साइबर ठगी करने वाला मुंबई से पकड़ाया:कटनी की संस्था को डोनेशन दिलाने का झांसा दिया था; अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार

कटनी पुलिस ने मुंबई से एक ऐसे युवक को पकड़ा है, जो ठगी के करोड़ों रुपए ठिकाने लगाने का काम करता था। इस गिरोह ने देशभर के लोगों से 4.26 करोड़ रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की और उस पैसे को अलग-अलग खातों में खपा दिया। कटनी के राजेंद्र विश्वकर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि जीशान नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें झांसा दिया था। जीशान ने कहा था कि वह उनकी संस्था (आर्यवत शिक्षा समिति) को मोटा डोनेशन दिला देगा। इसके बाद राजेंद्र को बैंक से कॉल आया कि आपके खाते से कई बार लाखों के ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। इसके बाद राजेंध्र ने पुलिस को सूचना दी थी। इसी लालच में आकर राजेंद्र ने अपने बैंक खाते की जानकारी उसे दे दी। बाद में पता चला कि ठगों ने इसी खाते का इस्तेमाल देशभर से ठगे गए 4.26 करोड़ रुपए इधर-उधर करने के लिए किया। 60 हजार की नौकरी पर ठगी का पैसा संभालता था अभिषेक पुलिस ने मुंबई के अंधेरी इलाके से 25 साल के अभिषेक नार्कर को गिरफ्तार किया है। अभिषेक ने बताया कि वह दुबई में बैठे अपने साथियों के लिए काम करता था। उसका काम ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों में घुमाना था, जिसके बदले उसे हर महीने 60 हजार रुपए मिलते थे। ये लोग मोबाइल में खास ऐप के जरिए दूसरों के बैंक खाते चलाते थे। दुबई में बैठे हैं असली खिलाड़ी जांच में सामने आया है कि इस पूरे कांड के असली मास्टरमाइंड अब्दुल सत्तार और प्रशांत पद्मने हैं। इन दोनों पर देशभर में ठगी के 54 से ज्यादा केस दर्ज हैं। ये दोनों फिलहाल दुबई में छिपे हैं और पुलिस ने इनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी करवा रखा है। अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार इस मामले में पुलिस अब तक अभिषेक नार्कर समेत 4 लोगों को जेल भेज चुकी है। इससे पहले मोहम्मद जीशान, विकास तिवारी और चॉल्स रॉड्रिक को पकड़ा गया था। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।
केरल चुनाव: वोट से पहले ‘कैश फॉर वोट’ का खंडन, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ससुराल पक्ष चरम पर है। कांग्रेस नेता वी.डी. शेरीशन ने एक कथित वीडियो जारी कर बड़ा आरोप लगाया है कि बीजेपी कार्यकर्ता वोट के बदले पैसे बांट रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में साफा दिख रहा है कि एक बुजुर्ग महिला को पैसे दिए जा रहे हैं और यह सभी पार्टी कैंडिडेट्स की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। साथ ही सतीशन ने कहा कि यह सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि कई इलेक्ट्रोलाक्ट्स में महिलाओं को पास और सा ग्लास लाइट की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘यह केरल में पहली बार और बीजेपी वोटरों को प्रभावित करने के लिए नई व्यवस्था लागू कर रही है।’ उनका कहना है, इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की गंभीर कोशिश की गई है, जिसे बंद नहीं किया जा सकता। #घड़ी | एर्नाकुलम | कल केरलम विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस नेता वीडी सतीसन कहते हैं, “हमने एक वीडियो जारी किया है, दृश्यों में यह बहुत स्पष्ट है कि भाजपा कार्यकर्ता भाजपा उम्मीदवार की उपस्थिति में वोट के लिए एक बूढ़ी महिला को पैसे दे रहे हैं। वे ऐसा कर रहे हैं… pic.twitter.com/EEvGnG5av1 – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. श्रीशेषन ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो पार्टी कानूनी तौर पर हट जायेगी. उन्होंने कहा कि चुनाव के ठीक पहले इस तरह की चुनावी आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। अलाप्पुझा में कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी पलक्कड़ में पैसे की चमक के साथ को “चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया वैज्ञानिक और वीडियो में साफा संकेत शामिल हैं कि प्रतियोगी की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने चुनाव आयोग से सक्रिय और कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि चुनाव की समितियां बनी रहें। #घड़ी | अलाप्पुझा, केरल: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का कहना है, “चौंकाने वाली मीडिया रिपोर्टें हैं कि पलक्कड़ में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में पैसे बांटे गए हैं। साथ ही, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीजेपी उम्मीदवार खुद इन सभी चीजों में शामिल हैं। वीडियो में यही बताया गया है… pic.twitter.com/FeyzaOyOGz – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 पलक्क में जीत तय, कांग्रेस-एल दोष के आरोप: बीजेपी का पलटवार एस.एस.सुरेश ने कांग्रेस और एलएलसी के समर्थकों को लेटर से खारिज करते हुए पल्कॉक में बीजेपी की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि ‘पलक्क की जनता ने तय कर दिया है कि यहां बीजेपी के नेता बने हैं, इसी डर से कांग्रेस ने बयान दे रही है.’ महिलाओं को पैसे उधार देने पर उन्होंने कहा कि ये ‘गंभीर आरोप नहीं हैं’ और संबंधित महिला ने खुद को स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और एलएफ़टी हार के डर से झूठ फैला रहे हैं। सोभा सुंदरन का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जनता उन्हें ही अनुयायी मानती जा रही है। बीजेपी ने भरोसा जताया कि इस बार पलक्कड में जीत तय है। #घड़ी | तिरुवनंतपुरम, केरलम | पलक्कड़ में महिला मतदाताओं को पैसे देने के कांग्रेस के बीजेपी पर आरोप पर प्रदेश बीजेपी महासचिव एस सुरेश कहते हैं, ”ये गंभीर आरोप नहीं हैं. महिला ने साफ कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया है. लेकिन कुछ लोग… pic.twitter.com/aJWuqCZjPt – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 लेफ्ट का भी आरोपइधर, प्लाकॉक के विधायक राहुल मैमकुथिल ने भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आप अपना पैसा अलग-अलग तरह से फैला सकते हैं, लेकिन पलक्क के दम पर एक भी वोट नहीं खरीदा जा सकता।” उन्होंने कहावतों का जिक्र करते हुए कहा कि एक प्रतियोगी के सहयोगी को जनता ने पैसे बांटते हुए पकड़ा था, जो बेहद खतरनाक है। इसके अलावा कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समर्थकों पर भी सवाल उठाए हैं. श्रीशिशन ने कहा कि पोस्टल बैलेट की सुविधा न होने से अधिकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई अधिकारियों ने प्रस्ताव पेश किए, लेकिन वहां बैलेट की व्यवस्था ही नहीं की गई। #घड़ी | अदूर, केरलम: राज्य विधानसभा चुनावों पर पलक्कड़ के विधायक राहुल मामकुत्तथिल कहते हैं, “…आप अपनी विचारधारा फैला सकते हैं, लेकिन आप पैसे से पलक्कड़ में एक भी वोट नहीं खरीद सकते। हाल ही में, एक उम्मीदवार और उसके करीबी सहयोगी पर वोट के लिए नकदी बांटने का आरोप लगाया गया था। एक सहयोगी,… pic.twitter.com/ZThRY68SkY – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: कृष्णेंदु नाम के तीन उम्मीदवार एक सीट पर लड़ रहे चुनाव, दिलचस्प है इस सीट पर चुनावी लड़ाई
