Wednesday, 21 Oct 2026 | 09:02 AM

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अजित पवार के भतीजे का आरोप- प्लेन क्रैश बड़ी साजिश:दुर्घटना के समय कई धमाके हुए थे, विमान में पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे

अजित पवार के भतीजे का आरोप- प्लेन क्रैश बड़ी साजिश:दुर्घटना के समय कई धमाके हुए थे, विमान में पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने शनिवार को अजित पवार प्लेन क्रैश पर फिर सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फेंस में स्क्रीन पर डेटा और फोटो दिखाए। उन्होंने कहा कि ब्लैक बॉक्स को लेकर शक जताया जा रहा था। उनके मुताबिक, दुर्घटना के समय सिर्फ एक धमाका नहीं हुआ था, बल्कि कई धमाके हुए थे। विमान में सामान रखने वाली जगह पर अतिरिक्त पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे, जिससे आग भड़की। सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर साजिश की बात करें तो यह दो तरह की हो सकती है, राजनीतिक या व्यावसायिक। अभी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में किस तरह की साजिश शामिल है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। यह प्लेन VSR कंपनी का था। अजित पवार के 4 बड़े आरोप, पीएम ही अजित को न्याय दिला सकते हैं

Bad Cholesterol के संकेत: बढ़ा हुआ ऑर्केस्ट्रा में मदद करेगा ये मसाज ड्रिंक, कोलेस्ट्रॉल की गंदगी भी होगी साफ; एक सप्ताह में कमाल का असर

Bad Cholesterol के संकेत: बढ़ा हुआ ऑर्केस्ट्रा में मदद करेगा ये मसाज ड्रिंक, कोलेस्ट्रॉल की गंदगी भी होगी साफ; एक सप्ताह में कमाल का असर

ख़राब कोलेस्ट्रॉल को कैसे नियंत्रित करें?: प्रतिबंधित लाइफस्टाइलस्टाइल, गलत लाइसेंस और कम टीएएलएल एक्टिविटी की वजह से बैड ब्लॉग (एलडीएल) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शरीर में जब खराब कोलेस्ट्रॉल ज्यादा जमा हो जाता है, तो यह नसों में गंदगी की तरह जमने लगता है, जिससे दिल से जुड़ी समस्या का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप ऑनलाइन तरीके से ऑनलाइन कम करना चाहते हैं, तो अर्जुन की स्टूडेंट का काढ़ा आपके लिए बेहद शानदार साबित हो सकता है। खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण क्या हैं? अगर शरीर में कोलेस्ट्रॉल ज्यादा हो जाए तो कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं, जैसे जल्दी थकान महसूस होना। इसके अलावा सीने में भारीपन या दर्द होना। सांस फूलना या सांस में सूजन नजर आना। इसके अलावा ब्लड उपकरण की शुरूआत से भी पर्वतीय वृद्धि के संकेत मिलते हैं। इन दस्तावेज़ों को लाइसेंस देना खतरनाक हो सकता है। समय रहते सही उपाय अपनाना बहुत जरूरी है। अर्जुन का छात्र पागल क्यों है? आयुर्वेद में अर्जुन के छात्र को दिल के लिए अमृत माना गया है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व बैड ओल्ड को कम करने में मदद करते हैं और शहर में जमी गंदगी को साफ करते हैं। यह दिल की संरचना को मजबूत बनाता है और रक्त संतुलन को बेहतर बनाता है। अर्जुन की शिष्या का काढ़ा बनाने की विधि अर्जुन के छात्र के अन्य फायदे क्या हैं? अगर आप खराब किताबों को खरीदने के तरीकों से कम करना चाहते हैं, तो अर्जुन की किताबों का काढ़ा एक आसान, सस्ता और असरदार उपाय है। सही वॉल्यूम और समूह के साथ इसका सेवन करने से दिल स्वस्थ रहेंगे और दांतों के कण भी धीरे-धीरे-धीरे-धीरे साफ हो जाएंगे।

21 किमी दौड़ जीतने वाले को 21 हजार मिले:विदिशा- बेतवा मैराथन में उदयगिरी तक रनिंग; कलेक्टर-एसपी, जिप सीईओ और जनप्रतिनिधि पहुंचे

