Wednesday, 21 Oct 2026 | 05:58 PM

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चीनी रोबोट्स का इंसानों जैसा डांस वायरल:बच्चों के साथ मार्शल आर्ट्स भी किया, एक्सपर्ट्स बोले-चीन ने रोबोटिक्स में अमेरिका को पछाड़ा

चीनी रोबोट्स का इंसानों जैसा डांस वायरल:बच्चों के साथ मार्शल आर्ट्स भी किया, एक्सपर्ट्स बोले-चीन ने रोबोटिक्स में अमेरिका को पछाड़ा

चीन ने सोमवार को दुनिया को अपनी तकनीकी ताकत दिखाई। एक कार्यक्रम में इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने मार्शल आर्ट्स और डांस किया। करीब 25 रोबोट्स बच्चों के साथ तलवार भांजते, बैकलिफ्ट करते और डंडे घुमाते हुए डांस करते दिखाई दिए। खास बात यह रही कि एक भी रोबोट गिरा नहीं। यह प्रदर्शन देख दुनिया हैरान रह गई। कई लोगों के मन में सवाल उठा कि अगर रोबोट अब नाच सकते हैं और कुंग फू कर सकते हैं, तो वे और क्या कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले बिल्कुल अलग था। पिछले साल रोबोट्स सिर्फ रुमाल घुमाते और साधारण हरकतें करते नजर आए थे। लेकिन एक साल में सबकुछ बदल चुका है। चीन दुनिया को खासकर अमेरिका को दिखाना चाहता है कि वह तकनीक में बहुत आगे निकल चुका है। टेक्नोलॉजी का शोकेस है गाला, रोबोट कंपनियों को फायदा एशिया में टेक्नोलॉजी कंसल्टेंसी कंपनी के प्रमुख जॉर्ज स्टीलर ने कहा कि जिस गाला में इन रोबोट्स ने प्रदर्शन किया, वह कई सालों से चीन की तकनीकी ताकत दिखाने का बड़ा मंच रहा है। इसी मंच पर चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम, ड्रोन और रोबोट जैसी नई तकनीकों को दुनिया के सामने पेश करता रहा है। उन्होंने कहा कि इस गाला की सबसे खास बात यह है कि यहां सरकार की औद्योगिक नीति और टीवी के बड़े शो के बीच सीधा संबंध दिखाई देता है। यानी जिन कंपनियों को इस मंच पर अपने प्रोडक्ट दिखाने का मौका मिलता है, उन्हें बाद में सरकारी ऑर्डर, निवेशकों की दिलचस्पी और बाजार में आसानी से एंट्री जैसे फायदे मिलते हैं। स्टीलर के मुताबिक सिर्फ एक साल में रोबोट्स की क्षमता में बड़ा बदलाव आया है। अब उनकी चाल-ढाल और मूवमेंट पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हो गई है। इससे साफ है कि यूनिट्री जैसी कंपनियां रोबोट के ‘दिमाग’ यानी एआई सॉफ्टवेयर को मजबूत बनाने पर काम कर रही हैं, ताकि ये रोबोट भविष्य में फैक्ट्रियों में बारीक और असली काम भी कर सकें। दुनियाभर में 90% रोबोट्स चीन के रिसर्च फर्म ओम्डिया के अनुसार, पिछले साल दुनियाभर में भेजे गए लगभग 13 हजार ह्यूमनॉइड रोबोट्स में से 90 प्रतिशत चीन से थे। यह अमेरिकी कंपनियों से काफी आगे है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि इस साल चीन में ह्यूमनॉइड रोबोट की बिक्री दोगुने से ज्यादा बढ़कर 28 हजार यूनिट तक पहुंच सकती है। दुनिया के सबसे रईस शख्स इलॉन मस्क का कहना है कि उन्हें अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में चीनी कंपनियां नजर आती हैं, क्योंकि वह टेस्ला को एआई आधारित रोबोटिक्स की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा, “चीन को बाहर के लोग कम आंकते हैं, लेकिन चीन अगले स्तर का दमदार खिलाड़ी है।” बीजिंग के टेक विश्लेषक पो झाओ का कहना है कि रोबोट्स का मैराथन दौड़ना, कुंग-फू किक लगाना या बैकफ्लिप करना सिर्फ दिखावा नहीं है। इसके पीछे बड़ी रणनीति है। चीन ने रोबोटिक्स और एआई को अपनी अगली पीढ़ी की “AI+ मैन्युफैक्चरिंग” योजना के केंद्र में रखा है। सरकार को उम्मीद है कि मशीनों के ज्यादा इस्तेमाल से फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ेगा और देश की बूढ़ी होती आबादी से पड़ने वाला दबाव कम होगा। रोबोट के विकास से लोगों की चिंता बढ़ी AI पॉलिसी एक्सपर्ट रमेश श्रीनिवासन ने अल जजीरा से कहा कि यह प्रदर्शन दिखाता है कि चीन ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लंबे समय में इन रोबोट्स का इस्तेमाल उद्योग और खेती जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है, खासकर ऐसे समय में जब चीन की आबादी लगातार घट रही है। इन घटनाओं ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट के रूप में हमारे बीच आएगा, तो इसका असर आम कामगार लोगों की नौकरी और कमाई पर क्या होगा? अगर ऐसे रोबोट युद्ध के मैदान में इस्तेमाल होने लगे तो क्या स्थिति बनेगी? श्रीनिवासन का कहना है कि यह तकनीक हमारे भविष्य को आर्थिक, सैन्य और निजी जीवन के स्तर पर बदल देगी। लोग रोबोट और एआई को थेरेपिस्ट, साथी और यहां तक कि संभावित जीवनसाथी के रूप में भी अपनाने लग सकते हैं। उनके मुताबिक असली सवाल यह है कि क्या हम सच में ऐसा भविष्य चाहते हैं? और ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इस्तेमाल किन क्षेत्रों में सही है और किन क्षेत्रों में नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि तकनीक के साथ ऐसा संतुलन बनाना होगा जिससे भविष्य बेहतर हो। सबसे जरूरी है कि लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें, क्योंकि खासकर अमेरिका में AI लोगों को एक-दूसरे से दूर कर रहा है और इस बारे में साफ रिसर्च भी सामने आ रहे हैं।

