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नेपाल में बालेन शाह सबसे युवा प्रधानमंत्री बने:रैप गाकर दिया पहला मैसेज; मधेश क्षेत्र से आने वाले पहले PM

नेपाल में बालेन शाह सबसे युवा प्रधानमंत्री बने:रैप गाकर दिया पहला मैसेज; मधेश क्षेत्र से आने वाले पहले PM

नेपाल में शुक्रवार को बालेन्द्र (बालेन) शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। 35 साल के बालेन देश के सबसे कम उम्र के पीएम बने। उन्होंने सांसद पद की शपथ लेने के बाद अपना पहला संदेश रैप गाने के जरिए जारी किया, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार, सिस्टम में बदलाव और युवाओं का जिक्र किया। बालेन की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 5 मार्च के चुनाव में जीत दर्ज की थी। कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा कि देश का भविष्य अब युवाओं के हाथ में है और नई सरकार से भ्रष्टाचार खत्म करने की उम्मीद है। नई सरकार में मंत्रिमंडल का भी गठन शुरू हो गया है। सुधन गुरुंग को गृह मंत्री बनाया गया है, जिन पर देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी। वहीं शिशिर खनाल को विदेश मंत्री का पद दिया गया है, जो नेपाल की कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संभालेंगे। बालेन शाह के शपथ ग्रहण से जुड़ी तस्वीरें… मधेस क्षेत्र से आने वाले देश के पहले पीएम बालेन बालेन पहले काठमांडू के मेयर थे। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए थे। बालेन मधेस क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री बने हैं। मधेश क्षेत्र नेपाल का वह इलाका है जो देश के दक्षिणी हिस्से में भारत की सीमा के साथ फैला हुआ है। इसे तराई क्षेत्र भी कहा जाता है। यहां रहने वाले लोगों को मधेशी कहा जाता है। नेपाल की राजनीति में यह इलाका लंबे समय से प्रतिनिधित्व और पहचान को लेकर चर्चा में रहा है, ऐसे में बालेन का प्रधानमंत्री बनना राजनीतिक संतुलन के नजरिये से भी अहम माना जा रहा है। दो-तिहाई बहुमत से जीती बालेन शाह की पार्टी नेपाल में आमतौर पर गठबंधन सरकारें बनती रही हैं, जहां दो या अधिक दल मिलकर बहुमत बनाते हैं। नेपाल में पिछले चुनावों में नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूनाइटेड मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के बीच मुख्य मुकाबला होता था। लेकिन इस बार स्थिति बदलती गईै। रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने अकेले बहुमत हासिल कर लिया। RSP 2022 के राष्ट्रीय चुनाव में चौथी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इस बार RSP को 275 में से 182 सीटें मिली।

अशोकनगर में पेट्रोल पंपों पर अफवाहों से भीड़ उमड़ी:एसोसिएशन ने नागरिकों से जरूरत के हिसाब से ही खरीदने की अपील की

अशोकनगर में पेट्रोल पंपों पर अफवाहों से भीड़ उमड़ी:एसोसिएशन ने नागरिकों से जरूरत के हिसाब से ही खरीदने की अपील की

अशोकनगर में शुक्रवार सुबह से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग अफवाहों के चलते वाहनों में ईंधन भरवाने के साथ-साथ बड़ी टंकियों और छोटे केन में पेट्रोल-डीजल स्टॉक करने के लिए भी पहुंच रहे हैं। जिले के कुछ पेट्रोल पंपों पर केवल पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर डीजल-पेट्रोल की बिक्री कमी बताकर फिल्हाल बंद कर दी गई है। कई जगह टोकन बांटकर क्रमबद्ध तरीके से ईंधन दिया जा रहा है, जिससे लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। यह स्थिति जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें फैलने के बाद बनी है। सुबह से ही इस तरह की खबरें सामने आते ही लोग पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े, जिससे लंबी कतारें लग गईं। अशोकनगर जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित कई पेट्रोल पंपों पर पिछले दो दिनों से अचानक भीड़ देखने को मिल रही है। किसान और आम नागरिक लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होकर ईंधन भरवा रहे हैं। रात के समय भी कई स्थानों पर भीड़ रही। ‘जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं’ हालांकि, पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अरूण दुबे ने स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि कुछ अफवाहों के कारण लोग आवश्यकता से अधिक ईंधन का स्टॉक कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक भीड़ बढ़ रही है। एसोसिएशन के अनुसार, अशोकनगर जिले में 200 से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं और सभी पर नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। एसोसिएशन ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें, ताकि सभी को सुचारू रूप से सुविधा मिल सके।

