मार्च 2026 हॉलिडे ट्रिप इन बजट: जंग के बीच फॉरेन ट्रिप कैसे हुई कैंसिल? मार्च में भारत के इन स्थानों का अन्वेषण करें

भारत में घूमने के लिए सर्वोत्तम स्थान: यदि अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण आपकी विदेशी यात्रा रुक गई है, तो चिंता न करें। भारत में हैं ऐसी ही खूबसूरत खूबसूरत जगहें जहां बनेगा आपका वेकेंसी मेमोरियल। बताएं कि आप इन जगहों पर कम बजट प्लान भी खरीद सकते हैं। मध्य पूर्व में चल रहा तनाव और कई देशों में पोस्टर प्रभाव की खबरों के बाद अगर आपकी मार्च 2026 की फॉरेन ट्रिप चौपट हो गई है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। भारत में ऐसी कई खूबसूरत और बजट-फ्रेंडली जगहें हैं, जहां आप कम खर्च में शानदार वेकेशन का आनंद ले सकते हैं। मार्च का महीना यात्रा के लिए प्रभावित करता है, क्योंकि न अधिक ठंड, न अधिक गर्मी आपकी यात्रा को सर्वोत्तम बनाने में मदद करती है। तो आइए जानते हैं कुछ बेहतरीन और बेहतरीन डेस्टिनेशन के बारे में: विश्वास में साहसिक कार्य के साथ-साथ परमात्मा भी स्पष्ट है। अगर आप कम बजट में ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो आपके लिए बेस्ट रेटिंग है। यहां आप रिवर राफ्टिंग का मजा उठा सकते हैं। इसके अलावा गंगा आरती का सार्वभौम उत्थान भी कर सकते हैं। साथ ही योग और चिकित्सा उद्योग कर खुद को फिट भी रख सकते हैं। इस जगह पर आप अल्फ़ाज़ कैफे और होमस्टे भी आसानी से पा सकते हैं। दिल्ली से बस या ट्रेन आसानी से पहुंचा जा सकता है, जिससे खर्च और कम हो जाता है। जयपुर में इतिहास के साथ-साथ शाही अंदाज वाली यात्रा आपके मूड को ताज़ा कर सकती है। पिंक सिटी जयपुर में मार्च में घूमने के लिए सबसे बढ़िया है। यहां आप हवा महल, अमेरिका किला और सिटी पैलेस जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके अलावा लोक मार्केट में दुकान भी सर्वश्रेष्ठ पद पर बने रहेंगे। यहां आप 800-1500 रुपए में बढ़िया होटल मिल सकते हैं। साथ ही स्ट्रीट भी काफी महंगा है। वाराणसी अर्थात वाराणसी शिव भक्तों के लिए सर्वोत्तम स्थान हो सकता है। यहां आपको अध्यात्म और संस्कृति से जुड़ी कई सामग्री देखने को मिल सकती है। यहां गंगा घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन और सुबह की नाव यात्रा की जा सकती है। यदि आप शांति और आध्यात्मिक अनुभव चाहते हैं, तो वाराणसी अवश्य जाएं। यहां रहना और खाना दोनों काफी दोस्त हैं। मूल्यांकनकर्ताओं के लिए सटीक स्थान है। यदि आप बजट में वेकेशन के बीच जाना चाहते हैं तो सर्वोत्तम प्लेसमेंट प्राप्त कर सकते हैं। मार्च में गोइंग का मौसम शानदार होता है। यहां आपको बीच पर खूबसूरत वॉटर स्पोर्ट्स करने को मिलेगा। नाइट मार्केट के लिए खरीदारी सर्वोत्तम हो सकती है। ऑफ-सीजन की शुरुआत होने से होटल बिजनेस मिल जाते हैं। अगर पहले से संपर्क करें तो उड़ान भी भरी मिल सकती है। इसे झीलों का शहर भी कहा जाता है। ऐसा ही एक उदाहरण अपनी खूबसूरत झीलों और महलों के लिए मशहूर है। यहां पिछड़ा सागर झील, सिटी पैलेस और सागर झील पर घूमने जा सकते हैं। यहां आप कम बजट में भी खूबसूरत दृश्य वाले होटल मिल सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)पॉकेट फ्रेंडली हॉलिडे ट्रिप(टी)मार्च हॉलिडे ट्रिप(टी)मार्च 2026(टी)वाराणसी ट्रिप(टी)ऋषिकेश ट्रिप(टी)जयपुर(टी)भारत में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें
वायुसेना का सुखोई फाइटर जेट असम में लापता:दावा- कार्बी आंगलॉन्ग जिले में लोगों ने धमाका सुना; सर्च ऑपरेशन लॉन्च

भारतीय वायु सेना (IAF) का एक सुखोई Su‑30MKI फाइटर जेट गुरुवार को असम में अचानक रडार से गायब हो गया। अधिकारियों के मुताबिक विमान से रडार संपर्क टूटने के बाद तुरंत स्थिति का पता लगाने के लिए खोज और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 4.5 जेनरेशन का एयरक्राफ्ट सुखोई-30 जेट गुरुवार शाम करीब 7 बजे कार्बी आंगलॉन्ग जिले में लापता हुआ। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया है और वहां लोगों ने धमाका सुना है। हालांकि आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। यह फाइटर जेट नियमित उड़ान या मिशन पर था, तभी अचानक उसका ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। रडार से संपर्क समाप्त होने के बाद वायु सेना ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए घटना की जांच के लिए IAF टीम को असम रवाना किया है। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल विमान की सटीक स्थिति और संपर्क टूटने की वजह का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल वायु सेना की टीमें घटनास्थल का पता लगाने में जुटी हुई हैं। इलाके में खोज अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि विमान और उसमें सवार पायलटों के बारे में जानकारी मिल सके। मल्टीरोल फाइटर जेट है सुखोई सुखोई Su‑30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे उन्नत और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। यह दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसका इस्तेमाल वायु रक्षा, लंबी दूरी की स्ट्राइक और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में किया जाता है। भारत में SU-30MKI 12 सालों में 8 बार क्रैश 1. 4 जून 2024- नासिक, महाराष्ट्र भारतीय वायुसेना का SU-30MKI जेट ट्रेनिंग उड़ान पर था। उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने पर विमान नासिक के पास खेत में गिर गया। दोनों पायलटों ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए। 2. 28 जनवरी 2023- मध्य प्रदेश- ग्वालियर से ट्रेनिंग मिशन पर उड़े दो लड़ाकू विमान SU-30MKI और Mirage-2000 हवा में टकरा गए। SU-30 के दोनों पायलट सुरक्षित निकल आए, लेकिन मिराज-2000 के पायलट की मौत हो गई। 3. 8 अगस्त 2019- तेजपुर, असम तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान में तकनीकी समस्या आ गई। पायलटों ने विमान से इजेक्ट कर लिया। दोनों सुरक्षित बच गए। 4. 27 जून 2018- नासिक, महाराष्ट्र हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के टेस्ट पायलट SU-30MKI की टेस्ट उड़ान कर रहे थे। इसी दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट समय पर बाहर निकल गए और सुरक्षित रहे। 5. 23 मई 2017- अरुणाचल प्रदेश सीमा क्षेत्र तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद SU-30MKI से संपर्क टूट गया। बाद में अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में विमान का मलबा मिला। इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई। 6. 15 मार्च 2017- बाड़मेर, राजस्थान ट्रेनिंग मिशन के दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए। हादसे में जमीन पर मौजूद तीन लोग घायल हो गए। 7. 14 अक्टूबर 2014- पुणे, महाराष्ट्र पुणे के पास ट्रेनिंग उड़ान के दौरान SU-30MKI दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दोनों पायलटों ने समय रहते विमान छोड़ दिया और सुरक्षित रहे। 8. 19 मई 2015- तेजपुर, असम विमान ने तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी आ गई। पायलटों ने इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत का तेजस फाइटर जेट दुबई एयर शो में क्रैश, पायलट की भी मौत, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले थे दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना का तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया। हादसा अल मकतूम एयरपोर्ट पर जारी एयर शो में एक डेमो फ्लाइट के दौरान हुआ। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक हादसा 3.40 बजे हुआ। विमान के गिरते ही उसमें आग लग गई और हवाई अड्डे के ऊपर काले धुएं का गुबार देखा गया। एयरफोर्स ने बताया कि हादसे में पायलट की भी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
अनूपपुर में हाथी का हमला, युवक घायल:खेत में काम करते समय सूंड से पटका; सीएचसी कोतमा में भर्ती

अनूपपुर जिले के कोतमा वन परिक्षेत्र के ग्राम चुकान में गुरुवार शाम करीब 4 बजे एक जंगली हाथी ने खेत में काम कर रहे 20 वर्षीय युवक दारा सिंह पर हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में भर्ती कराया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा के बीएमओ केएल दीवान ने बताया कि युवक हाथी के हमले से घायल हुआ है, लेकिन उसकी हालत सुरक्षित है और गंभीर चोटें नहीं आई हैं। उसका इलाज जारी है। घायल दारा सिंह, पिता राम सिंह ने बताया कि वह शाम के समय अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी हाथी ने पीछे से अचानक सूंड से टक्कर मारकर हमला कर दिया, जिससे वह दूर जा गिरा और उसे चोटें आईं। आसपास काम कर रहे अन्य ग्रामीणों ने घायल दारा सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा पहुंचाया। घटना के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग की निगरानी और चेतावनी व्यवस्था होती तो इस हादसे से बचा जा सकता था। वन विभाग की टीम को जानकारी नहीं कोतमा रेंजर हरीश तिवारी ने बताया कि उन्हें हाथी के संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है और वे जानकारी लेकर टीम भेजने की बात कह रहे हैं। घायल युवक के पास अब तक वन विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा है। घटना के बाद हाथी लगातार इलाके में घूम रहा है, जिससे ग्रामीण खेतों और घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। 