी भरना, अंडे खाना और स्विच ऑन कर देना। 8-10 मिनट में हार्ड बॉयल्ड अंडे या 5-6 मिनट में सॉफ्ट बॉयल्ड अंडे तैयार हो जायेंगे। इससे गैर खर्चा भी नहीं होगा और सफाई भी थोड़ा आसान होगा। मूल तत्व, सरल और अन्य: गर्म पानी का उपकरण बस 2-3 मिनट इंतजार करें। छात्र-छात्रा के लिए ये लाइफसेवर है। चावल पकाना: पहले केटल में पानी प्रेमी लें। फिर गैस पर चावल के साथ इस पानी को गर्म करें। इससे गैस बचती है और समय भी कम लगता है। छोटी मात्रा में सीधे केटल में भी कुछ बार-बार पानी वाले लोग चावल तैयार कर लेते हैं। सब्जी ब्लांच करना या दाल नमकाना: गर्म पानी दाल से मूल रूप से जल्दी प्राकृतिक हो जाते हैं और चना भी तेजी से फूल जाते हैं। फ्रूट के शौकीन जेली, कस्टर्ड या मैग केक जैसे छोटे डेजर्ट भी केटल में आसानी से बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा गर्म पानी से पॉइक्रोन साफ ​​करना या दर्द की जगह पर गर्म सेंक लगाना नामी लोग इस्तेमाल करते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अल्पावधि सी इलेक्ट्रिक केटल एक मिनी किचन जैसा काम कर सकता है। बस सावधानी रखें, केटल को अधिक देर तक चालू न रखें और हमेशा साफ रखें। ऐसे ही एक साधारण इलेक्ट्रिक केटल से आप अपने जीवन को आसान और सस्ता बना सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)इलेक्ट्रिक केतली का उपयोग(टी)इलेक्ट्रिक केतली में अंडे उबालना(टी)इलेक्ट्रिक केतली में चावल पकाना(टी)इलेक्ट्रिक केतली रसोई हैक(टी)बहुउद्देश्यीय इलेक्ट्रिक केतली

धार में कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर कार्रवाई:भड़काऊ पोस्ट के आरोप पर केस दर्ज, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

धार में कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर कार्रवाई:भड़काऊ पोस्ट के आरोप पर केस दर्ज, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

धार में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में कांग्रेसी नेता गोपाल पाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बुधवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर तहसीलदार के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजने का निर्देश दिया गया। हालांकि, जेल भेजे जाने से पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली पुलिस ने गोपाल पाल के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में की गई। जानकारी के अनुसार, गोपाल पाल लगातार सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज, देवी-देवताओं और आरएसएस के संबंध में आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कर रहे थे। इन पोस्ट्स के कारण समाज में आक्रोश और तनाव की स्थिति बन रही थी। इस मामले में ब्राह्मण समाज के चेतन शर्मा और दिनेश सोनवानिया ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। ब्लड प्रेशर बढ़ा डॉक्टरों के मुताबिक, गोपाल पाल का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ है। उन्हें फिलहाल आईसीयू में रखकर उपचार दिया जा रहा है। गोपाल पाल को मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का करीबी बताया जाता है। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

पेट्रोल भरवाकर निकले ग्रामीण की बाइक में लगी आग:कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर खाक, अचानक बंद हुई दोबारा चालू करने पर निकला धुआं

पेट्रोल भरवाकर निकले ग्रामीण की बाइक में लगी आग:कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर खाक, अचानक बंद हुई दोबारा चालू करने पर निकला धुआं

राजगढ़ जिले के जीरापुर में पेट्रोल पंप से लौट रहे एक ग्रामीण की बाइक में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर खाक हो गई। जानकारी के अनुसार, तमौलिया गांव निवासी तरवर सिंह सोधिया बुधवार शाम करीब 5 बजे पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाकर निकले थे। कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक अचानक बंद हो गई। जब उन्होंने दोबारा स्टार्ट करने का प्रयास किया, तो बाइक से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। आग बुझाने की कोशिश नाकाम रही आग बढ़ती देख आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना एक छात्रावास के नजदीक हुई, जिससे वहां मौजूद लोग भी मौके पर जमा हो गए। कुछ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले चुकी थी। सूचना मिलने पर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बाइक मालिक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही।

