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लांजी में शराब दुकान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन:रहवासी देरशाम तक धरने पर, विधायक ने कहा- लोगों की मांग सही है

लांजी में शराब दुकान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन:रहवासी देरशाम तक धरने पर, विधायक ने कहा- लोगों की मांग सही है

बालाघाट के कोटेश्वर नगरी लांजी में भिलाई मार्ग पर प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में वार्डवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाएं सहित बड़ी संख्या में लोग दो स्थानों पर पंडाल लगाकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। रहवासी क्षेत्र में दुकान खोलने के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों के कारण प्रशासन के सामने दुकान खुलवाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल, ठेके के बाद शराब ठेकेदार अब दुकान खोलना चाहते हैं, लेकिन रहवासी इसके विरोध में खड़े हैं। पिछले दो वर्षों से लांजी-सालेटेकरी मार्ग पर संचालित शराब दुकान को हटाकर अब दूसरे क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। गुरुवार देर शाम तक जनप्रतिनिधि और रहवासी विरोध में डटे रहे और शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग करते रहे। धरना दे रहे लोगों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी स्थिति में रिहायशी क्षेत्र में शराब दुकान स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया है कि दुकान को नगर सीमा से बाहर संचालित किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, शराब ठेकेदारों का कहना है कि वे प्रशासन के निर्देशों के अनुसार ही दुकान संचालित करेंगे। उनका यह भी तर्क है कि दुकान नहीं खुलने से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस मामले पर विधायक राजकुमार कर्राहे का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि शराब दुकान को लेकर संबंधित ठेकेदार और एसडीएम से चर्चा की गई है और जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। विधायक ने वार्डवासियों की मांग को सही ठहराते हुए कहा कि जहां शराब दुकान प्रस्तावित है, वह एक रहवासी क्षेत्र है और वहां आवागमन अधिक रहता है। आसपास स्कूल, मंदिर, बैंक सहित अन्य गतिविधियां संचालित होती हैं, ऐसे में भारती लॉन और सिद्धेश्वर मंगल भवन के सामने शराब दुकान का खुलना उचित नहीं है। विधायक के इस बयान के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन जल्द ही कोई ठोस और संतुलित निर्णय ले सकता है।

नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, अप्रैल के मध्य में नई बिहार सरकार बनने की संभावना | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 20:43 IST बिहार के सीएम नीतीश कुमार 10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. संभावना है कि वह पटना लौटने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार (फाइल तस्वीर/पीटीआई) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संभावित रूप से अपने वर्तमान पद से हटते हुए राज्यसभा में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं। सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले हैं। समारोह से पहले, उनके 9 अप्रैल को पटना से दिल्ली जाने और दो से तीन दिनों तक राष्ट्रीय राजधानी में रहने की उम्मीद है। इस यात्रा के दौरान उनके भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने की संभावना है। सूत्र आगे बताते हैं कि कुमार पटना लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे बिहार में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। 11 अप्रैल या उसके बाद राज्य में उनकी वापसी की उम्मीद है। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन हो जाएगा। कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण, सूत्रों ने संकेत दिया है कि नई सरकार का गठन अप्रैल के मध्य तक हो जाएगा। राज्यसभा सदस्य के रूप में नीतीश कुमार को मिलेगी जेड-प्लस सुरक्षा पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा में प्रवेश करने के बाद जेड-प्लस सुरक्षा कवर मिलेगा। मुख्यमंत्री के रूप में, कुमार को बिहार विशेष सुरक्षा अधिनियम, 2000 के तहत प्रदान किए गए एक विशेष सुरक्षा कवर के तहत संरक्षित किया गया है, जो प्रधान मंत्री के लिए बने एसपीजी अधिनियम पर आधारित है। अधिसूचना में कहा गया है कि कुमार को सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय जद (यू) अध्यक्ष के संसद में आसन्न कदम के मद्देनजर लिया गया था, जिसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए कुमार के इस महीने सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अपनी नई भूमिका संभालने की उम्मीद है। बिहार में पांच राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव हुए, जिनका कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होगा। पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 20:11 IST समाचार राजनीति नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, नई बिहार सरकार अप्रैल के मध्य में बनने की संभावना है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नीतीश कुमार राज्यसभा शपथ(टी)नीतीश कुमार इस्तीफा(टी)बिहार के मुख्यमंत्री(टी)नई बिहार सरकार(टी)राज्यसभा सदस्यता(टी)बीजेपी नेतृत्व बैठकें(टी)बिहार की राजनीति(टी)पटना से दिल्ली यात्रा

