Wednesday, 16 Sep 2026 | 11:12 PM

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अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की:जवाब में तेहरान का बहरीन-कुवैत में मिसाइल हमला, जॉर्डन ने 3 मिसाइलें गिराईं

अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की:जवाब में तेहरान का बहरीन-कुवैत में मिसाइल हमला, जॉर्डन ने 3 मिसाइलें गिराईं

अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान में सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, रक्षा ठिकाने और सिस्तान-बलूचिस्तान में 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने तीन ईरानी मिसाइलें मार गिराने की जानकारी दी। इस बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो मिडिल-ईस्ट से तेल और गैस का निर्यात भी रोका जा सकता है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज में जहाज नहीं भेज रहीं कंपनियां: ईरानी हमलों के बाद कई शिपिंग कंपनियां होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए अमेरिका की सुरक्षा लेने से भी बच रही हैं। 2. अमेरिकी हमलों में 35 ईरानी लोगों की मौत: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि हाल के दिनों में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। 3. ईरान जंग के बाद पहली बार अमेरिका जाएंगे नेतन्याहू: इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू शनिवार को अमेरिका जाएंगे। वे दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को श्रद्धांजलि देने जा रहे हैं। 4. अचानक कतर पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री: अब्बास अराघची अचानक कतर की राजधानी दोहा पहुंचे। वह कतर के पूर्व अमीर हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेंगे। 5. लापता भारतीय नाविक के मौत की पुष्टि: ओमान के तट के पास कारोबारी जहाज GFS गैलेक्सी पर 12 जुलाई को हुए हमले के बाद लापता हुए एक भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि हो गई है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

अमेरिका-कनाडा में 2 पंजाबी गैंगस्टर पर कार्रवाई:ढांडा की ₹61 करोड़ की प्रापर्टी होगी सीज, नितिश कौशल मोस्ट वांटेड की लिस्ट में

अमेरिका-कनाडा में 2 पंजाबी गैंगस्टर पर कार्रवाई:ढांडा की ₹61 करोड़ की प्रापर्टी होगी सीज, नितिश कौशल मोस्ट वांटेड की लिस्ट में

पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के कनाडा स्थित राइट हैंड नितिश कौशल के खिलाफ FBI ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरदासपुर निवासी नितिश कौशल को जग्गू गैंग को कनाडा में ऑपरेट करने के आरोपों के चलते मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। वहीं, ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत पंजाबी मूल के गैंगस्टर रविंदर सिंह ढांडा की करीब 6.4 मिलियन डॉलर (61.60 करोड़ रुपए ) की संपत्ति सीज करने के आदेश जारी किए गए हैं। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश 15 जुलाई को दिए गए। ढांडा पर ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन चलाने का आरोप FBI ने ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स पर कार्रवाई तेज कर दी है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सक्रिय रविंदर सिंह ढांडा पर ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन चलाने का आरोप है। उस पर अमेरिका-कनाडा सीमा के जरिए सैकड़ों किलो कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है ढांडा को 7 जुलाई 2026 को ब्रिटिश कोलंबिया में गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है। वहीं, ब्रिटिश कोलंबिया सरकार उसकी करोड़ों रुपए की संपत्तियों को सिविल फॉरफीचर के तहत जब्त करने की तैयारी कर रही है। भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश पर हत्या सहित कई केस बता दें कि ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत FBI ने भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश कौशल के खिलाफ भी कार्रवाई की है। उसे गिरफ्तारी वारंट जारी कर मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। कौशल पर आरोप है कि वह भारतीय जेल में बंद जग्गू भगवानपुरिया के सिंडिकेट को कनाडा से ऑपरेट करता है। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। FBI ने उसे खतरनाक अपराधी बताते हुए उसके बारे में जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की है। ढांडा और जग्गू की गैंग पर भी कार्रवाई FBI ने ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत कुल 37 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसमें गैंगस्टर लॉरेंस, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा के नेटवर्क से जुड़े लोग भी शामिल हैं। अब तक 24 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 10 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। गैंग भारतीय समुदाय को निशाना बना रहे यह कार्रवाई अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से की गई थी। इस दौरान 1 हजार किलो से अधिक ड्रग्स, हथियार और नकदी बरामद की गई। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि जेलों से संचालित हो रहे ये गैंग भारतीय समुदाय को निशाना बना रहे थे।

यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों के बाद रूस को बड़ा झटका लगा है। इस सप्ताह हमलों की वजह से रूस को एजोव सागर के अहम समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इससे दुनिया के दूसरे देशों के साथ रूस का व्यापार प्रभावित होने लगा है। एजोव सागर लंबे समय तक यूक्रेन की पहुंच से बाहर रहा था। रूस इसी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल यूक्रेन पर हमले करने और दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, स्टील, सूरजमुखी का तेल और दूसरे सामान दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के लिए करता था। लेकिन हाल के महीनों में यूक्रेन के ड्रोन हमले काफी प्रभावी हो गए हैं और अब इस समुद्री रास्ते पर भी रूस का दबदबा कमजोर पड़ने लगा है। यूक्रेन की ड्रोन सेना के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवदी ने बुधवार को दावा किया कि पिछले 9 दिनों में एजोव सागर में रूस के 116 जहाजों को निशाना बनाया गया है। पहले यूक्रेन के हमले मुख्य रूप से रूस के शैडो ऑयल टैंकरों और युद्धपोतों तक सीमित थे, लेकिन अब हमलों का दायरा बढ़ गया है। रूस के दो अहम समुद्री रास्ते बंद लगातार हमलों के बाद रूस ने डॉन-एजोव चैनल और केर्च स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली बेवसाइट्स के मुताबिक, इन दोनों रास्तों के दोनों ओर बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर सिर्फ रूस के तेल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गेहूं, सूरजमुखी के तेल और दूसरे कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, जिन पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध लागू नहीं हैं। अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का कहना है कि यूक्रेन के हमलों का मकसद क्रीमिया को रूस की सप्लाई लाइन से अलग करना और समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व अनाज के निर्यात को बाधित करना है। रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है और वैश्विक गेहूं निर्यात का लगभग 20% हिस्सा अकेले रूस से आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। गेहूं की कीमतें बढ़ने लगीं एजोव सागर में संकट बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के वायदा भाव (फ्यूचर्स) भी बढ़ने लगे हैं। रूस का दावा है कि वह अपने गेहूं का निर्यात ब्लैक सी के दूसरे बंदरगाहों से कर सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि निर्यात के सबसे व्यस्त मौसम में दूसरे बंदरगाहों की क्षमता इतनी नहीं है कि वे पूरा भार संभाल सकें।

यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों के बाद रूस को बड़ा झटका लगा है। इस सप्ताह हमलों की वजह से रूस को एजोव सागर के अहम समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इससे दुनिया के दूसरे देशों के साथ रूस का व्यापार प्रभावित होने लगा है। एजोव सागर लंबे समय तक यूक्रेन की पहुंच से बाहर रहा था। रूस इसी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल यूक्रेन पर हमले करने और दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, स्टील, सूरजमुखी का तेल और दूसरे सामान दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के लिए करता था। लेकिन हाल के महीनों में यूक्रेन के ड्रोन हमले काफी प्रभावी हो गए हैं और अब इस समुद्री रास्ते पर भी रूस का दबदबा कमजोर पड़ने लगा है। यूक्रेन की ड्रोन सेना के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवदी ने बुधवार को दावा किया कि पिछले 9 दिनों में एजोव सागर में रूस के 116 जहाजों को निशाना बनाया गया है। पहले यूक्रेन के हमले मुख्य रूप से रूस के शैडो ऑयल टैंकरों और युद्धपोतों तक सीमित थे, लेकिन अब हमलों का दायरा बढ़ गया है। रूस के दो अहम समुद्री रास्ते बंद लगातार हमलों के बाद रूस ने डॉन-एजोव चैनल और केर्च स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली बेवसाइट्स के मुताबिक, इन दोनों रास्तों के दोनों ओर बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर सिर्फ रूस के तेल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गेहूं, सूरजमुखी के तेल और दूसरे कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, जिन पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध लागू नहीं हैं। अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का कहना है कि यूक्रेन के हमलों का मकसद क्रीमिया को रूस की सप्लाई लाइन से अलग करना और समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व अनाज के निर्यात को बाधित करना है। गेहूं की कीमतें बढ़ने लगीं रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है और वैश्विक गेहूं निर्यात का लगभग 20% हिस्सा अकेले रूस से आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है।एजोव सागर में संकट बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के वायदा भाव (फ्यूचर्स) भी बढ़ने लगे हैं। रूस का दावा है कि वह अपने गेहूं का निर्यात ब्लैक सी के दूसरे बंदरगाहों से कर सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि निर्यात के सबसे व्यस्त मौसम में दूसरे बंदरगाहों की क्षमता इतनी नहीं है कि वे पूरा भार संभाल सकें। रूस के लिए एजोव सागर इतना खास क्यों है एजोव सी यूक्रेन और रूस के बीच स्थित एक अंदरूनी समुद्र है, जो केर्च स्ट्रेट के जरिए ब्लैक सी से जुड़ा है। 2003 में यूक्रेन और रूस ने इस समुद्री क्षेत्र को साझा इस्तेमाल करने का समझौता किया था। लेकिन 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद रूस ने इस समझौते का कई बार उल्लंघन किया। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला करने के बाद रूस ने एजोव सागर के आसपास के लगभग पूरे यूक्रेनी तट पर कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे रूस का समंदर तक बता दिया था। आकार में छोटा होने के बावजूद, एजोव सागर रूस की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। सोवियत काल में विकसित हुए नदियों और नहरों का विशाल नेटवर्क इसी समुद्री मार्ग से जुड़ता है। इसके जरिए दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, सूरजमुखी का तेल, इस्पात और अन्य सामान पहले ब्लैक सी और फिर दुनिया के कई देशों तक पहुंचाया जाता है।

सरेआम गोद में बैठाने वाले राघव जुयाल हैं खास दोस्त:शहनाज गिल बोलीं- उनकी फिल्म जरूर देखें, हाथ पकड़ने से अफेयर की चर्चा

सरेआम गोद में बैठाने वाले राघव जुयाल हैं खास दोस्त:शहनाज गिल बोलीं- उनकी फिल्म जरूर देखें, हाथ पकड़ने से अफेयर की चर्चा

डेटिंग की अफवाहों के बीच शहनाज गिल ने राघव जुयाल को अपना बेहद करीबी और अच्छा दोस्त बताया। साथ ही उन्होंने लोगों से उनकी आगामी फिल्म को सपोर्ट करने की अपील की। गौरतलब है कि हाल ही में शहनाज गिल और राघव जुयाल का एक वीडियो सामने आया था। इसके बाद दोनों के अफेयर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। पिंकविला को दिए इंटरव्यू के दौरान जब शहनाज से राघव जुयाल के साथ उनके रिश्ते को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “प्लीज, मुझसे पर्सनल सवाल मत पूछिए।” हालांकि, शहनाज ने कहा, “मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि मेरे दोस्त की फिल्म आ रही है। ‘भाई तेरा स्टार है’, इसलिए आप सभी से गुजारिश है कि उसकी फिल्म को जरूर सपोर्ट करें। वह मेरा बहुत अच्छा दोस्त है और उसकी फिल्म का चलना बेहद जरूरी है।” एक्ट्रेस ने आगे कहा, “एक एक्टर के तौर पर वह पहली बार मेन लीड के रूप में दर्शकों के सामने आ रहा है। इसलिए हम सभी का उसे सपोर्ट करना बहुत जरूरी है। वह किसी फिल्मी परिवार या इंडस्ट्री से नहीं है। उसने अपनी मेहनत और अपने दम पर यह मुकाम हासिल किया है। इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि उसकी फिल्म जरूर देखें। ‘भाई तेरा स्टार है।’” गौरतलब है कि एक्टर राघव जुयाल की गुरुवार को हुई बर्थडे पार्टी में एक्ट्रेस शहनाज गिल उनके साथ नजर आई थीं। दोनों को इवेंट से एक साथ निकलते और एक ही कार में जाते देखा गया। वीडियो में शहनाज, राघव की गोद में बैठी दिखीं। जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके रिलेशनशिप को लेकर अटकलें तेज हो गईं। कहा गया कि दोनों ने अपना रिलेशनशिप कन्फर्म कर दिया। शहनाज गिल और राघव जुयाल की दोस्ती लंबे समय से चर्चा में है। दोनों ने साल 2023 में सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में साथ काम किया था। तभी से दोनों के अफेयर की खबरें सामने आती रही हैं। हालांकि, शहनाज और राघव हमेशा एक-दूसरे को सिर्फ अच्छा दोस्त बताते आए हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो राघव की अपकमिंग फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ में नजर आएंगे। वह फिल्म में अजय सिंह का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में संजय कपूर, चंदन रॉय सान्याल, बरखा सिंह, टीना देसाई और विवान भटेना समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को विवेक बी. अग्रवाल ने डायरेक्ट किया है और यह 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

