किचन में छुपा है सेहत का खजाना! रिसर्च में खुलासा, जानें काली मिर्च, अश्वगंधा और गिलोय के चौंकाने वाले फायदे

Last Updated:March 20, 2026, 19:45 IST Health Tips: डॉ. अभय बताते है कि आयुर्वेद केवल इलाज ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है. किचन में मौजूद ये साधारण चीजें अगर सही तरीके से इस्तेमाल की जाएं, तो यह शरीर को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. वर्तमान समय में जहां ज्यादातर लोग छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए एलोपैथिक दवाओं का उपयोग करते है. वहीं एक बड़ा वर्ग आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाकर स्वस्थ रहने का प्रयास कर रहा है. गोरखपुर यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभय की रिसर्च में यह सामने आया है कि किचन में मौजूद कई साधारण चीजें गंभीर बीमारियों से बचाव और इलाज में कारगर साबित हो सकती है. डॉ. अभय के अनुसार, काली मिर्च गले से जुड़ी समस्याओं में अत्यधिक फायदेमंद है. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण गले की खराश, खांसी और संक्रमण को कम करने में मदद करते है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन गले को साफ और मजबूत बनाए रखता है. अश्वगंधा से पैरालाइज मरीजों को राहतरिसर्च में यह भी पाया गया है कि अश्वगंधा का सेवन पैरालाइज (लकवा) के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है. यह जड़ी-बूटी नसों को मजबूत करने और शरीर की रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती है. आयुर्वेद में इसे एक शक्तिवर्धक औषधि के रूप में जाना जाता है. गिलोय को आयुर्वेद में ‘अमृता’ कहा जाता है. जिसका अर्थ है अमरता देने वाली. डॉ. अभय बताते है कि गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने में अत्यधिक असरदार है. बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है. दालचीनी भी कई बीमारियों में कारगर साबित होती है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, पाचन सुधारने और संक्रमण से लड़ने में मदद करती है. रोजाना सीमित मात्रा में इसका उपयोग शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाता है. डॉ. अभय की रिसर्च के मुताबिक आयुर्वेदिक चीजों का सही और संतुलित उपयोग कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है. हालांकि, विशेषज्ञ सलाह के बिना किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है. डॉ. अभय बताते है कि आयुर्वेद केवल इलाज ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है. किचन में मौजूद ये साधारण चीजें अगर सही तरीके से इस्तेमाल की जाएं, तो यह शरीर को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. Location : Gorakhpur,Gorakhpur,Uttar Pradesh First Published : March 20, 2026, 19:45 IST
लिपुलेख दर्रे से 6 साल बाद भारत-चीन ट्रेड फिर शुरू:जून-सितंबर में खुलेगा ट्रेड सेशन, केंद्र सरकार से मंजूरी; 2019 में बंद हुआ था

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिए भारत और चीन के बीच बॉर्डर ट्रेड छह साल बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। यह ट्रेड सेशन आमतौर पर जून से सितंबर तक चलता है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट आशीष भटगाई ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी होने के बाद यह प्रक्रिया आगे बढ़ी है। लिपुलेख दर्रे के जरिए तिब्बत के साथ बॉर्डर ट्रेड लंबे अंतराल के बाद 1992 में फिर शुरू हुआ था। हालांकि, 2019 में COVID-19 महामारी के कारण इसे बंद कर दिया गया था। स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को लेटर लिखकर हिमालयी दर्रे के जरिए व्यापार बहाल करने का अनुरोध किया है। लेटर में बताया गया है कि गृह मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से भी मंजूरी मिल चुकी है। राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि संबंधित विभाग 2026 के ट्रेड सत्र के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। भारत और चीन के स्थानीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए संपर्क विवरण साझा किए जाएंगे। प्रशासन ने ट्रेड पास जारी करने, करेंसी एक्सचेंज के लिए बैंकों की व्यवस्था, कस्टम विभाग की तैनाती और धारचूला प्रशासन को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें व्यापारियों के लिए ट्रांजिट कैंप, संचार, बैंकिंग, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएं शामिल होंगी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को लेटर लिखकर हिमालयी दर्रे के जरिए व्यापार बहाल करने का अनुरोध किया है। लेटर में बताया गया है कि गृह मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से भी मंजूरी मिल चुकी है। व्यापारियों ने फैसले का स्वागत किया पिथौरागढ़ सीमांत व्यापार संगठन के अध्यक्ष जीवन सिंह रोंकाली ने इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को 2019 से तकलाकोट (तिब्बत) के वेयरहाउस में रखे सामान को वापस लाने का अवसर मिलेगा।
भोपाल में 36 गैस सिलेंडर जब्त:होटल में कमर्शियल की जगह घरेलू का हो रहा था उपयोग; रीफिलिंग करते पकड़ा

