Wednesday, 14 Oct 2026 | 07:14 AM

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बालाघाट में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने निकाली रैली:जाति आधारित जनगणना और EVM बैन करने की मांग; 'भारत बंद' की चेतावनी दी

बालाघाट में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने निकाली रैली:जाति आधारित जनगणना और EVM बैन करने की मांग; 'भारत बंद' की चेतावनी दी

बालाघाट में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अंबेडकर चौक गार्डन से शुरू हुई यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां संगठनों ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन दिया। यह प्रदर्शन मोर्चा द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तीसरे चरण का हिस्सा था। ओबीसी जनगणना को बताया ‘हक की लड़ाई’ मोर्चा के प्रदेश महासचिव रामदास ठवकर ने रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर ओबीसी वर्ग के साथ ‘धोखा’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनगणना के कॉलम में ओबीसी की जाति आधारित गणना का विकल्प न होना इस वर्ग की वास्तविक संख्या और स्थिति को छुपाने की साजिश है। संगठन की प्रमुख मांग है कि आगामी जनगणना में जाति आधारित आंकड़ों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। EVM हटाओ और ‘टीईटी’ से मुक्ति की मांग प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने और ईवीएम (EVM) को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग दोहराई। इसके अलावा, संगठनों ने एससी, एसटी और ओबीसी के हितों के संरक्षण के लिए सख्त यूजीसी कानून लागू करने और 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की बाध्यता से मुक्त करने की पुरजोर वकालत की। 23 अप्रैल को ‘भारत बंद’ का आह्वान मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि उनकी संवैधानिक मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन के चौथे चरण में 23 अप्रैल को राष्ट्रव्यापी ‘भारत बंद’ का आयोजन किया जाएगा।

‘शीशमहल’ विवाद- केजरीवाल के सरकारी बंगले पर 342% ज्यादा खर्च:CAG रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां उजागर, काम पहले कराया मंजूरी बाद में मिली

‘शीशमहल’ विवाद- केजरीवाल के सरकारी बंगले पर 342% ज्यादा खर्च:CAG रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां उजागर, काम पहले कराया मंजूरी बाद में मिली

दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास 6, फ्लैगस्टाफ रोड के रिनोवेशन पर तय अनुमान से करीब 342% ज्यादा खर्च किया गया। यह खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस काम की अनुमानित लागत करीब 7.91 करोड़ रुपए थी, लेकिन अंतिम खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपए महंगे इंटीरियर, सजावटी और एंटीक सामान पर खर्च किए गए। यह रिपोर्ट सोमवार को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई। CAG रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे प्रोजेक्ट में नियमों की अनदेखी, फंड के गलत उपयोग और लागत में भारी बढ़ोतरी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। स्टाफ ब्लॉक बना ही नहीं CAG ने पाया कि रिनोवेशन का काम पूरा होने के दो महीने बाद 9.34 करोड़ रुपए की प्रशासनिक मंजूरी दी गई, जो नियमों का उल्लंघन है। इससे बिना अनुमति के खर्च की स्थिति बनी। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टाफ ब्लॉक और कैंप ऑफिस के लिए मंजूर 19.87 करोड़ रुपए का सही उपयोग नहीं हुआ। स्टाफ ब्लॉक बना ही नहीं, इसके बजाय कहीं और 7 सर्वेंट क्वार्टर बना दिए गए। वहीं, कैंप ऑफिस को स्थायी के बजाय अस्थायी (सेमी-परमानेंट) बना दिया गया और वह भी अधूरा रह गया। बढ़ाया गया एरिया और बदले गए डिजाइन काम के दौरान बंगले का क्षेत्रफल 1397 वर्गमीटर से बढ़ाकर 1905 वर्गमीटर कर दिया गया। साथ ही, कई महंगे और विशेष डिजाइन वाले सामान लगाए गए, जिससे लागत और बढ़ गई। पीडब्ल्यूडी ने कार्य को अत्यावश्यक घोषित किया गया था। एक ही ठेकेदार को काम, चार बार बदला अनुमान रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अतिरिक्त काम के लिए नया टेंडर नहीं निकाला गया और एक ही ठेकेदार को करीब 25.80 करोड़ रुपए का काम दे दिया गया। PWD ने खर्च को समायोजित करने के लिए अनुमान (एस्टिमेट) को चार बार संशोधित किया। फ्लैगस्टाफ बंगला, जहां केजरीवाल 2015 से 2024 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में रहे, को भाजपा ने “शीश महल” नाम दिया था। भाजपा ने एक दशक बाद दिल्ली में आम आदमी पार्टी को सत्ता से बेदखल कर दिया। रिपोर्ट में कहा गया है, रिनोवेशन का काम अनुमानित लागत से 13.21 प्रतिशत अधिक यानी 8.62 करोड़ रुपए में आवंटित किया गया था, लेकिन अंततः यह अनुमानित लागत से 342.31 प्रतिशत अधिक यानी 33.66 करोड़ रुपए में पूरा हुआ। केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उसकी 8 तस्वीरें…

