गेंदा के फूल के फायदे: त्वचा, पाचन और सूजन में प्राकृतिक औषधीय लाभ

Last Updated:March 29, 2026, 16:11 IST गेंदा का फूल केवल पूजा और सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई औषधीय गुणों से भरपूर प्राकृतिक उपचार भी है. त्वचा की समस्याओं से लेकर पाचन सुधारने, सूजन कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक, गेंदा का उपयोग आयुर्वेद में लंबे समय से किया जाता रहा है. हालांकि, इसका इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना गया है. गेंदा का फूल औषधीय गुणों से भरपूर होता है और यह कई बीमारियों में राहत देने का काम करता है. आमतौर पर लोग इसे पूजा-पाठ और सजावट के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि गेंदा एक असरदार औषधि भी है. आयुर्वेद में गेंदा के फूल, पत्तियां और यहां तक कि इसके रस का भी उपयोग कई तरह की समस्याओं के इलाज में किया जाता है. त्वचा से जुड़ी समस्याओं में गेंदा बहुत फायदेमंद है. अगर किसी को खुजली, दाने, फोड़े-फुंसी या जलन की समस्या हो, तो गेंदा के फूल का लेप लगाने से आराम मिलता है. यह त्वचा को ठंडक देता है और जलन को कम करता है. इसके अलावा, गेंदा से बना तेल भी त्वचा को मुलायम और स्वस्थ रखने में मदद करता है. गेंदा का फूल आंखों के लिए भी लाभकारी माना जाता है, अगर आंखों में जलन, लालिमा या सूजन हो, तो गेंदा के फूल को पानी में उबालकर ठंडा करके उससे आंख धोने से राहत मिलती है. हालांकि, आंखों में इस्तेमाल करने से पहले साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. Add News18 as Preferred Source on Google मालती वर्मा बताती है कि पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी गेंदा का उपयोग किया जाता है. गेंदा के फूल से बनी चाय या काढ़ा पेट की गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है. यह शरीर के अंदर की सफाई करने में भी मदद करता है और पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है. गेंदा का उपयोग सूजन और दर्द कम करने में भी किया जाता है. इसके फूल में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर की सूजन को कम करते हैं. अगर किसी को जोड़ों में दर्द या सूजन की समस्या है, तो गेंदा के तेल से मालिश करने से आराम मिल सकता है. गेंदा का फूल महिलाओं के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसका उपयोग मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए किया जाता है. हालांकि, इसका उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है. गेंदा का फूल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं. नियमित रूप से इसका सीमित उपयोग करने से शरीर स्वस्थ रहता है. गांवों और छोटे कस्बों में गेंदा का उपयोग घरेलू इलाज के रूप में काफी समय से किया जा रहा है. यह आसानी से मिलने वाला और सस्ता पौधा है, जिसे लोग अपने घरों में भी उगा सकते हैं. यही वजह है कि यह आम लोगों के लिए एक सुलभ औषधि बन चुका है. मालती वर्मा बताती है गेंदा का उपयोग करते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं. किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी या गर्भवती महिला को उसका प्रयोग करने से पहले किसी किसी डॉक्टर या और आयुर्वेदाचार्य के सलाह बिना किसी भी औषधि पौधे का प्रयोग नहीं करना चाहिए. किसी भी औषधि पौधे का प्रयोग केवल 7 दिन तक ही करना चाहिए. First Published : March 29, 2026, 16:11 IST
इस मीठे फल के पत्ती-छाल में भी छिपे हैं औषधीय गुण, विटामिन-सी और आयरन से भरपूर, गर्मियों में बेहद फायदेमंद