72 दिन से क्षेत्र विचरण कर रहे हाथी उल्लेखनीय है कि अनूपपुर जिले में वर्तमान में चार हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इनमें से तीन हाथी पिछले 72 दिनों से क्षेत्र में थे, जबकि एक अन्य हाथी सप्ताहभर पहले आया है। पूर्व में इन हाथियों के हमले में तीन लोगों के घायल होने और इलाज के दौरान मौत होने की घटनाएं हो चुकी हैं। यह घायल होने का चौथा मामला है।
ढाई बनाम छाछ: दही या छाछ… गर्मियों में स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प कौन सा है? जानिए खाने के फायदे

दही v/s छाछ | छवि: फ्रीपिक दही बनाम चास आंत स्वास्थ्य: भारतीय घरों में दही और छाछ रोज पी बनाई जाती है। ये दोनों दूध से बने उत्पाद प्रोबायोटिक्स से भरपूर होते हैं, जो कि स्वास्थ्यवर्धक के रूप में सामने आते हैं। लेकिन डस्माक्स, एसिडिटी, ब्लोटिंग या कब्ज जैसे मुद्दों में कौन कितना बेहतर और प्रभावशाली है, इसमें महत्वपूर्ण जानकारी सामने आती है। वैसे तो दही और छाछ दोनों ही सेहत के लिए अच्छे होते हैं, वहीं दोनों के फायदे भी अलग-अलग होते हैं। आयुर्वेद और पुरातत्व संस्थान के खाते से दही और छाछ का ध्यान रखा जाए तो, दही और छाछ के अलग-अलग फायदे हैं। कुल मिलाकर दही और छाछ की तुलना की जाए तो, दोनों के अपने फायदे हैं। दही के फायदे दही दूध की मार्केटिंग फर्म द्वारा की जाती है। इसमें अधिकांश लाइव प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो माइक्रोबायोम को निर्धारित करते हैं। यह प्रोटीन, कैल्शियम से भरपूर है। कोल्ड स्टोरेज में या एंटीबायोटिक्स के बाद भी डेयरी से काफी मदद मिलती है। लेकिन कुछ लोगों को दही का सेवन भारी लग सकता है, खासकर रात के समय दही का सेवन करना भारी लग सकता है। छाछ के फायदे छाछ दही को पानी में घोलकर, फेंटकर बनाया जाता है। फैट कम, इसमें पानी सबसे ज्यादा होता है, जो शरीर को निर्धारित करता है। जीरा, अदरक या पुदीना से गैस और ब्लोटिंग कम होती है। यह हल्की और आसानी से पचने वाली होती है, गर्मियों में ठंडक मिलती है। आयुर्वेद में छाछ को सभी बॉडी टाइप के लिए उपयुक्त माना जाता है। एसिडिटी और ब्लोटिंग में क्या लें? एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या में सबसे अच्छा विकल्प है। इसकी क्लासिक प्रकृति पेट पर लोड नहीं डालती और सॉसेज कम करती है। दही कुछ लोगों में भारी पड़ सकता है। लूज मोशन या कंबोशन में क्या चीज़? लूज मोशन में सादी दही सबसे ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि यह गुड क्वालिटी को मजबूत करता है। डॉक्टर भी अक्सर दही-चावल के डॉक्टर की सलाह देते हैं। वहीं, कंबाइनिंग में दोनों मदद करते हैं, लेकिन हाइड्रेशन के लिए बहुत बेहतर है। कौन सबसे बेहतर? दही को मुख्य रूप से प्रोबायोटिक्स और प्रोटीन के लिए चुना जाता है, लेकिन ऑक्सीडेटिव एसिडिटी, एसिडिटी या गर्म मौसम में छाछ को बेहतर माना जाता है। लेकिन कोशिश करें कि हमेशा ताजा ही दही और छाछ लें और बासी से बचें। ये पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थ सेहत को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, साथ ही गर्मियों के दिनों में आप रोज दही और छाछ का सेवन कर सकते हैं। यह भी पढ़ें: केंद्र की राजनीति में नीतीश कुमार का हृदय से स्वागत- अमित शाह (टैग्सटूट्रांसलेट)दही बनाम छाछ आंत स्वास्थ्य(टी)दही बनाम छाछ पाचन(टी)दही छाछ में प्रोबायोटिक्स(टी)एसिडिटी ब्लोटिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ(टी)भारतीय आहार आंत के अनुकूल खाद्य पदार्थ
86 की उम्र में 3 अस्पतालों में त्वचा, आंखें और देह की दान,अब इतने पीड़ितों को मिलेगी नई जिंदगी