IPL गाइडलाइन- मैच के दिन प्रैक्टिस पर रोक:फिटनेस टेस्ट नहीं, जर्सी नंबर बदलने पर बताना होगा; ड्रेसिंग रूम में सिर्फ स्टाफ को एंट्री

IPL गाइडलाइन- मैच के दिन प्रैक्टिस पर रोक:फिटनेस टेस्ट नहीं, जर्सी नंबर बदलने पर बताना होगा; ड्रेसिंग रूम में सिर्फ स्टाफ को एंट्री

IPL 2026 के लिए BCCI ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत मैच के दिन कोई भी टीम प्रैक्टिस नहीं कर सकेगी। साथ ही खिलाड़ियों के लिए मैच-डे पर फिटनेस टेस्ट नहीं होगा। वहीं जर्सी नंबर बदलने से 24 घंटे पहले जानकारी देनी होगी और ड्रेसिंग रूम में सिर्फ स्टाफ को ही एंट्री मिलेगी। IPL की शुरुआत 28 मार्च से होगी। पहला मैच डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खेला जाएगा। BCCI ने 11 मार्च को IPL 2026 के पहले फेज का शेड्यूल जारी किया है। विरोधी टीम के नेट्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टीमों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। यहां दोनों टीमों को प्रैक्टिस के लिए अलग-अलग विकेट मिलेंगे और कोई भी टीम विरोधी टीम के विकेट का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। प्रैक्टिस से जुड़े मुख्य नियम हर टीम को प्रैक्टिस एरिया में दो नेट और मुख्य स्क्वायर पर एक साइड विकेट दिया जाएगा। मुंबई में यदि दोनों टीमें एक साथ अभ्यास करती हैं, तो उन्हें दो-दो विकेट दिए जाएंगे। ओपन नेट की अनुमति नहीं होगी, जिससे अभ्यास व्यवस्थित रहे। साथ ही, अगर कोई टीम अपनी प्रैक्टिस जल्दी खत्म कर देती है, तो दूसरी टीम उसके विकेट का उपयोग नहीं कर सकेगी। सबसे अहम नियम यह है कि मैच के दिन किसी भी प्रकार की प्रैक्टिस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। मैच के दिन फिटनेस टेस्ट नहीं होगा मैच के दिन मुख्य स्क्वायर पर किसी भी तरह का फिटनेस टेस्ट नहीं किया जाएगा। खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए टीम बस से ही आना होगा, हालांकि जरूरत पड़ने पर उन्हें दो बैच में लाया जा सकता है। खिलाड़ियों के परिवार और दोस्त अलग वाहन से आएंगे और केवल हॉस्पिटैलिटी एरिया से ही प्रैक्टिस देख पाएंगे। ड्रेसिंग रूम और मैदान पर सिर्फ अधिकृत स्टाफ को ही प्रवेश की अनुमति होगी, ताकि सुरक्षा और अनुशासन बना रहे। स्टाफ को एक्रेडिटेशन कार्ड रखना होगा मैच के दिन सभी अधिकृत स्टाफ के लिए एक्रेडिटेशन कार्ड साथ रखना अनिवार्य होगा, अन्यथा जुर्माना लगाया जाएगा। खिलाड़ियों को LED बोर्ड के पास बैठने या गेंद हिट करने से बचने की सलाह दी गई है। ब्रॉडकास्ट के नियमों के तहत शुरुआती ओवरों में ऑरेंज और पर्पल कैप पहनना जरूरी होगा। इसके अलावा, पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान स्लीवलेस जर्सी या फ्लॉपी पहनने की अनुमति नहीं होगी। मैच के दिन केवल 12 सपोर्ट स्टाफ (जिसमें डॉक्टर भी शामिल है) को ही टीम के साथ रहने की अनुमति मिलेगी। जर्सी नंबर बदलने की जानकारी देनी होगी टीमों को अपने खिलाड़ियों के जर्सी नंबर में किसी भी बदलाव की जानकारी कम से कम 24 घंटे पहले देनी होगी। इन सभी नए नियमों का उद्देश्य मैच के दौरान अनुशासन बनाए रखना और सभी टीमों के लिए समान परिस्थितियां सुनिश्चित करना है। ————————– क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्डफ्लाइट वाली खबर को नकारा IPL 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज विराट कोहली ने लंदन आने-जाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मांगने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताते हुए इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। पढ़ें पूरी खबर…

उदयपुर के अरुण बने इंटरनेशनल रैपिड शतरंज चैंपियन:उज्जैन में आयोजित प्रतियोगिता में 8.5 अंक से जीता खिताब

उदयपुर के अरुण बने इंटरनेशनल रैपिड शतरंज चैंपियन:उज्जैन में आयोजित प्रतियोगिता में 8.5 अंक से जीता खिताब

उदयपुर के फिडे मास्टर अरुण कटारिया ने उज्जैन में आयोजित फर्स्ट रायसोनी मेमोरियल इंटरनेशनल फिडे रेटिंग रैपिड शतरंज प्रतियोगिता का खिताब जीत लिया है। उन्होंने 8.5 अंक हासिल कर यह उपलब्धि अपने नाम की। दो दिवसीय यह प्रतियोगिता उज्जैन के कान्हा परिसर, इंदौर रोड पर संपन्न हुई। इसमें देशभर के दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिसमें 129 रेटेड खिलाड़ियों के साथ बड़ी संख्या में अनरेटेड खिलाड़ी भी शामिल थे। टूर्नामेंट के दूसरे दिन सुबह 10 बजे से शुरू हुए मुकाबले नौवें और अंतिम राउंड तक रोमांचक उतार-चढ़ाव के साथ चले। अंततः अरूण कटारिया ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। नागपुर के जय सवालखे 8 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि भोपाल के मितांश दीक्षित ने तीसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में खंडवा के वैभव तोमर चौथे स्थान पर रहे। शीर्ष 10 खिलाड़ियों में बिहार के मोहित कुमार सोनी, इंदौर के अजय विरवानी, भोपाल के अश्विन डेनियल, कटनी के प्रखर बजाज, ग्वालियर के रूपेश कांत और रतलाम के मृदुहास त्रिपाठी शामिल थे। 5 से 80 साल तक के खिलाड़ी हुए शामिल इस प्रतियोगिता की एक खास बात यह रही कि इसमें 5 साल से लेकर 80 साल तक के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिससे इसकी विविधता और बढ़ गई। ग्रैंड मास्टर हिमांशु शर्मा, फिडे मास्टर अरूण कटारिया और अभिषेक दास सहित कई कैंडिडेट मास्टर खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टूर्नामेंट के स्तर को और ऊंचा किया। विजेताओं को क्रमशः 31 हजार, 25 हजार और 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। विभिन्न श्रेणियों में 50 से अधिक खिलाड़ियों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। विभिन्न श्रेणियों में दिए पुरस्कार इस आयोजन को अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ), भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) और एमपी चैस एडहॉक कमेटी के मार्गदर्शन में उज्जयिनी जिला शतरंज संघ द्वारा संपन्न कराया गया। उज्जयिनी जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष संदीप कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अनरेटेड प्लेयर्स, बेस्ट प्लेयर अबाउ 19, सीनियर बेस्ट प्लेयर, बेस्ट उज्जैन प्लेयर, बेस्ट अंडर 19 ब्वायस् एंड गर्ल्स, बेस्ट अंडर 15 ब्वायस् एंड गर्ल्स, बेस्ट अंडर 13 ब्वायस् एंड गर्ल्स, बेस्ट अंडर 11 ब्वायस् एंड गर्ल्स, बेस्ट अंडर 09 ब्वायस् एंड गर्ल्स, बेस्ट अंडर 7 ब्वायज एंड गर्ल्स जैसी विभिन्न श्रेणियों में भी पुरस्कार दिए गए।