महिलाओं के खिलाफ अपराध ‘सिंडिकेट राज’ के लिए: बीजेपी की 14-सूत्रीय चार्जशीट में ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर निशाना | राजनीति समाचार

The counting for all these elections will be held on May 4, 2026. (AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 13:37 IST पश्चिम बंगाल चुनाव: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 28 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करने की उम्मीद है, जब वह आरोपपत्र पेश कर सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (क्रेडिट: अमित शाह/एक्स) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुछ ही हफ्ते बाकी हैं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शनिवार को एक आरोपपत्र जारी करने वाली है, जिसमें वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के तहत 15 साल के “पतन” का वर्णन करेगी। दस्तावेज़ में अपने आरोपों में अभिषेक बनर्जी का भी नाम है। रिपोर्ट में 14 प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया है, जिनमें भ्रष्टाचार और घोटाले, प्रशासनिक अराजकता और कानून-व्यवस्था का पतन शामिल है। यह पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध, लोकतंत्र पर हमले और उद्योग के विनाश पर भी चिंता जताता है। उल्लिखित अन्य मुद्दों में शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल की स्थिति, किसानों के बीच संकट, बंगाली संस्कृति का क्षरण, उत्तर बंगाल की उपेक्षा, चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा, कोलकाता में खराब स्थिति और जिसे भाजपा “सिंडिकेट राज” कहती है उसका प्रसार शामिल है। टीएमसी पर क्या हैं आरोप? भ्रष्टाचार और घोटाले प्रशासनिक अराजकता एवं कुशासन कानून व्यवस्था का पतन महिलाओं के खिलाफ अपराध और सुरक्षा की कमी लोकतंत्र पर हमला पश्चिम बंगाल में उद्योग का विनाश शिक्षा व्यवस्था का विनाश स्वास्थ्य सेवा संकट कृषि और किसानों में संकट बंगाली संस्कृति का क्षरण उत्तर बंगाल की उपेक्षा चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा कोलकाता का बुरा हाल पूरे राज्य में “सिंडिकेट राज” का प्रसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 28 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करने की उम्मीद है, जब वह आरोप पत्र पेश कर सकते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट को भाजपा की अभियान रणनीति के तहत मतदाताओं के बीच व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, आरोप पत्र अभियान में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। भाजपा अप्रैल की शुरुआत में अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करने की भी योजना बना रही है। नेताओं का कहना है कि यह कदम राज्य में शासन की विफलताओं को पार्टी द्वारा देखे जाने को उजागर करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में विस्तृत समीक्षा की गई है, जिसमें प्रत्येक सीट की ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों का आकलन शामिल है। वरिष्ठ हस्तियों ने विशेष रूप से उत्तरी जिलों में अपने प्रदर्शन में सुधार के बारे में विश्वास व्यक्त किया, एक नेता ने चुनाव को “भय और विश्वास” के बीच एक प्रतियोगिता बताया। बीजेपी की जमीनी स्तर पर तैयारी चल रही है अभियान की शुरुआत जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर आरोप पत्र के वितरण के साथ होगी, जिसके बाद घोषणापत्र जारी किया जाएगा। पार्टी के सदस्यों का मानना ​​है कि मौजूदा सरकार के प्रति जनता का असंतोष चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस बीच, संगठनात्मक तैयारियों को मजबूत करने के लिए नितिन नबीन पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने राज्य के नेताओं और संबद्ध समूहों के साथ रणनीति बैठकें कीं, जिसमें बूथ स्तर के संचालन में सुधार और आउटरीच का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। पश्चिम बंगाल के 2026 विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पहले प्रकाशित: मार्च 27, 2026, 13:37 IST समाचार राजनीति महिलाओं के खिलाफ अपराध ‘सिंडिकेट राज’ के लिए: बीजेपी की 14-सूत्रीय चार्जशीट में ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर निशाना साधा गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी की चार्जशीट(टी)बीजेपी ने टीएमसी पर निशाना साधा(टी)बीजेपी की 14 सूत्रीय चार्जशीट(टी)पोल अपडेट(टी)चुनाव(टी)चुनाव समाचार(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ईसी(टी)चुनाव आयोग(टी)बंगाल में अगले महीने चुनाव