भोपाल में LPG संकट के बीच शुक्रवार को खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। 3 जगहों से कुल 36 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। एक होटल में कमर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग हो रहा था। कमर्शियल सिलेंडर बीते 9 दिन से सप्लाई नहीं हुए हैं। वहीं, एक जगह पर गैस रीफिलिंग करने पर छापामार कार्रवाई हुई। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया, न्यू मार्केट और जहांगीराबाद क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और अवैध गैस सिलेडर रीफिलिंग पॉइंट, परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। भदभदा रोड पर न्यू मार्केट स्थित आरके गैस एजेंसी की प्राप्त शिकायत के संबंध में जांच की गई। यहां गैस सिलेंडर के स्टॉक और एजेंसी में कार्यरत सभी कर्मचारियों की जानकारी ली गई। यहां भी कार्रवाई की गई
सुप्रीम कोर्ट बोला- पत्नी नौकरानी नहीं, लाइफ पार्टनर:तलाक के मामले में कहा- खाना न बनाना क्रूरता नहीं, घरेलू काम पति की भी जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तलाक से जुड़े एक मामले में कहा, ‘पत्नी का खाना न बनाना या घरेलू कामकाज ठीक से न करना क्रूरता नहीं माना जा सकता। आप नौकरानी से शादी नहीं कर रहे, बल्कि जीवनसाथी से कर रहे हैं।’ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने कहा- अब समय बदल चुका है और पति को भी घर के कामों में बराबर की जिम्मेदारी निभानी होगी। आज के समय में पति को भी खाना बनाना और घर के काम करना चाहिए।’ बेंच ने इस केस में अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। मामले की अगली तारीख पर पति-पत्नी को सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का कहा है। दोनों की शादी 9 साल पहले हुई थी, 8 साल बेटा भी है दोनों की शादी साल 2017 में हुई थी और उनका एक 8 साल का बेटा है। पति सरकारी स्कूल में शिक्षक है, जबकि पत्नी लेक्चरर है। दलीलों के मुताबिक, पत्नी आर्थिक रूप से पति से बेहतर स्थिति में है और उसने अब तक किसी तरह का भरण-पोषण या गुजारा भत्ता नहीं मांगा है। पति का आरोप है कि शादी के एक हफ्ते बाद ही पत्नी का व्यवहार बदल गया। वह उसके साथ गलत तरीके से पेश आने लगी और उसके तथा उसके माता-पिता के खिलाफ गंदी भाषा का इस्तेमाल करती थी। उसने घर का खाना बनाने से भी मना कर दिया। पति ने यह भी कहा कि बच्चे के जन्म के बाद हुए नामकरण संस्कार में उसे नहीं बुलाया गया। वहीं, पत्नी का कहना है कि वह बच्चे के जन्म के लिए पति और उसके परिवार की सहमति से अपने मायके गई थी। लेकिन पति और उसके परिवार के लोग ही नामकरण संस्कार में शामिल नहीं हुए। पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके माता-पिता से नकद और सोने की मांग की गई और उस पर अपनी सैलरी छोड़ने का दबाव बनाया गया। केस हारने के बाद पति ने लगाई थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका मानते हुए क्रूरता के आधार पर तलाक दे दिया था। इसके बाद पत्नी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया और तलाक को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से नाराज होकर पति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। ………….. तलाक के मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ वॉट्सएप चैट से तलाक नहीं: पत्नी पर क्रूरता के आरोप साबित करने होंगे; फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना सबूत सिर्फ वॉट्सएप चैट के आधार पर तलाक का आदेश नहीं दिया जा सकता। जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की बेंच ने महिला की फैमिली कोर्ट अपील पर सुनवाई में यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली की हवा से कैंसर! कितने दिन में? अब मिलेगा जवाब, जुट गए एम्स के महारथी, मरीजों पर शुरू हुई पहली स्टडी

