भास्कर अपडेट्स:दिल्ली-गोवा फ्लाइट में बाथरूम में बीड़ी पीते पकड़ा गया यात्री

दिल्ली से गोवा जा रही एक फ्लाइट में एक यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने उड़ान के दौरान विमान के शौचालय में बीड़ी पी। पुलिस के अनुसार, घटना तब सामने आई जब फ्लाइट क्रू को विमान के लैवेटरी से धुएं की गंध आई। जांच करने पर पता चला कि एक यात्री अंदर बीड़ी पी रहा था। विमान में धूम्रपान करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है और इसे उड़ान सुरक्षा के लिए गंभीर उल्लंघन माना जाता है। घटना की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दी गई और विमान के उतरने के बाद यात्री के खिलाफ कार्रवाई की गई। आज की बाकी बड़ी खबरें… महाराष्ट्र में 300 करोड़ पेड़ लगाएगी सरकार, 33% फॉरेस्ट कवर का लक्ष्य महाराष्ट्र में जंगल क्षेत्र बढ़ाने के लिए राज्य सरकार 300 करोड़ पेड़ लगाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि इसका लक्ष्य राज्य में 33 प्रतिशत फॉरेस्ट कवर हासिल करना है। उन्होंने बताया कि पेड़ों की सुरक्षा के लिए सरकारी नीति में आर्बोरिकल्चर को भी शामिल किया जाएगा। इसके जरिए वैज्ञानिक डेटा, मौसम और मिट्टी के हिसाब से अलग अलग जातियों के पेड़ लगाए जाएंगे। महाराष्ट्र आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य का मौजूदा फॉरेस्ट कवर 16.5 प्रतिशत है। जो राष्ट्रीय वन नीति के 33 प्रतिशत लक्ष्य से काफी कम है। प्रधानमंत्री कल पोस्ट बजट वेबिनार को संबोधित करेंगे पीएम मोदी 9 मार्च को सुबह 10.15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए “सबका साथ सबका विकास-लोगों की उम्मीदों को पूरा करना” थीम पर पोस्ट बजट वेबिनार को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को इसकी जानकारी दी। सोमवार से ही बजट सत्र का दूसरा सेशन भी शुरू हो रहा है। कर्नाटक में स्कूली छात्र ने देर रात रॉड से अपने साथियों पर हमला किया, एक की मौत और 6 घायल कर्नाटक के बल्लारी जिले के गुरुकुल रेजिडेंशियल स्कूल में एक छात्र ने अपने ही साथी की हत्या कर दी। घटना शनिवार देर रात की हैं। जब आरोपी छात्र ने अचानक अपने साथियों पर बेड की रॉड से हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना तब हुई जब छात्र रात का खाना खाकर सो रहे थे। आरोपी ने अचानक बेकाबू होकर रॉड उठाई और जो भी सामने आया उस पर वार करना शुरू कर दिया। हमले में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। केरल में विदेशी जहाज से टक्कर के बाद मछुआरों की नाव डूबी, 2 लापता केरल के कोल्लम तट से करीब 120 नॉटिकल मील दूर एक विदेशी जहाज से टक्कर के बाद मछुआरों की नाव डूबी। घटना में बाद दो मछुआरे लापता हैं। रविवार को हुए इस हादसे में नाव पर कुल 11 क्रू सदस्य सवार थे। 9 को टक्कर मारने वाले जहाज ने ही सुरक्षित बचा लिया। कोस्टल पुलिस का कहना है कि लापता दो सदस्यों की तलाश जारी है। बचाए गए मछुआरों को जल्द ही कोच्चि या विझिनजाम लाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, मछुआरों के बयान दर्ज करने के बाद इस मामले में केस दर्ज किया जाएगा। चेन्नई में पीटीआई के पूर्व पत्रकार एस. रामासामी का निधन प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के पूर्व पत्रकार और क्षेत्रीय प्रबंधक एस. रामासामी (74) का रविवार को चेन्नई में निधन हो गया। पारिवारिक ने बताया कि, वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पत्रकारिता जगत में उन्हें प्यार से ‘एसआर’ कहा जाता था। वह 1978 में पीटीआई से जुड़े थे करीब 30 साल तक अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति (DMK, AIADMK) को बहुत करीब से कवर किया। उनके परिवार में पत्नी और बेटी हैं। उनका अंतिम संस्कार रविवार को ही संपन्न होगा। दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस-अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन को अंतरिम जमानत, पत्नी को कैंसर, इलाज में सपोर्ट के लिए मांगी थी बेल दिल्ली की एक कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी को दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है, ताकि वह अपनी पत्नी की देखभाल कर सकें, जिनका स्टेज 4 ओवेरियन कैंसर का इलाज चल रहा है। एडिशनल सेशंस जज शीतल चौधरी प्रधान ने शनिवार को सिद्दीकी को यह कहते हुए राहत दी कि उनकी पत्नी की कीमोथेरेपी चल रही थी और इलाज के दौरान उन्हें सपोर्ट की जरूरत थी। कोर्ट ने जावद को बिना इजाजत के दिल्ली-NCR न छोड़ने, अपना मोबाइल फोन एक्टिव रखने, अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और रिहाई के समय गवाहों या शिकायत करने वाले से संपर्क न करने का निर्देश दिया है। ईरान-इजराइल जंग के कारण CBSE ने मिडिल ईस्ट देशों में 12वीं बोर्ड एग्जाम पोस्टपोन किए, नई तारीखें बाद में बताई जाएंगी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने शनिवार को ईरान-इजराइल विवाद के बीच मिडिल ईस्ट इलाके में 9, 10 और 11 मार्च को होने वाली 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं टाल दी हैं। CBSE एग्जामिनेशन कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने कहा, “मिडिल ईस्ट के कुछ हिस्सों बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE में मौजूदा हालात की वजह से, बोर्ड ने परीक्षाएं टालने का फैसला किया है। नई तारीखें बाद में बताई जाएंगी। आगे की परीक्षाओं के लिए 10 मार्च को रिव्यू किया जाएगा।” इससे पहले, बोर्ड ने इन देशों में 2 मार्च, 5 मार्च और 7 मार्च को होने वाली परीक्षाएं टाल दी थीं। बोर्ड ने 11 मार्च तक क्लास 10 की परीक्षाएं कैंसिल कर दी हैं और कहा कि रिजल्ट घोषित करने का तरीका अलग से बताया जाएगा। 