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रात के डिनर में रोटी खाएं या चावल? अगर आप भी डाइट को लेकर रहते हैं कंफ्यूज, तो यहां जानें सही जवाब

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Last Updated:March 23, 2026, 18:02 IST Sultanpur News: खाने-पीने को लेकर लोग अक्सर सतर्क रहते हैं. कभी-कभी तो लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि रात में चावल खाएं या रोटी, इसी को लेकर एक्सपर्ट ने खास सलाह दी और बताया कि रात में रोटी खाना बेहतर होगा या चावल खाना. सुल्तानपुर: हमारा खान-पान हमारी सेहत पर सीधा असर डालता है. ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि रात में यदि रोटी खाई जाए, तो उनके शरीर के लिए फायदेमंद होगा. वहीं कुछ लोग चावल खाने से बचते भी हैं. ऐसे में रात में चावल खाना बेहतर होता है या फिर रोटी खाना, इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए आज हम एक्सपर्ट से जानेंगे, क्योंकि दोनों ही हमारे रोजमर्रा के आहार का अहम हिस्सा है, लेकिन सही समय और सही मात्रा में लेने से ही इनके फायदे मिलते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं रात में चावल खाना बेहतर होता है या फिर रोटी. रात को रोटी खाने के फायदे और नुकसानसुल्तानपुर के जनरल फिजिशियन डॉ. प्रशांत कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि रोटी, खासकर गेहूं की, फाइबर से भरपूर होती है. यह धीरे-धीरे पचती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है. रात को रोटी खाने से देर रात भूख नहीं लगती और नींद भी अच्छी आती है. डायबिटीज़ और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए रोटी चावल की तुलना में बेहतर विकल्प मानी जाती है. हालांकि ज्यादा रोटियां खाने से पाचन पर दबाव पड़ सकता है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. रात को चावल खाने के फायदे और नुकसानचावल आसानी से पचने वाला भोजन माना जाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होता है, जिससे जल्दी ऊर्जा मिलती है. रात को अगर हल्का और जल्दी पचने वाला खाना चाहिए, तो चावल एक अच्छा विकल्प है. लेकिन सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे यह जल्दी ब्लड शुगर लेवल बढ़ाता है. डायबिटीज़ या वजन कम करने वाले लोगों को रात में ज्यादा चावल खाने से बचना चाहिए. हालांकि ब्राउन राइस या कम मात्रा में चावल लेना ठीक रहता है. रात को चावल और रोटी दोनों ही खाए जा सकते हैं, लेकिन मात्रा और किस्म का ध्यान रखना जरूरी है. ब्राउन राइस या मल्टीग्रेन रोटी जैसे हेल्दी विकल्प ज्यादा फायदेमंद होते हैं. दरअसल सही चुनाव आपके स्वास्थ्य की स्थिति और ज़रूरतों पर निर्भर करता है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रात के भोजन में हल्का, संतुलित और पचने में आसान खाना लेना ही सबसे अच्छा होता है. लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य के हिसाब से चुनावअगर किसी व्यक्ति को दिनभर ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ी हो और रात को जल्दी पचने वाला हल्का भोजन चाहिए, तो सीमित मात्रा में चावल लेना सही रहेगा. वहीं, अगर व्यक्ति को देर तक पेट भरा हुआ चाहिए और वजन कंट्रोल करना है, तो रोटी बेहतर मानी जाती है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी रोटी पचने में थोड़ी भारी हो सकती है, इसलिए उन्हें हल्का चावल दिया जा सकता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : March 23, 2026, 18:02 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

World TB Day 2026: खांसी, बलगम में खून आने जैसे 5 संकेतों को न करें इग्नोर, ये हो सकते हैं टीबी के लक्षण

