Monday, 20 Apr 2026 | 09:44 AM

Trending :

EXCLUSIVE

अमिताभ बच्चन बोले- खाली हाथ आए थे, ऐसे ही जाएंगे:बिग बी ने जिंदगी के ‘क्यों’ और ‘कैसे’ पर किया चिंतन, खुद से सवाल-जवाब किए

अमिताभ बच्चन बोले- खाली हाथ आए थे, ऐसे ही जाएंगे:बिग बी ने जिंदगी के ‘क्यों’ और ‘कैसे’ पर किया चिंतन, खुद से सवाल-जवाब किए

एक्टर अमिताभ बच्चन ने हाल ही में जीवन और उसके अर्थ को लेकर एक नोट शेयर किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक पूरा दिन शांति में रहकर खुद से सवाल-जवाब करते हुए बिताया। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में लिखा कि दिनभर उन्होंने अपने आसपास और खुद के साथ समय बिताया, जवाब खोजने की कोशिश की, लेकिन ज्यादातर सवालों के साफ जवाब नहीं मिले। उन्होंने लिखा कि जीवन के ‘क्यों’ और ‘कैसे’ को समझने की कोशिश हर व्यक्ति करता है, लेकिन इसके ठोस जवाब मिलना मुश्किल होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इंसान खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही जाता है। ब्लॉग के आखिर में उन्होंने यह भी लिखा, आप सबसे सच्चे रूप को ढूंढते रहते हैं, लेकिन यह तलाश कभी खत्म नहीं होती क्योंकि असली जवाब आसानी से मिलता ही नहीं… और शायद ऐसा ही होना चाहिए। किसी भी सवाल का एक तय जवाब नहीं होता। हर सोच के कई रास्ते होते हैं, और हर रास्ता एक ही मंजिल तक नहीं पहुंचता। और इसलिए… मैं सोचता रहता हूं… काम न करने पर होती है बेचैनी: अमिताभ इससे पहले 6 अप्रैल को भी अमिताभ ने लिखा था कि जब वह रोज काम नहीं करते, तो उन्हें असहज महसूस होता है। उन्होंने कहा कि बिना काम के दिन उन्हें परेशान और असंतुलित लगते हैं। उनके अनुसार, काम न करने से उनकी दिनचर्या प्रभावित होती है, जिससे बेचैनी हो सकती है, अगर इसे समझा और संभाला न जाए। अमिताभ बच्चन के वर्क फ्रंट की बात करें तो उन्हें आखिरी बार फिल्म कल्कि 2898 AD में देखा गया था, जिसे नाग अश्विन ने डायरेक्ट किया था। वहीं, अमिताभ ने इसके दूसरे पार्ट की भी शूटिंग शुरू कर दी है और फिल्म के सेट से बिहाइंड द सीन (BTS) तस्वीरें शेयर की थीं। साथ ही उन्होंने करीब 40 साल बाद कमल हासन के साथ दोबारा काम करने को लेकर उत्साह जताया था।

केरल चुनाव 2026: त्रिशूर में वोट डालने के लिए लगी लाइन, 62 साल से चल रही वोटिंग, हुई मौत

केरल चुनाव 2026: त्रिशूर में वोट डालने के लिए लगी लाइन, 62 साल से चल रही वोटिंग, हुई मौत