केडीएमसी में मनसे द्वारा शिव सेना को समर्थन देने के बाद राज ठाकरे ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की | राजनीति समाचार

Smriti Mandhana will be in focus in the series decider (Picture credit: X @BCCIWomen)

आखरी अपडेट:18 फरवरी, 2026, 14:59 IST इस बीच, शिव सेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि केडीएमसी में शिंदे की शिव सेना को समर्थन देने का निर्णय मनसे के स्थानीय नेतृत्व ने लिया था – खुद राज ठाकरे ने नहीं। कल्याण-डोंबिवली में मनसे का समर्थन मिलने के बाद एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ के बजाय व्यापक विकास को प्राथमिकता दी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को मुंबई में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की, जिसके कुछ सप्ताह बाद मनसे ने नगर निगम चुनाव परिणामों के बाद कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) में शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया था। यह बैठक महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण समय पर हुई है क्योंकि दो प्रमुख दलों-शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में हाल के वर्षों में विभाजन हुआ है, और भाजपा एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरी है। शिवसेना के विभाजन के बाद पहले चुनाव में, उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में मुंबई में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन तब से वह शहर में अपनी पकड़ खोती जा रही है। राज ठाकरे ने हाल ही में लगभग दो दशकों के बाद मुंबई, ठाणे, मीरा-भयंदर, कल्याण-डोंबिवली, पुणे और नासिक में नगर निगम चुनाव लड़ने के लिए अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे से हाथ मिलाया था। हालांकि, मुंबई में गठबंधन को बड़ा झटका लगा। शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें हासिल कीं, जबकि एमएनएस केवल छह सीटें जीतने में सफल रही। कल्याण-डोंबिवली में मनसे का समर्थन मिलने के बाद एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ के बजाय व्यापक विकास को प्राथमिकता दी। शिंदे ने कहा, “मनसे ने कल्याण-डोंबिवली में विकास के लिए शिवसेना का समर्थन किया है। पहले भी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मनसे हमारे साथ थी। भाजपा-शिवसेना गठबंधन अस्थायी नहीं है और अब मनसे भी इसमें शामिल हो गई है। राज ने कभी भी व्यक्तिगत लाभ के लिए काम नहीं किया है।” इस बीच, शिव सेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि केडीएमसी में शिंदे की शिव सेना को समर्थन देने का निर्णय मनसे के स्थानीय नेतृत्व ने लिया था – खुद राज ठाकरे ने नहीं। राउत ने कहा कि राज ठाकरे इस घटनाक्रम से ”व्यथित” हैं और उन्होंने इस कदम का समर्थन नहीं किया है। “राज ठाकरे ने कहा है कि यह उनका या उनकी पार्टी का निर्णय नहीं है। यदि स्थानीय नेताओं ने पार्टी लाइन के खिलाफ काम किया है, तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अंबरनाथ की तरह, जब कांग्रेस पार्षद भाजपा में शामिल हो गए, तो उन्हें निष्कासित कर दिया गया,” राउत ने कहा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 फरवरी, 2026, 14:53 IST समाचार राजनीति केडीएमसी में मनसे द्वारा शिव सेना को समर्थन देने के कुछ सप्ताह बाद राज ठाकरे ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