समय रैना मिस्ट्री गर्ल के साथ दिखे:हाथ थामे नजर आए, भारी भीड़ में गिरे शख्स को उठाया; देखें वीडियो

समय रैना मिस्ट्री गर्ल के साथ दिखे:हाथ थामे नजर आए, भारी भीड़ में गिरे शख्स को उठाया; देखें वीडियो

कॉमेडियन समय रैना का मंगलवार को एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह एक मिस्ट्री गर्ल का हाथ पकड़कर भीड़ से बाहर निकालते नजर आ रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि उनके साथ जो लड़की थी, वह कौन हैं? गौरतलब है कि बीते दिनों समय रैना और फिल्म 12th फेल की एक्ट्रेस मेधा शंकर के बीच डेटिंग की अफवाहें चर्चा में थीं। अब सामने आए नए वीडियो के बाद एक बार फिर उनकी निजी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ सीजन 2 की शूटिंग के बाद समय रैना बाहर निकलते दिखाई देते हैं। इस दौरान वहां पैपराजी और फैंस की भीड़ मौजूद थी। भीड़ के बीच समय एक मास्क पहने लड़की का हाथ पकड़कर उसे सुरक्षित बाहर निकालते हुए कार तक ले जाते नजर आते हैं। वहीं समय रैना जब मिस्ट्री गर्ल का हाथ थामकर बाहर निकल रहे थे, तभी एक शख्स गिर गया। इसके बाद समय ने तुरंत उसका हाथ पकड़कर उसे उठाया। समय-मेधा की डेटिंग अफवाहें चर्चा में थीं इससे पहले समय और मेधा शंकर को लेकर भी डेटिंग की अफवाहें सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया था कि दोनों को एक ही जगह पर साथ देखा गया। पोस्ट में यह भी कहा गया कि पैपराजी को देखते ही दोनों अलग-अलग रास्तों से निकल गए। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने समय पर 3 लाख जुर्माना लगाया वहीं, मंगलवार को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना, रणवीर अलाहाबादिया, विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर पर 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत ने दिव्यांगों पर विवादित टिप्पणी के केस में यह आदेश दिया। इसकी सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने की। बेंच ने कहा कि हमारे आदेश के बावजूद रैना ने अपने शो पर किसी दिव्यांग को नहीं बुलाया। अदालत ने कहा था- हमें लगता है कि रैना ने अदालत को गुमराह किया और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया। हम उन पर जुर्माना लगाते हैं, जिसे 2 हफ्ते में जमा करना होगा। अदालत क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रैना के शो पर स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज के खर्च पर असंवेदनशील टिप्पणी करने और दिव्यांगों का मजाक उड़ाने का आरोप है। फाउंडेशन की वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि रैना ने अपने किसी भी शो में शामिल होने के लिए उनसे या किसी अन्य दिव्यांगजन से कभी संपर्क नहीं किया। याचिकाकर्ता और रैना की दलील रैना के वकील ने कहा कि शो के जरिए हमने 9 लाख रुपए का फंड जुटाया है। दिव्यांगों को बुलाया गया था। शो पर उनकी फोटो भी थी। अगर दिव्यांग संस्था की वकील अपराजिता के क्लाइंट तक हम नहीं पहुंच पाए तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। दिव्यांग संस्था की वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि हमें उनसे पैसे नहीं चाहिए। यह अहंकार है और हम इसके सामने नहीं झुकेंगे। इस पर समय के वकील ने कहा कि यह घमंड नहीं है। 2025 में शो के दौरान रणवीर के कमेंट से शुरू हुआ विवाद फरवरी 2025 में रणवीर अलाहाबादिया समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट में बतौर गेस्ट जज पहुंचे। उन्होंने एक प्रतियोगी से माता-पिता के यौन संबंधों से जुड़ा बेहद आपत्तिजनक सवाल पूछा। इस क्लिप के वायरल होने के बाद पूरे देश में भारी विरोध शुरू हो गया। इसके बाद महाराष्ट्र और असम समेत कई राज्यों में FIR दर्ज हुई। शिकायतों में समय रैना, रणवीर अलाहाबादिया और अन्य पैनलिस्टों के नाम शामिल किए गए। इसके बाद महाराष्ट्र और असम समेत कई राज्यों में FIR दर्ज की गईं। शिकायतों में समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया और दूसरे पैनलिस्ट के नाम थे। आरोप लगा कि शो में अश्लील और अभद्र कंटेंट दिखाया गया था।

