Saturday, 20 Jun 2026 | 05:25 PM

Trending :

EXCLUSIVE

SEBI Board Eases Share Transfer for Deceased Investors

SEBI Board Eases Share Transfer for Deceased Investors
  • Hindi News
  • Business
  • SEBI Board Eases Share Transfer For Deceased Investors | Claims Limit Raised

मुंबई6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सेबी बोर्ड ने शुक्रवार को हुई मीटिंग में मृतक निवेशकों के नाम पर मौजूद सिक्योरिटीज जैसे- शेयर्स और बॉन्ड्स को उनके कानूनी वारिसों और दावेदारों के नाम पर ट्रांसफर करने की प्रोसेस को आसान बनाने का फैसला किया है।

इसके साथ ही रेगुलेटर ने फिजिकल और डीमैट फॉर्म में सिक्योरिटीज रखने वाले दावेदारों के लिए नई कैटेगरीज भी बनाई हैं।

छोटे दावेदारों के लिए बनी नई कैटेगरी

सेबी ने उन दावेदारों के लिए एक नई कैटेगरी बनाई है जहां फिजिकल फॉर्म में सिक्योरिटीज की वैल्यू प्रति शेयर 10,000 रुपए से ज्यादा नहीं है।

वहीं डीमैट फॉर्म में रखी सिक्योरिटीज के लिए यह लिमिट प्रति शेयर 30,000 रुपए तय की गई है।

स्मॉल-वैल्यू क्लेम की रकम को दोगुना किया

रेगुलेटरी अथॉरिटी ने स्मॉल-वैल्यू क्लेम के अमाउंट को दोगुना कर दिया है। अब फिजिकल शेयर्स के लिए यह सीमा बढ़कर 10 लाख रुपए प्रति शेयर और डीमैट शेयर्स के लिए 30 लाख रुपए प्रति शेयर हो गई है।

इसके अलावा बोर्ड ने कई ऐसे उपायों को मंजूरी दी है, जिससे कागजी औपचारिकताएं यानी प्रोसीजरल रिक्वायरमेंट्स कम होंगी और ट्रांसमिशन प्रोसेस आसान होगी।

पैन कार्ड और वसीयत की अनिवार्यता खत्म

सेबी ने साफ किया है कि चूंकि सिक्योरिटीज का ट्रांसमिशन डीमैट अकाउंट में किया जाएगा, जिसके लिए अकाउंट खोलते समय पैन देना पहले से ही जरूरी होता है। इसलिए अब ट्रांसमिशन के समय अलग से पैन सबमिट करने की जरूरत नहीं होगी।

इसके साथ ही, हाल ही में उत्तराधिकार कानूनों यानी सक्सेशन लॉ में हुए बदलावों को देखते हुए वसीयत का प्रोबेट यानी प्रोबेट ऑफ विल प्राप्त करने की अनिवार्य शर्त को भी खत्म कर दिया गया है।

अलग-अलग कागजात की जगह अब सिर्फ एक NOC

मार्केट रेगुलेटर ने नियमों को सरल बनाते हुए कहा कि अब निवेशकों को अलग-अलग एफिडेविट और एनओसी देने की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह अब एक कंबाइंड एफिडेविट-कम-नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) ही मान्य होगा।

इसके अलावा, इस पूरी प्रोसेस के लिए मूल या सत्यापित प्रतियों यानी अटेस्टेड कॉपी के साथ-साथ अब QR कोड वाले डेथ सर्टिफिकेट (DCs) के इस्तेमाल की भी मंजूरी दे दी गई है।

ओपन मार्केट शेयर बायबैक की दोबारा शुरुआत

सेबी बोर्ड ने स्टॉक एक्सचेंज मैकेनिज्म का इस्तेमाल करने वाले ओपन मार्केट शेयर बायबैक प्रोसेस को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। सेबी के अधिकारियों के मुताबिक, कुछ साल पहले टैक्सेशन से जुड़े मुद्दों के कारण इस व्यवस्था को वापस ले लिया गया था।

टैक्स फ्रेमवर्क में संशोधन और हितधारकों से मिले सुझावों के बाद इस प्रोसेस का रिव्यू किया गया है, ताकि बायबैक में ज्यादा फ्लेक्सिबल आ सके, प्रोसेस की जटिलता कम हो और निवेशकों के हितों की सुरक्षा मजबूत हो सके।

फंड हाउसेज को इंट्रा-डे बॉरोइंग की मंजूरी

सेबी बोर्ड ने म्यूचुअल फंड हाउसेज के लिए लिक्विडिटी मिसमैच (नकदी की कमी) को दूर करने के लिए इंट्रा-डे बॉरोइंग (उसी दिन के लिए कर्ज लेने) की सुविधा को आसान बना दिया है।