Last Updated:March 05, 2026, 18:33 IST दिल्ली के रहने वाले सीताराम गोयल ने 86 की उम्र में निधन के बाद आंखें, त्वचा और देहदान किया. उनकी त्वचा आर्मी अस्पताल, आंखें गुरु नानक आई अस्पताल और देह AIIMS को दान की गई. इस पहल से कई लोगों को नई जिंदगी मिलेगी. 86 साल के सीताराम गोयल ने देह, त्वचा और आंखें दान की हैं. Skin Donation: 86 साल की उम्र में निधन होने पर जब परिजन शांति से अंतिम संस्कार करने का फैसला करते हैं, वहीं इस उम्र में रोहिणी के रहने वाले सीताराम गोयल ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक भावुक उदाहरण पेश किया है. गोयल के परिजनों ने उनके निधन के बाद उनकी आंखें, त्वचा और यहां तक कि देहदान करने का फैसला किया. इससे बहुत सारे लोगों को नई जिंदगी मि ल सकेगी. दधीचि देहदान समिति के सहयोग से गोयल की त्वचा आर्मी अस्पताल (Research and Referral), दिल्ली कैंट में दान की गई. जबकि उनकी दोनों आंखें गुरु नानक आई अस्पताल को दी गईं, जिनसे कई लोगों की आंखों की रोशनी बचाई जा सकेगी. क्योंकि एक जोड़ी आंखों से करीब 6 लोगों को रोशनी दी जा सकती है. जबकि इनकी देह को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली में दान किया गया, ताकि मेडिकल के छात्र इनके शरीर का इस्तेमाल शोध और रिसर्च के लिए इस्तेमाल कर सकें. दान का यह कार्य देहदान समिति के उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में किया गया. दिल्ली में उनके लगातार प्रयासों से कई परिवार अंगदान और देहदान को मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण तरीका मानने लगे हैं.इस प्रक्रिया के दौरान मौजूद डॉक्टरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे भारत में अंग और ऊतक दान की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा. इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि दान की गई त्वचा गंभीर रूप से झुलसे (बर्न) मरीजों और दुर्घटनाओं में घायल लोगों के इलाज में बहुत महत्वपूर्ण होती है. इससे कई लोगों का इलाज हो सकेगा. इस बारे में अस्पताल के ओंकार सिंह ने बताया कि सेना के अस्पतालों में अक्सर सैनिकों और आम नागरिकों के गंभीर जलने के मामले आते हैं. ऐसे में स्किन डोनेशन मरीजों के इलाज और जल्दी ठीक होने में बहुत मदद करता है. वहीं सीताराम गोयल जैन के परिजनों ने कहा कि उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी त्वचा दान करने का निर्णय लिया, ताकि गंभीर रूप से झुलसे मरीजों की मदद हो सके. फिर उनकी आंखें और देहदान भी किया गया.एक ही फैसले से इस परिवार ने तीन महत्वपूर्ण प्रकार के दान करके मरीजों और मेडिकल विज्ञान दोनों की मदद की. इस अवसर पर सुधीर गुप्ता ने कहा कि अंगदान और देहदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है. मृत्यु के बाद भी इंसान अपने शरीर के माध्यम से दूसरों को जीवन, आशा और उपचार दे सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि भारत में अभी भी दान किए गए अंगों और ऊतकों की कमी है, खासकर बर्न मरीजों के लिए त्वचा की. ऐसी पहलें लोगों को प्रेरित करती हैं और समाज में जागरूकता बढ़ाती हैं. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीनियर हेल्थ रिपोर्टर काम कर रही हैं. इन्हें पिछले 14 साल से फील्ड में रिर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है. इससे पहले ये हिंदुस्तान दिल्ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें First Published : March 05, 2026, 18:33 IST
स्कूली बच्चों के दांतों में डॉक्टरों को दिख रहीं ऐसी चीजें, पेरेंट्स की टेंशन हो जाएगी दोगुनी, अभी नहीं दिया ध्यान तो होगा नुकसान

Last Updated:March 05, 2026, 18:01 IST Dental problems in school children: दिल्ली के मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के प्रोजेक्ट नीव में खुलासा हुआ है कि स्कूली बच्चों के दांतों में बीमारियां बढ़ रही हैं. मोबाइल डेंटल क्लीनिकों की जांच में सामने आया है कि कुछ खराब आदतों की वजह से भी दांतों में समस्याएं हो रही हैं. दिल्ली के स्कूली बच्चों में दांतों की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. Dental problems in Students: दिल्ली के मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के प्रोजेक्ट नीव में ऐसी चीजें सामने आई हैं जो पेरेंट्स की चिंता बढ़ा सकती हैं. दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के दांतों और मुंह में बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. दिल्ली ओरल हेल्थ प्रोग्राम नई दिल्ली के अंतर्गत चल रहे प्रोजेक्ट नीव के तहत मोबाइल डेंटल क्लिनिकों द्वारा की गई 72,334 छात्रों और स्कूल स्टाफ की जांच में कई ऐसी डेंटल प्रॉब्लम