समय रैना मिस्ट्री गर्ल के साथ दिखे:हाथ थामे नजर आए, भारी भीड़ में गिरे शख्स को उठाया; देखें वीडियो

समय रैना मिस्ट्री गर्ल के साथ दिखे:हाथ थामे नजर आए, भारी भीड़ में गिरे शख्स को उठाया; देखें वीडियो

कॉमेडियन समय रैना का मंगलवार को एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह एक मिस्ट्री गर्ल का हाथ पकड़कर भीड़ से बाहर निकालते नजर आ रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि उनके साथ जो लड़की थी, वह कौन हैं। गौरतलब है कि बीते दिनों समय रैना और फिल्म 12th फेल की एक्ट्रेस मेधा शंकर के बीच डेटिंग की अफवाहें चर्चा में थीं। अब सामने आए नए वीडियो के बाद एक बार फिर उनकी निजी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ सीजन 2 की शूटिंग के बाद समय रैना निकलते दिखाई देते हैं। इस दौरान वहां पैपराजी और फैंस की भीड़ मौजूद थी। भीड़ के बीच समय एक मास्क पहने लड़की का हाथ पकड़कर उसे सुरक्षित बाहर निकालते हुए कार तक ले जाते नजर आते हैं। समय-मेधा की डेटिंग अफवाहें चर्चा में थीं इससे पहले समय रैना और मेधा शंकर को लेकर भी डेटिंग की अफवाहें सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया था कि दोनों को एक ही जगह पर साथ देखा गया। पोस्ट में यह भी कहा गया कि पैपराजी को देखते ही दोनों अलग-अलग रास्तों से निकल गए। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना पर 3 लाख जुर्माना लगाया वहीं, मंगलवार को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना, रणवीर अलाहाबादिया, विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर पर 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत ने दिव्यांगों पर विवादित टिप्पणी के केस में यह आदेश दिया है। इसकी सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने की। बेंच ने कहा कि हमारे आदेश के बावजूद रैना ने अपने शो पर किसी दिव्यांग को नहीं बुलाया। अदालत ने कहा- हमें लगता है कि रैना ने अदालत को गुमराह किया और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया। हम उन पर जुर्माना लगाते हैं, जिसे 2 हफ्ते में जमा करना होगा। अदालत क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रैना के शो पर स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज के खर्च पर असंवेदनशील टिप्पणी करने और दिव्यांगों का मजाक उड़ाने का आरोप है। फाउंडेशन की वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि रैना ने अपने किसी भी शो में शामिल होने के लिए उनसे या किसी अन्य दिव्यांगजन से कभी संपर्क नहीं किया। याचिकाकर्ता और रैना की दलील रैना के वकील ने कहा कि शो के जरिए हमने 9 लाख रुपए का फंड जुटाया है। दिव्यांगों को बुलाया गया था। शो पर उनकी फोटो भी थी। अगर दिव्यांग संस्था की वकील अपराजिता के क्लाइंट तक हम नहीं पहुंच पाए तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। दिव्यांग संस्था की वकील अपराजिता सिंह ने कहा- हमें उनसे पैसे नहीं चाहिए। यह अहंकार है और हम इसके सामने नहीं झुकेंगे। इस पर समय के वकील ने कहा कि यह घमंड नहीं है। 2025 में शो के दौरान रणवीर के कमेंट से शुरू हुआ विवाद फरवरी 2025 में रणवीर अलाहाबादिया समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट में बतौर गेस्ट जज पहुंचे। उन्होंने एक प्रतियोगी से माता-पिता के यौन संबंधों से जुड़ा बेहद आपत्तिजनक सवाल पूछा। इस क्लिप के वायरल होने के बाद पूरे देश में भारी विरोध शुरू हो गया। इसके बाद महाराष्ट्र और असम समेत कई राज्यों में FIR दर्ज हुई। शिकायतों में समय रैना, रणवीर अलाहाबादिया और अन्य पैनलिस्टों के नाम शामिल किए गए। इसके बाद महाराष्ट्र और असम समेत कई राज्यों में FIR दर्ज की गईं। शिकायतों में समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया और दूसरे पैनलिस्ट के नाम थे। आरोप लगा कि शो में अश्लील और अभद्र कंटेंट दिखाया गया था।