Last Updated:March 29, 2026, 14:35 IST Summer Health Tips: गर्मियों में शरीर को सेहतमंद और रोगों से सही रखने के लिए शहतूत का फल काफी फायदेमंद होता है. इसके फल ही नहीं. पत्ती और छाल में भी आयुर्वेदिक गुण होते हैं. आइए जानते हैं कि शहतूत के क्या-क्या फायदे होते हैं. फिरोजाबाद: गर्मियों के सीजन में वैसे तो कई तरह के फल खाए जाते हैं, लेकिन शहतूत का फल खाने के कई फायदे हैं. ये फल मीठे होने के साथ-साथ हमारे हेल्थ के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार, गर्मियों के इनका सेवन जरूर करना चाहिए. इससे हमारी स्किन को भी फायदा होता है. ये फल आमतौर पर गांव देहात इलाके में आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन बेहद कम समय के लिए ही शहतूत के फल देखने को मिलते हैं. गर्मियों में खाने से होते हैं कई फायदे फिरोजाबाद आयुष विंग हॉस्पिटल की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कविता महेश्वरी ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि गर्मियों में शहतूत के फल खूब खाए जाते हैं. आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में इनके पेड़ भी देखने को मिलते हैं. शहतूत का फल मधुर शीत गुण से भरपूर होता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन-सी और आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है. वही अगर कोई व्यक्ति इस फल का गर्मियों में रोजाना सेवन करता है, तो उसकी कमजोरी भी दूर भागती है. वही इस फल की कई वैरायटी भी होती है. वैसे तो हरे, काले और लाल रंग के शहतूत ही देखने को मिलते हैं. लेकिन और भी तरह की वैरायटी इसमें देखने को मिलती है. गर्मियों में इन्हें खाने का अलग ही आनंद मिलता है. पत्तियां और छाल से भी दूर होती है बीमारियां आयुर्वेदिक चिकित्सक ने कहा कि शहतूत का फल खाने में मीठा लगता है. इसलिए लोग इसे खाते है, लेकिन इसका जूस पीने से कई तरह के फायदे होते हैं. जैसे कब्ज या गले के सूजन में इसका जूस बहुत असरदार होता है. वही फंगल इन्फेक्शन होने पर इनके पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है. गर्मियों में हाथ और पैर में जलन होने पर इसका जूस पीना चाहिए. इससे शरीर को ठंडक मिलती है. शहतूत के फल खाने के बहुत फायदे हैं. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Firozabad,Uttar Pradesh First Published : March 29, 2026, 14:35 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
सावधान! गर्मियों में आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं आपकी ये आम आदतें, एक्सपर्ट से जानें बचाव

Last Updated:March 23, 2026, 22:04 IST Summer Health Tips: चिलचिलाती धूप और बढ़ता तापमान आपके शरीर की ऊर्जा को सोख सकता है. जिला अस्पताल में डाइटिशियन डॉ. सपना सिंह बताती हैं कि गर्मी शुरू होते ही लोग डिहाइड्रेशन, कमजोरी और पेट के विकारों का शिकार होने लगे हैं. खासकर फील्ड में काम करने वाले लोगों के लिए यह मौसम काफी चुनौतीपूर्ण होता है. अगर समय रहते खान-पान और पानी की मात्रा पर ध्यान न दिया जाए, तो शरीर की रोग इम्यूनिटी कमजोर पड़ जाती है और बीमारियां आसानी से घेर लेती हैं. मुरादाबाद: सूरज की तपिश बढ़ने के साथ ही गर्मियां अपने पूरे शबाब पर है. लेकिन यह मौसम अपने साथ सेहत से जुड़ी कई चुनौतियां भी लेकर आता है. जिला अस्पताल की डाइटिशियन डॉ. सपना सिंह के मुताबिक, गर्मी शुरू होते ही अस्पताल में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा है. हर दिन करीब 20 से ज्यादा मरीज सिर्फ पानी की कमी, डिहाइड्रेशन और पेट की समस्याओं के कारण इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. डॉ. सपना का कहना है कि इस मौसम में सबसे ज्यादा जरूरी है शरीर में पानी की मात्रा को बनाए रखना. खासकर वे लोग जो फील्ड में काम करते हैं या धूप में ज्यादा रहते हैं, उन्हें अपनी सेहत के प्रति दोगुना सावधान रहने की जरूरत है. डिहाइड्रेशन का खतरा और शरीर पर इसके प्रभावगर्मी के मौसम में शरीर पसीने के जरिए अपनी नमी तेजी से खो देता है. डॉ. सपना सिंह ने बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन भर में कम से कम दो से ढाई लीटर यानी करीब 8 से 10 गिलास पानी पीना जरूरी है. यदि आप कम पानी पीते हैं, तो शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, जिससे आपकी इम्युनिटी भी कमजोर हो जाती है और