Sunday, 21 Jun 2026 | 12:44 PM

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भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट ने बदला समय:3 टी-20 मैच एक घंटा पहले शुरू होंगे, एक जुलाई से 5 मैचों की सीरीज

भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट ने बदला समय:3 टी-20 मैच एक घंटा पहले शुरू होंगे, एक जुलाई से 5 मैचों की सीरीज

भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने 3 टी-20 मैचों के लिए समय बदल दिया है। पहले रात 11 बजे शुरू होने वाले मैच अब एक घंटा पहले 10 बजे शुरू होंगे। भारत जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर 3 वनडे और 5 टी-20 मैच खेलेगा। टी-20 सीरीज 1 जुलाई से 11 जुलाई तक होगी। वहीं वनडे सीरीज 14 जुलाई से 19 जुलाई के बीच खेली जाएगी। इससे पहले भारतीय टीम 26 और 28 जून को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 सीरीज भी खेलेगी। ECB ने दर्शकों को ध्यान में रखकर फैसला लिया मैचों के समय में बदलाव का फैसला भारत में टीवी दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए लिया गया है। इस बारे में ECB ने ब्रॉडकास्टर्स स्काई स्पोर्ट्स (UK) और सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क (भारत) से चर्चा की। भारत दौरे से ECB को मुनाफे की उम्मीद भारत की व्हाइट-बॉल सीरीज से ECB को इस साल अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है। मैच डे कमाई और ब्रॉडकास्टिंग राइट्स दोनों से बोर्ड को फायदा मिलने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज की मेजबानी के बावजूद ECB को नुकसान हुआ है। इससे भारत सीरीज की अहमियत और बढ़ गई है। वनडे के सभी टिकट बिके, टी-20 के अब भी बाकी भारत और इंग्लैंड के बीच टी-20 सीरीज की शुरुआत पहले होगी। लेकिन अभी उसके पूरे टिकट बिकने बाकी हैं। वहीं तीनों वनडे मैचों के टिकट पूरी तरह बिक चुके हैं। इसके सबसे बड़ी वजह विराट कोहली और रोहित शर्मा के फैंस हैं। हालांकि वनडे मैचों के टिकट की घोषणा से पहले ही की गई थी। कोहली और रोहित पहले ही टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वैभव सूर्यवंशी और विराट कोहली पर रहेगी नजर इंग्लैंड दौरे के लिए टी-20 टीम में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया गया है। वहीं वनडे में विराट कोहली भी फोकस में रहेंगे। हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं खेलेंगे। ऐसे में जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी वापसी पर नजर रहेगी। कोहली ने जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला है। सूर्यवंशी ने इस IPL सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। पिछले साल 2-2 से सीरीज बराबर की थी भारत ने 2025 में इंग्लैंड का दौरा कर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। वह सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई थी। आखिरी टेस्ट में द ओवल में मिली भारत की जीत ने सीरीज को बराबरी पर समाप्त कराया था।

भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट ने बदला समय:3 टी-20 मैच एक घंटा पहले शुरू होंगे, एक जुलाई से 5 मैचों की सीरीज

भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट ने बदला समय:3 टी-20 मैच एक घंटा पहले शुरू होंगे, एक जुलाई से 5 मैचों की सीरीज

भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने 3 टी-20 मैचों के लिए समय बदल दिया है। पहले रात 11 बजे शुरू होने वाले मैच अब एक घंटा पहले 10 बजे शुरू होंगे। भारत जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर 3 वनडे और 5 टी-20 मैच खेलेगा। टी-20 सीरीज 1 जुलाई से 11 जुलाई तक होगी। वहीं वनडे सीरीज 14 जुलाई से 19 जुलाई के बीच खेली जाएगी। इससे पहले भारतीय टीम 26 और 28 जून को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 सीरीज भी खेलेगी। ECB ने दर्शकों को ध्यान में रखकर फैसला लिया मैचों के समय में बदलाव का फैसला भारत में टीवी दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए लिया गया है। इस बारे में ECB ने ब्रॉडकास्टर्स स्काई स्पोर्ट्स (UK) और सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क (भारत) से चर्चा की। भारत दौरे से ECB को मुनाफे की उम्मीद भारत की व्हाइट-बॉल सीरीज से ECB को इस साल अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है। मैच डे कमाई और ब्रॉडकास्टिंग राइट्स दोनों से बोर्ड को फायदा मिलने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज की मेजबानी के बावजूद ECB को नुकसान हुआ है। इससे भारत सीरीज की अहमियत और बढ़ गई है। वनडे के सभी टिकट बिके, टी-20 के अब भी बाकी भारत और इंग्लैंड के बीच टी-20 सीरीज की शुरुआत पहले होगी। लेकिन अभी उसके पूरे टिकट बिकने बाकी हैं। वहीं तीनों वनडे मैचों के टिकट पूरी तरह बिक चुके हैं। इसके सबसे बड़ी वजह विराट कोहली और रोहित शर्मा के फैंस हैं। हालांकि वनडे मैचों के टिकट की घोषणा से पहले ही की गई थी। कोहली और रोहित पहले ही टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वैभव सूर्यवंशी और विराट कोहली पर रहेगी नजर इंग्लैंड दौरे के लिए टी-20 टीम में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया गया है। वहीं वनडे में विराट कोहली भी फोकस में रहेंगे। हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं खेलेंगे। ऐसे में जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी वापसी पर नजर रहेगी। कोहली ने जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला है। सूर्यवंशी ने इस IPL सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। पिछले साल 2-2 से सीरीज बराबर की थी भारत ने 2025 में इंग्लैंड का दौरा कर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। वह सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई थी। आखिरी टेस्ट में द ओवल में मिली भारत की जीत ने सीरीज को बराबरी पर समाप्त कराया था।

एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत:सरकार का वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज वसूलने का फैसला रद्द; बैंक गारंटी भी वापस होगी

एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत:सरकार का वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज वसूलने का फैसला रद्द; बैंक गारंटी भी वापस होगी

बॉम्बे हाई कोर्ट ने भारती एयरटेल लिमिटेड और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड पर केंद्र सरकार के लगाए गए वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सरकार के पास टेलीकॉम लाइसेंस दिए जाने के सालों बाद वित्तीय शर्तों को पिछली तारीख (रेट्रोस्पेक्टिव) से बदलने का कोई अधिकार नहीं है। जस्टिस मनीष पितले और जस्टिस श्रीराम वी. शिरसाट की डिवीजन बेंच ने सरकार के 2012 के इस फैसले को खारिज करते हुए कंपनियों की बैंक गारंटी भी लौटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार के 14 साल पुराने फैसले को पलटा जस्टिस मनीष पितले और जस्टिस श्रीराम वी. शिरसाट की बेंच ने केंद्र सरकार के 8 नवंबर और 28 दिसंबर 2012 के उन फैसलों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनके तहत टेलीकॉम कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया था। सरकार ने इन फैसलों के जरिए जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज (MHz) से अधिक के स्पेक्ट्रम होल्डिंग पर वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज लगाया था। कोर्ट ने न केवल सरकार के डिमांड नोटिस को रद्द किया, बल्कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स द्वारा जमा की गई बैंक गारंटी को भी वापस करने का आदेश दिया है। एयरटेल ने कहा- टेलीकॉम सेक्टर के लिए बड़ा फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट के इस फैसले का टेलीकॉम इंडस्ट्री ने स्वागत किया है। एयरटेल के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि हम वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) की मांग को रद्द करने वाले बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। यह फैसला कानूनी और वित्तीय अनिश्चितता को खत्म करके भारत के टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन साबित होगा। इससे भविष्य के निवेश के लिए एक बेहतर माहौल तैयार होगा। क्या था पूरा विवाद और सरकार का तर्क? यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट के 2G स्पेक्ट्रम फैसले के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद केंद्र सरकार ने तय सीमा से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले पुराने ऑपरेटर्स पर वन-टाइम चार्ज लगाने का फैसला किया। टेलीकॉम विभाग (DoT) ने जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज से ज्यादा के स्पेक्ट्रम होल्डिंग्स पर यह चार्ज वसूलने की मांग की थी। सरकार का तर्क था कि ऑपरेटर्स को स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज के अलावा, स्पेक्ट्रम एलोकेशन के लिए अलग से भुगतान करना जरूरी था। कंपनियों ने दी थी कानूनी चुनौती भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने इस लेवी (टैक्स) को कोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनियों का तर्क था कि न तो इंडियन टेलीग्राफ एक्ट, 1885 और न ही उनके लाइसेंस एग्रीमेंट में इस तरह के बैक-डेटेड (पिछली तारीख से) चार्ज लगाने का कोई प्रावधान है। उन्होंने दलील दी कि वे नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी (NTP) 1999 के तहत रेवेन्यू-शेयरिंग फ्रेमवर्क और अतिरिक्त स्पेक्ट्रम मिलने पर बढ़ी हुई रेवेन्यू-शेयरिंग देनदारियों के जरिए पहले ही भुगतान कर चुके हैं। कॉन्ट्रैक्ट के बीच नियम बदलने की इजाजत नहीं हाई कोर्ट ने कंपनियों की दलीलों को सही माना। कोर्ट ने कहा कि टेलीग्राफ एक्ट की धारा 4 के तहत दिए गए टेलीकॉम लाइसेंस पूरी तरह से कॉन्ट्रैक्ट (अनुबंध) के दायरे में आते हैं और सरकार इसकी शर्तों से बंधी हुई है। बेंच ने कहा कि सरकार को कॉन्ट्रैक्ट के बीच में गोल पोस्ट (नियम) बदलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। दोनों पक्षों के सहमत होने और कॉन्ट्रैक्ट पर काम शुरू होने के बाद सरकार लाइसेंस की वित्तीय शर्तों को अकेले नहीं बदल सकती। रेवेन्यू बढ़ाना ही हमेशा पब्लिक इंटरेस्ट नहीं होता केंद्र सरकार ने कोर्ट में तर्क दिया था कि यह चार्ज सार्वजनिक हित में लगाया गया है। कोर्ट ने सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि केवल सरकारी राजस्व (रेवेन्यू) को अधिकतम करना ही स्वचालित रूप से सार्वजनिक हित नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने याद दिलाया कि NTP-1999 का मुख्य उद्देश्य किफायती टेलीकॉम सेवाएं देना, ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ाना और स्पेक्ट्रम का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना था, न कि सरकार की कमाई बढ़ाना। ट्राई की सिफारिशों का भी हवाला दिया अदालत ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और समय-समय पर बनी सरकारी कमेटियों की सिफारिशों का भी अध्ययन किया। कोर्ट ने पाया कि पुरानी सिफारिशों में केवल 10 मेगाहर्ट्ज से अधिक के स्पेक्ट्रम एलोकेशन पर ही वन-टाइम चार्ज लगाने की बात कही गई थी। 10 मेगाहर्ट्ज तक के स्पेक्ट्रम होल्डिंग पर ऐसे किसी चार्ज का समर्थन नहीं किया गया था। इस मामले में ऑपरेटर्स के पास तय सीमा से ज्यादा स्पेक्ट्रम नहीं था और वे पहले से ही बढ़ा हुआ रेवेन्यू-शेयर चुका रहे थे। मद्रास हाई कोर्ट के पुराने फैसले से अलग रुख बॉम्बे हाई कोर्ट का यह फैसला एक पुराने मामले में आए फैसले से अलग है। इससे पहले 2016 में मद्रास हाई कोर्ट ने एयरसेल वाले मामले में सरकार के इसी तरह के चार्ज लगाने के फैसले को सही ठहराया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट की बेंच ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले से असहमति जताई। बेंच ने कहा कि वे इस बात को स्वीकार नहीं कर सकते कि अतिरिक्त राजस्व जुटाने वाला हर कदम सार्वजनिक हित में ही हो। सरकार ने लाइसेंस की शर्तों में सुधार किए बिना ही यह चार्ज थोप दिया था। क्या होता है वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC)? जब टेलीकॉम कंपनियों को शुरुआत में लाइसेंस दिए गए थे, तब उन्हें एक निश्चित सीमा (जैसे 4.4 MHz या 6.2 MHz) तक स्पेक्ट्रम बिना किसी अलग शुल्क के आवंटित किया गया था, जिसके लिए वे रेवेन्यू शेयर करती थीं। बाद में सरकार ने तय सीमा से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाली कंपनियों पर पिछली तारीख से एकमुश्त शुल्क लगाने का फैसला किया, जिसे वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज कहा जाता है। कंपनियों ने इसी बैक-डेटेड शुल्क का विरोध किया था। ये खबर भी पढ़ें… उज्ज्वला योजना में सिर्फ 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलेंगे: अब तक 9 सिलेंडर दिए जाते थे, इंटरनेशनल मार्केट में LPG के दाम 46% तक बढ़ने का असर उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर अब साल में 9 की बजाय सिर्फ 4 ही मिलेंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LPG की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। युद्ध की वजह से LPG 46% तक महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत:सरकार का वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज वसूलने का फैसला रद्द; बैंक गारंटी भी वापस होगी

एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत:सरकार का वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज वसूलने का फैसला रद्द; बैंक गारंटी भी वापस होगी

