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एक्टर रणदीप हुड्डा की मां की फिल्मों में एंट्री:पहली मूवी में निभाया दादी का किरदार; बेटे ने मजाकिया अंदाज में दी बधाई

एक्टर रणदीप हुड्डा की मां की फिल्मों में एंट्री:पहली मूवी में निभाया दादी का किरदार; बेटे ने मजाकिया अंदाज में दी बधाई

बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा की मां आशा हुड्डा ने भी अपनी पहली फिल्म में दादी का किरदार निभाया है। रणदीप हुड्डा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भी अपनी मां की फिल्म को लेकर एक पोस्ट शेयर की है। पोस्ट के जरिए उन्होनें हास्य अंदाज में लिखा, “जिब मां के रोल का टेम था, टेम ना मिल्या, तै ईब सीधा दादी का।” स्टेज ऐप पर रिलीज हुई फिल्म सांगी में आदि का किरदार निभा रही आशा हुड्डा दैनिक भास्कर एप से बातचीत की। कॉलेज के दिनों से एक्टिंग का शौक आशा हुड्डा ने कहा कि 1971 में उन्होंने अपनी रोहतक महिला कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। कॉलेज के दिनों से ही वे स्टेज पर ड्रामा और एक्टिंग में हिस्सा लेती थी। हालांकि, उनका उस दौरान से ही एक्टिंग करने का मन था। बाद में शादी होने के बाद वह पारिवारिक और राजनीति में सक्रिय भूमिका के साथ काम करती रहीं। रणदीप से मजाक में कहती थी मां का रोल दिलवाना आशा हुड्डा बताती हैं कि अपने स्ट्रगल टाइम से निकाल कर जब रणदीप हुड्डा ने बॉलीवुड में दमदार एंट्री की, तो उसके बाद एक कभी-कभी मजाक में रणदीप को उनकी माता आशा हुड्डा का देती थी कि रणदीप पर अगर कभी मां का रोल मिले तो मुझे भी ले लेना, लेकिन उन्होंने कभी एक्टिंग बॉलीवुड में नहीं की। डेढ़ साल पहले फिल्म का मिला ऑफर वहीं, करीबन डेढ़ साल पहले सोनीपत की रहने वाली गीतू परी ने उन्हें फिल्म के रोल के लिए कॉल किया था। आशा हुड्डा बताती है कि सांगी फिल्म में काम के लिए जब उन्हें किरदार बताया गया, उन्होंने तुरंत हां कर दी। जहां उन्हें फिल्म में साक्षी की दादी का रोल मिला है। जींद में डेढ़ दिन की हुई शूटिंग आशा हुड्डा अपने किरदार को लेकर बताती हैं कि उन्हें डेढ़ दिन के लिए शूटिंग के लिए बुलाया गया था। शूटिंग जींद में और आसपास के क्षेत्र में हुई है। आशा हुड्डा ने बताया कि उनका भी हमेशा मान रहा है कि अपनी संस्कृति के लिए अगर काम करने का मौका मिलेगा तो वह जरूर काम करेंगे और इसी इरादे के साथ उन्होंने हरियाणवी संस्कृति में दादी का किरदार मिला है। रणदीप ने मां के किरदार पर यूं किया रिएक्ट रणदीप हुड्डा की मां ने बताया कि करीबन ने डेढ़ साल पहले जब वह हरियाणा के जींद में शूटिंग करके घर पहुंची थी, तो उसने रणदीप को बताया था कि वह शूटिंग करके आई है, तो इस दौरान रणदीप बहुत जोर-जोर से हंसा था और बोला की मां आखिर दादी का रोल कर रही है। और अपनी मां के इस जज्बे को लेकर रणदीप ने सराहना की थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट अब जब फिल्म रिलीज हुई है तो रणदीप हुड्डा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से अपनी मां की फिल्म के लिए पोस्ट शेयर किया है। रणदीप हुड्डा ने लिखा- मां का रोल नहीं मिला, तो सीधा बनी दादी। उनकी यह मजेदार पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फैंस को पसंद आया रणदीप का अंदाज