21 किमी दौड़ जीतने वाले को 21 हजार मिले:विदिशा- बेतवा मैराथन में उदयगिरी तक रनिंग; कलेक्टर-एसपी, जिप सीईओ और जनप्रतिनिधि पहुंचे

विदिशा में जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित बेतवा मैराथन-2026 का उत्साहपूर्वक समापन हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार करने के साथ-साथ फिटनेस का संदेश देना था। मध्य प्रदेश टूरिज्म के सहयोग से हुई इस मैराथन में शहर के अलावा अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी दौड़ लगाई। मैराथन को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया था: 21 किमी हाफ मैराथन, 10 किमी ओपन रन और 5 किमी रन फॉर फन। इन तीनों श्रेणियों में पुरुष और महिला वर्ग के लिए अलग-अलग नकद पुरस्कार रखे गए थे। 21 किमी दौड़ के विजेता को ₹21 हजार, द्वितीय को ₹10 हजार और तृतीय को ₹5 हजार दिए गए। 10 किमी के लिए प्रथम को ₹10 हजार, द्वितीय को ₹5 हजार और तृतीय को ₹3 हजार का इनाम मिला। वहीं, 5 किमी दौड़ में प्रथम को ₹5 हजार, द्वितीय को ₹3 हजार और तृतीय को ₹2 हजार दिए गए। 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए 5 किमी की एक विशेष दौड़ भी आयोजित की गई थी। दौड़ की शुरुआत रवीन्द्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन ऑडिटोरियम से हुई। 5 किमी के धावक स्वामी विवेकानंद चौराहा तक, 10 किमी के धावक चरणतीर्थ तक और 21 किमी के धावक उदयगिरि तक पहुंचे, और फिर वापसी कर समापन स्थल पर लौटे। रास्ते भर नागरिकों ने तालियों से धावकों का उत्साह बढ़ाया। इस मैराथन में विधायक मुकेश टंडन, कलेक्टर अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक रोहित कसवानी और जिला पंचायत सीईओ सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। विजेताओं में 21 किमी पुरुष वर्ग में सतीश वर्मा प्रथम और सतीश कुमार द्वितीय रहे, जबकि महिला वर्ग में मुस्कान कुशवाह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 10 किमी पुरुष वर्ग में जीतू गुर्जर और महिला वर्ग में यशी विजेता रहीं। 5 किमी महिला वर्ग में प्रीति यादव ने पहला स्थान हासिल किया। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन खेल, स्वास्थ्य और पर्यटन को एक मंच पर लाने का एक सफल प्रयास है। उन्होंने बताया कि इसमें व्यवसायी, डॉक्टर, इंजीनियर, जनप्रतिनिधि, युवा और वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कलेक्टर ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों की उपस्थिति से जिले के पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी।

इस हफ्ते सोने-चांदी में बढ़त रही:सोना ₹2,300 बढ़कर ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम हुआ, चांदी ₹8,000 महंगी हुई

इस हफ्ते सोने-चांदी में बढ़त रही:सोना ₹2,300 बढ़कर ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम हुआ, चांदी ₹8,000 महंगी हुई

इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में बढ़त रही। सोना 2,300 रुपए बढ़कर 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 13 फरवरी, शुक्रवार को 1,53 लाख रुपए पर था। वहीं चांदी 2.42 लाख किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 8,000 रुपए बढ़ी है। इस साल सोना 22,000 रुपए और चांदी 20,000 रुपए महंगी हुई इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 22,000 रुपए और चांदी 20,000 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

टी-20 वर्ल्डकप में एसोसिएट देशों का बेहतर प्रदर्शन:भारत-पाकिस्तान और इंग्लैंड को टक्कर दी; एसोसिएट देशों की मांग- हमें ज्यादा मैच चाहिए

टी-20 वर्ल्डकप में एसोसिएट देशों का बेहतर प्रदर्शन:भारत-पाकिस्तान और इंग्लैंड को टक्कर दी; एसोसिएट देशों की मांग- हमें ज्यादा मैच चाहिए