बॉम्बे हाई कोर्ट ने भारती एयरटेल लिमिटेड और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड पर केंद्र सरकार के लगाए गए वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सरकार के पास टेलीकॉम लाइसेंस दिए जाने के सालों बाद वित्तीय शर्तों को पिछली तारीख (रेट्रोस्पेक्टिव) से बदलने का कोई अधिकार नहीं है। जस्टिस मनीष पितले और जस्टिस श्रीराम वी. शिरसाट की डिवीजन बेंच ने सरकार के 2012 के इस फैसले को खारिज करते हुए कंपनियों की बैंक गारंटी भी लौटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार के 14 साल पुराने फैसले को पलटा जस्टिस मनीष पितले और जस्टिस श्रीराम वी. शिरसाट की बेंच ने केंद्र सरकार के 8 नवंबर और 28 दिसंबर 2012 के उन फैसलों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनके तहत टेलीकॉम कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया था। सरकार ने इन फैसलों के जरिए जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज (MHz) से अधिक के स्पेक्ट्रम होल्डिंग पर वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज लगाया था। कोर्ट ने न केवल सरकार के डिमांड नोटिस को रद्द किया, बल्कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स द्वारा जमा की गई बैंक गारंटी को भी वापस करने का आदेश दिया है। एयरटेल ने कहा- टेलीकॉम सेक्टर के लिए बड़ा फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट के इस फैसले का टेलीकॉम इंडस्ट्री ने स्वागत किया है। एयरटेल के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि हम वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) की मांग को रद्द करने वाले बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। यह फैसला कानूनी और वित्तीय अनिश्चितता को खत्म करके भारत के टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन साबित होगा। इससे भविष्य के निवेश के लिए एक बेहतर माहौल तैयार होगा। क्या था पूरा विवाद और सरकार का तर्क? यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट के 2G स्पेक्ट्रम फैसले के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद केंद्र सरकार ने तय सीमा से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले पुराने ऑपरेटर्स पर वन-टाइम चार्ज लगाने का फैसला किया। टेलीकॉम विभाग (DoT) ने जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज से ज्यादा के स्पेक्ट्रम होल्डिंग्स पर यह चार्ज वसूलने की मांग की थी। सरकार का तर्क था कि ऑपरेटर्स को स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज के अलावा, स्पेक्ट्रम एलोकेशन के लिए अलग से भुगतान करना जरूरी था। कंपनियों ने दी थी कानूनी चुनौती भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने इस लेवी (टैक्स) को कोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनियों का तर्क था कि न तो इंडियन टेलीग्राफ एक्ट, 1885 और न ही उनके लाइसेंस एग्रीमेंट में इस तरह के बैक-डेटेड (पिछली तारीख से) चार्ज लगाने का कोई प्रावधान है। उन्होंने दलील दी कि वे नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी (NTP) 1999 के तहत रेवेन्यू-शेयरिंग फ्रेमवर्क और अतिरिक्त स्पेक्ट्रम मिलने पर बढ़ी हुई रेवेन्यू-शेयरिंग देनदारियों के जरिए पहले ही भुगतान कर चुके हैं। कॉन्ट्रैक्ट के बीच नियम बदलने की इजाजत नहीं हाई कोर्ट ने कंपनियों की दलीलों को सही माना। कोर्ट ने कहा कि टेलीग्राफ एक्ट की धारा 4 के तहत दिए गए टेलीकॉम लाइसेंस पूरी तरह से कॉन्ट्रैक्ट (अनुबंध) के दायरे में आते हैं और सरकार इसकी शर्तों से बंधी हुई है। बेंच ने कहा कि सरकार को कॉन्ट्रैक्ट के बीच में गोल पोस्ट (नियम) बदलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। दोनों पक्षों के सहमत होने और कॉन्ट्रैक्ट पर काम शुरू होने के बाद सरकार लाइसेंस की वित्तीय शर्तों को अकेले नहीं बदल सकती। रेवेन्यू बढ़ाना ही हमेशा पब्लिक इंटरेस्ट नहीं होता केंद्र सरकार ने कोर्ट में तर्क दिया था कि यह चार्ज सार्वजनिक हित में लगाया गया है। कोर्ट ने सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि केवल सरकारी राजस्व (रेवेन्यू) को अधिकतम करना ही स्वचालित रूप से सार्वजनिक हित नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने याद दिलाया कि NTP-1999 का मुख्य उद्देश्य किफायती टेलीकॉम सेवाएं देना, ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ाना और स्पेक्ट्रम का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना था, न कि सरकार की कमाई बढ़ाना। ट्राई की सिफारिशों का भी हवाला दिया अदालत ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और समय-समय पर बनी सरकारी कमेटियों की सिफारिशों का भी अध्ययन किया। कोर्ट ने पाया कि पुरानी सिफारिशों में केवल 10 मेगाहर्ट्ज से अधिक के स्पेक्ट्रम एलोकेशन पर ही वन-टाइम चार्ज लगाने की बात कही गई थी। 10 मेगाहर्ट्ज तक के स्पेक्ट्रम होल्डिंग पर ऐसे किसी चार्ज का समर्थन नहीं किया गया था। इस मामले में ऑपरेटर्स के पास तय सीमा से ज्यादा स्पेक्ट्रम नहीं था और वे पहले से ही बढ़ा हुआ रेवेन्यू-शेयर चुका रहे थे। मद्रास हाई कोर्ट के पुराने फैसले से अलग रुख बॉम्बे हाई कोर्ट का यह फैसला एक पुराने मामले में आए फैसले से अलग है। इससे पहले 2016 में मद्रास हाई कोर्ट ने एयरसेल वाले मामले में सरकार के इसी तरह के चार्ज लगाने के फैसले को सही ठहराया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट की बेंच ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले से असहमति जताई। बेंच ने कहा कि वे इस बात को स्वीकार नहीं कर सकते कि अतिरिक्त राजस्व जुटाने वाला हर कदम सार्वजनिक हित में ही हो। सरकार ने लाइसेंस की शर्तों में सुधार किए बिना ही यह चार्ज थोप दिया था। क्या होता है वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC)? जब टेलीकॉम कंपनियों को शुरुआत में लाइसेंस दिए गए थे, तब उन्हें एक निश्चित सीमा (जैसे 4.4 MHz या 6.2 MHz) तक स्पेक्ट्रम बिना किसी अलग शुल्क के आवंटित किया गया था, जिसके लिए वे रेवेन्यू शेयर करती थीं। बाद में सरकार ने तय सीमा से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाली कंपनियों पर पिछली तारीख से एकमुश्त शुल्क लगाने का फैसला किया, जिसे वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज कहा जाता है। कंपनियों ने इसी बैक-डेटेड शुल्क का विरोध किया था। ये खबर भी पढ़ें… उज्ज्वला योजना में सिर्फ 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलेंगे: अब तक 9 सिलेंडर दिए जाते थे, इंटरनेशनल मार्केट में LPG के दाम 46% तक बढ़ने का असर उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर अब साल में 9 की बजाय सिर्फ 4 ही मिलेंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LPG की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। युद्ध की वजह से LPG 46% तक महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