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Last Updated:March 23, 2026, 17:26 IST Tuberculosis Symptoms: टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसके लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. अगर किसी व्यक्ति को 3 सप्ताह से ज्यादा लगातार खांसी, बलगम में खून, वजन घटना और रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखें, तो यह टीबी का संकेत हो सकता है. समय पर जांच और प्रॉपर ट्रीटमेंट से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है. टीबी एक खतरनाक बीमारी है, जो फेफड़ों और शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है. TB Symptoms and Treatment: हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड ट्यूबरकुलोसिस डे (World Tuberculosis Day) मनाया जाता है. इसक दिन का उद्देश्य लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करना और इसे खत्म करने का प्रयास करना है. टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है. हालांकि यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है और इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है. समय पर पहचान और सही इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. समस्या तब होती है, जब लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य खांसी, सर्दी या प्रदूषण का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही बीमारी को गंभीर बना देती है और दूसरों तक फैलने का खतरा भी बढ़ा देती है. नई दिल्ली के जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. भगवान मंत्री ने News18 को बताया कि लगातार 3 सप्ताह या उससे अधिक समय तक रहने वाली खांसी टीबी का सबसे कॉमन और शुरुआती संकेत है. यह खांसी सूखी भी हो सकती है और बलगम वाली भी हो सकती है. फेफड़ों में मौजूद बैक्टीरिया श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे बार-बार खांसी आती है. अगर सामान्य दवाओं या कफ सिरप से राहत नहीं मिल रही है, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत जांच करवाएं. डॉक्टर ने बताया कि खांसी के साथ खून आना एक गंभीर चेतावनी संकेत है. जब संक्रमण फेफड़ों के टिश्यूज को नुकसान पहुंचाता है, तो ब्लड वेसल्स प्रभावित हो सकती हैं, जिससे बलगम में खून दिखाई देता है. भले ही खून की मात्रा कम हो, इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. इसके अलावा टीबी के कारण फेफड़ों में सूजन और संक्रमण बढ़ने लगता है, जिससे सीने में दर्द महसूस होता है. यह दर्द गहरी सांस लेने या खांसने पर ज्यादा बढ़ सकता है. साथ ही सांस लेने में तकलीफ भी होने लगती है, जिससे रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. एक्सपर्ट की मानें तो बिना किसी खास कारण के तेजी से वजन कम होना और भूख में कमी आना भी टीबी का संकेत हो सकता है. शरीर संक्रमण से लड़ने में अधिक एनर्जी खर्च करता है, जिससे कमजोरी और थकान बढ़ जाती है. यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके अलावा टीबी के मरीजों में अक्सर शाम या रात के समय हल्का बुखार रहता है. इसके साथ ही रात में अत्यधिक पसीना आना भी एक खास लक्षण है. यह दर्शाता है कि शरीर का इम्यून सिस्टम संक्रमण से लड़ने की कोशिश कर रहा है, जिससे व्यक्ति को लगातार थकान महसूस होती है. डॉक्टर ने बताया कि टीबी बैक्टीरिया से होने वाली एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसे ट्रीटमेंट के जरिए पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. भारत में सरकारी योजनाओं के तहत इसका मुफ्त इलाज उपलब्ध है. जरूरी है कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं, इलाज पूरा करें और बीच में दवा न छोड़ें. इस बीमारी का अगर शुरुआती स्टेज में पता चल जाए, तो इसे खत्म करना आसान होता है. टीबी की बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को जानना जरूरी है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 23, 2026, 17:26 IST

कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से कैंटीन-चौपाटी-ढाबे बंद:रीवा में सैकड़ों लोगों पर रोजगार का संकट, रेस्टोरेंट्स के बाहर लगे अस्थाई बंद के नोटिस

कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से कैंटीन-चौपाटी-ढाबे बंद:रीवा में सैकड़ों लोगों पर रोजगार का संकट, रेस्टोरेंट्स के बाहर लगे अस्थाई बंद के नोटिस

रीवा में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर की कई कैंटीन, रेस्टोरेंट, चौपाटी और ढाबे बंद होने लगे हैं। इस संकट का सीधा असर कारोबारियों की आय पर पड़ रहा है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि जहां पहले वे महीनेभर में संतोषजनक कमाई कर लेते थे, वहीं अब कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। दुकानें बंद होने की वजह से बड़ी संख्या में काम करने वाले लोग बेरोजगार होने लगे हैं। गैस की कमी के चलते भोजन तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा, जिससे ग्राहकों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। शहर के कई रेस्टोरेंट्स के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं, जिनमें साफ लिखा है कि सिलेंडर की कमी के चलते संस्थान अस्थायी रूप से बंद किया गया है। रीवा की चौपाटी, जो आमतौर पर 24 घंटे गुलजार रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। संचालकों का कहना है कि हालात लॉकडाउन से भी बदतर होते जा रहे हैं। कुछ संचालक कोयले भट्टी का ले रहे सहारा कुछ रेस्टोरेंट संचालक मजबूरी में गैस के विकल्प के रूप में कोयले और लकड़ी का सहारा लेकर काम चला रहे हैं। हालांकि, इससे लागत बढ़ रही है और धुएं के कारण कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि फिलहाल कारोबार को किसी तरह बचाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। कलेक्टर बोलीं- आपूर्ती को सामान्य करने की कोशिश कर रहे रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मामले में कहा कि कमर्शियल और एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों की कैंटीन और रेस्टोरेंट में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल, रेस्टोरेंट संचालकों की स्थिति बेहद कठिन बनी हुई है और कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर हैं। अब देखना होगा कि गैस आपूर्ति कब तक पूरी तरह सामान्य होती है और कारोबार फिर से पटरी पर लौट पाता है।