अपनी मां किरदार को लेकर बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने इस हल्के-फुल्के अंदाज ने फैंस का ध्यान खींच लिया। उन्होंने आगे अपनी टीम के लिए शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “आज आपको स्क्रीन पर देखने के लिए उत्साहित हूं मम्मी… पूरी टीम को ढेर सारी शुभकामनाएं।” इस पोस्ट के जरिए एक्ट्रेस ने इंडस्ट्री की उस सच्चाई को भी मजाकिया अंदाज में सामने रखा, जहां कलाकारों को उम्र से अलग किरदार निभाने पड़ते हैं। फैंस भी इस पोस्ट पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इसे काफी पसंद किया जा रहा है। यहां जानिए कौन है आशा हुड्डा… आशा हुड्डा मूलरूप से गांव छारा की रहने वाली है और उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पॉलिटिकल साइंस से रोहतक से 1973 में की थी। 1975 में उन्होंने छोटू राम कॉलेज रोहतक से बीएड की पढ़ाई पूरी की। राजनीतिक और सामाजिक सफर आशा हुड्डा ने बताया कि फरीदाबाद में उनका मकान है और रोहतक और फरीदाबाद में उन्होंने काफी काम किया है और 1994 में मुख्यमंत्री साहब सिंह वर्मा ने उन्हें राजनीति में जिला अध्यक्ष के रूप में ज्वाइन कराया था। भाजपा में वे अपनी सक्रिय भूमिका के साथ रही है। 1994 से लेकर 2000 तक वह जिला अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं देती रही हैं। महिला मोर्चा और राष्ट्रीय जिम्मेदारियां हरियाणा प्रदेश महिला मोर्चा की 2000 से लेकर 2003 तक जनरल सेक्रेटरी रही है। वहीं इसके बाद वे राष्ट्रीय कार्यकारिणी शिक्षक प्रकोष्ठ की पंजाब प्रभारी रही। वही पारिवारिक काम के चलते करीबन 3 साल वह अमेरिका में भी रही उसके बाद वापस लौटकर फिल्म सेंसर बोर्ड दिल्ली जोन की सदस्य साल 2008 में रही है। भाजपा में सक्रिय भूमिका और अन्य पद वहीं बीजेपी पार्टी ने उन्हें साल 2018 में पावर जेनरेशन हरियाणा की डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया था। इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य के रूप में भी उन्होंने 8 साल अपनी पार्टी के प्रति समर्पित भाव रखते हुए काम किया है। विधानसभा टिकट की दावेदारी वही साल 2014 और 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान पृथला विधानसभा से भी उन्होंने टिकट की दावेदारी की थी। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला और उसके बाद भी उन्होंने बीजेपी का दामन थाम कर रखा और लगातार भाजपा के साथ जुड़कर कार्यकर्ता के रूप में काम करती रही है। पृथला भी विधानसभा में उनके मामा रहते हैं इसलिए वहां से लगाव था और वहीं से वह टिकट मांग रही थी। फिल्म ‘सांगी’ की कहानी और कलाकार के बारे में जानिए सोनीपत की रहने वाली गीतू परी और अन्ना फिल्म फैक्ट्री, गीतू फिल्म द्वारा क्रिएट की गई है। फिल्म में आशा हुड्डा, रोहित बच्ची, गीतू व साक्षी दलाल ने किरदार निभाया है। वहीं, डायरेक्टर रविंद्र बजवान अन्ना हैं। संघर्ष और लव स्टोरी पर आधारित फिल्म जानकारी के मुताबिक, फिल्म में एक सांगी कलाकार के संघर्ष की कहानी है और फिल्म में लव स्टोरी भी है। जहां लीड रोल में किरदार साक्षी दलाल निभा रही है। कुलदीप का सांगी कलाकार हैं और उसके बेड़े में अमन भी शामिल होता हैं। इस दौरान ने वह साक्षी के संपर्क में आता है और उससे प्यार करने

