Wednesday, 14 Oct 2026 | 11:08 PM

Trending :

EXCLUSIVE

अपने ही विभाग को खोखला कर रहा था एकाउंटेंट:शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला,सैलरी के नाम पर निकाल लिए 1 करोड़ 11 लाख;14 पर एफआईआर दर्ज

अपने ही विभाग को खोखला कर रहा था एकाउंटेंट:शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला,सैलरी के नाम पर निकाल लिए 1 करोड़ 11 लाख;14 पर एफआईआर दर्ज

जबलपुर में शिक्षा विभाग के पनागर विकासखंड में पदस्थ एकाउंटेंट ने शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर ना सिर्फ अपने और परिवार की जेब भरी, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को कई सालों तक हर माह वेतन भी दिया। खुलासा होने के बाद पनागर थाने में तीन शिक्षा अधिकार . ऐसे हुआ घोटाला उजागर दरअसल कोष लेखा विभाग भोपाल से जबलपुर कलेक्टर को इनपुट मिला कि स्कूल शिक्षा विभाग के पनागर ब्लाक में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है, जिसमें कि अतिथि शिक्षकों के नाम पर 2018 से वेतन निकाला जा रहा है, जो कि उन लोगों को दिया जा रहा है, जो कि या तो रिटायर हो गए हैं, या फिर कभी नौकरी ही नहीं की हो। यह राशि एकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ने लागइन-पासवर्ड से निकाली और फिर अलग-अलग खातों में जमा करवाई। कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा और लेखा विभाग की टीम गठित की और जब विजय कुमार सहित अन्य लोगों के बैंक खाते चेक किए, तो सभी के खातों में लाखों रुपए निकले। शिक्षा विभाग में पदस्थ विजय कुमार के साथ-साथ उनकी पत्नी दो बेटी के खातों में कई लाख रुपए मिले। तीन पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे,त्रयंबक गणेश खरे और नरेंद्र तिवारी शामिल के नाम भी इस घोटाले मे सामने आए हैं, इसके अलावा जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला कोष्ठा, अंकुश नेमा एवं पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल के बैंक खातों में राशि भेजी गई है, जो कि करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपए हैं। मास्टरमाइंड था एकाउंटेंट जांच के दौरान यह भी पता चला कि विजय कुमार भलावी 2016 से पनागर ब्लाक में पदस्थ था। तभी से उसने यह घोटाला हर माह करना शुरू कर दिया था। 2018 से 2026 के बीच तीन शिक्षा अधिकारी पदस्थ रहे, जिनकी लागइन-पासवर्ड से यह राशि निकाली गई और बाद में फिर अलग-अलग 16 खातों में ट्रांसफर की गई। बीईओ कार्यालय पनागर में पदस्थ अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ब्लॉक के शिक्षकों की सूची में फर्जी तरीके से ऐसे नाम जोड़ देता था, जो कि कहीं शिक्षक हैं ही नहीं। इसके बाद उनके नाम की सैलरी जब आती थी, तो उसे निकालकर अपने और पत्नी, दो बेटियों सहित अन्य साथियों के खातों में डाल लेता था। यह पूरा कारनामा वह बेहद शातिर तरीके से किया गया था, जिसकी विभाग में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी को भनक ही नहीं लगी। हाल ही में जब कोषलेखा विभाग भोपाल में राशि का मिलान नहीं हुआ तब मामला सामने आया और शिकायत कलेक्टर तक पहुंची। बड़े अधिकारी भी शक के घेरे में शिक्षा विभाग से लेकर जिला कोषालय भी शक के दायरे में बताया जाता है कि इस मामले में जहां स्कूल शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी शंका जाहिर की जा रही है, वहीं जिला कोषालय के अधिकारी और कर्मचारी भी निशाने पर हैं। इतना बड़ा मामला बिना सहभागिता के संभव नहीं है। शिक्षा विभाग के पास भी शिक्षकों की सूची होती है और उनमें नए नाम शामिल होने की जानकारी अधिकारियों को नहीं मिल पाई यह चौंकाने वाली बात है। वहीं जिला कोषालय ने भी बिना सत्यापन लगातार सैलरी निकाली, इस पर भी संदेह जताया जा रहा है। बैंक खातों पर रोक लगाई बताया जाता है कि घपले की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर ने बीईओ कार्यालय के बैंक खातों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही वर्ष 2016 से अभी तक के रिकॉर्ड भी बीईओ कार्यालय से मांगे गए हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोनम कटारे ने पनागर थाने में प्रतिवेदन देते हुए बताया कि विकासखंड की पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे, त्रयंबक गणेश खरे,नरेंद्र कुमार तिवारी, सहायक ग्रेड विजय कुमार भलावी, शिक्षक गणेश प्रसाद शुक्ला,अनिल कुमार ने 2018 से 2025 के बीच कई फर्जी नाम जोड़े और बकायदा उनके खाते में वेतन का भुगतान भी किया गया। 16 खातों में रुपए हुए ट्रांसफर जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एकाउंटेंट विजय कुमार भलावी कई सालों से शिक्षकों की सूची में गड़बड़ी कर रहा था। वह शिक्षकों की सूची में किसी का भी नाम जोड़कर उन्हें शिक्षक बना देता था, और फिर उसके नाम की सैलरी ना सिर्फ अपने खाते बल्कि पत्नी और बेटियों के नाम पर ट्रांसफर करता था। अभी तक 16 खातों की पहचान हो गई है, जिसमें 1 करोड़ से अधिक शासकीय राशि भेजी गई है। विजय कुमार के 4, पत्नी और दो बेटियों के 1-1 खाते के अलावा रिटायर हो चुके शिक्षकों के खाते भी सामने आए हैं। इन पर हुई एफआईआर विकासखंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पनागर थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड विजय कुमार भलावी सहित शैलबाला डोंगरे,त्रयंबक गणेश खरे, नरेंद्र तिवारी,जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला कोष्ठा, अंकुश नेमा, पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल के बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार का कहना है कि विजय कुमार ने बड़ी ही चालाकी से यह फर्जीवाड़ा किया है। विजय कुमार ने ऐसे लोगों के नाम पर भी वेतन निकाला था, जो कि या तो रिटायर हो चुके थे, या फिर कभी नौकरी ही नहीं की थी।

