Sunday, 19 Apr 2026 | 08:37 PM

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मैहर में गैस सिलेंडर के लिए चक्काजाम:एजेंसी देर से खुलने पर उपभोक्ता भड़के; एसडीएम ने संचालक को फटकार लगाई

मैहर में गैस सिलेंडर के लिए चक्काजाम:एजेंसी देर से खुलने पर उपभोक्ता भड़के; एसडीएम ने संचालक को फटकार लगाई

मैहर जिले के अमरपाटन में शुक्रवार को मानसी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर न मिलने पर चक्काजाम कर दिया। नाराज लोगों ने सतना रोड पर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही एसडीएम डॉ. आरती सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला। सुबह 11 बजे तक एजेंसी न खुलने पर भड़का आक्रोश मानसी गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ जमा थी, लेकिन सुबह 11 बजे तक काउंटर नहीं खुले। भीषण गर्मी और कड़ी धूप में घंटों इंतजार करने के बाद उपभोक्ताओं का धैर्य टूट गया और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने एजेंसी संचालक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दूसरों के कार्ड पर गैस वितरण पर लगी रोक एसडीएम ने मौके पर कतार में लगे लोगों की रैंडम जांच की, जिसमें पाया गया कि कई लोग पड़ोसियों या अन्य व्यक्तियों के गैस कार्ड की फोटोकॉपी लेकर आए थे। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सिलेंडर केवल कार्डधारक के परिवार के सदस्य को ही दिया जाएगा। अब से वितरण के लिए पहचान पत्र और मूल गैस कार्ड लाना अनिवार्य होगा। शनिवार से शुरू होगी होम डिलीवरी एसडीएम डॉ. आरती सिंह ने एजेंसी संचालक को फटकार लगाते हुए तत्काल वितरण शुरू करवाया। उन्होंने निर्देश दिए कि एजेंसी पर भीड़ कम करने के लिए शनिवार से अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी शुरू की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में गैस की किल्लत नहीं है और जाम हटने के बाद यातायात सामान्य हो गया है।

अक्षय कुमार से मिलने नंगे पैर पैदल निकला फैन:राजकोट से 700 किमी चलकर मुंबई पहुंचा, एक महीने इंतजार के बाद मुलाकात हुई

अक्षय कुमार से मिलने नंगे पैर पैदल निकला फैन:राजकोट से 700 किमी चलकर मुंबई पहुंचा, एक महीने इंतजार के बाद मुलाकात हुई

मुंबई में बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार से मिलने के लिए गुजरात के राजकोट निवासी अशोक कंजारिया ने 700 किलोमीटर पैदल यात्रा की। वह 17 फरवरी 2026 को तिरंगा लेकर बिना जूते पहने राजकोट से निकले और 18 दिन में मुंबई पहुंचे। हालांकि, मुंबई पहुंचने के बाद कई दिनों तक अक्षय से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने शहर में ही रुककर कोशिश जारी रखी। वह कई बार अक्षय कुमार के घर के बाहर पहुंचे, लेकिन उनसे मिलने में सफलता नहीं मिली। ‘देश गुजरात’ की रिपोर्ट के अनुसार, अशोक कंजारिया ने हार नहीं मानी और करीब एक महीने तक मुंबई में इंतजार किया। इस दौरान वह फुटपाथ और रेलवे स्टेशन पर रहे। इस दौरान उनके लगभग 14 हजार रुपये खर्च हुए। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे राजकोट में उनका इंतजार कर रहे थे। 6 मार्च को मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें पूरे एक महीने तक इंतजार करना पड़ा। आखिर में 8 अप्रैल को उनकी मुलाकात संभव हो सकी। अक्षय कुमार ने अपनी सिक्योरिटी टीम को उन्हें बुलाने के निर्देश दिए थे। अशोक ने मौका न निकल जाए, यह सोचकर सुबह 7 बजे ही जुहू पहुंच गए। फिर सुबह 8:30 बजे उनकी अक्षय कुमार से मुलाकात हुई। इस दौरान एक्टर ने उन्हें आशीर्वाद दिया और साथ में फोटो भी खिंचवाई। मुलाकात के दौरान अक्षय ने अशोक को ‘खुश रह बेटा’ कहकर आशीर्वाद दिया और साथ में फोटो भी खिंचवाई। अशोक ने बाद में बताया कि अक्षय सर ने मुझे कई बार ‘बेटा’ कहकर बुलाया। भगवान ने उनकी इच्छा पूरी कर दी। अशोक का कहना है कि मेरा बड़ा सपना सच हो गया, साथ ही अक्षय ने अशोक को नंगे पैर चलने से मना किया और इसे गलत बताया।

