Tuesday, 13 Oct 2026 | 02:14 PM

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व्हाट्सएप ग्रुप से बुजुर्ग से ₹1.34 करोड़ की ठगी:मंदसौर में मुनाफे का झांसा देकर रकम ट्रांसफर करवाई, विदेशी नंबरों से चल रहा फर्जी नेटवर्क

व्हाट्सएप ग्रुप से बुजुर्ग से ₹1.34 करोड़ की ठगी:मंदसौर में मुनाफे का झांसा देकर रकम ट्रांसफर करवाई, विदेशी नंबरों से चल रहा फर्जी नेटवर्क

मंदसौर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक बड़े साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। इसमें एक 80 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कुल 1 करोड़ 34 लाख रुपए की ठगी की गई। पुलिस ने गुरुवार शाम केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पीड़ित वीरेंद्र कुमार जैन, निवासी वल्लभ नगर, जैन कॉलोनी ने पुलिस को बताया कि उन्हें जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में “Wealth Alliance Training Team A12” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप के संचालक मोहन पाटिल और उनके कथित मैनेजर रवि निवेशकों को 200-300% तक के मुनाफे का लालच देकर विश्वास में लेते थे। फर्जी वेबसाइट और कंपनी का भरोसा आरोपियों ने पीड़ित को https://m.totem-point.cc वेबसाइट पर लॉगिन आईडी दी और बताया कि यह ‘TOTEM-IN’ कंपनी है, जो शेयर बाजार, IPO और इक्विटी ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा देती है। सुबह से शाम तक ट्रेडिंग और “शेयर्स इक्विटी” का पूरा निवेश प्रोसेस समझाकर पीड़ित को भरोसा दिलाया गया। RTGS/NEFT के जरिए अलग-अलग खातों में पैसे जमा पीड़ित ने झांसे में आकर अलग-अलग तारीखों में विभिन्न बैंक खातों में RTGS, NEFT और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से कुल 1 करोड़ 34 लाख रुपए जमा कर दिए। ये राशि कई फर्मों और खातों में गई, जिनमें प्रमुख हैं: संपर्क बंद और फर्जी नेटवर्क का खुलासा जैसे ही पीड़ित ने पैसा निकालने का प्रयास किया, आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में फोन उठाना और मैसेज का जवाब देना भी बंद कर दिया। जांच में पता चला कि यह पूरा नेटवर्क फर्जी और संगठित था। पुलिस ने मामला दर्ज किया कोतवाली थाना में धोखाधड़ी (BNS) धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पीड़ित ने पुलिस को विस्तृत दस्तावेज भी सौंपे हैं, जिनमें व्हाट्सएप चैट (200+ पेज), ग्रुप चैट, ऑपरेशनल मैनुअल, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स, आधार और पैन कार्ड की कॉपी शामिल हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की कि अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या निवेश योजनाओं से सतर्क रहें और अत्यधिक मुनाफे के लालच में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें।

राजस्थान में बम ब्लास्ट की साजिश, रेकी करने वाला पकड़ा:पाकिस्तानी डॉन दे रहा था ऑर्डर, दूसरे राज्यों में भी धमाकों के लिए बनाए वीडियो

राजस्थान में बम ब्लास्ट की साजिश, रेकी करने वाला पकड़ा:पाकिस्तानी डॉन दे रहा था ऑर्डर, दूसरे राज्यों में भी धमाकों के लिए बनाए वीडियो

राजस्थान में बम ब्लास्ट की साजिश कर रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी के ऑर्डर पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में भी रेकी कर वीडियो बनाए थे। ये जानकारी उसने भट्‌टी के साथ सोशल मीडिया के जरिए शेयर भी की थी। आरोपी आकाशदीप श्रीगंगानगर के चक केरा गांव का रहने वाला है। उसे 26 मार्च की शाम को गांव से ही पकड़ा गया है। आशंका है कि आरोपी का संबंध 13 मार्च 2026 को अंबाला (हरियाणा) में मिले आरडीएक्स के मामले से हो सकता है। सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में था लालगढ़ जाटान थाना पुलिस ने आकाशदीप को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी भट्टी के साथ इंस्टाग्राम और वॉट्सएप के जरिए लंबे समय से संपर्क में था। थाना प्रभारी गुरमेल सिंह बराड़ ने बताया- आकाशदीप बदमाश प्रवृत्ति का है। वो ग्रामीणों को पाकिस्तानी आतंकवादियों से संपर्क होने की धमकी देता था। ग्रामीणों ने इसको लेकर पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसके डॉन से कनेक्शन की जानकारी सामने आई। धमाके वाली जगह पहुंचने का प्लान भी बनाया आकाशदीप ने शहजाद भट्टी के कहने पर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में ऐसे जगहों को चिन्हित किया, जहां सबसे ज्यादा भीड़ होती है। पूछताछ में उसने बताया कि इन जगहों तक पहुंचने का प्लान भी उसने डॉन के साथ शेयर किया था। अब पुलिस उसके लोकल कॉन्टैक्ट, परिवार व अन्य लोगों से भी पूछताछ करने की तैयारी में है। मोबाइल डेटा की जांच कर रही है पुलिस पुलिस को आरोपी के मोबाइल से कई सुराग भी मिले हैं। उसने आतंकी से बात करने के लिए अलग-अलग नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बना रखे थे। आरोप है कि आकाशदीप से भारत-पाकिस्तान के लोगों से वॉयस चैट और +92 कोड वाले खास नंबर्स पर जानकारी शेयर करता था। फोटो गैलरी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से शहजाद भट्टी के साथ बनाई अपनी फोटो भी मिली है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने वॉट्सएप पर +923249695402 नंबर पर Hello मैसेज भेजा गया था, जिस पर रिप्लाई भी मिला। बम ब्लास्ट के लिए भेजा था IED पुलिस को आशंका है कि इस केस के तार 13 दिन पहले पंजाब में मिले आरडीएक्स वाले केस से जुड़े हो सकते हैं। उस केस में पकड़े गए तीन आरोपियों में से एक राजस्थान के अजमेर का रहने वाला था। ये आरोपी भी शहजाद भट्टी के कहने पर राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में धमाकों की प्लानिंग कर रहे थे। सबसे पहला धमाका राजस्थान के हनुमानगढ़ में करने की प्लानिंग थी। उन्हें आईईडी भी मिल गई थी, लेकिन पाकिस्तान से आरडीएक्स पहुंचने में देरी के कारण प्लान कैंसिल हो गया। विस्फोट करने निकले थे, पहले ही पकड़े गए डॉन भट्टी के इशारे पर आरोपपी पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर विस्फोटक, आईईडी, बैटरी, टाइमर और डेटोनेटर लेकर अंबाला कैंट की ओर निकले थे। मगर उनकी इस साजिश का पता लंबे समय से शहजाद भट्टी को रडार पर लिए हुए एसटीएफ की टीम को चल गया। टीम ने रास्ते में नाका लगाकर उन्हें पकड़ लिया।

LNJP में संसाधनों की भरमार, फिर भी बंद होने की कगार पर न्यूरो एनेस्थेसिया के सुपर स्पेशियलिटी कोर्स

एलपीजी की टेंशन खत्म, पाइप से किचन तक पहुंचती है गैस, किया ये इंतजाम

नई दिल्ली. देश की राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार लोकनायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मॉडल और मेडिकल शिक्षा के दावों के विपरीत, यहां के प्रतिष्ठित न्यूरो सर्जरी और डीएम न्यूरो एनेस्थीसिया जैसे सुपर स्पेशलिटी कोर्सेज को बंद करने और उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है. हैरानी की बात यह है कि एलएनजेपी अस्पताल में न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट में 86 बेड और 2 ओटी फैसिलिटी है. वहीं इस विभाग में सक्षम फैकल्टी है. इसके बावजूद यहां न्यूरो सर्जरी और न्यूरो एनेस्थेसिया के सुपर स्पेशिएलिटी कोर्स पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. क्या है पूरा विवाद?दरअसल, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) से संबद्ध लोकनायक अस्पताल देश को बेहतरीन न्यूरो सर्जन देने के लिए विख्यात रहा है. यहां का न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट भी उत्कृष्ट है. अब तक न्यूरो सर्जरी के एमसीएच कोर्स के लिए अब तक तीन सत्र के लिए एडमिशन हो चुका है. इनमें से 1 बैच तीन साल का कोर्स कर निकल गया है. दूसरा इस साल नवंबर में कोर्स पूरा कर लेगा. 2024-25 सत्र के तीसरे बैच में 2 स्टूडेंट्स का एडमिशन हुआ लेकिन वे दोनों इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी की कमी का हवाला देते हुए कोर्ट चले गए. इस बीच सरकार ने बिना कोर्ट का आदेश पारित हुए दोनों छात्र को जीबी पंत में ट्रांसफर कर दिया. एलएनजेपी में इंफ्रास्ट्रक्चर की कोई कमी नहीं है और एक सक्षम फैकल्टी की और जरूरत है. ऐसे में एक गंभीर सवाल खड़ा होता है क्या एलएनजेपी अस्पताल के साथ साजिश की जा रही है. जानकारों का कहना है कि यह निर्णय न केवल विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ है, बल्कि एलएनजेपी अस्पताल की साख को भी बट्टा लगा रहा है. संसाधनों की भरमार, फिर भी बहानेबाजीआंकड़ों पर गौर करें तो लोकनायक अस्पताल में संसाधनों की कोई कमी नहीं दिखती. नियमों के अनुसार, न्यूरो सर्जरी जैसे सुपर स्पेशलिटी कोर्स के लिए एक समर्पित वार्ड की आवश्यकता होती है. एलएनजेपी में वर्तमान में 86 बेड का एक विशाल न्यूरो सर्जरी वार्ड मौजूद है और यहां दो ऑपरेशन थिएटर (OT) टेबल लगातार संचालित होती हैं. डीएम न्यूरो एनेस्थीसिया, जो पूरी तरह से न्यूरो सर्जरी विभाग पर निर्भर रहने वाला कोर्स है, उसे भी यहां से शिफ्ट किया गया है जबकि लोक नायक अस्पताल समुचित इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी उपलब्ध है. सवाल यह उठता है कि जब अस्पताल के पास 86 बेड और 2 ओटी टेबल की क्षमता है, तो फिर इन कोर्सेज को चलाने में प्रशासन को क्या आपत्ति है? क्या दिल्ली सरकार पिछले दो सालों में एक फैकल्टी की नियुक्ति करने में भी असमर्थ रही है, या इसके पीछे कोई गहरी प्रशासनिक साजिश है? छात्रों का भविष्य और मरीजों की जान दांव परभारत में पहले ही न्यूरो सर्जनों की भारी किल्लत है. 140 करोड़ की आबादी वाले देश में महज 1900 से 3700 के बीच न्यूरो सर्जन उपलब्ध हैं. ऐसे में एलएनजेपी जैसे संस्थान से इन कोर्सेज का प्रभावित होना राष्ट्रीय क्षति है. डीएम न्यूरो एनेस्थीसिया का पहला बैच (2024-25) पहले ही इस अव्यवस्था के कारण कोर्ट की शरण ले चुका है. सरकार ने फैकल्टी की कमी का हवाला देते हुए उन्हें जीबी पंत भेज दिया, जबकि रिपोर्ट बताती है कि एलएनजेपी में एनेस्थीसिया की पर्याप्त फैकल्टी मौजूद है. आगामी बैच पर तलवारअब 2025-26 के आगामी बैच पर भी तलवार लटक रही है. यदि इन कोर्सेज को एलएनजेपी में वापस सुचारू रूप से शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले समय में रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी होगी, जिसका सीधा असर गरीब मरीजों के इलाज पर पड़ेगा. प्रशासन का पक्ष और अनसुलझे सवाललोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. बी एल चौधरी का कहना है कि छात्रों को शिफ्ट करना एक नीतिगत फैसला है और यह मामला सीधे तौर पर एमएएमसी (MAMC) से जुड़ा है. उन्होंने दावा किया कि भविष्य में ये कोर्स जारी रहेंगे, लेकिन कब और कैसे, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है. दूसरी तरफ सरकार के अधिकारी इस मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते. हमने कई फोन किए लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. वर्ल्ड क्लास मॉडल पर सवाल सवाल यह भी उठता है कि जीबी पंत अस्पताल, जो लंबे समय तक मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डीन के सीधे अधिकार क्षेत्र में नहीं था, वहां सारे कोर्स सुचारू रूप से चल रहे हैं, तो एलएनजेपी में ही यह संकट क्यों पैदा किया जा रहा है? क्या यह दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था की चरमराती हालत का प्रमाण है? इस पूरे प्रकरण ने दिल्ली सरकार के उस ‘वर्ल्ड क्लास’ स्वास्थ्य मॉडल पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिसका ढिंढोरा देश-दुनिया में पीटा जाता है. अगर एक पद की कमी के कारण सुपर स्पेशलिटी कोर्स बंद होने की कगार पर पहुंच जाते हैं, तो आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं की कल्पना आसानी से की जा सकती है.