जोरहाट में कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार ने दम दिखाया, ज्ञानश्री बोरा ने नामांकन किया; बीजेपी का भेद कैसे पता चलेगा?

जोरहाट में कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार ने दम दिखाया, ज्ञानश्री बोरा ने नामांकन किया; बीजेपी का भेद कैसे पता चलेगा?

असम में डेमोनैकी ज़ोरा पकड़ का भुगतान किया गया है। यहां मारियानी और जोरहाट में शुक्रवार को शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। यहां कांग्रेस-रायजोर दल गठबंधन के उम्मीदवार डॉ. ज्ञानश्री बोरा ने अपना नामांकन नामांकन दाखिल किया। लिनेक्स शोरगुल के बीच मेरियानी क्षेत्र राजनीतिक क्षेत्र बन गया है। नामांकन रैली के दौरान भारी भीड़ डॉ. बोरा के समर्थन में देखने को मिला। इस दौरान एक भव्य रैली भी हुई। इसमें सैकड़ा सैकड़ा भाग लिया गया। ढोल की थाप, नारों और जबरदस्त उस्ताह ढोल की थाप में देखने को मिला। जोरहार्ट के कमिश्नर कार्यालय में नामांकित पद पर नियुक्त किया गया। डॉ. बोरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर जनता उन्हें चुनती है, तो वह विधानसभा के हर सत्र में मारियानी से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाएंगे. साथ ही कहा कि उनकी देशी जनता की आवाज प्रभावी ढंग से स्वस्थ रहने को लेकर रहेगी। साथ ही लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने के लिए ठोस कदम की सूची। जनसेवा समर्पित रहेगी मेरी राजनीति: डॉ. बोरा डॉ. बोरा ने कहा कि राजनीति में एक निर्णय क्षेत्र के लोगों के लिए जनसेवा और मारियानी के विकास को लेकर रहेंगे। उन्होंने असम-नागालैंड विवाद, पीने के पानी की कमी, परिवारों की खराब स्थिति और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को संस्थागत सीमा तक सीमित कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने में स्थिर सहयोगी के रूप में ज्योतिकुरमी पर भी अर्थशास्त्री का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में बार-बार मशीन निर्माण के बाद भी मारियानी से जुड़ी समस्याओं को विधानसभा में प्रभावशाली ढंग से नहीं उठाया गया। साथ ही कहा कि जहां एक ओर सागर में एक ओर जनता अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस विद्युत क्षेत्र की आवाज बड़े पैमाने पर अनसुनी हो रही है। क्यों अहम है मरियानी विधानसभा? मरियानी विधानसभा का यह मुकाबला इसलिए भी अहम है, क्योंकि इस क्षेत्र से पांच बार से विधायक के रूप में विधायक ज्योति कुर्मी विधायक हैं। वे 2021 में बीजेपी में शामिल होने से पहले कांग्रेस नेता के तौर पर इस पद पर आसीन थे. पार्टी परिवर्तन के बाद उन्होंने संसदीय चुनाव लड़ा। विधानसभा में फिर से जीत हासिल की. इससे क्षेत्र में उनकी स्थिति और मजबूत हो गई। इसके अलावा डॉ. बोरा ने इलाके में बदलाव की लहर की ओर रुख किया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अलग-अलग परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है। जनता से मिल रहे इस समर्थन ने अविश्वास को अपने पक्ष में आने के लिए उनके विश्वास को और मजबूत किया है। इसके अलावा उन्होंने सरकार पर संवैधानिक अधिकार, और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दबाव डालने का भी आरोप लगाया। साथ ही धर्म और जाति की राजनीति की भी आलोचना की जाती है। उन्होंने कहा कि यह इलेक्ट्रोनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए एक सामूहिक लड़ाई होगी। यह जनता के लिए लड़की जाने वाली लड़ाई है। आख़िरकार जीत जनता की ही होगी. अगर वह तकनीशियन बनाए जाते हैं, तो वे विधानसभा में मारियानी से जुड़े मुद्दे पर विवाद करेंगे। असलहा, मारियानी बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। लेकिन ऐसे में सवाल है कि डॉ. ज्ञानश्री बोरा कैथोलिक का कट्टर विचारधारा? यह भी पढ़ें: असम चुनाव: कांग्रेस ने जारी की तीसरी सूची, 22 क्लबों का किया ऐलान