9 मार्च को संसद में होगी ‘एक देश, एक चुनाव’ पर JPC की मीटिंग कॉन्स्टिट्यूशन (129वां अमेंडमेंट) बिल, 2024 और यूनियन टेरिटरीज लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2024 की जांच कर रही जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की मीटिंग 9 मार्च को नई दिल्ली में पार्लियामेंट हाउस एनेक्सी (PHA) में होगी। BJP MP पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली यह कमेटी गुलाम नबी आजाद और एम वीरप्पा मोइली समेत सीनियर पॉलिटिकल लीडर्स और पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (129वां संशोधन) बिल 2024, ‘एक देश-एक चुनाव’ के नाम से मशहूर प्रस्तावित सुधार से जुड़ा है, जिसका मकसद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ
50 लाख आबादी वाला न्यूजीलैंड क्रिकेट में इतना बेहतर कैसे:वहां हर 50वां व्यक्ति क्रिकेटर; टैलेंट सर्च, कोचिंग और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी

2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन…2024 में इंडिया को पहली बार उसी के घर में क्लीन स्वीप किया। फिर विमेंस टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप भी जीत लिया। ये न्यूजीलैंड के हालिया अचीवमेंट्स हैं। इसके अलावा कीवी टीम ने ओवरऑल 18 ICC टूर्नामेंट्स के सेमीफाइनल भी खेले हैं। न्यूजीलैंड को क्रिकेट की सबसे अनुशासित टीमों में भी गिना जाता है। यही वजह है कि टीम को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। लेकिन 50 लाख की आबादी वाला यह छोटा-सा देश क्रिकेट में इतना बेहतर कैसे बन गया? इस स्टोरी में हम इसी सवाल का जवाब देंगे। स्टोरी 3 पार्ट में पढ़िए… 1864 में इंटरनेशनल क्रिकेट न्यूजीलैंड पहुंचा 1832 में एंग्लिकन मिशनरी हेनरी विलियम्स ने नॉर्थलैंड में एक मैच आयोजित किया था। यह कीवियों के इतिहास का पहला मैच है। इसके 10 साल बाद दिसंबर 1842 में वेलिंगटन में एक मैच खेला गया, जिसका स्कोर दर्ज किया गया। यह क्रिकेट इतिहास का पहला ऐसा मैच, जिसमें स्कोर दर्ज किया गया था। 1864 में इंटरनेशनल क्रिकेट न्यूजीलैंड पहुंचा, जब जॉर्ज पार की पेशेवर ऑल-इंग्लैंड इलेवन टीम यहां खेलने आई। इस अंग्रेजी टीम ने ओटागो और कैंटरबरी की 22 खिलाड़ियों वाली टीमों के खिलाफ चार मैच जीते। 1906 में गवर्नर लॉर्ड प्लंकेट ने प्लंकेट शील्ड ट्रॉफी शुरू की। पहली जीत के लिए 26 साल का इंतजार न्यूजीलैंड 1930 में टेस्ट खेलने वाला देश बना। टीम को अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए 26 साल इंतजार करना पड़ा। कीवियों को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ जीत हासिल करने में दो दशक और लग गए। जब उसने ऑकलैंड के ईडन पार्क में वेस्टइंडीज को हराया। न्यूजीलैंड ने अपना पहला वनडे मैच 11 फरवरी 1973 को खेला और पाकिस्तान को 22 रन से हराया। न्यूजीलैंड की महिला टीम ने अपना पहला टेस्ट मैच 1935 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। पिछले 6 साल में 3 फाइनल खेले, एक जीता न्यूजीलैंड की टीम ने 2020 के बाद 3 बार ICC टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई, इसमें से उसे एक में जीत, जबकि 2 में हार का सामना करना पड़ा। साउथैम्प्टन के द रोज बाउल स्टेडियम में कीवियों ने जून 2021 में भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में 8 विकेट से हराया। उसी साल 14 नवंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में न्यूजीलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से हराया। कीवियों को पिछले साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी में भारत से फाइनल मैच खेला था। इसमें उसे 4 विकेट की पराजय झेलनी पड़ी थी। 2000 में पहला ICC टाइटल जीता न्यूजीलैंड की मेंस टीम 2000 में पहली बार किसी ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची। टीम ने पहले ही मौके में टीम इंडिया को 4 विकेट से हराया था। उसके बाद कीवियों ने अगले 20 साल में 3 फाइनल खेले, लेकिन एक भी नहीं जीत सकी। कीवियों को 2009 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2015 में वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल हराया। 2019 में न्यूजीलैंड फिर फाइनल में पहुंचा, लेकिन इस बार इंग्लैंड के खिलाफ ICC के बाउंड्री के नियम की वजह से हार गया। 