गुरुवार को बैलेट ट्रेन पहुंचने पर असम, केरल और पुडुचेरी में क्या दांव पर है? | चुनाव समाचार

Delhi Capitals' KL Rahul plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Delhi Capitals and Gujarat Titans in New Delhi, India, Wednesday, April. 8, 2026. (AP Photo/ Manish Swarup)

आखरी अपडेट:08 अप्रैल, 2026, 22:08 IST हालांकि इन तीन क्षेत्रों के लिए मतदान गुरुवार को समाप्त हो जाएगा, लेकिन अंतिम फैसले का इंतजार व्यापक होगा। असम, केरल और पुडुचेरी के वोटों की गिनती 4 मई को होगी असम, केरल और पुडुचेरी में 61 मिलियन से अधिक लोग मतदान करने के पात्र हैं। प्रतीकात्मक छवि गुरुवार को, 61 मिलियन से अधिक मतदाता मतदान करेंगे क्योंकि असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। यह चुनावी अभ्यास कुल 296 निर्वाचन क्षेत्रों को कवर करता है, जो राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल और क्षेत्रीय दिग्गजों के लचीलेपन के लिए एक महत्वपूर्ण मध्यावधि बैरोमीटर के रूप में कार्य करता है। भारत के चुनाव आयोग ने रैलियों की बयानबाजी से मतपेटी की वास्तविकता तक सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय तैनात किए हैं। असम विधानसभा चुनाव में क्या दांव पर है? असम में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करना चाहती है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने अभियान को सीमा सुरक्षा और “घुसपैठियों” पर सख्त रुख के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास और समान नागरिक संहिता के विवादास्पद कार्यान्वयन के मुद्दों पर केंद्रित किया है। उनका विरोध असम सोनमिलिटो मोर्चा कर रहा है, जो कांग्रेस पार्टी के गौरव गोगोई के नेतृत्व वाला एक पुनर्गठित विपक्षी मोर्चा है। विपक्ष ने अपनी रणनीति को आर्थिक शिकायतों की ओर मोड़ दिया है, विशेष रूप से प्रशासनिक कदाचार और बढ़ती जीवनयापन लागत के आरोपों पर राज्य सरकार को निशाना बनाया है। मैदान में 789 उम्मीदवारों के साथ, राजनीतिक परिणाम काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या भाजपा की “असमिया पहचान” की कहानी प्रमुख ग्रामीण और चाय-बागान क्षेत्रों में विपक्ष के संयुक्त मोर्चे का सामना कर सकती है। क्या केरल अपनी ऐतिहासिक प्रवृत्ति तोड़ेगा या सत्ता बरकरार रखेगा? केरल में 140 सीटों के लिए राजनीतिक लड़ाई एक परिष्कृत तीन-तरफ़ा संघर्ष बनी हुई है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) लगातार दूसरे ऐतिहासिक चुनाव को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहा है, जो राज्य के बदलते राजनीतिक इतिहास में पारंपरिक रूप से दुर्लभ उपलब्धि है। अभियान में एलडीएफ ने अपने सामाजिक कल्याण रिकॉर्ड को उजागर किया है, जबकि वीडी सतीसन और रमेश चेन्निथला के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने सत्ता विरोधी भावनाओं और शासन घोटालों पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके साथ ही, एनडीए ने राज्य में अपनी पहुंच तेज कर दी है, राजीव चंद्रशेखर जैसे हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार बढ़ते वोट शेयर को ठोस सीट लाभ में बदलना चाहते हैं। केरल में रिकॉर्ड 985 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, और चुनाव आयोग ने पेरियार टाइगर रिजर्व जैसे दूरदराज के इलाकों में विशेष मतदान केंद्र भी स्थापित किए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक नागरिक अपने वोट के अधिकार का प्रयोग कर सके। पुडुचेरी में राजनीतिक परिदृश्य कैसे बदल रहा है? पुडुचेरी अपनी 30 निर्वाचित सीटों के लिए एक अद्वितीय गतिशीलता प्रस्तुत करता है, जहां एआईएनआरसी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी के नेतृत्व वाले मौजूदा एनडीए को एक खंडित लेकिन दृढ़ विपक्ष का सामना करना पड़ता है। धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए), जिसमें कांग्रेस और द्रमुक शामिल हैं, केंद्र शासित प्रदेश को पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं, हालांकि वीसीके जैसे गठबंधन सहयोगियों के देर से बाहर निकलने से उनके प्रयास जटिल हो गए थे। अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) की एंट्री ने अंकगणित को और अधिक जटिल बना दिया है, जिसने सभी 30 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस नए परिवर्तन ने अप्रत्याशितता का एक तत्व पेश किया है, जो संभावित रूप से दोनों प्रमुख गठबंधनों के पारंपरिक वोट बैंकों को विभाजित कर रहा है। अंतिम परिणाम कब घोषित किये जायेंगे? हालांकि इन तीन क्षेत्रों के लिए मतदान गुरुवार को समाप्त हो जाएगा, लेकिन अंतिम फैसले का इंतजार व्यापक होगा। असम, केरल और पुडुचेरी के वोटों की गिनती तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी चरणों के समापन के साथ 4 मई को की जाएगी। तब तक, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) कड़ी सुरक्षा में रहेंगी, जिससे लगभग 300 विधायकों का राजनीतिक भविष्य तय होगा। पहले प्रकाशित: 08 अप्रैल, 2026, 22:08 IST समाचार चुनाव गुरुवार को बैलेट ट्रेन पहुंचने पर असम, केरल और पुडुचेरी में क्या दांव पर है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