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एसोसिएट देशों ने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। नीदरलैंड, नेपाल, अमेरिका, इटली और स्कॉटलैंड जैसी टीमों ने क्रिकेट के दिग्गजों को हार की कगार पर खड़ा कर दिया। आंकड़े गवाह हैं कि अब एसोसिएट और फुल मेंबर देशों (टेस्ट खेलने वाले देश) के बीच का अंतर तेजी से कम हो रहा है। हालांकि, इन टीमों के कोच और खिलाड़ियों का दर्द एक ही है उन्हें बड़े देशों के खिलाफ खेलने के पर्याप्त मौके नहीं मिलते। भारत और पाकिस्तान के खिलाफ दिखी टक्कर इस वर्ल्ड कप में कई ऐसे मौके आए जब बड़ी टीमें उलटफेर का शिकार होते-होते बचीं। नीदरलैंड के खिलाफ पाकिस्तान की टीम 148 रन का पीछा करते हुए 114 रन पर उसके 7 विकेट गिर गए थे। मैक्स ओ’डॉड से एक कैच छूटा और फहीम अशरफ ने अंत में छक्का जड़कर मैच पाकिस्तान की झोली में डाल दिया। भारत के खिलाफ अमेरिका ने भी शानदार शुरुआत की थी और 10वें ओवर तक भारत का स्कोर 63/4 कर दिया था। शुभम रांजणे ने अगर सूर्यकुमार यादव का कैच न छोड़ा होता, तो नतीजा कुछ और हो सकता था। सूर्या ने 84 रनों की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई। नेपाल और इटली ने इंग्लैंड को डराया नेपाल की टीम इंग्लैंड के खिलाफ 185 रनों का पीछा करते हुए जीत के बेहद करीब थी। लोकेश बम की 15 गेंदों पर 35 रनों की पारी ने इंग्लैंड की सांसें अटका दी थीं, लेकिन सैम करन ने मैच बचा लिया। उन्होंने 4 ओवर में 27 रन देकर 1 विकेट लिए। वहीं, पहली बार खेल रही इटली की टीम ने भी इंग्लैंड के खिलाफ 203 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जमकर लड़ाई लड़ी और मैच को आखिरी 2 ओवरों तक ले गए। नेट प्रैक्टिस से नहीं, मैच खेलने से आएगा कॉन्फिडेंस UAE के कोच लालचंद राजपूत ने एसोसिएट देशों की समस्या पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा,’आप कितनी भी नेट प्रैक्टिस कर लें, लेकिन जब तक आप मैदान पर मुश्किल स्थितियों (जैसे 80/5 का स्कोर) का सामना नहीं करेंगे, तब तक दबाव झेलना नहीं सीखेंगे। जब आप अच्छी टीमों के खिलाफ खेलेंगे, तभी आप में यह भरोसा आएगा कि अगली बार ऐसी स्थिति में हम जीत सकते हैं।’ शाद बिन जफर और बास डी लीडे की मांग: हमें एक्सपोजर चाहिए कनाडा के कप्तान साद बिन जफर ने कहा कि बड़े देशों के खिलाफ खेलना ही असल लर्निंग ग्राउंड है। वहीं नीदरलैंड के बास डी लीडे ने याद दिलाया कि इस वर्ल्ड कप के बाद जून तक उनकी टीम का कोई शेड्यूल नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े देशों के साथ ट्राई-सीरीज या यूरोपियन टी-20 सीरीज से विकल्प तलाशे जाने चाहिए। मौके न मिलने से टूटती है लय रिकॉर्ड्स बताते हैं कि आईसीसी और बड़े बोर्ड्स अक्सर छोटी टीमों को नजरअंदाज करते हैं। 2024 वर्ल्ड कप में सुपर-8 तक पहुंचने वाली अमेरिका की टीम ने इस वर्ल्ड कप तक किसी बड़े देश के खिलाफ एक भी मैच नहीं खेला। इसी तरह, 2022 में साउथ अफ्रीका को हराने वाली नीदरलैंड की टीम ने अगला टी-20 मैच सीधे 479 दिनों के बाद खेला। टी-20 लीग्स और अनुभवी कोच बदल रहे हैं तस्वीर मौके कम मिलने के बावजूद इन टीमों के बेहतर प्रदर्शन की बड़ी वजह दुनियाभर में चल रही टी-20 लीग्स हैं। एंड्रीज गौस (यूएसए) और मोहम्मद वसीम (यूएई) जैसे खिलाड़ी राशिद खान, निकोलस पूरन और क्रिस वोक्स जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर कर रहे हैं। साथ ही, स्टुअर्ट लॉ (नेपाल), गैरी कर्स्टन (नामीबिया) और लालचंद राजपूत (यूएई) जैसे अनुभवी कोचों की मौजूदगी ने इन टीमों की सोच को प्रोफेशनल बनाया है। फुल मेंबर्स का सिस्टम छोड़कर दूसरे देशों से खेलने का फायदा एसोसिएट टीमों की मजबूती का एक और स्तंभ वे खिलाड़ी हैं जो अपने मूल देश (फुल मेंबर) में मौके न मिलने पर दूसरे देशों का रुख कर रहे हैं। रोलोफ वैन डर मर्वे (साउथ अफ्रीका से नीदरलैंड) और ग्रांट स्टीवर्ट (इंग्लैंड से इटली) इसके बड़े उदाहरण हैं। वैन डर मर्वे ने अब सुनील नरेन से ज्यादा वर्ल्ड कप विकेट चटकाए हैं। यह ‘म्युचुअल अरेंजमेंट’ छोटी टीमों को अनुभव प्रदान कर रहा है। ======================= स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़े़… T20 वर्ल्डकप टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब; सूर्या नंबर-3 पर कर सकते हैं बल्लेबाजी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। पूरी खबर