भांडेर में सीएम दौरे से पहले बैनर विवाद, फायरिंग हुई:भाजपा-कांग्रेस के नेता भिड़े, 2-3 राउंड फायरिंग की चर्चा

भांडेर में सीएम दौरे से पहले बैनर विवाद, फायरिंग हुई:भाजपा-कांग्रेस के नेता भिड़े, 2-3 राउंड फायरिंग की चर्चा

दतिया जिले के भांडेर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे से एक दिन पहले सोमवार को सियासी माहौल उस समय गरमा गया, जब बैनर-पोस्टर लगाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि मौके पर 2 से 3 राउंड फायरिंग होने की सूचना है। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना दोपहर करीब 1:25 बजे की बताई जा रही है। विवाद के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना से जुड़े 2-3 वीडियो भी सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग हथियारों के साथ छीना-झपटी करते नजर आ रहे हैं। बीजेपी-कांग्रेस के नेता भिड़ गए थे जानकारी के अनुसार, यह विवाद भाजपा के युवा नेता लालू यादव (निवासी भांडेर) और कांग्रेस के युवा नेता अजय यादव (निवासी गोदन) के बीच हुआ। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं भी तेज हैं कि आखिर कांग्रेस नेता द्वारा भाजपा के बैनर-पोस्टर लगाने को लेकर विवाद क्यों हुआ। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन का रुख भी सवालों के घेरे में है। जब वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए गोलमोल प्रतिक्रिया दी। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास जारी हैं। सीएम के कार्यक्रम से ठीक पहले हुई इस घटना ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल वीडियो और फायरिंग की सूचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

Health Tips : डेंगू और मलेरिया में क्या अंतर? 99% लोग नहीं जानते ये बात, एक गंदे पानी का दीवाना, दूसरे को चाहिए साफ