14KG के सिलेंडर में 10KG घरेलू गैस देने की तैयारी:दाम भी घटेंगे, ईरान युद्ध के चलते तेल कंपनियों का स्टॉक बचाने का प्लान

14KG के सिलेंडर में 10KG घरेलू गैस देने की तैयारी:दाम भी घटेंगे, ईरान युद्ध के चलते तेल कंपनियों का स्टॉक बचाने का प्लान

सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अब घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के LPG गैस सिलेंडर में 10 किलो गैस भरकर देने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद लिमिटेड स्टॉक को ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही सिलेंडर के दाम भी कम किए जा सकते हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, तेल कंपनियों का मानना है कि 14.2 किलो का सिलेंडर औसतन 35 से 40 दिन चलता है। अगर इसमें सिर्फ 10 किलो गैस भरी जाए, तो एक परिवार का काम लगभग एक महीने तक चल जाएगा। इससे जो गैस बचेगी, उसे उन घरों तक पहुंचाया जा सकेगा जहां किल्लत है। मिडिल-ईस्ट जंग से LPG गैस की किल्लत बढ़ सकती है तेल कंपनियों के पास अब ज्यादा रास्ते नहीं बचे हैं, क्योंकि खाड़ी देशों (मिडिल-ईस्ट) से गैस की नई खेप भारत नहीं आ पा रही है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के कारण हालात बिगड़ गए हैं। हाल ही में ईरान ने वहां के एनर्जी प्लांट्स पर मिसाइल हमले किए, जिससे गैस उत्पादन को नुकसान हुआ है। इसके अलावा, होर्मुज रूट भी बंद है, जहां से गैस के जहाज भारत आते हैं। इससे आने वाले दिनों में भारत में LPG की किल्लत और ज्यादा बढ़ सकती है। इसी संकट को देखते हुए तेल कंपनियों ने सिलेंडर में गैस कम करने का फैसला लेने का प्लान बना रही है। सिलेंडर के दाम भी घटेंगे, पहचान के लिए स्टिकर लगेगा अगर यह योजना लागू होती है, तो सिलेंडर की कीमतें भी उसी अनुपात में कम की जाएंगी। अभी दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत ₹913 और मुंबई में ₹912.50 है। 10 किलो गैस मिलने पर ग्राहकों को कम पैसे चुकाने होंगे। पहचान के लिए इन सिलेंडरों पर एक नया स्टिकर लगाया जाएगा, जिस पर गैस की सही मात्रा लिखी होगी। बॉटलिंग प्लांट्स में होगा बदलाव: सिस्टम रीकैलिब्रेट करने की जरूरत इस बदलाव को लागू करना इतना आसान भी नहीं है। बॉटलिंग प्लांट्स को अपने वजन करने वाले सिस्टम को फिर से सेट करना होगा। साथ ही इसके लिए कई रेगुलेटरी मंजूरियों की भी जरूरत पड़ेगी। अधिकारियों को डर है कि अचानक इस बदलाव से लोगों में भ्रम और विरोध की स्थिति पैदा हो सकती है, खासकर तब जब कुछ राज्यों में चुनाव नजदीक हैं। सप्लाई की स्थिति चिंताजनक: 6 टैंकर फारस की खाड़ी में फंसे पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने पिछले हफ्ते कई बार कहा कि LPG की सप्लाई ‘चिंताजनक’ है और इसे बचाना जरूरी है। भारत अपनी जरूरत की 60% एलपीजी इम्पोर्ट करता है, जिसमें से 90% हिस्सा खाड़ी देशों से आता था। पिछले हफ्ते होर्मुज रूट से दो जहाज भारत आए, जिनमें सिर्फ एक दिन की खपत जितनी गैस थी। फिलहाल भारत के 6 गैस टैंकर फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं। क्रूड और गैस के दाम बढ़ने की 2 वजहें 1. कतर का रास लफ्फान प्लांट बंद ईरान के ड्रोन हमलों में कतर के रास लफ्फान को काफी नुकसान पहुंचा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है और ग्लोबल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा (20%) यहीं से आता है। हमले के बाद इस प्लांट को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इससे सप्लाई रुक गई है। 2. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। LPG संकट को लेकर अब सरकार ने ये कदम उठाए ———————– ये खबर भी पढ़ें… लोकलसर्किल्स का दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे: ₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा, 68% घरों में समय पर नहीं पहुंच रही गैस रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। यह दावा इंडियन सर्वे और रिसर्च फर्म लोकलसर्किल्स की ओर से जारी सर्वे रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लैक में सिलेंडर लेने वालों की संख्या पिछले हफ्ते के मुकाबले 6% बढ़ गई है। सर्वे में सामने आया कि इस हफ्ते 68% भारतीय घरों को गैस डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ा, जबकि पिछले हफ्ते यह आंकड़ा 57% था। पूरी खबर पढ़ें…