मंडला में 8 एकड़ गेहूं की फसल जली:शॉर्ट सर्किट से तिन्दुआ बम्हनी में हादसा; प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे

मंडला में 8 एकड़ गेहूं की फसल जली:शॉर्ट सर्किट से तिन्दुआ बम्हनी में हादसा; प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे

मंडला जिले की नैनपुर तहसील के ग्राम तिन्दुआ बम्हनी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से 8 एकड़ में खड़ी गेहूं की तैयार फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने किया बुझाने का प्रयास यह आग मोहम्मद इकलाख खान के खेत में लगी थी। दोपहर के समय अचानक उठी लपटों को देख ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुएं और बोरवेल के पंप चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते 8 एकड़ की फसल जल गई। आसपास की फसल कटी होने से आगे नहीं बढ़ी स्थानीय निवासी जहीर खान ने बताया कि आसपास के अधिकांश खेतों की फसल पहले ही काटी जा चुकी थी। खाली खेत होने के कारण आग आगे नहीं बढ़ पाई, अन्यथा गांव के अन्य किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था। हाई टेंशन लाइन से स्पार्किंग की आशंका आग लगने की प्राथमिक वजह खेत के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन को माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि तारों के आपस में टकराने या पेड़ों की टहनियों से रगड़ खाने के कारण निकली चिंगारी ने सूखी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नैनपुर एसडीएम को सूचित किया गया। प्रशासनिक निर्देश पर पटवारी और अन्य राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का पंचनामा तैयार किया है। प्रशासन अब आग के वास्तविक कारणों की जांच कर रहा है ताकि पीड़ित किसान को उचित सहायता दी जा सके।

चुनाव 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव, यहां देखें एक-एक सीट का अपडेट

चुनाव 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव, यहां देखें एक-एक सीट का अपडेट

