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रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के बैग से एक लाख उड़ाए, VIDEO:पासबुक प्रिंट कर रहे थे रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर, महिलाओं ने उड़ाईं गड्डियां

रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के बैग से एक लाख उड़ाए, VIDEO:पासबुक प्रिंट कर रहे थे रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर, महिलाओं ने उड़ाईं गड्डियां

ग्वालियर के मुरार इलाके में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बारादरी ब्रांच में मंगलवार दोपहर एक चौंकाने वाली चोरी की वारदात सामने आई। यहां रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर केएस श्रीवास्तव के बैग से 1 लाख रुपए चोरी कर लिए गए। पीड़ित के अनुसार, वे दोपहर करीब 3 बजे बैंक पहुंचे थे और अपने खाते से 5 लाख रुपए कैश निकाले। इसके बाद उन्होंने 500-500 रुपए की 10 गड्डियां बैग में रखीं और पासबुक प्रिंटिंग मशीन पर पासबुक अपडेट कराने लगे। इसी दौरान उनके पीछे लाइन में खड़ी दो महिलाओं ने भीड़ का फायदा उठाते हुए बैग से 500-500 रुपए की दो गड्डियां (करीब 1 लाख रुपए) निकाल लीं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों महिलाएं इशारों में एक-दूसरे को संकेत देते हुए मौके से फरार हो गईं। घर पहुंचने पर चला चोरी का पता घटना की जानकारी पीड़ित को तब लगी, जब वे घर पहुंचे और बैग चेक किया। इसके बाद वे तुरंत बैंक लौटे और प्रबंधन को सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। CCTV में कैद हुई पूरी घटना बैंक प्रबंधन ने CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें दोनों महिलाएं लाइन में खड़ी होकर चोरी करते हुए नजर आईं। फुटेज मिलने के बाद पीड़ित ने मुरार थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जो पहले रेकी करता है और फिर मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देता है।

ईरान-अमेरिका में 2 हफ्ते का सीजफायर:40वें दिन जंग रुकी; ईरान होर्मुज भी खोलेगा, नागरिकों से कहा- जीत का जश्न मनाएं

ईरान-अमेरिका में 2 हफ्ते का सीजफायर:40वें दिन जंग रुकी; ईरान होर्मुज भी खोलेगा, नागरिकों से कहा- जीत का जश्न मनाएं

ईरान और अमेरिका 2 हफ्ते के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान से 2 हफ्तों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया, ईरान की तरफ से तुरंत होर्मुज स्ट्रेट खोलने की शर्त पर बमबारी और हमले दो हफ्ते के लिए स्थगित करने के लिए राजी हूं। ट्रम्प ने कहा, “मैंने यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के अपील के बाद लिया है। हमें ईरान से 10 पॉइंट का प्रस्ताव मिला है। दोनों देशों के बीच सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अगले दो हफ्ते समझौते को अंतिम रूप देने और उसे लागू करने के लिए जरूरी होंगे।” ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि आगे की बातचीत 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी। ईरान ने दो हफ्ते के लिए होर्मुज खोलने की जानकारी दी और अपने नागरिकों से कहा कि इस दौरान राष्ट्रीय एकता बनाए रखना और जीत का जश्न मनाना पूरी ताकत से जारी रखें। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

कैबिनेट में सीएम ने मंत्रियों से कहा:जिन राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका, वहां का अध्ययन करें- कैसे लागू किया, क्या चुनौती आई

कैबिनेट में सीएम ने मंत्रियों से कहा:जिन राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका, वहां का अध्ययन करें- कैसे लागू किया, क्या चुनौती आई