बीमारियां जल्दी जकड़ लेती हैं. शरीर में पानी घटते ही थकान, तेज सिरदर्द और भारी कमजोरी महसूस होने लगती है. इसके अलावा पानी की कमी से शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है, जो गर्मी के झटके या हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है. इन गंभीर समस्याओं के शिकार हो सकते हैं आपपानी की कमी सिर्फ प्यास तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह शरीर के कई अंगों पर बुरा असर डालती है. कम पानी पीने से पेशाब की मात्रा कम हो जाती है, जिससे मूत्र संबंधी बीमारियां और जलन की समस्या घेर लेती है. डिहाइड्रेशन की वजह से माइग्रेन और असहनीय सिरदर्द की परेशानी भी काफी बढ़ जाती है. इसके साथ ही त्वचा पर भी इसका बुरा असर पड़ता है, जिससे स्किन रूखी हो जाती है और खुजली व रैशेज की समस्या होने लगती है. डॉ. के अनुसार, अस्पताल में आ रहे ज्यादातर मरीजों में पेट से जुड़ी दिक्कतें और शरीर में पानी की भारी कमी देखी जा रही है, जिसका समय पर इलाज न होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है. क्या खाएं और क्या पिएं एक्सपर्ट की विशेष सलाहशरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए सिर्फ सादा पानी ही काफी नहीं है, बल्कि आपको अपनी लिक्विड डाइट में वैरायटी लानी होगी. डाइटिशियन के अनुसार तरबूज, खीरा और खरबूजा जैसे फलों का सेवन ज्यादा करना चाहिए जिनमें पानी की प्राकृतिक मात्रा अधिक होती है. बाजार के कोल्ड ड्रिंक के बजाय नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों का जूस पीना शरीर के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है. धूप में निकलने से पहले ग्लूकोज का पानी पीना भी एक बेहतर विकल्प है. इसके अलावा अपने भोजन में सलाद और हरी सब्जियों को ज्यादा जगह दें और ऐसा संतुलित आहार लें जिसमें भरपूर प्रोटीन, फाइबर और विटामिन्स मौजूद हों. फील्ड में काम करने वालों के लिए जरूरी हिदायतजो लोग फील्ड वर्क करते हैं या जिन्हें धूप में ज्यादा समय बिताना पड़ता है, उनके लिए सावधानी बरतना और भी जरूरी है. ऐसे लोगों को प्यास लगने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या अन्य तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए. समय-समय पर शरबत और फलों के सेवन से शरीर की ऊर्जा बनी रहती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम हो जाता है. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें Location : Moradabad,Uttar Pradesh First Published : March 23, 2026, 22:04 IST
रात के डिनर में रोटी खाएं या चावल? अगर आप भी डाइट को लेकर रहते हैं कंफ्यूज, तो यहां जानें सही जवाब

Last Updated:March 23, 2026, 18:02 IST Sultanpur News: खाने-पीने को लेकर लोग अक्सर सतर्क रहते हैं. कभी-कभी तो लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि रात में चावल खाएं या रोटी, इसी को लेकर एक्सपर्ट ने खास सलाह दी और बताया कि रात में रोटी खाना बेहतर होगा या चावल खाना. सुल्तानपुर: हमारा खान-पान हमारी सेहत पर सीधा असर डालता है. ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि रात में यदि रोटी खाई जाए, तो उनके शरीर के लिए फायदेमंद होगा. वहीं कुछ लोग चावल खाने से बचते भी हैं. ऐसे में रात में चावल खाना बेहतर होता है या फिर रोटी खाना, इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए आज हम एक्सपर्ट से जानेंगे, क्योंकि दोनों ही हमारे रोजमर्रा के आहार का अहम हिस्सा है, लेकिन सही समय और सही मात्रा में लेने से ही इनके फायदे मिलते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं रात में चावल खाना बेहतर होता है या फिर रोटी. रात को रोटी खाने के फायदे और नुकसानसुल्तानपुर के जनरल फिजिशियन डॉ. प्रशांत कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि रोटी, खासकर गेहूं की, फाइबर से भरपूर होती है. यह धीरे-धीरे पचती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है. रात