Sunday, 12 Apr 2026 | 03:09 PM

Trending :

EXCLUSIVE

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

एसएस राजामौली के डायरेक्शन में बन रही फिल्म ‘वाराणसी’ फिल्म का प्लॉट लीक हो गया है। प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू स्टारर इस फिल्म की कहानी टाइम ट्रैवल पर आधारित होगी, जिसमें महेश बाबू एक शिव भक्त के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि इसमें विजुअल इफेक्ट्स का काम देख रही मशहूर कंपनी ‘सिनेसैट’ (Cinesite) ने किया है। यह वही कंपनी है जिसने ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। स्टूडियो ने अपने पोर्टफोलियो में राजामौली के इस प्रोजेक्ट को जोड़ा और एक शॉर्ट डिटेल शेयर की, जिसमें फिल्म की कहानी की मुख्य कड़ियां बताई गई हैं। शिव भक्त और प्राचीन रहस्य की कहानी लीक हुए प्लॉट के मुताबिक, महेश बाबू एक शिव भक्त ‘रुद्र’ का किरदार निभा रहे हैं। वह एक ऐसी ब्रह्मांडीय वस्तु की तलाश में समय की यात्रा पर निकलते हैं, जिसमें असीम शक्ति है। सदियों पुराने रहस्यों को सुलझाते हुए उन्हें एहसास होता है कि उन्हें जिस मिशन पर भेजा गया है, उसके पीछे एक बड़ी साजिश है। जिस शक्ति ने उन्हें इस रास्ते पर भेजा है, वह असल में दुनिया पर राज करना चाहती है। पृथ्वीराज सुकुमारन बन सकते हैं विलेन फिल्म में विलेन के तौर पर पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आ सकते हैं। चर्चा है कि उनके किरदार का नाम ‘कुंभ’ है, जो महेश बाबू के किरदार रुद्र को इस खतरनाक मिशन पर भेजता है। जैसे-जैसे रुद्र की यात्रा आगे बढ़ती है, उसे पता चलता है कि कुंभ के इरादे नेक नहीं हैं। वह रामायण काल से जुड़ी एक रहस्यमयी वस्तु की मदद से पूरी दुनिया पर कब्जा करना चाहता है। हालांकि, वह वस्तु क्या है, यह अभी सस्पेंस बना हुआ है। प्रियंका बोलीं- भविष्य में जाने वाली कहानी नहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि यह फिल्म हॉलीवुड की ‘बैक टू द फ्यूचर’ जैसी नहीं है। प्रियंका ने कहा, “फिल्म की कहानी प्राचीन इतिहास से लेकर भविष्य तक फैली हुई है। हम 7200 ईसा पूर्व से लेकर साल 2027 तक के समय में ट्रैवल कर रहे हैं। दर्शक उन अलग-अलग दुनियाओं और दौर को देखेंगे जिनमें किरदार रहते हैं।” नवंबर 2025 में आई थी पहली झलक इस मेगा बजट फिल्म की पहली झलक साल 2025 के नवंबर में सामने आई थी। तब से ही फिल्म के टाइम-ट्रैवल और एक्शन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। एसएस राजामौली अपनी फिल्मों जैसे ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ के लिए जाने जाते हैं, इसलिए ‘वाराणसी’ से भी लोगों को काफी उम्मीदें हैं।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘यहां से चलें…’, सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा रुख

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'यहां से चलें...', सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा रुख

चुनाव आयोग ने अप्लायंस को दो टूक स्ट्रेंथ दी है। बाकायदा लेकर आयोग की ओर से एक पोस्ट भी जारी किया गया है। इस पोस्ट में इलेक्शन कमिश्नर ने एक तस्वीर भी शेयर की है. इस पोस्ट में चुनाव आयोग ने लिखा है कि चुनाव आयोग की दो टूक कांग्रेस. पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भय अनुपयोगी, हिंसा अनुपयोगी, अनुपयुक्त अनुपयोगी, अनुपयोगी अनुपयोगी और बूथ एवं मौलिक जैमिंग अनुपयोगी ही रखा जाएगा। यह दावा एक सिद्धांत के होने के नाते और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग की पूर्ण पृष्टभूमि के बीच बुधवार को हुई बैठक के कुछ देर बाद मोहरा का अंत आया है। इससे पहले लीडरशिप लीडर्स ने आरोप लगाया था कि चीफ इंस्पेक्टर कमिश्नर ने ‘यहाँ से चले जाओ’ कहा था, जबकि कमीशन ने भी लीडरशिप लीडर्स पर चिल्लाने का आरोप लगाया था। इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन, उप नेता सागरिका घोष, सांसद साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी वाले एक संगीतकार ने पश्चिम बंगाल चुनाव से कुछ दिन पहले इलेक्ट्रोनिक आयोग की पूरी जानकारी ली थी। मीडिया से क्या बोले नेताबैठक के बाद ओ’ब्रायन ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नौ पत्र में मुख्य परिवहन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित जिन पर ध्यान नहीं दिया। इलेक्ट्रानिक कंपनी में कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें इलेक्ट्रानिक कंपनियों के कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें कुछ इलेक्ट्रोरेक्टर अधिकारियों के भाजपा से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है और उनकी शेखी बघारने की मांग की गई है। यहां पूरे मामले में ओब्रायन ने कहा है कि हमने उन्हें छह उदाहरण दिए हैं, जिनमें अधिकारी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा भी शामिल है। उनके बीजेपी के साथ बातचीत चल रही है. नंदीग्राम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक स्थानीय भाजपा नेता के साथ होने का उदाहरण दिया गया है। यूक्रेनी समाजवादी पार्टी ने कहा कि इस संबंध में एक सिद्धांत स्थापित किया गया है। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि हमने मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स आयुक्त (सीईसी) से पूछा कि जब बंगाल में ऐसे सरकारी अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी तो वे सहायक और स्वतंत्र चुनाव कैसे करा सकते हैं। इस पर उनका जवाब था ‘यहां से चलें।’ चुनाव आयोग की ओर से दो टूक पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव:भय,उपायहिंसा,अनुपयोगीख़तरनाक,उत्पादअनुलग्नक, अनुपयोगीनमूना,अनुप्रयोगबूथ एवं परमाणु जैमिंग उत्पाद ही खरीदें ECI की तृणमूल कांग्रेस से सीधी बात इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव जरूर होंगे:… pic.twitter.com/p5fM8Uu337 – भारत निर्वाचन आयोग (@ECISVEEP) 8 अप्रैल 2026 आयोग ने नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया इस बीच आयोग ने पौराणिक नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि आयोग में राज्य के कर्मचारी और स्वतंत्र चुनाव के नेता थे। आयोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘वैश्विक कांग्रेस के सिद्धांत से’ सीधी बात की। इलेक्ट्रोरेक्टर आयोग ने कहा कि। आयोग के अधिकारी ने ओ’ब्रायन पर कमिश्नरों पर चिल्लाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सीईसी से कहा कि वह बोलें नहीं। सीईसी ने ओब्रायन से कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया उन्होंने कहा कि सीईसी ने डेरेक ओब्रायन से आयोग के कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया है। चिल्लाना और अभद्र व्यवहार नहीं हैं. बैठक में एक सूत्र के अनुसार बताया गया, जैसे कि ऑलसोल की बैठक में सीईसी ने अपने प्रतिनिधि के शामिल होने की ओर इशारा नहीं किया। इस पर ओ’ब्रायन ने पूछा कि क्या वे अनुचित हैं और उन्हें क्या जाना चाहिए। अपना अधिकार दिए जाने के बाद, ऑर्थोडॉक्स लीडर्स ने सीईसी से कहा कि वे सिर्फ बातें नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई चाहते हैं। औद्योगिक नेताओं ने आयोग के मठाधीश को खारिज कर दिया है। सागरिका घोष ने एक्स पर आयोग के दावे पर सारासर झूठ बताया और कहा, ‘चार सदस्यों वाले संस्थान से यह सब कुछ नहीं कहा गया।’ यह भी पढ़ें: केरल चुनाव: वोट से पहले ‘कैश फॉर वोट’ का हंगामा, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

गर्मी और लू से बचाएगा कच्चे आम का पन्ना, जानिए इसे बनाने की आसान रेसिपी – News18 हिंदी

arw img

X गर्मी और लू से बचाएगा कच्चे आम का पन्ना, जानिए इसे बनाने की आसान रेसिपी   Aam Panna Recipe: आम पन्ना या आम पना जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी किसी औषधि से कम नहीं है. आम पन्ना कच्चे आम से तैयार किया जाने वाला एक लोकप्रिय देसी पेय है, जिसे खासतौर पर गर्मियों में पीया जाता है. यह शरीर की गर्मी को संतुलित करने में मदद करता है और लू से बचाव के लिए बेहद कारगर माना जाता है. सीधी निवासी प्रियंका सिंह ने बताया कि गर्मियों में राहत देने वाला आम पन्ना बनाने की विधि बेहद आसान है. कच्चे आमों को चूल्हे या गैस पर तब तक भूनें, जब तक छिलका काला और अंदर से नरम न हो जाए. इसके बाद इन्हें ठंडा कर छीलें और गूदा निकाल लें. इसे पानी, चीनी या गुड़, पुदीना, भुना जीरा, काला नमक और साधारण नमक के साथ पीस लें. तैयार गाढ़ा मिश्रण फ्रिज में रखें. सर्व करते समय गिलास में बर्फ, 3-4 चम्मच पन्ना और ठंडा पानी मिलाकर परोसें. तैयार पेय को ठंडा कर पुदीने की पत्तियों के साथ परोसने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

Good Health Signs : ये 10 संकेत बताते हैं कि आप पूरी तरह से हेल्दी हैं, यहां कीजिए अपनी परीक्षा

Good Health Signs : ये 10 संकेत बताते हैं कि आप पूरी तरह से हेल्दी हैं, यहां कीजिए अपनी परीक्षा

Last Updated:April 08, 2026, 18:32 IST Sign of Fit and Healthy : अगर आप हरदम इस चिंता में रहते हैं कि आपकी सेहत सही नहीं रहती तो जरा ठहरिए. एक बार अपने शरीर पर ध्यान दीजिए. अगर आपके शरीर में ये 10 संकेत दिखते हैं तो आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है. आप बिल्कुल फिट हैं. पर इसे बरकरार रखना चुनौती है. क्योंकि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गतिहीन लाइफस्टाइल और प्रदूषण सबसे बड़े दुश्मन है. इसलिए आपको अपनी सेहत को सहेज कर रखना है. अगर इस परिस्थिति में भी ये 10 संकेत दिखते हैं तो वाकई आप शानदार लाइफ जी रहे हैं. आइए इस हेल्थ टेस्ट को चेक करते हैं. जब हमारी सेहत खराब होती है या शरीर के कुछ अंग ठीक से काम नहीं करते, तो कई तरह के चेतावनी संकेत दिखते हैं. सिर दर्द, वजन कम या बढ़ना, पिंपल्स, पेट फूलना, पेट दर्द, नाक बहना जैसी कुछ चीजों से हम शरीर की बीमारी का अंदाजा लगाते हैं. लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ होने के भी कुछ संकेत होते हैं. इनमें से कुछ संकेत थोड़े अजीब लग सकते हैं, लेकिन ये सेहत को साबित करते हैं. पॉपुलर गट एक्सपर्ट डॉक्टर सेठी ने अपने इंस्टा पोस्ट में शरीर के स्वस्थ होने के 10 अनोखे संकेत शेयर किए हैं. आइए जानते हैं वो कौन से हैं. नाक बहना-कई लोग नाक बहने को परेशानी मानते हैं. लेकिन अगर ठंडे मौसम में आपकी नाक बार-बार बहती है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. ठंडी हवा जब फेफड़ों में जाती है तो शरीर उसे गर्म और नम बनाने के लिए म्यूकस बनाता है. यह एक हेल्दी प्रोटेक्टिव रिएक्शन है. इस प्रक्रिया में नाक बहना आम बात है. गैस रिलीज़ होना-यह पढ़ने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन ये सच है. गैस आना एक स्वस्थ पाचन तंत्र का संकेत है. जब पाचन तंत्र में मौजूद बैक्टीरिया खाने को तोड़ते हैं तब गैस रिलीज़ होती है. ये बहुत आम बात है. इससे पता चलता है कि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक से काम कर रहा है. अगर कभी झुकते वक्त या सोते वक्त अचानक गैस निकल जाए तो शर्मिंदा मत होइए. इसे समझिए कि आपकी पाचन प्रक्रिया खुश है और ये एक बड़ा संकेत है. Add News18 as Preferred Source on Google हल्का पीला रंग का पेशाब-पेशाब का रंग हमारे स्वास्थ्य के बारे में कई बातें बताता है. अगर पेशाब हल्के पीले रंग का है तो इसका मतलब है कि शरीर में पानी की मात्रा सही है और किडनी ठीक से काम कर रही है. अगर पेशाब का रंग ऑरेंज, रेड, ब्लू, ग्रीन या गहरा भूरा हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. डकार आना-खाना खाने के बाद डकार आना बिल्कुल सामान्य है. खासकर जब आप कार्बोनेटेड ड्रिंक पीते हैं तो कई लोगों को लगातार डकार आती है. इसके लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है. डकार आने से पेट में जमा गैस बाहर निकलती है और पेट की फुलावट कम होती है. नियमित शौच जाना. रोज़ाना नियमित रूप से शौच जाना अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. इसका मतलब है कि आपकी पाचन प्रणाली पूरी तरह से ठीक काम कर रही है. दिन में 3 बार या हफ्ते में 3 बार शौच जाना आम बात है. ये बताता है कि आपकी डाइजेस्टिव सिस्टम स्वस्थ है. पसीना आना-पसीना आना शरीर के लिए अच्छा संकेत है. खासकर जब आप एक्सरसाइज या कोई शारीरिक गतिविधि करते हैं और शरीर से पसीना निकलता है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. यह शरीर का नैचुरल कूलिंग सिस्टम है जो आपको गर्मी से बचाता है. पसीना शरीर का तापमान कंट्रोल करने में मदद करता है. मसूड़ों से खून न आन- मसूड़े स्वस्थ होना भी अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. खासकर, ब्रश करते समय मसूड़ों से खून नहीं आना चाहिए. अगर खून आता है तो यह सूजन या मुंह की सफाई में कमी को दिखाता है. अंदरूनी कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो भी मसूड़ों से खून आ सकता है. रोज ब्रश करते समय एक बार अपने मसूड़ों को जरूर देखें. त्वचा की लचीलापन- कभी-कभी जब त्वचा को खरोंचते हैं तो वह फिर से अपनी जगह पर आ जाती है. यह त्वचा की लचीलापन एक अच्छा संकेत है कि आप स्वस्थ हैं. इसका मतलब है कि शरीर में पर्याप्त नमी है और स्किन की इलास्टिसिटी ठीक है. First Published : April 08, 2026, 18:32 IST

साइबर ठगी करने वाला मुंबई से पकड़ाया:कटनी की संस्था को डोनेशन दिलाने का झांसा दिया था; अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार

साइबर ठगी करने वाला मुंबई से पकड़ाया:कटनी की संस्था को डोनेशन दिलाने का झांसा दिया था; अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार

कटनी पुलिस ने मुंबई से एक ऐसे युवक को पकड़ा है, जो ठगी के करोड़ों रुपए ठिकाने लगाने का काम करता था। इस गिरोह ने देशभर के लोगों से 4.26 करोड़ रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की और उस पैसे को अलग-अलग खातों में खपा दिया। कटनी के राजेंद्र विश्वकर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि जीशान नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें झांसा दिया था। जीशान ने कहा था कि वह उनकी संस्था (आर्यवत शिक्षा समिति) को मोटा डोनेशन दिला देगा। इसके बाद राजेंद्र को बैंक से कॉल आया कि आपके खाते से कई बार लाखों के ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। इसके बाद राजेंध्र ने पुलिस को सूचना दी थी। इसी लालच में आकर राजेंद्र ने अपने बैंक खाते की जानकारी उसे दे दी। बाद में पता चला कि ठगों ने इसी खाते का इस्तेमाल देशभर से ठगे गए 4.26 करोड़ रुपए इधर-उधर करने के लिए किया। 60 हजार की नौकरी पर ठगी का पैसा संभालता था अभिषेक पुलिस ने मुंबई के अंधेरी इलाके से 25 साल के अभिषेक नार्कर को गिरफ्तार किया है। अभिषेक ने बताया कि वह दुबई में बैठे अपने साथियों के लिए काम करता था। उसका काम ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों में घुमाना था, जिसके बदले उसे हर महीने 60 हजार रुपए मिलते थे। ये लोग मोबाइल में खास ऐप के जरिए दूसरों के बैंक खाते चलाते थे। दुबई में बैठे हैं असली खिलाड़ी जांच में सामने आया है कि इस पूरे कांड के असली मास्टरमाइंड अब्दुल सत्तार और प्रशांत पद्मने हैं। इन दोनों पर देशभर में ठगी के 54 से ज्यादा केस दर्ज हैं। ये दोनों फिलहाल दुबई में छिपे हैं और पुलिस ने इनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी करवा रखा है। अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार इस मामले में पुलिस अब तक अभिषेक नार्कर समेत 4 लोगों को जेल भेज चुकी है। इससे पहले मोहम्मद जीशान, विकास तिवारी और चॉल्स रॉड्रिक को पकड़ा गया था। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।

केरल चुनाव: वोट से पहले ‘कैश फॉर वोट’ का खंडन, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

केरल चुनाव: वोट से पहले 'कैश फॉर वोट' का खंडन, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ससुराल पक्ष चरम पर है। कांग्रेस नेता वी.डी. शेरीशन ने एक कथित वीडियो जारी कर बड़ा आरोप लगाया है कि बीजेपी कार्यकर्ता वोट के बदले पैसे बांट रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में साफा दिख रहा है कि एक बुजुर्ग महिला को पैसे दिए जा रहे हैं और यह सभी पार्टी कैंडिडेट्स की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। साथ ही सतीशन ने कहा कि यह सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि कई इलेक्ट्रोलाक्ट्स में महिलाओं को पास और सा ग्लास लाइट की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘यह केरल में पहली बार और बीजेपी वोटरों को प्रभावित करने के लिए नई व्यवस्था लागू कर रही है।’ उनका कहना है, इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की गंभीर कोशिश की गई है, जिसे बंद नहीं किया जा सकता। #घड़ी | एर्नाकुलम | कल केरलम विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस नेता वीडी सतीसन कहते हैं, “हमने एक वीडियो जारी किया है, दृश्यों में यह बहुत स्पष्ट है कि भाजपा कार्यकर्ता भाजपा उम्मीदवार की उपस्थिति में वोट के लिए एक बूढ़ी महिला को पैसे दे रहे हैं। वे ऐसा कर रहे हैं… pic.twitter.com/EEvGnG5av1 – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. श्रीशेषन ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो पार्टी कानूनी तौर पर हट जायेगी. उन्होंने कहा कि चुनाव के ठीक पहले इस तरह की चुनावी आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। अलाप्पुझा में कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी पलक्कड़ में पैसे की चमक के साथ को “चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया वैज्ञानिक और वीडियो में साफा संकेत शामिल हैं कि प्रतियोगी की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने चुनाव आयोग से सक्रिय और कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि चुनाव की समितियां बनी रहें। #घड़ी | अलाप्पुझा, केरल: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का कहना है, “चौंकाने वाली मीडिया रिपोर्टें हैं कि पलक्कड़ में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में पैसे बांटे गए हैं। साथ ही, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीजेपी उम्मीदवार खुद इन सभी चीजों में शामिल हैं। वीडियो में यही बताया गया है… pic.twitter.com/FeyzaOyOGz – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 पलक्क में जीत तय, कांग्रेस-एल दोष के आरोप: बीजेपी का पलटवार एस.एस.सुरेश ने कांग्रेस और एलएलसी के समर्थकों को लेटर से खारिज करते हुए पल्कॉक में बीजेपी की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि ‘पलक्क की जनता ने तय कर दिया है कि यहां बीजेपी के नेता बने हैं, इसी डर से कांग्रेस ने बयान दे रही है.’ महिलाओं को पैसे उधार देने पर उन्होंने कहा कि ये ‘गंभीर आरोप नहीं हैं’ और संबंधित महिला ने खुद को स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और एलएफ़टी हार के डर से झूठ फैला रहे हैं। सोभा सुंदरन का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जनता उन्हें ही अनुयायी मानती जा रही है। बीजेपी ने भरोसा जताया कि इस बार पलक्कड में जीत तय है। #घड़ी | तिरुवनंतपुरम, केरलम | पलक्कड़ में महिला मतदाताओं को पैसे देने के कांग्रेस के बीजेपी पर आरोप पर प्रदेश बीजेपी महासचिव एस सुरेश कहते हैं, ”ये गंभीर आरोप नहीं हैं. महिला ने साफ कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया है. लेकिन कुछ लोग… pic.twitter.com/aJWuqCZjPt – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 लेफ्ट का भी आरोपइधर, प्लाकॉक के विधायक राहुल मैमकुथिल ने भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आप अपना पैसा अलग-अलग तरह से फैला सकते हैं, लेकिन पलक्क के दम पर एक भी वोट नहीं खरीदा जा सकता।” उन्होंने कहावतों का जिक्र करते हुए कहा कि एक प्रतियोगी के सहयोगी को जनता ने पैसे बांटते हुए पकड़ा था, जो बेहद खतरनाक है। इसके अलावा कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समर्थकों पर भी सवाल उठाए हैं. श्रीशिशन ने कहा कि पोस्टल बैलेट की सुविधा न होने से अधिकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई अधिकारियों ने प्रस्ताव पेश किए, लेकिन वहां बैलेट की व्यवस्था ही नहीं की गई। #घड़ी | अदूर, केरलम: राज्य विधानसभा चुनावों पर पलक्कड़ के विधायक राहुल मामकुत्तथिल कहते हैं, “…आप अपनी विचारधारा फैला सकते हैं, लेकिन आप पैसे से पलक्कड़ में एक भी वोट नहीं खरीद सकते। हाल ही में, एक उम्मीदवार और उसके करीबी सहयोगी पर वोट के लिए नकदी बांटने का आरोप लगाया गया था। एक सहयोगी,… pic.twitter.com/ZThRY68SkY – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: कृष्णेंदु नाम के तीन उम्मीदवार एक सीट पर लड़ रहे चुनाव, दिलचस्प है इस सीट पर चुनावी लड़ाई

स्प्राउट्स खाने का जोखिम: सेहत बनाने वाले स्प्राउट्स कहीं भी आपको बीमार न कर दें, खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

स्प्राउट्स खाने का जोखिम: सेहत बनाने वाले स्प्राउट्स कहीं भी आपको बीमार न कर दें, खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अंकुरित अनाज खाने का जोखिम: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ‘हेल्थ कॉन्शियस’ अच्छी बात हो रही है और जब भी बात आती है स्प्राउट्स की तो उसका नाम सबसे ऊपर आता है। प्रोटीन, विटामिन, विटामिन और फ़्लोरेंस से भरपूर स्प्राउट्स को अक्सर ‘सुपरफ़ूड’ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस स्प्राउट्स को आप स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए खा रहे हैं, आप किस अस्पताल में भी पहुंच सकते हैं? अगर स्प्राउट्स को सही तरीके से न खाया जाए, तो यह पाचन और संक्रमण से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं स्प्राउट्स से जुड़े जोखिम और सावधानी के तरीके क्या हैं? स्प्राउट्स से क्यों हो सकता है नुकसान? अनाज के साथ सबसे बड़ी चुनौती अमूर्त प्रभाव है। अनाज को नमकीन बनाने के लिए उसे लंबे समय तक जापानी और गर्म वातावरण में रखा जाता है। ये फूड फूड पॉइजनिंग के कारण होते हैं, जिससे पेट में ऐंठन, दस्त, उल्टी और तेज बुखार हो सकता है। खाने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही स्प्राउट्स को रॉ खाने के बजाय प्रभाव पकाकर खाने की सलाह देते हैं। स्नैक्स में खाना पकाने से लेकर वहां तक ​​मौजूद एलर्जेनिक बैचलर खत्म हो जाते हैं और पचने में भी ये आसान हो जाता है।अनाज को पहले और न्यूनतम होने के बाद साफ पानी से अच्छी तरह से लगाया जाता है। सिलिकॉन हाथों या प्लास्टिक से बने बैक्टीरिया का खतरा और बढ़ता है।अगर स्प्राउट्स से स्टिकहट महसूस हो रही हो या उनका अजीब सी गंध आ रही हो, तो उन्हें तुरंत हटा दें। यह होना बुरे के संकेत हैं।स्प्राउट्स को हमेशा फ़िरोज़ में रखें। बाहर बने रहने पर आश्रम के कारण तेजी से मल्टीपलाई होती हैं। उदाहरण के लिए 2-3 दिन से अधिक स्टोर न करें। स्प्राउट्स किसे नहीं खाना चाहिए? बुजुर्ग, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कच्चे स्प्राउट्स का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। संक्रमण की स्थिति में उनके शरीर में बैक्टीरिया से लड़ने का पता नहीं चलता है। जिसमें अक्सर गैस, ब्लोटिंग या अपच की समस्या बनी रहती है, उन्हें कच्चे स्प्राउट्स खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि कच्चे अनाज में जटिल दानेदार होना शामिल है, जिसे पचाना मुश्किल हो सकता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)अंकुरित अनाज के दुष्प्रभाव(टी)क्या अंकुरित अनाज खाना सुरक्षित है(टी)कच्चे अंकुरित अनाज स्वास्थ्य जोखिम(टी)अंकुरित के लाभ और जोखिम(टी)अंकुरित अनाज को सुरक्षित रूप से कैसे खाएं(टी)अंकुरित मूंग और चना के लाभ(टी)अंकुरित के लिए खाद्य सुरक्षा युक्तियाँ(टी)खाने से पहले पांच महत्वपूर्ण बातें ध्यान रखें

फुटबॉल में इक्विटी, बास्केटबॉल में रेवेन्यू शेयरिंग से कमाई:महंगे खिलाड़ियों का बिजनेस मॉडल, कई खेलों में संन्यास के बाद भी सैलरी

फुटबॉल में इक्विटी, बास्केटबॉल में रेवेन्यू शेयरिंग से कमाई:महंगे खिलाड़ियों का बिजनेस मॉडल, कई खेलों में संन्यास के बाद भी सैलरी

खेल की दुनिया का एक सीधा सच है कि जो खिलाड़ी जितना मशहूर है, उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा है। मौजूदा दौर में सुपरस्टार एथलीट्स सिर्फ अपनी टीमों के लिए खेलने वाले मोहरे नहीं रह गए हैं। वे खुद ग्लोबल ब्रांड हैं। यही वजह है कि लियोनेल मेसी या क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गज करियर के ढलान पर होने के बावजूद दुनिया में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एथलीट हैं। इन खिलाड़ियों को पैसे देने का बिजनेस मॉडल काफी अलग है। कहीं ‘डिफर्ड मनी’ (भविष्य में भुगतान) से टैक्स बचाया जा रहा है, तो कहीं ‘लेवरेज’ (दबाव) का इस्तेमाल कर खिलाडी मनचाही कीमत वसूल रहे हैं। फुटबॉल – मेसी को अमेरिकन क्लब इंटर मियामी में सैलरी के साथ हिस्सेदारी भी मिली 38 साल के लियोनेल मेसी जब यूरोप छोड़कर अमेरिकी लीग की टीम इंटर मियामी से जुड़े, तो उन्हें सिर्फ 800 करोड़ रुपए की सालाना सैलरी ही नहीं मिली, बल्कि क्लब में ‘इक्विटी’ (हिस्सेदारी) और लीग के ब्रॉडकास्ट पार्टनर के रेवेन्यू में से एक तय हिस्सा भी दिया गया। वहीं, रोनाल्डो सऊदी क्लब अल-नासर क्लब में सालाना 2000 करोड़ रुपए कमा रहे हैं। यह पैसा सऊदी के ‘पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड’ से आता है। रोनाल्डो की स्टार पावर का इस्तेमाल कर सऊदी अरब अपनी छवि सुधारना चाहता है। बेसबॉल – शोहेई ओटानी के साथ ‘डिफर्ड मनी’ मॉडल, क्लब की टैक्स बचाने की डील मेजर लीग बेसबॉल में कोई सैलरी कैप नहीं है, लेकिन एक तय सीमा से ज्यादा खर्च करने पर ‘लग्जरी टैक्स’ देना पड़ता है। जापानी सुपरस्टार शोहेई ओटानी ने लॉस एंजिलिस डोजर्स के साथ 10 साल के लिए करीब 6450 करोड़ रुपए का करार किया। ओटानी हर साल करीब 18.5 करोड़ रुपए की सैलरी लेंगे। बाकी के करीब 6300 करोड़ उन्हें उनके रिटायरमेंट के बाद (2034 से 2043 तक) किश्तों में दिए जाएंगे। इस ‘डिफर्ड मनी’ मॉडल ने टीम को लग्जरी टैक्स से बचा लिया। एनएफएल व बास्केटबॉल – कमाई में हिस्सा और टीम पर दबाव बनाकर राशि बढ़‌वाना एनएफएल में डलास काउबॉयज के डैक प्रेस्कॉट (4 साल के लिए 2230 करोड़) सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। प्रेस्कॉट लीग के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने सही समय पर टीम पर दबाव बनाया। टीम के पास दूसरा विकल्प नहीं था, इसलिए उन्हें ऐतिहासिक डील देनी पड़ी। वहीं, एनबीए में रेवेन्यू खिलाड़ियों और मालिकों के बीच 50-50 बंटता है। 10 साल से ज्यादा अनुभव वाले सुपरस्टार्स सैलरी कैप का 35% तक ले सकते हैं। इसलिए स्टीफन करी जैसे खिलाड़ी इस सीजन में करीब 550 करोड़ रुपए कमा रहे है। बॉक्सिंग – खिलाड़ी की मार्केट वैल्यू और पे-पर-व्यू सबसे अहम बॉक्सिंग में मार्केट वैल्यू और पे-पर-व्यू की ताकत है। मैक्सिकन बॉक्सर अल्वारेज को हाल ही में टेरेंस क्रॉफर्ड के खिलाफ हार मिली। इसके बावजूद, कैनेलो को इस फाइट के लिए करीब 910 करोड़ रुपए मिले। वहीं, विजेता क्रॉफर्ड को करीब 92 करोड़ राशि मिली। गोल्फ – सऊदी का नया टूर्नामेंट बना तगड़ी कमाई का आधार वर्ल्ड नंबर-1 स्कॉटी शेफलर ने 2024 व 2025 में हर साल करीब 280 करोड़ कमाए। दूसरी तरफ, जॉन रैम ने 2025 में एक भी टूर्नामेंट नहीं जीता लेकिन सऊदी फंडेड ‘LIV Golf’ में खेलने के कारण शुरुआती साइनिंग बोनस करीब 3 हजार करोड़ रुपए मिला।

सर्वे- 29 में से 23 देश भविष्य को लेकर चिंतित:भारत के 65 फीसदी लोग मानते हैं कि देश सही दिशा में – इप्सोस

सर्वे- 29 में से 23 देश भविष्य को लेकर चिंतित:भारत के 65 फीसदी लोग मानते हैं कि देश सही दिशा में - इप्सोस

इस साल दुनियाभर में कई महत्वपूर्ण व्यवधान देखने को मिले हैं, जिनमें पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी शामिल है। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। पूरी दुनिया के लोग भविष्य को लेकर चिंतित है और निराशा बढ़ रही है। इसके बीच भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में उम्मीद की किरण बरकरार है। ग्लोबल रिसर्च फर्म इप्सोस ने मार्च 2026 की एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट का शीर्षक है ‘वाट वरीज द वर्ल्ड’ यानी पूरी दुनिया को सबसे ज्यादा क्या चितिंत करता है। रिपोर्ट में सर्वे किए गए 29 में से 23 देशों के अधिकांश लोग अपने भविष्य को लेकर नकारात्मक सोच रखते हैं लेकिन भारत, सिंगापुर, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड जैसे देश इस ट्रेंड से अलग खड़े हैं। सर्वे में शामिल भारत के 65% लोगों का मानना है कि देश सही दिशा में जा रहा है। दुनिया में यह औसत महज 39% है। सर्वे में उन प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर नागरिकों की राय भी शामिल की गई है जो उनके दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। सर्वे में कई लोगों ने माना है कि तेल और गैस आपूर्ति पर बढ़ता दबाव भविष्य में चुनौती बन सकता है। अपराध-हिंसा-बेरोजगारी सबसे बड़ी चिंताएं वैश्विक चिंताओं में अपराध, हिंसा, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और सामाजिक असमानता, वितीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार प्रमुख हैं। भारत में भी इसी तरह की चिंताएं देखने को मिलती हैं, लेकिन प्राथमिकताओं का क्रम अलग है। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, अपराध और हिंसा के अलावा वित्तीय और राजनतिक भ्रष्टाचार भारतीयों की सबसे बड़ी चिंताएं हैं। भारत की तटस्थ स्थिति ने बढ़ाई सकारात्मकता इप्सोस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के लोगों को सकारात्मक सोच के पीछे कई कारण हैं। भारत की तटस्थ भू राजनीतिक स्थिति और वैश्विक ईंधन संकट के प्रभाव को कम करने के लिए किए गए सक्रिय प्रयासों ने अर्थव्यवस्था को अपेक्षाकृत स्थिर बनाए रखा है। पूरी दुनिया में एक सी चिंता- लगातार बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनावों से बन रहीं कठिन परिस्थितियां ये सभी चिंताएं एक साझा वैश्विक चिंता की ओर इशारा करते है। यह बैचेनी काफी हद तक लगातार हो रहे भू-राजनीतिक तनावों की वजह से पैदा हुई है। बीते कुछ वर्षों में इन तनाव और संघर्षों ने दुनियभर की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव डाला है और नागरिकों के लिए कठिन परिस्थितियां पैदा की – सुरेश रामलिंगम, सीईओ, इप्सोस इंडिया

सिर्फ 5 मिनट में पेट की गैस से मिलेगा छुटकारा, डॉक्टर शुभम वत्स से जानें आसान ट्रिक्स, जरूर करें ट्राई

ask search icon

  Stomach Gas Relief Tips: पेट में गैस और ब्लोटिंग की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है, जो गलत खान-पान, अनियमित दिनचर्या और खराब पाचन के कारण होती है. गैस्ट्रो डॉक्टर शुभम वत्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में बताया है कि कुछ ऐसे फूड्स हैं जो बहुत कम समय में गैस की समस्या से राहत दिला सकते हैं. ये फूड्स पेट में बनने वाली गैस को जल्दी बाहर निकालने में मदद करते हैं. खास बात यह है कि ये सभी चीजें आसानी से घर में उपलब्ध होती हैं और इन्हें तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है. इन फूड्स का सही तरीके से सेवन करने से न सिर्फ गैस से राहत मिलती है, बल्कि पाचन तंत्र भी मजबूत होता है. हालांकि अगर गैस की समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है.