Wednesday, 08 Jul 2026 | 04:13 PM

Trending :

बिना इजाजत क्वीन-2 बनाने के आरोप पर प्रोडक्शन की सफाई:कहा- ये सीक्वल-प्रीक्वल नहीं, टाइटल पर किसी का अधिकार नहीं, 250 करोड़ का मुकदमा दायर हुआ है PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी UK की व्हिस्की-कारें भारत में 7 दिन बाद सस्ती मिलेंगी:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होगा; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी सफलता के साथ कई रिश्ते पीछे छूट जाते हैं:इंद्रजीत लंकेश बोले- दीपिका को लॉन्च किया, फिर साथ काम करने की कोशिश नहीं की सफलता के साथ कई रिश्ते पीछे छूट जाते हैं:इंद्रजीत लंकेश बोले- दीपिका को लॉन्च किया, फिर साथ काम करने की कोशिश नहीं की
EXCLUSIVE

दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गृह विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। सीएम ने मंगलवार को मंत्रियों की बैठक में इसके संकेत दिए। इसको लेकर एक राज्य स्तरीय कमेटी भी बनाई जाएगी। दीवाली से पहले एमपी में इसे लागू किया जा सकता है। गोवा, उत्तराखंड के मॉडल का अध्ययन करेंगे एमपी के अधिकारी
सूत्र बताते हैं कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने से पहले गोवा सिविल कोड और उत्तराखंड में कुछ समय पहले लागू किए गए यूसीसी का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के लिए व्यावहारिक और संतुलित मॉडल तैयार किया जा सके। ड्राफ्ट तैयार होते ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। केन्द्र से मिली हरी झंडी सरकार इसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए सही समय पर कैबिनेट में लाने की रणनीति बना रही है। राज्य स्तरीय कमेटी बनने के बाद आगे की प्रक्रिया और ड्राफ्ट को कैबिनेट में पेश करने की टाइमलाइन तय की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूसीसी को प्रमुख एजेंडा बताया था। एमपी सरकार को केन्द्र से इसे लागू करने की सहमति भी मिल गई है। सामाजिक संतुलन यूसीसी में चुनौती
मप्र में अलग प्रकार की सामाजिक व्यवस्था है, खासकर आदिवासी समुदायों की परंपराएं, यूसीसी को लागू कराने में एक अलग प्रकार की चुनौती हैं। 230 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में सरकार हर वर्ग की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। क्या बदल सकता है
यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है और आगे की प्रक्रिया पूरी होती है, तो सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के समान नियम लागू हो सकते हैं। बहुविवाह पर रोक लग सकती है। महिलाओं को समान अधिकार मिल सकते हैं। संपत्ति और उत्तराधिकार में एकरूपता जैसे बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यूसीसी वाले राज्यों के मॉडल भी समझ लीजिए
उत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास हुआ और 27 जनवरी 2025 से लागू हुआ। देश में उत्तराखंड पहला राज्य है। जहां यूसीसी लागू किया गया। वहां शादी और तलाक का पंजीयन कराना जरूरी है। लिव इन रिलेशनशिप का 30 दिन में पंजीयन जरूरी है। नियमों का पालन न करने पर तीन महीने की जेल हो सकती है। गुजरात: संपत्ति में बेटा, बेटी को बराबरी का हक होगा। एसटी को इस कानून से बाहर रखा गया है। पहचान छिपाकर धोखे से शादी करना अपराध है। ऐसा करने पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यहां मार्च 2026 में बिल पास हुआ। जल्द ही लागू हो जाएगा। असम: यहां बहुविवाह को अपराध माना गया है। छठीं अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर रखे गए हैं। हालांकि यहां यूसीसी कानून पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Anil Kumar Rastogi Clarifies PM Modi Ignore Row

June 24, 2026/
3:20 pm

5 मिनट पहले कॉपी लिंक वायरल वीडियो में पीएम मोदी एक्टर की ओर हाथ बढ़ाते हैं, लेकिन रस्तोगी हाथ मिलाए...

क्लासरूम में ग्रिल गिरने से छठी क्लास के छात्र की:डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर ने लापारवाही मानी, प्रिंसिपल को सस्पेंड किया

May 7, 2026/
9:07 pm

बिहार के बेगूसराय में एक सरकारी स्कूल के भीतर हुई लापरवाही ने 12 साल के छात्र की जान ले ली।...