केरल में 140 विधानसभा पर मतदान जारी है। इस बीच केरल के त्रिशूर जिले के वानियामपारा से मतदान के दिन एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां एक 62 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के वोट के तुरंत बाद गिरा दिया गया और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान विनोद के रूप में हुई है, जो वानियामपारा के पास रामनचिरा के रहने वाले थे। वे गुरुवार की सुबह वानियामपारा स्थित ईकेईएम यूपी स्कूल के लिए अपना वोट वोट डालने गए। जानकारी के अनुसार, विनोदन करीब एक घंटे से अधिक समय तक कतार में रहे। इसके बाद उन्होंने अपनी फ्रेंचाइजी का प्रयोग किया। लेकिन वोटिंग सेंटर से बाहर सुपरमार्केट का समय सुबह करीब 10 बजे 45 मिनट पर वे अचानक से आकाशवाणी गिर पड़े। मस्जिद पर मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद करने की कोशिश की और उन्हें कुर्सी पर बिठा दिया, लेकिन उनका नतीजा लगातार खराब हुआ। कुछ ही देर में एंटरप्राइज़ मशीनरी पर ऑपरेशंस और उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया। विद्वानों ने मृत घोषित कर दिया अस्पताल के वकीलों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और घटना की जांच शुरू कर दी गई है, ताकि मृतकों के सही तथ्यों का पता लगाया जा सके। यह घटना मतदान के सामने दिन आई उन पर्वत को भी छोड़ देती है, जहां लंबी दूरी और शारीरिक परेशानी के लिए कुछ लोगों को जोखिम बन सकता है। केरल में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प है केरल विधानसभा चुनाव में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है. राज्य में कुल 883 अभ्यर्थी मैदान में हैं, यानी हर सीट पर औसत छह से सात अभ्यर्थी अपनी-अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इससे साफ है कि चुनाव में मुकाबला काफी बढ़ गया है। हालाँकि कई प्रारंभिक स्थिति और भी जटिल हो गई है, क्योंकि बागी और प्रतियोगी प्रतियोगी भी बड़ी संख्या में चुनावी लड़ाई में हैं। वास्तविक कारणों से कई इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बहुकोणीय हो गई है, जहां नतीजों का आकलन करना आसान नहीं है। कंपनी की बात करें तो राज्य में करीब 27 लाख वोटर्स हैं, जो 30,000 से ज्यादा वोटिंग पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. चुनाव आयोग ने मतदान के लिए इतने बड़े स्तर पर व्यापक तैयारी की है, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह से संभव हो सके। ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: केरल में कांग्रेस ने किया जीत का दावा, सीएम कौन होगा इस पर दिया बड़ा बयान (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)केरल चुनाव 2026(टी)केरल चुनाव समाचार(टी)त्रिशूर घटना(टी)वोट डालने के बाद मौत(टी)विनोदन की मौत केरल(टी)चुनाव समाचार हिंदी(टी)मतदान के दिन की घटना(टी)केरल विधानसभा चुनाव(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)केरल चुनाव 2026(टी)केरल चुनाव समाचार

क्लॉड मिथोस मॉडल; साइबर पैमाने पर 100% स्कोर:एंथ्रोपिक ने ताकतवर एआई बनाया पर लॉन्च रोका; वजह-गलत हाथों में आने से साइबर तबाही का डर

क्लॉड मिथोस मॉडल; साइबर पैमाने पर 100% स्कोर:एंथ्रोपिक ने ताकतवर एआई बनाया पर लॉन्च रोका; वजह-गलत हाथों में आने से साइबर तबाही का डर

एआई दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक ने बुधवार को दुनिया का सबसे ताकतवर मॉडल ‘क्लॉड मिथोस’ पेश किया, लेकिन इसे आम यूजर के लिए लॉन्च नहीं किया गया। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल खुद जिम्मेदारी से काम करता है, लेकिन इसकी ताकत गलत हाथों में बेहद खतरनाक हो सकती है। बैंक, अस्पताल, बिजली ग्रिड और सरकारी सिस्टम सब इसके निशाने पर आ सकते हैं। एंथ्रोपिक ने इसे फिलहाल प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत अमेजन, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी 12 बड़ी कंपनियों और 40 से अधिक संस्थाओं को दिया है, ताकि वे पहले अपने सिस्टम की सुरक्षा दुरुस्त कर सकें। प्रोजेक्ट ग्लासविंग नाम एक पारदर्शी पंखों वाली तितली से लिया गया है। यह खुले में होने पर भी नजर नहीं आती। ठीक वैसे ही जैसे सॉफ्टवेयर की खामियां छुपी रहती हैं। एंथ्रोपिक ने 850 करोड़ रु. के क्रेडिट व ओपन सोर्स संस्थाओं को 34 करोड़ रु. की मदद का वादा किया है। 90 दिनों बाद कंपनी बताएगी कि मॉडल ने कितनी खामियां पकड़ी। ऐतिहासिक – 50 लाख टेस्ट में नहीं पकड़ी खामी, इसने पहली बार में ढूंढ़ी पायलट में मॉडल ने कई ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर में हजारों गंभीर साइबर खामियां खोजीं। सबसे सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम ओपनबीएसडी में 27 साल पुरानी खामी ढूंढी। वीडियो सॉफ्टवेयर एफएफएमपेग में 16 साल पुरानी खामी जो 50 लाख बार स्कैन में भी नहीं मिली। इसने पहली बार में पकड़ा। लिनक्स कर्नेल में कई खामियां जोड़कर पूरे सिस्टम का नियंत्रण हासिल करने का रास्ता भी इसी मॉडल ने दिखाया। बेंचमार्क – साइबर परीक्षण में 100%, कोडिंग में 93.9% स्कोर साइबर सुरक्षा के सबसे कठिन परीक्षणों में इस मॉडल ने शत-प्रतिशत सफलता हासिल की। कोडिंग बेंचमार्क में 93.9% जबकि पिछले मॉडल का स्कोर 80.8% था। साइबरजिम परीक्षण में 83.1%, पिछले मॉडल का 66.6% स्कोर था। बता दें कि इस मॉडल के लॉन्च के साथ एंथ्रोपिक की सालाना आय भी तीन गुना से अधिक बढ़कर करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए हो गई है। सीईओ अमोडेई बोले- मिथोस मॉडल से खतरा बहुत हमने मिथोस को साइबर सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि कोडिंग के लिए बनाया था। लेकिन कोडिंग की ताकत का साइड इफेक्ट यह निकला कि यह साइबर हमलों में भी उतना ही माहिर हो गया। यदि यह सही हाथों में रहा तो यह तकनीक पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित इंटरनेट और दुनिया बना सकती है। लेकिन अगर गलत हुआ तो खतरा बहुत है।’