को रोटी खाने से देर रात भूख नहीं लगती और नींद भी अच्छी आती है. डायबिटीज़ और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए रोटी चावल की तुलना में बेहतर विकल्प मानी जाती है. हालांकि ज्यादा रोटियां खाने से पाचन पर दबाव पड़ सकता है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. रात को चावल खाने के फायदे और नुकसानचावल आसानी से पचने वाला भोजन माना जाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होता है, जिससे जल्दी ऊर्जा मिलती है. रात को अगर हल्का और जल्दी पचने वाला खाना चाहिए, तो चावल एक अच्छा विकल्प है. लेकिन सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे यह जल्दी ब्लड शुगर लेवल बढ़ाता है. डायबिटीज़ या वजन कम करने वाले लोगों को रात में ज्यादा चावल खाने से बचना चाहिए. हालांकि ब्राउन राइस या कम मात्रा में चावल लेना ठीक रहता है. रात को चावल और रोटी दोनों ही खाए जा सकते हैं, लेकिन मात्रा और किस्म का ध्यान रखना जरूरी है. ब्राउन राइस या मल्टीग्रेन रोटी जैसे हेल्दी विकल्प ज्यादा फायदेमंद होते हैं. दरअसल सही चुनाव आपके स्वास्थ्य की स्थिति और ज़रूरतों पर निर्भर करता है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रात के भोजन में हल्का, संतुलित और पचने में आसान खाना लेना ही सबसे अच्छा होता है. लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य के हिसाब से चुनावअगर किसी व्यक्ति को दिनभर ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ी हो और रात को जल्दी पचने वाला हल्का भोजन चाहिए, तो सीमित मात्रा में चावल लेना सही रहेगा. वहीं, अगर व्यक्ति को देर तक पेट भरा हुआ चाहिए और वजन कंट्रोल करना है, तो रोटी बेहतर मानी जाती है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी रोटी पचने में थोड़ी भारी हो सकती है, इसलिए उन्हें हल्का चावल दिया जा सकता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : March 23, 2026, 18:02 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Health Tips : आप भी एक झटके में गटक जाते हैं पानी की बोतल? खराब हो जाएगी किडनी, ये वाला काम भी घातक

Last Updated:March 22, 2026, 20:29 IST Kidney disease : देश में किडनी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. अक्सर भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल और काम की धुन में हम अपनी सेहत को पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते. आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवा और घंटों पढ़ाई में जुटे छात्रों में ये आदत ज्यादा देखी जाती है. वे एक ऐसी आदत के शिकार हो रहे हैं, जो धीरे-धीरे उनके शरीर के मुख्य अंगों को खोखला कर रही है. लोकल 18 ने पीलीभीत के आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडे से इन छिपे हुए खतरों के बारे में पूछा. पीलीभीत. आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में हम अक्सर काम की धुन में अपनी सेहत को पीछे छोड़ देते हैं. खासकर आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवा और घंटों पढ़ाई में जुटे छात्र एक ऐसी आदत के शिकार हो रहे हैं, जो धीरे-धीरे उनके शरीर के मुख्य अंगों को खोखला कर रही है. पीलीभीत के वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडे ने लोकल 18 से उन छिपे हुए खतरों के प्रति आगाह किया है, जिन्हें हम रोजमर्रा की जिंदगी में नजरअंदाज कर देते हैं. रोकना घातक डॉ. पांडे बताते हैं कि लगातार 12 से 16 घंटे तक एक ही जगह बैठकर काम करना केवल थकान का कारण नहीं है, बल्कि यह शरीर के भीतर एक गंभीर संकट खड़ा कर रहा है. अक्सर काम के दबाव में युवा अपने शरीर के नेचुरल वेग, जैसे पेशाब को लंबे समय तक रोक लेते हैं. आयुर्वेद में इसे अधारणीय वेग कहा गया है. इस वेग को रोकने से शरीर के अंदर इंफेक्शन बढ़ने लगता है, जो सीधा आपकी किडनी (गुर्दों) पर हमला करता है. लंबे समय में यह आदत किडनी फेलियर जैसी नौबत भी ला सकती