रेलवे ट्रैक पर मिला 70 वर्षीय एथलीट का शव:3 मेडल जीतकर भिवानी में घर जा रहा था; शताब्दी एक्सप्रेस में सवार था इंटरनेशनल खिलाड़ी

रेलवे ट्रैक पर मिला 70 वर्षीय एथलीट का शव:3 मेडल जीतकर भिवानी में घर जा रहा था; शताब्दी एक्सप्रेस में सवार था इंटरनेशनल खिलाड़ी

हरियाणा के भिवानी जिले के 70 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय एथलीट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत है। उम्र के इस पड़ाव पर भी खेल के मैदान में सक्रिय रहकर देश का नाम रोशन करने वाले व्यक्ति 3 मेडल जीतकर लौट रहे थे, लेकिन उनका यह सफर अधूरा रह गया। कालका नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान उनकी लाश सोनीपत के राठधाना और नरेला के बीच रेलवे ट्रैक पर मिलने से मामला रहस्यमय बन गया है। परिवार और खेल जगत के लिए यह घटना गहरे सदमे से कम नहीं है। प़ुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। सोनीपत जीआरपी पुलिस मामले में जांच कर रही है। कैसे हुआ हादसा, क्या है पूरा घटनाक्रम जानकारी के अनुसार फूल कुंवार चंडीगढ़ से दिल्ली होते हुए अपने घर भिवानी लौट रहे थे। वे कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में सवार थे। बताया जा रहा है कि जब ट्रेन सोनीपत पार कर राठधाना स्टेशन के नजदीक पहुंची, तभी उनकी डेड बॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि या तो ट्रेन के दरवाजे से गिरने के कारण यह हादसा हुआ या फिर किसी ने धक्का दिया। हालांकि, अभी तक किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे मामला पूरी तरह संदिग्ध बना हुआ है। जीत की खुशी मातम में बदली फूल कुंवार 21 और 22 मार्च को चंडीगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गए थे। यहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए हाई जंप और हैमर थ्रो में गोल्ड मेडल जीता, जबकि शॉट पुट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। तीन मेडल जीतकर वे बेहद खुश थे और रविवार शाम को घर लौट रहे थे, लेकिन यह खुशी कुछ ही घंटों में परिवार के लिए गहरे गम में बदल गई। एथलेटिक्स में चमकदार करियर फूल कुंवार का खेल जीवन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 1978 से 1986 के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैकड़ों मेडल जीते। शॉट पुट, बांस कूद (पोल वॉल्ट) और हैमर थ्रो उनके मुख्य इवेंट रहे। 1982 में उन्होंने बांस कूद में नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया था। जर्मनी, मलेशिया, चीन और जापान जैसे देशों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल हासिल किए। पुलिस और रेलवे में भी निभाई अहम भूमिका खेल के साथ-साथ फूल कुंवार ने सरकारी सेवाओं में भी अपनी पहचान बनाई। 1978 में वे हरियाणा पुलिस में सीधे एएसआई के पद पर भर्ती हुए और करीब 7 वर्षों तक सेवा दी। इसके बाद 1982 में वे रेलवे दिल्ली में चीफ टिकट इंस्पेक्टर बने और वहीं से सेवानिवृत्त हुए। उनकी नौकरी भी खेल कोटे के आधार पर लगी थी, जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण है। 70 की उम्र में भी फिटनेस का जुनून फूल कुंवार ने रिटायरमेंट के बाद भी खेल को कभी नहीं छोड़ा। वे मास्टर एथलेटिक्स कैटेगरी में लगातार हिस्सा लेते रहे। 70 साल की उम्र में भी वे रोज सुबह और शाम दो-दो घंटे प्रेक्टिस करते थे। इतना ही नहीं, वे युवा खिलाड़ियों को भी मैदान में टिप्स देते और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। उनकी फिटनेस और ऊर्जा को देखकर हर कोई हैरान रह जाता था। परिजनों के सवाल, बढ़ा संदेह परिजनों के अनुसार फूल कुंवार के साथ भिवानी के 2 अन्य साथी भी ट्रेन में सफर कर रहे थे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यह घटना कैसे हुई। परिवार का कहना है कि वे पूरी तरह स्वस्थ और खुश थे, ऐसे में अचानक इस तरह की घटना समझ से परे है। परिजनों ने ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ फूल कुंवार अपने पीछे पत्नी और एक शादीशुदा बेटी को छोड़ गए हैं। तीन मेडल जीतकर लौटने की खुशी का इंतजार कर रहा परिवार अब गहरे सदमे में है। घर में जश्न की जगह मातम पसरा हुआ है। जांच में जुटी जीआरपी जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत सिविल अस्पताल भेजा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए दुखद है, बल्कि हरियाणा के खेल जगत के लिए भी एक बड़ी क्षति मानी जा रही है, जिसने एक समर्पित और प्रेरणादायक खिलाड़ी को खो दिया।