Tamil Nadu Government Formation: TVK’s Vijay likely to take oath as Tamil Nadu’s chief minister on May 7.

May 6, 2026/
10:15 am

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 10:15 IST करीब 35 विधायक चेन्नई में एआईएडीएमके नेता के दफ्तर पहुंचे. एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के...

आशा भोसले को याद कर संगीत जगत के सितारे भावुक:उदित, अनु, हरिहरन समेत दिग्गजों ने यादें साझा कीं, कहा- उनकी विरासत हमेशा अमर रहेगी

April 13, 2026/
6:16 pm

आशा भोसले के निधन के बाद संगीत जगत में शोक की लहर है। कई दिग्गजों ने उनसे जुड़ी यादें साझा...

पहले किया प्रेम विवाह, फिर दूसरी शादी, अब होगी FIR:इंदौर जिला कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पति के तलाक का केस किया खारिज

April 13, 2026/
6:00 am

इंदौर जिला कोर्ट ने एक पति द्वारा पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी करने के मामले में कार्रवाई...

अनूपपुर फ्लाईओवर: सर्विस लाइन निर्माण में फंसा जमीन का पेंच:वन विभाग की दीवार और रेलवे क्वार्टर बना बाधा; जून तक बहाल होगा यातायात

April 10, 2026/
7:42 pm

अनूपपुर जिला मुख्यालय पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में तेजी आई है, लेकिन सर्विस लाइन का काम जमीनी विवाद...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गृह विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। सीएम ने मंगलवार को मंत्रियों की बैठक में इसके संकेत दिए। इसको लेकर एक राज्य स्तरीय कमेटी भी बनाई जाएगी। दीवाली से पहले एमपी में इसे लागू किया जा सकता है। गोवा, उत्तराखंड के मॉडल का अध्ययन करेंगे एमपी के अधिकारी
सूत्र बताते हैं कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने से पहले गोवा सिविल कोड और उत्तराखंड में कुछ समय पहले लागू किए गए यूसीसी का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के लिए व्यावहारिक और संतुलित मॉडल तैयार किया जा सके। ड्राफ्ट तैयार होते ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। केन्द्र से मिली हरी झंडी सरकार इसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए सही समय पर कैबिनेट में लाने की रणनीति बना रही है। राज्य स्तरीय कमेटी बनने के बाद आगे की प्रक्रिया और ड्राफ्ट को कैबिनेट में पेश करने की टाइमलाइन तय की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूसीसी को प्रमुख एजेंडा बताया था। एमपी सरकार को केन्द्र से इसे लागू करने की सहमति भी मिल गई है। सामाजिक संतुलन यूसीसी में चुनौती
मप्र में अलग प्रकार की सामाजिक व्यवस्था है, खासकर आदिवासी समुदायों की परंपराएं, यूसीसी को लागू कराने में एक अलग प्रकार की चुनौती हैं। 230 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में सरकार हर वर्ग की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। क्या बदल सकता है
यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है और आगे की प्रक्रिया पूरी होती है, तो सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के समान नियम लागू हो सकते हैं। बहुविवाह पर रोक लग सकती है। महिलाओं को समान अधिकार मिल सकते हैं। संपत्ति और उत्तराधिकार में एकरूपता जैसे बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यूसीसी वाले राज्यों के मॉडल भी समझ लीजिए
उत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास हुआ और 27 जनवरी 2025 से लागू हुआ। देश में उत्तराखंड पहला राज्य है। जहां यूसीसी लागू किया गया। वहां शादी और तलाक का पंजीयन कराना जरूरी है। लिव इन रिलेशनशिप का 30 दिन में पंजीयन जरूरी है। नियमों का पालन न करने पर तीन महीने की जेल हो सकती है। गुजरात: संपत्ति में बेटा, बेटी को बराबरी का हक होगा। एसटी को इस कानून से बाहर रखा गया है। पहचान छिपाकर धोखे से शादी करना अपराध है। ऐसा करने पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यहां मार्च 2026 में बिल पास हुआ। जल्द ही लागू हो जाएगा। असम: यहां बहुविवाह को अपराध माना गया है। छठीं अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर रखे गए हैं। हालांकि यहां यूसीसी कानून पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.