है. खतरा सिर्फ किडनी तक ही सीमित नहीं है. घंटों एक ही स्थिति में बैठे रहने से शरीर के निचले हिस्सों की नसों पर भारी दबाव पड़ता है. सभी करते हैं ये गलती डॉ. पांडे का कहना है कि इसी कारण आजकल के युवाओं में बवासीर (पाइल्स) और फिशर जैसी बीमारियां बहुत तेजी से फैल रही हैं. शरीर को जरूरी मूवमेंट न मिलने और गलत तरीके से बैठने के कारण पाचन तंत्र और आंतों की कार्यक्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है. डॉ. पांडे ने पानी पीने की एक ऐसी आम गलती के बारे में भी बताया है, जो लगभग हर दूसरा व्यक्ति करता है. लोग घंटों काम में डूबे रहते हैं और पानी पीना भूल जाते हैं, फिर अचानक याद आने पर एक साथ पूरी बोतल खाली कर देते हैं. अचानक लोड खतरनाक डॉ. पांडे के मुताबिक, यह तरीका किडनी के लिए बहुत खतरनाक है. जैसे किसी थके हुए आदमी पर अचानक भारी बोझ डाल दिया जाए तो वह ढह जाता है, वैसे ही प्यासी किडनी पर अचानक पानी का भारी लोड पड़ने से उसके ‘नेफ्रॉन्स’ डैमेज होने लगते हैं. डॉ. पांडे की सलाह है कि इस डिजिटल युग में अपनी सेहत को दांव पर न लगाएं. काम के बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेना और शरीर के संकेतों को समझना बहुत जरूरी है. पानी को एक साथ पीने के बजाय घूंट-घूंट करके और थोड़े-थोड़े अंतराल पर पिएं. अगर समय रहते इन छोटी आदतों को नहीं सुधारा गया, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Pilibhit,Uttar Pradesh First Published : March 22, 2026, 20:29 IST
गुर्दे की पथरी को गलाकर राख बना देगा यह पौधा! कई गंभीर बीमारियों के लिए काल, ऐसे करें इस्तेमाल

Last Updated:March 22, 2026, 14:48 IST Punarnava Health Benefits: पुनर्नवा को ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है. इसके पाउडर को शहद के साथ लेने से ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा इसमें विटामिन-C, विटामिन-B और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में एक ऐसा पौधा पाया जाता है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. यह पौधा आपको खेतों व घर के आसपास खाली पड़ी जमीन में आसानी मिल जाता है. पुनर्नवा एक ऐसा औषधीय पौधा है, जिसे आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पौधा सूजन से लेकर कई बीमारियों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. पुनर्नवा एक फैलने वाली घास के रूप में उगने वाला पौधा है. यह आमतौर पर उन जगहों पर ज्यादा मिलता है, जहां नमी और बारिश अधिक होती है. अगर आप भी किडनी जैसी समस्याओं से अक्सर परेशान रहते हैं, तो यह पौधा आपकी किडनी जैसी समस्याओं से आपको छुटकारा दिला सकता है. पुनर्नवा का सेवन चाय या काढ़े के रूप में किया जा सकता है. इसके जड़, पत्तियां और तना को पानी में उबालकर छान लिया जाता है और फिर इसे पिया जाता है. पुनर्नवा को ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है. इसके पाउडर को शहद के साथ लेने से ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा इसमें विटामिन-C, विटामिन-B और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. भोजन से पहले इसका रस लेने से कब्ज, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप भी वजन जैसी समस्या से अक्सर परेशान रहते हैं, अधिक वजन होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में पुनर्नवा का पौधा बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. पुनर्नवा के पौधों के रस का सेवन करने से वजन जैसी समस्या से आपको राहत मिल सकती है, क्योंकि पुनर्नवा में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. आज के समय भागदौड़ के कारण अक्सर तनाव की समस्या देखी जा रही है. कई बार नींद ना आने के कारण लोग बीमार हो जाते हैं. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो तनाव जैसी समस्याओं से आपको राहत दिला सकता है. यह पौधा पुनर्नवा है, क्योंकि पुनर्नवा में एंटी स्ट्रैस और एंटीडिप्रेसेंट गुण पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं. आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते खान-पान के कारण पथरी की समस्या अधिक देखी जा रही है. पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए पुनर्नवा बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. पुनर्नवा को कुछ लोग पत्थरी भाजी के नाम से भी जानते हैं, क्योंकि इसमें पोटेशियम की मात्रा बहुत ज्यादा है. पोटेशियम होने की वजह से पत्थरी भाजी हमारे शरीर में ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन रेट यानी गुर्दे की ओर से रक्त को छानने की प्रक्रिया को बढ़ा देता है. किडनी के सही फिल्टरेशन नही करने की वजह से हमारे शरीर में सूजन होता है. First Published : March 22, 2026, 14:48 IST
तरबूज-खरबूजे के बीज फेंकना बंद करें! जानिए ये छोटे बीज कैसे बन सकते हैं आपकी सेहत का बड़ा खजाना

Last Updated:March 21, 2026, 12:15 IST Tarbooj Ke Beej Ke Fayde: गर्मी के मौसम में तरबूज और खरबूजा खाने के बाद उनके बीजों को अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, जबकि ये बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. नियमित रूप से इन बीजों का सेवन करने से पाचन बेहतर होता है और शरीर स्वस्थ रहता है. इसलिए अगली बार इन बीजों को फेंकने के बजाय अपनी डाइट में जरूर शामिल करें. भीलवाड़ा: गर्मी के मौसम में तरबूज और खरबूजा लोगों की पहली पसंद बन जाते हैं, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि इन फलों को खाने के बाद उनके बीजों को बेकार समझकर फेंक दिया जाता है. यह आदत हमारी सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है, क्योंकि इन बीजों में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. तरबूज और खरबूजे के बीज प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और मिनरल्स से भरपूर होते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं. सही जानकारी के अभाव में लोग इनका उपयोग नहीं कर पाते, जबकि ये बीज सस्ती और प्राकृतिक दवा की तरह काम कर सकते हैं और गर्मी में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाव भी करते हैं. तरबूज और खरबूजे के बीजों में प्रोटीन और हेल्दी फैट अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है. इसके अलावा इन बीजों में मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे तत्व होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं और शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं. खास बात यह है कि इन बीजों का नियमित सेवन करने से दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी कम होता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. गर्मी के मौसम में जब शरीर जल्दी थक जाता है, तब ये बीज प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर का काम करते हैं और शरीर को लंबे समय तक एक्टिव बनाए रखते हैं, जिससे दिनभर काम करने की क्षमता बनी रहती है. इन बीजों का एक और बड़ा फायदा यह है कि ये पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं. इनमें मौजूद फाइबर कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं को कम करता है और पेट को साफ रखने में सहायक होता है. इसके अलावा ये बीज त्वचा और बालों के लिए भी काफी फायदेमंद माने जाते हैं, क्योंकि इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को ग्लोइंग बनाते हैं और बालों को मजबूत करते हैं. गर्मी में होने वाली स्किन प्रॉब्लम्स जैसे रैशेज और ड्राईनेस से भी राहत मिलती है. नियमित सेवन से त्वचा में निखार आता है और बाल झड़ने की समस्या भी धीरे-धीरे कम होने लगती है, जिससे व्यक्ति की ओवरऑल हेल्थ बेहतर होती है. Add News18 as Preferred Source on Google अब बात करें इनके इस्तेमाल की, तो सबसे आसान तरीका है कि इन बीजों को धोकर सुखा लें और फिर हल्का भूनकर स्नैक के रूप में खाएं. आप चाहें तो