आयरलैंड में फोन-फ्री बचपन:‘ग्रेस्टोन्स’ कस्बे में पेरेंट्स और शिक्षकों ने लागू किया ‘नो फोन कोड’, 12 साल से पहले बच्चों को मोबाइल नहीं

आयरलैंड में फोन-फ्री बचपन:‘ग्रेस्टोन्स’ कस्बे में पेरेंट्स और शिक्षकों ने लागू किया ‘नो फोन कोड’, 12 साल से पहले बच्चों को मोबाइल नहीं

Hindi News International In The Town Of Greystones, Parents And Teachers Have Implemented A ‘no Phone Code’, Prohibiting Children From Having Mobile Phones Under The Age Of 12. द न्यू यॉर्क टाइम्स. न्यूयॉर्क3 घंटे पहले कॉपी लिंक स्मार्टफोन के ‘डिजिटल चक्रव्यूह’ से बचपन को बचाने के लिए पूरा कस्बा ढाल बन गया है। यूरोपीय देश आयरलैंड के ‘ग्रेस्टोन्स’ कस्बे ने दुनिया को वह रास्ता दिखाया है, जिसकी तलाश आज हर परेशान माता-पिता को है। इस कस्बे के 22 हजार लोगों ने मिलकर तय किया है कि वे अपने बच्चों का बचपन ‘स्मार्टफोन’ की भेंट नहीं चढ़ने देंगे। ‘इट टेक्स ए विलेज’ नाम के इस आंदोलन ने तकनीक के खिलाफ एक सामूहिक दीवार खड़ी कर दी है। फोन की जगह बच्चों के लिए ‘यूथ कैफे’ और खेल गतिविधियां बढ़ाई गई हैं। ‘फोन-फ्री बीच पार्टी’ जैसे आयोजन शुरू हुए हैं। ग्रेस्टोन्स की इस पहल से प्रेरित होकर अब आयरलैंड के अन्य शहरों कॉर्क और डबलिन ने भी ‘नो स्मार्टफोन कोड’ को अपनाया है। देश की सीमा के बाहर ब्रिटेन और स्पेन के बार्सिलोना में भी पेरेंट्स के समूहों ने ऐसी ही पहल शुरू की है। कोविड लॉकडाउन के बाद जब ग्रेस्टोन्स में स्कूल खुले, तो मंजर बदल चुका था। सेंट पैट्रिक स्कूल की प्रिंसिपल रैचल हार्पर ने देखा कि बच्चे क्लास में ध्यान नहीं लगा पा रहे थे। वे रातभर आने वाले मैसेज से परेशान थे। उनकी नींद अधूरी थी और कुछ बच्चे तो ‘कैलोरी काउंटिंग एप्स’ के कारण ‘ईटिंग डिसऑर्डर’ का शिकार हो रहे थे। 12 साल के बॉडी मैंगन गिसलर इस बदलाव के पोस्टर बॉय हैं। वे कहते हैं, ‘मुझे डर है कि अगर फोन की लत लग गई, तो मैं खेल नहीं पाऊंगा। मैं स्वस्थ रहना चाहता हूं।’ ऐसे कई बच्चों में अब एक नई ‘अलर्टनेस’ दिख रही है। वे सुबह स्कूल में ज्यादा सक्रिय रहते हैं और अब वर्चुअल चैट के बजाय आमने-सामने बैठकर खेलने के प्लान बनाते हैं। प्रिंसिपल रैचल हार्पर के मुताबिक, 8 प्राइमरी स्कूलों के 70% माता-पिता ने स्वैच्छिक रूप से ‘नो स्मार्टफोन’ कोड पर साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि ‘हम बच्चों को मिडिल स्कूल से पहले मोबाइल फोन नहीं देंगे। क्योंकि हम बच्चों को डिजिटल भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं, उसमें डुबाना नहीं।’ जहां टेक कंपनियों के हेडक्वार्टर, वहीं ‘नो स्मार्टफोन’ की मुहिम आयरलैंड में गूगल, मेटा और एप्पल जैसी दिग्गज कंपनियों के यूरोपीय मुख्यालय हैं, जहां औसतन 9 साल की उम्र में ही बच्चों को फोन मिल जाता है। ऐसे में ग्रेस्टोन्स की यह पहल ‘चिराग तले अंधेरे’ को दूर करने जैसी है। देश के डिप्टी पीएम साइमन हैरिस, जो खुद इस कस्बे के निवासी हैं, इस मुहिम के सबसे बड़े समर्थक बनकर उभरे हैं। ग्रेस्टोन्स के लोगों को खुशी है कि अब यहां के बच्चे मैदानों में दुनिया ढूंढ रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी का जन्मदिन आज:15 साल होते ही सीनियर टीम में डेब्यू का इंतजार खत्म, IPL से लेकर T-20 में मचाएंगे तहलका

बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी का जन्मदिन आज:15 साल होते ही सीनियर टीम में डेब्यू का इंतजार खत्म, IPL से लेकर T-20 में मचाएंगे तहलका

आज भारतीय क्रिकेटर और बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी का जन्मदिन है। 27 मार्च 2011 को जन्मे वैभव सूर्यवंशी अब 15 साल के हो गए हैं। इसके साथ ही टीम इंडिया में एंट्री के लिए अब खुल उनका रास्ता खुल गया है। अब वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह एलिजिबल हो चुके हैं। आईपीएल में उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स ने एक वीडियो शेयर की है, जिसमें टीम के खिलाड़ी उन्हें जन्मदिन मनाने के लिए बुला रहे हैं। इस बार वैभव IPL में खेलते हुए दिखेंगे। वैभव ने इस सीजन 2-3 हज़ार रन बनाने का रखा लक्ष्य बीते दिनों जब IPL को लेकर एक रिपोर्टर ने वैभव से पूछा था कि आईपीएल 2026 में आपका लक्ष्य क्या है, कितना रन बनाना चाहते हैं और क्या औरेंज कैप जीतना चाहते हैं? इसके जवाब में वैभव ने कहा, ‘ऐसे सवाल पूछेंगे तो मैं दो-तीन हजार रन बोल दूंगा।’ वैभव का यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे। IPL में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं वैभव वैभव पिछले साल ही राजस्थान टीम के साथ जुड़े थे और उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। वे पिछले सीजन में दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। इसके साथ ही वे सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। अब एक बार फिर से राजस्थान को वैभव से काफी उम्मीदें हैं। बीसीसीआई ने नमन अवॉर्ड्स में वैभव ने अपने गोल के बारे में भी बताते हुए कहा कि यही कोशिश है कि अपनी टीम के लिए ट्रॉफी जीतूं। अगर मैं टीम के लिए ट्रॉफी जीतूंगा तो मेरी फ्रेंचाइजी को फायदा होगा और मेरा भी परफॉर्मेंस निखरेगा। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनने वाले पहले खिलाड़ी 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में 175 रन की पारी खेलकर कई रिकॉर्ड्स बना डाले। वैभव ने 15 चौके और 15 छक्के जमाए, यानी 150 रन तो केवल बाउंड्री से ही बना लिए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 411 रन का स्कोर खड़ा किया। फाइनल में 175 रनों की पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा छक्के लगाने के चलते प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने। वैभव सूर्यवंशी अंडर 19 विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। वैभव के एक यूथ वनडे में बाउंड्री से सबसे ज्यादा रन यूथ वनडे क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी ने बाउंड्री हिटिंग के मामले में नया बेंचमार्क सेट कर दिया। वे एक एक यूथ वनडे में बाउंड्री से सबसे ज्यादा रन वाले बैटर बन गए। वैभव ने 175 रन की पारी में 15 चौके और 15 सिक्स की मदद से 150 रन बनाए। उन्होंने श्रीलंका के हसिथा बोयगोदा के 124 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हसिथा ने केन्या के खिलाफ 2018 U-19 वर्ल्ड कप में 191 रन की पारी खेली थी। वैभव इंडिया U-19 के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर वैभव सूर्यवंशी यूथ वनडे क्रिकेट में भारत अंडर-19 के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने महज 25 मैचों में 1412 रन बनाकर विजय जोल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 36 मैचों में 1404 रन बनाए थे। वैभव ने फाइनल मैच में दूसरा सबसे तेज शतक लगाया वैभव अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक लगाने वाले दूसरे बैटर बने। उन्होंने 55 बॉल पर सेंचुरी लगाई। ऑस्ट्रेलिया के विल मलाइजचुक इस लिस्ट में टॉप पर हैं। उन्होंने इसी वर्ल्ड कप में जापान के खिलाफ महज 51 गेंदों में शतक ठोक दिया था। अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैट्समैन वैभव अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन की पारी खेली। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के ही उन्मुक्त चंद के नाम था, जिन्होंने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 111 रन बनाए थे। तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट विलियम्स हैं। उन्होंने 1988 में पाकिस्तान के खिलाफ 108 रन बनाए थे। इतना ही नहीं, वैभव (175) किसी भी ICC टूर्नामेंट फाइनल (अंडर-19 और सीनियर) में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली के नाम था, जिन्होंने 2022 विमेंस वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 170 रन की शानदार पारी खेली थी। एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाए वैभव सूर्यवंशी अंडर-19 वर्ल्ड कप की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अपनी पारी में 15 छक्के जड़कर ऑस्ट्रेलिया के माइकल हिल का रिकॉर्ड तोड़ा। हिल ने 2008 में नामीबिया के खिलाफ 12 सिक्स लगाए थे। वहीं क्रेग सिमंस ने 2002 में केन्या के खिलाफ 11 छक्के लगाए थे। सूर्यवंशी ने इस अंडर-19 वर्ल्ड कप में 30 छक्के लगाए अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अब वैभव सूर्यवंशी के नाम दर्ज हो गया है। उन्होंने मौजूदा टूर्नामेंट में 30 छक्के जड़कर एक ही एडिशन में सबसे बड़े सिक्स-हिटर बनने का कारनामा किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस के नाम था, जिन्होंने 2022 में 18 छक्के लगाए थे।