असम, केरल और केंद्र प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का शोर अब पूरी तरह से चुकाया गया है। इन तीर्थस्थल पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। चुनाव आयोग के असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 विधानसभाओं पर एक साथ वोट डालेंगे। इसके साथ ही टुकड़ों की किस्मत में कैद हो जाएगा। यहां देखें एक-एक सीट का अपडेट इन राज्यों में होने वाले चुनाव का हर अपडेट एबीपी न्यूज पर लाइव देख सकते हैं। एबीपी वेबसाइट https://www.abplive.com यूट्यूब पर https://www.youtube.com/watch?v=nyd-xznCpJc पर क्लिक करके असम, केरल और पुडुचेरी चुनाव का नवीनतम अपडेट जान सकते हैं। असम में कैसे रहेंगे वोट असम की बात करें तो यहां कुल 2.5 करोड़ पुरुष हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 जेन्डर-पुरुष शामिल हैं। खास बात यह है कि 18-19 साल आयु वर्ग की बात करीब 5.75 लाख युवा पहली बार अपने फ्रैंचाइज़ का इस्तेमाल करेंगे। असम के 126 के लिए 722 प्रतियोगी मैदान हैं और यहां बहुमत के पात्र 64 हैं। राज्य की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। केरल में 140 प्रतियोगियों के लिए 833 प्रतियोगी केरल में 140 के लिए 833 प्रतियोगी उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां मुख्य राजनीतिक व्यवस्था के बीच त्रिकोणीय प्रतियोगिता देखने को मिल रही है। सरकार बनाने के लिए 71 वें बहुमत का बहुमत जरूरी है। राज्य में कुल 2.71 करोड़ वोटर्स हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 स्टूडेंट जेंडर वोटर्स शामिल हैं। यहां सरकार बनाने के लिए 16 क्वार्टर का बहुमत जरूरी है। कुल 9.44 लाख लाेगाें में लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 लाेग लाेगाें शामिल हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। असम में 1,388 नामांकित अभ्यर्थी थे, जिनमें 817 अभ्यर्थी शामिल थे. केरल में 2,117 नामांकन के साथ 1,252 अभ्यर्थी और पुडुचेरी में 514 नामांकन के साथ 442 ग्रीन ने आवेदन किया था। कुल मिलाकर 4,019 नामांकित उम्मीदवार शामिल थे, जिनमें 2,511 उम्मीदवार शामिल थे। ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘यहां से चलें…’, सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच तीखी बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का सख्त रुख

लाल फूल का सुपर ड्रिंक, गर्मी में शरीर के लिए AC, पेट के लिए वरदान, दिल-लिवर भी रहेंगे दुरुस्त!

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Last Updated:April 08, 2026, 19:49 IST Summer Health Tips: गर्मी के मौसम में गुड़हल का शरबत एक बेहतरीन नेचुरल कूलिंग ड्रिंक माना जा रहा है. यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ हाइड्रेट रखने में मदद करता है. पाचन तंत्र मजबूत होता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, लिवर भी स्वस्थ बना रहता है, जानें इसकी रेसिपी… Gudhal Sharbat Recipe: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और ताजगी देने वाले पेय पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है. आमतौर पर लोग नींबू पानी, शर्बत या ग्लूकोज का सेवन करते हैं, लेकिन इन सबके बीच गुड़हल के फूलों का शरबत सेहतमंद विकल्प बनकर उभर रहा है. यह पारंपरिक पेय न सिर्फ शरीर को ठंडक पहुंचाता है, बल्कि कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देता है. आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने लोकल 18 को बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है. ऐसे में गुड़हल के फूलों का शरबत नियमित रूप से पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है. यह थकान को दूर करता है और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है. गुड़हल का शरबत केवल ठंडक ही नहीं देता, बल्कि यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकता है. ऐसे बनता है ये शरबतगुड़हल का शरबत बेचने वाले प्रमोद कुशवाहा ने बताया, एक कप गुड़हल के फूल, स्वादानुसार चीनी पाउडर, 2-3 चम्मच नींबू का रस, 4-5 कप पानी, बर्फ के टुकड़े और पुदीने के पत्तों की जरूरत होती है. सबसे पहले एक पैन में पानी गर्म करें और उसमें गुड़हल के फूल व पुदीना डालकर करीब 10 मिनट तक उबालें. इसके बाद मिश्रण को ठंडा कर छान लें. फिर इसमें चीनी और नींबू का रस मिलाकर अच्छी तरह घोलें. अंत में बर्फ डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें. शरबत पीने के इतने फायदेडॉ. विपिन सिंह ने बताया, आयुर्वेद में गुड़हल को एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना गया है. इसके फूल, पत्ते और जड़ें कई रोगों के उपचार में उपयोगी होती हैं. यह विशेष रूप से पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है और त्वचा, बाल, हृदय व पाचन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. गुड़हल के फूलों का उपयोग बालों के लिए भी फायदेमंद है. इसका पेस्ट या तेल लगाने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं, डैंड्रफ कम होता है और समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या में भी राहत मिलती है. गुड़हल की चाय भी कमाल!गुड़हल की चाय उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने, पाचन संबंधी समस्याओं जैसे गैस, अपच और कब्ज से राहत दिलाने में भी सहायक मानी जाती है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और गले की खराश, खांसी व फ्लू जैसी समस्याओं में भी लाभ पहुंचाता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : April 08, 2026, 19:49 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