ऑर्गन डोनेशन को बढ़ावा, जनजागरूकता अभियान होगा तेज:डॉक्टरों के साथ आम लोगों को भी मिलेगा ₹25 हजार इंसेंटिव; त्वचा-नेत्रदान में इंदौर अव्वल

ऑर्गन डोनेशन को बढ़ावा, जनजागरूकता अभियान होगा तेज:डॉक्टरों के साथ आम लोगों को भी मिलेगा ₹25 हजार इंसेंटिव; त्वचा-नेत्रदान में इंदौर अव्वल

कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में गुरुवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंगदान के क्षेत्र में हो रही प्रगति की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने कहा कि कोविड महामारी के बाद इंदौर संभाग ने अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे अनेक मरीजों को नया जीवन मिला है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इंदौर संभाग में 13 चिकित्सा संस्थानों को अंग प्रत्यारोपण की प्रशासनिक अनुमति दी गई है, जिनमें से 11 सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से राजश्री अपोलो, चोइथराम और विशेष ज्युपीटर हॉस्पिटल में अग्रणी है। कमिश्ननर ने घोषणा की कि अंगदान के लिए प्रेरित करने में सफल होने वाले डॉक्टरों के अतिरिक्त अन्य व्यक्तियों को भी संस्था द्वारा 25 हजार रुपए का इंसेंटिव प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरंतर समीक्षा बैठकों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से इंदौर संभाग को प्रदेश और देश में अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाएगा। बोन मैरो ट्रांसप्लांट में भी उपलब्धि पिछले छह वर्षों में इंदौर के सरकारी एमवाय अस्पताल में में 140 मरीजों के बोन मैरो ट्रांसप्लांट मुख्यमंत्री सहायता योजना, पीएम केयर फंड और सीएसआर फंड की मदद से निःशुल्क अथवा न्यूनतम शुल्क पर किए गए हैं। मध्य प्रदेश में यह सुविधा केवल इंदौर के शासकीय संस्थान में उपलब्ध है। वर्ष 2019 में जहां 77 अंगदान (74 किडनी, 3 लिवर) की अनुमति जारी हुई थी, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 202 (181 किडनी, 21 लीवर) तक पहुंच गई है। वर्तमान में ब्रेन डेड मरीजों के अंग प्रत्यारोपण के लिए 218 मरीज (189 किडनी, 29 लीवर) प्रतीक्षा सूची में हैं। हाल ही में सीएचएल अस्पताल में 39 वर्षीय अनुपम नालमे का अंगदान संपन्न हुआ। वहीं शेल्बी हॉस्पिटल में एक ही दिन में दो किडनी प्रत्यारोपण किए गए, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। त्वचा और नेत्रदान में भी इंदौर अग्रणी त्वचा दान के क्षेत्र में इंदौर देश में दूसरे स्थान पर है। चोइथराम अस्पताल द्वारा संचालित स्किन बैंक में अब तक 1039 मृतकों से त्वचा दान प्राप्त किया गया है। पिछले 10 वर्षों में इंदौर में लगभग 18 हजार कॉर्निया प्राप्त किए गए हैं। इसमें एम.के. इंटरनेशनल आई बैंक, शंकरा आई बैंक और एम.वाय. आई बैंक का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्ष 2025 में 62 केरोटोप्लास्टी (आंखों का प्रत्यारोपण) एम.वाय. अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में किए गए। जनजागरूकता अभियान तेज होगा कमिश्नर ने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में अभियान चलाया जाएगा। पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स के माध्यम से जनसंदेश दिया जाएगा। डॉक्टरों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और धर्मगुरुओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

नागदा में आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त:51 फीट की हनुमान प्रतिमा के पीछे बिजली चमकी,VIDEO; लहसुन की फसल को नुकसान

नागदा में आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त:51 फीट की हनुमान प्रतिमा के पीछे बिजली चमकी,VIDEO; लहसुन की फसल को नुकसान

उज्जैन जिले के नागदा में गुरुवार रात मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। रात 8 बजे के बाद शुरू हुई तेज आंधी और गरज-चमक के साथ करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया। जहां दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शाम को आए इस तूफान से ग्रामीण इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे घंटों तक अंधेरा छाया रहा। हनुमान जयंती के कार्यक्रमों में बाधा बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे हनुमान जयंती के भंडारे और प्रसादी वितरण कार्यक्रमों में व्यवधान पड़ा। इंगोरिया रोड स्थित खड़े हनुमान मंदिर में 51 फीट ऊंची प्रतिमा के ठीक पीछे आसमान में बिजली चमकने का शानदार वीडियो सामने आया। भक्तों ने मूसलाधार बारिश के बीच भीगते हुए भी भगवान की आरती पूरी की। लहसुन और भूसा खराब बेमौसम बारिश से खेतों में खुला रखा गेहूं का भूसा पूरी तरह गीला हो गया, जिससे पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो सकता है। भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष देव सिंह गुर्जर ने बताया कि जिन किसानों ने अभी गेहूं की कटाई नहीं की है और जिनकी लहसुन की फसल खेतों में है, उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। 2 घंटे तक गुल रही तहसील की बिजली एमपीईबी के टाउन इंजीनियर मेहरबान सूर्यवंशी के अनुसार, क्षेत्र में बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण पूरे नागदा शहर और ग्रामीण इलाकों की बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। लगभग 2 घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित कर आपूर्ति बहाल की जा सकी। प्रशासन अब ग्रामीण क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन कर रहा है।