बफेट-गेट्स की 20 साल पुरानी दोस्ती में दरार:3.5 लाख करोड़ देने वाले बफेट ने एपस्टीन जांच पूरी होने तक रोका दान

बफेट-गेट्स की 20 साल पुरानी दोस्ती में दरार:3.5 लाख करोड़ देने वाले बफेट ने एपस्टीन जांच पूरी होने तक रोका दान

दुनिया के सबसे बड़े और सफल निवेशकों में शुमार वॉरेन बफे और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स की दोस्ती दशकों पुरानी है। दोनों ने मिलकर ‘द गिविंग प्लेज’ शुरू किया था। यह अरबपतियों को संपत्ति दान करने के लिए प्रेरित करने वाला अभियान है। बफे खुद गेट्स फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी रह चुके हैं और 2022 तक उसे 3.46 लाख करोड़ दान में दे चुके थे। लेकिन इस साल कहानी बदल गई। बफे ने गेट्स फाउंडेशन को कुछ नहीं दिया। इसकी बजाय, 95 साल के बफे ने बर्कशायर हैथवे के करीब 6 अरब डॉलर (57,600 करोड़) के शेयर अपने परिवार से जुड़े चार फाउंडेशन को सौंप दिए। इसकी एक खास वजह है। गेट्स फाउंडेशन ने बाहरी वकीलों को बुलाकर एक जांच शुरू करवाई है। पता लगाया जा रहा है कि दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ फाउंडेशन के क्या संबंध थे। बफे इसी जांच का नतीजा आने का इंतजार कर रहे हैं। इसीलिए उन्होंने फाउंडेशन को दान रोक दिया। असल कहानी यहीं से दिलचस्प मोड़ लेती है। बफे ने इस साल मार्च में सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में साफ कह दिया था कि वे अब गेट्स से बात नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘हमने साथ बहुत अच्छा वक्त बिताया, लेकिन जब तक यह मामला साफ नहीं होता, मुझे नहीं लगता कि ज्यादा बातचीत करना ठीक है।’ गेट्स ने पिछले महीने अमेरिकी संसद की एक समिति के सामने गवाही दी कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की जानकारी नहीं थी। बफे ने भी साफ किया कि उनकी एपस्टीन से कभी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने गेट्स से इस विवाद पर कभी बात नहीं की क्योंकि वे नहीं चाहते कि उन्हें गेट्स-एपस्टीन संबंधों पर गवाही देने के लिए बुलाया जाए। हालांकि उम्र और इस विवाद के बावजूद बफे की दानशीलता कम नहीं हुई है। बफे ने कहा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनके तीनों बच्चे 31 2034 तक बर्कशायर हैथवे में उनकी पूरी हिस्सेदारी बांट देंगे। फाउंडेशन के बोर्ड से हट चुके हैं 31 लाख करोड़ की संपत्ति के मालिक बफे बर्कशायर हैथवे की कुल वैल्यू करीब 1.1 ट्रिलियन डॉलर (105.7 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है। इसमें बफे की हिस्सेदारी लगभग 30% है। यानी अकेले उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू 31.7 लाख करोड़ बैठती है। बफे 2021 में गेट्स फाउंडेशन के बोर्ड से इस्तीफा दे चुके हैं। लेकिन तब से हर साल हजारों करोड़ रुपए का दान जारी रखे हुए थे। लेकिन इस साल उन्होंने यह सिलसिला तोड़ दिया।