रायसेन कलेक्टर का औचक निरीक्षण, गेहूं खरीदी व्यवस्थाओं पर सख्ती:किसानों से लिया फीडबैक; लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए

रायसेन कलेक्टर का औचक निरीक्षण, गेहूं खरीदी व्यवस्थाओं पर सख्ती:किसानों से लिया फीडबैक; लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए

रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने शुक्रवार को सांची विकासखंड के बरखेड़ी सलामतपुर स्थित शाहीन वेयरहाउस गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी और संबंधित अधिकारियों से खरीदी की प्रगति, बारदाना, तौल व्यवस्था और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी और सुचारु उपार्जन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो। किसानों से फीडबैक लिया निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने उपज बेचने आए किसानों से भी सीधे बातचीत की। उन्होंने किसानों से केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, तौल प्रक्रिया और भुगतान को लेकर फीडबैक लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने और खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिले में 9 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू की गई है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर सरकारी उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है और प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

‘सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया’: असम में कन्हैया कुमार का अमित शाह पर परोक्ष हमला | राजनीति समाचार

AP Inter Results 2026 Live Updates: Manabadi Intermediate 1st, 2nd year results link release date and time.(AI Image)

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 14:34 IST कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (बाएं से दाएं) कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए राज्य से घुसपैठियों को बाहर निकालने के भाजपा के वादे पर निशाना साधा। कुमार ने असम के बोंगाईगांव में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “…मैंने कहा था कि हिमंत बिस्वा सरमा के साथ सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया है और उसे भी बाहर निकालने की जरूरत है।” यह बयान शाह की पिछली टिप्पणी के जवाब में था कि असम में घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें “एक-एक करके” निर्वासित किया जाएगा। उन्होंने 9 अप्रैल को असम में बराक घाटी के पत्थरकांडी में कहा था, “हमने घुसपैठियों की पहचान कर ली है; अब उन्हें एक-एक करके देश से बाहर भेजने का समय आ गया है।” बोंगाईगांव में कांग्रेस उम्मीदवार गिरीश बरुआ के लिए प्रचार कर रहे कन्हैया कुमार ने कहा कि असम के संसाधन राज्य के लोगों के हैं, इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बोंगाईगांव, असम: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार कहते हैं, “हमारे गांव और जिले के लोग बोंगाईगांव में काम करते हैं, लेकिन हम अभी भी कहते हैं कि बोंगाईगांव के संसाधन और असम की संपत्ति पहले असम के लोगों की है… जैसे गांधीजी ने अंग्रेजों से समझौता नहीं किया,… pic.twitter.com/hBAKvzEWU3– आईएएनएस (@ians_india) 10 अप्रैल 2026 “हमारे गांव और जिले के लोग बोंगाईगांव में काम करते हैं, लेकिन हम अभी भी कहते हैं कि बोंगाईगांव के संसाधन और असम की संपत्ति पहले असम के लोगों की है… जिस तरह गांधी ने अंग्रेजों के साथ समझौता नहीं किया, उसी तरह हम इस देश के संविधान को मिटने नहीं देंगे। हम इन चोरों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे…” उन्होंने कहा। असम में मतदान भारत के चुनाव आयोग के अनुसार, असम की 126 सीटों पर गुरुवार, 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ, जिसमें राज्य में 85.74 प्रतिशत का प्रभावशाली मतदान दर्ज किया गया। जहां भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करना चाहता है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन रायजोर दल और सीपीआई (एम) के साथ गठबंधन पर भरोसा करके वापसी करना चाहता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 10 अप्रैल, 2026, 14:34 IST समाचार राजनीति ‘सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया’: असम में कन्हैया कुमार का अमित शाह पर परोक्ष हमला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कन्हैया कुमार असम भाषण(टी)कन्हैया कुमार अमित शाह(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम घुसपैठियों की टिप्पणी(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी असम(टी)बोंगाईगांव चुनाव रैली(टी)असम मतदाता मतदान 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव

स्मार्टफोन की लत दिमाग को बना रहा 10 साल बूढ़ा? ‘डिजिटल डिटॉक्स’ से ब्रेन हेल्‍थ को ऐसे करें रीवर्स, रिसर्च में बड़ा खुलासा

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Last Updated:April 10, 2026, 14:33 IST Social media addiction and brain health : शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मार्टफोन से दूरी बनाने पर दिमाग की एकाग्रता (Attention) में इतना सुधार हुआ, जो उम्र के साथ आने वाली 10 साल की गिरावट को मिटाने के बराबर था. यानी, सिर्फ 14 दिन का संयम आपके दिमाग को 10 साल तक जवां बना सकता है. न्यू मैक्सिको में भी कोर्ट ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने के लिए मेटा पर भारी जुर्माना लगाया है. Impact of social media on memory and attention :क्या आपकी सुबह फोन की स्क्रीन से शुरू होती है और रात उसी नीली रोशनी के साथ खत्म हो जाती है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं. रिसर्च बताती है कि एक औसत इंसान दिन के 4 से 5 घंटे सिर्फ फोन पर बिता रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह लत आपके दिमाग को समय से पहले बूढ़ा बना रही है? विज्ञान का दावा है कि सोशल मीडिया की यह आदत आपके दिमाग को 10 साल तक पीछे धकेल सकती है. राहत की बात यह है कि इसे ‘रिवर्स’ यानी ठीक करना भी आपके ही हाथ में है. दुनियाभर की कोर्ट ले रही ऐतिहासिक फैसलेसोशल मीडिया का जाल अब इतना गहरा हो गया है कि इसे लेकर दुनिया भर की अदालतें सख्त हो गई हैं. पिछले महीने कैलिफोर्निया में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया, जहाँ टेक दिग्गज मेटा और यूट्यूब को एक युवती को करीब 50 करोड़ रुपये ($6 मिलियन) हर्जाना देने का आदेश मिला. वजह? वह इन प्लेटफॉर्म्स की इतनी बुरी तरह आदी हो गई थी कि उसका मानसिक स्वास्थ्य पूरी तरह बिगड़ गया. न्यू मैक्सिको में भी कोर्ट ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने के लिए मेटा पर भारी जुर्माना लगाया है. ये फैसले साफ बताते हैं कि अब पानी सिर के ऊपर से गुजर चुका है. क्या है डिजिटल डिटॉक्स, जो लौटाएगा दिमाग की जवानी?‘PNAS नेक्सस’ द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन में 467 लोगों पर रिसर्च की गई. इन लोगों ने सिर्फ दो हफ्ते के लिए अपने फोन से इंटरनेट का नाता तोड़ दिया. नतीजे चौंकाने वाले थे! शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मार्टफोन से दूरी बनाने पर दिमाग की एकाग्रता (Attention) में इतना सुधार हुआ, जो उम्र के साथ आने वाली 10 साल की गिरावट को मिटाने के बराबर था. यानी, सिर्फ 14 दिन का संयम आपके दिमाग को 10 साल तक जवां बना सकता है. फोन और कंप्यूटर के इस्तेमाल में बड़ा फर्कअध्ययन