अंडा भंडारण युक्तियाँ: कहीं आप भी तो अंडा फ़र्ज़ी में नहीं रख रहे हैं? 90 प्रतिशत लोग नहीं जानते होंगे जवाब, जानें स्टोर करने का सही तरीका

क्या हम अंडे को फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं, जानिए अंडे को स्टोर करने का सही तरीका और स्टोरेज टिप्स

अंडा स्टोर करने के आसान टिप्स | छवि: फ्रीपिक एंडी स्टोर करने के आसन टिप्स: अंडा हमारी रोज़मर्रा की सामग्री का एक अहम हिस्सा है। इसमें प्रोटीन, विटामिन और गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। लेकिन अक्सर लोग अंडे को स्टोर करने का सही तरीका नहीं जानते हैं, जिसके कारण अंडे जल्दी खराब हो जाते हैं या उनकी गुणवत्ता कम हो जाती है। आइये जानते हैं अंडों को स्टोर करने का सही तरीका। अंडों को फ़र्ज़ी में रखना सही है? ज्यादातर लोग सोचते हैं कि अंडों को फ़िरोज़ में रखना सबसे सही तरीका है। हां, फ़िरोज़ में अंडे रखने से लेकर समुद्री मील तक के लोग रहते हैं, लेकिन उन्हें फ़िरोज़ में सही जगह पर रखना बहुत ज़रूरी है। फ़्रिज़ के दरवाज़े में अंडे रखने की जगह से प्रतिबंध है, क्योंकि वहाँ तापमान बार-बार बदलता रहता है। अंडों को हमेशा फ़र्ज़ी के अंदर वाले शेल्फ पर रखा जाता है, जहाँ तापमान स्थिर रहता है। अंडों को ढोकर फ़िरोज़ में न रहें बहुत से लोग एंडों को ढोकर फ़र्ज़ी में रख देते हैं, जो एक बड़ी गलती है। अंडे के छिलकों पर एक ऑनलाइन मंगाई जाती है, जो अंडे के अंदर जाने से रोकती है। धोने से यह परेट हट जाता है और अंडा जल्दी खराब हो सकता है। अगर अंडा पुराना है, तो इस्तेमाल करने से ठीक पहले ही एक्सचेंज करें। एंडों को ओरिजिनल ट्रे में ही रखें एंडोंस हमेशा अपने मूल कार्टन ट्रे में ही रहेंगे। इससे अंडों में बाहरी गंध नहीं आती और वे सुरक्षित रहते हैं। खुले में अंडे से लेकर आसपास के अनाज की स्मेल सोख सकते हैं। नुकिला सिरा नीचे पोस्ट अंडे को इस तरह से रखें कि उसका नुकीला भाग नीचे की ओर हो। यह मौजूद एयर लॉक के अंदर सही जगह पर रहता है और अधिक समय तक ताजा बना रहता है। बैगेल एंडों को कैसे स्टोर करें? यदि आपके पास अंडे के अंडे हैं, तो उन्हें अंडे के छिलके में रखें। अंडे 5-7 दिन तक सुरक्षित रहते हैं। छिलका निकले हुए अंडों को एयरटाइट लंच में 1-2 दिन के अंदर खा लें। फ़र्ज़ी न हो तो क्या करें? यदि फ़िरोज़ उपलब्ध नहीं है, तो अंडों को अन्वेषक, ड्राई और अँधेरी जगह पर रखें। सीधे धूप और गर्मी से बचाएं। इस तरह अंडा 2-3 दिन तक सुरक्षित रह सकता है। ख़राब अंडे की पहचान कैसे करें? अगर अंडे से तेजाब निकल जाए तो यह खराब होने का संकेत होता है। पानी में डूबा हुआ पानी अगर पानी के ऊपर तैरने लगे, तो इसका मतलब है कि वह काफी पुराना या खराब हो चुका है। टूटने पर रंग या फॉर्म में बदलाव का भी बुरा होने का संकेत हो सकता है। ध्यान रखें कि आपका अंडा बिल्कुल भी स्थिर नहीं है। अंडों को सही तरीके से स्टोर करना बेहद जरूरी है, ताकि उनकी ताजगी, स्वाद और पोषण सुनिश्चित रहे। थोड़ी सी सावधानी से आप एंडों को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं और खराब होने से बचा सकते हैं। यह अवश्य पढ़ें: कमजोर हड्डियां लक्षण: शरीर में दिख रहे ये संकेत, हो सकते हैं कमजोर हड्डियों के कारण; जानिए शरीर में कैल्शियम की कमी कैसे पूरी होती है?