साहिबजादा फरहान ICC प्लेयर ऑफ द मंथ बने:जैक्स और शल्कविक को पीछे छोड़ा, विमेंस कैटेगरी में भारतीय बॉलर अरुंधति को मिला अवॉर्ड

साहिबजादा फरहान ICC प्लेयर ऑफ द मंथ बने:जैक्स और शल्कविक को पीछे छोड़ा, विमेंस कैटेगरी में भारतीय बॉलर अरुंधति को मिला अवॉर्ड

पाकिस्तानी ओपनर साहिबजादा फरहान को ICC ने फरवरी महीने का प्लेयर ऑफ द मंथ चुना है। उन्होंने इस रेस इंग्लैंड के विल जैक्स और अमेरिका के शैडली वैन शल्कविक को पीछे छोड़ा। वहीं, विमेंस कैटेगरी में यह अवार्ड भारत की सीम बॉलर अरुंधति रेड्डी को मिला। उन्होंने पाकिस्तान की फातिमा सना और श्रीलंका की हर्षिता समरविक्रमा को पीछे छोड़ा। साहिबजादा ने 7 मैचों में 383 रन बनाए टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में साहिबजादा फरहान ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसके चलते उन्हें फरवरी के लिए प्लेयर ऑफ द मंथ का अवॉर्ड मिला। उन्होंने 7 मैचों में 2 शतक के चलते 383 रन ठोके। वह एक एडिशन में टी-20 वर्ल्ड कप में 2 शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा साहिबजादा ने विराट कोहली का एक टी-20 वर्ल्ड कप के एडिशन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी तोड़ा। अरुंधति सीरीज की टॉप विकेट टेकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ऑस्ट्रेलिया विमेंस टीम को टी-20 सीरीज में 2-1 से जीत दर्ज की। उस सीरीज में अरुंधति रेड्डी ने अच्छी गेंदबाजी की। वह सीरीज में लीडिंग विकेट टेकर रहीं। उन्होंने 7.25 की इकॉनमी से गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट लिए। मैं इसे हमेशा संजोकर रखूंगा- साहिबजादा साहिबजादा फरहान ने कहा, ICC अवॉर्ड जीतना मेरे लिए एक शानदार एहसास है, खासकर वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर किए गए प्रदर्शन के लिए। यह टूर्नामेंट मेरे लिए यादगार रहा और मैं इसे हमेशा संजोकर रखूंगा। आगे आने वाली सीरीज और टूर्नामेंट में भी मैं अपनी इसी फॉर्म को बनाए रखना चाहता हूं। मैं अपने साथियों का उनके लगातार समर्थन और मुझ पर भरोसा जताने के लिए दिल से शुक्रगुजार हूं, क्योंकि उनके बिना यह संभव नहीं था। यह अवॉर्ड मेरे लिए और भी खास- अरुंधति अरुंधति रेड्डी ने कहा, ICC प्लेयर ऑफ द मंथ चुना जाना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। मुझे खुशी है कि मैं ऑस्ट्रेलिया में टी-20 सीरीज जीतने में अपनी टीम के लिए योगदान दे पाई। ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराना आसान नहीं होता, इसलिए यह अवॉर्ड मेरे लिए और भी खास है। उन्होंने आगे कहा, इस जीत से हमारी टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। अब हम इंग्लैंड और वेल्स में होने वाले ICC विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहे हैं। हमारी टीम संतुलित है और मुझे भरोसा है कि हम इस टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन करेंगे।