विमेंस टी-20 वर्ल्डकप प्रैक्टिस मैच में भारतीय जीती:वेस्टइंडीज को 26 रन से हराया; भारती की नाबाद फिफ्टी, श्रेयांका को 4 विकेट

विमेंस टी-20 वर्ल्डकप प्रैक्टिस मैच में भारतीय जीती:वेस्टइंडीज को 26 रन से हराया; भारती की नाबाद फिफ्टी, श्रेयांका को 4 विकेट

Hindi News Sports Cricket India Women Cricket, West Indies Women Cricket, T20 World Cup Warm up, Bharti Fullmali Fifty, Shreyanka Patil Four Wickets, Women Cricket News, India Vs West Indies स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय विमेंस टीम ने बल्लेबाजों और स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहले वार्म-अप मैच में वेस्टइंडीज को 26 रन से हरा दिया। सोमवार को कार्डिफ में खेले गए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 179 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की 8 विकेट खोकर 153 रन ही बना सकी। भारती ने नाबाद 56 रन बनाए भारत को शेफाली वर्मा और कप्तान स्मृति मंधाना ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 5.2 ओवर में 59 रन जोड़े। मंधाना 23 गेंदों पर 39 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि शेफाली ने 13 गेंदों में 29 रन की तेज पारी खेली। इसके बाद जेमिमा रोड्रिज सिर्फ 7 रनबना सकीं। हालांकि यास्तिका भाटिया और भारती फुलमाली ने चौथे विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। यास्तिका 26 गेंदों पर 36 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुईं, जबकि फुलमाली ने 40 गेंदों पर नाबाद 56 रन बनाए। भारती फुलमाली ने 40 गेंदों पर नाबाद 56 रन की पारी खेली। फ्लेचर ने 4 विकेट लिए वेस्टइंडीज की ओर से अफी फ्लेचर सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 4 ओवर में 23 रन देकर 4 विकेट झटके। फ्लेचर ने ऋचा घोष, राधा यादव और श्रेयंका पाटिल को भी आउट कर भारतीय बल्लेबाजी पर ब्रेक लगाया। करिश्मा रामहरैक और आलिया एलेन ने एक-एक विकेट लिया, जबकि डिएंड्रा डॉटिन को भी एक सफलता मिली। 63 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप 180 रन के टारगेट का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की शुरुआत संभली हुई रही। डिएंड्रा डॉटिन और शेमाइन कैंपबेल ने पहले विकेट के लिए 63 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कैंपबेल 22 गेंदों पर 25 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुईं, जबकि डॉटिन ने 44 गेंदों में 49 रन की पारी खेली। हालांकि इसके बाद वेस्टइंडीज के लगातार विकेट गिरते रहे। कियाना जोसेफ (5), जहजारा क्लैक्सटन (6), आलिया एलेन (13) और कप्तान चिनेल हेनरी (1) बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। जेनेलिया ग्लासगो ने 18 गेंदों पर 19 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत की ओर नहीं ले जा सकीं। भारत के लिए श्रेयांका पाटिल ने 4 ओवर में 36 रन देकर 4 विकेट झटके। राधा यादव को भी 3 विकेट मिला। शेफाली वर्मा और श्री चरणी ने भी किफायती गेंदबाजी की। श्रेयांका पाटिल (बाएं) ने 4 ओवर में 36 रन देकर 4 विकेट झटके। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PoK में हिंसा, 11 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2 दिन पहले JAAC पर बैन लगा था PoK सरकार ने JAAC पर 5 जून को बैन लगाया था। बैन लगाने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। इसके अगले दिन पुलिस ने संगठन के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई गिरफ्तारियां कीं। प्रशासन का दावा है कि JAAC की 38 मांगों में से ज्यादातर मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन अपना आंदोलन जारी रखे हुए है। JAAC के आंदोलन की अहम वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं, जिन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है। असल में ये 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। ये लोग 1947, 1965, 1971 युद्ध या बाद के संघर्षों की वजह से गए थे। JAAC का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है और इसका फायदा कुछ ही परिवारों को मिल रहा है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए अधिक विधायक चुने जाएं। ————————— पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2 दिन पहले JAAC पर बैन लगा था PoK सरकार ने JAAC पर 5 जून को बैन लगाया था। बैन लगाने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। इसके अगले दिन पुलिस ने संगठन के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई गिरफ्तारियां कीं। प्रशासन का दावा है कि JAAC की 38 मांगों में से ज्यादातर मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन अपना आंदोलन जारी रखे हुए है। JAAC के आंदोलन की अहम वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं, जिन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है। असल में ये 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। ये लोग 1947, 1965, 1971 युद्ध या बाद के संघर्षों की वजह से गए थे। JAAC का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है और इसका फायदा कुछ ही परिवारों को मिल रहा है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए अधिक विधायक चुने जाएं।

राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 20 सांसदों के एनडीए में शामिल होने से तृणमूल कांग्रेस को बड़े पैमाने पर पलायन का सामना करना पड़ा | साफ़ बोलो

राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 20 सांसदों के एनडीए में शामिल होने से तृणमूल कांग्रेस को बड़े पैमाने पर पलायन का सामना करना पड़ा | साफ़ बोलो

एक आश्चर्यजनक राजनीतिक उथल-पुथल में, तृणमूल कांग्रेस के 28 में से 20 सांसद एनडीए में शामिल हो गए हैं, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व के संभावित अंत का संकेत है। यह सामूहिक पलायन, राज्यसभा में इस्तीफों के साथ, इंडिया ब्लॉक के भविष्य और टीएमसी की स्थिरता पर सवाल उठाता है। उन रिपोर्टों के बाद राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसमें दावा किया गया है कि 28 में से 20 तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो गए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति के भविष्य और विपक्षी खेमे की स्थिरता के बारे में अटकलें तेज हो गई हैं। हालिया इस्तीफों और आंतरिक उथल-पुथल के साथ कथित पलायन ने टीएमसी की ताकत और राष्ट्रीय राजनीति में इसकी भूमिका पर बहस छेड़ दी है। n18oc_India18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 08 जून, 2026, 18:40 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)भारतीय राजनीतिक समाचार(टी)ममता बनर्जी समाचार(टी)विपक्षी एकता(टी)राजनीतिक विश्लेषण(टी)राजनीतिक विवाद(टी)राज्य सभा समाचार(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति

कभी पटना में बर्तन धोए, अब बिहार से पहले मेडलिस्ट:वीजा और पारिवारिक समस्याओं को झेलते हुए 4×400 मीटर में पीयूष ने रचा इतिहास

कभी पटना में बर्तन धोए, अब बिहार से पहले मेडलिस्ट:वीजा और पारिवारिक समस्याओं को झेलते हुए 4x400 मीटर में पीयूष ने रचा इतिहास