सोनिया गांधी के स्वास्थ्य के लिए की विशेष प्रार्थना:मंदसौर में खेड़ापति बालाजी मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ हुआ

सोनिया गांधी के स्वास्थ्य के लिए की विशेष प्रार्थना:मंदसौर में खेड़ापति बालाजी मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ हुआ

मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के स्वास्थ्य संबंधी खबरों के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। गुरुवार रात कचनारा स्थित खेड़ापति बालाजी मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ और पूजा-अर्चना की गई। यह आयोजन प्रदेश कांग्रेस सचिव परशुराम सिसौदिया और मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सोनिया गांधी के सकुशल होने की प्रार्थना की। मंदिर में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और सोनिया गांधी के स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष प्रार्थना की। इस मौके पर बाबू भाई, नगर कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उणियारा, सुभाष पाटीदार, मंडलम अध्यक्ष कैलाश बंगारिया, कन्हैयालाल गुर्जर, कन्हैयालाल पाटीदार (सूपड़ा), अनिल मूलासिया, सुनील भगत, पवन पाटीदार, पर्वतसिंह बोराना और राजेन्द्रसिंह चंगेरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं आमनागरिक उपस्थित रहे।

व्हिस्की का पहला गिलास पीते ही शरीर में शुरू हो जाते हैं ये बदलाव, 30 मिनट में दिखता है असर!