इसके साथ ही, सेबी के कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बोर्ड ने सेबी मेंबर्स के लिए एक नए कोड ऑफ कंडक्ट और सेबी (कर्मचारी सेवा) विनियम, 2001 में संशोधनों को मंजूरी दी है। इसकी जानकारी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने दी।

सेल्फ-लिस्टिंग की इजाजत नहीं: चेयरमैन

  • चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने स्पष्ट किया कि रेगुलेटर फिलहाल ‘सेल्फ-लिस्टिंग’ की अनुमति देने के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है।
  • सेल्फ-लिस्टिंग का मतलब किसी स्टॉक एक्सचेंज या उसकी ग्रुप कंपनी को अपने ही एक्सचेंज पर लिस्ट होने की अनुमति देना होता है।
  • भारत में बीएसई (BSE) लिस्टेड है, लेकिन इसकी ट्रेडिंग केवल एनएसई (NSE) पर ही होती है।

क्या होता है प्रोबेट?

वसीयत की अदालत द्वारा प्रमाणित प्रति को प्रोबेट कहते हैं, जिससे यह साबित होता है कि वसीयत सही है। सेबी ने अब इसे अनिवार्य लिस्ट से हटा दिया है।

क्या होता है ओपन मार्केट बायबैक?

जब कोई कंपनी स्टॉक एक्सचेंज के जरिए सीधे आम निवेशकों से अपने ही शेयर वापस खरीदती है, तो उसे ओपन मार्केट बायबैक कहते हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सुनंदा शर्मा के नए सॉन्ग पर कॉन्ट्रोवर्सी:1.8M व्यूज के बाद यूट्यूब से हटाया; सिंगर बोलीं- फेक डॉक्यूमेंट्स पर कॉपीराइट का दावा किया

May 28, 2026/
5:25 am

पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया लुक या शो...

रायसेन: 16 यात्री और 5 बाइक से लदी नाव पलटी:चार युवकों ने नर्मदा नदी में कूदकर सभी को बचाया; रमपुरा से रिछावर घाट जा रही थी नाव

March 30, 2026/
9:13 pm

रायसेन जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रमपुरा घाट पर सोमवार को नर्मदा नदी में बड़ा हादसा टल गया।...

6565 Posts Govt Jobs Notification Out

April 3, 2026/
8:00 pm

57 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी रेलवे में 6565 भर्ती का जोन वाइज नोटिफिकेशन जारी...

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में नशेड़ी का तांडव:वार्डों में लोटता रहा युवक, प्रबंधन संभालने में हुआ परेशान

April 14, 2026/
11:25 am

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक नशे की हालत में युवक ने अस्पताल...

₹25 लाख खर्च कर हरियाणा पहुंचा युवक का शव:अमेरिका में सड़क हादसे में मौत, ₹50 लाख लगाकर भेजा था; प्लॉट-दुकान भी बिके

June 9, 2026/
10:43 am

करनाल के एक युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार देर शाम उसका शव अमेरिका से...

दतिया में आंधी-बारिश के बाद निकली तेज धूप:रात को बारिश, दिन में 38॰ पहुंचा पारा; बारिश से गेहूं फसल को नुकसान की आशंका

April 3, 2026/
5:48 pm

अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपने कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात...

राजनीति

SEBI Board Eases Share Transfer for Deceased Investors

SEBI Board Eases Share Transfer for Deceased Investors
  • Hindi News
  • Business
  • SEBI Board Eases Share Transfer For Deceased Investors | Claims Limit Raised

मुंबई6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सेबी बोर्ड ने शुक्रवार को हुई मीटिंग में मृतक निवेशकों के नाम पर मौजूद सिक्योरिटीज जैसे- शेयर्स और बॉन्ड्स को उनके कानूनी वारिसों और दावेदारों के नाम पर ट्रांसफर करने की प्रोसेस को आसान बनाने का फैसला किया है।

इसके साथ ही रेगुलेटर ने फिजिकल और डीमैट फॉर्म में सिक्योरिटीज रखने वाले दावेदारों के लिए नई कैटेगरीज भी बनाई हैं।

छोटे दावेदारों के लिए बनी नई कैटेगरी

सेबी ने उन दावेदारों के लिए एक नई कैटेगरी बनाई है जहां फिजिकल फॉर्म में सिक्योरिटीज की वैल्यू प्रति शेयर 10,000 रुपए से ज्यादा नहीं है।

वहीं डीमैट फॉर्म में रखी सिक्योरिटीज के लिए यह लिमिट प्रति शेयर 30,000 रुपए तय की गई है।