शादी के गिफ्ट पर नाराजगी ‘क्रूरता नहीं:हाईकोर्ट ने पति पर दर्ज FIR की रद्द, न्यूजीलैंड सहित विदेश में हुई घटनाओं पर भी फैसला

शादी के गिफ्ट पर नाराजगी ‘क्रूरता नहीं:हाईकोर्ट ने पति पर दर्ज FIR की रद्द, न्यूजीलैंड सहित विदेश में हुई घटनाओं पर भी फैसला

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा कि शादी में दिए गए गिफ्ट को लेकर असंतोष जताना “क्रूरता” नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने न्यूजीलैंड में रह रहे पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। यह मामला मोहाली के खरड़ थाने का है। पत्नी ने साल 2015 में शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने आरोप लगाया था कि पति और उसके परिवार ने दहेज को लेकर मानसिक उत्पीड़न किया। शादी का गिफ्ट नहीं आया पसंद सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पति भारत में बहुत कम समय के लिए रहा था। शादी के बाद वह केवल 16 दिन भारत में रहा और बाद में 15 दिन के लिए आया। इस पूरे समय में उसके खिलाफ मुख्य आरोप सिर्फ इतना था कि उसे शादी में दिए गए गिफ्ट पसंद नहीं आए। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल गिफ्ट को लेकर नाराजगी जताना क्रूरता नहीं है। अदालत के अनुसार, इस तरह की बात न तो किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर करती है और न ही इससे किसी की जान को कोई खतरा होता है, इसलिए इसे कानून के तहत क्रूरता नहीं माना जा सकता विदेश में हुई घटनाओं पर भी फैसला अदालत ने विदेश में हुई घटनाओं को लेकर भी साफ फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की ज्यादातर घटनाएं न्यूजीलैंड में हुई थीं, इसलिए भारत में इन पर केस तभी चल सकता है जब केंद्र सरकार की अनुमति हो। बिना अनुमति भारत में ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि पत्नी ने पहले घरेलू हिंसा और भरण-पोषण से जुड़े मामले भी दर्ज किए थे, लेकिन उसमें उसे कोई राहत नहीं मिली। हालांकि बच्चे के लिए भरण-पोषण तय किया गया था। साथ ही, दोनों का विवाह वर्ष 2022 में समाप्त हो चुका है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट संदेश दिया कि पारिवारिक विवाद और आपराधिक मामलों में अंतर समझना जरूरी है। केवल छोटे-छोटे घरेलू मतभेदों को आधार बनाकर गंभीर आपराधिक धाराओं का सहारा लेना कानून का गलत इस्तेमाल है।

असम चुनाव 2026: ‘मोहब्बत और नफरत की सोच के बीच…’, टाटा में सीएम हिमंत बिस्बा सरमा पर राहुल गांधी का वार, कांग्रेस की पांच गारंटी का ऐलान

असम चुनाव 2026: 'मोहब्बत और नफरत की सोच के बीच...', टाटा में सीएम हिमंत बिस्बा सरमा पर राहुल गांधी का वार, कांग्रेस की पांच गारंटी का ऐलान