बालों की देखभाल के टिप्स: बालों को घना और काला करने के लिए बस लगाएं ये दो चीजें, हफ्तेभर में दिखें अप्रभावी

बालों की देखभाल के टिप्स: बालों को घना और काला करने के लिए बस लगाएं ये दो चीजें, हफ्तेभर में दिखें अप्रभावी

बालों की देखभाल संबंधी युक्तियाँ: देखें स्टाइल में पॉल्यूशन और कैमिकल वाले उत्पादों के बढ़ते इस्तेमाल से हमारे बालों की सेहत पर बुरा असर पड़ा है। कम ही उम्र में बालों का झड़ना, सफेद होना और डैंड्रफ जैसा दिखना अब आम हो गया है। बालों के लिए क्यों है मेथी और दही? मेथी के दानों और दही ‘नेचुरल हेयर मास्क’ है। मेथी में प्रचुर मात्रा में आयरन और प्रोटीन होता है, जो बालों के जन्म को पोषण देता है। साथ ही, इसमें ‘निकोटिनिक एसिड’ पाया जाता है, जो बालों को अंदर से इकट्ठा करता है। वहीं दूसरी ओर, दही में लैक्टिक एसिड होता है, जो स्कैल्प को साफ करता है और बालों को प्राकृतिक रूप से बेकार कर देता है। इसलिए बालों में मेथी और दही के फायदे देख सकते हैं। मेथी और दही का हेयर मास्क किस तरह का है? बाल मेथी और दही के फायदे क्या हैं? (टैग्सटूट्रांसलेट) 100 प्रतिशत बालों का झड़ना कैसे रोकें (टी) बालों के विकास के लिए कौन सा पेस्ट सबसे अच्छा है (टी) दही और मेथी हेयर पैक लाभ (टी) बालों के विकास के लिए मेथी का उपयोग कैसे करें (टी) बालों की देखभाल के टिप्स पहले मेथी या मेथी के बीज और दही लगाएं (टी) डैंड्रफ के लिए मेथी के बीज का उपयोग कैसे करें (टी) घर पर मेथी हेयर मास्क (टी) मेथी हेयर मास्क के साइड इफेक्ट्स (टी) मेथी और पेट के लिए दही

Female Teacher and Student Love Story: ‘मेरे पेट में पल रहा बच्चा तुम्हारा है’, महिला टीचर और 9वीं क्लास के छात्र की कहानी सुनकर जज के उड़े होश | child growing in my womb is yours female teacher student love story julie rizzitello case usa judge decision