देखने को मिली हैं जो अगर समय रहते पहचान ली जाती तो उन्हें रोका जा सकता था. सितंबर 2014 में दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग और स्कूल हेल्थ स्कीम के सहयोग से यह कार्यक्रम शुरू किया गया था, जिसमें जनवरी 2026 तक के आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं. स्कूली बच्चों और स्टाफ की जांच के नतीजों से पता चला है कि बड़ी संख्या में बच्चे ऐसे दांतों के रोगों से पीड़ित हैं जिन्हें समय पर इलाज देकर रोका जा सकता था लेकिन जागरूकता की कमी, इलाज तक सीमित पहुंच और समय पर हस्तक्षेप न होने के कारण ये मामले बढ़ गए. आइए जानते हैं बच्चों के दांतों में कौन सी बीमारियां बढ़ रही हैं. बच्चों के दांतों में हो रहीं ये बीमारियां . दांतों में कीड़ा लगना . मसूड़ों की बीमारी . मुंह की सही सफाई की कमी . दांतों पर प्लाक और कैल्कुलस जमना . कई बच्चों के दांतों के बीच खाना फंसा हुआ पाया गया . कुछ बच्चे गलत तरीके से ब्रश करते पाए गए (आड़े तरीके से जोर-जोर से ब्रश करना) जिससे दांतों की ऊपरी परत घिस गई. . कई बच्चों के मसूड़ों से हल्की छेड़छाड़ पर खून आने और दांतों पर सफेद धब्बे भी देखे गए, जो दांतों के कमजोर होने का संकेत हैं . कई बच्चों ने दांतों में दर्द, खाना चबाने में परेशानी, मुंह से बदबू और दांतों की संवेदनशीलता की शिकायत भी की. दांतों में बीमारियों का क्या होता है असर बच्चों के दांतों में हो रही ये समस्याएं उनकी स्कूल उपस्थिति, पढ़ाई में ध्यान, पोषण और पूरे प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं. कुछ मामलों में बच्चों को आगे के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास भेजने की भी जरूरत पड़ी है. हालांकि बच्चों में कुछ खराब आदतें भी देखी गई हैं, जिनकी वजह से बीमारियां पनप रही हैं. पिछले दो साल में कितने बच्चों की हुई जांच 2024–25 में: 14,381 बच्चों की जांच2025–26 में (नवंबर 2025 तक): 9,998 लाभार्थियों की जांच इन खराब आदतों ने पैदा की बीमारियां . स्कूल के समय पैकेट वाले मीठे स्नैक्स और सॉफ्ट ड्रिंक का ज्यादा सेवन . टूथब्रश समय पर न बदलना . भाई-बहनों के साथ टूथब्रश साझा करना . रात में ब्रश न करना . छोटे बच्चों के दांत साफ करने पर माता-पिता की निगरानी का अभाव . कई बच्चों ने पहली बार देखा डेंटिस्ट क्या है इन बीमारियों का बचाव इस पहल का नेतृत्व कर रहे मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक डेंटिस्ट्री के एचओडी विक्रांत मोहंती कहते हैं कि इस प्रोजेक्ट तहत छह मोबाइल डेंटल क्लिनिक हर सप्ताह तय कार्यक्रम के अनुसार स्कूलों में जाते हैं. वहां बच्चों के दांतों की जांच की जाती है, जरूरत पड़ने पर फ्लोराइड वार्निश लगाया जाता है और अधिक जोखिम वाले बच्चों के लिए पिट-एंड-फिशर सीलेंट भी लगाए जाते हैं. माता-पिता की अनुमति मिलने पर स्कूल परिसर में ही बुनियादी दंत उपचार भी किया जाता है. डॉ. मोहंती ने कहा कि बीमारियों की जल्दी पहचान और रोकथाम ही लंबे समय में स्वास्थ्य बोझ कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है.कार्यक्रम की योजना और क्रियान्वयन को सीनियर एडवाइजर स्वाति जैन ने सफल बनाने में सहयोग दिया है. बच्चों की स्क्रीनिंग के अलावा इस प्रोजेक्ट के तहत 44 सरकारी स्कूलों में 53 शिक्षक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए ताकि शिक्षक छात्रों को रोजाना दांतों की सफाई की आदतें सिखा सकें. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीनियर हेल्थ रिपोर्टर काम कर रही हैं. इन्हें पिछले 14 साल से फील्ड में रिर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है. इससे पहले ये हिंदुस्तान दिल्ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें First Published : March 05, 2026, 18:01 IST
'जनता का पैसा बांग्लादेशी घुसपैठियों में लुटा रहीं ममता दीदी':बंगाल में बोले धामी- वोट बैंक के लिए बनाए जा रहे फर्जी दस्तावेज, कांग्रेस-टीएमसी का डीएनए एक