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। इस बीच विपक्ष में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के कम्युनिस्ट नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को असम के तिताबर विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल ओझा को संबोधित किया। राहुल गांधी यहां समिति प्राण कुर्मी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। तिताबर को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री युवा गोगोई ने असम का नेतृत्व करते हुए कई बार नामांकन जीता था। राहुल गांधी को संबोधित करते हुए बोले राहुल गांधी सदन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता से जो कुछ छीना है, उसे वापस लाना होगा और मुख्यमंत्री को इसके लिए माफ़ी मांगनी होगी। उन्होंने कहा, ‘जो भी जनता ने लिया है, वह वापस आएगा।’ मुख्यमंत्री को माफ़ी माँगनी उपज, लेकिन केवल माफ़ी से काम नहीं मिलता- हम क़ानून का सहारा। वह कहीं भी, पास या दूर, उन्हें उत्तरदेह दोषी ठहराएगा। कितना भी हिल लें या उछल लें, कानून से बच नहीं सकते।’ भारत जोड़ो यात्रा का ज़िक्र कर बोले राहुल गांधी राहुल गांधी ने असम की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह भूमि श्रीमंत शंकरदेव, भूपेन हजारिका, ज्योति प्रसाद अघारा और जुबिन गर्ग जैसे महान व्यक्तित्वों की है, जो हमेशा प्रेम, एकता और विश्वसनीयता का संदेश देते हैं। उन्होंने अपनी यात्रा में भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैसाबोल में मोहब्बत की बात की। असम के लोग भी इसी भावना में विश्वास करते हैं, लेकिन यहां के मुख्यमंत्री इससे बिल्कुल दूर हैं और केवल नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।’ जुबिन गर्ग का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे असम की असली भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा, ‘जो भी गरीब व्यक्ति उनके पास जाता था, वह मुस्कान के साथ लौट आता था।’ वे हमेशा एकता और इंसानियत की बात करते थे।’ राहुल ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को सैद्धांतिक विश्लेषण दिया राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्व मुख्यमंत्री युवा गोगोई के साथ मिलकर काम किया और भाजपा सरकार अपने पिछले वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने 500 रुपये के प्रॉमिस को पूरी तरह से हिट करने का वादा किया। साथ ही, छह सेट किए गए वादों को भी अधूरा बताया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असम की जमीन पर कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों का कब्जा है और राज्य सरकार दिल्ली से तय हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार के दबाव में असम के हालात प्रभावित हो रहे हैं। सभा के अंत में राहुल गांधी ने कहा, ‘यह चुनावी मोहभंग और अधर्म की सोच के बीच की लड़ाई है। कांग्रेस को वोट और गरीब व आम जनता की सरकार का समर्थन।’ कांग्रेस पार्टी की प्रमुख पाँच गारंटियाँ क्या हैं? इस दौरान कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने अपनी ओर से पांच प्रमुख पार्टियों की घोषणा कर दी। जिसमें, महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता और सहायता के लिए 50 हजार रुपये ज़ुबीन गर्ग से जुड़े 100 दिनों के भीतर न्याय पर 10 लाख लोगों को भूमि पट्टा वृद्ध नागरिकों को 1,250 रुपये की मासिक सहायता गंभीर के लिए 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा यह भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट ने रेत माफिया को ‘चंबल के नए डकैत’ कहा; राजस्थान, एमपी और यूपी के लिए कड़ी चुनौती (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)राहुल गांधी(टी)कांग्रेस(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)तिताबर(टी)गुवाहाटी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)राहुल गांधी(टी)कांग्रेस(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)तिताबार(टी)गुवाहाटी

बरगवां आरओबी निर्माण में देरी, कंपनी पर कार्रवाई तय:सिंगरौली में डेढ़ साल पहले शुरू होना था काम, पीडब्ल्यूडी ने नोटिस दिया

बरगवां आरओबी निर्माण में देरी, कंपनी पर कार्रवाई तय:सिंगरौली में डेढ़ साल पहले शुरू होना था काम, पीडब्ल्यूडी ने नोटिस दिया

सिंगरौली जिले के बरगवां में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य में लगातार देरी हो रही है। परियोजना का काम जुलाई 2025 में शुरू होना था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, जिस कंपनी को आरओबी निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसने अभी तक साइट पर सक्रिय रूप से काम शुरू नहीं किया है। प्रारंभिक तैयारियों में भी सुस्ती देखी गई है, जिसके कारण परियोजना की समयसीमा प्रभावित हो रही है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों में इस देरी को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परियोजना में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य है। पीडब्ल्यूडी रीवा संभाग में ब्रिज का काम देखने वाले एसडीओ पीके सिंह बघेल ने बताया, “आरओबी निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। यदि जल्द काम शुरू नहीं किया गया, तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

जान जोखिम में पर 45,000 की तनख्वाह छोड़ना मुश्किल:खाड़ी से रेमिटेंस बंद हुआ तो डूब जाएगी 2.4 करोड़ परिवारों की इकोनॉमी

जान जोखिम में पर 45,000 की तनख्वाह छोड़ना मुश्किल:खाड़ी से रेमिटेंस बंद हुआ तो डूब जाएगी 2.4 करोड़ परिवारों की इकोनॉमी