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Last Updated:February 18, 2026, 14:30 IST Female Teacher and Student Love Story: अमेरिका के न्यू जर्सी में एक महिला स्कूल टीचर की कहानी ने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है. पूर्व अंग्रेजी शिक्षिका जूली रिजिटेलो को अपने ही दो छात्रों के साथ यौन शोषण और उन्हें ‘ग्रूम’ करने के जुर्म में 10 साल की सजा सुनाई गई है. शिक्षिका की संबंध बनाने की सनक इस हद तक था कि उसने एक छात्र को गर्भवती होने तक का झांसा दिया. उसने उस छात्र को सहा कि मेरे पेट में पल रहा बच्चा पति का नहीं बल्कि तु्म्हारा है. इस मामले में अब कोर्ट ने सजा सुनाई है. जानिए कैसे स्कूल टीचर ने छात्र को संबंध बनाने के लिए मजबूरर किया. महिला टीचर ने दो नाबालिग बच्चों से बनाए शारीरिक संबंध (photo-Julie Rizzitello) Female Teacher and Student Love Story: शिक्षा के मंदिर में स्कूल की एक महिला टीचर ने ऐसे कारनामे किए हैं, जिससे जज साहब भी हिल गए. इस स्कूल टीचर की कहानी जैसे ही दुनिया के सामने आई, लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. यह घटना शिक्षा के मंदिर में होने वाले अपराध की एक ऐसी कहानी बयां कर रहा है, जिससे हर मां-बाप अंजान रहता है. अमेरिका के न्यू जर्सी में एक महिला टीचर ने 9वीं क्लास के बच्चे के साथ पहले जबरदस्ती की और फिर ब्लैकमेल कर उसके साथ संबंध बना लिए. वॉल टाउनशिप हाई स्कूल की 37 वर्षीय पूर्व अंग्रेजी शिक्षिका जूली रिजिटेलो को दो छात्रों के साथ यौन संबंध बनाने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है. जानिए कोर्ट ने इस मामले को ‘ग्रूमिंग’ और विश्वासघात का सबसे घृणित उदाहरण क्यों करार दिया है. जूली ने साल 2017 में एक छात्र को उस समय निशाना बनाना शुरू किया जब वह नौवीं कक्षा का छात्र था. जूली ने सबसे पहले छात्र का धीरे-धीरे विश्वास जीता और उसे अपने प्रभाव में ले लिया. दिन-रात वह लड़के को पढ़ाई के बहाने घर बुलाती. लडके से घंटों बातें करती रहती. साल 2018 में छात्र के जन्मदिन पर जूली ने उसे असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने के लिए राजी कर लिया. गर्भपात का दावा और छात्र का भावनात्मक उत्पीड़न इस घटना के कुछ ही दिन बाद जूली ने छात्र को बताया कि वह गर्भवती हो गई है. जूली ने बताया कि उसके पेट में पल रहा बच्चा उसके पति का नहीं तुम्हारा है. जूली रिजिटेलो ने उस बच्चे को यह बोलकर संबंध बनाने लगी. उसकी क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई. उसने किशोर छात्र को विश्वास दिलाया कि उसके गर्भ में पल रहा बच्चा उसी का है. उसने दावा किया कि वह अपने पति के साथ शारीरिक संबंध नहीं बना रही थी, इसलिए गर्भधारण की टाइमिंग छात्र के साथ हुई मुलाकात से पूरी तरह मेल खाती है. गर्भपात के बहाने छात्र का शोषण किया एक दिन अचानक उसने छात्र को सूचना दी कि उसने गर्भपात (Abortion) करा लिया है. इस खुलासे ने छात्र को भावनात्मक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया. वह बच्चा खोने के दुख और अपराधबोध के साथ वर्षों तक मानसिक प्रताड़ना झेलता रहा. बच्चे की मानसिक स्थिति का जब उसके घरवालों को पता चला तो महिला टीचर के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया गया. जज की कड़ी टिप्पणी अब इस मामले में कोर्ट ने सजा सुना दिया है. सजा सुनाते समय जज ने जूली के व्यवहार की कड़ी निंदा की. कोर्ट ने कहा कि एक शिक्षिका होने के नाते उसकी जिम्मेदारी छात्रों की सुरक्षा करना थी, लेकिन उसने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर उन्हें अपना शिकार बनाया. जज ने टिप्पणी की कि ‘ग्रूमिंग’ का यह व्यवहार पीड़ितों के दिमाग पर गहरा मनोवैज्ञानिक घाव छोड़ता है, जिससे उबरने में उन्हें पूरी जिंदगी लग सकती है. पीड़ितों का दर्द और कोर्ट का फैसला मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ितों ने बताया कि कैसे इस घटना ने उनके आत्मविश्वास, रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य को तबाह कर दिया. जूली ने अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. इसके साथ ही सजा पूरी होने के बाद भी वह आजीवन पैरोल की निगरानी में रहेगी और उसका नाम यौन अपराधियों की सूची (Sex Offender Registry) में दर्ज रहेगा. यह मामला न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाता है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh First Published : February 16, 2026, 16:01 IST

कमजोर हड्डियां लक्षण: शरीर में दिख रहे ये संकेत, हो सकते हैं कमजोर हड्डियों के कारण; जानिए शरीर में कैल्शियम की कमी कैसे पूरी होती है?

कमजोर हड्डियों के लक्षण, जानें शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए क्या खाएं, स्वस्थ आहार के टिप्स