Delhi Air pollution and Lung Cancer: दिल्ली-एनसीआर की प्रदूषित हवा को लेकर कहा जाता है कि इसमें सांस लेने से लोगों को फेफड़ों का कैंसर हो रहा है. कई रिपोर्ट्स और स्टडीज ये दावा करती हैं कि दिल्ली की हवा में घुला जहर इसे एक दर्जन सिगरेट का धुआं इनहेल करने से भी ज्यादा खतरनाक बना रहा है. हालांकि इन दावों का सटीक जवाब अब जल्दी ही मिलने वाला है. एम्स के AIRCARE (वायु प्रदूषण और कैंसर अनुसंधान इकोसिस्टम के महारथी अब इसका जवाब ढूंढने में जुट गए हैं. भारत दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों का घर बन चुका है.इसका लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है. लिहाजा इसके प्रभावों का वैज्ञानिक रूप से अध्ययन करने की तुरंत जरूरत है. भारत में पुरुषों में फेफड़ों का कैंसर सबसे आम कैंसरों में से एक है. देखा गया है कि खासतौर पर एनसीआर में रहने वाली महिलाओं व युवा वयस्कों में धूम्रपान न करने के बावजूद भी फेफड़ों के कैंसर के मामलों की संख्या काफी ज्यादा है. ऐसे में एयर पॉल्यूशन फेफड़ों के कैंसर के लिए एक महत्वपूर्ण रिस्क फैक्टर बनकर उभरा है. इसी को लेकर अब बड़े स्तर पर स्टडी की जा रही है. एम्स नई दिल्ली में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक शंकर के नेतृत्व में इसी विभाग से डॉ. सुनील कुमार, डॉ. रंभा पांडे, ऑन्को-एनेस्थीसिया और पैलिएटिव मेडिसिन से डॉ. सच्चिदानंद भारती, मेडिकल ऑन्कोलॉजी से डॉ. चंद्र प्रकाश प्रसाद, डॉ. मयंक सिंह, डॉ. आशुतोष मिश्रा और बायोस्टैटिस्टिक्स से डॉ. आशीष दत्त उपाध्याय की टीम भारत में अपनी तरह का ऐसा पहला वैज्ञानिक अध्ययन करने जा रही है. इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण, विशेष रूप से महीन कणों (PM 2.5) के संपर्क में आने के फेफड़ों के कैंसर के रिस्क पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन करना है. इस बारे में डॉ. अभिषेक शंकर कहते हैं कि यह बड़ी चिंता का विषय है कि फेफड़ों का कैंसर जिसे कभी मुख्य रूप से तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों से जुड़ी बीमारी माना जाता था, अब उन लोगों में भी तेजी से बढ़ रहा है जो धूम्रपान नहीं करते हैं. एयरकेयर स्टडी में 1615 फेफड़ों के कैंसर के मरीजों को शामिल किया गया है. जिनके साथ 1615 ‘कंट्रोल्स’ के रूप में उनके परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा. ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि दिल्ली-NCR क्षेत्र में सभी प्रतिभागियों के लिए वायु प्रदूषण के संपर्क का स्तर लगभग समान बना रहे. इस आधार पर फेफड़ों के कैंसर के जोखिम का मूल्यांकन किया जा सके कि वे लोग अपने जीवन में वायु प्रदूषण के कितने संपर्क में रहे हैं. यह स्टडी जटिल कार्य है, जिसमें क्लीनिकल और नॉन क्लिनिकल दोनों तरीकों को अपनाया जाएगा. इसमें कोहोर्ट और केस-कंट्रोल, दोनों तरह के डिजाइन का इस्तेमाल करना होगा, ताकि अलग-अलग जनसांख्यिकी और सामाजिक-आर्थिक समूहों में फेफड़ों के कैंसर की घटनाओं पर लंबे समय तक PM 2.5 के संपर्क में रहने के प्रभावों को ट्रैक किया जा सके. इस अध्ययन का एक और अहम पहलू भारतीय आबादी में एक खास जेनेटिक सिग्नेचर की खोज करना है, जो वायु प्रदूषण के संपर्क में आ रही है. आसान शब्दों में कहें तो, यह अध्ययन भारतीय आबादी के लिए खास एक जेनेटिक छाप को अलग करने की कोशिश करेगा, ताकि यह देखा जा सके कि क्या वायु प्रदूषण के संपर्क में आने पर होने वाली कोई खास शुरुआती जेनेटिक घटना, बाद में जीवन में फेफड़ों के कैंसर का रूप ले लेती है. अध्ययन के इन हिस्सों से इकट्ठा की गई जानकारी के आधार पर, शोधकर्ता एक रिस्क-आधारित स्क्रीनिंग मॉडल तैयार करेंगे. यह मॉडल भारतीय आबादी और संपर्क के स्तरों के लिए खास क्लिनिकल और मॉलिक्यूलर, दोनों तरह के घटकों पर आधारित होगा. यह कोहोर्ट में से उस संवेदनशील आबादी की भी पहचान करेगा, जिन्हें फेफड़ों का कैंसर होने का जोखिम ज्यादा है. भारत में पुरुषों में फेफड़ों का कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर बना हुआ है, और दोनों लिंगों में यह चौथा सबसे आम प्रकार है. इस बीमारी से निपटने और जान के और नुकसान को कम करने के लिए, नीतियों और प्रबंधन रणनीतियों को लागू करने की तत्काल जरूरत है.
क्षेत्रीय स्वास्थ्य संस्थान को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, कर्नाटक में शाह अस्पताल ने की मल्टी सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य उत्पादों की शुरुआत