स्प्राउट्स खाने का जोखिम: सेहत बनाने वाले स्प्राउट्स कहीं भी आपको बीमार न कर दें, खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अंकुरित अनाज खाने का जोखिम: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ‘हेल्थ कॉन्शियस’ अच्छी बात हो रही है और जब भी बात आती है स्प्राउट्स की तो उसका नाम सबसे ऊपर आता है। प्रोटीन, विटामिन, विटामिन और फ़्लोरेंस से भरपूर स्प्राउट्स को अक्सर ‘सुपरफ़ूड’ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस स्प्राउट्स को आप स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए खा रहे हैं, आप किस अस्पताल में भी पहुंच सकते हैं? अगर स्प्राउट्स को सही तरीके से न खाया जाए, तो यह पाचन और संक्रमण से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं स्प्राउट्स से जुड़े जोखिम और सावधानी के तरीके क्या हैं? स्प्राउट्स से क्यों हो सकता है नुकसान? अनाज के साथ सबसे बड़ी चुनौती अमूर्त प्रभाव है। अनाज को नमकीन बनाने के लिए उसे लंबे समय तक जापानी और गर्म वातावरण में रखा जाता है। ये फूड फूड पॉइजनिंग के कारण होते हैं, जिससे पेट में ऐंठन, दस्त, उल्टी और तेज बुखार हो सकता है। खाने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही स्प्राउट्स को रॉ खाने के बजाय प्रभाव पकाकर खाने की सलाह देते हैं। स्नैक्स में खाना पकाने से लेकर वहां तक मौजूद एलर्जेनिक बैचलर खत्म हो जाते हैं और पचने में भी ये आसान हो जाता है।अनाज को पहले और न्यूनतम होने के बाद साफ पानी से अच्छी तरह से लगाया जाता है। सिलिकॉन हाथों या प्लास्टिक से बने बैक्टीरिया का खतरा और बढ़ता है।अगर स्प्राउट्स से स्टिकहट महसूस हो रही हो या उनका अजीब सी गंध आ रही हो, तो उन्हें तुरंत हटा दें। यह होना बुरे के संकेत हैं।स्प्राउट्स को हमेशा फ़िरोज़ में रखें। बाहर बने रहने पर आश्रम के कारण तेजी से मल्टीपलाई होती हैं। उदाहरण के लिए 2-3 दिन से अधिक स्टोर न करें। स्प्राउट्स किसे नहीं खाना चाहिए? बुजुर्ग, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कच्चे स्प्राउट्स का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। संक्रमण की स्थिति में उनके शरीर में बैक्टीरिया से लड़ने का पता नहीं चलता है। जिसमें अक्सर गैस, ब्लोटिंग या अपच की समस्या बनी रहती है, उन्हें कच्चे स्प्राउट्स खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि कच्चे अनाज में जटिल दानेदार होना शामिल है, जिसे पचाना मुश्किल हो सकता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)अंकुरित अनाज के दुष्प्रभाव(टी)क्या अंकुरित अनाज खाना सुरक्षित है(टी)कच्चे अंकुरित अनाज स्वास्थ्य जोखिम(टी)अंकुरित के लाभ और जोखिम(टी)अंकुरित अनाज को सुरक्षित रूप से कैसे खाएं(टी)अंकुरित मूंग और चना के लाभ(टी)अंकुरित के लिए खाद्य सुरक्षा युक्तियाँ(टी)खाने से पहले पांच महत्वपूर्ण बातें ध्यान रखें
फुटबॉल में इक्विटी, बास्केटबॉल में रेवेन्यू शेयरिंग से कमाई:महंगे खिलाड़ियों का बिजनेस मॉडल, कई खेलों में संन्यास के बाद भी सैलरी

खेल की दुनिया का एक सीधा सच है कि जो खिलाड़ी जितना मशहूर है, उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा है। मौजूदा दौर में सुपरस्टार एथलीट्स सिर्फ अपनी टीमों के लिए खेलने वाले मोहरे नहीं रह गए हैं। वे खुद ग्लोबल ब्रांड हैं। यही वजह है कि लियोनेल मेसी या क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गज करियर के ढलान पर होने के बावजूद दुनिया में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एथलीट हैं। इन खिलाड़ियों को पैसे देने का बिजनेस मॉडल काफी अलग है। कहीं ‘डिफर्ड मनी’ (भविष्य में भुगतान) से टैक्स बचाया जा रहा है, तो कहीं ‘लेवरेज’ (दबाव) का इस्तेमाल कर खिलाडी मनचाही कीमत वसूल रहे हैं। फुटबॉल – मेसी को अमेरिकन क्लब इंटर मियामी में सैलरी के साथ हिस्सेदारी भी मिली 38 साल के लियोनेल मेसी जब यूरोप छोड़कर अमेरिकी लीग की टीम इंटर मियामी से जुड़े, तो उन्हें सिर्फ 800 करोड़ रुपए की सालाना सैलरी ही नहीं मिली, बल्कि क्लब में ‘इक्विटी’ (हिस्सेदारी) और लीग के ब्रॉडकास्ट पार्टनर के रेवेन्यू में से एक तय हिस्सा भी दिया गया। वहीं, रोनाल्डो सऊदी क्लब अल-नासर क्लब में सालाना 2000 करोड़ रुपए कमा रहे हैं। यह पैसा सऊदी के ‘पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड’ से आता है। रोनाल्डो की स्टार पावर का इस्तेमाल कर सऊदी अरब अपनी छवि सुधारना चाहता है। बेसबॉल – शोहेई ओटानी के साथ ‘डिफर्ड मनी’ मॉडल, क्लब की टैक्स बचाने की डील मेजर लीग बेसबॉल में कोई सैलरी कैप नहीं है, लेकिन एक तय सीमा से ज्यादा खर्च करने पर ‘लग्जरी टैक्स’ देना पड़ता है। जापानी सुपरस्टार शोहेई ओटानी ने लॉस एंजिलिस डोजर्स के साथ 10 साल के लिए करीब 6450 करोड़ रुपए का करार किया। ओटानी हर साल करीब 18.5 करोड़ रुपए की सैलरी लेंगे। बाकी के करीब 6300 करोड़ उन्हें उनके रिटायरमेंट के बाद (2034 से 2043 तक) किश्तों में दिए जाएंगे। इस ‘डिफर्ड मनी’ मॉडल ने टीम को लग्जरी टैक्स से बचा लिया। एनएफएल व बास्केटबॉल – कमाई में हिस्सा और टीम पर दबाव बनाकर राशि बढ़वाना एनएफएल में डलास काउबॉयज के डैक प्रेस्कॉट (4 साल के लिए 2230 करोड़) सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। प्रेस्कॉट लीग के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने सही समय पर टीम पर दबाव बनाया। टीम के पास दूसरा विकल्प नहीं था, इसलिए उन्हें ऐतिहासिक डील देनी पड़ी। वहीं, एनबीए में रेवेन्यू खिलाड़ियों और मालिकों के बीच 50-50 बंटता है। 10 साल से ज्यादा अनुभव वाले सुपरस्टार्स सैलरी कैप का 35% तक ले सकते हैं। इसलिए स्टीफन करी जैसे खिलाड़ी इस सीजन में करीब 550 करोड़ रुपए कमा रहे है। बॉक्सिंग – खिलाड़ी की मार्केट वैल्यू और पे-पर-व्यू सबसे अहम बॉक्सिंग में मार्केट वैल्यू और पे-पर-व्यू की ताकत है। मैक्सिकन बॉक्सर अल्वारेज को हाल ही में टेरेंस क्रॉफर्ड के खिलाफ हार मिली। इसके बावजूद, कैनेलो को इस फाइट के लिए करीब 910 करोड़ रुपए मिले। वहीं, विजेता क्रॉफर्ड को करीब 92 करोड़ राशि मिली। गोल्फ – सऊदी का नया टूर्नामेंट बना तगड़ी कमाई का आधार वर्ल्ड नंबर-1 स्कॉटी शेफलर ने 2024 व 2025 में हर साल करीब 280 करोड़ कमाए। दूसरी तरफ, जॉन रैम ने 2025 में एक भी टूर्नामेंट नहीं जीता लेकिन सऊदी फंडेड ‘LIV Golf’ में खेलने के कारण शुरुआती साइनिंग बोनस करीब 3 हजार करोड़ रुपए मिला।
सर्वे- 29 में से 23 देश भविष्य को लेकर चिंतित:भारत के 65 फीसदी लोग मानते हैं कि देश सही दिशा में – इप्सोस

इस साल दुनियाभर में कई महत्वपूर्ण व्यवधान देखने को मिले हैं, जिनमें पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी शामिल है। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। पूरी दुनिया के लोग भविष्य को लेकर चिंतित है और निराशा बढ़ रही है। इसके बीच भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में उम्मीद की किरण बरकरार है। ग्लोबल रिसर्च फर्म इप्सोस ने मार्च 2026 की एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट का शीर्षक है ‘वाट वरीज द वर्ल्ड’ यानी पूरी दुनिया को सबसे ज्यादा क्या चितिंत करता है। रिपोर्ट में सर्वे किए गए 29 में से 23 देशों के अधिकांश लोग अपने भविष्य को लेकर नकारात्मक सोच रखते हैं लेकिन भारत, सिंगापुर, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड जैसे देश इस ट्रेंड से अलग खड़े हैं। सर्वे में शामिल भारत के 65% लोगों का मानना है कि देश सही दिशा में जा रहा है। दुनिया में यह औसत महज 39% है। सर्वे में उन प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर नागरिकों की राय भी शामिल की गई है जो उनके दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। सर्वे में कई लोगों ने माना है कि तेल और गैस आपूर्ति पर बढ़ता दबाव भविष्य में चुनौती बन सकता है। अपराध-हिंसा-बेरोजगारी सबसे बड़ी चिंताएं वैश्विक चिंताओं में अपराध, हिंसा, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और सामाजिक असमानता, वितीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार प्रमुख हैं। भारत में भी इसी तरह की चिंताएं देखने को मिलती हैं, लेकिन प्राथमिकताओं का क्रम अलग है। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, अपराध और हिंसा के अलावा वित्तीय और राजनतिक भ्रष्टाचार भारतीयों की सबसे बड़ी चिंताएं हैं। भारत की तटस्थ स्थिति ने बढ़ाई सकारात्मकता इप्सोस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के लोगों को सकारात्मक सोच के पीछे कई कारण हैं। भारत की तटस्थ भू राजनीतिक स्थिति और वैश्विक ईंधन संकट के प्रभाव को कम करने के लिए किए गए सक्रिय प्रयासों ने अर्थव्यवस्था को अपेक्षाकृत स्थिर बनाए रखा है। पूरी दुनिया में एक सी चिंता- लगातार बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनावों से बन रहीं कठिन परिस्थितियां ये सभी चिंताएं एक साझा वैश्विक चिंता की ओर इशारा करते है। यह बैचेनी काफी हद तक लगातार हो रहे भू-राजनीतिक तनावों की वजह से पैदा हुई है। बीते कुछ वर्षों में इन तनाव और संघर्षों ने दुनियभर की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव डाला है और नागरिकों के लिए कठिन परिस्थितियां पैदा की – सुरेश रामलिंगम, सीईओ, इप्सोस इंडिया
सिर्फ 5 मिनट में पेट की गैस से मिलेगा छुटकारा, डॉक्टर शुभम वत्स से जानें आसान ट्रिक्स, जरूर करें ट्राई

Stomach Gas Relief Tips: पेट में गैस और ब्लोटिंग की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है, जो गलत खान-पान, अनियमित दिनचर्या और खराब पाचन के कारण होती है. गैस्ट्रो डॉक्टर शुभम वत्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में बताया है कि कुछ ऐसे फूड्स हैं जो बहुत कम समय में गैस की समस्या से राहत दिला सकते हैं. ये फूड्स पेट में बनने वाली गैस को जल्दी बाहर निकालने में मदद करते हैं. खास बात यह है कि ये सभी चीजें आसानी से घर में उपलब्ध होती हैं और इन्हें तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है. इन फूड्स का सही तरीके से सेवन करने से न सिर्फ गैस से राहत मिलती है, बल्कि पाचन तंत्र भी मजबूत होता है. हालांकि अगर गैस की समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है.
ग्लोबल स्टोर तक भारतीय लग्जरी फैशन की धमक:इनका 22% बिजनेस विदेशी बाजारों से; न्यूयॉर्क से दुबई तक खुले स्टोर, हॉलीवुड मुरीद

कभी ऑयलफील्ड के उपकरणों की दुनिया से निकले तरुण ताहिलियानी आज दुबई के पॉश जुमेरा इलाके में दो मंजिला लग्जरी स्टोर सजा रहे हैं। यह महज एक शख्स की कहानी नहीं, बल्कि पूरे भारतीय फैशन इंडस्ट्री के वैश्विक महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। रिलायंस, आदित्य बिड़ला फैशन जैसे कॉरपोरेट निवेशकों की बदौलत सब्यसाची, मनीष मल्होत्रा, अनिता डोंगरे जैसे भारतीय ब्रांड्स न्यूयॉर्क, दुबई जैसे शहरों में मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। भारतीय क्राफ्ट, हैंडवर्क इन ब्रांड्स को पहचान दिला रहे हैं। दिलचस्प मार्केटिंग, अलग स्टाइल और तासीर की बदौलत ये ब्रांड्स पूरी दुनिया में जगह बना रहे हैं। इसके चलते भारतीय फैशन इंडस्ट्री की 22 प्रतिशत आय विदेशी बाजारो से होने लगी है। भारतीय फैशन हॉलीवुड, पेरिस के सबसे बड़े मंचों तक पहुंचा अंतरराष्ट्रीय पहचान – भारतीय डिजाइन्स को वैल्यू मिल रही है। भारतीय कारीगरी को ग्लोबल लेवल पर एक ‘ब्रांड’ माना जाता है। हॉलीवुड स्टार्स की पसंद- गौरव गुप्ता जैसे भारतीय डिजाइनरों के कपड़े अब ‘कार्डी बी’ और ‘मेगन दी स्टैलियन’ जैसे बड़े ग्लोबल सुपरस्टार्स पहन रहे हैं। यह ट्रेंड बढ़ रहा है। रेड कार्पेट तक- मशहूर एक्ट्रेस जेंडाया ने राहुल मिश्रा के डिजाइन किए कपड़े पहने, वहीं पॉप स्टार बियॉन्से ने अपने शो के लिए गौरव गुप्ता के आउटफिट्स चुने। विदेशी ब्रांड्स पर प्रभाव- प्रादा जैसे बड़े इंटरनेशनल लग्जरी ब्रांड ने भारत की पारंपरिक कोल्हापुरी चप्पलें अपने कलेक्शन में शामिल की है। पेरिस फैशन वीक में धाक – दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित ‘पेरिस हॉट कूटूर वीक’ में अब भारतीय डिजाइनर हर साल नियमित रूप से शो कर रहे हैं। डिजाइन चोरी गंभीर परेशानी, कस्टम ड्यूटी में खप रही पूंजी – इंटरनेशनल रेंट, स्टाफिंग और कस्टम्स में काफी पूंजी खप रही। हाथ से बने प्रोडक्ट्स के लिए इन्वेंट्री मैनेजमेंट जरूरी है। – यूरोपियन लग्जरी हाउस से सीधी प्रतिस्पर्धा बड़ी चुनौती, करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव और मैक्रोइकोनॉमिक अस्थिरता – राहुल मिश्रा के ‘टाइग्रेस’ डिजाइन की एक टीवी शो में नकल पाई गई। – सूरत, चांदनी चौक, इंस्टाग्राम पेज पर कूटूर लुक दिनों में कॉपी हो जाते हैं। साब्यसाची, मनीष मल्होत्रा, अनीता डोंगरे, सभी को दिल्ली हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर मिले -आईपी कानून मौजूद हैं पर फैशन की रफ्तार से काफी धीमे हैं।