इन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर बना सकते हैं और इसे दूध, स्मूदी या सलाद में मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं. कई लोग इन बीजों को भिगोकर भी खाते हैं, जिससे इनके पोषक तत्व और ज्यादा असरदार हो जाते हैं. इसके अलावा आप इनका उपयोग मिठाइयों या घरेलू लड्डू बनाने में भी कर सकते हैं, जिससे स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी फायदा मिलता है. यह एक आसान और सस्ता तरीका है अपने खानपान को हेल्दी बनाने का, जिसे हर कोई अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकता है. अगर लोग तरबूज और खरबूजे के बीजों को फेंकने की बजाय सही तरीके से उपयोग करना शुरू कर दें, तो वे कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं. यह बीज न केवल शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं, बल्कि गर्मी के मौसम में ठंडक और ताजगी भी बनाए रखते हैं. इसलिए अगली बार जब भी आप तरबूज या खरबूजा खाएं, तो उनके बीजों को संभालकर रखें और उन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. छोटी-सी यह आदत आपके स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव ला सकती है और आपको प्राकृतिक तरीके से फिट और एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद कर सकती है. First Published : March 21, 2026, 12:15 IST
किचन में छुपा है सेहत का खजाना! रिसर्च में खुलासा, जानें काली मिर्च, अश्वगंधा और गिलोय के चौंकाने वाले फायदे

Last Updated:March 20, 2026, 19:45 IST Health Tips: डॉ. अभय बताते है कि आयुर्वेद केवल इलाज ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है. किचन में मौजूद ये साधारण चीजें अगर सही तरीके से इस्तेमाल की जाएं, तो यह शरीर को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. वर्तमान समय में जहां ज्यादातर लोग छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए एलोपैथिक दवाओं का उपयोग करते है. वहीं एक बड़ा वर्ग आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाकर स्वस्थ रहने का प्रयास कर रहा है. गोरखपुर यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभय की रिसर्च में यह सामने आया है कि किचन में मौजूद कई साधारण चीजें गंभीर बीमारियों से बचाव और इलाज में कारगर साबित हो सकती है. डॉ. अभय के अनुसार, काली मिर्च गले से जुड़ी समस्याओं में अत्यधिक फायदेमंद है. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण गले की खराश, खांसी और संक्रमण को कम करने में मदद करते है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन गले को साफ और मजबूत बनाए रखता है. अश्वगंधा से पैरालाइज मरीजों को राहतरिसर्च में यह भी पाया गया है कि अश्वगंधा का सेवन पैरालाइज (लकवा) के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है. यह जड़ी-बूटी नसों को मजबूत करने और शरीर की रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती है. आयुर्वेद में इसे एक शक्तिवर्धक औषधि के रूप में जाना जाता है. गिलोय को आयुर्वेद में ‘अमृता’ कहा जाता है. जिसका अर्थ है अमरता देने वाली. डॉ. अभय बताते है कि गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने में अत्यधिक असरदार है. बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है. दालचीनी भी कई बीमारियों में कारगर साबित होती है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, पाचन सुधारने और संक्रमण से लड़ने में मदद करती है. रोजाना सीमित मात्रा में इसका उपयोग शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाता है. डॉ. अभय की रिसर्च के मुताबिक आयुर्वेदिक चीजों का सही और संतुलित उपयोग कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है. हालांकि, विशेषज्ञ सलाह के बिना किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है. डॉ. अभय बताते है कि आयुर्वेद केवल इलाज ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है. किचन में मौजूद ये साधारण चीजें अगर सही तरीके से इस्तेमाल की जाएं, तो यह शरीर को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. Location : Gorakhpur,Gorakhpur,Uttar Pradesh First Published : March 20, 2026, 19:45 IST