बालाघाट में हनुमान जयंती पर निकली शोभायात्रा:साधक मोहित सोनी ने 40 किलो वजनी हनुमान स्वरूप धारण किया; 40 दिनों तक तपस्या की

बालाघाट में हनुमान जयंती पर निकली शोभायात्रा:साधक मोहित सोनी ने 40 किलो वजनी हनुमान स्वरूप धारण किया; 40 दिनों तक तपस्या की

बालाघाट जिले में हनुमान जयंती पर गुरुवार शाम को श्रद्धा और भक्ति के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस वर्ष आकर्षण का मुख्य केंद्र युवा साधक मोहित सोनी रहे, जिन्होंने भगवान हनुमान का स्वरूप धारण कर 40 किलो वजनी मुकुट के साथ नगर भ्रमण किया। ‘हनुमान सेवा दल समिति’ और ‘मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर ट्रस्ट’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा से पूरा नगर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। 40 दिनों के कठिन ब्रह्मचर्य और तपस्या के बाद मिली सिद्धि परंपरा के अनुसार, प्रतिवर्ष हनुमान जी का स्वरूप धारण करने के लिए एक साधक का चयन किया जाता है, जिसे 40 दिनों तक कठोर ब्रह्मचर्य का पालन और विशेष साधना करनी होती है। इस वर्ष यह सौभाग्य मोहित सोनी को प्राप्त हुआ। 40 दिनों की तपस्या पूर्ण करने के बाद उन्होंने भारी-भरकम मुकुट और वेशभूषा धारण की और बैंड-बाजे व ढोल की थाप पर भक्तों के साथ नृत्य भी किया। मुख्य मार्गों से गुजरी यात्रा शोभायात्रा का शुभारंभ शाम 8 बजे मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर से हुआ। यहां से यह काली पुतली चौक और अहिंसा द्वार होते हुए नगर के मुख्य मार्गों से निकली। मार्ग में पड़ने वाले सभी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। 11 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों का समापन इस भव्य शोभायात्रा के साथ ही पिछले 11 दिनों से चल रहे विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का भी विधि-विधान से समापन हो गया। आयोजन में हनुमान सेवा दल के शंकर मोटवानी, राजू सोनी, सुनील आडवाणी सहित सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी और श्रद्धालु शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच देर रात तक नगर में भक्ति का माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। देखें तस्वीरें…

Shahtoot ke fayde: गर्मियों में हेल्दी रहने के लिए अनमोल खजाना है शहतूत, खाने से होते हैं कई फायदे