61% सेमीफाइनल मैच गंवाए, 39% जीते न्यूजीलैंड, ऐसी टीम है, जो ज्यादा बयानबाजी नहीं करती है और न ही उसके खिलाड़ी अनुशासनहीनता करते हैं। प्लेयर्स का हाव-भाव जीत और हार में एक समान रहता है। न्यूजीलैंड की टीम शांतिपूर्ण तरीके से अपना गेम खेलती है और सेमीफाइनल में जगह बना लेगी। NZ की टीम ने 18 मौकों में ICC टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसमें से 7 जीते, जबकि 11 मौकों पर कीवियों के हाथ निराशा हाथ लगी है। टीम ने 61% सेमीफाइनल मैच गंवाए हैं और 39% मैच जीते हैं। न्यूजीलैंड को इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली जीत 26 साल बाद मिली। टीम पहले वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई। उसने 1979 और 1992 में भी टॉप-4 में जगह बनाई। लेकिन, टीम टाइटल नहीं जीत पा रही थी। इस कारण 1990 के दशक में न्यूजीलैंड क्रिकेट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार किया गया। नया गवर्नेंस स्ट्रक्चर बना। स्टेट के प्रतिनिधियों की जगह योग्यता के आधार पर नियुक्तियां होने लगीं। इसका असर भी हुआ और टीम ने 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती। न्यूजीलैंड के सक्सेस मॉडल को 4 फैक्टर्स में समझिए… फैक्टर-1. कम आबादी, लिमिटेड टैलेंट; ज्यादा फोकस न्यूजीलैंड के इतिहासकार डॉन नीली ने कहा था- ‘हम छोटे हैं, इसलिए पूरे देश को एक टारगेट के लिए साथ लाना आसान है। कई लोग इसे कमजोरी मानते हैं, वहीं हम इसे अपनी ताकत मानते हैं।’ यही बात क्रिकेट पर लागू होती है, वहां एक लाख रजिस्टर्ड क्रिकेटर्स हैं। प्लेयर्स को कम उम्र में स्कूल और क्लब लेवल से स्काउट किया जाता है। फिर उनके स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जाता है। संख्या कम होने के कारण कोचिंग और अन्य सुविधाओं के लिहाज से हर प्लेयर्स पर कोचेस और एडमिनिस्ट्रेटर का फोकस ज्यादा होता है। फैक्टर-2. मजबूत ग्रासरूट सिस्टम न्यूजीलैंड की असली ताकत उसका मजबूत ग्रासरूट सिस्टम है। उसके शहर छोटे जरूर हैं, लेकिन खेल सुविधाओं से भरपूर हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि टौरंगा के माउंट माउंगानुई में एक छोटा लेकिन शानदार क्रिकेट स्टेडियम, दो रग्बी मैदान, वाइकाटो हाई-परफॉर्मेंस सेंटर, हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ और एथलेटिक्स ट्रैक मौजूद है। पास में यॉटिंग और सेलिंग क्लब भी है। इससे वहां के रहवासियों की जीवनशैली में स्पोर्ट्स कल्चर बिल्ट होता है। न्यूजीलैंड की सफलता में आउटडोर जीवनशैली का बड़ा योगदान है। स्कूलों में दौड़ने, कूदने और थ्रो करने जैसी शारीरिक गतिविधियों पर खास जोर दिया जाता है। हर साल आधे से ज्यादा बच्चे कम से कम एक प्रतिस्पर्धी खेल में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्कूल और क्लब से प्लेयर्स को स्काउट करने के बाद उन्हें वहां के डोमेस्टिक और नेशनल टूर्नामेंट में मौका दिया गया है। इन टूर्नामेंट में स्टेज की 6 टीमें हिस्सा लेती हैं। विमेंस कैटेगरी में भी 6 टीमें खेलती हैं। टी-20 में सुपर स्मैश और मल्टी-डे क्रिकेटर्स के लिए प्लुनकेट शील्ड का आयोजन होता है। फैक्टर-3. हॉकस बे कैंप क्रिकेट की नर्सरी न्यूजीलैंड क्रिकेट के टैलेंट को तैयार करने में नॉर्थ आइलैंड के दक्षिणी हिस्से में स्थित हॉकस बे के क्रिकेट कैंपों की अहम भूमिका है। इसे कीवी क्रिकेट
2022 के बाद कैसे बदली टीम इंडिया की अप्रोच:लगातार चौथे ICC फाइनल में एंट्री, 2 टाइटल जीते; टी-20 टीमों में सबसे सफल

10 नवंबर 2022, टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया को इंग्लैंड ने हरा दिया। हार भी मामूली नहीं, 169 रन का टारगेट 16 ओवर में बगैर विकेट गंवाए ही हासिल कर लिया। मैच के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने विकेटकीपर दिनेश कार्तिक से कहा, “हमें बदलना होगा।” आज 8 मार्च 2026 है। साढ़े 3 साल में ICC ने व्हाइट बॉल क्रिकेट के 4 टूर्नामेंट कराए, सभी में टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची। एक में रनर-अप जरूर रही, लेकिन 2 में ट्रॉफी जीत ली। आज न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम लगातार तीसरा खिताब जीतने के इरादे से उतरी है। 2022 के बाद आखिर इंडियन क्रिकेट में ऐसा क्या बदल गया कि टीम लगातार चौथे ICC फाइनल में पहुंच गई? स्टोरी में जानते हैं… धीमी बैटिंग ने वर्ल्डकप सेमीफाइनल हराया 2022 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत की सबसे बड़ी कमजोरी उसका रन रेट और बैटर्स का स्ट्राइक रेट था। शुरुआती 6 ओवर में विकेट बचाने की होड़ में भारतीय बल्लेबाज रन बनाना भूल जाते थे। एडिलेड में भी यही हुआ। 6 ओवर में टीम 38 रन ही बना सकी, 13 ओवर में स्कोर 80 रन रहा। विराट कोहली ने फिर हार्दिक पंड्या के साथ स्कोर 168 तक पहुंचाया। हार्दिक ने 33 गेंद पर 63 और कोहली ने 40 गेंद पर 50 रन बनाए। 