में एक दिलचस्प बात सामने आई. शोधकर्ताओं का मानना है कि हम कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल किसी काम के लिए करते हैं, लेकिन फोन का इस्तेमाल “मजबूरी और बिना सोचे-समझे” (Mindless scrolling) होता है. यही वह आदत है जो हमारे डिनर, वॉक और परिवार के साथ बिताए जाने वाले सुकून के पलों को छीन रही है. जब प्रतिभागियों ने फोन का इंटरनेट बंद किया, तो उनका ऑनलाइन समय 314 मिनट से घटकर महज 161 मिनट रह गया. मूड और नींद में जबरदस्त सुधारहार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक और स्टडी बताती है कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल कम करने से केवल एक हफ्ते के भीतर चिंता (Anxiety), अवसाद (Depression) और अनिद्रा (Insomnia) जैसी समस्याओं में बड़ी गिरावट आती है. अगर आप रात भर करवटें बदलते हैं या बिना वजह तनाव महसूस करते हैं, तो शायद इसकी जड़ आपके हाथ में मौजूद वह छोटा सा गैजेट ही है. बच्चों पर मंडराता खतरा और कड़े कानूनसोशल मीडिया के खतरों को देखते हुए अब कई देश सख्त कानून बना रहे हैं. अमेरिका के मैसाचुसेट्स में 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की तैयारी है, वहीं इंडोनेशिया ने 16 साल से कम उम्र वालों पर इसे प्रतिबंधित कर दिया है. वैज्ञानिक अब उन लोगों की पहचान कर रहे हैं जो दूसरों से अपनी तुलना करके दुखी होते हैं या अकेलेपन को दूर करने के लिए घंटों रील स्क्रॉल करते हैं. कैसे करें शुरुआत? एक्सपर्ट की सलाहजॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कोस्टाडिन कुश्लेव का कहना है कि आपको हमेशा के लिए फोन छोड़ने की जरूरत नहीं है. बस कुछ दिनों का ‘आंशिक डिटॉक्स’ (Partial Detox) भी जादू की तरह काम करता है. सप्ताह में एक दिन ‘नो फोन डे’ रखें या सोने से 2 घंटे पहले फोन को खुद से दूर कर दें. आपका दिमाग खुद-ब-खुद हील होने लगेगा. डिजिटल दुनिया की चकाचौंध में हम अपनी दिमागी शांति खो रहे हैं. विज्ञान ने रास्ता दिखा दिया है- फैसला अब आपका है कि आप फोन को खुद पर हावी होने देंगे या अपने दिमाग की सेहत को चुनेंगे. (यह लेख पीनास नेक्सस (PNAS Nexus), हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की स्टडी और द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पर आधारित है.) About the Author Pranaty Tiwary मैंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमन से अपनी ग्रेजुएशन और मिरांडा हाउस से मास्टर्स की डिग्री पूरी की है. पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन(2009) से की, जिसके बाद दैनिक भास्कर सहित कई प्रमुख अख़बारों में मेनस्ट्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 10, 2026, 14:31 IST