भारत से पहली क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक सर्जरी:पश्चिम एशिया में जंग के बीच कोकिलाबेन अस्पताल ने मुंबई से मस्कट में महिला की किडनी का ऑपरेशन किया

भारत से पहली क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक सर्जरी:पश्चिम एशिया में जंग के बीच कोकिलाबेन अस्पताल ने मुंबई से मस्कट में महिला की किडनी का ऑपरेशन किया

मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल ने वर्ल्ड हेल्थ डे 2026 पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टर टी. बी. युवराजा ने मुंबई में बैठकर ओमान के मस्कट के मेडिकल सिटी अस्पताल में 55 साल की महिला का रोबोटिक किडनी ऑपरेशन किया। यह क्रॉस-बॉर्डर रिमोट रोबोटिक सर्जरी भारत से पहली बार मानी जा रही है। यह सर्जरी एडवांस्ड ‘मेडबॉट ट्युमाई’ रोबोटिक सिस्टम और रियल-टाइम कनेक्टिविटी के जरिए की गई। डॉक्टर ने दूर बैठकर पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल किया और सफलतापूर्वक सर्जरी पूरी की। कोकिलाबेन अस्पताल में यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. टी. बी. युवराजा ने कहा कि यह हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव है। उनके मुताबिक अब मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे देश जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि डॉक्टर ही तकनीक के जरिए मरीज तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास 4200 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी का अनुभव है और यह उपलब्धि सिर्फ एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि भविष्य की हेल्थकेयर व्यवस्था का संकेत है। इससे दुनिया भर में इलाज की पहुंच आसान हो सकती है। अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO डॉ. संतोष शेट्टी ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल की तकनीकी क्षमता और पहले किए गए रिमोट ऑपरेशन के अनुभव पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस बार भारत की क्लिनिकल क्षमता को मस्कट के कैंसर मरीज तक पहुंचाया गया। अस्पताल के मुताबिक, यह सर्जरी सभी जरूरी नियमों के तहत की गई। इसमें CDSCO की गाइडलाइंस का पालन किया गया, ताकि सुरक्षा, नैतिकता और क्लिनिकल स्टैंडर्ड बनाए रखें। यह जरूरी है क्योंकि रिमोट सर्जरी अब धीरे-धीरे बड़े स्तर पर लागू होने की दिशा में बढ़ रही है। अस्पताल ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत अब सिर्फ मेडिकल टूरिज्म का केंद्र नहीं, बल्कि दुनिया भर में रियल-टाइम मेडिकल एक्सपर्टीज देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे यह भी साबित हुआ कि अब सर्जरी देश की सीमाओं से बाहर निकल रही है। कोकिलाबेन अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए एक बड़ा सेंटर है और यहां तीन एडवांस्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। अस्पताल के पास भारत का पहला मेडबॉट ट्युमाई सिस्टम भी है, जिससे ऐसी सर्जरी संभव हो पाई। अस्पताल के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया मरीज-केंद्रित सोच पर आधारित है। बिना यात्रा किए जटिल सर्जरी होने से मरीज को सुविधा मिलती है और बेहतर नतीजे मिलने की संभावना भी बढ़ती है। अब मरीजों को इलाज के लिए विदेश जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे समय बचेगा, खर्च कम होगा और इलाज जल्दी मिल सकेगा। यह उपलब्धि कोकिलाबेन अस्पताल को ग्लोबल लेवल पर एक ऐसे सेंटर के रूप में स्थापित करती है, जहां से टेक्नोलॉजी के जरिए दुनिया भर में इलाज दिया जा सकता है। अस्पताल का कहना है कि आने वाले समय में ऐसी रिमोट सर्जरी हेल्थकेयर के भविष्य को बदल सकती है।