तूफ़ान के लक्षण और उपाय | छवि: एआई मजबूत हड्डियों के स्वास्थ्य युक्तियाँ: आज का भाग भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खान-पान और शारीरिक संबंध की वजह से जोड़ों की कमजोरी एक आम समस्या बनी हुई है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं, जिससे धीरे-धीरे कमजोरी, दर्द और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय रहते इसका संकेत पहचान लिया जाए, तो बड़ी समस्या से बचा जा सकता है। तो जानिए क्या हैं मजबूत फ्रैक्चर के लक्षण और कैल्शियम की कमी कैसे पूरी तरह से करें। तूफ़ान के मुख्य लक्षण क्या हैं? बार-बार पत्थरों में दर्द होना अगर आपको पीठ, पीठ, कमर या जोड़ों में लगातार दर्द रहता है, तो यह पीठ दर्द का संकेत हो सकता है। जल्दी थकान महसूस होना शरीर में थकावट का असर शरीर में कैल्शियम की कमी के लक्षण भी हो सकते हैं। एसोसिएशन में ऐंठन और कॉलेज रात के समय स्टाईलेट्स में क्रैम्प्स या फिर प्लास्टर में कैल्शियम की कमी से भी आराम पाया जा सकता है। दांतों की कमजोरी दांतों में दर्द, दांत निकलना या जल्दी टूटना भी दांतों के खराब होने का संकेत है, क्योंकि दांतों की दुकानों में भी कैल्शियम को मान्यता दी जाती है। बार-बार फ्रैक्चर होना चोट लगने पर भी हड्डी टूटना इस बात का संकेत है कि आपकी हड्डियाँ बात-बात पर गिर गई हैं। विश्वासघात का अविश्वास और टूटना अगर नाखून जल्दी टूटते हैं या ठीक हो जाते हैं, तो यह भी कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है। शरीर में कैल्शियम की कमी क्यों होती है? दूध और ब्रांड उत्पादों के सेवन से कैल्शियम की कमी हो सकती है। धूप में विटामिन-डी की कमी के संकेत हो सकते हैं। ज्यादा चाय-कॉफी और जंक फूड का सेवन भी शरीर के लिए खतरनाक होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ कैल्शियम का अवशोषण कम होना। विशेष रूप से महिलाओं में सुपरमार्केट परिवर्तन भी कैल्शियम की कमी लेकर आ सकते हैं। कैल्शियम की कमी पूरी तरह से कैसे करें? कैल्शियम से भरपूर आहार लें इनके कुल में दूध, दही, पनीर, तिल, चिया बीज, बादाम और अखरोट, हरी पत्तीदार मसाले जैसे पालक, मेथी, ब्रोकली, सोया और टोफू, रागी और बाज़ारा शामिल हैं। धूप जरूर लें रोजाना सुबह 15-20 मिनट धूप में बैठने से शरीर में विटामिन डी बनता है, जो कैल्शियम के लिए जरूरी है। नियमित व्यायाम करें वॉकिंग, योग, झूले घोड़े और झूले झूलों की मजबूत संरचनाएं हैं। चाय-कॉफ़ी और शीतल पेय कम करें इनका अधिक सेवन शरीर से कैल्शियम को बाहर निकाल सकता है। डॉक्टर की सलाह से वास्तु लें यदि समसामयिक से पोटेशियम न मिल पाया जाए, तो डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम और विटामिन-डी की मात्रा ले सकते हैं। डॉक्टर से संपर्क कब करना चाहिए? अगर कॉन्स्टेबल हड्डियों में दर्द, कमजोरी, बार-बार फ्रैक्चर या अत्यधिक थकान महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। समय पर इलाज से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। यह अवश्य पढ़ें: खट्टा दूध का उपयोग कैसे करें: खट्टा दूध हो गया है? रिवोल्यूशन के बजाय इन 5 का प्रयोग करें, नहीं होगा विनाश

‘संघवाद को एक संरचनात्मक रीसेट की आवश्यकता है’: एमके स्टालिन ने संविधान में संशोधन का आह्वान किया | राजनीति समाचार

