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ऑपरेशन टाइगर एंड द घोस्ट ऑफ 2022: क्यों उद्धव ठाकरे नए दलबदल के डर से जूझ रहे हैं | व्याख्याकार समाचार

Starting from 2026, CBSE has introduced a two-exam system for Class 10 students.(Representative/File Photo)

आखरी अपडेट:16 जून, 2026, 10:07 IST जून 2022 में, एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़े विद्रोहों में से एक का नेतृत्व किया, जब वह शिवसेना के अधिकांश विधायकों के साथ चले गए, जिससे उद्धव सरकार गिर गई। क्योंकि शिवसेना पहले ही एक बार विनाशकारी विभाजन का अनुभव कर चुकी है, यहां तक ​​​​कि एक ताजा विद्रोह की अफवाहें भी संगठन के भीतर चिंता पैदा करने के लिए पर्याप्त हैं। (एआई-जनरेटेड इमेज) लगता है ये बगावत का मौसम है. जहां बंगाल में राजनीतिक सुर्खियां तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के नाटकीय ढंग से एनसीपीआई में जाने पर टिकी हुई हैं, वहीं महाराष्ट्र एक और संभावित विद्रोह की अटकलों से घिरा हुआ है। इस बार, फोकस शिव सेना (यूबीटी) पर है, जहां कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अफवाहों ने यह आशंका पैदा कर दी है कि उद्धव ठाकरे के कुछ सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली प्रतिद्वंद्वी शिव सेना में शामिल हो सकते हैं। चर्चा इतनी गंभीर हो गई कि पार्टी की ताकत का आकलन करने और आसन्न विभाजन की अफवाहों को दूर करने के प्रयास में, उद्धव ठाकरे ने अपने मुंबई निवास मातोश्री में सभी नौ शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई। हालाँकि, यह बैठक जल्द ही राज्य में अफवाह फैलाने वालों के लिए चारा बन गई। ‘ऑपरेशन टाइगर’ क्या है? सीधे शब्दों में कहें तो, इस वाक्यांश का इस्तेमाल महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा उद्धव खेमे से दलबदल कराने के कथित प्रयास का वर्णन करने के लिए किया जा रहा है। रिपोर्टों से पता चला है कि शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद शिंदे गुट के नेताओं के संपर्क में हैं और हाल के हफ्तों में दिल्ली में इस पर चर्चा हुई है। यह भी पढ़ें | ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा बढ़ने पर मनसे नेता ने राज-उद्धव पुनर्मिलन का समर्थन किया केंद्रीय मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप जाधव के इस दावे के बाद अटकलों को बल मिला कि सेना (यूबीटी) के सभी सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। ठाकरे खेमे के कुछ सांसदों के शामिल होने की गोपनीय बैठकों की भी खबरें सामने आईं। हालाँकि, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने सार्वजनिक रूप से प्रतिद्वंद्वी दलों को तोड़ने के किसी भी प्रयास से इनकार किया है और ‘ऑपरेशन टाइगर’ की बात को राजनीतिक अटकल के रूप में खारिज कर दिया है। मंगलवार को, सेना नेता शाइना एनसी ने कहा, “हमें किसी भी पार्टी को तोड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे नेता एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता सभी ने देखी है, क्योंकि वह आम लोगों के प्रति वफादार हैं और जमीनी स्तर पर काम करते हैं। वह घर से काम नहीं करते हैं, और जिस तरह से लोग हर दिन आ रहे हैं और शिवसेना में शामिल हो रहे हैं, उससे एक बात स्पष्ट है: पूरे महाराष्ट्र में प्रगति का माहौल है। इसलिए, कोई ऑपरेशन टाइगर नहीं है, बल्कि ऑपरेशन प्रोग्रेस है।” क्यों चिंतित हैं उद्धव? उद्धव के लिए विद्रोह