म्यांमार तक फैले साइबर गुलामी रैकेट का खुलासा, दो गिरफ्तार:थाईलैंड के रास्ते युवाओं की तस्करी, एमपी में पहली बार एमिग्रेशन एक्ट के तहत केस

म्यांमार तक फैले साइबर गुलामी रैकेट का खुलासा, दो गिरफ्तार:थाईलैंड के रास्ते युवाओं की तस्करी, एमपी में पहली बार एमिग्रेशन एक्ट के तहत केस

विदेश में नौकरी के नाम पर युवाओं को जाल में फंसाकर उन्हें साइबर ठगी के अड्डों तक पहुंचाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का राज्य साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। खास बात यह है कि मध्यप्रदेश में पहली बार इस तरह के मामले में एमिग्रेशन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है, जिसमें मानव तस्करी और आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। जिस मामले में कार्रवाई हुई है वह तीन महीने पुराना है। शुक्रवार को इसमें साइबर पुलिस ने दो गिरफ्तारी की है। झांसे से शुरू, बंधक बनाकर खत्म होता था सफर जांच में सामने आया कि भोपाल के एक युवक को डेटा एंट्री जॉब का लालच देकर पहले ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया और फिर थाईलैंड भेजा गया। वहां से उसे अवैध रूप से सीमा पार कर म्यांमार पहुंचाया गया, जहां साइबर ठगी करने वाले गिरोह के पास उसे बेच दिया गया। यहां उससे मारपीट कर ठगी करवाई जाती थी। बाद में म्यांमार की सेना ने उसे मुक्त कराया। दो राज्यों से जुड़े एजेंटों पर शिकंजा साइबर पुलिस की कार्रवाई में बिहार और उत्तरप्रदेश से जुड़े दो एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी को बिहार से पकड़ा गया, जबकि दूसरे को दिल्ली एयरपोर्ट पर लुकआउट सर्कुलर के आधार पर दबोचा गया। इनके कब्जे से मोबाइल, टैबलेट और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। सोशल मीडिया बना जाल, सैलरी का लालच हथियार गिरोह के सदस्य फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेरोजगार युवाओं से संपर्क करते थे। उन्हें 30 से 40 हजार थाई बाथ तक की सैलरी का झांसा देकर डेटा एंट्री, एचआर या होटल इंडस्ट्री में नौकरी का ऑफर दिया जाता था। फर्जी इंटरव्यू के बाद उन्हें विदेश भेजकर तस्करी की जाती थी। सीमावर्ती इलाकों में ‘साइबर गुलामी’ का जाल म्यांमार, लाओस और कंबोडिया की सीमाओं पर सक्रिय साइबर स्कैम ठिकानों में भारत समेत कई देशों के युवाओं को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। इन ठिकानों से 30 से ज्यादा देशों में ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफ्रीकी देशों के युवक भी इस जाल में फंस रहे हैं। अलर्ट: ऐसे ऑफर दिखें तो तुरंत सावधान विदेश में नौकरी के नाम पर आने वाले ऑफर्स को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। बिना सरकारी रजिस्ट्रेशन वाले एजेंट से दूरी बनाएं और जल्दबाजी में पासपोर्ट या यात्रा से जुड़े फैसले न लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल पर दी जा सकती है।