जब सायरन बजता है, तो नॉर्मा टैक्टाकॉन बस दुआ करती हैं। 49 साल की नॉर्मा कतर में घरेलू कामगार हैं। फिलीपींस में उनके पति और तीन बच्चे हैं। अमेरिका-इजराइल से जंग के बीच खाड़ी के देश ईरान के निशाने पर हैं। नॉर्मा उसी आग की लपटों में फंसी हैं। वे कहती हैं, ‘हवा में मिसाइलें देखकर डर लगता है। मुझे जिंदा रहना है- बच्चों के लिए। मैं ही उनका सब कुछ हूं।’ दरअसल फिलीपींस में घरेलू काम से जो मिलता है, उससे 4-5 गुना यानी प्रति माह 500 डॉलर (करीब 45,000 रुपए) खाड़ी में मिलता है। यही वजह है कि जान जोखिम में होने के बावजूद वो घर नहीं लौट पा रहीं। नॉर्मा अकेली नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के मुताबिक, खाड़ी देशों में 2.4 करोड़ प्रवासी मजदूर हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, फिलीपींस और इंडोनेशिया के लोग सबसे ज्यादा हैं। इस युद्ध में अब तक कम से कम 12 दक्षिण एशियाई मजदूर जान गंवा चुके हैं। नेपाल के दिबास श्रेष्ठ (29) अबुधाबी में सिक्योरिटी गार्ड थे। 1 मार्च को ईरान के हमले में उनकी मौत हो गई। उनके चाचा रमेश बताते हैं, ‘मैंने उन्हें नेपाल लौटने को कहा था, पर वे कहते थे- यहां अच्छी जिंदगी है।’ दिबास 2015 के भूकंप में क्षतिग्रस्त हुए माता-पिता का घर बनवाने के लिए पैसे जोड़ रहे थे। दुबई में बांग्लादेश के 55 साल के अहमद अली की मौत मिसाइल के मलबे से हुई। अली हर महीने 45-55 हजार रुपए घर भेजते थे। घर लौटना आसान भी नहीं है। युद्ध ने दुबई, अबुधाबी और कतर की उड़ानें बाधित कर दी हैं। फिलीपींस की आखिरी वापसी फ्लाइट में 234 मजदूरों को कुवैत, कतर और बहरीन से 8 घंटे सड़क मार्ग से सऊदी अरब ले जाया गया, तब जाकर वे फ्लाइट पकड़ पाए। पर ज्यादातर लोग घर जाना ही नहीं चाहते। म्यांमार की सू सू (31) दुबई में रियल एस्टेट कंपनी में काम करती हैं। वह म्यांमार में गृहयुद्ध से भागकर आई थीं। वे घर में काम कर रही हैं, सायरन सुनकर खिड़की से दूर हो जाती हैं। फिर भी कहती हैं, ‘यहां का माहौल शांत लगता है। मुझे भरोसा है कि सब ठीक हो जाएगा।’ खाड़ी से आए पैसे पर कुछ देशों की अर्थव्यवस्था 10% तक निर्भर फिलीपींस के कुल विदेशी मजदूरों में से आधे से ज्यादा करीब 10 लाख खाड़ी देशों में हैं। उनके भेजे पैसे फिलीपींस की अर्थव्यवस्था का 10% हैं। बांग्लादेश के 1.4 करोड़ प्रवासियों में से अधिकांश खाड़ी में काम करते हैं। उनकी रेमिटेंस देश की जीडीपी की जीवनरेखा है। आईएलओ के मुताबिक, खाड़ी में 2.4 करोड़ प्रवासी मजदूर हैं, जो कंस्ट्रक्शन से लेकर घरेलू काम तक हर सेक्टर की रीढ़ हैं। युद्ध ने इस पूरी व्यवस्था को हिला दिया है।

क्या मार्च महीने में पीरियड्स आने में होती है देरी? सामने आया चौंकाने वाला वैज्ञानिक कारण