बिहार के रोहतास जिले के बंजारी गांव के 19 वर्षीय पीयूष राज ने संघर्ष से सफलता की नई मिसाल पेश की है। पीयूष ने हांगकांग में आयोजित एशियन जूनियर चैम्पियनशिप की 4×400 मीटर रिले रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इसके साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एथलेटिक्स मेडल जीतने वाले बिहार के पहले एथलीट बन गए हैं। पीयूष का सफर मुश्किलों भरा रहा है। नक्सल प्रभावित इलाके से आने वाले पीयूष जब महज 9 साल के थे, तब एक सड़क हादसे में उनके पिता का निधन हो गया था। परिवार चलाने के लिए पीयूष और उनके भाई ने घर में ही आटा चक्की चलाई। 15 साल की उम्र में आंखों में बड़ा सपना लिए पीयूष राजधानी पटना पहुंचे। उनके पास सिर्फ 3000 रुपए थे, जो जल्द ही खत्म हो गए। पैसे न होने पर उन्होंने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारी रवींद्रन शंकरण से मदद मांगी। काम के बदले पीयूष को पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के हॉस्टल की कैंटीन में नौकरी मिल गई। पीयूष बताते हैं, ‘मैं सुबह 5 से 8 बजे तक ट्रेनिंग करता था। फिर दोपहर 3 बजे तक कैंटीन में बर्तन धोता, पोंछा लगाता और खिलाड़ियों को खाना परोसता था। शाम को फिर ट्रेनिंग करता और रात 9 बजे तक वापस कैंटीन का काम संभालता।’ सेना की तैयारी करने वाले लड़कों के साथ दौड़ने वाले पीयूष को फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ देखकर असली प्रेरणा मिली। उनका शारीरिक बदलाव भी हैरान करने वाला था। शुरुआत में पीयूष महज 5 फीट 3 इंच और 53 किलो के दुबले-पतले लड़के थे। लेकिन उन्होंने खुद को 5 फीट 9 इंच के मजबूत धावक में ढाल लिया। हांगकांग का सफर आसान नहीं था। पहले वीजा की समस्या के कारण उन्हें एयरपोर्ट से लौटा दिया गया। अपनी व्यक्तिगत रेस से कुछ ही घंटे पहले वह वहां पहुंचे और थकान के कारण बाहर हो गए। मिक्स्ड रिले में डिस्क्वालिफाई होने पर वह बेहोश तक हो गए थे। लेकिन आखिरी दिन 4×400 मीटर मेंस रिले में पीयूष ने अपना जलवा बिखेरा। उन्होंने रेस के पहले लेग में 45.9 सेकंड का शानदार समय निकाला और टीम को ब्रॉन्ज मेडल जिताकर नया जूनियर नेशनल रिकॉर्ड बना दिया। स्टेडियम में गूंजा ‘एक बिहारी सौ पे भारी’ पीयूष याद करते हुए कहते हैं, ‘स्टेडियम में बिहार के कई लोग मौजूद थे। जब उन्हें पता चला कि मैं भारत के लिए दौड़ रहा हूं, तो वे जोर-जोर से ‘एक बिहारी सौ पे भारी’ के नारे लगाने लगे। यह मेरे लिए एक बहुत ही भावुक और खास पल था।’ अब पीयूष का अगला लक्ष्य इस साल व्यक्तिगत रेस में 46 सेकंड से कम समय निकालना है। वे जल्द ही तिरुवनंतपुरम में राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा बनेंगे। वे कहते हैं, ‘अब मुझे पीछे नहीं देखना है, बस आगे ही आगे जाना है।’

इंडिगो का FY-30 तक सालाना 20 करोड़ पैसेंजर्स का टारगेट:550 से ज्यादा एयरक्राफ्ट का प्लान, इंटरनेशनल कैपेसिटी 40% करने का लक्ष्य

इंडिगो का FY-30 तक सालाना 20 करोड़ पैसेंजर्स का टारगेट:550 से ज्यादा एयरक्राफ्ट का प्लान, इंटरनेशनल कैपेसिटी 40% करने का लक्ष्य