मध्यप्रदेश अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी में है। असम और गुजरात के बाद मप्र भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा कि यूसीसी का अध्ययन करें, इसे राज्य में लागू करना . सीएम के संकेत के बाद गृह विभाग में प्रक्रिया तेज हो गई है, क्योंकि यूसीसी बिल तैयार करने की जिम्मेदारी इसी विभाग की है। सूत्रों के अनुसार, जल्द राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित होगी। राज्य सरकार छह माह के भीतर यूसीसी बिल लाने की तैयारी में है। इसके लिए दिल्ली से भी मप्र को संकेत मिल चुके हैं। उत्तराखंड-गुजरात-असम जैसे बहुविवाह के नियम बदलेंगे, लिव इन का रजिस्ट्रेशन जरूरी Q. यूसीसी लागू होने पर मूल बदलाव क्या होगा? – सभी धर्मों के लिए शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने के नियम एक समान हो जाएंगे। अलग-अलग पर्सनल लॉ खत्म हो जाएंगे। Q. शादी और तलाक के नियम कैसे बदलेंगे? – अभी हर धर्म के अपने नियम हैं। यूसीसी के बाद विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा। न्यूनतम आयु समान होगी, तलाक के कानूनी आधार सभी के लिए एक होंगे। Q. बहुविवाह और विरासत के नियमों पर क्या असर? – कई पर्सनल लॉ में एक से अधिक विवाह की अनुमति या गुंजाइश है। यूसीसी लागू होते ही पूरी तरह प्रतिबंधित। – बेटियों को पिता की संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार मिलेगा। यह नियम सभी धर्मों पर समान लागू होगा। Q. यूसीसी लागू करने में मप्र में सबसे बड़ी चुनौती क्यों मानी जा रही है? – मप्र में बड़ी संख्या में जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं, जहां पारंपरिक विवाह पद्धतियां प्रचलित हैं। इन परंपराओं को यूसीसी में शामिल करना या अलग प्रावधान चुनौती होगी। दापा प्रथा: वधु मूल्य देना। भगेली/लम्सना विवाह: युवक-युवती भागकर शादी करते हैं, बाद में समाज मान्यता देता है। सेवा विवाह: वधु मूल्य न देने पर लड़का ससुराल में रहकर सेवा करता है। नातरा प्रथा: विधवा पुनर्विवाह या साथी बदलने की अनुमति। Q. किन राज्यों में यूसीसी लागू या प्रक्रिया में है? उत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास, 27 जनवरी 2025 से लागू। गुजरात: मार्च 2026 में बिल पास, लागू करने की तैयारी। गोवा: 1867 के पुर्तगाली सिविल कोड के कारण यहां यूसीसी पहले से लागू। असम: नवंबर 2025 में बहुविवाह निषेध कानून पास, यूसीसी की दिशा में कदम उत्तर प्रदेश: यूसीसी लागू की तैयारी चल रही है। एसटी 3 राज्यों में कानून से बाहर Q. उत्तराखंड मॉडल में क्या है? -स्वतंत्र भारत का पहला राज्य जहां यूसीसी लागू हुआ। शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। लिव-इन रिलेशनशिप का 30 दिन में रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया। ऐसा न करने पर 3 महीने तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। Q. गुजरात मॉडल की खास बातें क्या हैं? -उत्तराखंड जैसा ढांचा। धोखे, दबाव या पहचान छिपाकर शादी अपराध है। इस पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव-इन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संपत्ति में बेटा-बेटी बराबर होंगे। एसटी को कानून से बाहर रखा गया है। Q असम का मॉडल क्या है? – यहां यूसीसी पूरी तरह लागू नहीं। बहुविवाह अपराध घोषित किया है। छठी अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर।

Health Tips: गर्मी में कुडजू स्टार्च का करें सेवन, पसीना, थकान और गर्मी से मिलेगी राहत, शरीर को मिलेगा जबरदस्त फायदा