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Last Updated:April 02, 2026, 18:11 IST क्या इस बार मार्च के महीने में आपका पीरियड्स इर्रेगुलर या काफी लेट आया है? हर बार मार्च के महीने में ही मासिक धर्म में देरी होती है? इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं. किसी खास महीने से पीरियड्स के लेट आने का क्या लेना-देना है, अगर मार्च में ही पीरियड्स लेट आते हैं तो इसके पीछे क्या कोई वैज्ञानिक कारण, मौसमी परिवर्तन आदि जिम्मेदार है? यहां जानिए एक्सपर्ट की राय… महिलाओं को हर महीने पीरियड्स आते हैं. कुछ को मासिक धर्म आने में थोड़ा लेट हो जाता है, तो कुछ के पीरियड्स कई बार मिस भी हो जाते हैं. इसके पीछे कई कारण होते हैं, जैसे प्रेग्नेंसी, हॉर्मोनल असंतुलन, स्ट्रेस, थायरॉइड, अचानक वजन बढ़ना या कम होना, बेतरतीब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान, गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन आदि लेट पीरियड्स या इर्रेगुलर पीरियड्स के कारण होते हैं. पीरियड्स लेट होने को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट ट्रेंड कर रही है. इस पोस्ट में बताया गया है कि मार्च का महीना अच्छा नहीं होता है, खासकर पीरियड्स को लेकर. इस पोस्ट को काफी लोगों ने पढ़ा और हैरान भी हुए कि आखिर मार्च में क्यों पीरियड्स आने में लेट होगा? हालांकि, बाद में यह चर्चा मीम्स में बदल गई. क्या वाकई मार्च के महीने में इस बार मासिक धर्म में देरी हुई. इस पोस्ट को लेकर डॉक्टर कहते हैं कि इन बदलावों के पीछे स्पष्ट वैज्ञानिक कारण हैं. मार्च का महीना स्ट्रेस फुल होता है, क्योंकि इस महीने में कई एग्जाम होते हैं. 10 और 12 क्लास के बोर्ड एग्जाम का लड़कियों पर प्रेशर होता है. इससे परीक्षा की तैयारी करने में छात्राओं पर प्रेशर बढ़ता है. लड़कों की तुलना में लड़कियां वैसे भी एग्जाम में अपना सौ प्रतिशत लगा देती हैं. साथ ही कामकाजी लोगों के लिए वित्तीय वर्ष के अंत का तनाव लेकर आता है. अत्यधिक तनाव हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है, जिससे पीरियड्स में देरी या अनियमितता हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google नींद के पैटर्न और डेली रूटीन भी पीरियड्स को प्रभावित कर सकते हैं. काम के दबाव, यात्रा या जीवनशैली में बदलाव के कारण अनियमित नींद शरीर की आंतरिक घड़ी को बाधित कर सकती है, जिससे मासिक चक्र की नियमितता प्रभावित हो सकती है. जर्नल ऑफ वूमेन्स हेल्थ में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जब कोई महिला बहुत अधिक तनाव ग्रस्त होती है, तो भी पीरियड्स देर से आती है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अध्ययनों की मानें तो हार्मोनल चक्र कैलेंडर तिथियों की तुलना में शरीर की सर्कैडियन रिदम से अधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए मामूली बदलाव सामान्य हैं. कई बार इसके पीछे मौसमी बदलाव भी कारण हो सकते हैं. फरवरी के बाद मार्च महीने में सीजन में भारी बदलाव आता है. सर्दी खत्म होने के बाद मार्च में गर्मी शुरू होती है. इससे धूप काफी तेज होता है. इस कारण से मेलाटोनिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन के लेवल पर काफी असर पड़ सकता है. ये बदलाव ओव्यूलेशन को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे मासिक चक्र के समय में मामूली परिवर्तन हो सकते हैं. बेहतर है कि आप किसी भी महीने को इसके लिए दोष न दें. पीरियड्स कई बार शरीर में होने वाले हॉर्मोनल बदलावों, स्ट्रेस, खानपान खराब होना आदि के कारण भी लेट आती है. बेहतर है कि अपनी लाइफस्टाइल, खानपान को बेहतर करें. स्ट्रेस को दूर करें. पर्याप्त नींद लें. बैलेंस डाइट लें. स्वस्थ दिनचर्या का पालन करें. यदि इन सभी चीजों को फॉलो करने के बाद भी आपका पीरियड्स 10 दिनों से अधिक लेट हो गया है तो डॉक्टर से तुरंत मिलें. First Published : April 02, 2026, 18:11 IST

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘ममता बनर्जी सरकार को उखाड़ फेंकना है’, कोलकाता में आयोजित मेगा रोड शो में अमित शाह का हुंकार!

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'ममता बनर्जी सरकार को उखाड़ फेंकना है', कोलकाता में आयोजित मेगा रोड शो में अमित शाह का हुंकार!