आपके चेहरे पर भी लालपन? गोरेपन की चाह में खराब हो रही किडनी, कानपुर में ये कैसी आफत

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कानपुर. खूबसूरत और गोरा दिखने की चाहत में महिलाएं तरह-तरह की क्रीम का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन यही क्रीम धीरे-धीरे उनकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं. कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज में रोजाना 10 से ज्यादा ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी त्वचा खराब होने के पीछे स्टेरॉयड और हेवी मेटल वाली क्रीम का इस्तेमाल सामने आ रहा है. त्वचा रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीपी शिवहरे के मुताबिक, शुरुआत में ये क्रीम चेहरे को साफ और चमकदार जरूर बना देती हैं, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर इसके गंभीर साइड इफेक्ट सामने आते हैं. अंदर से नुकसान डॉक्टरों के अनुसार, बाजार में मिलने वाली कई फेयरनेस क्रीम में स्टेरॉयड, पारा (Mercury), सीसा (Lead) जैसे हेवी मेटल्स मिले होते हैं. ये तत्व त्वचा की ऊपरी परत को पतला कर देते हैं. इससे शुरुआत में चेहरा गोरा और चमकदार दिखता है, लेकिन धीरे-धीरे त्वचा कमजोर हो जाती है. मरीजों में लालपन, जलन, मुंहासे, दाग-धब्बे और चेहरे पर छोटे-छोटे बाल उगने जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं. कई मामलों में त्वचा इतनी संवेदनशील हो जाती है कि हल्की धूप में भी जलन होने लगती है. कैसे खराब होगी किडनी डॉ. शिवहरे कहते हैं कि इन क्रीम का असर सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं है. लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर इनमें मौजूद केमिकल शरीर के अंदर जाकर किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में ऐसे केस भी सामने आए हैं, जहां मरीजों को किडनी और लीवर से जुड़ी बीमारियों की शिकायत हुईं. खासकर पारा (Mercury) जैसे तत्व शरीर में जमा होकर धीरे-धीरे अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं. इनसे बचे कैसे  डॉ. डीपी शिवहरे कहते हैं कि किसी भी क्रीम को बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर क्रीम लगाने के बाद त्वचा में जलन, लालपन या खुजली हो, तो तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर दें. बचाव के लिए कुछ आसान उपाय अपनाएं जा सकते हैं. बहुत ज्यादा “इंस्टेंट फेयरनेस” का दावा करने वाली क्रीम से बचें. प्राकृतिक उपाय जैसे एलोवेरा, हल्दी और संतुलित आहार अपनाए. धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. खूब पानी पिएं और हेल्दी लाइफस्टाइल रखें. ये चाहत गलत नहीं लेकिन… डॉ. शिवहरे का कहना है कि सुंदर दिखने की चाहत गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए गलत और खतरनाक उत्पादों का इस्तेमाल करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. अपनी त्वचा के साथ प्रयोग करने से बचें और किसी भी समस्या में विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही न सिर्फ चेहरे की खूबसूरती छीन सकती है, बल्कि शरीर के अंदरूनी अंगों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है.