‘दो दीवाने शहर में’ और ‘अस्सी’ की धीमी शुरुआत:‘ओ रोमियो’ के आठवें दिन से भी कम कमाई; जानें फिल्मों का कलेक्शन

‘दो दीवाने शहर में’ और ‘अस्सी’ की धीमी शुरुआत:‘ओ रोमियो’ के आठवें दिन से भी कम कमाई; जानें फिल्मों का कलेक्शन

मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी स्टारर फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ और तापसी पन्नू की फिल्म ‘अस्सी’ शुक्रवार को थिएटर्स में रिलीज हुईं, लेकिन पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर संतोषजनक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। जहां ‘दो दीवाने शहर में’ 1.25 करोड़ रुपए कमा सकी, वहीं ‘अस्सी’ ने सिर्फ 1 करोड़ रुपए की ओपनिंग की। दोनों फिल्मों की पहले दिन की कमाई 13 फरवरी को रिलीज हुई ‘ओ रोमियो’ के आठवें दिन के कलेक्शन 2.2 करोड़ रुपए से भी कम रही। ‘दो दीवाने शहर में’ की ऑक्यूपेंसी सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘दो दीवाने शहर में’ के पहले दिन सुबह के शोज में फिल्म की ऑक्यूपेंसी 55.77% रही, जो दोपहर में घटकर 8.48% और रात में 14.96% तक पहुंच गई। फिल्म को एक इम्परफेक्ट लव स्टोरी के तौर पर पेश किया गया है, लेकिन ओपनिंग डे पर इसका असर सीमित रहा। ‘अस्सी’ की ऑक्यूपेंसी अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी ‘अस्सी’ एक कोर्टरूम ड्रामा फिल्म है, जिसमें रेप केस की कहानी दिखाई गई है। फिल्म की ऑक्यूपेंसी सुबह 3.88%, दोपहर 7.24% और शाम 6.92% रही। दिलचस्प बात यह है कि चेन्नई में फिल्म का प्रदर्शन बेहतर रहा, जहां ऑक्यूपेंसी लगभग 20% तक पहुंची। ‘ओ रोमियो’ की कमाई में गिरावट आई वहीं, शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी स्टारर ‘ओ रोमियो’ की कमाई में भी गिरावट हुई। सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने दूसरे शुक्रवार यानी आठवें दिन 2.2 करोड़ रुपए कमाए, जो अब तक का सबसे कम कलेक्शन है। देशभर में इसका नेट कलेक्शन 49.35 करोड़ रुपए और ग्रॉस 58.15 करोड़ रुपए हो चुका है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन 75.15 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जिसमें 17 करोड़ रुपए विदेशी बाजार से शामिल हैं। ‘तू या मैं’ ने 20 लाख रुपए कमाए शनाया कपूर, आदर्श गौरव और पारुल गुलाटी की फिल्म ‘तू या मैं’ की हालत भी कमजोर रही। फिल्म ने ओपनिंग डे पर 60 लाख रुपए कमाए थे। आठवें दिन इसकी कमाई 20 लाख रुपए रही। इसके साथ ही देशभर में इसका कुल कलेक्शन 4.65 करोड़ रुपए तक पहुंच पाया है।