कोई नई बात नहीं है. जून 2022 में, शिंदे ने महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़े विद्रोहों में से एक का नेतृत्व किया जब वह शिवसेना के अधिकांश विधायकों के साथ चले गए, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई। विद्रोह ने अंततः शिवसेना को दो प्रतिद्वंद्वी गुटों में विभाजित कर दिया और पार्टी के नाम और प्रतीक पर एक लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई छिड़ गई। चुनाव आयोग ने बाद में शिंदे गुट को आधिकारिक शिव सेना के रूप में मान्यता दी और इसे पार्टी का पारंपरिक धनुष-बाण प्रतीक आवंटित किया, जिससे उद्धव के खेमे को शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के रूप में काम करने के लिए छोड़ दिया गया। क्योंकि पार्टी पहले ही एक बार विनाशकारी विभाजन का अनुभव कर चुकी है, यहां तक ​​​​कि एक ताजा विद्रोह की अफवाहें भी संगठन के भीतर चिंता पैदा करने के लिए पर्याप्त हैं। नवीनतम संकट किस कारण से उत्पन्न हुआ? इसका तात्कालिक कारण उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई मातोश्री बैठक में उपस्थिति पैटर्न था। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, केवल चार सांसद भौतिक रूप से शामिल हुए, जबकि चार अन्य वर्चुअल रूप से शामिल हुए और एक सांसद ने बाद में फोन पर ठाकरे से बात की। इस तथ्य से कि कई सांसद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए, इस अटकल को बल मिला कि संसदीय शाखा के भीतर असंतोष पनप रहा है। अफवाहें तब और तेज हो गईं जब शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय देशमुख, जो बैठक में शामिल नहीं हुए थे, बाद में नई दिल्ली में शिंदे खेमे के केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव से मिलते देखे गए। बैठक में तुरंत नए सवाल उठने लगे कि क्या कुछ सांसद उद्धव खेमे के बाहर राजनीतिक विकल्प तलाश रहे हैं। पार्टी क्या कह रही है? शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने किसी भी तरह के विभाजन से दृढ़ता से इनकार किया है। वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बार-बार कहा है कि सभी नौ लोकसभा सांसद पार्टी के साथ बने रहेंगे। पार्टी का कहना है कि प्रत्येक सांसद ने या तो शारीरिक रूप से भाग लिया, वस्तुतः शामिल हुआ या फोन कॉल के माध्यम से भाग लिया, हालांकि पार्टी ने सांसदों की आभासी उपस्थिति का कोई सबूत साझा नहीं किया। बैठक में, उद्धव ने कथित तौर पर सांसदों से दलबदल की अफवाहों को सार्वजनिक रूप से खारिज करने और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करने के लिए कहा कि कोई आसन्न विभाजन नहीं है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने नेताओं से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से जुड़े रहने और अटकलों को फैलने से रोकने का भी आग्रह किया। पार्टी नेताओं ने यह तर्क देते हुए एकता प्रदर्शित करने की कोशिश की है कि मौजूदा चर्चा को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। क्या वास्तव में दलबदल हो सकता है? द वीक से बात करते हुए राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि पक्ष बदलने की इच्छा रखने वाले सांसदों के किसी भी समूह को दलबदल विरोधी प्रावधानों का पालन करना होगा। रिपोर्टों में सुझाव दिया गया है कि कम से कम छह से सात सांसद कथित तौर पर शिंदे खेमे के संपर्क में हैं, हालांकि ये दावे असत्यापित हैं और शिवसेना (यूबीटी) ने इसका खंडन किया है। यह

मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए

मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए

कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं…, ये बेहतरीन सदाबहार डायलॉग हैं डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के जो आज 76 साल के हो चुके हैं। बीते साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से हुई भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी। काम की तलाश में मिथुन ने कभी गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखे रहे। कभी उन्होंने हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम किया और नाम तक बदल लिया, लेकिन समय के साथ हुनर और लगन ने उन्हें हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। मिथुन चक्रवर्ती ही वो पहले एक्टर हैं, जिनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार किस्से- किस्सा- 1 गुस्से में शक्ति कपूर को कर दिया था टकला शक्ति कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के FTII से पढ़ाई की थी। मिथुन सीनियर थे, जबकि शक्ति कपूर ने उनके बाद दाखिला लिया था। दोनों की पहली मुलाकात ठीक नहीं रही और रैगिंग के नाम पर मिथुन ने शक्ति के बाल खींचे और टकला कर दिया। हुआ कुछ यूं कि शक्ति कपूर अपना होमटाउन दिल्ली छोड़कर पुणे के FTII जा रहे थे। ट्रेन में उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो खुद भी वहीं एडमिशन लेने जा रहा था। लेकिन कोर्स शुरू होने में समय था, तो वो शख्स बहन की शादी के लिए मुंबई जाने वाला था। रास्ते में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और शक्ति भी उस लड़के के साथ मुंबई चले गए। मुंबई में उन्हें पता चला कि वो शादी उस वक्त के मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना की है। शादी में राकेश रोशन सहित कई बॉलीवुड हस्तियां मौजूद थीं। स्टार्स के बीच खड़े शक्ति कपूर भी खुद को स्टार समझने लगे। शादी खत्म होने के बाद राकेश रोशन और विनोद खन्ना के भाई प्रमोद, शक्ति और उनके दोस्त को होस्टल छोड़ने गए। गेट पर उन्हें धोती पहने हुए एक शख्स दिखा। डीडी उर्दू को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया है कि उस शख्स की धोती में इतने छेद थे, जिन्हें गिना भी नहीं जा सकता था। उस शख्स ने राकेश रोशन के पैर छुए। पास खड़े शक्ति कपूर के हाथ में बीयर थी, तो उन्होंने इंप्रेशन झाड़ते हुए उस शख्स से पूछा, ‘बीयर पियोगे?’ वो शख्स थे मिथुन चक्रवर्ती। उन्होंने गुस्से में कहा, हॉस्टल में इसकी अनुमति नहीं है। जैसे ही राकेश रोशन और प्रमोद वहां से निकले वैसे ही मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल पकड़ लिए और कहा- ‘मैं तुम्हारा सीनियर हूं। तुम क्या खुद को स्टार समझते हो।’ ये कहते ही शक्ति कपूर के बाल काट दिए गए। रैगिंग लेते हुए, सारे सीनियर्स ने शक्ति को पूल के कई चक्कर कटवाए। थक हारकर शक्ति कपूर जोर-जोर से रोने लगे और कहा, मैं घर वापस जाना चाहता हूं, मुझे नहीं बनना एक्टर। कुछ देर बाद मिथुन को दया आ गई और वो उन्हें सबसे बचाकर एक कमरे में ले गए। किस्सा- 2 सांवले रंग से परेशान रहते थे मिथुन, शबाना आजमी की मां से की थी शिकायत FTII में पढ़ते हुए शबाना आजमी मिथुन चक्रवर्ती की सीनियर हुआ करती थीं। उनकी और शबाना की गहरी दोस्ती हो गई और कई बार मिथुन उनके घर भी जाया करते थे। वो अक्सर सबसे कहा करते थे कि वो रंग गोरा न होने से बेहद परेशान रहते हैं। एक दिन शबाना उन्हें घर ले गईं। उस दिन शबाना की मां शौकत आजमी से बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने उनसे सांवले रंग की शिकायत की। ये सुनते ही ही शौकत आजमी ने उन्हें गले लगा लिया और कहा- ‘ये सब सोचकर परेशान मत हो। तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ ये किस्सा शबाना आजमी ने अरबाज खान के चैट शो में सुनाया था। किस्सा- 3 रहने का ठिकाना नहीं था, तो गार्ड से छिपकर टंकी में सोते थे मिथुन पुणे से पढ़ाई पूरी कर मिथुन चक्रवर्ती काम की तलाश में मुंबई आ गए। यहां न उनके पास रहने के लिए कोई जगह थी और न ही किराया देने के लिए पैसे। ऐसे में वो लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोते थे, जिससे गार्ड उन्हें देखकर भगा न दे। डांस प्लस 5 रियलिटी शो में पहुंचे मिथुन ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा, “मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा और हमेशा हकीकत का सामना किया। जब मैं मुंबई आया था, मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था और वे ऐसे दिन थे जब मैं इमारतों की छतों पर बनी पानी की टंकियों पर छिप जाता था और वहीं सो जाता था ताकि सिक्योरिटी गार्ड मुझे देख न सकें और मुझे वहां से बाहर न निकाल दें। किस्सा- 4 रूममेट ने घर से निकाला, बाथरूम साफ करने की शर्त रखी गई मुंबई में रहते हुए उन्हें एक दोस्त ने अपने कमरे में जगह दे दी। कुछ दिनों बाद उस लड़के ने भी मिथुन को घर से निकाल दिया। ऐसे में मिथुन कई दिनों तक फुटपाथ में ही गुजारा करते रहे। मिथुन बाथरूम इस्तेमाल करने के लिए एक जिम जाते थे, ऐसे में जिम के मालिक ने शर्त रखी थी कि अगर बाथरूम यूज करना है, तो रोज आकर सफाई करनी पड़ेगी। ये किस्सा मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। डांस इंडिया डांस शो में मिथुन ने बताया कि उन्होंने कई रातें भूख में फुटपाथ में सोकर गुजारीं। यही वजह है कि वो कभी नहीं चाहते कि उनकी बायोपिक बने, क्योंकि उनकी कहानी, लोगों को तोड़ देगी। किस्सा-5 फ्लर्ट करते देख मृणाल सेन ने दी पहली फिल्म मृगया मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 की फिल्म मृगया से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें कॉलेज के दिनों में ही कास्ट कर लिया गया था। दरअसल, हुआ कुछ यूं कि जिस समय मिथुन पुणे के FTII में पढ़ रहे थे, तब डायरेक्टर मृणाल

मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए

मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए

कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं…, ये बेहतरीन सदाबहार डायलॉग हैं डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के जो आज 76 साल के हो चुके हैं। बीते साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से हुई भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी। काम की तलाश में मिथुन ने कभी गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखे रहे। कभी उन्होंने हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम किया और नाम तक बदल लिया, लेकिन समय के साथ हुनर और लगन ने उन्हें हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। मिथुन चक्रवर्ती ही वो पहले एक्टर हैं, जिनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार किस्से- किस्सा- 1 गुस्से में शक्ति कपूर को कर दिया था टकला शक्ति कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के FTII से पढ़ाई की थी। मिथुन सीनियर थे, जबकि शक्ति कपूर ने उनके बाद दाखिला लिया था। दोनों की पहली मुलाकात ठीक नहीं रही और रैगिंग के नाम पर मिथुन ने शक्ति के बाल खींचे और टकला कर दिया। हुआ कुछ यूं कि शक्ति कपूर अपना होमटाउन दिल्ली छोड़कर पुणे के FTII जा रहे थे। ट्रेन में उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो खुद भी वहीं एडमिशन लेने जा रहा था। लेकिन कोर्स शुरू होने में समय था, तो वो शख्स बहन की शादी के लिए मुंबई जाने वाला था। रास्ते में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और शक्ति भी उस लड़के के साथ मुंबई चले गए। मुंबई में उन्हें पता चला कि वो शादी उस वक्त के मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना की है। शादी में राकेश रोशन सहित कई बॉलीवुड हस्तियां मौजूद थीं। स्टार्स के बीच खड़े शक्ति कपूर भी खुद को स्टार समझने लगे। शादी खत्म होने के बाद राकेश रोशन और विनोद खन्ना के भाई प्रमोद, शक्ति और उनके दोस्त को होस्टल छोड़ने गए। गेट पर उन्हें धोती पहने हुए एक शख्स दिखा। डीडी उर्दू को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया है कि उस शख्स की धोती में इतने छेद थे, जिन्हें गिना भी नहीं जा सकता था। उस शख्स ने राकेश रोशन के पैर छुए। पास खड़े शक्ति कपूर के हाथ में बीयर थी, तो उन्होंने इंप्रेशन झाड़ते हुए उस शख्स से पूछा, ‘बीयर पियोगे?’ वो शख्स थे मिथुन चक्रवर्ती। उन्होंने गुस्से में कहा, हॉस्टल में इसकी अनुमति नहीं है। जैसे ही राकेश रोशन और प्रमोद वहां से निकले वैसे ही मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल पकड़ लिए और कहा- ‘मैं तुम्हारा सीनियर हूं। तुम क्या खुद को स्टार समझते हो।’ ये कहते ही शक्ति कपूर के बाल काट दिए गए। रैगिंग लेते हुए, सारे सीनियर्स ने शक्ति को पूल के कई चक्कर कटवाए। थक हारकर शक्ति कपूर जोर-जोर से रोने लगे और कहा, मैं घर वापस जाना चाहता हूं, मुझे नहीं बनना एक्टर। कुछ देर बाद मिथुन को दया आ गई और वो उन्हें सबसे बचाकर एक कमरे में ले गए। किस्सा- 2 सांवले रंग से परेशान रहते थे मिथुन, शबाना आजमी की मां से की थी शिकायत FTII में पढ़ते हुए शबाना आजमी मिथुन चक्रवर्ती की सीनियर हुआ करती थीं। उनकी और शबाना की गहरी दोस्ती हो गई और कई बार मिथुन उनके घर भी जाया करते थे। वो अक्सर सबसे कहा करते थे कि वो रंग गोरा न होने से बेहद परेशान रहते हैं। एक दिन शबाना उन्हें घर ले गईं। उस दिन शबाना की मां शौकत आजमी से बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने उनसे सांवले रंग की शिकायत की। ये सुनते ही ही शौकत आजमी ने उन्हें गले लगा लिया और कहा- ‘ये सब सोचकर परेशान मत हो। तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ ये किस्सा शबाना आजमी ने अरबाज खान के चैट शो में सुनाया था। किस्सा- 3 रहने का ठिकाना नहीं था, तो गार्ड से छिपकर टंकी में सोते थे मिथुन पुणे से पढ़ाई पूरी कर मिथुन चक्रवर्ती काम की तलाश में मुंबई आ गए। यहां न उनके पास रहने के लिए कोई जगह थी और न ही किराया देने के लिए पैसे। ऐसे में वो लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोते थे, जिससे गार्ड उन्हें देखकर भगा न दे। डांस प्लस 5 रियलिटी शो में पहुंचे मिथुन ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा, “मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा और हमेशा हकीकत का सामना किया। जब मैं मुंबई आया था, मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था और वे ऐसे दिन थे जब मैं इमारतों की छतों पर बनी पानी की टंकियों पर छिप जाता था और वहीं सो जाता था ताकि सिक्योरिटी गार्ड मुझे देख न सकें और मुझे वहां से बाहर न निकाल दें। किस्सा- 4 रूममेट ने घर से निकाला, बाथरूम साफ करने की शर्त रखी गई मुंबई में रहते हुए उन्हें एक दोस्त ने अपने कमरे में जगह दे दी। कुछ दिनों बाद उस लड़के ने भी मिथुन को घर से निकाल दिया। ऐसे में मिथुन कई दिनों तक फुटपाथ में ही गुजारा करते रहे। मिथुन बाथरूम इस्तेमाल करने के लिए एक जिम जाते थे, ऐसे में जिम के मालिक ने शर्त रखी थी कि अगर बाथरूम यूज करना है, तो रोज आकर सफाई करनी पड़ेगी। ये किस्सा मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। डांस इंडिया डांस शो में मिथुन ने बताया कि उन्होंने कई रातें भूख में फुटपाथ में सोकर गुजारीं। यही वजह है कि वो कभी नहीं चाहते कि उनकी बायोपिक बने, क्योंकि उनकी कहानी, लोगों को तोड़ देगी। किस्सा-5 फ्लर्ट करते देख मृणाल सेन ने दी पहली फिल्म मृगया मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 की फिल्म मृगया से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें कॉलेज के दिनों में ही कास्ट कर लिया गया था। दरअसल, हुआ कुछ यूं कि जिस समय मिथुन पुणे के FTII में पढ़ रहे थे, तब डायरेक्टर मृणाल