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य में राजनीतिक गरमी चरम पर पहुंच गई है. मुख्य दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में शामिल है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को बंगाल चुनाव में अपना मोर्चा संभाल लिया है. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने पूरी तरह से अपना मन बना लिया है कि अब राज्य में ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंकना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल क्षेत्र के लिए भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा सहयोगी और नेता विरोधी सुवेंदु अधिकारी का नामांकन किया। भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी के नामांकन से पहले अमित शाह ने राजधानी कोलकाता में एक मेगा रोड शो किया. इस दौरान उन्होंने डेमोक्रेटिक कांग्रेस (टीएमसी) को ललकारते हुए कहा कि मैं अगले 15 दिनों के विधानसभा चुनाव के लिए बंगाल में ही रहने वाला हूं। अमित शाह ने कोलकाता में किया रोड शो कोलकाता में रोड शो के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनता से बातचीत की. उन्होंने कहा कि मैं अगले 15 दिनों तक विधानसभा चुनाव के लिए बंगाल में ही रहूंगा। इस दौरान आप सभी के साथ बातचीत करने के लिए कई मजेदार मुलाकातें कीं। उन्होंने कहा, ‘मैं रिवाल्वर सुवेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए आया हूं, लेकिन मुझे बंगाल में हर जगह एक ही आवाज दी जा रही है- इस सरकार को दो और ममता को टाटा बाय बाय कर दो।’ अमित शाह ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल की जनता महिलाओं की असुरक्षा से विश्वास रखती है, प्रोटोटाइप कांग्रेस (टीएमसी) के गुंडो से विश्वास है, घुसपैठियों के कारण बदली रही डेमोग्राफिक से विश्वास है और राज्य में हो रहे आश्रम से विश्वास है।’ जनता मांग कर रही है कि बंगाल में अब परिवर्तन होना चाहिए। पश्चिम बंगाल की सीमा को सील करके घुसपैठियों को चुना-चुनकर देश से बाहर निकालना है और गुरु के सपने का सोनार बनाना है।’ जनता भवानीपुर की सीट दिला दे, फिर बदलाव लायेः अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘अगर भवानीपुर की जनता एक ही सीट दिला दे तो बदलाव आप ही करेंगे।’ सुवेन्दु अधिकारी नंदीग्राम से बचना चाहते थे, लेकिन मैंने कहा कि ममता के घर में अंधेरा है। इस ममता बार बंगाल में भी हारेगी और भवानीपुर में भी हारेगी।’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा गठबंधन की हत्या करने वालों को जेल में बंद करना चाहिए।’ कुछ लोगों ने कहा कि बिल्डिंग के गुंडे वोट नहीं देंगे. मैंने कहा कि किसी भी होटल के गुंडे की औकात नहीं है कि बंगाल की जनता रोक सके। झील को मूल से उखाड़कर बंगाल की खाड़ी में फेंक दिया गया है। यहां घुसपैठिए इतनी बड़ी संख्या में हैं कि पश्चिम बंगाल का ही खतरा बन गया है। 2014 से बाद जिन राज्यों में मोदी पर भरोसा करके बीजेपी की सरकार बनाई गई, वो राज्य विकास कर रहे हैं।’ यह भी पढ़ें: बंगाल में एसआईआर अमीरों को बंधक बनाने को लेकर एससी पर लौटें अमीरों की नींद, जानें क्या है स्टॉक

5 महीने में एक्ट्रेस माईना नंदनि ने 13 किलो वजन कम किए, खाने में क्या खाया और कैसी रही दिनचर्या, खुद बताया

