Monday, 25 May 2026 | 09:42 AM

Trending :

EXCLUSIVE

क्लॉड मिथोस मॉडल; साइबर पैमाने पर 100% स्कोर:एंथ्रोपिक ने ताकतवर एआई बनाया पर लॉन्च रोका; वजह-गलत हाथों में आने से साइबर तबाही का डर

क्लॉड मिथोस मॉडल; साइबर पैमाने पर 100% स्कोर:एंथ्रोपिक ने ताकतवर एआई बनाया पर लॉन्च रोका; वजह-गलत हाथों में आने से साइबर तबाही का डर

एआई दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक ने बुधवार को दुनिया का सबसे ताकतवर मॉडल ‘क्लॉड मिथोस’ पेश किया, लेकिन इसे आम यूजर के लिए लॉन्च नहीं किया गया। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल खुद जिम्मेदारी से काम करता है, लेकिन इसकी ताकत गलत हाथों में बेहद खतरनाक हो सकती है। बैंक, अस्पताल, बिजली ग्रिड और सरकारी सिस्टम सब इसके निशाने पर आ सकते हैं। एंथ्रोपिक ने इसे फिलहाल प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत अमेजन, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी 12 बड़ी कंपनियों और 40 से अधिक संस्थाओं को दिया है, ताकि वे पहले अपने सिस्टम की सुरक्षा दुरुस्त कर सकें। प्रोजेक्ट ग्लासविंग नाम एक पारदर्शी पंखों वाली तितली से लिया गया है। यह खुले में होने पर भी नजर नहीं आती। ठीक वैसे ही जैसे सॉफ्टवेयर की खामियां छुपी रहती हैं। एंथ्रोपिक ने 850 करोड़ रु. के क्रेडिट व ओपन सोर्स संस्थाओं को 34 करोड़ रु. की मदद का वादा किया है। 90 दिनों बाद कंपनी बताएगी कि मॉडल ने कितनी खामियां पकड़ी। ऐतिहासिक – 50 लाख टेस्ट में नहीं पकड़ी खामी, इसने पहली बार में ढूंढ़ी पायलट में मॉडल ने कई ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर में हजारों गंभीर साइबर खामियां खोजीं। सबसे सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम ओपनबीएसडी में 27 साल पुरानी खामी ढूंढी। वीडियो सॉफ्टवेयर एफएफएमपेग में 16 साल पुरानी खामी जो 50 लाख बार स्कैन में भी नहीं मिली। इसने पहली बार में पकड़ा। लिनक्स कर्नेल में कई खामियां जोड़कर पूरे सिस्टम का नियंत्रण हासिल करने का रास्ता भी इसी मॉडल ने दिखाया। बेंचमार्क – साइबर परीक्षण में 100%, कोडिंग में 93.9% स्कोर साइबर सुरक्षा के सबसे कठिन परीक्षणों में इस मॉडल ने शत-प्रतिशत सफलता हासिल की। कोडिंग बेंचमार्क में 93.9% जबकि पिछले मॉडल का स्कोर 80.8% था। साइबरजिम परीक्षण में 83.1%, पिछले मॉडल का 66.6% स्कोर था। बता दें कि इस मॉडल के लॉन्च के साथ एंथ्रोपिक की सालाना आय भी तीन गुना से अधिक बढ़कर करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए हो गई है। सीईओ अमोडेई बोले- मिथोस मॉडल से खतरा बहुत हमने मिथोस को साइबर सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि कोडिंग के लिए बनाया था। लेकिन कोडिंग की ताकत का साइड इफेक्ट यह निकला कि यह साइबर हमलों में भी उतना ही माहिर हो गया। यदि यह सही हाथों में रहा तो यह तकनीक पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित इंटरनेट और दुनिया बना सकती है। लेकिन अगर गलत हुआ तो खतरा बहुत है।’

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सेंसेक्स 750 अंक चढ़कर 77,400 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 240 अंक चढ़कर 24,000 पर पहुंचा; बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी

April 10, 2026/
9:26 am

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज यानी शुक्रवार 10 अप्रैल को सेंसेक्स 750 अंक (0.99%) की तेजी के साथ 77,400...

कोहली बने CSK के खिलाफ टॉप स्कोरर:RCB का तीसरा सबसे बड़ा टोटल, डेविड का 106 मीटर सिक्स मैदान के बाहर गया; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

April 6, 2026/
4:30 am

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स को 43 रन से हरा दिया। रविवार को खेले...

बोमन ईरानी ने डोनाल्ड ट्रम्प से मांगा गैस सिलेडर:ईरानियों से बातचीत बयान पर कसा तंज, कहा- मैं तैयार हूं

March 26, 2026/
3:24 pm

एक्टर बोमन ईरानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरानियों से बात वाले बयान पर मजाकिया अंदाज में रिएक्ट...