20 मार्च 2026 को 18:13 IST पर अपडेट किया गया वर्ष 1984 में संचालित शाह हॉस्पिटल ने करनाल में अपनी नई मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ किट के साथ विस्तार की घोषणा की। (टैग्सटूट्रांसलेट)शाह हॉस्पिटल(टी)करनाल
बुरहानपुर में नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन:36 जोड़ों ने आहुति दी, संस्कार-सद्भाव के संदेश के साथ प्रकृति सेवा का आह्वान

बुरहानपुर के गायत्री शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन शुक्रवार को हुआ। इस आयोजन में 36 जोड़ों ने आहुतियां दीं, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। शिकारपुरा थाना के सामने स्थित गायत्री शक्तिपीठ में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी महायज्ञ के माध्यम से समाज में संस्कार, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। यज्ञ के साथ विभिन्न संस्कारों का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य जनमानस को संस्कृति से जोड़ना था। यज्ञ के दौरान आचार्य विजय जी ने प्रकृति सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन दिनों मुरझाते पौधों को जल देना, पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना और गौमाता को गौ ग्रास अर्पित करना पुण्यकारी है। उन्होंने नीम की नई कोपलों के सेवन को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया। महायज्ञ की पूर्णाहुति के समय आचार्य देवेंद्र जी ने श्रद्धालुओं को एक बुराई त्यागने और नियमित गायत्री मंत्र जप का संकल्प दिलाया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ता इन नौ दिनों तक निरंतर गायत्री मंत्र जप, साधना और अनुष्ठान कर रहे हैं, जिससे वातावरण में दिव्यता बनी हुई है। वसंत मोड़े ने गायत्री महायज्ञ के महत्व को समझाते हुए इसे आत्मकल्याण और विश्वकल्याण का श्रेष्ठ माध्यम बताया।
रणवीर सिंह का अक्षय खन्ना के एंट्री सॉन्ग पर डांस:मुंबई में हुई धुरंधर 2 की सक्सेस पार्टी; फिल्म की स्टार कास्ट शामिल हुई

रणवीर सिंह और संजय दत्त स्टारर ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ने रिलीज के पहले दिन ही 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। इस कामयाबी के बाद डायरेक्टर आदित्य धर ने मुंबई में एक शानदार आफ्टर-पार्टी दी है। इसमें यामी गौतम, अर्जुन रामपाल और रणवीर सिंह सहित पूरी स्टारकास्ट शामिल हुई। सोशल मीडिया पर पार्टी के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें रणवीर सिंह रहमान डकैत के एंट्री सॉन्ग पर डांस करते नजर आ रहे हैं। आफ्टर पार्टी में रणवीर के डांस की तस्वीरें रणवीर ने रिक्रिएट किए अक्षय खन्ना के डांस स्टेप्स सक्सेस पार्टी के एक वीडियो में रणवीर सिंह वायरल गाने ‘FA9LA’ (शेर-ए-बलूच) पर थिरकते नजर आए। यह गाना मूल रूप से रैपर फ्लिपरैची का है, जो अक्षय खन्ना के हुक स्टेप्स की वजह से इंटरनेट पर सनसनी बन गया था। रणवीर ने उसी नोस्टाल्जिया को ताजा करते हुए हुक स्टेप्स को रिक्रिएट किया। इसके अलावा, उन्होंने ‘नैना लड़ावा’ और जैस्मीन सैंडलास के गाने ‘शरारत’ पर सारा अर्जुन, क्रिस्टल डिसूजा और आयशा खान के साथ भी परफॉर्म किया। सौम्या टंडन ने रणवीर को याद दिलाया पुराना सीन पार्टी में फिल्म में ‘उल्फत’ का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर रणवीर सिंह, यामी गौतम और आदित्य धर के साथ कई इनसाइड फोटोज शेयर कीं। एक मजेदार वीडियो में सौम्या, रणवीर को मजाक में थप्पड़ मारने की एक्टिंग करती दिखीं। उन्होंने बताया कि यह फिल्म के पहले पार्ट में उनके और रणवीर के बीच फिल्माए गए पहले सीन की यादें ताजा करने के लिए था। पहले दिन की कमाई 100 करोड़ के पार ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ ने ओपनिंग डे पर 21,728 शोज के जरिए 102.55 करोड़ रुपए की कमाई की है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जो क्रेज था, वह आंकड़ों में साफ दिख रहा है। पॉजिटिव रिव्यूज और वर्ड ऑफ माउथ की वजह से आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई और बढ़ने की उम्मीद है।
रणवीर सिंह का अक्षय खन्ना के एंट्री सॉन्ग पर डांस:मुंबई में हुई धुरंधर 2 की सक्सेस पार्टी; फिल्म की स्टार कास्ट शामिल हुई