अनोखा ग्रीन कॉरिडोर; 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन:210 किमी लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, 100 की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन, जानवर र​हेंगे सुरक्षित

अनोखा ग्रीन कॉरिडोर; 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन:210 किमी लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, 100 की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन, जानवर र​हेंगे सुरक्षित

पहाड़ों के बीच बल खाती एक सिंगल लेन सड़क… सामने अचानक हाथियों का झुंड, पीछे लंबा जाम। कभी उफनती नदी तो कभी शिवालिक पहाड़ियों से गिरता मलबा। पहले ऐसा था दिल्ली से देहरादून रोड पर आने वाला मोहंड बेल्ट। 210 किमी लंबे और तीन राज्यों से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे का 20 किमी का हिस्सा राजाजी टाइगर रिजर्व में आता है। यह हिस्सा अब पूरी तरह बदल चुका है। मैं उसी मोहंड घाटी के ऊपर बने एलिवेटेड कॉरिडोर पर हूं। गाड़ी 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बिना ब्रेक, बिना जाम दौड़ रही हैं और नीचे हाथियों का झुंड गुजर रहा है। 20 किमी लंबे हिस्से में एलिवेटेड पार्ट 12 किमी का है। यह ग्रीन कॉरिडोर पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन का बेहतरीन उदाहरण बनने जा रहा है। एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। मोहंड घाटी जिस बरसाती नदी से घिर जाती थी, वो अब नजर नहीं आती, क्योंकि उसे इस एलिवेटेड रोड के नीचे से निकाला गया है। सड़क को 35-40 फीट ऊपर, 400 से ज्यादा पिलर्स पर खड़ा किया गया है, ताकि नदी का बहाव, जानवरों के झुंड और विकास तीनों बिना रुकावट चलते रहें। एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर राजाजी टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर कोको रोसे कहते हैं कि 14 हजार करोड़ रुपए में बने एक्सप्रेस-वे का 12 किमी का हिस्सा एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर है। तस्वीरें इस बात का संकेत हैं कि जानवर इसके नीचे से सुरक्षित निकल रहे हैं। ऊपर से भारी वाहन 80 की स्पीड में बाएं और हल्के वाहन 100 की स्पीड पर दाएं चलेंगे। जंगल और विकास साथ-साथ पे-पर-यूज टोल सिस्टम – टोल पारंपरिक नाकों वाला नहीं, बल्कि क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम होगा। एंट्री-एग्जिट के आधार पर दूरी के हिसाब से शुल्क कटेगा। फास्टैग से बिना रुके भुगतान, जाम की समस्या नहीं। सहारनपुर के कुम्हारहेड़ा में एक टोल प्लाजा पहले से सक्रिय, बाकी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर टोल गेट्स। इस एक्सप्रेसवे से क्या बदलेगा? सफर तेज, खर्च कम – 6-7 घंटे का सफर अब 2.5-3 घंटे में, दूरी 260 किमी से 210 किमी होगी। सुरक्षा बेहतर- 20 किमी जोखिम भरा पहाड़ी रास्ता अब 12 किमी एलिवेटेड, एक्सीडेंट रिस्क कम। प्रदूषण घटेगा- सालाना 93 लाख किलो कार्बन उत्सर्जन घटेगा। पर्यटन, व्यापार बूस्ट- हरिद्वार-ऋषिकेश-देहरादून का सफर आसान, छुटमलपुर इंटरचेंज से लॉजिस्टिक्स तेज। पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। छोटे शहरों को फायदा- बागपत, शामली, सहारनपुर जैसे शहरों में एक्सप्रेसवे पर नए ग्रोथ हब बनेंगे।