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Last Updated:April 02, 2026, 17:53 IST Fat to Fit Transformation : साउथ की मशहूर एक्ट्रेस माईना नंदनि ने खुद इस बात को कबूल की है कि उसने सिर्फ 5 महीने के अंदर 13 किलो वजन घटा लिया है. उन्होंने जैसे ही सोशल मीडिया पर इस बात को रखी वैसे ही इस पर बहस छिड़ गई. लेकिन महज 5 महीनों के भीतर 13 किलो वजन कम कर उन्होंने साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही खान-पान से कुछ भी मुमकिन है. उनके इस ‘फैट टू फिट’ ट्रांसफॉर्मेशन को देखकर उनके फैंस हैरान हैं और हर कोई उनके इस जादुई बदलाव का राज जानना चाहता है. इस राज को नंदनि ने खुद बता भी दिया है. टीवी से लेकर फिल्मों तक मशहूर कॉमेडी एक्ट्रेस हैं माईना नंदिनी. नंदिनी ने अपने मीडिया करियर की शुरुआत वीजे के तौर पर की थी और सरवनन मीनाक्षी सीरियल में माईना नाम के किरदार से तमिलनाडु के लोगों के बीच पहचान बनाई. इसके बाद केडी पिल्ला किल्लाडी रंगा, नम्मा वीट्टु पिल्लै, अरनमणई 3, विक्रम जैसी फिल्मों में भी काम किया. विक्रम फिल्म में माईना नंदिनी ने विजय सेतुपति की पत्नी का रोल निभाया था. लेकिन आजकल नंदनि अपने पति के साथ वेट लॉस जर्नी के कारण काफी चर्चा में हैं.  वेट लॉस जर्नी से पहले नंदनि के पति योगेश 90 किलो वजन के थे जबकि नंदनि 75 किलो की थीं. ज्यादा वजन के कारण वे अक्सर अपना मजाक खुद ही उड़ाती रहती थी. नंदनि ने पहले टीवी में कदम रखा और बिग बॉस सीजन 6 में हिस्सा लिया. अभी वो किलाड़ी जोड़ी नाम के रियलिटी शो में अपने पति और टीवी एक्टर योगेश के साथ भाग ले रही हैं. दोनों मिलकर वेट लॉस जर्नी को काफी सहज बना दिया है.   इस बीच नंदिनी और योगेश ने मिलकर करीब 5 महीने में 13 और 20 किलो तक वजन कम किया है. योगेश ने 90 किलो से 70 किलो तक और नंदिनी ने 75 किलो से 62 किलो तक वजन घटाया है. इंस्टाग्राम पर अपने वजन कम करने का सीक्रेट शेयर करते हुए नंदिनी और योगेश ने बताया कि उन्होंने पूरी तरह से एक्सरसाइज के जरिए ही वजन कम किया है. Add News18 as Preferred Source on Google एक्ट्रेस मैना नंदिनी ने अपनी डाइट के सारे सीक्रेट्स शेयर किए हैं. उनके मुताबिक, सुबह उठते ही वो एक ग्लास पानी पीती हैं. इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म थोड़ी देर के लिए बढ़ जाता है और कैलोरी जल्दी बर्न होती है. इसके अलावा, रात भर शरीर में जमा हुए टॉक्सिन्स बाहर निकलने में और पेट साफ करने में भी ये मदद करता है. इसके बाद 15-20 मिनट बाद थोड़ा फ्रेश होकर नंदिनी जिम या योगा जैसी कोई एक्सरसाइज करती हैं जो उस दिन प्लान की होती है. सुबह पानी पीकर एक्सरसाइज करने से शरीर को ज्यादा एनर्जी मिलती है. खाली पेट एक्सरसाइज करने से शरीर में जमा फैट एनर्जी के लिए इस्तेमाल होता है, जिससे वजन जल्दी कम होता है. एक्सरसाइज के दौरान पसीना और पहले पीया गया पानी शरीर से गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है. नंदिनी ने बताया कि वो सुबह और रात के खाने से 30 मिनट पहले एप्पल साइडर विनेगर लेती हैं. एप्पल साइडर विनेगर से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे कम खाना खाने में मदद मिलती है. रिसर्च के मुताबिक, ये शरीर में फैट जमा होने को भी कम करता है. इसके अलावा, जब कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाते हैं, तो एप्पल साइडर विनेगर ब्लड शुगर अचानक बढ़ने से रोकता है. लेकिन बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसे नहीं लेना चाहिए. खासकर जिन लोगों को पहले से पेट की समस्या है, उन्हें खुद से ये नहीं लेना चाहिए. नंदिनी ने बताया कि वो सुबह के खाने में अच्छे से मैश किया हुआ केला, एक्सपर्ट द्वारा सुझाया गया प्रोटीन पाउडर और अंडे का सफेद हिस्सा मिलाकर डोसा की तरह बनाकर खाती थीं. इससे पूरा दिन उन्हें एनर्जी की कमी नहीं होती है क्योकि इसमें प्रोटीन भरा रहता है.  दोपहर के खाने में बिना तेल के, एयर फ्रायर में मछली फ्राई (अगर जरूरत हो तो ऑलिव ऑयल), 3 अंडों का सफेद हिस्सा, 1 अंडे का पीला हिस्सा, 200 ग्राम चावल, 100 ग्राम सेब जैसे कोई भी फल खाती हैं. नंदिनी ने बताया कि वह रात का खाना 7 से 8 बजे के बीच खत्म कर लेती हैं. डिनर में वह शकरकंद, 200 ग्राम मछली और 2 अंडे का सफेद हिस्सा खाती हैं. शकरकंद में पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी6 विटामिन होते हैं, जो मांसपेशियों को रिलैक्स करते हैं और अच्छी नींद के लिए मेलाटोनिन हार्मोन बनने में मदद करते हैं. इसके अलावा यह धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है, जिससे रात में भूख नहीं लगती. शकरकंद धीरे-धीरे पचता है, इसलिए इसे खाने के बाद 2-3 घंटे बाद ही सोना सही रहता है. डायबिटीज के मरीज इस कंद को खाने से बच सकते हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि रोज़ाना खाने में मछली और अंडा शामिल करने से शरीर को प्रोटीन समेत कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, स्पष्टीकरण: ये जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए दी गई है. अपनी खाने की आदत या रोजमर्रा की जिंदगी में कोई बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. News18  इन जानकारियों के लिए जिम्मेदार नहीं है. First Published : April 02, 2026, 17:53 IST