बालाघाट में मनाया भगवान झूलेलाल का 1076वां जन्मोत्सव:सिंधु भवन से निकली शोभायात्रा; सजीव झांकियां और 'आयोलाल-झूलेलाल' के जयघोष से गूंजा शहर

बालाघाट में मनाया भगवान झूलेलाल का 1076वां जन्मोत्सव:सिंधु भवन से निकली शोभायात्रा; सजीव झांकियां और 'आयोलाल-झूलेलाल' के जयघोष से गूंजा शहर

बालाघाट जिले में शुक्रवार को सिंधी समाज ने इष्टदेव भगवान झूलेलाल का 1076वां जन्मोत्सव ‘चेटीचंड’ के रूप में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया। पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के दौरान देर शाम सिंधु भवन से विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन और नगरवासी शामिल हुए। सजीव झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र शोभायात्रा में भगवान झूलेलाल की मनमोहक प्रतिमा के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित सजीव झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। इनमें भगवान शंकर का शिवलिंग, राधा-कृष्ण की रासलीला और भोलेनाथ की लीलाओं के दृश्यों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करती हुई रात को मोती तालाब पहुंची, जहां विशेष पूजन-अर्चन और भजन-कीर्तन के पश्चात बहराणा साहिब का विसर्जन किया गया। 17 मार्च से जारी थे कार्यक्रम सिंधी समाज के जिलाध्यक्ष अमर मंगलानी ने बताया कि जन्मोत्सव की तैयारियां 17 मार्च से ही शुरू हो गई थीं। उत्सव की कड़ी में गुरुवार सुबह सिंधु भवन से एक विशाल स्कूटर रैली निकाली गई थी, जिसने पूरे नगर का भ्रमण कर एकता का संदेश दिया। शुक्रवार सुबह सिंधी मोहल्ला और सिंधु भवन स्थित मंदिर में भगवान झूलेलाल का दूध से अभिषेक और विधिवत हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिसके बाद दोपहर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दूध अभिषेक और विसर्जन के साथ पूर्णाहुति धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शाम को निकली शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। अंत में मोती तालाब के तट पर ज्योत प्रज्वलित कर और आरती के साथ महोत्सव की गरिमापूर्ण पूर्णाहुति हुई। सेवादारों ने दिन भर चले आयोजनों में व्यवस्थाएं संभालीं और सभी आगंतुकों को प्रसादी वितरित की। देखें तस्वीरें…

रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी:इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किए गए; हादसे में भारतीय समेत 2 लोग लापता

रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी:इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किए गए; हादसे में भारतीय समेत 2 लोग लापता

रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में स्पीडबोट पलटने से घायल हो गए हैं। हादसे में सिंघानिया को चोटें आई हैं और उन्हें एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। उनके साथ बोट पर सवार भारत के दिग्गज रैली ड्राइवर हरि सिंह और उनके एक अन्य दोस्त अब भी लापता हैं। स्थानीय प्रशासन को अंदेशा है कि लंबा समय बीत जाने के कारण उनकी जान जा सकती है। यह घटना गुरुवार रात करीब 11 बजे मालदीव के फेलिधू एटोल के पास हुई। गौतम सिंघानिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘गौतम सिंघानिया को मामूली चोटें आई हैं। वे मुंबई में डॉक्टरों की देखरेख में हैं। हम उन सभी दोस्तों की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं जो इस हादसे में घायल हुए हैं।’ रैली ड्राइवर हरि सिंह और एक अन्य लापता कोस्ट गार्ड के मुताबिक, हादसा तट से करीब 2 नॉटिकल मील दूर हुआ। रात करीब 11 बजे बोट अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। स्पीडबोट पर एक कैप्टन और गौतम सिंघानिया समेत कुल 7 लोग सवार थे। इनमें 5 भारतीय, एक ब्रिटिश और एक रूसी नागरिक शामिल थे। रेस्क्यू टीम ने सिंघानिया को बचा लिया, लेकिन रैली चैंपियन हरि सिंह और एक अन्य व्यक्ति लापता हैं। रेस्क्यू टीम गोताखोरों और हाई-स्पीड जहाजों की मदद से लापता भारतीय को खोजने की कोशिश कर रही है। मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (MNDF) के कोस्ट गार्ड का कहना है कि केयोधू के पास सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन समंदर की लहरों के कारण उन्हें ढूंढने में दिक्कतें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि एक अन्य यात्री का हाथ कट गया है, जिसकी हालत नाजुक है। एडवेंचर के शौकीन हैं सिंघानिया और हरि सिंह गौतम सिंघानिया और हरि सिंह दोनों ही पुरानी दोस्ती और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए जाने जाते हैं। सिंघानिया खुद एक प्रोफेशनल रेसर हैं और हरि सिंह ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रैली खिताब जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। वे छुट्टियां मनाने और पावर बोटिंग के लिए मालदीव गए थे। सिंघानिया के क्लॉथ, रियल एस्टेट सहित कई बिजनेस गौतम सिंघानिया रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 11 हजार करोड़ रुपए है। रेमंड ग्रुप के पास क्लॉथ, डेनिम, कंज्यूमर केयर, इंजीनियरिंग और रियल एस्टेट सहित अन्य बिजनेस हैं। रेडिमेड कपड़ों के बाजार में ग्रुप की दमदार मौजूदगी है। यह डेनिम कैटेगरी में भी लीडिंग मैन्युफैक्चरर है। कंपनी हाई क्वालिटी डेनिम सप्लाई करती है। 1925 में ठाणे से हुई थी रेमंड की शुरुआत रेमंड भारत का एक बड़ा और भरोसेमंद मेंस वियर ब्रांड है, जिसकी शुरुआत 1925 में ठाणे से हुई थी। आज यह हजारों करोड़ रुपए की कंपनी बन चुकी है। इस कंपनी को आगे बढ़ाने में सिंघानिया परिवार की अहम भूमिका रही है, खासकर गौतम सिंघानिया की। सिंघानिया परिवार ने रेमंड को एक साधारण वूलन मिल से देश-विदेश में फैले बड़े ब्रांड में बदल दिया। पहले यह मिल सेना के लिए वर्दी बनाती थी, लेकिन बाद में इसे आम लोगों तक पहुंचाया गया। विजयपत सिंघानिया के समय कंपनी ने तेजी से तरक्की की और छोटे शहरों तक अपने शोरूम खोले। गौतम सिंघानिया ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए कंपनी को मॉडर्न बनाया। उन्होंने नए फैब्रिक, डिजाइन और टेक्नोलॉजी पर काम किया, जिससे रेमंड की पहचान और मजबूत हुई। आज कंपनी देश के साथ-साथ विदेशों में भी कारोबार कर रही है। पिछले सालों में गौतम सिंघानिया अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रहे, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का बिजनेस लगातार आगे बढ़ रहा है। सिंघानिया परिवार की मेहनत और फैसलों ने रेमंड को एक मजबूत और भरोसेमंद ब्रांड बना दिया है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… जोमैटो से खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 19% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 देने होंगे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करना अब महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 20 मार्च से ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 19% बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 यानी ₹2.40 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। प्लेटफॉर्म फीस हर एक फूड ऑर्डर पर लागू होने वाला ऐडिशनल चार्ज हैं। ये GST, रेस्तरां चार्ज और डिलीवरी फीस से अलग है। जोमैटो रोजाना 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। पूरी खबर पढ़ें…