क्या चॉकलेट खाने से बढ़िया हो जाता है मूड? ब्रेन पर किस तरह होता है असर, जानिए 5 रोचक तथ्य

Last Updated:April 08, 2026, 15:39 IST Chocolate and Mood: चॉकलेट खाने से मूड बेहतर हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद तत्व सेरोटोनिन, डोपामाइन और एंडॉर्फिन जैसे फील-गुड हार्मोन को बढ़ाते हैं. खासकर डार्क चॉकलेट तनाव कम करने और मन को शांत रखने में मदद करती है. हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, ताकि इसके फायदे ज्यादा मिलें और नुकसान न हो. कई रिसर्च में पता चला है कि डार्क चॉकलेट स्ट्रेस कम करती है और मूड बेहतर बनाती है. Chocolate Reduce Stress: जब हमारा मूड खराब होता है, तब ऐसी चीजें खाना का मन करता है, जिससे मूड बेहतर हो जाए. कई लोग इसके लिए चॉकलेट खाना पसंद करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो डार्क चॉकलेट खाना सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है. इसमें पाए जाने वाले कुछ तत्व मूड को बेहतर करते हैं और आपका तनाव कम कर सकते हैं. कई लोग इसे कम्फर्ट फूड मानते हैं, क्योंकि इसे खाने के बाद तुरंत अच्छा महसूस होता है. यह सिर्फ एक मनोवैज्ञानिक आदत नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी मौजूद हैं. चॉकलेट में ऐसे कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे भावनाओं को प्रभावित करते हैं. साइंस डायरेक्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चॉकलेट खाने से हमारे दिमाग में सेरोटोनिन, डोपामाइन और एंडॉर्फिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर सक्रिय हो जाते हैं. ये सभी फील-गुड केमिकल्स माने जाते हैं, जो खुशी, संतोष और रिलैक्सेशन का एहसास दिलाते हैं. सेरोटोनिन मूड को स्थिर करता है, डोपामाइन हमें खुशी और इनाम जैसा एहसास देता है, जबकि एंडॉर्फिन दर्द और तनाव को कम करते हैं. यही वजह है कि चॉकलेट खाने के बाद मन हल्का और खुश महसूस करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. चॉकलेट में एक खास यौगिक पाया जाता है, जिसे फेनाइलएथाइलामाइन कहा जाता है. यह वही रसायन है, जो हमारे दिमाग में तब बनता है, जब हम प्यार में होते हैं या बहुत खुश होते हैं. यह दिमाग में एनर्जी और उत्साह का एहसास पैदा करता है. हालांकि इसकी मात्रा कम होती है, फिर भी यह मूड को थोड़ा बेहतर करने में भूमिका निभा सकता है. डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में तनाव को कम करने और दिमाग के कार्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि डार्क चॉकलेट का सेवन कोर्टिसोल हार्मोन को कम कर सकता है. इससे चिंता और तनाव कम होता है. चॉकलेट का असर केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनोवैज्ञानिक रूप से भी हमें खुशी देता है. इसका स्वाद, खुशबू और बचपन की यादें भी हमारे दिमाग को सकारात्मक संकेत देती हैं. जब हम चॉकलेट खाते हैं, तो हमें एक रिवॉर्ड जैसा एहसास होता है, जो मूड को बेहतर बनाता है. चॉकलेट मूड अच्छा करने में मदद कर सकती है, लेकिन इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए सही नहीं है. इसमें शुगर और कैलोरी अधिक होती है, जिससे वजन बढ़ सकता है, दांतों की समस्या हो सकती है और ब्लड शुगर लेवल भी बढ़ सकता है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चॉकलेट सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 15:39 IST