‘पोरिबोर्तन यात्रा’ में शामिल होने पश्चिमी बंगाल पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ममता बनर्जी पर जमकर हमला किया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा- वोट बैंक के लालच में बंगाल की जनता के हक का पैसा बांग्लादेशी घुसपैठियों में लुटाया जा रहा है। उनके फर्जी दस्तावेज बनाए जा रहे हैं। उनको संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवराज देश के बाहर देश को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। कांग्रेस और टीएमसी का डीएनए एक ही है। जिनके तीन धागे हैं- भारत विरोधी, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण का समर्थन। हमारे दिलों को जोड़ता है मां गंगा का प्रवाह सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखंड से आया हूं। जहां से गंगा मैया निकलती है गंगोत्री। उस स्थल से आज आपके बीच में गंगा के अंतिम छोर गंगासागर की पावन धरती पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। भले ही उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की भौगोलिक रूप से बहुत दूरी है, लेकिन मां गंगा का पवित्र प्रवाह हमारे दिलों को जोड़ता है और हम सब को एक सूत्र में बांधने का काम करता है। शरणार्थियों के बीच पला-बड़ा सीएम ने कहा- बांग्लादेश से 1971 के बाद लगातार बड़ी संख्या में जो शरणार्थी आए। ऊधम सिंह नगर के आस पास सब मेरे घर के आस-पास लाखों की संख्या में शरणार्थी वहां पर हैं। उनके बीच में ही मैं भी पला बड़ा हूं। बाग्ला समाज के जितने भी त्योहार होते हैं। सब त्योहारों में मुझे जाने का अवसर मिला। चाहे वो काली पूजा हो या दुर्गा पूजा हो। सारे महोत्सवों के माध्यम से मुझे बांग्ला संस्कृति को नजदीक से जानने का मौका मिला। मैंने इस संस्कृति को गहराई से जानने का प्रयास किया। मुझे ये बोध हुआ कि बंगाल कितना दिव्य और कितना महान है। यह भूमि है भारत को राष्ट्रगान देने वाले रविंद्र नाथ टेगौर और राष्ट्रगीत वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, अध्यात्य के क्षेत्र में रामचंद्र परमहंस दिए, स्वामी विवेकानंद जैसे युगपुरुषों ने यहां से निकलकर पूरी दुनिया को दिशा देने का काम किया। शिकागो के सम्मेलन में उन्होंने ऐसा भाषण दिया कि पूरी दुनिया के अंदर भारत का यशगान हुआ। विज्ञान के क्षेत्र में जगदीश चंद्र बसु और सतेद्र नाथ बसु जी ने पूरी दुनिया में भारत का मस्तक ऊंचा किया। स्वत्रंता सेनानी के महान नायक सुभाष चंद्र बोस और महान क्रांतिकारी खुदी राम बोस की यह तपोस्थली रही है। जनता संदेश दे रही-अब अन्याय नहीं चलेगा सीएम ने कहा- आज परिवर्तन यात्रा के पहले दिन मातृशक्ति और युवाओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि बंगाल के अंदर अब परिवर्तन होने वाला है। यहां पर कमल फूल की सरकार आप सब लोग बनाने वाले हो। ये अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ जमसैलाब एकत्र हुआ है। ये तुष्टिकरण के खिलाफ चेतना है। जनता का वर्षों से दबा हुआ आक्रोश है। आज हिंगलगंज की धरती से उठ रही ये आवाज संदेश दे रही है कि अब अन्याय नहीं चलेगा। अब तुष्टिकरण नहीं चलेगा। अब पश्चिम बंगाल बदलेगा और तेज गति से विकास की गति में आगे बढ़ता जाएगा। क्या आज का बंगाल वैसा ही है। जो रविंद्र नाथ टैगोर चाहते थे। लाखों के कर्ज तले जन्म ले रहा बच्चा सीएम ने कहा- पिछले कुछ वर्षों से इस भूमि को असुरक्षा से गंभीर संकट में धकेल दिया है। आज राज्य के अंदर 8 लाख करोड़ से अधिक का कर्जा है। आज ऐसी स्थिति है कि जो पैदा होने वाला बच्चा है। वह भी लाखों के कर्ज तले जन्म ले रहा है। जिस बंगाल को नारी शक्ति मानकर पूजा जाता है। आज हमारी मातृशक्ति सुरक्षित नहीं है। संदेशखाली जैसी घटनाओं ने पूरे देश को झकझौर कर रख दिया है। वहीं कलकत्ता का आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना ने देश को झकझौर कर रख दिया। यहां की पुलिस और प्रशसान ने रातो-रात सबूत मिटाने का काम किया है। ममता दीदी आप तो सत्ता में यह कहकर आईं थी कि कर्मचारियों को डीए देंगे, आज केंद्र और राज्य में डीए का 40 प्रतिशत का अंतर किसी राज्य में हो तो वह पश्चिम बंगाल में है। ममता दीदी आपने युवाओं को रोजगार के नाम पर धांधली और भ्रष्टाचार दिया है। प्रदेश में 8200 स्कूल बंद हुए सीएम ने कहा- दिल्ली से जो पैसा जनता की सुरक्षा के लिए भेजा गया था। यहां के विकास के लिए भेजा गया था। तटबंध बनाने के लिए भेजा गया था। आखिर वह कहां चला गया। किसकी तिजोरी में चला गया। उससे किसकी जेब भर गई। हिंगलगंज के मेरे भाई बहन आज भी शुद्ध पानी पीने के लिए तरस गए हैं। 15 साल का शासन हो गया, और शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी बंगाल पूरी तरीके से ध्वस्त है। 