स्मॉल-वैल्यू क्लेम की रकम को दोगुना किया

रेगुलेटरी अथॉरिटी ने स्मॉल-वैल्यू क्लेम के अमाउंट को दोगुना कर दिया है। अब फिजिकल शेयर्स के लिए यह सीमा बढ़कर 10 लाख रुपए प्रति शेयर और डीमैट शेयर्स के लिए 30 लाख रुपए प्रति शेयर हो गई है।

इसके अलावा बोर्ड ने कई ऐसे उपायों को मंजूरी दी है, जिससे कागजी औपचारिकताएं यानी प्रोसीजरल रिक्वायरमेंट्स कम होंगी और ट्रांसमिशन प्रोसेस आसान होगी।

पैन कार्ड और वसीयत की अनिवार्यता खत्म

सेबी ने साफ किया है कि चूंकि सिक्योरिटीज का ट्रांसमिशन डीमैट अकाउंट में किया जाएगा, जिसके लिए अकाउंट खोलते समय पैन देना पहले से ही जरूरी होता है। इसलिए अब ट्रांसमिशन के समय अलग से पैन सबमिट करने की जरूरत नहीं होगी।

इसके साथ ही, हाल ही में उत्तराधिकार कानूनों यानी सक्सेशन लॉ में हुए बदलावों को देखते हुए वसीयत का प्रोबेट यानी प्रोबेट ऑफ विल प्राप्त करने की अनिवार्य शर्त को भी खत्म कर दिया गया है।

अलग-अलग कागजात की जगह अब सिर्फ एक NOC

मार्केट रेगुलेटर ने नियमों को सरल बनाते हुए कहा कि अब निवेशकों को अलग-अलग एफिडेविट और एनओसी देने की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह अब एक कंबाइंड एफिडेविट-कम-नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) ही मान्य होगा।

इसके अलावा, इस पूरी प्रोसेस के लिए मूल या सत्यापित प्रतियों यानी अटेस्टेड कॉपी के साथ-साथ अब QR कोड वाले डेथ सर्टिफिकेट (DCs) के इस्तेमाल की भी मंजूरी दे दी गई है।

ओपन मार्केट शेयर बायबैक की दोबारा शुरुआत

सेबी बोर्ड ने स्टॉक एक्सचेंज मैकेनिज्म का इस्तेमाल करने वाले ओपन मार्केट शेयर बायबैक प्रोसेस को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। सेबी के अधिकारियों के मुताबिक, कुछ साल पहले टैक्सेशन से जुड़े मुद्दों के कारण इस व्यवस्था को वापस ले लिया गया था।

टैक्स फ्रेमवर्क में संशोधन और हितधारकों से मिले सुझावों के बाद इस प्रोसेस का रिव्यू किया गया है, ताकि बायबैक में ज्यादा फ्लेक्सिबल आ सके, प्रोसेस की जटिलता कम हो और निवेशकों के हितों की सुरक्षा मजबूत हो सके।

फंड हाउसेज को इंट्रा-डे बॉरोइंग की मंजूरी

सेबी बोर्ड ने म्यूचुअल फंड हाउसेज के लिए लिक्विडिटी मिसमैच (नकदी की कमी) को दूर करने के लिए इंट्रा-डे बॉरोइंग (उसी दिन के लिए कर्ज लेने) की सुविधा को आसान बना दिया है।

इसके साथ ही, सेबी के कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बोर्ड ने सेबी मेंबर्स के लिए एक नए कोड ऑफ कंडक्ट और सेबी (कर्मचारी सेवा) विनियम, 2001 में संशोधनों को मंजूरी दी है। इसकी जानकारी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने दी।

सेल्फ-लिस्टिंग की इजाजत नहीं: चेयरमैन

  • चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने स्पष्ट किया कि रेगुलेटर फिलहाल ‘सेल्फ-लिस्टिंग’ की अनुमति देने के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है।
  • सेल्फ-लिस्टिंग का मतलब किसी स्टॉक एक्सचेंज या उसकी ग्रुप कंपनी को अपने ही एक्सचेंज पर लिस्ट होने की अनुमति देना होता है।
  • भारत में बीएसई (BSE) लिस्टेड है, लेकिन इसकी ट्रेडिंग केवल एनएसई (NSE) पर ही होती है।

क्या होता है प्रोबेट?

वसीयत की अदालत द्वारा प्रमाणित प्रति को प्रोबेट कहते हैं, जिससे यह साबित होता है कि वसीयत सही है। सेबी ने अब इसे अनिवार्य लिस्ट से हटा दिया है।

क्या होता है ओपन मार्केट बायबैक?

जब कोई कंपनी स्टॉक एक्सचेंज के जरिए सीधे आम निवेशकों से अपने ही शेयर वापस खरीदती है, तो उसे ओपन मार्केट बायबैक कहते हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.