औषधीय गुणों की खान हैं यह पत्तियां, जोड़ों के दर्द से लेकर स्किन इंफेक्शन तक में है कारगर, जानें उपयोग

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Last Updated:March 27, 2026, 10:01 IST रायबरेली के आयुष चिकित्सक डॉक्टर आकांक्षा दीक्षित के अनुसार शीशम की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद हैं. ये पत्तियां रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा संक्रमणों को कम करने और पाचन सुधारने में मदद करती हैं. अपच, गैस, कब्ज और जोड़ों के दर्द में इसका उपयोग लाभकारी है. पत्तियों का काढ़ा पीने या पेस्ट बनाकर लगाने से शरीर को अंदर से मजबूत और स्वास्थ्य बेहतर रहता है. रायबरेली : आमतौर पर लोग घरों में फर्नीचर के लिए शीशम की लकड़ी का इस्तेमाल करते हैं. क्योंकि यह लकड़ी फर्नीचर के लिए बेहद अच्छी और मजबूत मानी जाती है. परंतु यह जानकर आपको हैरानी होगी कि फर्नीचर के लिए इस्तेमाल होने वाली शीशम की पत्तियां हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं. आयुष चिकित्सा में इनका इस्तेमाल एक औषधीय के रूप में किया जाता है. आपको बताते चलें कि शीशम की पत्तियों में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं. दरअसल रायबरेली जिले के कस्बा शिवगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ की आयुष चिकित्सक डॉक्टर आकांक्षा दीक्षित (एम डी आयुर्वेद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद जयपुर ,राजस्थान) लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि शीशम की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं. ये गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने में सहायक होते हैं.नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर संक्रमणों से लड़ने में सक्षम बनता है. इन बीमारियों में कारगर  आकांक्षा दीक्षित के मुताबिक त्वचा संबंधी समस्याओं में भी शीशम की पत्तियां काफी लाभकारी मानी जाती हैं.यदि किसी को खुजली, दाद या अन्य स्किन इंफेक्शन की समस्या है, तो इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाने से राहत मिल सकती है. यह त्वचा को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ संक्रमण को कम करने में भी मदद करता है. साथ ही यह पाचन तंत्र के लिए भी शीशम की पत्तियां उपयोगी होती हैं. इस तरह करें सेवन  आकांक्षा दीक्षित बताती हैं कि इसकी पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे अपच, गैस और कब्ज में राहत मिलती है.यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और पेट को साफ रखने में मदद करता है.इसके अलावा, जोड़ों के दर्द और सूजन में भी शीशम की पत्तियों का उपयोग फायदेमंद साबित होता है.इसकी पत्तियों को उबालकर उससे सिकाई करने या पेस्ट बनाकर लगाने से दर्द में आराम मिलता है.यह सूजन को कम करने में भी कारगर है. About the Author Lalit Bhatt पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें Location : Rae Bareli,Rae Bareli,Uttar Pradesh First Published : March 27, 2026, 10:00 IST

चलती पिकअप से धक्का देकर युवक की हत्या:उधारी के पैसे लेनदेन में विवाद, 3 आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा

चलती पिकअप से धक्का देकर युवक की हत्या:उधारी के पैसे लेनदेन में विवाद, 3 आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा

सिंगरौली जिले के जयंत क्षेत्र में युवक की हत्या का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। उधारी के पैसों के विवाद में चलती पिकअप से धक्का देकर हत्या की गई थी। घटना 25 मार्च की है। पुलिस को एफआरव्ही 112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि सरसवाहलाल क्षेत्र में सड़क किनारे एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस को पीसीसी सड़क के पास युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। एफएसएल और डॉग स्क्वाड से जांच शुरू मौके पर मौजूद लोगों ने मृतक की पहचान आशीष कुमार कुशवाहा (25), निवासी सरसवाहलाल जयंत के रूप में की। घटना की गंभीरता को देखते हुए विंध्यनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अर्चना द्विवेदी और जयंत चौकी प्रभारी सुधाकर सिंह परिहार ने तत्काल एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड को बुलाकर जांच शुरू कराई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बैढ़न भेजा गया। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की कॉल डिटेल खंगाली और संबंधित लोगों से पूछताछ की। सामने आया कि घटना वाले दिन मृतक की स्कूटी से पेट्रोल की बोतल चोरी हो गई थी। इसी की तलाश में वह संदिग्धों के घर पहुंचा था, जहां उधारी के पैसों को लेकर नूर हसन उर्फ मनिया से उसका विवाद हो गया। चलती पिकअप से धक्का देने पर युवक की मौत विवाद बढ़ने पर आरोपी नूर हसन, एक बाल अपचारी और छोटू कुमार कोल ने मिलकर चलती पिकअप वाहन में आशीष के साथ मारपीट की। इसके बाद उसे वाहन से धक्का दे दिया। गिरने के बाद युवक वाहन के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा विंध्यनगर थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले के खुलासे में पुलिस टीम की सक्रियता और समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ये खबर भी पढ़े… युवक का घर के बाहर संदिग्ध हालत में मिला शव: हत्या की आशंका सिंगरौली जिले के जयंत इलाके में बुधवार सुबह आशीष कुशवाहा (25) का शव उसके घर के सामने संदिग्ध हालत में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की सूचना जयंत क्षेत्र के सरसवाहलाल मोहल्ले से पुलिस को मिली। पढ़े पूरी खबर…

झारखंड में दिखा ‘फायर फॉरेस्ट’ का नजारा, पलाश के फूलों ने बढ़ाई खूबसूरती

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Last Updated:March 27, 2026, 08:17 IST झारखंड के पलामू जिले का कुंदरी स्थित ऐतिहासिक लाह बगान इन दिनों अपनी अद्भुत प्राकृतिक खूबसूरती के कारण लोगों को आकर्षित कर रहा है. करीब 421 एकड़ में फैले इस विशाल क्षेत्र में तीन लाख से अधिक पलाश के पेड़ वसंत ऋतु में लाल और नारंगी फूलों से लदकर ऐसा दृश्य पेश करते हैं, मानो पूरा जंगल आग की लपटों में चमक रहा हो, इसी वजह से इसे ‘फायर फॉरेस्ट’ कहा जाता है. यह नजारा न सिर्फ पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है, बल्कि औषधीय गुणों और स्थानीय आजीविका के लिहाज से भी इस क्षेत्र की अहमियत लगातार बढ़ती जा रही है. रिपोर्ट- शशिकांत ओझा झारखंड के पलामू जिले का कुंदरी स्थित ऐतिहासिक लाह बगान इन दिनों अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण चर्चा में है. करीब 421 एकड़ में फैले इस विशाल क्षेत्र में तीन लाख से अधिक पलाश के पेड़ मौजूद हैं, जो वसंत ऋतु आते ही लाल और नारंगी फूलों से लद जाते हैं. फरवरी से मार्च के बीच यहां का नजारा इतना आकर्षक हो जाता है कि इसे ‘फायर फॉरेस्ट’ यानी आग जैसा दिखने वाला जंगल कहा जाता है. यह नजारा बेहद खास होता है. पलामू का कुंदरी लाह बगान न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे एशिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा माना जाता है. दूर-दूर से लोग इस अद्भुत दृश्य को देखने पहुंचते हैं. इस बगान में चारों ओर फैले पलाश के फूल मानो धरती पर लाल कालीन बिछा देते हैं, जो पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को खासा आकर्षित करता है. हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में पलाश के पेड़ों की संख्या और भी बढ़ी है, जिससे इसकी सुंदरता और महत्व दोनों में इजाफा हुआ है. पलामू में बहुत संख्या में पलाश के पेड़ पाए जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google एक्सपर्ट डॉ० डी एस श्रीवास्तव ने लोकल 18 को बताया कि पलाश का पेड़ केवल सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. वन विशेषज्ञ डॉ. डी.एस. श्रीवास्तव बताते हैं कि पलाश के फूल और अन्य हिस्सों में कई महत्वपूर्ण औषधीय तत्व पाए जाते हैं. खासकर इसके बीज और छाल से बनने वाली दवाएं पेट के कीड़ों को खत्म करने में कारगर मानी जाती हैं. इसमें पिपराजिन साइट्रेट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो पेट से जुड़ी कई समस्याओं के उपचार में सहायक होते हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा पलाश के फूलों का उपयोग सजावटी सामग्री बनाने में भी किया जाता है. फूलों को सुखाकर रंगीन डेकोरेशन आइटम तैयार किए जाते हैं, जो बाजार में भी अच्छी कीमत पर बिकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इन फूलों का उपयोग पारंपरिक रंग बनाने में भी करते हैं, खासकर होली के समय इसका महत्व बढ़ जाता है. लाह बगान क्षेत्र पहले से ही लाह उत्पादन के लिए प्रसिद्ध रहा है, लेकिन अब पलाश के फूलों के कारण यह पर्यटन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है. स्थानीय प्रशासन और वन विभाग अगर इसे और विकसित करें, तो यह क्षेत्र इको-टूरिज्म के रूप में नई पहचान बना सकता है. उन्होंने कहा कि कुंदरी का यह लाह बगान प्रकृति की अनमोल धरोहर है, जहां हर साल वसंत ऋतु में ‘फायर फॉरेस्ट’ का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. यह न सिर्फ पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय का भी एक बड़ा स्रोत बन सकता है. अभी गर्मी के मौसम में सबसे खास तौर पर कुंदरी लाल बगान देखने लायक है. First Published : March 27, 2026, 08:17 IST