बारामती उपचुनाव चुनाव: सुप्रिया सुले की कांग्रेस से अपील-‘निर्विरोध चुनाव हो, यही होगी अजित दादा को सच्ची श्रद्धांजलि’

बारामती उपचुनाव चुनाव: सुप्रिया सुले की कांग्रेस से अपील-'निर्विरोध चुनाव हो, यही होगी अजित दादा को सच्ची श्रद्धांजलि'

महाराष्ट्र की सभ्यता में बारामती एक बार फिर भावनाओं और रणनीति के केंद्र में आ गई है। कांग्रेस नेतृत्व से एक अहम और प्रेरक अपील की है। उन्होंने मांग की है कि बारामती में चुनाव निर्विरोध मनाया जाए। अजित राइटर के असामयिक निधन ने न केवल उनके निधन को बताया, बल्कि पूरे राजनीतिक वर्ग को झकझोर दिया है। इसी संदर्भ में सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “अजित राव के असामयिक निधन के बाद बारामती सीट पर विधानसभा होनी है।” उन्होंने आगे अपने राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा, “अजित दादा की राजनीतिक यात्रा कांग्रेस पार्टी से हुई थी और अपने पूरे इतिहास में उन्होंने अपने साथियों के साथ लंबे समय तक संबंध बनाए रखा।” सुप्रिया सुले की अपील का सबसे अहम हिस्सा वह उपदेश संदेश है, जो सीधे तौर पर राजनीतिक आश्रम की अपील को चुनौती देता है। उन्होंने लिखा, “इस शोक और स्मरण के क्षण में, बारामती में निर्विरोध चुनाव उनकी सार्वजनिक सेवा और समावेशी राजनीति की विरासत को एक गरिमा और सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” और अंत में कांग्रेस ने सीधे तौर पर आग्रह किया, “मैं कांग्रेस नेतृत्व से ईमानदारी से अपील करता हूं कि वे एकता और एकता की भावना का सम्मान करें और इस पर सबसे पहले विचार करें।” 23 अप्रैल को वाले वाले में अब तक कुल 53 को नामांकन मिला है, जिसमें सुनेत्रा अभिनेत्री और कांग्रेस के आकाश मोरे शामिल हैं। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है, जिससे पहले राजनीतिक जोड़-तोड़ और तेज होने के संकेत हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)बारामती(टी)सुप्रिया सुले(टी)सुप्रिया सुले(टी)बारामती स्मारक

शुभमन गिल पर 12 लाख का जुर्माना:दिल्ली के खिलाफ स्लो ओवर रेट के कारण मिली सजा, GT ने DC को 1 रन से हराया

शुभमन गिल पर 12 लाख का जुर्माना:दिल्ली के खिलाफ स्लो ओवर रेट के कारण मिली सजा, GT ने DC को 1 रन से हराया

गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल पर IPL 2026 में स्लो ओवर-रेट के कारण 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले के बाद की गई। IPL की ओर से जारी मीडिया एडवाइजरी के अनुसार, गुजरात टाइटंस ने मैच के दौरान निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं किए। यह इस सीजन में टीम की पहली गलती थी, इसलिए IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.22 के तहत गिल पर 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। गुजरात ने दिल्ली को 1 रन से हराया इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने रोमांचक जीत दर्ज करते हुए दिल्ली कैपिटल्स को एक रन से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात ने 210 रन बनाए, जिसके जवाब में दिल्ली की टीम 209/8 रन ही बना सकी। गुजरात का अगला मैच लखनऊ से गुजरात टाइटंस की इस सीजन में यह पहली जीत रही। अब टीम का अगला मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स से लखनऊ में रविवार को होगा। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स की टीम शनिवार को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ चेन्नई में खेलेगी। IPL में स्लो ओवर-रेट का नियम क्या है? IPL में हर टीम को तय समय के अंदर अपने 20 ओवर पूरे करने होते हैं। अगर टीम ऐसा नहीं कर पाती, तो उसे स्लो ओवर-रेट माना जाता है और सजा दी जाती है। कैसे तय होता है स्लो ओवर-रेट? एक पारी को आमतौर पर करीब 90 मिनट में पूरा करना होता है। बीच में टाइम-आउट और अन्य ब्रेक को छोड़कर ओवर की गति मॉनिटर की जाती है और मैच रेफरी यह देखते हैं कि टीम निर्धारित समय से पीछे तो नहीं चल रही। बार-बार गलती करने पर सजा बढ़ती है ————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट:गुजरात की IPL में सबसे छोटी जीत गुजरात टाइटंस ने बुधवार को IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को रोमांचक मुकाबले में 1 रन से हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में आखिरी गेंद पर कुलदीप यादव रनआउट हो गए। डेविड मिलर ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगाया। पूरी खबर…