बंगाली एक्टर की मौत पर सौरव गांगुली का बयान:बोले- वे पानी में गए ही क्यों; एक्ट्रेस बोलीं- आप AC में रहते हो, मजबूरी नहीं समझोगे

बंगाली एक्टर की मौत पर सौरव गांगुली का बयान:बोले- वे पानी में गए ही क्यों; एक्ट्रेस बोलीं- आप AC में रहते हो, मजबूरी नहीं समझोगे

बंगाली एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की मौत के मामले में पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली का एक बयान विवादों में आ गया है। दरअसल राहुल की मौत ओडिशा में शूटिंग के दौरान पानी में डूबने से हुई थी, जिस पर सौरव ने सवाल उठाया था कि वे पानी में गए ही क्यों। इस पर एक्ट्रेस स्वस्तिका मुखर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। स्वस्तिका ने कहा कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते सौरव गांगुली को पता होना चाहिए कि वे क्या बोल रहे हैं। सौरव गांगुली ने क्या कहा था? कुछ दिन पहले जब सौरव गांगुली से राहुल की मौत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। लेकिन उन्होंने आगे यह भी जोड़ दिया, “मुझे समझ नहीं आता कि शूटिंग के लिए भी वह पानी में क्यों गए?” सौरव के इसी ‘क्यों’ वाले सवाल पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक्ट्रेस बोलीं- आपको जमीन की हकीकत नहीं पता’ स्वस्तिका मुखर्जी ने एक इंटरव्यू में सौरव को जवाब देते हुए कहा, सौरव गांगुली अपना नॉन-फिक्शन शो AC फ्लोर पर शूट करते हैं। उन्हें वो सब कुछ मिल जाता है जिसकी उन्हें जरूरत होती है क्योंकि वो सौरव गांगुली हैं। उन्हें नहीं पता कि जमीन पर असल में शूटिंग कैसे होती है। स्वस्तिका ने आगे कहा कि अगर राहुल पानी में नहीं जाते, तो मेकर्स उनकी जगह किसी और को ले आते। काम की मजबूरी और रिस्क सबको समझ नहीं आता। मजबूरी में करना पड़ता है रिस्क वाला काम स्वस्तिका ने सौरव के लहजे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आप किसी के काम पर इस तरह की टिप्पणी करते हैं, तो आप उसके काम को छोटा दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, हर कोई सौरव गांगुली नहीं होता जिसे सारी सुविधाएं मिलें। एक आम एक्टर के लिए उसका काम ही उसकी कमाई का जरिया है। अगर वह मना करेगा तो उसका करियर खत्म हो सकता है। किसी की मौत पर ऐसे सवाल उठाना संवेदनहीनता है। कैसे हुई थी राहुल बनर्जी की मौत? यह हादसा 29 मार्च को ओडिशा में हुआ था। राहुल वहां अपने बंगाली शो ‘भोलेबाबा पार करेगा’ की शूटिंग कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सीन के दौरान राहुल और उनकी को-एक्ट्रेस श्वेता मिश्रा घुटने तक पानी में खड़े थे। अचानक उनका पैर फिसला और वे पास ही बने एक गहरे गड्ढे में चले गए। दोनों को तुरंत दीघा के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राहुल को मृत घोषित कर दिया। श्वेता की जान बच गई, लेकिन राहुल को नहीं बचाया जा सका। बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में हड़ताल राहुल की मौत ने फिल्म सेट पर सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल दी है। इसके विरोध में और बेहतर सुरक्षा नियमों की मांग को लेकर बंगाली फिल्म और टीवी इंडस्ट्री ने 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कलाकारों और टेक्नीशियंस का कहना है कि जब तक सेट पर सुरक्षा के कड़े मानकतय नहीं किए जाते, तब तक काम बंद रहेगा।