169 का टारगेट इंग्लिश ओपनर्स जोस बटलर और एलेक्स हेल्स ने छोटा साबित कर दिया। दोनों ने पावरप्ले में 63 रन बनाए और 16 ओवर में टारगेट ही हासिल कर लिया। कप्तान रोहित ने अप्रोच बदली, अटैकिंग शुरुआत दिलाई 2022 सेमीफाइनल के बाद कप्तान रोहित ड्रेसिंग रूम में मायूस बैठे थे। कार्तिक उनके पास पहुंचे और पूछा क्या हुआ? तब रोहित बोले, “हमें बदलना होगा, इस अप्रोच के साथ हम वर्ल्ड कप नहीं जीत पाएंगे। हमें तेज खेलना होगा।” टूर्नामेंट के बाद रोहित ने लंबी पारी खेलने के बजाय टीम को तेज शुरुआत दिलाने पर ध्यान दिया। एक खराब मैच ने वर्ल्ड कप रनर-अप बनाया टी-20 वर्ल्ड कप खत्म हुआ, अगला टारगेट वनडे वर्ल्ड कप था। रोहित ने इस फॉर्मेट में भी अटैकिंग अप्रोच अपनाया। शुभमन गिल के साथ ओपनिंग उतरे, लेकिन एक एंड से लगातार तेज रन बनाए। ताकि मिडिल ओवर में प्लेयर्स को संभलने का ज्यादा टाइम मिले। भारत ने तीनों डिपार्टमेंट में अपना बेस्ट दिया और वर्ल्ड कप से पहले वनडे एशिया कप जीत लिया। भारत ने फिर लगातार 10 मैच जीतकर होम वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह भी बना ली। 19 नवंबर 2023, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खिताबी मुकाबला हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुन ली। मुश्किल पिच पर भारत 240 रन ही बना सका। दूसरी पारी में ओस के कारण बैटिंग आसान और बॉलिंग मुश्किल हो गई। कंगारू टीम ने 47 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन ट्रैविस हेड ने शतक लगाकर टीम को जीत दिला दी। कोहली के साथ ओपनिंग, 64% टी-20 जीते वनडे में हार्टब्रेक के 7 महीने बाद ही टी-20 वर्ल्ड कप होना था। कोच राहुल द्रविड़ ने कप्तान के साथ स्ट्रैटजी बनाई और कोहली को टी-20 में नया ओपनर बना दिया। विस्फोटक बैटर्स के साथ ऑलराउंडर्स पर ज्यादा फोकस किया। टीम ने इस दौरान 64% टी-20 भी जीते। अमेरिका और वेस्टइंडीज में वर्ल्ड कप के लिए शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडर्स को शामिल किया। चारों को ज्यादातर मुकाबलों की प्लेइंग-11 में शामिल भी किया गया, ताकी सभी प्लेयर्स बड़े स्टेज के लिए तैयार रहे। 17 साल बाद टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बना भारत अमेरिका में भारत ने अपने ग्रुप स्टेज मैच खेले। अमेरिका, आयरलैंड और पाकिस्तान को हराकर सुपर-8 में एंट्री कर ली। सेकेंड राउंड में भारत ने बांग्लादेश और अफगानिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। ग्रुप में आखिरी मैच ऑस्ट्रेलिया से हुआ, टीम ने कंगारू टीम को हराकर वनडे फाइनल का हिसाब बराबर किया और उन्हें नॉकआउट राउंड में पहुंचने ही नहीं दिया। सेमीफाइनल इंग्लैंड के खिलाफ हुआ। भारत ने पहले बैटिंग की, कप्तान रोहित ने सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर टीम को मुश्किल पिच पर 171 रन तक पहुंचा दिया। अक्षर पटेल और कुलदीप यादव ने बॉलिंग से मैच पलटा और इंग्लैंड को 103 रन पर ही समेट दिया। फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 7 रन के करीबी अंतर से हराया और 17 साल बाद टी-20 वर्ल्ड कप जीत लिया। यह 11 साल में भारत की पहली ICC ट्रॉफी थी, इससे पहले 2013 में टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित, कोहली और जडेजा ने सबसे छोटे फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। अगला टारगेट चैंपियंस ट्रॉफी थी। फरवरी में शुरू हुए टूर्नामेंट में भारत ने अपने सभी मैच UAE के दुबई शहर में खेले। यहां की पिचें धीमी थीं, लेकिन रोहित ने अपना अटैकिंग अप्रोच नहीं बदला। उन्होंने ओपनिंग करते हुए टीम को हर बार तेज शुरुआत दिलाई। भारत ने ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश को हराकर सेमीफाइनल में एंट्री की। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 265 का मुश्किल टारगेट दिया। पाकिस्तान के खिलाफ शतक लगाने वाले विराट कोहली ने 84 रन बनाए और टीम को 4 विकेट से जीत दिला दी। फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को ही 4 विकेट से हराया और लगातार दूसरा ICC टूर्नामेंट जीत लिया। ऑलराउंडर्स की स्ट्रैटजी ने 84% टी-20 जिताए टी-20 वर्ल्ड कप के बाद गौतम गंभीर भारत के कोच बने, रोहित के बाद सूर्यकुमार यादव को इस फॉर्मेट में कमान मिली। दोनों ने मिलकर रोहित के ऑलराउंडर्स वाली स्ट्रैटजी को एडवांस लेवल पर पहुंचा दिया। हार्दिक, दुबे और अक्षर के साथ हर्षित राणा, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा को भी शामिल कर लिया। तीनों बैटिंग और बॉलिंग दोनों में कारगर हैं। 2024 वर्ल्ड कप के बाद से इस वर्ल्ड कप के पहले तक टीम इंडिया ने 41 टी-20 खेले। 33 जीते और महज 6 गंवाए। यानी 84% मुकाबलों में सफलता। इस दौरान 2 मुकाबले बेनतीजा भी रहे, 2 जीत सुपर ओवर में आई थी। भारत ने पहली से आखिरी गेंद पर अटैक करने की स्ट्रैटजी अपनाई और 13 बार 200 से ज्यादा के स्कोर बना दिए। टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 283 और बांग्लादेश के खिलाफ
मलाई प्याज सब्जी रेसिपी: खाना बनाना नहीं है मन, बस 10 मिनट में तैयार करें प्याज और मलाई से बनी ये टेस्टी सब्जी, नोट कर लें इंस्टेंट रेसिपी

7 मार्च 2026 को 21:00 IST पर अद्यतन किया गया मलाई प्याज की सब्जी: रसोई में ज्यादा मेहनत करने का मन नहीं है और बाहर से भी कुछ ऑर्डर नहीं करना चाहते हैं, तो आप आसानी से इस टेस्टी सब्जी को तैयार कर सकते हैं.
यूरिक एसिड के लक्षण: शरीर में नजर आ रहे ये लक्षण, हो सकते हैं यूरिक एसिड बढ़ने के संकेत; नियंत्रण कैसे करें?

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण और उपाय | छवि: फ्रीपिक यूरिक एसिड को आसानी से कैसे नियंत्रित करें: अनियमित जीवनशैली, गलत खान-पान और कम जीवनशैली के कारण कई लोग हाई यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे हैं। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है, तो यह जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा हो जाता है और धीरे-धीरे दर्द और सूजन का कारण बन सकता है। ऐसे में जरूरी है कि शरीर में दिखने वाले शुरुआती लोगों को समय पर पहचान लिया जाए और यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के उपाय अपनाए जाएं। यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण जोड़ों में तेज दर्द यदि दांतों, दांतों या दांतों के जोड़ों में तेज दर्द महसूस हो रहा है, तो यह यूरिक एसिड बढ़ने का संकेत हो सकता है। कई बार यह दर्द रात में सबसे ज्यादा महसूस होता है। सूजन और लालिमा जोड़ों में यूरिक एसिड बढ़ने से सूजन हो सकती है और उसकी जगह पर लाल रंग भी दिखाई दे सकता है। रिज़र्व पर हॉटाहट भी महसूस होती है। बटुए के हुक्म में दर्द यूरिक एसिड का सबसे आम लक्षण पैर के ग्लूकोज में अचानक तेज दर्द होना माना जाता है। यह स्थिति अक्सर गौहत्या हमले के दौरान होती है। जोड़ों में अकड़न सुबह के समय या लंबे समय तक बैठने के बाद जोड़ों में जकड़न महसूस होने पर भी उच्च यूरिक एसिड का संकेत हो सकता है। बार-बार पेशाब आना या जलन होना कई मामलों में यूरिक एसिड प्रमुखता से गुर्दे पर असर पड़ सकता है, मूत्र से संबंधित मोटापा भी हो सकता है। यूरिक एसिड बढ़ने के कारण अधिकांश रेड मीट और सीफूड खाना। अधिक मात्रा में शुगर और फ्रुक्टोज वाले पेय लें। शराब का सेवन करना। मोटापा और कम मेटाबोलिक एक्टिविटी करना। पानी कम संरचना। किडनी की समस्या होना। यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के आसान उपाय अधिक पानी पिये दिन में कम से कम 8-10 चम्मच पानी पीने से शरीर से यूरिक एसिड बाहर समुद्र तट पर मदद मिलती है। विभिन्न उत्पाद अपनाएँ हरी जड़ी-बूटियाँ, फल, साबूत अनाज और लो-फैट उत्पाद शामिल हैं। वजन नियंत्रण माप अगर वजन ज्यादा है तो उसे धीरे-धीरे कम करने की कोशिश करें। इससे यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित रहता है। नियमित नियुक्ति करें रोल्ड-फुल्की खिलौने, वॉक या योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है और यूरिक एसिड कंट्रोल में रहता है। कुछ योग्यता से सदस्यता लें रेड मीट, शराब, अधिकांश कोल्ड ड्रिंक्स और फलों के फलों से दूरी बनाना आवश्यक है। यदि जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो इसे अवश्य रद्द करें और डॉक्टर से सलाह लें। सही समय पर इलाज और सही जीवनशैली अपनाकर यूरिक एसिड को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। यह अवश्य पढ़ें: कोलेस्ट्रॉल के लक्षण: हार्ट अटैक से है बचना तो तुरंत पहचानें कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के ये लक्षण, आज से ही अपनाएं ये आदतें और रहें स्वस्थ
दुर्लभ फटकार में, राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल में प्रोटोकॉल की चूक को चिह्नित किया, कहा ‘बहन’ ममता से कोई शिकायत नहीं | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 07, 2026, 19:47 IST राष्ट्रपति मुर्मू ने एक आदिवासी कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार करने के लिए टीएमसी सरकार पर सवाल उठाया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि उन्हें “बहन” ममता बनर्जी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। सिलीगुड़ी में एक कार्यक्रम को संबोधित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। एक दुर्लभ फटकार में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को सार्वजनिक रूप से उत्तर बंगाल में एक अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन की अनुमति देने से इनकार करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की, जहां वह मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने वाली थीं। सिलीगुड़ी की अपनी यात्रा के दौरान बोलते हुए, राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल और तैयारियों में खामियों की ओर भी इशारा किया, इस बात पर जोर दिया कि न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही उनके किसी मंत्री ने उनकी यात्रा के दौरान उनकी अगवानी की। 9वां अंतर्राष्ट्रीय संथाली कॉन्क्लेव पहले बिधाननगर में होने वाला था। हालांकि, मुर्मू ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के अधिकारियों ने भीड़भाड़ का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशाईपुर में छोटा कर दिया। आयोजकों ने अनुचित मंच व्यवस्था और खराब शौचालय सुविधाओं की भी शिकायत की। मुर्मू ने बाद में फांसीदेवा क्षेत्र के बिधाननगर की यात्रा की, जो एक महत्वपूर्ण आदिवासी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत की। उन्होंने क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासी, गोरखा, राजबंगशी और बंगाली सहित समुदाय शांति से एक साथ रहते थे। मुर्मू ने सिलीगुड़ी में स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं यहां बहुत आसानी से आ गया, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि यहां अत्यधिक भीड़ हो जाएगी। हालांकि, मैं देख सकता हूं कि यहां 500,000 लोगों की भीड़ को भी समायोजित किया जा सकता है।” “जिस स्थान पर कार्यक्रम हो रहा है, वहां सभी संथाल नहीं जा पाएंगे। मुझे लगा कि यहां के सभी भाई-बहन इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।” उन्होंने कहा, “शायद प्रशासन ने सोचा था कि वहां कोई नहीं जा पाएगा। उन्हें लगा कि राष्ट्रपति आएंगे, खाली जगह पर कार्यक्रम करेंगे और लौट जाएंगे। मुझे नहीं पता कि उनके मन में क्या आया, लेकिन मैं बहुत आहत हूं।” ‘बहन’ ममता से कोई शिकायत नहीं राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल सरकार द्वारा प्रोटोकॉल में खामियों को भी उजागर किया और कहा कि न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य के मंत्री हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने आए। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ही हवाईअड्डे पर पहुंचे थे. उन्होंने कहा, “प्रशासन ने कहा कि यह बहुत भीड़भाड़ वाला इलाका है। मैंने सोचा कि मुझे आकर देखना चाहिए कि वास्तव में यह कितना भीड़भाड़ वाला है। अगर जरूरत पड़ी तो मैं राज्य सरकार से और जगह की व्यवस्था करने के लिए कहूंगी। लेकिन यहां पहले से ही इतना बड़ा क्षेत्र है।” हालाँकि, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं भी बंगाल की बेटी हूं। फिर भी मुझे यहां आने की अनुमति नहीं है। ममता ‘दीदी’ मेरी छोटी बहन की तरह हैं। मुझे नहीं पता, हो सकता है कि वह किसी कारण से मुझसे नाराज हों। वैसे भी, मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है। वह भी अच्छी तरह से रहें और आप सभी भी अच्छे से रहें।” भाजपा ने बंगाल में ‘पूर्ण पतन’ की निंदा की भाजपा ने पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोलते हुए इन घटनाओं को तृणमूल कांग्रेस के तहत ”संवैधानिक ढांचे का पूर्ण पतन” करार दिया। “एक दुर्लभ और अभूतपूर्व घटनाक्रम में, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सिलीगुड़ी की अपनी यात्रा के दौरान तैयारी और प्रोटोकॉल की कमी पर खुले तौर पर नाराजगी व्यक्त की। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय संथाली कॉन्क्लेव के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया, जहां राष्ट्रपति खुद मुख्य अतिथि थीं,” भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा। पश्चिम बंगाल में आज की घटनाएँ ममता बनर्जी सरकार के तहत संवैधानिक ढांचे के पूर्ण पतन की ओर इशारा करती हैं। एक दुर्लभ और अभूतपूर्व विकास में, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने खुले तौर पर कमी पर नाराजगी व्यक्त की… pic.twitter.com/ZMiRwZkVbJ – अमित मालवीय (@amitmalviya) 7 मार्च 2026 उन्होंने कहा, “जब कोई राज्य सरकार भारत के राष्ट्रपति के पद की गरिमा की अवहेलना करना शुरू कर देती है, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि संवैधानिक औचित्य और शासन का उल्लंघन भी है। यह केवल असभ्यता नहीं है। यह संस्थागत अनादर है और बंगाल में शासन कैसे अराजकता में उतर गया है, इसकी एक और याद दिलाता है।” ममता बनर्जी का पलटवार इस बीच, ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पर पलटवार करते हुए कहा कि वह मुर्मू का बहुत सम्मान करती हैं, लेकिन उन्हें राजनीति से दूर रहने की सलाह दी। बनर्जी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, “हम माननीय राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं। उन्हें राजनीति करने और भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भेजा गया है। मुझे खेद है मैडम, मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन आप भाजपा के जाल में फंस गई हैं।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में सूचित नहीं किया गया था और कहा कि सरकार को अन्य काम भी करने थे। उन्होंने कहा, “आप बीजेपी की प्राथमिकता हैं और जनता मेरी प्राथमिकता है। मुझे कार्यक्रम के बारे में, आयोजकों के बारे में या कार्यक्रम में कौन शामिल हो रहा है, इसके बारे में नहीं पता था।” उन्होंने यह कहने के लिए भी राष्ट्रपति की आलोचना की कि बंगाल सरकार ने आदिवासियों के लिए बहुत कुछ नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया, “जब मणिपुर में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा था तो आप चुप क्यों थे? राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मामले में आप चुप क्यों हैं? हमने आदिवासी भाषाओं को मान्यता दी है – संताली भाषा का उपयोग राज्य सरकार की सेवाओं के लिए किया जाता है। हमने संताली लोगों के लिए स्कूल और विश्वविद्यालय प्रदान किए हैं।” बनर्जी ने कहा, “आप एक भी काम नहीं कर पाए। पहले कुछ करें और फिर बीजेपी के
वूमेंस अंडर-23 वनडे ट्रॉफी:केसरी दृष्टि की घातक गेंदबाजी, झटके 6 विकेट; रोमांचक मुकाबलों में गोवा और दिल्ली की भी शानदार जीत

बीसीसीआई (BCCI) की वूमेंस अंडर-23 वनडे ट्रॉफी (एलीट) में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। देहरादून के अलग-अलग मैदानों पर खेले गए मैचों में हैदराबाद, गोवा और दिल्ली ने शानदार जीत दर्ज की है। हैदराबाद की गेंदबाज केसरी दृष्टि ने घातक गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट चटकाए, जिसके आगे सौराष्ट्र की टीम महज 155 रनों पर ढेर हो गई। वहीं, गोवा ने चंडीगढ़ को 6 रन और दिल्ली ने आंध्र प्रदेश को 11 रनों से मात दी। मैच की 3 अहम बातें तान्या की नाबाद 95 रन की पारी से जीता गोवा अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी ग्राउंड में गोवा और चंडीगढ़ के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पहले बल्लेबाजी करते हुए गोवा ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 201 रन बनाए। तान्या नैक ने अकेले मोर्चा संभालते हुए नाबाद 95 रन बनाए, जबकि हर्षित यादव ने 35 रनों का योगदान दिया। चंडीगढ़ की ओर से पुष्पा बिश्नोई ने 3 विकेट लिए। 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चंडीगढ़ की टीम 49.2 ओवर में 195 रनों पर ही सिमट गई। आराधना डी बिष्ट (47 रन) और याशिका (42 रन) ने संघर्ष किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सकीं। गोवा की मिताली रमेश ने 3 विकेट झटक कर टीम को 6 रन से जीत दिला दी। दिल्ली ने आंध्र प्रदेश को 11 रन से हराया महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज ग्राउंड पर दिल्ली और आंध्र प्रदेश का आमना-सामना हुआ। दिल्ली ने पहले खेलते हुए 50 ओवर में 5 विकेट पर 258 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। तनीषा सिंह ने 67 और नीलांचल ने 65 रनों की शानदार पारियां खेलीं। आंध्र की सृष्टि शेखर ने 2 विकेट लिए। जवाब में आंध्र प्रदेश की टीम ने कड़ी टक्कर दी लेकिन 49.5 ओवर में 247 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। अंजुम (56 रन) और पी. रांगालक्ष्मी (43 रन) की पारियां बेकार गईं। दिल्ली की परुनिका सिसोदिया ने 3, जबकि भारती रावल और दिशा नगर ने 2-2 विकेट लेकर आंध्र प्रदेश के जबड़े से जीत छीन ली। केसरी दृष्टि के आगे पस्त हुआ सौराष्ट्र आयुष क्रिकेट एकेडमी ग्राउंड-1 में हैदराबाद का सामना सौराष्ट्र से हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 241 रन बनाए। संध्या गोरा ने 67 और कुनचला नितिशा ने 43 रन बनाए, जबकि ममता 45 रन बनाकर नाबाद रहीं। सौराष्ट्र की अशाबा ने 3 विकेट झटके। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र की टीम हैदराबाद की गेंदबाज केसरी दृष्टि की फिरकी में फंस गई। केसरी ने 6 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। उनकी घातक गेंदबाजी के चलते पूरी टीम 37.3 ओवर में सिर्फ 155 रन ही बना सकी और हैदराबाद ने यह मैच 86 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया।
थलपति विजय की शादी टूटने की कगार पर:पत्नी ने कोर्ट में कहा- विजय का 5 साल से अफेयर चल रहा; 20 अप्रैल को अगली सुनवाई

तमिल एक्टर थलपति विजय की पत्नी संगीता सोरनलिंगम ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी है। संगीता ने विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है। संगीता ने साल 2026 की शुरुआत में ही कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी थी। उन्होंने स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत शादी को कानूनी रूप से खत्म करने की मांग की है। कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक, दोनों ने 25 अगस्त 1999 को चेन्नई में शादी की थी। संगीता बोलीं- 2021 में पता चला अफेयर कोर्ट में जमा की गई याचिका में संगीता ने विजय पर ‘एडल्ट्री’ के आरोप लगाए हैं। संगीता का दावा है कि अप्रैल 2021 में उन्हें पता चला कि विजय का एक एक्ट्रेस के साथ कथित तौर पर अफेयर चल रहा है। आरोप है कि विजय ने उस एक्ट्रेस के साथ सार्वजनिक रूप से मिलना और विदेश दौरों पर जाना जारी रखा। संगीता के मुताबिक, इस वजह से उन्हें और उनके बच्चों को काफी मानसिक दुख और शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है। संगीता ने घर में रहने की अनुमति मांगी तलाक की अर्जी के साथ संगीता ने कोर्ट से एक अंतरिम राहत भी मांगी है। उन्होंने चेन्नई के कैसुअरीना ड्राइव स्थित अपने घर में रहने की अनुमति मांगी है। संगीता ने कोर्ट को बताया कि वह ब्रिटिश नागरिक हैं और भारत में उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा घर नहीं है। उन्होंने मांग की है कि केस चलने तक उन्हें इसी घर में रहने की सुरक्षा दी जाए। विजय और संगीता के दो बच्चे हैं- 25 साल का बेटा जेसन संजय और 20 साल की बेटी दिव्या साशा। विजय ने साल 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) बनाकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। संगीता का आरोप है कि विजय की सार्वजनिक व्यस्तताओं और एक्टिंग करियर के बीच उनके आपसी भरोसे में कमी आई, जिसने अब तलाक का रूप ले लिया है। विजय को जारी हुआ नोटिस चेंगलपट्टू कोर्ट ने अभिनेता विजय को नोटिस जारी कर मामले में अपना पक्ष रखने के लिए पेश होने को कहा है। अब 20 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। फिलहाल विजय या उनकी पीआर टीम की तरफ से इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
मधुबाला बायोपिक में कियारा आडवाणी की एंट्री की खबर गलत:वायरल खबरों पर लगा ब्रेक, दावा- कियारा और भंसाली का प्रोजेक्ट से कोई कनेक्शन नहीं

लीजेंडरी अभिनेत्री मधुबाला की बायोपिक को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि इस फिल्म में लीड रोल के लिए कियारा आडवाणी को कास्ट किया गया है और फिल्म को मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली प्रोड्यूस करने वाले हैं। हालांकि अब इंडस्ट्री सूत्रों ने इन खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है। इंडस्ट्री से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र ने साफ तौर पर कहा है कि कियारा आडवाणी और संजय लीला भंसाली का मधुबाला की बायोपिक से जुड़ने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। सूत्र के मुताबिक, “यह पूरी तरह गलत जानकारी है कि कियारा आडवाणी को भंसाली की मधुबाला बायोपिक के लिए कास्ट किया गया है। इन दावों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।” दरअसल, हाल ही में इंटरनेट पर कई रिपोर्ट्स वायरल हुई थीं, जिनमें कहा गया था कि मधुबाला की जिंदगी पर बनने वाली फिल्म के लिए कियारा आडवाणी को फाइनल कर लिया गया है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा था कि संजय लीला भंसाली इस फिल्म को प्रोड्यूस करने वाले हैं। इन खबरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के बीच काफी चर्चा शुरू हो गई थी। मधुबाला हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और खूबसूरत अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनकी फिल्मों और उनकी जिंदगी से जुड़ी कहानियां आज भी दर्शकों को आकर्षित करती हैं। ऐसे में जब उनकी बायोपिक को लेकर खबरें सामने आईं तो फैंस के बीच स्वाभाविक रूप से उत्सुकता बढ़ गई। हालांकि अब इंडस्ट्री सूत्रों ने साफ कर दिया है कि फिलहाल इस तरह का कोई प्रोजेक्ट प्लान नहीं किया जा रहा है और न ही कियारा आडवाणी को इस रोल के लिए कास्ट किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह खबरें सिर्फ अटकलों पर आधारित थीं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल मधुबाला की बायोपिक को लेकर आधिकारिक तौर पर किसी भी फिल्म या कास्टिंग की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस विषय पर सामने आई खबरें महज अफवाह थीं।
इरान की मोरैलिटी पुलिस पर भड़कीं एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी:बोलीं- हिरासत में लेकर अपराधियों की तरह फोटो खींची, वहां की महिलाएं डर के साए में

ईरानी मूल की अभिनेत्री एलनाज नोरौजी ने एक बार फिर अपने देश ईरान की मोरैलिटी पुलिस को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि एक बार उन्हें भी मोरैलिटी पुलिस ने हिरासत में लिया था और उस दौरान उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे वे कोई अपराधी हों। द फ्री प्रेस जर्नल को दिए इंटरव्यू में एलनाज ने कहा कि जब उन्हें पुलिस ने पकड़ा तो उनकी प्रोफाइल के लिए अपराधियों की तरह तस्वीरें ली गईं। उन्होंने बताया कि पुलिस महिलाओं का पूरा रिकॉर्ड रखती है ताकि बाद में उन्हें ट्रैक किया जा सके कि कितनी बार उन्हें ड्रेस कोड के उल्लंघन में पकड़ा गया। एलनाज ने कहा कि उस वक्त वे मानसिक रूप से मजबूत थीं और उन्हें पता था कि उनके पास जर्मनी की नागरिकता है, इसलिए वे देश छोड़ सकती हैं। लेकिन उनका दिल उन लाखों महिलाओं के लिए दुखी हो गया जो ईरान में रहकर रोज ऐसे डर के माहौल में जिंदगी जीती हैं। एक्ट्रेस के मुताबिक ईरान में महिलाओं की स्थिति बेहद डरावनी है। उन्होंने कहा कि वहां एक महिला जब घर से बाहर निकलती है तो उसे यह तक नहीं पता होता कि वह सुरक्षित लौटेगी या नहीं। कई बार छोटी-सी बात, जैसे हिजाब सही तरीके से न पहनना, भी परेशानी की वजह बन जाती है। एलनाज ने 2022 में हुई महसा अमिनी की मौत का भी जिक्र किया। महसा को कथित तौर पर हिजाब नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मोरैलिटी पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। एक्ट्रेस ने कहा कि वे इन मुद्दों पर बोलना जारी रखेंगी, भले ही उनके परिवार और दोस्त उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हों। उनका मानना है कि अगर उन्हें एक पब्लिक फिगर होने का मंच मिला है तो उन्हें उन लोगों की आवाज बनना चाहिए जो डर की वजह से खुलकर बोल नहीं पाते। एलनाज नोरौजी भारत में भी कई प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकी हैं और वेब सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ से उन्हें खास पहचान मिली थी। हाल के दिनों में ईरान की राजनीति और वहां महिलाओं की स्थिति पर उनके बयान लगातार चर्चा में बने हुए हैं।