दूध-दही के घटक भी बन सकते हैं खतरनाक, गलत खाद्य पदार्थ संयोजन से बढ़ सकते हैं विकार, जानें क्या नहीं

दूध-दही के घटक भी बन सकते हैं खतरनाक, गलत खाद्य पदार्थ संयोजन से बढ़ सकते हैं विकार, जानें क्या नहीं

9 अप्रैल 2026 को 11:10 IST पर अपडेट किया गया दूध और दही के साइड इफेक्ट्स: दूध और दही को शामिल करना हानिकारक माना जाता है, लेकिन अगर इसे गलत तरीके से खाने के साथ खाया जाए तो जहर भी बन सकता है और बीमारियां भी हो सकती हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)गलत भोजन संयोजन(टी)दूध और दही के दुष्प्रभाव(टी)आयुर्वेदिक आहार युक्तियाँ(टी)फलों के साथ दूध के दुष्प्रभाव(टी)अस्वास्थ्यकर भोजन संयोजन(टी)पाचन समस्याएं भोजन(टी)गर्म चावल के साथ दही(टी)स्वास्थ्य युक्तियाँ आयुर्वेद(टी)खराब भोजन संयोजन(टी)पोषण संबंधी गलतियाँ

तरबूज खाएं या खरबूजा? गर्मियों में कौन है असली ‘हेल्थ टॉनिक’, जानें कैंसर से बचाव और वजन घटाने के लिए क्या है बेस्ट!