मिलिए पंजाब में जन्मी आईएएस अधिकारी साहिला हीर से, जो नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पर चर्चा कर रही हैं

मिलिए पंजाब में जन्मी आईएएस अधिकारी साहिला हीर से, जो नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पर चर्चा कर रही हैं

बिहार में, जिला मजिस्ट्रेट साहिला हीर ने एक तेज, सक्रिय और कुशल अधिकारी के रूप में ख्याति अर्जित की है, जो विभिन्न विभागों में अपने परिवर्तनकारी कार्यों के लिए व्यापक रूप से पहचानी जाती हैं। बक्सर में अपनी वर्तमान पोस्टिंग से पहले, उन्होंने प्राथमिक शिक्षा निदेशक के रूप में कार्य किया, जहाँ उनकी पहल से राज्य की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही आई। शिक्षा विभाग में अपने कार्यकाल के दौरान, साहिला हीर ने शिक्षकों के तबादलों के लिए एक पारदर्शी प्रणाली शुरू की, लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रियाओं की शुरुआत की और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया। उन्होंने मध्याह्न भोजन कार्यक्रम को भी सुव्यवस्थित किया, जिससे इसके कार्यान्वयन में अधिक पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई। इन सुधारों की राज्य भर में प्रशंसा की गई और कई लोगों ने उन्हें अपना काम जारी रखने के लिए शिक्षा क्षेत्र में लौटने का सुझाव दिया है। मूल रूप से पंजाब के जालंधर की रहने वाली साहिला हीर अपने चौथे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद 2018 में अखिल भारतीय रैंक 572 हासिल करके आईएएस अधिकारी बनीं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और युवा विकास पर अपने प्रयासों को केंद्रित करते हुए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और बीआर अंबेडकर से प्रेरणा ली। उन्होंने जालंधर के एमजीएन स्कूल और बाद में पटियाला के थापर इंस्टीट्यूट में पढ़ाई की और रोजाना 12-14 घंटे की पढ़ाई के साथ सिविल सेवा परीक्षा के लिए लगन से तैयारी की। उनके पिता पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में उप मुख्य अभियंता के रूप में कार्यरत थे। बिहार कैडर में शामिल होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग नरकटियागंज में एसडीएम के रूप में हुई। इसके बाद उन्होंने प्रमुख प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हुए सहरसा और पूर्णिया में भी काम किया। उनके पति नितिन कुमार सिंह भी एक आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में कैमूर जिले में तैनात हैं। बक्सर के डीएम के रूप में, साहिला हीर समग्र जिला प्रशासन, कानून और व्यवस्था, राजस्व प्रबंधन और आपदा प्रतिक्रिया की देखरेख करती हैं। वह मनरेगा, पीएम-किसान, आवास योजनाओं और पेंशन जैसी केंद्रीय और राज्य कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करती हैं। वह चुनाव तैयारियों, भूमि रिकॉर्ड और सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली का प्रबंधन भी करती हैं। के दौरान उनका काम समृद्धि यात्रा बक्सर में इसे व्यापक रूप से जाना गया है, स्थानीय लोगों ने उनकी सक्रिय भागीदारी और व्यावहारिक दृष्टिकोण की प्रशंसा की है। अपनी तीव्र निर्णय लेने और समर्पण के लिए जानी जाने वाली साहिला हीर पारदर्शिता और सार्वजनिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए कुशल प्रशासन के लिए एक मानक स्थापित कर रही हैं।