ओलावृष्टि-बारिश से दतिया के 42 गांवों की गेहूं फसल बर्बाद:सेवढ़ा क्षेत्र में जलभराव से सड़ी फसल, मुआवजे के इंतजार में किसान

ओलावृष्टि-बारिश से दतिया के 42 गांवों की गेहूं फसल बर्बाद:सेवढ़ा क्षेत्र में जलभराव से सड़ी फसल, मुआवजे के इंतजार में किसान

दतिया की सेवढ़ा तहसील क्षेत्र में बीते सप्ताह हुई ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। 42 गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। हालत यह है कि खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है और खड़ी फसल सड़कर नष्ट हो रही है। किसान न तो फसल काट पा रहे हैं और न ही उसमें से एक दाना निकालने की उम्मीद बची है। दैनिक भास्कर टीम ने आलमपुर बुजुर्ग, जरौली, दिगुवा सहित कई गांवों का दौरा किया। जहां किसानों ने बताया कि 7 दिन बीत जाने के बाद भी खेतों में जलभराव बना हुआ है। गेहूं पूरी तरह सड़ चुकी है, जिससे खाने के लिए अनाज तक नहीं बचा। वहीं पशुओं के लिए भूसे का भी गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों का कहना है कि अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें अपने पशु बेचने तक की नौबत आ गई है। परिवार के भरण-पोषण के साथ बेटियों की शादी जैसी जिम्मेदारियां भी उनके सामने बड़ी चुनौती बन गई हैं। आरोप- कई गांवों में सर्वे नहीं हुआ ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अभी तक कई गांवों में सर्वे टीम नहीं पहुंची है। किसान मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन सर्वे में देरी से उन्हें राहत मिलने पर भी संशय बना हुआ है। किसानों का दर्द है कि फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है, लेकिन खेतों की सफाई के लिए भी अब उन्हें अलग से खर्च करना पड़ेगा। इधर, जनप्रतिनिधि और नेता केवल आश्वासन दे रहे हैं। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। मामले की लेकर अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कपचे ने बताया कि सर्वे टिम लगी हुई है, जो जल्द सर्वे कर जांच रिपोर्ट सौंपेगी।

रिटायर्ड फौजी ने खुद को मारी गोली मौत:परिजन बोले-बंदूक साफ करते समय हुआ हादसा, स्पॉट से राइफल और शराब मिली

रिटायर्ड फौजी ने खुद को मारी गोली मौत:परिजन बोले-बंदूक साफ करते समय हुआ हादसा, स्पॉट से राइफल और शराब मिली

ग्वालिय में एक रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध हालत में गोली लगने से मौत हो गई है। परिजन का कहना है की बंदूक साफ करते में गोली लगी है जबकि पुलिस का कहना है कि यह खुदकुशी है। घटनास्थल से बंदूक और एक शराब का क्वार्टर मिला है। आसपास बंदूक साफ करने का कोई भी सामान नहीं मिला है। घटना गुरुवार रात 11:00 की है। पड़ोसी घायल फौजी को लेकर पहले बिरला हॉस्पिटल पहुंचे फिर ज्यारोग्य अस्पताल। यहां डॉक्टर ने फौजी को मृत घोषित कर दिया। रात 1 बजे पुलिस को सूचना दी गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शहर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम निवासी 58 वर्षीय रामस्वरूप भदौरिया आर्मी से रिटायर्ड जवान हैं। वह भिंड के अटेर स्थित मोरा गांव के रहने वाले हैं। कुछ दिन पहले उनका बेटा और अन्य परिजन गांव में खेती का काम देखने के लिए गए थे और घर पर वह अकेले थे। रात 11 बजे के लगभग उनके घर से गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुनते ही पड़ोसी उनके घर में पहुंचे तो रामस्वरूप घायल हालत में कमरे में पड़े हुए थे। पास ही उनकी लाइसेंसी राइफल पड़ी हुई थी। साथ ही एक शराब का क्वाटर भी पड़ा था। मामले की सूचना पड़ोसियों ने उनके बेटे विजय को दी। मामले का पता चलते ही विजय ने पड़ोसियों से पिता को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने को बोला और पास ही रहने वाले अपने बहनोई रायसिंह को बताया। मामले का पता चलते ही वह उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीने में लगी है गोली मामले का पता चलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रिटायर्ड फौजी का शव निगरानी में लेकर पीएम हाउस पहुंचाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में पता चला है कि गोली उनके सीने में लगी है। राइफल साफ करते चली गोली या सुसाइड पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि गोली रामस्वरूप के सीने में लगी है और उनके बगल में ही उनकी राइफल पड़ी हुई थी। अब पुलिस पता लगा रही है कि गोली राइफल साफ करते समय असावधानी से चली या फिर उन्होंने सुसाइड किया है। पुलिस का कहना इस मामले में टीआई महारजपुरा यशवंत गोयल ने बताया कि एक रिटायर्ड फौजी की गोली लगने से मौत हुई है। अभी मामला सुसाइड का लग रहा है। परिजन बन्दूक साफ करते समय गोली चलने से हादसे कि बात कह रहे हैं।

शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर:पेड़ से टकराकर रुका; जगतपुर तिराहा पर बड़ा हादसा टला

शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर:पेड़ से टकराकर रुका; जगतपुर तिराहा पर बड़ा हादसा टला

शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे के जगतपुर तिराहा पर गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से दूसरी ट्रॉली ने टक्कर मार दी, जिससे आगे खड़ा ट्रैक्टर बिना ड्राइवर के ही स्टार्ट होकर अनियंत्रित दौड़ पड़ा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई राहगीर या वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के अनुसार, कुमरौआ गांव निवासी किसान राजेंद्र धाकड़ अपनी फसल बेचकर कोलारस अनाज मंडी से वापस गांव लौट रहे थे। उन्होंने जगतपुर तिराहा पर अपना ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे खड़ा कर दिया और पास की दुकान पर सामान लेने चले गए। इसी दौरान, खोंकर गांव निवासी उत्तम चंदेल अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से वहां पहुंचे और पीछे से खड़े ट्रैक्टर में टक्कर मार दी। बताया गया है कि राजेंद्र का ट्रैक्टर गियर में खड़ा था, जिसके कारण टक्कर लगते ही वह स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया। बिना ड्राइवर के ही ट्रैक्टर कुछ दूरी तक सड़क पर चलता रहा और फिर सड़क से उतरकर एक पेड़ से टकराकर रुक गया। घटना के वक्त आसपास कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प के एक बयान ने अचानक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि उनका कुख्यात यौन अपराधी जैफ्री एपस्टीन से कभी कोई रिश्ता नहीं रहा। मेलानिया ने कहा, “मैं कभी भी एपस्टीन की दोस्त नहीं रही। मैं कभी उसके प्लेन में नहीं बैठी और न ही उसके प्राइवेट आइलैंड पर गई।” उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से एपस्टीन के जरिए नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, अगर कभी मुलाकात हुई भी तो बस कुछ सामाजिक कार्यक्रमों में ही हुई थी। असल में, जैफ्री एपस्टीन एक बड़ा कारोबारी था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी, लेकिन आज भी उसका मामला काफी विवादों में रहता है और कई बड़े नाम इससे जुड़ते रहे हैं। मेलानिया का यह बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि हाल में ऐसा कोई मुद्दा सामने नहीं आया था, फिर भी उन्होंने खुद सामने आकर सफाई दी। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्होंने अभी यह बात क्यों कही। खुद डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा कि उन्हें इस बयान की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। जानकारों का मानना है कि हो सकता है आगे किसी तरह का खुलासा होने वाला हो, उससे पहले ही मेलानिया ने अपनी स्थिति साफ कर दी हो। वहीं कुछ लोग इसे इस तरह भी देख रहे हैं कि मौजूदा बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकती है।

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प के एक बयान ने अचानक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि उनका कुख्यात यौन अपराधी जैफ्री एपस्टीन से कभी कोई रिश्ता नहीं रहा। मेलानिया ने कहा, “मैं कभी भी एपस्टीन की दोस्त नहीं रही। मैं कभी उसके प्लेन में नहीं बैठी और न ही उसके प्राइवेट आइलैंड पर गई।” उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से एपस्टीन के जरिए नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, अगर कभी मुलाकात हुई भी तो बस कुछ सामाजिक कार्यक्रमों में ही हुई थी। असल में, जैफ्री एपस्टीन एक बड़ा कारोबारी था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी, लेकिन आज भी उसका मामला काफी विवादों में रहता है और कई बड़े नाम इससे जुड़ते रहे हैं। मेलानिया का यह बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि हाल में ऐसा कोई मुद्दा सामने नहीं आया था, फिर भी उन्होंने खुद सामने आकर सफाई दी। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्होंने अभी यह बात क्यों कही। खुद डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा कि उन्हें इस बयान की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। जानकारों का मानना है कि हो सकता है आगे किसी तरह का खुलासा होने वाला हो, उससे पहले ही मेलानिया ने अपनी स्थिति साफ कर दी हो। वहीं कुछ लोग इसे इस तरह भी देख रहे हैं कि मौजूदा बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकती है।