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Last Updated:March 27, 2026, 12:06 IST व्हिस्की का सेवन करने के बाद शरीर में होने वाली प्रतिक्रिया बहुत तेज होती है. जैसे ही शराब का पहला घूंट गले से नीचे उतरता है, शरीर का मेटाबॉलिज्म और तंत्रिका तंत्र सक्रिय हो जाते हैं. अगले 30 मिनट के भीतर आपके शरीर के हर मुख्य अंग पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है. आजकल, बहुत से लोग मानते हैं कि किसी सोशल गैदरिंग या पार्टी के दौरान एक गिलास व्हिस्की पीना पूरी तरह से ठीक है. शुरुआत में, यह आरामदायक लग सकता है. लेकिन असल में, आपका शरीर कुछ ही मिनटों के भीतर प्रतिक्रिया देना शुरू कर देता है. शराब बहुत तेज़ी से रक्तप्रवाह में प्रवेश करती है, जिससे मस्तिष्क, लिवर, किडनी और अन्य महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पल आप व्हिस्की का वह पहला गिलास पीते हैं, ठीक उसी समय आपके शरीर के अंदर असल में क्या होता है? पहले 10–15 मिनट में क्या होता है? शराब पीने के सिर्फ़ 10 से 15 मिनट के अंदर ही, शराब शरीर में प्रवेश करना शुरू कर देती है. दिल्ली के कैलाश दीपक हॉस्पिटल में कंसल्टेंट फ़िज़िशियन डॉ. मानसी निगम ने News18 को बताया, “यह प्रक्रिया बहुत तेज़ी से होती है. शराब का कुछ हिस्सा पेट द्वारा सोख लिया जाता है. हालांकि, इसका ज़्यादातर हिस्सा छोटी आंत में चला जाता है, जहां से यह तेज़ी से खून में मिल जाता है. यह कुछ ही मिनटों में दिमाग तक पहुंच जाता है. यही वजह है कि आपको तुरंत आराम या हल्कापन महसूस होता है. साथ ही, यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम को धीमा कर देता है और दिमाग के काम करने की क्षमता को कम करना शुरू कर देता है.” शराब का मस्तिष्क पर प्रभाव : शराब का असर सबसे पहले मस्तिष्क पर दिखाई देता है. यह सोचने, निर्णय लेने, भावनाओं को नियंत्रित करने और समन्वय जैसी क्रियाओं को धीमा कर देता है. यही कारण है कि कुछ लोग शराब पीने के बाद हल्कापन और ताजगी महसूस करते हैं. हालांकि, मात्रा बढ़ने के साथ इसका प्रभाव भी बढ़ता जाता है. बोलने में स्पष्टता नहीं रहती, प्रतिक्रियाएं धीमी हो जाती हैं और समन्वय कम हो जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google शरीर में होने वाली ‘गर्मी’ वैसी नहीं होती जैसा आप सोचते हैं. पेय पदार्थ पीने के बाद शरीर में गर्मी महसूस होना सामान्य बात है. यह रक्त वाहिकाओं के फैलने के कारण होता है. कुछ लोगों की त्वचा भी लाल हो सकती है। जैसा कि डॉ. निगम कहते हैं, इससे रक्तचाप थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन हृदय गति थोड़ी बढ़ सकती है. हालांकि, यह गर्मी वास्तविक नहीं होती. दरअसल, शरीर तेजी से गर्मी खोता है. इससे शरीर का आंतरिक तापमान कम हो जाता है। यही कारण है कि कुछ लोगों को चक्कर या बेचैनी महसूस हो सकती है. पेट और पाचन तंत्र पर प्रभाव पेय पदार्थ पेट में पहुंचने के बाद, इसका कुछ भाग वहीं अवशोषित होकर रक्त में पहुंच जाता है. शेष भाग छोटी आंत में जाता है और वहां अधिक तेज़ी से अवशोषित हो जाता है. इससे गैस्ट्रिक जूस का उत्पादन बढ़ सकता है और भूख व पाचन पर असर पड़ सकता है. चयापचय पर प्रभाव जैसे ही आप शराब पीते हैं, आपका लिवर उसे पचाने में जुट जाता है. डॉ. पाटिल के अनुसार, शरीर में प्रवेश करते ही अल्कोहल को तोड़ना लिवर का मुख्य कार्य बन जाता है. इससे वसा और अन्य पोषक तत्वों का चयापचय धीमा हो जाता है. यह रक्त शर्करा के स्तर को भी प्रभावित करता है. व्हिस्की की एक सामान्य मात्रा में लगभग 70 से 100 कैलोरी होती हैं. लेकिन ये शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान नहीं करतीं. ये केवल ऊर्जा प्रदान करती हैं. First Published : March 27, 2026, 12:06 IST

छतरपुर में 51 फीट हनुमान प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा:जानराय टोरिया में स्थापित हुई अष्टधातु की प्रतिमा; बागेश्वर महाराज बोले- जल्द एकांतवास में जाऊंगा

छतरपुर में 51 फीट हनुमान प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा:जानराय टोरिया में स्थापित हुई अष्टधातु की प्रतिमा; बागेश्वर महाराज बोले- जल्द एकांतवास में जाऊंगा