'संघवाद को एक संरचनात्मक रीसेट की आवश्यकता है': एमके स्टालिन ने संविधान में संशोधन का आह्वान किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:फ़रवरी 18, 2026, 14:19 IST मुख्यमंत्री ने केंद्र-राज्य संबंधों पर न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ समिति की रिपोर्ट का पहला भाग तमिलनाडु विधानसभा में पेश किया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (फोटो: पीटीआई फाइल) इस बात पर जोर देते हुए कि भारत के संघवाद को संरचनात्मक पुनर्गठन की आवश्यकता है, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को संविधान में संशोधन का प्रस्ताव रखा। उनकी टिप्पणी विपक्ष द्वारा शासित राज्यों और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के बीच कई मुद्दों पर जारी गतिरोध के बीच आई है। मुख्यमंत्री ने केंद्र-राज्य संबंधों पर न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ समिति की रिपोर्ट का पहला भाग तमिलनाडु विधानसभा में पेश किया। स्टालिन ने कहा, “भारत के संघवाद को एक संरचनात्मक रीसेट की आवश्यकता है। यदि हम चाहें, तो हम फिर से संविधान में संशोधन कर सकते हैं। सार्थक संघवाद नियंत्रण के बारे में नहीं है, बल्कि विश्वास, स्वायत्तता और शासन के बारे में है जो लोगों की वास्तविकताओं का जवाब देता है।” यदि किसी राज्य के पास अपने लोगों की आकांक्षाओं को साकार करने का अधिकार नहीं है, तो स्टालिन ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को पर्याप्त अधिकार देने में विफल रही है। राज्यों की अधिक स्वायत्तता का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाधाओं के बावजूद तमिलनाडु ने सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में प्रगति की है। स्टालिन ने कहा कि द्रमुक राज्यों में स्वायत्तता और केंद्र में संघवाद की नीति का पालन करती है। स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में अपने भाषण का एक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, “राज्यों के लिए स्वायत्तता; संघ में संघवाद!” “आइए हम राज्यों को अधिक शक्तियों और उचित अधिकार के साथ मजबूत करें, और एक मजबूत और सही मायने में संघीय भारत का निर्माण करें। आइए हम पूरे भारत में राज्य की स्वायत्तता के विचार और आवश्यकता को आगे बढ़ाएं, इस दृष्टिकोण के आसपास दिमागों को एकजुट करें और इसे साकार करने के लिए संवैधानिक सुधारों की दिशा में काम करें।” “மாநிலத்தில்சுயாட்சி! ठीक है!”மாநிலங்களுக்கு அதிக அதிகாரங்களையும் உரிமைகளையும் क्रेडिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड – क्रेडिट कार्ड मेरे पास एक अच्छा विकल्प है! மாநில சுயாட்சிக் கருத்தியலின் தேவையை இந்தியா முழுக்கக் கொண்டு சேர்த்து, எண்ணங்களால் ஒன்றிணைத்து,… pic.twitter.com/MeTnY9s4U8 – एमकेस्टालिन – தமிழ்நாட்டை தலைகுனிய விடமாட்டேன் (@mkstalin) 18 फ़रवरी 2026 1967 में, DMK के संस्थापक और दिवंगत सीएम सीएन अन्नादुरई ने कहा कि भारत की संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखने के लिए संघ को वास्तव में पर्याप्त मजबूत होना चाहिए। उनके उत्तराधिकारी, दिवंगत एम करुणानिधि ने इस दर्शन को “राज्यों के लिए स्वायत्तता, और केंद्र में संघवाद” के माध्यम से आगे बढ़ाया और 1969 में न्यायमूर्ति पीवी राजमन्नार के तहत संघ-राज्य संबंधों पर पहली स्वतंत्र समिति की स्थापना की, उन्होंने याद किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 फरवरी, 2026, 14:10 IST समाचार राजनीति ‘संघवाद को एक संरचनात्मक रीसेट की आवश्यकता है’: एमके स्टालिन ने संविधान में संशोधन का आह्वान किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारतीय संघवाद(टी)संवैधानिक संशोधन भारत(टी)केंद्र-राज्य संबंध(टी)राज्यों के लिए स्वायत्तता(टी)डीएमके संघवाद नीति(टी)जस्टिस कुरियन जोसेफ समिति(टी)संघ-राज्य संबंध(टी)तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन

चांदी आज ₹4 हजार बढ़कर ₹2.37 लाख पर पहुंची:सोना ₹291 सस्ता होकर ₹1.52 लाख हुआ, देखें अपने शहर में सोने के दाम

चांदी आज ₹4 हजार बढ़कर ₹2.37 लाख पर पहुंची:सोना ₹291 सस्ता होकर ₹1.52 लाख हुआ, देखें अपने शहर में सोने के दाम

चांदी की कीमत में आज यानी 18 फरवरी को बढ़त और सोने की कीमत में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 3,834 रुपए बढ़कर 2.37 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले कल ये 2.33 लाख रुपए पर थी। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 291 रुपए सस्ता होकर 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। 2025 में 57 हजार रुपए महंगा हुआ था सोना सर्राफा: सोना-चांदी 6 माह में कम से कम 10% और सस्ते हो सकते हैं इक्विनॉमिक्स रिसर्च के फाउंडर और एमडी जी. चोक्कालिंगम ने कहा कि सोने-चांदी के साथ ही कॉपर जैसे इंडस्ट्रियल मेटल्स अत्यधिक अस्थिर रहेंगे। अगले 6 महीनों में इनके दाम कम से कम 10% और घट सकते हैं। वैश्विक आर्थिक विकास में मंदी, क्रिप्टोकरेंसी और टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी गिरावट जैसे जोखिम कमोडिटी की कीमतों पर असर डाल सकते हैं। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

सीनियर एक्ट्रेस प्रवीना देशपांडे का निधन:परिवार ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी, सलमान खान की फिल्म रेडी में नजर आई थीं

सीनियर एक्ट्रेस प्रवीना देशपांडे का निधन:परिवार ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी, सलमान खान की फिल्म रेडी में नजर आई थीं

सीनियर एक्ट्रेस प्रवीना देशपांडे का मंगलवार को निधन हो गया। इस बात की जानकारी एक्ट्रेस के परिवार ने उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर दी। जिसके बाद मंगलवार दोपहर मुंबई के अंधेरी स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। एक्ट्रेस समय से कैंसर से जूझ रही थीं। 2019 में उन्हें मल्टीपल मायलोमा डायग्नोज हुआ था। बोन मैरो ट्रांसप्लांट के दौरान वे 17 दिन आइसोलेशन में रहीं। बता दें कि प्रवीना देशपांडे ने सलमान खान की सुपरहिट फिल्म रेडी में शालिनी चौधरी का रोल प्ले किया था। इसके अलावा उन्होंने एक विलेन, गब्बर इज बैक और परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण जैसी फिल्मों में काम किया। हाल ही में वे इमरान हाशमी की वेब सीरीज ‘तस्करी: द स्मगलर्स वेब’’ में कैमियो रोल में नजर आई थीं। CINTAA ने एक्ट्रेस को श्रद्धांजलि दी एक्ट्रेस के निधन पर सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “CINTAA प्रवीना देशपांडे जी (2008 से सदस्य) के निधन पर दुख व्यक्त करता है।” एक्टर पलाश दत्ता, जिन्होंने प्रवीना देशपांडे के साथ शॉर्ट फिल्म ‘थैंक्स मॉम’ में काम किया था, ने दुख जताते हुए लिखा कि प्रवीना जी एक बेहतरीन कलाकार और प्यारी इंसान थीं। पलाश ने बताया कि वे पिछले 22 साल से उन्हें जानते थे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘थैंक्स मॉम’ की शूटिंग के दौरान प्रवीना कैंसर से जूझ रही थीं, लेकिन दर्द और कीमोथेरेपी के बावजूद उन्होंने काम पूरा किया और इसके लिए पुरस्कार भी जीते।

आंध्र प्रदेश मदनपल्ले में सात साल की बच्ची के रेप और हत्या से हड़कंप.

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Last Updated:February 18, 2026, 10:05 IST Crime News: आंध्र प्रदेश में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई है. इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन व हाईवे जाम किया. मामले की जांच जारी है. आंध्र प्रदेश मदनपल्ले में सात साल की बच्ची के रेप और हत्या से हड़कंप. आंध्र प्रदेश से इंसानियत को झकझोर देने वाली वारदात हुई है. आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले के मदनपल्ले शहर में सात साल की बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या की गई. सात साल की बच्ची से रेप और मर्डर से इलाके में भारी आक्रोश फैल गया. मंगलवार को बच्ची का शव एक ड्रम से बरामद हुआ. आरोपी की पहचान कुलवर्धन (30) के रूप में हुई है. वह पीड़िता के घर के पास रहता था. पुलिस के अनुसार, आरोपी नशे और शराब का आदी था. पुलिस ने बताया कि कुलवर्धन ने पहले बच्ची के साथ मारपीट की और फिर उसे पानी के ड्रम में डुबो दिया. जानकारी मिली है कि उसने शव को रातभर अपने कमरे में रखा. मारने से पहले उसने बच्ची का रेप किया. सोमवार को बच्ची हुई थी लापता पीड़ित दूसरी कक्षा की छात्रा थी. सोमवार शाम को लापता हो गई थी. परिवार ने जब उसे ढूंढने की कोशिश की और नहीं मिली, तो पुलिस से संपर्क किया. इसके बाद पुलिस ने पूरे शहर में तलाश शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले. पुलिसकर्मी रात 1.30 बजे आरोपी के घर पहुंचे, लेकिन खिड़की से उसे सोता हुआ देखकर लौट गए. सुबह पुलिस फिर पहुंची, दरवाजा तोड़ा और ड्रम में बच्ची का शव मिला. आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने पहले हस्तक्षेप किया होता तो यह घटना टाली जा सकती थी. घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और मदनपल्ले-चेन्नई हाईवे को घंटों जाम कर दिया. लोगों ने कुलवर्धन की गिरफ्तारी की मांग की और उसे उनके हवाले करने की मांग की. इसके अलावा बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने में देरी हुई क्योंकि परिवार ने शव देने से इनकार कर दिया. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिवार अड़ा रहा. देर शाम पुलिस शव को मदनपल्ले के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले जा पाई. इस दुखद घटना के तुरंत बाद गांव के पास एक अलग टैंक में एक और शव मिला. स्थानीय लोगों को शक है कि यह शव कुलवर्धन का है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. मामले की जांच जारी है. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें First Published : February 18, 2026, 10:05 IST