मसाला छाछ रेसिपी: गर्मियों में पेट भरकर रखें ठंडा, मसालों में खास मसाला छाछ; नोट कर लें बनाने की विधि

मसाला छाछ रेसिपी: गर्मियों में पेट भरकर रखें ठंडा, मसालों में खास मसाला छाछ; नोट कर लें बनाने की विधि

मसाला चास बनाने की आसन विधि: गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और ठंडा रखना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में मसाला छाछ (मसाला छाछ) एक बेहतरीन और स्वादिष्ट ड्रिंक है। यह न केवल शरीर को ठंडक प्रदान करता है, बल्कि पाचन को भी बेहतर बनाता है। अच्छी बात है कि इसे घर पर ही रखें और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मसाला छाछ रेसिपी(टी)मसाला छाछ रेसिपी(टी)मसाला छाछ रेसिपी(टी)घर का बना मसाला छाछ(टी)ग्रीष्मकालीन पेय(टी)ग्रीष्मकालीन पेय रेसिपी(टी)छाछ रेसिपी(टी)मसालेदार छाछ

रेप के आरोपी इमरान सुपर ने कोर्ट में किया सरेंडर:ढाई माह से था फरार, पुलिस पकड़ नहीं पाई; हिंदू संगठनों ने थाने का किया था घेराव

रेप के आरोपी इमरान सुपर ने कोर्ट में किया सरेंडर:ढाई माह से था फरार, पुलिस पकड़ नहीं पाई; हिंदू संगठनों ने थाने का किया था घेराव