8200 स्कूल पूरी तरीके से बंद हो गए हैं। और 10 हजार स्कूल बंद होने के कगार पर हैं। जिस बंगाल ने देश को पूरे तरीके से ज्ञान का प्रकाश दिया, आज उस बंगाल के बच्चों का भविष्य अंधेरे कमरों में सिमट गया है। टीएमसी के शासन में किसान और उद्योग भी तबाह हो गए हैं। घुसपैठ से देश की सुरक्षा को खतरा सीएम ने कहा- यहां चारों ओर से घुसपैठ हो रही है। सीमा सुरक्षा का मुद्दा अत्यंत गंभीर है। बंगाल ही नहीं पुरे देश की सुरक्षा के लिए यहां खतरा पैदा हो गया है। पूरे देश के अंदर एसआईआर हो रहा है। लोकतंत्र स्वच्छ पद्यति से चलता है। पारदर्शिका से चलता है तो आपको क्या परेशानी है अगर फेंक वोट हटाए जा रहे हैं। जो गलत तरीके से पढ़ने वाले वोट हैं। आखिर उनको हटाने का काम चुनाव आयोग कर रहा है। आपको उसमें परेशानी हो रही है। फर्जी वोट के लिए घुसपैठियों को बसाया जा रहा है और अपने वोट बैंक को मजबूत किया जा रहा है। जो बांग्लादेश और पाकिस्तान के हमारे हिन्दू शरणार्थी भाई हैं। उनको नागरिकता देने का काम मोदी सरकार ने किया है। उससे भी आपको परेशानी होती है। उत्तराखंड में बंगाली परिवारों को दिया मालिकाना हक सीएम ने कहा- उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में बड़ी संख्या में बांग्ला भाई निवास
नाबालिग का सिर कुचला…खून पीकर भेजा खाया, VIDEO:दमोह में हथौड़े से 15-20 वार किए, बहन के घर जा रहा था; भाई ने मांस खाते देखा

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक शख्स ने हथौड़े से सिर कुचलकर नाबालिग को मार डाला। नाबालिग के सिर से भेजा निकालकर खाया, फिर खून पिया। खून अपने चेहरे पर भी लगाया। खून पीने और मांस खाने का वीडियो भी सामने आया है। वारदात देहात थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान 16 वर्षीय भरत विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जो इमलिया चौकी क्षेत्र के अर्थखेड़ा गांव का रहने वाला था। वह भाई दूज पर अपनी बहन के पास समन्ना गांव आया था। बहन के घर पहुंचने से पहले वारदात हो गई। मृतक के चचेरे भाई विजय विश्वकर्मा ने बताया कि रास्ते में गांव के ही रहने वाले गुड्डा पटेल ने अचानक उन पर हमला कर दिया। आरोपी ने भरत के सिर पर रॉड से हमला किया। इसके बाद करीब 15-20 बार हथौड़े से वार किया। गंभीर चोट लगने के कारण भरत की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी ने मेरे सामने भाई का मांस खाया इस दौरान साथ में मौजूद चचेरा भाई विजय विश्वकर्मा किसी तरह बच गया। उसने बताया कि आरोपी ने मेरे सामने भाई का मांस खाया। वह नरभक्षी की तरह बर्ताव कर रहा था। गांव वाले उसकी क्रूरता से डर गए थे। भाई ने मेरे सामने दम तोड़ दिया। वह उसे बचा नहीं पाया। वारदात से जुड़ी 5 तस्वीरें देखिए… हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भागा आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुड्डा पटेल हाथ में हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भाग गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत देहात थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के साथ मिलकर आरोपी की तलाश शुरू की। इस दौरान आरोपी खेतों में छिप गया था। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी घेराबंदी की। आरोपी ने हाथ में हथियार लेकर पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को डराने की कोशिश की, जिससे कुछ देर के लिए लोग पीछे हट गए। हालांकि बाद में जब आरोपी के हाथ से हथियार छूट गया, तब ग्रामीणों ने उस पर पथराव कर उसे काबू में कर लिया। पत्नी की भी हत्या कर चुका है आरोपी प्रत्यक्षदर्शी भगवानदास पटेल ने बताया कि आरोपी ने 20 साल पहले अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। वह जेल की सजा काट चुका है। 2 साल पहले ही उसकी सजा पूरी हुई थी। घर में एक बेटा और दो बेटियां हैं। तीनों की शादी हो गई है। उसका बेटा अलग रहकर खेती करता है। आरोपी गांव में ही घूमता रहता था। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव मामले में सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। …………………………. यह खबर भी पढ़ें सागर में युवक चीखता रहा…छोड़ दो… मत मारो, डंडों से पीट-पीटकर हत्या सागर के कोतवाली थाना क्षेत्र के लाजपतपुर में हिस्ट्रीशीटर की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार को वारदात का वीडियो सामने आया है, जिसमें बदमाश को हमलावर डंडों से बेरहमी से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। वह छोड़ दो… मत मारो की गुहार लगा रहा है। लेकिन हमलावर कह रहे है कि इसके पैर तोड़ दो। पढ़ें पूरी खबर…
भाई दूज पर भी दतिया में होली का उत्साह:एसपी समेत पुलिसकर्मी भी रंग-गुलाल में सराबोर