कल नवकार नगर सहित कई क्षेत्रों में बिजली बंद:मेंटेनेंस के कारण सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक रहेगी कटौती

कल नवकार नगर सहित कई क्षेत्रों में बिजली बंद:मेंटेनेंस के कारण सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक रहेगी कटौती

बुरहानपुर में रविवार, 22 फरवरी को नवकार नगर, कौस्तुभ धाम, गायत्री नगर और अर्वाचीन स्कूल सहित कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती 11 केवी सूर्यम फीडर के आवश्यक रखरखाव कार्य के कारण की जाएगी। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार, विद्युत प्रदाय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेगा। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (एचटी मेंटेनेंस) रोहित भारती ने बताया कि यह कार्य लाइन के बेहतर रखरखाव के लिए आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती का समय घटाया या बढ़ाया जा सकता है।

AI समिट में कांग्रेस का प्रदर्शन, आज BJP सड़कों पर:भिवंडी में राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए, दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर नारेबाजी

AI समिट में कांग्रेस का प्रदर्शन, आज BJP सड़कों पर:भिवंडी में राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए, दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर नारेबाजी

कांग्रेस के AI समिट में हंगामा करने के विरोध में भाजपा शनिवार को दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता ‘कांग्रेस-राहुल गांधी=गद्दार’, ‘देशद्रोही राहुल गांधी माफी मांगे’ के पोस्ट लेकर विरोध कर रहे हैं। उधर, मुंबई के मुलुंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफिले को काले झंडे दिखाए। वे यहां से भिवंडी जा रहे थे। 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान RSS पर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में भिवंडी कोर्ट में शनिवार को उनकी पेशी थी। गुजरात के सूरत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस का पुतला जलाया। जम्मू-कश्मीर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। दरअसल, 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 कार्यकर्ता हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उस पर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। देशभर से बीजेपी के प्रदर्शन की तस्वीरें… AI समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… भाजपा के देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन के पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

घर के गमले में उगता है ‘शुगर कंट्रोल प्लांट’! फायदे जानकर अभी से करने लगेंगे इस्तेमाल – Madhya Pradesh News

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Last Updated:February 21, 2026, 10:23 IST Sadabahar ke Fayde: सदाबहार पौधा डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और संक्रमण जैसी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है. इसकी पत्तियों में मौजूद अल्कलॉइड तत्व ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं. सदाबहार से प्राप्त विनक्रिस्टीन और विनब्लास्टीन जैसे रसायन कैंसर उपचार में उपयोग किए जाते हैं. यह पौधा घर के गमले में आसानी से उगाया जा सकता है और सालभर फूल देता है. जानिए सदाबहार के फायदे, उपयोग और सेवन से जुड़ी जरूरी सावधानियां. Diabetes Control Home Remedies: सेहतमंद रहने के लिए हम अक्सर महंगे फल, दवाइयां और सप्लीमेंट्स खरीदते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि आपके घर के गमले में लगा एक छोटा सा पौधा भी कई बीमारियों में काम आ सकता है? जी हां, हम बात कर रहे हैं सदाबहार की, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Madagascar Periwinkle कहा जाता है. यह पौधा सालभर फूल देता है और औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है. हर मौसम में उगने वाला आसान औषधीय पौधाआयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह के मुताबिक सदाबहार लगभग हर तरह के मौसम में आसानी से उग जाता है. इसे घर के बगीचे या गमले में लगाया जा सकता है. इसकी पत्तियां, फूल और जड़ तीनों औषधीय उपयोग में लाई जाती हैं. यही वजह है कि इसे घर का ‘नेचुरल हेल्थ प्लांट’ भी कहा जाता है. डायबिटीज में कैसे करता है मदद?डॉ. विपिन सिंह बताते हैं कि सदाबहार की पत्तियों में पाए जाने वाले अल्कलॉइड तत्व ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक माने जाते हैं. कुछ शोधों में यह भी सामने आया है कि यह इंसुलिन स्राव को प्रभावित कर सकता है. हालांकि डायबिटीज के मरीजों को इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए, क्योंकि गलत मात्रा नुकसान भी कर सकती है. ब्लड प्रेशर और संक्रमण में भी फायदेमंदसदाबहार की पत्तियों और जड़ों का सीमित उपयोग हाई ब्लड प्रेशर में लाभकारी माना जाता है. इसके अलावा इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकते हैं. गले की खराश में इसके फूलों का रस पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है, जबकि इसकी जड़ पाचन तंत्र के लिए टॉनिक की तरह मानी जाती है. कैंसर रिसर्च में भी उपयोगसदाबहार से मिलने वाले Vincristine और Vinblastine जैसे रसायन आधुनिक चिकित्सा में कैंसर की दवाओं में उपयोग किए जाते हैं. हालांकि यह उपयोग पूरी तरह चिकित्सा निगरानी में होता है. घर पर इसका प्रयोग बिना सलाह के नहीं करना चाहिए. सेवन से पहले बरतें सावधानीपरंपरागत रूप से 3-4 पत्तियों या फूलों को उबालकर काढ़ा बनाया जाता है, लेकिन ज्यादा मात्रा हानिकारक हो सकती है. बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. सदाबहार फायदेमंद जरूर है, लेकिन समझदारी और डॉक्टर की सलाह के साथ ही इसका उपयोग करें. About the Author shweta singh Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : February 21, 2026, 10:23 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