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Last Updated:March 23, 2026, 18:36 IST Dengue and malaria difference : मौसम बदलने के साथ डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ने लगे है. अस्पतालों में भीड़ बढ़ गई है. इन दोनों बीमारी के लक्षण एक-दूसरे से मिलते जुलते हैं. ऐसे में कई लोग जान नहीं पाते कि उन्हें डेंगू हुआ है या मलेरिया. हालांकि कुछ खास लक्षणों से आप डेंगू और मलेरिया में अंतर पता कर सकते है. लोकल 18 ने इस बारे में आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल से बात की. वे बताते हैं कि डेंगू और मलेरिया दोनों मच्छर से होने वाली बीमारियां हैं. डेंगू एडीज मच्छर से पनपता है, जबकि मलेरिया परजीवी एनोफिलीज मच्छर से होता है. आगरा. बदलते मौसम के कारण डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ने लगे है. अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है. दोनों बीमारी के लक्षण एक-दूसरे से मिलते जुलते हैं. कुछ खास लक्षणों से आप डेंगू और मलेरिया में अंतर पता कर सकते है. आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने दोनों बीमारी के लक्षणों के बारे में लोकल 18 से बताया. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि डेंगू और मलेरिया दोनों मच्छर से होने वाली बीमारियां हैं. कई मामलो में इनके कारण और लक्षण अलग-अलग होते है. डेंगू वायरस (एडीज मच्छर) से होता है, जिसमें तेज बखार, जोड़ों में दर्द, हड्डी तोड़ बुखार और प्लेटलेटस तेजी से कम होने लगती है. डॉ. आशीष ने बताया कि मलेरिया परजीवी (एनोफिलीज मच्छर) से होता है, जिसमें ठंड लगकर बुखार आता है. मलेरिया में मरीज को तेज ठंड लगती है. डेंगू साफ पानी में पनपता है, जबकि मलेरिया गंदे पानी में पाया जाता है. डेंगू में क्या करें डॉ. आशीष बताते हैं कि डेंगू का मुख्य लक्षण तेज फीवर और हड्डी तोड़ दर्द है. शरीर में चुबन सी महसूस होती है. इसमें अचानक तेज बुखार आना, भयंकर सिरदर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द, जी मचलना, उल्टी आने का मन करना और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाना भी शामिल हैं. डेंगू से बचने के लिए पर्याप्त आराम करना (भरपूर नींद ) बेहद जरूरी है. अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे नारियल पानी, नींबू पानी, जूस और कम से कम दिन में 4 लीटर पानी पीना चाहिए. फीवर आने पर पैरासिटामोल का सेवन किया जा सकता है. यदि फीवर दो दिन से अधिक है तो मेडिसिन न खाएं. नजदीकी चिकित्सक को दिखाएं और उनकी सलाह अनुसार उपचार शुरू करें. मलेरिया में क्या करें डॉ. आशीष बताते हैं कि मलेरिया में मरीज को अचानक तेज ठंड का अहसास होगा और साथ में बुखार भी आएगा. डेंगू कि तरह ही कुछ लक्षण समान होते हैं, लेकिन डेंगू में मरीज को तेज ठंड नहीं लगती है. मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है. इसके प्रमुख लक्षणों में तेज कंपकंपी के साथ तेज बुखार आना, सिरदर्द दर्द होना, उल्टी और थकान महसूस होना है. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, आसपास पानी जमा न होने दें, और समय समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करते रहें. यह एक जानलेवा बीमारी हो सकती है, इसलिए लक्षण दिखने पर तुंरत जांच कराएं. मेडिकल स्टोर से दवा न लें. तत्काल नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लें. उसके बाद उपचार शुरू करें. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : March 23, 2026, 18:36 IST

तमिलनाडु में ‘धुरंधर 2’ पर बैन की मांग:मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा मामला, विधानसभा चुनाव से पहले फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग उठी

तमिलनाडु में ‘धुरंधर 2’ पर बैन की मांग:मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा मामला, विधानसभा चुनाव से पहले फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग उठी

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब तमिलनाडु में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग उठी है, जिसके बाद मामला मद्रास हाईकोर्ट पहुंच गया है। चुनावी माहौल के बीच इस फिल्म की रिलीज को लेकर आपत्ति जताई गई है। Daily Thanthi की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडवोकेट शीला ने मद्रास हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए फिल्म पर बैन लगाने की अपील की। याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म की कहानी और विषय राजनीतिक प्रकृति के हैं, ऐसे में चुनाव से ठीक पहले इसका प्रदर्शन आचार संहिता का उल्लंघन कर सकता है। हालांकि कोर्ट ने इस मौखिक अपील पर तुरंत रोक लगाने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले में अगला फैसला याचिका दाखिल होने के बाद ही लिया जाएगा। तमिलनाडु में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में किसी भी राजनीतिक या संवेदनशील कंटेंट वाली फिल्म को लेकर प्रशासन और अदालत दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि फिल्म की रिलीज टाइमिंग पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। फिल्म ‘धुरंधर 2’ पहले से ही कई विवादों में घिरी हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके कंटेंट को लेकर विरोध हो चुका है। कुछ नेताओं और संगठनों ने इसे प्रोपेगेंडा तक बताया है, जबकि कई दर्शकों ने भी फिल्म की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा तमिलनाडु में फिल्म के शोज भी पहले रद्द होने की खबरें सामने आई थीं। बताया गया कि सेंसर और कंटेंट से जुड़े विवादों के कारण कई थिएटरों में स्क्रीनिंग प्रभावित हुई, जिससे दर्शकों को टिकट रिफंड तक देना पड़ा। ‘धुरंधर 2’ एक पैन-इंडिया फिल्म है, जिसे हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज किया गया है। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, लेकिन विवाद इसकी राह में लगातार अड़चन पैदा कर रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर मद्रास हाईकोर्ट के अगले कदम पर टिकी है। अगर कोर्ट इस मामले में सुनवाई स्वीकार करता है, तो तमिलनाडु में फिल्म की रिलीज पर असर पड़ सकता है। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि चुनावी समय में फिल्मों पर इस तरह के विवाद भविष्य के लिए एक मिसाल बन सकते हैं।