रेप के आरोप में फरार रतलाम भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का पूर्व जिला उपाध्यक्ष इमरान हुसैन उर्फ सुपर (36) ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ढाई माह से इसे तलाश रही रही थी। एसपी अमित कुमार ने इसकी गिरफ्तारी के लिए पूर्व में 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। 6 दिन पूर्व इसकी गिरफ्तारी को लेकर हिंदू संगठनों ने थाने का भी घेराव कर चेतावनी दी थी। इमरान हुसैन उर्फ सुपर पिता मेहमूद निवासी शहर सराय के खिलाफ 30 साल की हिंदू युवती ने 29 दिसंबर 2025 को थाना औद्योगिक क्षेत्र में रेप का केस दर्ज कराया था। तब से यह फरार था। आरोपी ने युवती को हिंदू नाम सोनू बताकर दोस्ती की थी। युवती की शादी होने पर उसने उसे पति को छोड़ने को कहा। जब तलाक हो गया तो शादी से मना कर दिया था। इस दौरान कई बार युवती के साथ संबंध बनाए थे। हाईकोर्ट का आदेश लेकर पहुंचा आरोपी इमरान अपने साथ अग्रिम जमानत याचिका निरस्ती के दस्तावेज के अलावा हाईकोर्ट से जारी उक्त वह आदेश भी लेकर पहुंचा था, जिसमें उसे आदेशित किया था कि वह पुलिस के समक्ष या रतलाम कोर्ट में सरेंडर करें। रतलाम कोर्ट से इमरान सुपर के सरेंडर होने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने कोर्ट में पेश होकर रेप के मामले में फरार आरोपी इमरान सुपर से अपराध में जानकारी और साक्ष्य जुटाने के लिए रिमांड मांगा। कोर्ट ने 28 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश जारी किए। इनाम राशि बढ़ाई थी इमरान के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी को लेकर एसपी ने 5 जनवरी को 2 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। 10 मार्च तक वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। तब एसपी ने इनाम राशि बढ़ाकर 10 हजार की थी। पति से तलाक कराया, सोनु नाम बताया युवती ने रिपोर्ट में बताया था कि मेरी शादी से पहले 2020 में मेरी मुलाकात राम मंदिर के पास इमरान से हुई थी। उसने अपना हिंदू नाम सोनू बताया था। फिर मेरी शादी हो गई। 11 जून 2023 से वापस इमरान से मोबाइल पर बात होने लगी। इमरान ने कहा कि तुम अपने पति को छोड़ दो। जुलाई 2023 में मैनें पति को छोड़ दिया। इसके बाद मैं पिता के पास रहने आ गई। 14 सितंबर 2023 से मैं और इमरान दोनों नयागांव क्षेत्र में किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगे। इमरान ने मुझे कहा कि जब तेरा तलाक हो जाएगा तो हम शादी कर लेंगे। बाद में मैंने जब उसका मोबाइल चेक किया तो पता लगा कि यह तो मुसलमान है और इसका असली नाम इमरान है। मैंने इमरान से कहा कि मेरा तलाक हो गया है, शादी कर लेते हैं तो उसने शादी करने से मना कर दिया। इमरान ने मुझे सभी जगह पत्नी बनाकर रखा और मेरे साथ कई बार संबंध बनाए। एमडी ड्रग्स के साथ भी पकड़ा था रेप के आरोपी इमरान सुपर और उसका साथी कयामुद्दीन को स्टेशन रोड थाना पुलिस ने नवंबर 2025 में 3.71 ग्राम एमडी ड्रग के साथ पकड़ा था। इमरान कुछ दिन जेल में रहा। बाद में जमानत पर बाहर आ गया। हिंदू संगठन ने किया था थाने का घेराव फरार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर रविवार रात हिंदू संगठनों ने थाना औद्योगिक क्षेत्र का घेराव किया था। थाने परिसर में सभी नीचे जमीन पर बैठ गए थे। ढाई माह से अधिक समय बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर जमकर विरोध जताया था। गिरफ्तारी को लेकर 7 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसका असर यह हुआ कि पुलिस को आरोपी का पकड़ नहीं पाई, वह खुद कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

भास्कर अपडेट्स:पी. कुमारन ब्रिटेन में भारत के अगले हाई कमिश्नर होंगे, 1992 बैच के IFS अफसर, जल्द संभालेंगे पद

भास्कर अपडेट्स:पी. कुमारन ब्रिटेन में भारत के अगले हाई कमिश्नर होंगे, 1992 बैच के IFS अफसर, जल्द संभालेंगे पद

भारत सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक पी. कुमारन को ब्रिटेन में भारत का अगला हाई कमिश्नर नियुक्त किया है। वह फिलहाल विदेश मंत्रालय में सचिव (ईस्ट) के पद पर कार्यरत हैं। 1992 बैच के आईएफएस अधिकारी कुमारन जल्द ही कार्यभार संभाल सकते हैं। वह वर्तमान उच्चायुक्त विक्रम दोराइसामी का स्थान लेंगे, जिन्हें चीन में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है। कुमारन ने अपने करियर की शुरुआत काहिरा में थर्ड सेक्रेटरी के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने त्रिपोली, ब्रसेल्स, इस्लामाबाद, वॉशिंगटन और कोलंबो में अलग-अलग पदों पर काम किया। वे बेंगलुरु में रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर भी रह चुके हैं। कुमारन 2016 से 2020 तक कतर में भारत के राजदूत रहे। इसके बाद 2020 से 2023 तक सिंगापुर में भारत के हाई कमिश्नर रहे। उन्होंने विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (कॉन्सुलर, पासपोर्ट और वीजा), फिर एडिशनल सेक्रेटरी और स्पेशल सेक्रेटरी के तौर पर काम किया।