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Last Updated:April 08, 2026, 05:20 IST Kudzu Starch Drink Benefits : कुडज़ू और कसावा स्टार्च पेय गर्मी में ठंडक और सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. पलामू के आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने कहा कि इससे पथरी की आशंका भी दूर हो जाती है. यह शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला पेय पदार्थ है. कसावा या कुडज़ू स्टार्च पाउडर से बना पेय लंबे समय से गर्मियों में इस्तेमाल किया जाने वाला पारंपरिक और ताजगी देने वाला पेय माना जाता है. यह सस्ता होने के साथ-साथ शरीर को ठंडक देता है और कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है. खासतौर पर गर्मी के मौसम में लोग इसे शरीर को ठंडा रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए पीते हैं. आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने लोकल 18 को बताया कि यह पेय रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और गुर्दे की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है. उन्होंने कहा कि कई लोगों में यह धारणा है कि कसावा या कुडज़ू स्टार्च पाउडर के ज्यादा सेवन करने से गुर्दे की पथरी बन सकती है. हालांकि यह पूरी तरह गलतफहमी है. चिकित्सा साहित्य में अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि कुडज़ू पाउडर के सेवन से पथरी बनती है. इसमें ऐसे सक्रिय तत्व नहीं पाए जाते हैं. जो पथरी बनने का कारण बनें. साथ ही कहा कि पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार कुडज़ू की जड़ का स्वाद मीठा और प्रकृति तटस्थ होती है. यह शरीर की गर्मी कम करने, प्यास बुझाने, बुखार, खसरा, फोड़े-फुंसी और सर्दी में राहत देने में उपयोगी मानी जाती है. इसके अलावा यह हैंगओवर से राहत दिलाने में भी प्रभावी बताई जाती है. गर्मी के दिनों में इसे ठंडक देने वाले प्राकृतिक पेय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि कुडज़ू स्टार्च पाउडर रक्त संचार को बेहतर बनाने, रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और रक्तचाप कम करने में सहायक हो सकता है. इसके अलावा यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने, यकृत कोशिकाओं की रक्षा करने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी मदद करता है. यह श्वसन संक्रमण से बचाव और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है. साथ ही कहा कि यह लाभकारी है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. इसे रोजाना एक गिलास से अधिक सेवन न करने की सलाह देते हैं. इसे शहद के साथ मिलाकर नहीं पीना चाहिए. क्योंकि इससे प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो सकती है. सुबह इसका सेवन बेहतर माना जाता है. जबकि शाम को पीने से बचने की सलाह दी जाती है. उन्होंने कहा कि कसावा स्टार्च का शीतल प्रभाव अधिक होता है, इसलिए छोटे बच्चों को कम मात्रा में ही देना चाहिए. कच्चा सेवन करने से पेट खराब या दस्त की समस्या हो सकती है. इसलिए इसे पकाकर देना बेहतर है. गर्भवती महिलाओं को शरीर में गर्मी महसूस होने पर इसका सेवन लाभकारी हो सकता है, लेकिन ठंड, थकान या लो ब्लड प्रेशर होने पर इसे नहीं पीना चाहिए. आगे कहा कि कुडज़ू स्टार्च पेय बनाने के लिए 2–3 चम्मच स्टार्च में थोड़ा गर्म पानी मिलाकर घोल तैयार करें. इसमें ताजा दूध, गाढ़ा दूध, कुमक्वाट या नींबू और स्वादानुसार चीनी की चाशनी मिलाएं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर ठंडा परोसें. यह पेय गर्मी में ताजगी देने के साथ शरीर को ऊर्जा भी देता है. उन्होंने आगे कहा कि शुद्ध कुडज़ू स्टार्च सफेद रंग के बड़े दानों के रूप में होता है, जिसमें प्राकृतिक सुगंध होती है. इसे चबाने पर यह कुरकुरा लगता है और जल्दी घुल जाता है. वहीं मिलावटी उत्पाद का रंग धुंधला होता है और उसमें तेज या कृत्रिम गंध हो सकती है. सही गुणवत्ता वाला पाउडर चुनना ही बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए जरूरी माना जाता है. First Published : April 08, 2026, 05:20 IST

'बाबा ने चचेरी बहन पर कैंसर करवाने का पर्चा निकाला':हांसी का व्यक्ति बोला- पड़ोसी-रिश्तेदारों ने दूरी बनाई, सभी शक की निगाह से देखने लगे

'बाबा ने चचेरी बहन पर कैंसर करवाने का पर्चा निकाला':हांसी का व्यक्ति बोला- पड़ोसी-रिश्तेदारों ने दूरी बनाई, सभी शक की निगाह से देखने लगे

चचेरी बहन को कैंसर था। बालाजी धाम के बाबा ने भरे दरबार में पर्चा निकालकर मुझे पर आरोप लगा दिए कि मैंने उस पर कैंसर करवाया है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पड़ोसी और रिश्तेदारों ने मेरे परिवार से दूरी बना ली। सभी मुझे शक की नजरों से देखने लगे। हांसी के रहने वाले राजेश कुमार ने बालाजी धाम के महंत दिनेश पुरी पर ये आरोप लगाते हुए हिसार सिविल कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया है। राजेश का कहना है कि महंत का वीडियो वायरल होने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई। दिनेश पुरी को हांसी वाले बाबाजी के नाम से जाना जाता है। वह अपने दरबार में भूत-प्रेत भगाने और बीमारियां दूर करने का दावा करते हैं। वह बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तरह पर्चा भी लिखते हैं। राजेश के आरोपों के बाद बालाजी धाम की तरफ से कहा गया कि गुरु जी ने सिर्फ राजेश नाम लिया। इस नाम के लाखों व्यक्ति हैं। विशेष तौर पर किसी राजेश का नाम लिया। न ही वीडियो में संबंधित राजेश की कोई पहचान बताई। पहले जानिए राजेश ने दिनेश पुरी पर क्या आरोप लगाए… एडवोकेट बोले- कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी किया राजेश के वकील रजत कलसन ने कहा कि कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी कर दिया है और अगली सुनवाई पर उनसे जवाब मांगा गया है। राजेश की ओर से सार्वजनिक माफी की मांग की गई है। दिनेश पुरी हांसी के नंद नगर क्षेत्र में “बालाजी धाम” नाम से चल रहे मंदिर में दरबार लगाते हैं। यहां वे लोगों को प्रेत बाधा और अन्य समस्याओं से मुक्ति दिलाने का दावा करते हैं। दरबार में पुरी ने कहा था- राजेश से दूर रहना दिनेश पुरी का जो वीडियो सामने आया है, उसमें कैंसर की बीमारी को लेकर दो महिलाएं उनसे बात कर रही हैं। पुरी कहते हैं कि कैंसर करवाने वाले का माइक पर नाम बोलें या छिपाएं। इस पर महिलाएं कहती हैं कि यहीं बताइए। फिर पुरी कहते हैं कि वह श्मशान में भी जाता है, रात को उल्टे काम करता है, काली माता की भक्ति करता है और पीर पर भी जाता हैं। वह तुम्हें मेरे पास आने से भी मना कर रहा था। आखिर में पुरी उन महिलाओं को कहते हैं कि राजेश नामक व्यक्ति से दूर रहना।

अडाणी की अमेरिकी कोर्ट से फ्रॉड केस खारिज की मांग:बोले- मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है, किसी तरह की धोखाधड़ी साबित नहीं हुई

अडाणी की अमेरिकी कोर्ट से फ्रॉड केस खारिज की मांग:बोले- मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है, किसी तरह की धोखाधड़ी साबित नहीं हुई

गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी ने अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की तरफ से दायर सिविल फ्रॉड केस को खारिज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसमें कोई ठोस आरोप नहीं हैं। अडाणी ग्रुप ने न्यूयॉर्क की अदालत में प्री-मोशन लेटर दाखिल कर कहा कि जिस डील को लेकर आरोप लगाए गए हैं वह अमेरिका के बाहर हुई थी। इसलिए SEC का मुकदमा कानूनी रूप से कमजोर है और इसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। SEC ने 24 नवंबर में गौतम अडाणी और सागर अडाणी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। SEC ने आरोप लगाया था कि अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने 2021 के बॉन्ड जारी करने के दौरान निवेशकों को गुमराह किया और रिश्वत मामले का खुलासा नहीं किया।

अडाणी की अमेरिकी कोर्ट से फ्रॉड केस खारिज की मांग:बोले- मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है, किसी तरह की धोखाधड़ी साबित नहीं हुई

अडाणी की अमेरिकी कोर्ट से फ्रॉड केस खारिज की मांग:बोले- मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है, किसी तरह की धोखाधड़ी साबित नहीं हुई

गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी ने अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की तरफ से दायर सिविल फ्रॉड केस को खारिज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसमें कोई ठोस आरोप नहीं हैं। अडाणी ग्रुप ने न्यूयॉर्क की अदालत में प्री-मोशन लेटर दाखिल कर कहा कि जिस डील को लेकर आरोप लगाए गए हैं वह अमेरिका के बाहर हुई थी। इसलिए SEC का मुकदमा कानूनी रूप से कमजोर है और इसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। SEC ने 24 नवंबर में गौतम अडाणी और सागर अडाणी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। SEC ने आरोप लगाया था कि अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने 2021 के बॉन्ड जारी करने के दौरान निवेशकों को गुमराह किया और रिश्वत मामले का खुलासा नहीं किया। अडाणी की दलील- अमेरिका से कोई सीधा संबंध नहीं अडाणी के वकीलों ने केस खारिज करने की मांग के साथ तर्क दिया है कि न तो गौतम अडाणी और न ही सागर अडाणी का अमेरिका के साथ ऐसा कोई संपर्क रहा है जो इस केस के लिए जरूरी हो। साथ ही, बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी। अडाणी पक्ष ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि SEC यह दिखाने में विफल रहा है कि इसमें कोई ‘घरेलू लेनदेन’ (Domestic Transaction) शामिल था। उन्होंने कहा कि बॉन्ड जारी करने वाली कंपनी भारतीय है, वह अमेरिका में लिस्टेड नहीं है और कथित घटना भी पूरी तरह से भारत में हुई है। ऐसे में अमेरिकी कानूनों को देश की सीमा से बाहर (Extraterritorial) लागू नहीं किया जा सकता। 750 मिलियन डॉलर का बॉन्ड सेल और विदेशी नियम फाइलिंग में बताया गया कि 750 मिलियन डॉलर (करीब ₹6,300 करोड़) के बॉन्ड की बिक्री अमेरिका से बाहर नियम 144A और रेगुलेशन के तहत की गई थी। ये प्रतिभूतियां गैर-अमेरिकी अंडरराइटर्स को बेची गई थीं और बाद में उनका कुछ हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) को फिर से बेचा गया था। वकीलों का कहना है कि शिकायत में ऐसा कोई आरोप नहीं है कि गौतम अडाणी ने इस इश्यू को मंजूरी दी थी या अमेरिकी निवेशकों को प्रभावित करने वाली किसी मीटिंग में हिस्सा लिया था। ग्रुप ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि SEC ने निवेशकों को हुए किसी भी नुकसान का जिक्र नहीं किया है। ग्रुप के मुताबिक, इन बॉन्ड्स की मैच्योरिटी 2024 में पूरी हो गई थी और निवेशकों को ब्याज सहित पूरा पैसा वापस कर दिया गया है। इसके अलावा, रिश्वतखोरी के आरोपों को भी ग्रुप ने पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है और कहा है कि इसके पक्ष में कोई विश्वसनीय सबूत नहीं हैं। भविष्य की रणनीति: 30 अप्रैल को बड़ी सुनवाई संभव अडाणी ग्रुप ने मांग की है कि इस मामले को पूरी तरह से बंद किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस के लिए पेश होने को तैयार हैं। अब सबकी नजरें 30 अप्रैल पर टिकी हैं, जब इस मामले में विस्तृत मोशन कोर्ट के सामने रखा जाएगा। ————————– यह खबर भी पढ़ें… दावा- एपस्टीन और अनिल अंबानी के बीच सैकड़ों मैसेज-ईमेल हुए:यौन अपराधी ने खुद को व्हाइट हाउस का इनसाइडर बताया था अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने 2017 में उद्योगपति अनिल अंबानी के सामने खुद को डोनाल्ड ट्रम्प के पहले कार्यकाल के व्हाइट हाउस के ‘इनसाइडर’ की तरह पेश किया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच दो साल तक सैकड़ों मैसेज और ईमेल हुए। पूरी खबर पढ़ें…

मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे:79 हजार करोड़ की लागत से हुई तैयार, दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे PM

मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे:79 हजार करोड़ की लागत से हुई तैयार, दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के लिए रिफाइनरी के अलग मायने हैं। प्रोजेक्ट से बाड़मेर-जैसलमेर में इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होगा। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स व सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। जनवरी से ही रिफाइनरी के पहले चरण के ट्रायल रन (कच्चे तेल का प्रसंस्करण) की तैयारी शुरू कर दी गई थी। इसमें जल्द कमर्शियल उत्पादन शुरू हो जाएगा। मोदी 2 महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं। पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी है। रिफाइनरी का दो बार हुआ शिलान्यास पचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास पहली बार 22 सितंबर 2013 को हुआ था। उस समय तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रिफाइनरी का शिलान्यास किया था। प्रदेश में अशोक गहलोत की सरकार थी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 37,230 करोड़ थी। सत्ता परिवर्तन के बाद रिफाइनरी की शर्तों में बदलाव के बाद पीएम मोदी ने 16 जनवरी 2018 को फिर से इसके कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया। इस समय इसकी लागत बढ़कर 43 हजार 129 करोड़ रुपए हो गई थी। इसका काम 31 अक्टूबर 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार के समय 2 जून 2023 को परियोजना की लागत बढ़कर 72,937 करोड़ रुपए हो गई। भजनलाल सरकार में कंपनी ने 24 जुलाई 2025 को रिफाइनरी के लागत मूल्य में द्वितीय संशोधन प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत किया। इसके बाद इसकी लागत बढ़कर 79 हजार 459 करोड़ रुपए हो गई है। रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है। 28 फरवरी को अजमेर आए थे मोदी इस साल की बात करें तो पीएम मोदी पिछले दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं। इससे पहले मोदी 28 फरवरी 2026 को अजमेर दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली से प्रदेश में 16,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया था और 21 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। बीएस-6 मानक और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज रिफाइनरी पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे आधुनिक बीएस-6 मानक की रिफाइनरी है। यहां रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट एक साथ विकसित किए जा रहे हैं। यह पूरी तरह से जीरो लिक्विड इफ्लूएंट डिस्चार्ज परियोजना है, यानी क्रूड ऑयल रिफाइनिंग के दौरान किसी भी तरह का तरल कचरा बाहर नहीं जाएगा। यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 9 मिलियन टन रिफाइन क्षमता, अरब देशों से आएगा क्रूड पचपदरा रिफाइनरी की सालाना रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की है। साथ ही यहां 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स भी स्थापित किया गया है। रिफाइनरी के लिए कुल 7.5 मिलियन टन कच्चा तेल अरब देशों से मंगाया जाएगा, जबकि प्रदेश में उत्पादित करीब 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल का भी उपयोग किया जाएगा। 12 किमी नई रेल लाइन बिछेगी करीब 80 हजार करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस रिफाइनरी से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। क्रूड ऑयल रिफाइनिंग और बायो-प्रोडक्ट्स के उत्पादन से माल ढुलाई भी बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए बालोतरा से पचपदरा के बीच बंद पड़ी रेल लाइन को दोबारा शुरू करने की तैयारी है। कुछ महीने पहले ही इसका सर्वे हुआ था। बालोतरा से पचपदरा और रिफाइनरी साइट तक करीब 12 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन एचआरआरएल की ओर से बिछाई जाएगी।

दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गृह विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। सीएम ने मंगलवार को मंत्रियों की बैठक में इसके संकेत दिए। इसको लेकर एक राज्य स्तरीय कमेटी भी बनाई जाएगी। दीवाली से पहले एमपी में इसे लागू किया जा सकता है। गोवा, उत्तराखंड के मॉडल का अध्ययन करेंगे एमपी के अधिकारी सूत्र बताते हैं कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने से पहले गोवा सिविल कोड और उत्तराखंड में कुछ समय पहले लागू किए गए यूसीसी का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के लिए व्यावहारिक और संतुलित मॉडल तैयार किया जा सके। ड्राफ्ट तैयार होते ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। केन्द्र से मिली हरी झंडी सरकार इसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए सही समय पर कैबिनेट में लाने की रणनीति बना रही है। राज्य स्तरीय कमेटी बनने के बाद आगे की प्रक्रिया और ड्राफ्ट को कैबिनेट में पेश करने की टाइमलाइन तय की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूसीसी को प्रमुख एजेंडा बताया था। एमपी सरकार को केन्द्र से इसे लागू करने की सहमति भी मिल गई है। सामाजिक संतुलन यूसीसी में चुनौती मप्र में अलग प्रकार की सामाजिक व्यवस्था है, खासकर आदिवासी समुदायों की परंपराएं, यूसीसी को लागू कराने में एक अलग प्रकार की चुनौती हैं। 230 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में सरकार हर वर्ग की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। क्या बदल सकता है यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है और आगे की प्रक्रिया पूरी होती है, तो सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के समान नियम लागू हो सकते हैं। बहुविवाह पर रोक लग सकती है। महिलाओं को समान अधिकार मिल सकते हैं। संपत्ति और उत्तराधिकार में एकरूपता जैसे बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यूसीसी वाले राज्यों के मॉडल भी समझ लीजिए उत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास हुआ और 27 जनवरी 2025 से लागू हुआ। देश में उत्तराखंड पहला राज्य है। जहां यूसीसी लागू किया गया। वहां शादी और तलाक का पंजीयन कराना जरूरी है। लिव इन रिलेशनशिप का 30 दिन में पंजीयन जरूरी है। नियमों का पालन न करने पर तीन महीने की जेल हो सकती है। गुजरात: संपत्ति में बेटा, बेटी को बराबरी का हक होगा। एसटी को इस कानून से बाहर रखा गया है। पहचान छिपाकर धोखे से शादी करना अपराध है। ऐसा करने पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यहां मार्च 2026 में बिल पास हुआ। जल्द ही लागू हो जाएगा। असम: यहां बहुविवाह को अपराध माना गया है। छठीं अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर रखे गए हैं। हालांकि यहां यूसीसी कानून पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है।

भास्कर अपडेट्स: कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान

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नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो के विमान से टकरा गया। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान हुआ। घटना के बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है। उसका मेंटेनेंस किया जा रहा है। यह फ्लाइट कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली थी। यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया है। इंडिगो ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। एयरलाइन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