तमिलनाडु में ‘धुरंधर 2’ पर बैन की मांग:मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा मामला, विधानसभा चुनाव से पहले फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग उठी

तमिलनाडु में ‘धुरंधर 2’ पर बैन की मांग:मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा मामला, विधानसभा चुनाव से पहले फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग उठी

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब तमिलनाडु में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग उठी है, जिसके बाद मामला मद्रास हाईकोर्ट पहुंच गया है। चुनावी माहौल के बीच इस फिल्म की रिलीज को लेकर आपत्ति जताई गई है। Daily Thanthi की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडवोकेट शीला ने मद्रास हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए फिल्म पर बैन लगाने की अपील की। याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म की कहानी और विषय राजनीतिक प्रकृति के हैं, ऐसे में चुनाव से ठीक पहले इसका प्रदर्शन आचार संहिता का उल्लंघन कर सकता है। हालांकि कोर्ट ने इस मौखिक अपील पर तुरंत रोक लगाने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले में अगला फैसला याचिका दाखिल होने के बाद ही लिया जाएगा। तमिलनाडु में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में किसी भी राजनीतिक या संवेदनशील कंटेंट वाली फिल्म को लेकर प्रशासन और अदालत दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि फिल्म की रिलीज टाइमिंग पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। फिल्म ‘धुरंधर 2’ पहले से ही कई विवादों में घिरी हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके कंटेंट को लेकर विरोध हो चुका है। कुछ नेताओं और संगठनों ने इसे प्रोपेगेंडा तक बताया है, जबकि कई दर्शकों ने भी फिल्म की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा तमिलनाडु में फिल्म के शोज भी पहले रद्द होने की खबरें सामने आई थीं। बताया गया कि सेंसर और कंटेंट से जुड़े विवादों के कारण कई थिएटरों में स्क्रीनिंग प्रभावित हुई, जिससे दर्शकों को टिकट रिफंड तक देना पड़ा। ‘धुरंधर 2’ एक पैन-इंडिया फिल्म है, जिसे हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज किया गया है। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, लेकिन विवाद इसकी राह में लगातार अड़चन पैदा कर रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर मद्रास हाईकोर्ट के अगले कदम पर टिकी है। अगर कोर्ट इस मामले में सुनवाई स्वीकार करता है, तो तमिलनाडु में फिल्म की रिलीज पर असर पड़ सकता है। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि चुनावी समय में फिल्मों पर इस तरह के विवाद भविष्य के लिए एक मिसाल बन सकते हैं।

पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर वेयरहाउसिंग अधिकारी की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार | राजनीति समाचार

Several people are feared to have been injured after an incoming Air Canada Express CRJ-900 flight and a fire engine collided on runway 4 of the airport.