असम में कांग्रेस ने जारी की चौथी सूची, 7 का विमोचन

असम में कांग्रेस ने जारी की चौथी सूची, 7 का विमोचन

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव (असम विधानसभा चुनाव 2026) के लिए कांग्रेस (कांग्रेस) ने नोबेल की चौथी लिस्ट जारी की है। इस सूची में पार्टी ने अपने सात जंगलों का जंगल की घोषणा की है। इसके अलावा, पार्टी ने 11 वामपंथी गठबंधन में वामपंथियों को शामिल करने की घोषणा की है। सूची में कौन-कौन से अभ्यर्थी शामिल? पार्टी कांग्रेस की ओर से जारी चौथी सूची में सात झुंझुनू के नाम शामिल हैं, जिसमें राज्य के जालुक बाबा विधानसभा क्षेत्र से बिदिशा नियोग को उम्मीदवार बनाया गया है, तांगला से रोहित परिगा, बिश्वनाथ सीट से जयंत बोरा, नौबोइचा की (एससी) रिजर्व सीट से डॉ. जॉय प्रकाश दास, महमोरा सीट से ज्ञानदीप मोहन, तिताबोर सीट से प्राण कुर्मी और हेलकांडी सीट से राहुल रॉय को उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस ने वामपंथियों की दी उपाधि कौन सा मंदिर? पार्टी ने अपने सहयोगी दल के साथ चौथी सूची के साथ 11 विधानमंडल के किले की भी घोषणा की है, जिसे वह अपने सहयोगी सहयोगी दल के लिए छोड़ रही हैं। इसमें मानस, दलगांव, धिंग, कालियाबोर, तेजपुर, सिसिबारगांव, मार्गेरिटा, दिगबोई, सिबसागर, मारियानी और बोकाखाट विधानसभा के नाम शामिल हैं। जोरहाट सीट से चुनाव लड़ेंगे गौरव गोगोई असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने राज्य की प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष और विपक्ष में नामांकन के लिए गौरव गोगोई को जोर-शोर से सीट से उम्मीदवार बनाया है। अब तक कांग्रेस पार्टी ने ब्याज की कुल चार लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में 3 मार्च, 2026 को अपने बॉन्ड के रिलीज की पहली सूची जारी की थी। इसके बाद दूसरी सूची 14 मार्च को, फिर 22 किले के जंगलों के साथ तीसरी सूची 18 मार्च को और अब 7 किले के जंगलों के साथ चौथी सूची जारी की जाएगी। असम में कब होंगे विधानसभा चुनाव? भारतीय चुनाव आयोग ने असम में चुनावी तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने कहा कि असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को एकल चरण में विधानसभा का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद गणित की गिनती और कल्पना की घोषणा 4 मई, 2026 को की जाएगी। यह भी पढ़ें: भारत में प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े, डीजल ईंधन में बदलाव नहीं, जानें दिल्ली, मुंबई से लेकर यूपी-बिहार तक की कीमतें

छतरपुर में कुएं में मिला तेंदुए का शव:बंसिया हार गांव में बदबू फैलने पर पता चला; शनिवार को होगा पोस्टमार्टम

छतरपुर में कुएं में मिला तेंदुए का शव:बंसिया हार गांव में बदबू फैलने पर पता चला; शनिवार को होगा पोस्टमार्टम

छतरपुर जिले के चंदला थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बंसिया हार में एक बिना मुंडेर के कुएं में तेंदुए का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शुक्रवार को बदबू आने के बाद इस घटना का पता चला। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, तेंदुए की मौत 5 से 7 दिन पहले हुई होगी। सूचना मिलते ही वन मंडल अधिकारी ऋषि मिश्र के नेतृत्व में वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। वन विभाग ने शिकार की आशंका को देखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। रात होने के कारण शुक्रवार को तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, जिसे अब शनिवार को किया जाएगा। कुएं से बदबू आने पर पता चला जानकारी के अनुसार, बंसिया हार में स्थित यह कुआं बिना मुंडेर का है और इससे लगभग आधा किलोमीटर दूर अग्निहोत्री परिवार रहता है। शुक्रवार को जब उन्हें तेज बदबू महसूस हुई, तो उन्होंने खेत स्थित कुएं में झांककर देखा, जहां तेंदुए का शव दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस और वन विभाग को सूचित किया। वन मंडल अधिकारी मिश्रा के साथ एसडीओ स्वामी कार्तिक नायक और रेंजर नीलेश प्रजापति भी वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। तेंदुए के शव को कुएं से बाहर निकालने के लिए खटिया का उपयोग किया गया। पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र से पहुंची चिकित्सकों की टीम ने रात होने के कारण शव को पैक करके रख दिया है। शनिवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पन्ना टाइगर रिजर्व से डॉग स्क्वायड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत जांच करेगी।