काकोली घोष दस्तीदार ने कल्याण बनर्जी पर ‘बार-बार दुर्व्यवहार’ करने का आरोप लगाया, लोकसभा से उनके निष्कासन की मांग की | भारत समाचार

Spain's Rodri (16) controls the ball against Cape Verde's Jovane Cabral (7) during the World Cup Group H soccer match between Spain and Cape Verde in Atlanta, Monday, June 15, 2026. (AP Photo/Jacob Kupferman)

आखरी अपडेट:15 जून, 2026, 22:15 IST काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कल्याण बनर्जी को कथित स्त्रीद्वेषी कदाचार के लिए निष्कासित करने का आग्रह किया। बनर्जी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए इनकार करते हैं। कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है. (छवि: पीटीआई) बागी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की लोकसभा नेता काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर सांसद कल्याण बनर्जी पर संसद के अंदर बार-बार कदाचार और स्त्रीद्वेषपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उन्हें निष्कासित करने की मांग की है। सोमवार को सार्वजनिक रूप से सामने आए 10 जून के पत्र में दस्तीदार ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने उनके और अन्य महिला सांसदों के खिलाफ बार-बार अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया है। दस्तीदार ने बनर्जी पर महिला सांसदों के खिलाफ ‘अपमानजनक’ भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया उन्होंने लिखा, “कई मौकों पर, श्री कल्याण बनर्जी ने सदन की बैठकों और कार्यवाही के दौरान मेरे और अन्य महिला सदस्यों के खिलाफ आपत्तिजनक, अपमानजनक और अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया है। ऐसा आचरण एक संसद सदस्य के लिए अशोभनीय है और निर्वाचित प्रतिनिधियों से अपेक्षित संसदीय बहस की गरिमा, मर्यादा और मानकों को कमजोर करता है।” पीटीआई सूचना दी. संविधान के अनुच्छेद 105 का हवाला देते हुए उन्होंने तर्क दिया कि संसदीय विशेषाधिकार व्यक्तिगत दुरुपयोग या साथी सदस्यों को कमजोर करने वाले आचरण की अनुमति नहीं देते हैं। बारासात सीट से असंतुष्ट टीएमसी सांसद ने पत्र में आगे लिखा, “इस तरह का व्यवहार मजबूत राजनीतिक असहमति या संसदीय बहस की सीमा से परे चला जाता है और व्यक्तिगत दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के दायरे में प्रवेश करता है। आचरण ने न केवल व्यक्तिगत पीड़ा पैदा की है, बल्कि एक ऐसा माहौल भी बनाया है जो संसदीय कार्यवाही में महिलाओं की स्वतंत्र भागीदारी को हतोत्साहित करता है।” बनर्जी ने आरोपों को खारिज किया यह शिकायत टीएमसी के भीतर बढ़ते विभाजन के बीच आई है। रविवार को, दस्तीदार ने 20 असंतुष्ट टीएमसी सांसदों के एक समूह का नेतृत्व किया, जिन्होंने अध्यक्ष से मुलाकात की, लोकसभा में एक अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की और नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के साथ अपने विलय की घोषणा की। इस बीच, बनर्जी ने आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया है। “मैंने वास्तव में उनके साथ दुर्व्यवहार कब किया? उन्होंने मुझे ‘बार-बार अपराधी’ कहा। इसलिए, उन्हें यह बताना होगा कि क्या मैंने 15वीं, 16वीं या 17वीं लोकसभा के कार्यकाल के दौरान ऐसा किया था? या यह 18वीं लोकसभा के दौरान किया था?” उसने कहा। उन्होंने सवाल किया कि पहले कोई शिकायत क्यों दर्ज नहीं की गई और सुझाव दिया कि दस्तीदार को लोकसभा में टीएमसी के मुख्य सचेतक के पद से हटाए जाने के बाद ही आरोप सामने आए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में मनीषा रॉय मनीषा रॉय News18.com के जनरल डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक हैं। उन्हें मीडिया उद्योग में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह राजनीति और अन्य कठिन समाचारों को कवर करती है। उनसे मनीष पर संपर्क किया जा सकता है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया काकोली घोष दस्तीदार ने कल्याण बनर्जी पर ‘बार-बार दुर्व्यवहार’ करने का आरोप लगाया, उन्हें लोकसभा से निष्कासित करने की मांग की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)काकोली घोष दस्तीदार दुर्व्यवहार शिकायत(टी)कल्याण बनर्जी निष्कासन(टी)टीएमसी विद्रोही सांसद(टी)गलत व्यवहार संसद(टी)लोकसभा कदाचार(टी)संसदीय विशेषाधिकारों का दुरुपयोग(टी)महिला सांसदों का उत्पीड़न(टी)तृणमूल कांग्रेस विभाजित