छतरपुर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जानराय टोरिया में 51 फीट ऊंची अष्टधातु से निर्मित भगवान हनुमान की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस समारोह में गुरुवार देर रात पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर महाराज) शामिल हुए और श्रद्धालुओं को संबोधित किया। महाराज ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं से कथा की सीख को जीवन में उतारने की अपील की और जल्द ही एकांतवास में जाने का संकेत दिया है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गुरुवार देर रात प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में पहुंचे बागेश्वर महाराज ने उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने विशाल प्रतिमा को लेकर कहा, “इतनी विशाल प्रतिमा की स्थापना केवल जिले के लिए ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए भी गौरव का विषय है।” केवल कथा सुनना पर्याप्त नहीं, आचरण परमात्मा तक पहुंचाता है अपने प्रवचन में महाराज ने जोर देकर कहा कि केवल मंदिर तक पहुंचना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्ति का आचरण ही उसे परमात्मा तक पहुंचाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि कथा सुनने मात्र से लाभ नहीं होता, बल्कि उससे सीख लेकर जीवन में उतारना आवश्यक है। भगवान की कथा को केवल कानों तक सीमित न रखकर उसे हृदय में उतारने का प्रयास करें। जल्द एकांतवास में जाने का दिया संकेत समारोह के दौरान प्रवचन देते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी संकेत दिया कि वे जल्द ही एकांतवास में जाने वाले हैं। उनके इस एकांतवास में जाने के संदेश ने कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं को काफी प्रभावित किया। देखिए तस्वीरें…

सरकार बोली- देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा:डर का माहौल न बनाएं; PM ने कहा था- जंग की चुनौती कोरोना जैसी, तैयार रहना होगा

सरकार बोली- देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा:डर का माहौल न बनाएं; PM ने कहा था- जंग की चुनौती कोरोना जैसी, तैयार रहना होगा

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। उन्होंने संसद के बाहर कहा- हालात काबू में हैं। पीएम मोदी खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। डर का माहौल न बनाएं। सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। प्रधानमंत्री ने चार दिन पहले संसद में कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। प्रधानमंत्री आज शाम सभी मुख्यमंत्रियों से बात भी करने वाले हैं। लॉकडाउन के सवाल पर रिजिजू का पूरा बयान पढ़िए सवाल: क्या देश में लॉकडाउन लगने वाला है? जवाब: नहीं, नहीं, ये सब कौन अफवाह उड़ा रहा है। पीएम ने साफ तौर पर कहा था कि पैनिक नहीं होना है। जमाखोरियों को चेतावनी दी है। राज्य सरकारों से कहा है कि कोई भी होर्डिंग न करे। भारत सरकार के कंट्रोल में पूरी स्थिति है। आम लोगों को तकलीफ न हो इसके लिए टॉप लेवल से लेकर नीचे लेवल तक यहां तक कि पीएम खुद मॉनीटर कर रहे हैं। हम इसे लगातार अपडेट कर रहे हैं…

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन:बीजेपी-कांग्रेस विधायकों में भी विवाद; राहुल को पप्पू कहने पर हाथापाई

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन:बीजेपी-कांग्रेस विधायकों में भी विवाद; राहुल को पप्पू कहने पर हाथापाई

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को ईरानी सुप्रीम लीडर खोमेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हुआ। नेशनल कांफ्रेस के नेता खोमेनेई की तस्वीर लेकर सदन के अंदर गए। वहां समर्थन में नारेबाजी की। इसके चलते सदन के अंदर अव्यवस्था बढ़ गई। इस बीच विधानसभा में कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच धक्का-मुक्की का भी वीडियो सामने आया। हालांकि ये विवाद भाजपा नेताओं के राहुल पर कमेंट को लेकर था। दरअसल कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज PM मोदी के खिलाफ नारे लगा रहे थे। जवाब में भाजपा विधायक युदवीर सेठी ने कहा, राहुल गांधी पप्पू हैं। जिसके बाद दोनों नेताओं में हाथापाई होने लगी। साथी मेंबर्स ने बीच-बचाव किया। असेंबली की कार्यवाही थोड़ी देर के लिए स्थगित कर दी गई। नेशनल कांफ्रेंस विधायक बोले- हम ईरान के साथ खड़े हैं नेशनल कांफ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने कहा, हम ईरान के साथ खड़े हैं। पूरी नेशनल कॉन्फ्रेंस और JK की पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। जैसे CM उमर अब्दुल्ला ने पिछली बार सिविल सोसाइटी में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा की थी। वैसे ही, आज हम सब यहां खड़े हैं। हम समझते हैं कि जिस तरह से अयातुल्ला अली खामेनेई को मारा गया। किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का कोई हक नहीं है। मुझे लगता है कि इस देश के टॉप लीडरशिप को इसकी निंदा करनी चाहिए। आज, हम ईरान के लोगों का सपोर्ट कर रहे हैं।