आखरी अपडेट:मार्च 23, 2026, 18:11 IST अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा ने कथित तौर पर एक वीडियो में भुल्लर द्वारा उत्पीड़न का दावा करने के बाद शनिवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। लालजीत सिंह भुल्लर. (एक्स के माध्यम से छवि) पंजाब के पूर्व मंत्री और आप विधायक लालजीत सिंह भुल्लर को पंजाब राज्य भंडारण निगम के एक अधिकारी की कथित आत्महत्या के मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा ने कथित तौर पर ऑनलाइन प्रसारित एक वीडियो में भुल्लर द्वारा उत्पीड़न का दावा करने के बाद शनिवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भुल्लर द्वारा उत्पीड़न का दावा किया, जिन्होंने विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर उसी दिन बाद में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। पुलिस ने शनिवार रात भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और निजी सहायक दिलबाग सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया। इससे पहले दिन में, रंधावा के परिवार ने पंजाब सरकार को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया था। रंधावा का परिवार पहले ही कह चुका है कि जब तक भुल्लर की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे पोस्टमार्टम और दाह संस्कार नहीं होने देंगे। सोमवार को अमृतसर में मीडिया से बात करते हुए रंधावा के परिवार ने भुल्लर की अब तक गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई और मांग की कि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए. रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर, जो एक विज्ञान शिक्षिका हैं, ने कहा, “यह मेरा अल्टीमेटम है कि अगर 24 घंटे के भीतर कुछ नहीं किया गया, तो मैं अपने बच्चों (दो बेटियों और एक बेटे) के साथ सड़कों पर आ जाऊंगी।” सोमवार को सोशल मीडिया पर एक कथित सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें रंधावा जहरीला पदार्थ खाते हुए दिख रहे हैं। पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने पहले ही आप सरकार पर हमला बोल दिया है (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) जगह : पंजाब, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 23, 2026, 18:11 IST समाचार राजनीति पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर वेयरहाउसिंग अधिकारी की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी(टी)पंजाब के मंत्री आत्महत्या मामला(टी)गगनदीप सिंह रंधावा आत्महत्या(टी)आप विधायक लालजीत सिंह भुल्लर(टी)पंजाब राज्य भंडारण निगम के अधिकारी की मौत(टी)आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला पंजाब(टी)भगवंत मान सरकार विवाद(टी)विपक्ष ने पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी की मांग की

पेट भरा और फिट महसूस करना चाहते हैं? पाचन, इम्यूनिटी और वजन नियंत्रण में मददगार, जानिए चौंकाने वाले फायदे

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Last Updated:March 23, 2026, 18:06 IST अनन्नास स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है. इसमें पाचन, इम्यूनिटी और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी पोषक तत्व मौजूद हैं. गर्मियों में जूस के रूप में सेवन करने पर यह शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी प्रदान करता है. स्वादिष्ट फल अनन्नास न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. पोषक तत्वों से भरपूर यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. यदि संतुलित मात्रा में अनन्नास का सेवन किया जाए तो यह शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचा सकता है. अनन्नास एक ऐसा फल है जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है. यदि इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जाए, तो यह शरीर को अंदर से मजबूत और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. पाचन तंत्र के लिए भी अनन्नास बेहद लाभकारी है. इसमें ब्रोमेलिन नामक एंजाइम पाया जाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है और पेट में गैस, अपच व सूजन जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. जिन लोगों को कब्ज या भारीपन की शिकायत रहती है, उनके लिए अनन्नास का सीमित सेवन फायदेमंद हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि अनन्नास में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है. बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचाव में यह फल काफी कारगर माना जाता है. इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है. हड्डियों की मजबूती के लिए भी अनन्नास अच्छा विकल्प है. इसमें मैंगनीज, कैल्शियम और अन्य जरूरी खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह फल लाभकारी माना जाता है. वजन कम करने की चाह रखने वालों के लिए भी अनन्नास एक बेहतर विकल्प है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती. इसके नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है. डॉक्टर के मुताबिक अनन्नास का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में खाने से कुछ लोगों को एसिडिटी या एलर्जी की समस्या हो सकती है. खासकर गर्भवती महिलाओं और किसी विशेष बीमारी से ग्रसित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए. अनानास का जूस पीने से गर्मी के मौसम में शरीर में ठंडक रहती है और इसके ठोस भाग को खाने की अपेक्षा यदि इसके जूस को पिया जाए तो यह शरीर में काफी लाभ पहुंचता है. ऐसे में अनानास का सेवन न सिर्फ हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे हमारे शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है. First Published : March 23, 2026, 18:06 IST