व्रत में आलू पराठा रेसिपी: व्रत में बोरियत होगी दूर, इस सीक्रेट ट्रिक से सिर्फ 10 मिनट में नरम आलू पराठा

व्रत में आलू पराठा रेसिपी: व्रत में बोरियत होगी दूर, इस सीक्रेट ट्रिक से सिर्फ 10 मिनट में नरम आलू पराठा

20 मार्च 2026 को 20:03 IST पर अपडेट किया गया व्रत वाले आलू पराठा रेसिपी: नवरात्रि व्रत में आप भी क्या साबूदाना खा-खा गए हैं बोर, तो ये रेसिपी आपके लिए है। इस सीक्रेट ट्रिक से सिर्फ दस मिनट में बना सकते हैं मुलायम आलू का पराठा। (टैग्सटूट्रांसलेट) व्रत रेसिपी (टी) नरम आलू पराठा (टी) फास्टिंग फूड हैक्स (टी) 10 मिनट की रेसिपी (टी) भारतीय व्रत नाश्ता (टी) ग्लूटेन फ्री पराठा (टी) नवरात्रि स्पेशल फूड (टी) आसान कुकिंग टिप्स

green vs yellow kiwi benefits | which kiwi is better for health | हरी और पीली कीवी में फर्क | सेहत के लिए कौन सी कीवी ज्यादा फायदेमंद है |

ask search icon

Last Updated:March 20, 2026, 20:00 IST Green vs Yellow Which Kiwi is Better for Health: कीवी को विटामिन्स का पावरहाउस माना जाता है, लेकिन बाजार में मिलने वाली हरी और पीली (गोल्डन) कीवी में चुनाव करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. बाहर से देखने में एक जैसी लगने वाली इन दोनों कीवी के स्वाद, बनावट और पोषण में काफी अंतर होता है. जहां हरी कीवी अपने खास खट्टे-मीठे स्वाद और फाइबर के लिए जानी जाती है, वहीं पीली कीवी अपनी मिठास और भारी मात्रा में विटामिन C के लिए मशहूर है. अगर आप अपनी डाइट में सही कीवी शामिल करना चाहते हैं, तो इनके बीच का यह बारीक फर्क समझना आपके लिए बहुत जरूरी है. हरी और पीली कीवी दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं, लेकिन अक्सर लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि आखिर खरीदें कौन सी. बाहर से दिखने में भले ये फल एक जैसे लगें, लेकिन इनके स्वाद, पोषक तत्व और शरीर पर असर में थोड़ा अंतर होता है. अगर आप भी हेल्थ को ध्यान में रखकर सही विकल्प चुनना चाहते हैं, तो दोनों कीवी के बीच का फर्क जानना बेहद जरूरी है. डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि हरी कीवी का स्वाद हल्का खट्टा और ताजगी भरा होता है, जो इसे गर्मियों में बेहद रिफ्रेशिंग बनाता है. इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें फाइबर भी अच्छा होता है, जो पाचन को दुरुस्त रखता है. अगर आपको हल्का खट्टा स्वाद पसंद है और पेट से जुड़ी दिक्कतें रहती हैं, तो हरी कीवी आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है. वहीं पीली कीवी, जिसे गोल्डन कीवी भी कहा जाता है, स्वाद में ज्यादा मीठी और जूसी होती है. इसमें विटामिन C की मात्रा हरी कीवी से भी ज्यादा होती है, जो स्किन को ग्लोइंग बनाने और शरीर को इंफेक्शन से बचाने में मदद करती है. इसका टेक्सचर मुलायम होता है, जिससे इसे खाना आसान लगता है. जो लोग खट्टा कम और मीठा ज्यादा पसंद करते हैं, उनके लिए पीली कीवी बेहतर चॉइस हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर पोषण की बात करें तो दोनों ही कीवी में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. हरी कीवी में जहां फाइबर ज्यादा होता है, वहीं पीली कीवी में विटामिन और मिनरल्स की क्वालिटी थोड़ी ज्यादा मानी जाती है. इसलिए अगर आपका फोकस पाचन पर है तो हरी कीवी चुनें, और अगर स्किन और इम्युनिटी पर ध्यान देना है तो पीली कीवी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है. वजन घटाने वालों के लिए भी कीवी एक शानदार फल है. हरी कीवी में फाइबर ज्यादा होने के कारण यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है. वहीं पीली कीवी मीठी जरूर होती है, लेकिन इसमें कैलोरी ज्यादा नहीं होती, इसलिए यह भी डाइट में शामिल की जा सकती है. बस मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है ताकि बैलेंस बना रहे. स्किन के लिए अगर आप खास तौर पर कुछ ढूंढ रहे हैं, तो पीली कीवी आपको बेहतर रिजल्ट दे सकती है. इसमें मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन को अंदर से हेल्दी बनाते हैं और टैनिंग कम करने में मदद करते हैं. हालांकि हरी कीवी भी स्किन के लिए फायदेमंद है, लेकिन पीली कीवी का असर थोड़ा जल्दी दिख सकता है. इसलिए ग्लोइंग स्किन के लिए इसे डाइट में शामिल करना अच्छा रहेगा. खरीदते समय भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. कीवी हमेशा हल्की सॉफ्ट होनी चाहिए, बहुत ज्यादा सख्त या बहुत ज्यादा गली हुई नहीं होनी चाहिए. हरी कीवी की स्किन पर हल्के बाल होते हैं, जबकि पीली कीवी की स्किन स्मूद होती है. इन छोटे-छोटे अंतर को पहचानकर आप सही और ताजी कीवी खरीद सकते हैं, जिससे आपको पूरा पोषण मिल सके. First Published : March 20, 2026, 20:00 IST