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Last Updated:April 02, 2026, 22:58 IST Benefits of mulberry fruit: आयुर्वेद में शहतूत की छाल, फल और जड़ को गुणों का खजाना माना गया है. सदियों में उनका इस्तेमाल कई रोगों में होता आया है. शहतूत को आप खांसी, बुखार और डायबिटीज. शहतूत के रसीले फल विटामिन सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और पाचन में मदद करते हैं. शहतूत के सेहत लाभ. Benefits of mulberry fruit: गर्मियों की शुरुआत के साथ रसीले फल भी बाजार में आने लगते हैं. तरबूज और खरबूज के साथ शहतूत भी मार्च और अप्रैल के महीने में ही आता है, लेकिन खास बात यह है कि यह एक सीमित समय के लिए आता है. शहतूत को अन्य भाषाओं में ‘तूत’ या ‘मलबेरी’ के नाम से भी जाना जाता है. शहतूत के स्वाद के बारे में सभी बात करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना है? यह पेड़ अपनी रसीली फलियों, पत्तियों और औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है. आयुर्वेद में शहतूत की छाल, फल और जड़ को गुणों का खजाना माना गया है. सदियों में उनका इस्तेमाल कई रोगों में होता आया है, जैसे खांसी, बुखार और डायबिटीज. शहतूत के रसीले फल विटामिन सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और पाचन में मदद करते हैं. इसे आयुर्वेद में पित्तवातशामक माना गया है, जो रक्त को शुद्ध करने में भी मददगार है. इसका स्वाद मीठा और खट्टा दोनों होता है,जो शरीर में बढ़ रहे वात को संतुलित करने में सहायक है. इसकी छाल का काढ़ा और चूर्ण भी कई रोगों में लाभदायक होता है, हालांकि सेवन से पहले चिकित्सक से सलाह जरूर लें. शहतूत के फल में एंटी-एजिंग गुण मौजूद होते हैं, जो बढ़ती उम्र के असर को कम करता है और झुर्रियों को आने से रोकता है. अगर चेहरे पर दाग-धब्बे और रूखापन रहता है, तब भी फल का सेवन करना लाभकारी होगा. यह चेहरे को नई चमक देगा और आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है. भरपूर विटामिन ‘ए’ का सोर्स होने की वजह से यह आंखों की रोशनी को बढ़ाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. शहतूत में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण भी होते हैं, जो त्वचा को बाहरी संक्रमण से सुरक्षित रखते हैं. यह एक्जिमा-सोरायसिस जैसे रोगों में भी दवा की तरह काम करते हैं. इसके साथ ही शहतूत में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, तो इसका सेवन मधुमेह के रोगी भी कर सकते हैं. यह रक्त में शर्करा की मात्रा को संतुलित रखता है और इसमें आयरन की मात्रा भी अधिक होती है. शरीर में रक्त की पूर्ति और एनीमिया से बचने के लिए इसका सेवन रोजाना किया जा सकता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : April 02, 2026, 22:58 IST

AAP की हार के बाद राघव चड्ढा की पहली प्रतिक्रिया, राज्यसभा में उठाए गए मुद्दों का वीडियो शेयर किया | राजनीति समाचार

Kolkata Knight Riders' Rinku Singh plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Kolkata Knight Riders and Sunrisers Hyderabad in Kolkata, India, Thursday, April. 2, 2026. (AP Photo/ Bikas Das)

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 22:36 IST राज्यसभा सांसद ने वीडियो को कैप्शन नहीं दिया, बल्कि सिर्फ एक नज़र ताबीज इमोजी का इस्तेमाल किया। आप नेता राघव चड्ढा (क्रेडिट: एक्स) एक महत्वपूर्ण कदम में, आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उच्च सदन में उपनेता के पद से हटा दिया, जो पार्टी के भीतर आंतरिक दरार के संकेत देता है। आप सांसद अशोक मित्तल को संसद में पार्टी का नया उपनेता नियुक्त किया गया है। इस कदम के कुछ घंटों बाद, राज्यसभा सांसद ने राज्यसभा में अपने तर्कों और हस्तक्षेपों का संकलन साझा करके परोक्ष प्रतिक्रिया जारी की। तीन मिनट के वीडियो में 37 वर्षीय नेता को वायु प्रदूषण और बढ़ते हवाई किराए से लेकर गिग श्रमिकों के अधिकारों और मोबाइल प्रीपेड योजनाओं की 28-दिन की वैधता सहित कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में राज्यसभा में चड्ढा के हालिया भाषणों से ली गई छोटी क्लिप की एक श्रृंखला शामिल है। वे उन्हें ऐसे मुद्दे उठाते हुए दिखाते हैं जो आम नागरिकों और व्यापक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं। एक खंड में मोबाइल डेटा पैकेज की समाप्ति को नियंत्रित करने वाले नियम शामिल हैं। दूसरा त्वरित-वाणिज्य प्लेटफार्मों द्वारा नियोजित गिग श्रमिकों की कामकाजी परिस्थितियों पर केंद्रित है। राज्यसभा सांसद ने वीडियो को कैप्शन नहीं दिया, बल्कि सिर्फ एक नज़र ताबीज इमोजी का इस्तेमाल किया। नज़र तावीज़ एक भूमध्यसागरीय तावीज़ है और कुछ लोगों का मानना ​​है कि यह “बुरी नज़र” से बचाता है और नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करता है। चड्ढा अक्सर आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए सुर्खियां बटोरते थे और उनके संसद संबोधन के वीडियो अक्सर वायरल होते रहे हैं। हाल के दिनों में, चड्ढा ने दिल्ली चुनाव 2025 में पार्टी की हार के बाद से खुद को AAP के एजेंडे या नेताओं से काफी हद तक दूर कर लिया है, और अपने भुगतान वाले पितृत्व अवकाश और हवाई अड्डों पर भोजन की उच्च लागत जैसे जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है। आप ने चड्ढा को उपनेता पद से हटाया अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर चड्ढा को पार्टी के उपनेता पद से हटाने के फैसले की जानकारी दी। पार्टी ने यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित नहीं किया जाना चाहिए। राज्यसभा में पार्टी के 10 सदस्य हैं, जिनमें सात पंजाब से और तीन दिल्ली से हैं। आप के मुख्य मुद्दों पर उनकी चुप्पी ने बाहर निकलने की अफवाहों को हवा दे दी थी, खासकर तब जब उन्हें असम के लिए पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस फैसले के पीछे की वजह नहीं बताई है. रिपोर्टों से पता चलता है कि यह कदम अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन नहीं करने के आरोपों को लेकर उठाया गया होगा। विशेष रूप से, चड्ढा शराब उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया की हालिया रिहाई पर चुप रहे थे। पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 22:36 IST समाचार राजनीति AAP की हार के बाद राघव चड्ढा की पहली प्रतिक्रिया, राज्यसभा में उठाए गए मुद्दों का वीडियो शेयर किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा(टी)आप(टी)राज्यसभा(टी)आम आदमी पार्टी