मशहूर शेफ विकास खन्ना की स्वीकारोक्ति:मां को मेरे हा​​थ का खाना पसंद नहीं आया, तब लगा भोजन की आत्मा छूना जरूरी

May 17, 2026/
3:40 pm

‘अमृतसर की गलियों में मेरा बचपन बीता और वहां मैंने एक बात सीखी- भोजन सिर्फ पकाया नहीं जाता, ‘अर्पित’ किया...

चांदी आज ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख पर पहुंची:सोना ₹347 बढ़कर ₹1.52 लाख का 10 ग्राम हुआ, इस साल ₹19 हजार हो चुका

April 20, 2026/
12:21 pm

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 20 अप्रैल को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10...

NTR Jr Birthday Interesting Facts; Looks Trolling

May 20, 2026/
4:30 am

3 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक जूनियर एनटीआर के लुक्स और वजन को लेकर मजाक उड़ाया गया, आज ग्लोबल...

राजनीति

क्लॉड मिथोस मॉडल; साइबर पैमाने पर 100% स्कोर:एंथ्रोपिक ने ताकतवर एआई बनाया पर लॉन्च रोका; वजह-गलत हाथों में आने से साइबर तबाही का डर

क्लॉड मिथोस मॉडल; साइबर पैमाने पर 100% स्कोर:एंथ्रोपिक ने ताकतवर एआई बनाया पर लॉन्च रोका; वजह-गलत हाथों में आने से साइबर तबाही का डर

एआई दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक ने बुधवार को दुनिया का सबसे ताकतवर मॉडल ‘क्लॉड मिथोस’ पेश किया, लेकिन इसे आम यूजर के लिए लॉन्च नहीं किया गया। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल खुद जिम्मेदारी से काम करता है, लेकिन इसकी ताकत गलत हाथों में बेहद खतरनाक हो सकती है। बैंक, अस्पताल, बिजली ग्रिड और सरकारी सिस्टम सब इसके निशाने पर आ सकते हैं। एंथ्रोपिक ने इसे फिलहाल प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत अमेजन, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी 12 बड़ी कंपनियों और 40 से अधिक संस्थाओं को दिया है, ताकि वे पहले अपने सिस्टम की सुरक्षा दुरुस्त कर सकें। प्रोजेक्ट ग्लासविंग नाम एक पारदर्शी पंखों वाली तितली से लिया गया है। यह खुले में होने पर भी नजर नहीं आती। ठीक वैसे ही जैसे सॉफ्टवेयर की खामियां छुपी रहती हैं। एंथ्रोपिक ने 850 करोड़ रु. के क्रेडिट व ओपन सोर्स संस्थाओं को 34 करोड़ रु. की मदद का वादा किया है। 90 दिनों बाद कंपनी बताएगी कि मॉडल ने कितनी खामियां पकड़ी। ऐतिहासिक – 50 लाख टेस्ट में नहीं पकड़ी खामी, इसने पहली बार में ढूंढ़ी पायलट में मॉडल ने कई ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर में हजारों गंभीर साइबर खामियां खोजीं। सबसे सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम ओपनबीएसडी में 27 साल पुरानी खामी ढूंढी। वीडियो सॉफ्टवेयर एफएफएमपेग में 16 साल पुरानी खामी जो 50 लाख बार स्कैन में भी नहीं मिली। इसने पहली बार में पकड़ा। लिनक्स कर्नेल में कई खामियां जोड़कर पूरे सिस्टम का नियंत्रण हासिल करने का रास्ता भी इसी मॉडल ने दिखाया। बेंचमार्क – साइबर परीक्षण में 100%, कोडिंग में 93.9% स्कोर साइबर सुरक्षा के सबसे कठिन परीक्षणों में इस मॉडल ने शत-प्रतिशत सफलता हासिल की। कोडिंग बेंचमार्क में 93.9% जबकि पिछले मॉडल का स्कोर 80.8% था। साइबरजिम परीक्षण में 83.1%, पिछले मॉडल का 66.6% स्कोर था। बता दें कि इस मॉडल के लॉन्च के साथ एंथ्रोपिक की सालाना आय भी तीन गुना से अधिक बढ़कर करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए हो गई है। सीईओ अमोडेई बोले- मिथोस मॉडल से खतरा बहुत हमने मिथोस को साइबर सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि कोडिंग के लिए बनाया था। लेकिन कोडिंग की ताकत का साइड इफेक्ट यह निकला कि यह साइबर हमलों में भी उतना ही माहिर हो गया। यदि यह सही हाथों में रहा तो यह तकनीक पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित इंटरनेट और दुनिया बना सकती है। लेकिन अगर गलत हुआ तो खतरा बहुत है।’

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.