अनूपपुर में अवैध रेत से भरे दो ट्रैक्टर जब्त:दो ड्राइवर्स गिरफ्तार, ये दोनों ही वाहन मालिक; बिना रॉयल्टी ले जा रहे थे

अनूपपुर में अवैध रेत से भरे दो ट्रैक्टर जब्त:दो ड्राइवर्स गिरफ्तार, ये दोनों ही वाहन मालिक; बिना रॉयल्टी ले जा रहे थे

अनूपपुर जिले की फुनगा चौकी पुलिस ने शुक्रवार को दो अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर अवैध रेत ले जा रहे दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया। इस कार्रवाई में करीब 12 लाख रुपए से ज्यादा का माल पकड़ा गया है। पहली कार्रवाई गोडारू नदी इलाके में हुई, जहां ग्राम छिल्पा की तरफ आ रहे एक ट्रैक्टर को रोका गया। ड्राइवर कोमल पाव रेत से जुड़े कोई भी कागजात नहीं दिखा सका, जिसके बाद 5 लाख 3 हजार रुपए की संपत्ति जब्त कर ली गई। दोपहर में दूसरी कार्रवाई पहली कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद पुलिस को दूसरी खबर मिली। इस बार कठना नदी क्षेत्र से ग्राम बम्हनी की ओर जा रहे एक और ट्रैक्टर को घेरा गया। इसका ड्राइवर विक्रम सिंह भी बिना किसी रॉयल्टी या दस्तावेज के रेत ले जा रहा था। पुलिस ने इस ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित करीब 7 लाख 3 हजार रुपए का माल जब्त किया। खास बात यह है कि पकड़े गए दोनों ड्राइवर ही इन वाहनों के मालिक निकले। रेत माफियाओं में हड़कंप फुनगा पुलिस की इस सख्ती से इलाके के खनिज माफियाओं में खौफ का माहौल है। दो दिन पहले भी पुलिस ने रेत चोरी के आरोप में तीन ट्रैक्टर जब्त किए थे। केस दर्ज पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), मोटर वाहन अधिनियम और खान एवं खनिज अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है।