trikonasana worl record: इस योगासन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ABR में हुआ दर्ज, क्या हैं त्रिकोणासन करने के फायदे? एक्सपर्ट से समझिए

होमताजा खबरदेश इस योगासन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ABR में हुआ दर्ज, कौन सा है आसन? Last Updated:April 08, 2026, 15:28 IST Trikonasana world record: योगासनों में से एक त्रिकोणासन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. महाराष्ट्र के बुलढाणा में 5000 लोगों ने एक साथ त्रिकोणासन कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में यह उपलब्धि दर्ज कराई है. आइए जानते हैं कि इस आसन को करने के क्या फायदे हैं? त्रिकोणासन कर भारतीयों ने बनाया विश्व रिकॉर्ड. Trikonasana World Record: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अब 74 दिन बाकी बचे हैं लेकिन उससे पहले ही एक योगासन ने ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, जो एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है. यह योगासन है त्रिकोणासन.आयुष मंत्रालय के तहत मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा (MDNIY) के भव्य योग महोत्सव-2026 में इस योगासन ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है. आयुष मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार 7 अप्रैल को महाराष्ट्र के बुलढाणा में सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चले योग महोत्सव में शामिल हुए 5000 योग प्रेमियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का सामूहिक अभ्यास करते हुए त्रिकोणासन (Trikonasana) किया. यह पहली बार था जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने एक जगह पर इकठ्ठे होकर त्रिकोणासन का अभ्यास किया. अब इस उपलब्धि को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में बतौर नया विश्व रिकॉर्ड दर्ज कर लिया गया है. आइए जानते हैं इस योगासन के बारे में और इसके फायदे क्या हैं? कैसे किया जाता है त्रिकोणासन 5000 लोगों ने त्रिकोणासन कर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है. तस्वीर- MDNIY त्रिकोणासन (Triangle Pose) एक खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है. इसमें पैरों, हाथों और रीढ़ की मदद से शरीर एक त्रिकोण (Triangle) जैसी आकृति बनाता है, जिससे पैरों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है और वे मजबूत बनते हैं. यह एक सामान्य आसन हैं जो कॉमन योग प्रोटोकॉल में शामिल है लेकिन इसके फायदे जानकर आपको हैरानी होगी. इस योगासन के क्या फायदे हैं? मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली में योग प्रशिक्षक, वसुधा राजावत बताती हैं, ‘त्रिकोणासन का अभ्यास महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. इस आसन का अभ्यास पेट की चर्बी को कम करने में सहायक है. जिन महिलाओं को इन्फर्टिलिटी की समस्या है, उन्हें इसका अभ्यास विशेष रूप से करना चाहिए. मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली में योग प्रशिक्षक,वसुधा राजावत वे बताती हैं कि यह कमर का लचीलापन बढ़ाता है, अकड़न को कम करता है. यह अभ्यास पिंडली, जंघा और कटिभाग की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है. यह मेटाबॉलिज्म को मजबूत करता है, पाचन शक्ति को सक्रिय करता है, पूरे शरीर में रक्तसंचार को बढ़ाता है. साथ ही यह अभ्यास श्वास के आवागमन को सक्रिय कर शरीर में स्फूर्ति लाता है. क्या बरतें सावधानियांराजावत आगे कहती हैं कि इस योगासन का अभ्यास करते हुए हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि पीठ, गर्दन और घुटने की गंभीर चोट होने पर इस अभ्यास को नहीं करना चाहिए. चक्कर आने या उल्टी जैसा महसूस होने पर भी इस अभ्यास को नहीं करना चाहिए. इस अभ्यास को क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 15:28 IST