रणवीर सिंह और संजय दत्त स्टारर ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज के पहले दिन ही 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। इस कामयाबी के बाद डायरेक्टर आदित्य धर ने मुंबई में एक शानदार आफ्टर-पार्टी दी है। इसमें यामी गौतम, अर्जुन रामपाल और रणवीर सिंह सहित पूरी स्टारकास्ट शामिल हुई। सोशल मीडिया पर पार्टी के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें रणवीर सिंह रहमान डकैत के एंट्री सॉन्ग पर डांस करते नजर आ रहे हैं। आफ्टर पार्टी में रणवीर के डांस की तस्वीरें रणवीर ने रिक्रिएट किए अक्षय खन्ना के डांस स्टेप्स सक्सेस पार्टी के एक वीडियो में रणवीर सिंह वायरल गाने ‘FA9LA’ (शेर-ए-बलूच) पर थिरकते नजर आए। यह गाना मूल रूप से रैपर फ्लिपरैची का है, जो अक्षय खन्ना के हुक स्टेप्स की वजह से इंटरनेट पर सनसनी बन गया था। रणवीर ने उसी नोस्टाल्जिया को ताजा करते हुए हुक स्टेप्स को रिक्रिएट किया। इसके अलावा, उन्होंने ‘नैना लड़ावा’ और जैस्मीन सैंडलास के गाने ‘शरारत’ पर सारा अर्जुन, क्रिस्टल डिसूजा और आयशा खान के साथ भी परफॉर्म किया। सौम्या टंडन ने रणवीर को याद दिलाया पुराना सीन पार्टी में फिल्म में ‘उल्फत’ का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर रणवीर सिंह, यामी गौतम और आदित्य धर के साथ कई इनसाइड फोटोज शेयर कीं। एक मजेदार वीडियो में सौम्या, रणवीर को मजाक में थप्पड़ मारने की एक्टिंग करती दिखीं। उन्होंने बताया कि यह फिल्म के पहले पार्ट में उनके और रणवीर के बीच फिल्माए गए पहले सीन की यादें ताजा करने के लिए था। पहले दिन की कमाई 100 करोड़ के पार ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ ने ओपनिंग डे पर 21,728 शोज के जरिए 102.55 करोड़ रुपए की कमाई की है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जो क्रेज था, वह आंकड़ों में साफ दिख रहा है। पॉजिटिव रिव्यूज और वर्ड ऑफ माउथ की वजह से आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई और बढ़ने की उम्मीद है।
नरसिंहपुर में कांग्रेस के कार्यक्रम में झड़प:नकुल नाथ की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं में विवाद, पुलिस ने संभाला मोर्चा

नरसिंहपुर में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने स्वतंत्रता सेनानी रानी अवंतीबाई लोधी का 168वां बलिदान दिवस मनाया। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुल नाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नकुल नाथ के मंच से उतरते ही स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर झड़प हो गई। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों गुटों को अलग कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रदेश सरकार पर साधा निशाना नकुल नाथ ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में किसान, नौजवान और महिलाएं परेशान हैं। नकुलनाथ ने महिला अत्याचार और बेरोजगारी के बढ़ते मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य न मिलने और हाल ही में ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। नकुल नाथ ने सरकार से जल्द सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की। नहीं हुई किसी भी पक्ष से शिकायत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संदीप भूरिया ने बताया कि कार्यकर्ताओं के बीच छींटाकशी के कारण विवाद हुआ था, जिसे पुलिस ने समय रहते शांत करा दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी पक्ष द्वारा कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।