जहानाबाद के छात्रों का कमाल, 5–10 रुपये में मिलेगा सैनिटरी पैड, बनाई स्मार्ट वेंडिंग मशीन

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Last Updated:April 02, 2026, 22:11 IST बिहार के जहानाबाद जिले में महिला स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल सामने आई है, जहां पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रों ने कम कीमत में आसानी से सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट वेंडिंग मशीन तैयार की है. यह मशीन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में काम करती है और मात्र 5 से 10 रुपये में अलग-अलग प्रकार के पैड उपलब्ध कराती है, जिससे कॉलेज और अन्य संस्थानों में पढ़ने वाली लड़कियों को बड़ी राहत मिल सकती है. रिपोर्ट- शशांक शेखर आज के समय में महिलाओं की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रख हर कदम प्रयास किए जा रहे हैं. खास तौर पर सैनिटरी पैड का प्रचलन काफी अधिक बढ़ा है. सैनिटरी पैड की उपलब्धता आसानी से हो सके, इसके लिए कई स्तरों से काम जारी है. इसी कड़ी में बिहार के अलग अलग जिलों में सैनिटरी पैड उपलब्धता की अलग प्रक्रिया चल रही है, जहानाबाद जिले में पॉलीटेक्निक के छात्रों ने सैनिटरी पैड की आसान उपलब्धता को लेकर खास तरह की मशीन तैयार की है. Local 18 से जहानाबाद पॉलीटेक्निक कॉलेज के स्टूडेंट सत्यम सिन्हा (मेंस्ट्रोकेयर प्राइवेट लिमिटेड, फाउंडर) ने कहा कि हमने स्मार्ट सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन तैयार की है. इस मशीन का कार्य यह है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में संचालित होता है. हमलोग इसे व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग सिक्के से निकाल सकते हैं. इस मशीन में अलग-अलग प्रकार के पैड्स होंगे, ऐसे में जिस भी टाइप की सैनिटरी पैड महिलाएं चाहती हैं वो यहां कॉइन डालकर निकाल सकती हैं. हमारे यहां इस मशीन में दो प्रकार के पैड्स प्रदान किए जा रहे हैं, जो 5 रुपए और 10 रुपए वाला है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने कहा कि ये दोनों पैड्स की गुणवत्ता काफी अच्छी रहती है. हमारी कंपनी हाइजीन और हेल्थ दोनों को ध्यान में रखकर काम करती है. हमारी कंपनी एक अलग ही लेवल पर काम कर रही है, जिसमें महिलाओं को हर स्टेज की सुविधाएं मिल पाएंगी. इस कंपनी के साथ कई डॉक्टर्स जुड़े हुए हैं. समय समय पर जागरूकता अभियान भी चलाते हैं. हमारा यह लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आसान रास्ते महिलाओं की सुरक्षा प्रदान हो सके. ये वेंडिंग मशीन जिले के हर कॉलेज और संस्थानों में लगाने का हमारा प्रयास है. खास बात यह है कि बिना लाइट के भी वेंडिंग मशीन काम करती है. सत्यम सिन्हा ने कहा कि इस मशीन की कीमत 8 हजार रुपए हैं, जिसमें हम मार्केट से 50 से 70 प्रतिशत तक कम कीमत में उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इस मशीन में 4 स्लॉट्स है और हार्ड बॉडी के साथ प्रोवाइड किया जाता है. यह मशीन आसानी से ले जाने और लाने लायक है. हमें सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन बनाने का आइडिया खुद अपने कॉलेज से ही आया है. वहां एक मशीन इसी प्रकार की पड़ी हुई थी तो देखा कि यह मशीन कितनी काम की है, लेकिन देख रेख के अभाव में उपयोग में नहीं आ पा रही है. ऐसे में इन सारी बातों को ध्यान में रखकर काम करना शुरू कर दिया. First Published : April 02, 2026, 22:11 IST

जबलपुर के पूर्व महापौर ने पुलिसकर्मियों से किया था विवाद:हाईकोर्ट में खोली गई एसटीएफ की जांच रिपोर्ट, बढ़ सकती है प्रभात साहू की मुश्किलें

जबलपुर के पूर्व महापौर ने पुलिसकर्मियों से किया था विवाद:हाईकोर्ट में खोली गई एसटीएफ की जांच रिपोर्ट, बढ़ सकती है प्रभात साहू की मुश्किलें

सितंबर 2025 में जबलपुर के पूर्व महापौर प्रभात साहू का वाहन चेंकिग के दौरान एक पुलिस आरक्षक के बीच जमकर विवाद हुआ। मामले पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने साफ कहा था कि जब थानों में पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वे आम जनता को सुरक्षा कैसे देंगे। मामले पर चीफ जस्टिस की कोर्ट ने जांच के लिए एसटीएफ को निर्देश दिए थे, जहां जांच के बाद गुरुवार को एसटीएफ की सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष खोली गई। एसटीएफ ने कोर्ट को बताया कि पूर्व महापौर प्रभात साहू पर पुलिस आरक्षक ने जो आरोप लगाए थे, वह सही थे। जांच में पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट दी गई है, लिहाजा अब भाजपा नेता प्रभात साहू सहित 5 पर मुकदमा चलेगा। बता दें कि इस विवाद के बाद प्रभात साहू की शिकायत पर लार्जगंज थाने में दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि पूर्व महापौर की शिकायत पर दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। पुलिसकर्मियों ने निलंबन की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जबलपुर निवासी अधिवक्ता मोहित वर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए कोर्ट को बताया कि पूर्व महापौर प्रभात साहू ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता की थी। कोर्ट में यह भी दलील दी गई कि पूर्व महापौर के द्वारा वर्दी फाड़ने का स्पष्ट वीडियो भी वायरल होने के बावजूद उनके व समर्थकों के विरुद्ध राजनीतिक दबाव में नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। यह था पूरा घटनाक्रम जनहित याचिकाकर्ता के अनुसार पूर्व महापौर प्रभात साहू को लार्डगंज थाना अंतर्गत बल्देव बाग के समीप वाहन सितंबर 2025 को चेकिंग दौरान पुलिसकर्मी ने बिना हेलमेट पहने वाहन चलाते हुए रोका था। पूर्व महापौर अपना परिचय देते हुए पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता करने लगे। इसके कुछ ही देर बाद समर्थकों की भीड़ एकत्र हो गया। याचिका में आरोप है कि सरेराह पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल भी हुआ था। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव के कारण ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया। पुलिसकर्मी की शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो में आरोपियों की शिनाख्त स्पष्ट थी।

पन्ना में अब सरकार चलाएगी शराब दुकानें:ठेकेदार नहीं मिलने पर आबकारी अधिकारी संभालेंगे कमान; आरक्षक-नगर सैनिक बनेंगे सेल्समैन

पन्ना में अब सरकार चलाएगी शराब दुकानें:ठेकेदार नहीं मिलने पर आबकारी अधिकारी संभालेंगे कमान; आरक्षक-नगर सैनिक बनेंगे सेल्समैन