2029 तक महिला कोटा: केंद्र तेजी से आरक्षण की ओर बढ़ा, विस्तारित लोकसभा में 273 सीटों पर नजर | भारत समाचार

Several people are feared to have been injured after an incoming Air Canada Express CRJ-900 flight and a fire engine collided on runway 4 of the airport.

आखरी अपडेट:मार्च 23, 2026, 15:18 IST सूत्रों ने कहा कि सरकार मौजूदा संसद सत्र में संशोधित कानून लाने की इच्छुक है और आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों के साथ परामर्श शुरू कर चुकी है। 2023 में राज्यसभा द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) पारित होने के बाद महिला सांसदों के साथ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी। (पीटीआई) सूत्रों ने कहा कि केंद्र 2029 के आम चुनावों से पहले इसके कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए महिला आरक्षण कानून में महत्वपूर्ण संशोधन लाने की तैयारी कर रहा है, साथ ही लोकसभा सीटों के महत्वपूर्ण विस्तार पर भी विचार किया जा रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, 2023 में संसद द्वारा पारित नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम में प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने के लंबे समय से लंबित प्रावधान को क्रियान्वित करना है। योजना के एक महत्वपूर्ण हिस्से में कार्यान्वयन को 2011 की जनगणना के आधार पर नए सिरे से परिसीमन अभ्यास से जोड़ना शामिल है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि इससे लोकसभा की ताकत मौजूदा 543 सीटों से बढ़कर लगभग 816 सीटों तक पहुंच सकती है। इनमें से, कानून के तहत परिकल्पित एक तिहाई कोटा के अनुरूप, लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। सूत्रों ने कहा कि सरकार संसद के चालू सत्र में संशोधित कानून लाने की इच्छुक है और आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों के साथ परामर्श शुरू कर चुकी है। समझा जाता है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई विपक्षी नेताओं को प्रस्तावित रोडमैप के बारे में जानकारी दी है। परिसीमन प्रक्रिया में अद्यतन जनसंख्या डेटा के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों के संशोधन को सक्षम करने के लिए परिसीमन अधिनियम सहित मौजूदा कानूनों में संशोधन की आवश्यकता होगी। अधिकारियों ने कहा कि आरक्षित सीटों का आवंटन ड्रॉ के माध्यम से किए जाने की संभावना है, एक तंत्र जिसका उद्देश्य रोटेशन और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हालाँकि, सिक्किम सहित कुछ छोटे राज्यों में प्रस्तावित ढांचे के तहत बदलाव नहीं देखा जा सकता है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की हालिया बैठक के बाद इस प्रयास में तेजी आई, जहां प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2029 तक महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जबकि मूल कानून में अगली जनगणना और परिसीमन अभ्यास के बाद कार्यान्वयन की परिकल्पना की गई थी, नए संशोधनों का उद्देश्य समयसीमा को आगे बढ़ाना और निष्पादन पर स्पष्टता प्रदान करना है। यदि इसे आगे बढ़ाया जाता है, तो यह कदम दशकों में भारत की संसदीय प्रणाली में सबसे महत्वपूर्ण संरचनात्मक परिवर्तनों में से एक होगा, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए प्रतिनिधित्व का विस्तार होगा। पहले प्रकाशित: मार्च 23, 2026, 15:18 IST न्यूज़ इंडिया 2029 तक महिला कोटा: केंद्र तेजी से आरक्षण की ओर बढ़ा, विस्तारित लोकसभा में 273 सीटों पर नजर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण कानून भारत(टी)नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम(टी)महिला आरक्षण लोकसभा(टी)महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण(टी)लोकसभा सीट विस्तार(टी)2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन(टी)महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व भारत(टी)महिला कोटा के लिए संवैधानिक संशोधन