भाई दूज के पर्व पर भी दतिया में होली का रंग और उत्साह थमने का नाम नहीं लेता दिखा। जिलेभर में रंग, गुलाल और फाग के सुरों के साथ त्योहार का माहौल बना रहा। खास बात यह रही कि पुलिस भी आमजन के साथ रंगों में सराबोर नजर आई, जिससे सौहार्द और उत्सव का संदेश मिला। पुलिस लाइन ग्राउंड में जिले की पुलिस ने सामूहिक रूप से होली मनाई। इस दौरान थाना प्रभारी से लेकर एसपी सूरज वर्मा तक रंग-गुलाल में सराबोर नजर आए। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया और भाईचारे के साथ होली की खुशियां साझा कीं। चौराहों पर भी उत्सव दिखा वहीं शहर के गली, चौक और चौराहों पर भी उत्सव का नजारा देखने को मिला। फाग मंडलियों ने पारंपरिक बुंदेली गीतों की प्रस्तुति दी। जिनकी धुनों पर लोग झूमते और ठुमके लगाते नजर आए। बाजारों में युवाओं की टोलियां रंग-गुलाल उड़ाती हुई निकलती दिखीं। जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा। भाई दूज के मौके पर बहनों ने भी पूरे विधि-विधान से भाइयों का तिलक कर उनकी लंबी उम्र की कामना की। घर-घर में भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। हालांकि, कुछ इलाकों में रंग-गुलाल लगाने को लेकर हल्के-फुल्के विवाद की स्थिति भी सामने आई, लेकिन पुलिस की सतर्कता से हालात पर तुरंत काबू पा लिया।
जिम्बाब्वे टीम का पहला बैच हरारे के लिए रवाना:वेस्टइंडीज टीम अब भी फंसी, एयरस्पेस बंद होने से भारत में अटके थे क्रिकेटर्स

जिम्बाब्वे टीम का पहला बैच बुधवार को अपने घर हरारे के लिए रवाना हो गया है। जिम्बाब्वे की टीम को दो मार्च को स्वदेश रवाना होना था, लेकिन एक मार्च को दिल्ली में साउथ अफ्रीका से पांच विकेट से हारने के बाद उसकी टीम यहीं फंस गई थी। इसके बाद ICC ने जिम्बाब्वे टीम की वापसी के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की। दरअसल, ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण वेस्ट एशिया का एयरस्पेस बंद है। जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को इसी रूट से अपने देश लौटना था। फिलहाल वेस्टइंडीज की टीम अभी भी भारत में ही है। ट्रैवल रूट बदला गया जिम्बाब्वे क्रिकेट (ZC) ने बुधवार को ऑफिशियल स्टेटमेंट रिलीज कर इस बात की जानकारी दी। बोर्ड ने ट्वीट कर बताया, खिलाड़ियों का पहला बैच बुधवार को भारत से रवाना हो गया, जबकि बाकी खिलाड़ी शुक्रवार दोपहर को रवाना होंगे। पहले जिम्बाब्वे की टीम दुबई के रास्ते हरारे लौटने वाली थी, लेकिन अब ट्रैवल रूट बदल दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत टीम इथियोपिया के रास्ते हरारे पहुंचेगी। मैं बस घर जाना चाहता हूं- सैमी वेस्टइंडीज की टीम चार दिनों से कोलकाता में ही अटकी हुई है और उनके हेड कोच डैरेन सैमी ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, मैं बस घर जाना चाहता हूं। उन्होंने एक दूसरे पोस्ट में लिखा, कम से कम हमें कोई अपडेट तो दें। कुछ तो बताइए आज, कल या अगले हफ्ते कब निकलेंगे। पांच दिन हो गए हैं और हमें अभी तक कुछ साफ नहीं बताया गया है। सोमवार को निकलने वाले थे जिम्बाब्वे के प्लेयर्स जिम्बाब्वे ने रविवार को अपना आखिरी मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला। टीम के कुछ प्लेयर्स सोमवार सुबह 4.30 बजे रवाना होने वाले थे, वहीं बाकी दिन में जाने वाले थे। टीम की फ्लाइट दिल्ली से दुबई और दुबई से हरारे के लिए बुक थी, लेकिन दुबई में एयरस्पेस बंद होने के कारण प्लेयर्स को भारत में ही रुकना पड़ा। सुपर-8 स्टेज पार नहीं कर सकी दोनों टीमें टी-20 वर्ल्ड कप भारत और श्रीलंका में खेला जा रहा है। 7 फरवरी को 20 टीमों के साथ शुरू हुए टूर्नामेंट में सेकेंड स्टेज तक 8 टीमें बचीं। 1 मार्च तक सुपर-8 स्टेज खत्म हुआ, जिसके बाद टॉप-4 टीमों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। इनमें भारत, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका शामिल हैं। जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज की टीमें सुपर-8 को पार नहीं कर सकीं। वेस्टइंडीज ने राउंड-2 में इकलौता मैच जिम्बाब्वे को ही हराया। जबकि ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराने वालीं जिम्बाब्वे सुपर-8 में एक भी मैच नहीं जीत सकी। पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें सुपर-8 को पार नहीं कर पाईं, जबकि 2021 की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई।