बिग-बी ने एमपी के नागदा को गांव कहा, केस दर्ज:कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट मांगी; अमिताभ ने केबीसी में पानी की कमी से जूझता गांव बताया था

बिग-बी ने एमपी के नागदा को गांव कहा, केस दर्ज:कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट मांगी; अमिताभ ने केबीसी में पानी की कमी से जूझता गांव बताया था

कौन बनेगा करोड़पति के 23 दिसंबर 2025 को प्रसारित एपिसोड में मध्यप्रदेश के नागदा को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। शो के होस्ट अमिताभ बच्चन द्वारा नागदा को पानी की समस्या से जूझता छोटा सा गांव बताए जाने पर स्थानीय स्तर पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। इस मामले में नागदा के ज्यूडिशयल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। न्यायालय ने परिवाद स्वीकार करते हुए प्रकरण को सीआईएस (Case Information System) में दर्ज करने और संबंधित थाने से प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, किसी भी सिविल या आपराधिक प्रकरण को अदालत में प्रस्तुत किए जाने पर उसे CIS में रजिस्टर किया जाता है। इसके बाद पिटीशन को कोर्ट द्वारा स्वीकार (एक्सेप्ट) किया हुआ माना जाता है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को निर्धारित की गई है। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के सीईओ भी पक्षकार स्थानीय निवासी एवं अधिवक्ता लक्ष्मण सुंदरा ने अमिताभ बच्चन के साथ-साथ सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के सीईओ गौरव बैनर्जी के खिलाफ भी अपराध पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया है। अब अगली सुनवाई के बाद न्यायालय आगे की कार्रवाई तय करेगा। शहर की छवि धूमिल करने का आरोप प्रकरण की पैरवी कर रहे अधिवक्ता राजेश मंडवारिया (आलोट) और दीपमाला अवाना (नागदा) का कहना है कि इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम में नागदा शहर के बारे में भ्रामक जानकारी दी गई, जिससे शहर की छवि प्रभावित हुई है। अधिवक्ता जैना श्रीमाल के अनुसार, कार्यक्रम में नागदा को छोटा गांव और पानी संकटग्रस्त बताया गया, जबकि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। नागदा की पहचान और दावे परिवाद में उल्लेख किया गया है कि नागदा मालवा क्षेत्र का प्रमुख रेलवे जंक्शन है और इसकी आबादी डेढ़ लाख से अधिक बताई गई है। यह एक विकसित औद्योगिक नगर के रूप में पहचाना जाता है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तीन बार नागदा को जिला बनाने की घोषणा कर चुके हैं।