दतिया में 200 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचते हैं श्रद्धालु:तारा माता मंदिर में रात में होती है तांत्रिक साधना

दतिया में 200 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचते हैं श्रद्धालु:तारा माता मंदिर में रात में होती है तांत्रिक साधना

चैत्र नवरात्र के अवसर पर देशभर में मां दुर्गा की आराधना हो रही है। लेकिन दतिया में स्थित पंचम कवि की टोरिया इन दिनों खास चर्चा में है। पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित देवी तारा माता का यह प्राचीन मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है,बल्कि तांत्रिक साधना के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है। करीब 200 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचने वाले इस धाम का वातावरण दिन में भक्ति से सराबोर रहता है, लेकिन रात होते ही यहां का माहौल रहस्यमयी हो जाता है। मान्यता है कि रात्रिकाल में साधक यहां तंत्रोक्त विधि से साधना करते हैं और मां तारा अपने उपासकों को सिद्धि व मनोकामना पूर्ण करने का आशीर्वाद देती हैं। भैरव साधना से तारा साधना तक का सफर इतिहास के अनुसार, पंचम कवि की टोरिया पहले भैरव साधना के लिए प्रसिद्ध स्थल था। बाद में संवत 1997 में पीतांबरा पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी जी महाराज ने यहां देवी तारा माता की स्थापना कर इसे तारा साधना का प्रमुख केंद्र बना दिया। तभी से यह स्थान साधकों के लिए विशेष महत्व रखता है। दस महाविद्याओं में दूसरी महाविद्या हैं मां तारा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी तारा दस महाविद्याओं में दूसरी महाविद्या हैं, जिन्हें नील सरस्वती भी कहा जाता है। पुराणों में उल्लेख मिलता है कि ऋषि वशिष्ठ ने भी तारा साधना कर अद्वितीय ज्ञान और शक्ति प्राप्त की थी। दतिया में भी वर्षों से साधक विशेष रूप से मंगलवार और रात्रि के समय साधना करते आ रहे हैं। आस्था के साथ रहस्य का संगम मंदिर परिसर में शिवालय, काली मंदिर, हनुमान और गणेश जी के प्राचीन विग्रह भी मौजूद हैं। दिन में यहां भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन रात में एकांत साधना के चलते यह स्थान रहस्यमय बन जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धाम जागृत है और सच्चे मन से साधना करने वालों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। चैत्र नवरात्र के चलते इन दिनों तारा माता धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आस्था,रहस्य और तंत्र साधना के अनूठे संगम के कारण दतिया का यह धाम प्रदेश ही नहीं,बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

हरियाणा में बेकाबू कैंटर ने 7 लोगों को रौंदा:3 की मौत, सड़क पर बिखरीं लाशें; फ्लाईओवर के 2 पिलर के बीच फंसकर रुका

हरियाणा में बेकाबू कैंटर ने 7 लोगों को रौंदा:3 की मौत, सड़क पर बिखरीं लाशें; फ्लाईओवर के 2 पिलर के बीच फंसकर रुका