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने वित्त वर्ष 2029-30 (FY30) के लिए अपना मेगा प्लान पेश किया है। कंपनी का लक्ष्य सालाना करीब 200 मिलियन (20 करोड़) यात्रियों को सफर कराना और भारत को एक बड़ा ग्लोबल एविएशन ट्रांजिट हब बनाना है। यह ब्लूप्रिंट 8 जून को एयरलाइन के ‘एनालिस्ट डे’ पर पेश किया गया। 5 फैक्टर्स: इंडिगो के लॉन्ग-टर्म प्लान की मुख्य बातें इंटरनेशनल मार्केट पर फोकस इंडिगो की नई रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी बाजार हैं। कंपनी इंटरनेशनल कैपेसिटी शेयर को मौजूदा 30% से बढ़ाकर 40% करने जा रही है। इसके लिए एयरबस A321XLR और एयरबस A350 वाइडबॉडी विमानों को बेड़े में शामिल किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में बेड़े में 9 नए A321XLR विमान शामिल होंगे। इससे एयरलाइन को लंबी दूरी के नए रूट्स जैसे एथेंस, इस्तांबुल, बाली और सियोल के लिए उड़ानें शुरू करने में मदद मिलेगी। भारत बनेगा ग्लोबल ट्रांजिट हब इंडिगो भारत को एक ऐसे ग्लोबल ट्रांजिट हब के रूप में देख रही है, जो यूरोप, साउथ-ईस्ट एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका को आपस में जोड़ेगा। कंपनी का मानना है कि भारत की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर उन पैसेंजर्स को आकर्षित किया जा सकता है, जो अभी खाड़ी देशों और साउथ-ईस्ट एशिया के हब से होकर गुजरते हैं। प्रीमियम पैसेंजर्स के लिए ‘स्ट्रेच बिजनेस-क्लास’ कंपनी अपनी ‘प्रीमियम रणनीति’ पर भी तेजी से काम कर रही है। नए एयरबस A321XLR विमानों के बेड़े में स्पेशल बिजनेस-क्लास केबिन तैयार किए जाएंगे। इसमें यात्रियों को कंप्लीमेंट्री मील और बेहतर ऑनबोर्ड सर्विसेज दी जाएंगी। इसके साथ ही फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाने और ऑपरेटिंग खर्च को कम करने के लिए पुराने एयरबस A320 CEOs, A321 NEOs, बोइंग 737 और बोइंग 787 जैसे डैम्प-लीज्ड (दूरी पर लिए गए) विमानों को धीरे-धीरे बाहर किया जाएगा। मांग सुस्त होने से कैपेसिटी में कम बढ़ोतरी करेंगे लॉन्ग-टर्म के मजबूत लक्ष्यों के बावजूद, इंडिगो शॉर्ट-टर्म में सावधानी बरत रही है। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) संकट के कारण हवाई यात्रा की मांग थोड़ी सुस्त पड़ी है। इसे देखते हुए कंपनी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपनी कैपेसिटी में केवल 3-4% की ही बढ़ोतरी करेगी। बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए मैनेजमेंट ने मापा-तौला रुख अपनाने की बात कही है। 2,536.9 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा जियोपॉलिटिकल तनाव (भू-राजनीतिक संकट) के कारण इंडिगो को मिडिल ईस्ट और यूरोप की करीब 160 डेली फ्लाइट्स को री-रूट करके डोमेस्टिक ऑपरेशंस में लगाना पड़ा था। हालांकि, कंपनी ने दो-तिहाई कैपेसिटी बहाल कर ली है और जून के अंत तक यह पूरी तरह ठीक हो जाएगी। इस तिमाही में विमानन क्षेत्र की चुनौतियां साफ दिखीं। रुपए में तेज गिरावट के कारण कंपनी को 4,823 करोड़ रुपए का फॉरेन एक्सचेंज लॉस हुआ, जिससे Q4FY26 में 2,536.9 करोड़ रुपए का नेट लॉस (शुद्ध घाटा) दर्ज किया गया। एटीएफ (हवाई ईंधन) की ऊंची कीमतों और उड़ानों में रुकावट का असर भी कमाई पर पड़ा। फॉरेक्स हेजिंग प्रोग्राम को $3 बिलियन किया करेंसी की अस्थिरता (रुपए के उतार-चढ़ाव) के जोखिम को कम करने के लिए इंडिगो ने अपने फॉरेन एक्सचेंज हेजिंग प्रोग्राम को 1 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 3 बिलियन डॉलर कर दिया है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म की दिक्कतों के बावजूद कंपनी ने नए विमानों की डिलीवरी को टालने से साफ इनकार किया है। कंपनी अब धीरे-धीरे विमानों को खुद खरीदने और फाइनेंस लीजिंग मॉडल पर शिफ्ट हो रही है। क्या होती है फॉरेक्स हेजिंग और लीजिंग? फॉरेक्स हेजिंग: यह कंपनियों के लिए विदेशी मुद्रा में होने वाले नुकसान से बचने का एक बीमा जैसा है। डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने पर जो नुकसान होता है, उसे कम करने के लिए पहले से ही एक फिक्स रेट पर एग्रीमेंट किया जाता है। डैम्प-लीज: जब कोई एयरलाइन किसी दूसरी कंपनी से हवाई जहाज किराए पर लेती है, जिसमें विमान के साथ क्रू (चालक दल) या मेंटेनेंस में से कुछ चीजें ही शामिल होती हैं और बाकी खर्च खुद उठाना पड़ता है। अवेलेबल सीट किलोमीटर (ASK): यह एयरलाइन की पैसेंजर ले जाने की क्षमता को नापने का पैमाना है। जितनी सीटें उपलब्ध हैं, उन्हें कुल तय की गई दूरी (किलोमीटर) से गुणा करके इसकी गणना होती है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 719 अंक गिरकर 73,524 पर बंद: निफ्टी भी 244 अंक फिसलकर 23,123 पर आया, मेटल और रियल्टी शेयरों में बिकवाली मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज यानी सोमवार, 8 जून को सेंसेक्स 719 अंक (0.97%) की गिरावट के साथ 73,524 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.04%) की गिरावट रही, ये 23,123 पर बंद हुआ। आज के कारोबार में आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में ज्यादा बिकवाली रही। पूरी खबर पढ़ें…