भयंकर ठंडी बीयर पीते हैं आप, ऐसा करना फायदेमंद या नुकसानदायक, गंगाराम के डॉक्टर से जान लीजिए

Last Updated:April 08, 2026, 14:54 IST Very Cold Beer Health Risks: बीयर में अल्कोहल होता है और डॉक्टर्स इसे सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं. हालांकि तमाम लोग गर्मी में बहुत ज्यादा ठंडी बीयर पीना पसंद करते हैं, जो गले, पाचन और शरीर के तापमान पर नेगेटिव असर डाल सकती है. खाली पेट या ज्यादा मात्रा में बीयर पीने से कई परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर की मानें तो लोगों को बहुत ज्यादा ठंडी बीयर पीने से बचना चाहिए. Ice Cold Beer Good or Bad: गर्मियों के मौसम में अधिकतर लोग ठंडी चीजें खाना-पीना पसंद करते हैं. कई लोग गर्मी में ठंडी बीयर पीना पसंद करते हैं. कई लोग शराब में भी आइस क्यूब डालकर पीते हैं, ताकि ठंडा महसूस हो. माना जाता है कि बर्फ जैसी ठंडी बीयर पीने से शरीर को तुरंत ठंडक मिलती है और राहत महसूस होती है. खासकर दोस्तों के साथ पार्टियों में ऐसे नजारे देखने को मिलते हैं. हालांकि कई लोग ठंडी बीयर को सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं. अब सवाल है कि क्या सच में बहुत ज्यादा ठंडी बीयर पीना सेहत के लिए खतरनाक है? इस बारे में डॉक्टर से हकीकत जानने की कोशिश करते हैं. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के गैस्ट्रो एंड लिवर डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने News18 को बताया कि बीयर एक अल्कोहॉलिक ड्रिंक है और इसका सेवन करना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. कभी-कभार आप बीयर पीते हैं, तो ठीक है, लेकिन रोज इसका सेवन करने से सेहत बिगड़ सकती है. कई लोग मानते हैं कि बीयर पीना सेहत के लिए सुरक्षित है, लेकिन यह सिर्फ गलतफहमी है. अल्कोहल वाली कोई भी ड्रिंक शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होती है. अल्कोहल का सेवन करने से लिवर को गंभीर नुकसान होता है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. बहुत ठंडी बीयर पीनी चाहिए या नहीं? डॉक्टर अरोड़ा ने बताया कि जब आप बहुत ठंडी बीयर पीते हैं, तो इसका सीधा असर हमारे गले और पाचन तंत्र पर पड़ता है. अत्यधिक ठंडी ड्रिंक गले की नसों को अचानक सिकोड़ देती है, जिससे गले में खराश, सर्दी या संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा बहुत ठंडी चीजें पाचन क्रिया को भी धीमा कर देती हैं, जिससे गैस, अपच या पेट में भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. बहुत ठंडी बीयर शरीर के तापमान को अचानक कम कर सकती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है. शरीर को अपने तापमान को संतुलित करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे थकान या असहजता महसूस हो सकती है. खासकर जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा हो, तब बहुत ठंडी बीयर शरीर के लिए शॉक जैसा असर डाल सकती है. खाली पेट बीयर पीना नुकसानदायक एक्सपर्ट ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति खाली पेट बहुत ठंडी बीयर पीता है, तो यह ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है. इससे अल्कोहल जल्दी खून में घुल जाता है और नशा तेजी से चढ़ता है. यह लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है. ज्यादा मात्रा में ठंडी बीयर पीने से डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. जिन लोगों को पहले से ही गले की समस्या, पाचन से जुड़ी परेशानी, लिवर रोग या हार्ट से संबंधित दिक्कतें हैं, उन्हें बहुत ठंडी बीयर से बचना चाहिए. जो लोग बार-बार सर्दी-जुकाम से परेशान रहते हैं, उनके लिए भी यह नुकसानदायक हो सकती है. ऐसे लोगों को सामान्य तापमान या हल्की ठंडी बीयर ही पीनी चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 14:54 IST