हरियाणा के झज्जर में सोमवार की दोपहर एक कैंटर ने सात लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले टैंकर ड्राइवर ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को कुचला। इसके बाद भी ड्राइवर नहीं रुका और तेज गति से कैंटर दौड़ा दिया। इसी भागमभागम में कई और लोगों को भी चपेट में ले लिया। इनमें एक और बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि चपेट में आकर ऑटो सवार महिला समेत चार घायल हो गए। इसके बाद बेकाबू कैंटर फ्लाईओवर के दो पिलर के बीच फंस कर रुक गया तो ड्राइवर कूदकर कर फरार हो गया। हादसे के बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई। पुलिस के आने तक शव सड़क पर ही पड़े रहे। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बहादुरगढ़ में हुए हादसे के कुछ PHOTOS…. यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… मामा चौक पर हुआ हादसा, पहले 2 युवकों को मारी टक्कर जानकारी अनुसार, हादसा बहादुरगढ़ में दिल्ली-रोहतक रोड पर स्थित आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (MIE) के मामा चौक पर सोमवार की दोपहर हुआ। चौक की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर (HR-63E-4325) ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। युवकों को टक्कर मारने के बाद बाइक सवार को रौंदा पहले हादसे के बाद ड्राइवर रुका नहीं, बल्कि पकड़े जाने के डर से कैंटर को और तेज भगाते हुए बाईपास की ओर ले गया। बाईपास पर कैंटर ने एक मोटरसाइकिल को रौंद दिया। इस हादसे में कानोंदा निवासी योगेंद्र (30) की मौत हो गई, जबकि उसका साथी प्रवीण गंभीर रूप से घायल हो गया। ऑटो को मारी टक्कर, महिला सहित 3 चपेट में आए इसके बाद बेकाबू कैंटर ने एक ऑटो को जोरदार टक्कर मारी। ऑटो में सवार लाइनपार निवासी प्रेम (महिला), उनके पति कृष्ण और ड्राइवर जयवीर घायल हो गए। कई लोगों ने इधर-उधर भाग कर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा तफरी मच गई। पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से घायल लोगों को उठाकार बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अशोक (32) निवासी छपरा (बिहार) और शंभू (22) निवासी छपरा (बिहार) और हरियाणा के कानोंदा निवासी योगेंद्र (30 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। महिला प्रेम को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पिलर के बीच में फंसकर रुका कैंटर, ड्राइवर फरार उधर, ऑटो में टक्कर मारने के बाद भी ड्राइवर कैंटर को दौड़ाता रहा। ड्राइवर तेज रफ्तार से नजफगढ़ फ्लाईओवर की ओर बढ़ा, लेकिन कैंटर अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर के नीचे दो पिलर के बीच फंस गया। इसके बाद ड्राइवर कैंटर को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कैंटर को कब्जे में लेकर उसके नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… मुरथल ढाबे पर परांठे खाने गए 2 दोस्तों की मौत:सोनीपत में कार डिवाइडर से टकराई, 5 घायल; एक की होने वाली थी शादी सोनीपत में नेशनल हाईवे (GT रोड) पर रात को एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस हादसे में कार सवार 2 युवकों की मौत हो गई। जबकि इनके पांच अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हैं। सभी दिल्ली से परांठे खाने के लिए मुरथल के ढ़ाबे पर आए थे। (पूरी खबर पढ़ें)

प्रयागराज में पूर्व मंत्री का कोल्ड स्टोरेज ढहा,4 की मौत:मलबे से 17 लोगों को बाहर निकाला गया; प्रत्यक्षदर्शी बोले- धमाका हुआ था

प्रयागराज में पूर्व मंत्री का कोल्ड स्टोरेज ढहा,4 की मौत:मलबे से 17 लोगों को बाहर निकाला गया; प्रत्यक्षदर्शी बोले- धमाका हुआ था

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे तेज धमाके के बाद कोल्ड स्टोरेज की एक बिल्डिंग ढह गई। मलबे में करीब 20 मजदूर दब गए। हादसे में 4 मजदूरों की मौत हुई है। मरने वालों में पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश शामिल हैं। जगदीश प्रयागराज और बाकी तीनों बिहार के रहने वाले थे। हालांकि, प्रशासन ने अभी मौतों की पुष्टि नहीं की है। प्रशासन 7 जेसीबी से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। अब तक 17 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर हैं। यह कोल्ड स्टोरेज सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है, पहले अमोनिया गैस स्टोरेज टैंक में विस्फोट हुआ। इससे आरसीसी पिलर स्ट्रक्चर ढह गया। फिर बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। अमोनिया गैस की बदबू करीब 1 किलोमीटर तक फैल चुकी है। ज्यादातर लोग मुंह पर कपड़ा (रुमाल, गमछा) बांधे हुए हैं। घटना को लेकर लोग गुस्से में हैं। पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा। हादसे की तस्वीरें देखिए- कोल्ड स्टोरेज 5 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर बना आदर्श कोल्ड स्टोरेज नाम से यह बिल्डिंग हादसा फाफामऊ इलाके में थी। इसके मालिक सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद है। 27 साल पुराना कोल्ड स्टोरेज करीब 5 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर बना है। इसमें तीन बिल्डिंग हैं। करीब 1500 स्क्वायर फीट एक बिल्डिंग ढही है। यहां 100 से ज्यादा लोग काम करते हैं। पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर और अंसार अहमद के परिवार के कई सदस्यों को हिरासत में लिया है। सीएम योगी ने मृतकों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। उन्होंने घटना पर दुख जाहिर किया है। घटना से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…