‘विधानसभा में कोई गठबंधन नहीं’: ऋतब्रत बनर्जी ने एनसीपीआई विलय से बागी टीएमसी विधायकों को दूर किया | भारत समाचार

Lamine Yamal has been declared fit ahead of the contest. (AP Photo)

आखरी अपडेट:15 जून, 2026, 21:21 IST ऋतब्रत बनर्जी का कहना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में 65 बागी विधायक एनसीपीआई में विलय नहीं करेंगे। ऋतब्रत बनर्जी ने बागी टीएमसी विधायकों के लिए एनसीपीआई विलय से इनकार कर दिया है। (छवि: एएनआई/फ़ाइल) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर गहराते संकट के बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और निष्कासित टीएमसी नेता रीतब्रत बनर्जी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि 20 बागी टीएमसी सांसदों का नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय का निर्णय राज्य विधानसभा में विद्रोही विधायकों पर लागू नहीं होता है। असंतुष्ट सांसदों की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, बनर्जी ने कहा, “लोकसभा के 20 सांसदों ने नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया के साथ विलय का फैसला किया है। यह उनका निर्णय है… जहां तक ​​हमारे सामूहिक का सवाल है, हमारा ऐसा कोई विचार नहीं है। बंगाल विधानसभा में टीएमसी विधायकों के एनसीपीआई में विलय का कोई सवाल ही नहीं है… फिलहाल, हमें 65 बागी विधायकों का समर्थन प्राप्त है।” #देखें | कोलकाता: 20 बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई (नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया) में विलय पर पश्चिम बंगाल के एलओपी और निष्कासित टीएमसी नेता रीतब्रत बनर्जी का कहना है, “लोकसभा के 20 सांसदों ने नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय का फैसला किया है। यह उनका फैसला है…हमारा… pic.twitter.com/Cz18fg2w3t– एएनआई (@ANI) 15 जून, 2026 ’65 विधायकों ने हमारा समर्थन किया’ उन्होंने आगे कहा, “…हमने स्पीकर को एक पत्र दिया है कि अगर नाम सार्वजनिक होते हैं, तो यह विशेषाधिकार का उल्लंघन है…” बागी विधायक की टिप्पणी असंतुष्ट सांसदों के एक समूह द्वारा एनसीपीआई के साथ विलय और बाद में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने की योजना की घोषणा के एक दिन बाद आई है। सूत्रों के मुताबिक, एनसीपीआई को मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दिल्ली में असंतुष्ट नेताओं की बैठक के बाद इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा, “हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं।” चुनाव में हार के बाद टीएमसी में दरार बढ़ी काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय, अरूप चक्रवर्ती, सायोनी घोष, माला रॉय, बापी हलदर और प्रसून बनर्जी समेत कई बागी सांसद रविवार को केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के आवास पर एक बैठक में शामिल हुए। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे. इसके बाद विद्रोही खेमा एक और बैठक के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास की ओर चला गया। यह विद्रोह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद हुआ है और इसने पार्टी के भीतर बढ़ते विभाजन को उजागर कर दिया है। जबकि सांसद एनसीपीआई के माध्यम से एक नया राजनीतिक रास्ता तय करने के लिए तैयार हैं, बनर्जी की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि बागी विधायक फिलहाल विलय में शामिल होने के बजाय विधानसभा के भीतर अपनी ताकत मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में मनीषा रॉय मनीषा रॉय News18.com के जनरल डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक हैं। उन्हें मीडिया उद्योग में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह राजनीति और अन्य कठिन समाचारों को कवर करती है। उनसे मनीष पर संपर्क किया जा सकता है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘विधानसभा में कोई गठबंधन नहीं’: ऋतब्रत बनर्जी ने एनसीपीआई विलय से बागी टीएमसी विधायकों को दूर किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद(टी)टीएमसी संकट(टी)ऋताब्रता बनर्जी(टी)नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया(टी)एनसीपीआई विलय(टी)बागी टीएमसी विधायक(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए

US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले

US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी।

US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले

US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी।

आरएसएस के कार्यक्रम में तीन कुलपतियों के शामिल होने से केरल में राजनीतिक तूफान, मुख्यमंत्री ने की निंदा | #साफ बात

आरएसएस के कार्यक्रम में तीन कुलपतियों के शामिल होने से केरल में राजनीतिक तूफान, मुख्यमंत्री ने की निंदा | #साफ बात

केरल में तीन कुलपतियों के आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसकी मुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं ने तीखी आलोचना की है। यह विवाद शैक्षणिक तटस्थता, संस्थागत स्वतंत्रता और विश्वविद्यालय स्थानों में राजनीतिक या वैचारिक संगठनों की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। यह बहस सांप्रदायिक समूहों के साथ कांग्रेस पार्टी के पिछले गठबंधनों पर भी सवाल उठा रही है, जिससे केरल के राजनीतिक टकराव में एक और परत जुड़ रही है। जैसे-जैसे विवाद गहराता जा रहा है, ध्यान इस बात पर बना हुआ है कि क्या विश्वविद्यालय के नेताओं को वैचारिक कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए और अकादमिक जुड़ाव और राजनीतिक संबद्धता के बीच कहां रेखा खींची जानी चाहिए। n18oc_plain-speak n18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 19:04 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)शैक्षणिक स्वतंत्रता(टी)शैक्षणिक तटस्थता(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत(टी)कैंपस राजनीति(टी)मुख्यमंत्री आलोचना(टी)कांग्रेस(टी)कांग्रेस गठबंधन(टी)भारतीय राजनीति(टी)संस्थागत स्वतंत्रता(टी)केरल(टी)केरल सीएम(टी)केरल की राजनीति(टी)केरल के कुलपति(टी)न्यूज18(टी)विपक्षी नेता केरल(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजनीतिक तूफान केरल(टी)आरएसएस कार्यक्रम(टी)आरएसएस पंक्ति केरल(टी)सांप्रदायिक समूह(टी)तीन कुलपति(टी)विश्वविद्यालय तटस्थता(टी)विश्वविद्यालय की राजनीति(टी)कुलपति आरएसएस कार्यक्रम में भाग लेते हैं(टी)कुलपति

बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई में जाने से पार्टी चिंतित: ‘हमें कोई जानकारी नहीं थी’ | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:15 जून, 2026, 13:58 IST एनसीपीआई के राज्य युवा महासचिव तितास भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी नेता इस घोषणा से आश्चर्यचकित हैं और अभी भी स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। बागी टीएमसी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की। (एएनआई) टीएमसी विद्रोह: नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई), एक अल्पज्ञात क्षेत्रीय राजनीतिक संगठन, जिसने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के उसके साथ विलय की घोषणा के बाद अचानक खुद को एक प्रमुख राजनीतिक विकास के केंद्र में पाया, ने कहा है कि उसे इस कदम के बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और विवरण के बारे में अस्पष्ट है। सीएनएन-न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बात करते हुए एनसीपीआई के राज्य युवा महासचिव तितास भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी नेता इस घोषणा से आश्चर्यचकित हैं और अभी भी स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। भट्टाचार्य ने कहा, “हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हम भ्रमित हैं और अभी हमारे पास कोई स्पष्टता नहीं है।” उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर सकती है। भट्टाचार्य के अनुसार, संगठन का गठन 2023 में हुआ था और उसने त्रिपुरा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में स्थानीय निकाय चुनाव भी लड़ा था। उन्होंने उन सुझावों को भी खारिज कर दिया कि पार्टी की स्थापना किसी एक व्यक्ति द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा, “यह हमारी पार्टी है। इसका कोई संस्थापक नहीं है, कई संस्थापक सदस्य हैं। मैं राज्य का युवा महासचिव हूं।” अनिश्चितता के बावजूद पार्टी ने बागी सांसदों के प्रवेश का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि वरिष्ठ राजनेता हमारे साथ जुड़ गए हैं। हमारे पास एक छोटा मंच था और यह बड़ा हो गया है।” उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर चर्चा अभी भी चल रही है। इसी तरह की टिप्पणी एनसीपीआई के संस्थापक सदस्य शांतनु डे ने भी की, जिन्होंने कहा कि उन्हें हाल ही में विकास के बारे में पता चला है। डे ने कहा, “हमने यह पार्टी बनाई है। कल मैंने सुना कि बड़े लोग इसमें शामिल हुए हैं। हम उनका हर तरह से स्वागत करते हैं।” एनसीपीआई, एक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, त्रिपुरा विधानसभा चुनाव से पहले जनवरी 2023 में चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत किया गया था। पश्चिम बंगाल में मुख्यालय होने के बावजूद, पार्टी ने त्रिपुरा में चुनावी शुरुआत की और मुख्य धारा के राजनीतिक विमर्श से काफी हद तक बाहर रही। पार्टी दस्तावेज़ों में शेवली कुंडू को कोषाध्यक्ष के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। वह राजनीतिक दल के समान पते पर पंजीकृत दो संगठनों में निदेशक भी हैं: बिस्वाबाजार प्राइवेट लिमिटेड (नवंबर 2021 से निदेशक) और पश्चिम बंग असंगथिता महिला कर्मी एसोसिएशन (अक्टूबर 2020 से निदेशक), जो सामाजिक कार्य गतिविधियों में शामिल संगठन है। पार्टी तब सुर्खियों में आई जब तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय की घोषणा की, एक ऐसा कदम जो संसद में राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकता है। हालाँकि, इस घटनाक्रम ने विलय की प्रकृति पर भी सवाल उठाए हैं, एनसीपीआई नेताओं ने खुद कहा है कि वे पार्टी के भविष्य के पाठ्यक्रम पर और स्पष्टता प्रदान करने से पहले आंतरिक चर्चा का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, टीएमसी नेताओं ने इस कदम की तीखी आलोचना की है, पार्टी के दिग्गज नेता सौगत रॉय ने विलय को “हास्यास्पद” बताते हुए खारिज कर दिया और सवाल उठाया कि तृणमूल के प्रतीक पर चुने गए सांसद एक अस्पष्ट क्षेत्रीय संगठन में शामिल होने को कैसे उचित ठहरा सकते हैं। उन्होंने कहा, “इसे अफसोस की नजर से देखा जाएगा। उन्हें बागी कहें या गद्दार कहें, वे अपमानित होकर जाएंगे। उन्होंने एक-दो महीने पहले ही पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता था और अब वे पार्टी छोड़ रहे हैं। कौन क्या शामिल हो रहा है और इसका सबूत कहां है? विश्वास मत से बड़ा मौका कभी नहीं मिलेगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शोभित गुप्ता शोभित गुप्ता News18.com में उप-संपादक हैं और भारत और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों को कवर करते हैं। वह भारत के रोजमर्रा के राजनीतिक मामलों और भू-राजनीति में रुचि रखते हैं। उन्होंने बीए पत्रकारिता (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई में जाने से पार्टी अचंभित: ‘हमें कोई जानकारी नहीं थी’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी विद्रोह(टी)तृणमूल कांग्रेस सांसद(टी)एनसीपीआई विलय(टी)नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया(टी)बागी सांसद एनसीपीआई में शामिल हुए(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)त्रिपुरा चुनाव 2023(टी)भारतीय संसदीय राजनीति

'कुमकुम भाग्य' एक्ट्रेस संचिता उगले का निधन:फंदे से लटकी मिली बॉडी, दावा- सुसाइड किया, मौत से कुछ घंटों पहले रील पोस्ट की

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टीवी एक्ट्रेस संचिता उगले का निधन हो गया है। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 30 साल की एक्ट्रेस ने आत्महत्या की है। हालांकि, मामले को लेकर आधिकारिक रूप से अधिक जानकारी सामने नहीं आई है। संचिता उगले ने कई टीवी शो और फिल्मों में काम किया है। वह लोकप्रिय टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’, ‘वागले की दुनिया’ जैसे कई शो का हिस्सा रह चुकी थीं। उन्होंने फिल्म ‘छावा’ में भी काम किया था, जिसमें विक्की कौशल मुख्य भूमिका में नजर आए थे। रिपोर्ट में पुलिस ने बताया कि संचिता अपने माता-पिता और बहन के साथ रहती थीं। घटना के समय वह घर पर अकेली थीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उन्होंने साड़ी के सहारे फांसी लगाई। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच जारी है। (खबर अपडेट की जा रही है)