आपकी जान को खतरा! घर के किचन में घूमने वाली छिपकलियां फैला रहीं यह बीमारी, समय रहते करें यह काम

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Last Updated:April 02, 2026, 17:00 IST Health News: गर्मी का समय आते ही दीवारों पर छिपकलियां मंडराने लगती हैं. कई बार छिपकली खाने के बर्तन, खुले खाने आदि में घूम जाती है, जिस कारण वह बर्तन या खाना दूषित हो जाता है. चिकित्सक ने इसको लेकर खास जानकारी दी है और बताया है कि किन-किन बातों का ध्यान देना जरूरी है. आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में गर्मियों ने दस्तक दे दी है. गर्मियों के आते ही घरों में जगह-जगह छिपकली भी दिखने लगती है. सर्दियों के मौसम में जहां छिपकली छुप जाती है, वहीं गर्मी आते ही वह बाहर निकलने लगती है. इस दौरान घर की किचन में भी छिपकली जाने का डर रहता है. कई बार छिपकली खाने के बर्तन, खुले खाने आदि में घूम जाती है, जिस कारण वह बर्तन या खाना दूषित हो जाता है. चिकित्सक ने बताया कि छिपकली से कई तरह के संक्रमण होने का डर सताता है. उन्होंने कहा कि छिपकली से मुख्य रूप से साल्मोनेला नामक बीमारी फैलने का डर रहता है. इससे मरीज को फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियां हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि छिपकली के काटने से घाव में संक्रमण (Infection) का खतरा भी रहता है. किचन में रखा खाना हमेशा ढ़ककर रखेंआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि छिपकली से साल्मोनेला नाम की बीमारी होने का डर रहता है. उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए हमेशा किचन में रखे बर्तन और खाने को अच्छी से तरह से पैक करके ही रखना चाहिए. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि छिपकली से होने वाले साल्मोनेला संक्रमण से बचने के लिए सबसे जरूरी है. घर में साफ-सफार्ड रखें, छिपकलियों को खाने-पीने की चीजों से दूर रखें, छिपकली के मल-मूत्र के संपर्क में आने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं. उन्होंने बताया कि कीटाणुनाशक से सतहों को साफ करें और घर में छिपकली के छिपने की जगहों को बंद रखने की कोशिश करें. साल्मोनेला का समय रहते इलाज है जरूरीआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि साल्मोनेला का समय रहते इलाज कराना जरूरी है. उन्होंने बताया कि साल्मोनेला एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है, जो मख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है. साल्मोनेला के कारण मरीज को दस्त, बुखार, पेट दर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते है. यदि यह लक्षण दो तीन दिनों से अधिक रहते हैं, तो तत्काल समय रहते इसका उपचार कराना जरूरी है. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि कई बार मरीज कि इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. डॉ. मित्तल ने कहा कि कभी भी किसी को अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं करनी चाहिए. कोई भी समस्या होने पर अपने चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : April 02, 2026, 17:00 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.