भारत पर 100% टैरिफ लगा सकता है अमेरिका:रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर कार्रवाई की तैयारी, संसद में बिल पेश, 5 देश निशाने पर

भारत पर 100% टैरिफ लगा सकता है अमेरिका:रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर कार्रवाई की तैयारी, संसद में बिल पेश, 5 देश निशाने पर

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी सीनेट में एक बिल पेश किया गया है, जिसमें भारत, चीन समेत पांच देशों पर 100% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इनके अलावा हंगरी, स्लोवाकिया और अजरबैजान शामिल हैं। बिल के मुताबिक, इन देशों से आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाया जा सकेगा। साथ ही रूस की ऊर्जा, वित्तीय और रक्षा व्यवस्था पर भी नए प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। इससे पहले बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। अगर यह बिल पास हो जाता है, तो अमेरिका पहली बार किसी देश पर सिर्फ इसलिए टैरिफ लगाएगा, क्योंकि वह रूस से तेल खरीदकर उसकी कमाई बढ़ा रहा है। इस कदम का मकसद रूस के तेल कारोबार पर आर्थिक दबाव बनाना और उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर करना है। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। उनके मुताबिक, इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, ओलिगार्क्स, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा रूस के शैडो टैंकर बेड़े, सेंट्रल बैंक ऑफ द रशियन फेडरेशन और यामाल LNG तथा आर्कटिक LNG-1, 2 और 3 जैसे सरकारी ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को भी प्रतिबंधों के दायरे में लाया गया है। रूस पर सख्ती वाले बिल को दोनों दलों का समर्थन सीनेट में पेश रूस-विरोधी टैरिफ बिल को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों का समर्थन मिला है। इसे अमेरिकी राजनीति में ‘बाइपार्टिसन बिल’ कहा जाता है, यानी ऐसा प्रस्ताव जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सहमत हों। आमतौर पर अमेरिका में कई बड़े विधेयक राजनीतिक मतभेदों की वजह से अटक जाते हैं। लेकिन जब दोनों दल किसी बिल के साथ खड़े होते हैं, तो उसके कांग्रेस से पारित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। हालांकि, बिल को कानून बनने के लिए अभी सीनेट और प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) दोनों से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने पर ही यह कानून बनेगा। बिल को दिवंगत सांसद लिंडसे ग्राहम ने पेश किया था इस बिल को सबसे पहले रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने अप्रैल 2025 में पेश किया था। अब तक 26 सीनेटर इस बिल को अपना समर्थन दे चुके हैं और आगे समर्थन बढ़ने की उम्मीद है। 11 जुलाई को लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया था। निधन से एक दिन पहले उन्होंने यूक्रेन दौरे के दौरान कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस बिल को आगे बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। ट्रम्प ने भी व्हाइट हाउस में कहा, “यह लिंडसे के सम्मान में है। यह उनका सबसे बड़ा मुद्दा था और इसके कानून बनने की अच्छी संभावना है।” कैपिटल हिल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों के सीनेटर एक साथ नजर आए। उन्होंने इस बिल को ग्राहम के लिए श्रद्धांजलि बताया।

वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस ने यूक्रेन को मिसाइल निर्माण की मंजूरी दी: यूक्रेन में ही बनेंगी क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम

वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस ने यूक्रेन को मिसाइल निर्माण की मंजूरी दी: यूक्रेन में ही बनेंगी क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बुल्गारिया ने यूक्रेन समर्थक गठबंधन से बनाई दूरी: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया।