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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘यहां से चलें…’, सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा रुख

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'यहां से चलें...', सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा रुख

चुनाव आयोग ने अप्लायंस को दो टूक स्ट्रेंथ दी है। बाकायदा लेकर आयोग की ओर से एक पोस्ट भी जारी किया गया है। इस पोस्ट में इलेक्शन कमिश्नर ने एक तस्वीर भी शेयर की है. इस पोस्ट में चुनाव आयोग ने लिखा है कि चुनाव आयोग की दो टूक कांग्रेस. पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भय अनुपयोगी, हिंसा अनुपयोगी, अनुपयुक्त अनुपयोगी, अनुपयोगी अनुपयोगी और बूथ एवं मौलिक जैमिंग अनुपयोगी ही रखा जाएगा। यह दावा एक सिद्धांत के होने के नाते और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग की पूर्ण पृष्टभूमि के बीच बुधवार को हुई बैठक के कुछ देर बाद मोहरा का अंत आया है।

इससे पहले लीडरशिप लीडर्स ने आरोप लगाया था कि चीफ इंस्पेक्टर कमिश्नर ने ‘यहाँ से चले जाओ’ कहा था, जबकि कमीशन ने भी लीडरशिप लीडर्स पर चिल्लाने का आरोप लगाया था। इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन, उप नेता सागरिका घोष, सांसद साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी वाले एक संगीतकार ने पश्चिम बंगाल चुनाव से कुछ दिन पहले इलेक्ट्रोनिक आयोग की पूरी जानकारी ली थी।

मीडिया से क्या बोले नेता
बैठक के बाद ओ’ब्रायन ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नौ पत्र में मुख्य परिवहन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित जिन पर ध्यान नहीं दिया। इलेक्ट्रानिक कंपनी में कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें इलेक्ट्रानिक कंपनियों के कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें कुछ इलेक्ट्रोरेक्टर अधिकारियों के भाजपा से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है और उनकी शेखी बघारने की मांग की गई है।

यहां पूरे मामले में ओब्रायन ने कहा है कि हमने उन्हें छह उदाहरण दिए हैं, जिनमें अधिकारी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा भी शामिल है। उनके बीजेपी के साथ बातचीत चल रही है. नंदीग्राम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक स्थानीय भाजपा नेता के साथ होने का उदाहरण दिया गया है। यूक्रेनी समाजवादी पार्टी ने कहा कि इस संबंध में एक सिद्धांत स्थापित किया गया है।

ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि हमने मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स आयुक्त (सीईसी) से पूछा कि जब बंगाल में ऐसे सरकारी अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी तो वे सहायक और स्वतंत्र चुनाव कैसे करा सकते हैं। इस पर उनका जवाब था ‘यहां से चलें।’

आयोग ने नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया

इस बीच आयोग ने पौराणिक नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि आयोग में राज्य के कर्मचारी और स्वतंत्र चुनाव के नेता थे। आयोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘वैश्विक कांग्रेस के सिद्धांत से’ सीधी बात की। इलेक्ट्रोरेक्टर आयोग ने कहा कि। आयोग के अधिकारी ने ओ’ब्रायन पर कमिश्नरों पर चिल्लाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सीईसी से कहा कि वह बोलें नहीं।

सीईसी ने ओब्रायन से कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया

उन्होंने कहा कि सीईसी ने डेरेक ओब्रायन से आयोग के कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया है। चिल्लाना और अभद्र व्यवहार नहीं हैं. बैठक में एक सूत्र के अनुसार बताया गया, जैसे कि ऑलसोल की बैठक में सीईसी ने अपने प्रतिनिधि के शामिल होने की ओर इशारा नहीं किया। इस पर ओ’ब्रायन ने पूछा कि क्या वे अनुचित हैं और उन्हें क्या जाना चाहिए। अपना अधिकार दिए जाने के बाद, ऑर्थोडॉक्स लीडर्स ने सीईसी से कहा कि वे सिर्फ बातें नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई चाहते हैं। औद्योगिक नेताओं ने आयोग के मठाधीश को खारिज कर दिया है। सागरिका घोष ने एक्स पर आयोग के दावे पर सारासर झूठ बताया और कहा, ‘चार सदस्यों वाले संस्थान से यह सब कुछ नहीं कहा गया।’

यह भी पढ़ें: केरल चुनाव: वोट से पहले ‘कैश फॉर वोट’ का हंगामा, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘यहां से चलें…’, सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा रुख

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'यहां से चलें...', सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा रुख

चुनाव आयोग ने अप्लायंस को दो टूक स्ट्रेंथ दी है। बाकायदा लेकर आयोग की ओर से एक पोस्ट भी जारी किया गया है। इस पोस्ट में इलेक्शन कमिश्नर ने एक तस्वीर भी शेयर की है. इस पोस्ट में चुनाव आयोग ने लिखा है कि चुनाव आयोग की दो टूक कांग्रेस. पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भय अनुपयोगी, हिंसा अनुपयोगी, अनुपयुक्त अनुपयोगी, अनुपयोगी अनुपयोगी और बूथ एवं मौलिक जैमिंग अनुपयोगी ही रखा जाएगा। यह दावा एक सिद्धांत के होने के नाते और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग की पूर्ण पृष्टभूमि के बीच बुधवार को हुई बैठक के कुछ देर बाद मोहरा का अंत आया है।

इससे पहले लीडरशिप लीडर्स ने आरोप लगाया था कि चीफ इंस्पेक्टर कमिश्नर ने ‘यहाँ से चले जाओ’ कहा था, जबकि कमीशन ने भी लीडरशिप लीडर्स पर चिल्लाने का आरोप लगाया था। इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन, उप नेता सागरिका घोष, सांसद साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी वाले एक संगीतकार ने पश्चिम बंगाल चुनाव से कुछ दिन पहले इलेक्ट्रोनिक आयोग की पूरी जानकारी ली थी।

मीडिया से क्या बोले नेता
बैठक के बाद ओ’ब्रायन ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नौ पत्र में मुख्य परिवहन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित जिन पर ध्यान नहीं दिया। इलेक्ट्रानिक कंपनी में कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें इलेक्ट्रानिक कंपनियों के कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें कुछ इलेक्ट्रोरेक्टर अधिकारियों के भाजपा से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है और उनकी शेखी बघारने की मांग की गई है।

यहां पूरे मामले में ओब्रायन ने कहा है कि हमने उन्हें छह उदाहरण दिए हैं, जिनमें अधिकारी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा भी शामिल है। उनके बीजेपी के साथ बातचीत चल रही है. नंदीग्राम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक स्थानीय भाजपा नेता के साथ होने का उदाहरण दिया गया है। यूक्रेनी समाजवादी पार्टी ने कहा कि इस संबंध में एक सिद्धांत स्थापित किया गया है।

ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि हमने मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स आयुक्त (सीईसी) से पूछा कि जब बंगाल में ऐसे सरकारी अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी तो वे सहायक और स्वतंत्र चुनाव कैसे करा सकते हैं। इस पर उनका जवाब था ‘यहां से चलें।’

आयोग ने नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया

इस बीच आयोग ने पौराणिक नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि आयोग में राज्य के कर्मचारी और स्वतंत्र चुनाव के नेता थे। आयोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘वैश्विक कांग्रेस के सिद्धांत से’ सीधी बात की। इलेक्ट्रोरेक्टर आयोग ने कहा कि। आयोग के अधिकारी ने ओ’ब्रायन पर कमिश्नरों पर चिल्लाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सीईसी से कहा कि वह बोलें नहीं।

सीईसी ने ओब्रायन से कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया

उन्होंने कहा कि सीईसी ने डेरेक ओब्रायन से आयोग के कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया है। चिल्लाना और अभद्र व्यवहार नहीं हैं. बैठक में एक सूत्र के अनुसार बताया गया, जैसे कि ऑलसोल की बैठक में सीईसी ने अपने प्रतिनिधि के शामिल होने की ओर इशारा नहीं किया। इस पर ओ’ब्रायन ने पूछा कि क्या वे अनुचित हैं और उन्हें क्या जाना चाहिए। अपना अधिकार दिए जाने के बाद, ऑर्थोडॉक्स लीडर्स ने सीईसी से कहा कि वे सिर्फ बातें नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई चाहते हैं। औद्योगिक नेताओं ने आयोग के मठाधीश को खारिज कर दिया है। सागरिका घोष ने एक्स पर आयोग के दावे पर सारासर झूठ बताया और कहा, ‘चार सदस्यों वाले संस्थान से यह सब कुछ नहीं कहा गया।’

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