मध्यप्रदेश की नई आबकारी नीति के तहत पन्ना जिले में शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पाई है। जिला प्रशासन ने 31 मार्च की समय सीमा तक सभी 39 दुकानों के टेंडर निकालने का प्रयास किया था, लेकिन इनमें से 6 दुकानों के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिला। इसके चलते कलेक्टर की अध्यक्षता वाली ‘जिला निष्पादन समिति’ ने इन दुकानों का संचालन सीधे करने का निर्णय लिया है। पवई-अजयगढ़ समेत 6 दुकानें आबकारी विभाग के पास जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य ने बताया कि पवई, गुनौर, सलेहा, कृष्णगढ़, अजयगढ़ और मोहन्द्रा की शराब दुकानों का संचालन अब विभाग स्वयं करेगा। जब तक इन दुकानों की नीलामी प्रक्रिया सफल नहीं हो जाती, तब तक आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही यहां की संपूर्ण व्यवस्थाएं संभालेंगे। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उपनिरीक्षकों को सौंपी जिम्मेदारी दुकानों के सुचारू संचालन के लिए उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पाण्डेय को पवई, कृष्णगढ़ और मोहन्द्रा का प्रभार सौंपा गया है। वहीं, उपनिरीक्षक हरीश पाण्डेय को गुनौर व सलेहा और उपनिरीक्षक विक्रांत जैन को अजयगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी दुकानों की निगरानी और स्टॉक प्रबंधन का कार्य देखेंगे। आरक्षक और नगर सैनिक बनेंगे सेल्समैन इन दुकानों पर शराब की बिक्री के लिए आबकारी आरक्षकों और नगर सैनिकों को विक्रयकर्ता (सेल्समैन) के रूप में तैनात किया गया है। इनमें आरक्षक सोनू कोरकू, कुलदीप जाटव और नगर सैनिक मोतीलाल प्रजापति व वीरेंद्र यादव सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य ने बताया- आमजन की सुविधा के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक नई नीलामी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

लांजी में शराब दुकान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन:रहवासी देरशाम तक धरने पर, विधायक ने कहा- लोगों की मांग सही है

लांजी में शराब दुकान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन:रहवासी देरशाम तक धरने पर, विधायक ने कहा- लोगों की मांग सही है

बालाघाट के कोटेश्वर नगरी लांजी में भिलाई मार्ग पर प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में वार्डवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाएं सहित बड़ी संख्या में लोग दो स्थानों पर पंडाल लगाकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। रहवासी क्षेत्र में दुकान खोलने के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों के कारण प्रशासन के सामने दुकान खुलवाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल, ठेके के बाद शराब ठेकेदार अब दुकान खोलना चाहते हैं, लेकिन रहवासी इसके विरोध में खड़े हैं। पिछले दो वर्षों से लांजी-सालेटेकरी मार्ग पर संचालित शराब दुकान को हटाकर अब दूसरे क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। गुरुवार देर शाम तक जनप्रतिनिधि और रहवासी विरोध में डटे रहे और शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग करते रहे। धरना दे रहे लोगों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी स्थिति में रिहायशी क्षेत्र में शराब दुकान स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया है कि दुकान को नगर सीमा से बाहर संचालित किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, शराब ठेकेदारों का कहना है कि वे प्रशासन के निर्देशों के अनुसार ही दुकान संचालित करेंगे। उनका यह भी तर्क है कि दुकान नहीं खुलने से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस मामले पर विधायक राजकुमार कर्राहे का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि शराब दुकान को लेकर संबंधित ठेकेदार और एसडीएम से चर्चा की गई है और जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। विधायक ने वार्डवासियों की मांग को सही ठहराते हुए कहा कि जहां शराब दुकान प्रस्तावित है, वह एक रहवासी क्षेत्र है और वहां आवागमन अधिक रहता है। आसपास स्कूल, मंदिर, बैंक सहित अन्य गतिविधियां संचालित होती हैं, ऐसे में भारती लॉन और सिद्धेश्वर मंगल भवन के सामने शराब दुकान का खुलना उचित नहीं है। विधायक के इस बयान के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन जल्द ही कोई ठोस और संतुलित निर्णय ले सकता है।