ask search icon

Last Updated:April 09, 2026, 10:48 IST Watermelon Muskmelon Benefits: गर्मियों ने दस्तक दे दी है. इस मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. जब भी हम बाजार जाते हैं, तो दो फल हमें सबसे ज्यादा नजर आते हैं- लाल रसीला तरबूज (Watermelon) और खुशबूदार खरबूजा (Muskmelon). लेकिन अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि इन दोनों में से सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद कौन सा है? क्या ये सिर्फ प्यास बुझाते हैं या इनके पीछे कोई गहरा औषधीय गुण भी छिपा है? आइए, जानते हैं कि आपकी सेहत के लिए असली ‘हेल्थ टॉनिक’ कौन सा है. Tarbuj-Kharbuja ke fayde : गर्मियों के इन दोनों सुपरफूड्स की सबसे बड़ी खूबी इनका वॉटर कंटेंट है. USDA के अनुसार, तरबूज में लगभग 92% पानी होता है, जो इसे डिहाइड्रेशन से लड़ने का सबसे शक्तिशाली हथियार बनाता है. दूसरी ओर, खरबूजे में करीब 90% पानी के साथ-साथ फाइबर की मात्रा थोड़ी अधिक होती है. अगर आप चिलचिलाती धूप से लौटकर आए हैं, तो तरबूज शरीर के तापमान को तुरंत कम करने में मदद करता है, जबकि खरबूजा आपके पाचन तंत्र को ठंडक पहुँचाने का काम करता है. इम्यूनिटी बढ़ाने की बात करें, तो खरबूजा यहाँ बाजी मारता नजर आता है. खरबूजे में विटामिन C और विटामिन A प्रचुर मात्रा में होते हैं. विटामिन C न केवल संक्रमण से लड़ने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है, बल्कि आपकी त्वचा में कोलेजन के स्तर को भी बनाए रखता है. वहीं, तरबूज में मौजूद लाइकोपीन (Lycopene) एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाता है और शरीर की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है. आजकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए लोग प्राकृतिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं. तरबूज का गहरा लाल रंग उसमें मौजूद लाइकोपीन की वजह से होता है. कई शोध बताते हैं कि लाइकोपीन प्रोस्टेट कैंसर और फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है. खरबूजा भी पीछे नहीं है; इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में जाकर विटामिन A में बदल जाता है, जो फ्री-रेडिकल्स से लड़ने में शरीर की मदद करता है और कैंसर जैसी स्थितियों के विरुद्ध सुरक्षा कवच तैयार करता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आपका लक्ष्य वजन घटाना (Weight Loss) है, तो ये दोनों ही फल आपके बेस्ट फ्रेंड बन सकते हैं. तरबूज में कैलोरी बहुत कम होती है (प्रति 100 ग्राम केवल 30 कैलोरी), और इसे खाने से पेट जल्दी भर जाता है. वहीं खरबूजा अपने उच्च फाइबर कंटेंट की वजह से आपको लंबे समय तक भूख का अहसास नहीं होने देता. अगर आपको मीठा खाने की क्रेविंग होती है, तो खरबूजा एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि यह तरबूज की तुलना में थोड़ा ज्यादा ‘फिलिंग’ महसूस होता है. दिल की सेहत (Heart Health) के लिए तरबूज में मौजूद सिट्रुलिन (Citrulline) नाम का अमीनो एसिड रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है. यह धमनियों में रक्त के प्रवाह को सुचारू बनाता है. दूसरी तरफ, खरबूजे में पोटेशियम की मात्रा काफी अच्छी होती है, जो सोडियम के प्रभाव को कम कर ब्लड प्रेशर को स्थिर रखता है. यानी, अगर आप हाई बीपी के मरीज हैं, तो ये दोनों फल आपके लिए किसी टॉनिक से कम नहीं हैं. आंखों की रोशनी और त्वचा की चमक के मामले में खरबूजा काफी प्रभावी माना जाता है. इसमें मौजूद विटामिन A आंखों की मासपेशियों को ताकत देता है. तरबूज आपकी स्किन को हाइड्रेटेड रखकर ‘नेचुरल ग्लो’ देता है और धूप से होने वाले सनबर्न के असर को कम करता है. एथलीट्स और जिम जाने वालों के लिए तरबूज का रस मांसपेशियों के दर्द (Muscle Soreness) को कम करने के लिए एक जादुई ड्रिंक की तरह काम करता है. अंत में, सवाल वही है—किसे चुनें? असलियत यह है कि तरबूज और खरबूजा दोनों के अपने अलग फायदे हैं. अगर आपको ज्यादा प्यास लगती है और आप वर्कआउट करते हैं, तो तरबूज आपके लिए बेस्ट है. लेकिन अगर आप पाचन सुधारना चाहते हैं और अपनी इम्यूनिटी पर ध्यान देना चाहते हैं, तो खरबूजा एक बेहतरीन चुनाव है. सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपनी डाइट में दोनों को शामिल करें, लेकिन ध्यान रहे कि इन्हें खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं और रात के समय इनके सेवन से बचें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) First Published : April 09, 2026, 10:48 IST

इंदौर में सगाई में रिश्तेदारों के बीच खूनी संघर्ष:खाने-पीने की बात पर विवाद, डंडे-पेचकस से हमला, युवक की मौत

इंदौर में सगाई में रिश्तेदारों के बीच खूनी संघर्ष:खाने-पीने की बात पर विवाद, डंडे-पेचकस से हमला, युवक की मौत

इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में दो परिवारों के बीच हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली। मामला सगाई समारोह में शुरू हुए झगड़े से जुड़ा है, जो बाद में सड़क पर हिंसक हमले में बदल गया। तेजाजी नगर टीआई देवेंद्र मरकाम के मुताबिक, मृतक की पहचान शुभम पुत्र संगतनाथ निवासी महादेव नगर (नार्थ मोहल्ला) के रूप में हुई है। बुधवार रात वह अपने परिवार के साथ उमरीखेड़ा में एक सगाई कार्यक्रम में शामिल होने गया था। पुलिस के अनुसार, झगड़े की शुरुआत खाने-पीने की बात को लेकर हुई थी, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठा। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले में शुभम के दोस्त रितिक, करण और एक अन्य युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद करने वाले लोग आपस में रिश्तेदार हैं। सगाई में शुरू हुआ विवाद, बायपास पर घेरकर हमला बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इसके बाद शुभम अपने साथियों के साथ वहां से निकल गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे बायपास पर घेर लिया और डंडों व पेचकस से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शुभम को परिजन चोइथराम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर शुभम दुकानों पर नींबू-मिर्ची बांधने का काम करता था। उसके परिवार में एक बड़ा भाई है, जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। पिता बारदान (गोदाम) में काम करते हैं, जबकि मां मजदूरी करती है।