गर्मी में गन्ने का एक गिलास जूस, पीलिया को रखें हमेशा दूर; डॉक्टर ने बताए चौंकाने वाले फायदे

Last Updated:March 20, 2026, 12:29 IST Sugarcane Juice Benefits: गर्मी के दिनों में शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए मौसमी फलों के सेवन की सलाह दी जाती है लेकिन पीलिया एक ऐसी बीमारी है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक को अपनी चपेट में ले लेती है. वहीं गन्ने के जूस को पीलिया का काल माना जाता है. गर्मी में एक गिलास जूस पीलिया सहित कई बीमारियों में लाभकारी है. गर्मी की शुरुआत होते ही खरगोन सहित निमाड़ में सूरज आग उगलने लगा है. मार्च के महीने में ही तापमान तेजी से बढ़ा है. अप्रैल-मई में हालत और ज्यादा खराब हो सकते हैं क्योंकि हर साल यहां तामपान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. ऐसे में लोगों का दिन में बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है और शरीर जल्दी थकने लगता है. इस भीषण गर्मी के कारण तेज धूप और लू की चपेट में आकर लोग जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं. बच्चे और बुजुर्ग इसके ज्यादा शिकार होते हैं. इस मौसम में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और बुखार जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं. खास बात यह है कि इस समय ध्यान न दिया जाए, तो बुखार पीलिया में बदल जाता है और कई बार व्यक्ति की जान तक चले जाती है. खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ संतोष मौर्य ने लोकल 18 से कहा कि इस मौसम में ज्यादा पानी पीना चाहिए और ठंडी चीजों का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर संतुलित बना रहे. वहीं गन्ने का जूस पीलिया के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है. यह लीवर को सपोर्ट करता है और शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से राहत मिल सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google इसी वजह से इन दिनों खरगोन में गर्मी बढ़ते ही गन्ने के जूस के ठेले बड़ी संख्या में नजर आने लगे हैं. दोपहर के समय इन ठेलों पर लोगों की भीड़ खूब दिख रही है. लोग ठंडा-ठंडा जूस पीकर राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि यह सिर्फ प्यास नहीं बुझाता बल्कि शरीर को अंदर से ठंडक भी देता है. गन्ने का रस नैचुरल तरीके से शरीर को एनर्जी देता है. इसे पीने से तुरंत ताजगी मिलती है और थकान कम होती है. गन्ने के जूस में कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे शरीर के लिए जरूरी तत्व पाए जाते हैं. इसके साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो शरीर को बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. डॉ मौर्य के अनुसार, गन्ने का जूस सिर्फ स्वाद में अच्छा नहीं होता बल्कि यह शरीर को तुरंत एनर्जी भी देता है. तेज धूप में बाहर से आने के बाद एक गिलास जूस शरीर को तुरंत ताजगी देता है और कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाता. नियमित रूप से इसका सेवन करने से पीलिया जैसी घातक बीमारियों में जल्दी राहत मिल सकती है. यह एक नैचुरल ड्रिंक है, जिसमें किसी तरह का केमिकल नहीं होता. वहीं इसकी तासीर भी ठंडी होती है, इसलिए यह शरीर को अंदर से ठंडक भी देता है. यही कारण है कि गर्मी के मौसम में लोग कोल्डड्रिंक की जगह गन्ने का जूस ज्यादा पसंद करते हैं. यह सस्ता भी होता है और सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. First Published : March 20, 2026, 12:29 IST
ghee consumption benefits | ayurvedic health tips | खाली पेट गरम पानी और घी पीने के फायदे | वजन कंट्रोल रखने के लिए घी |

Last Updated:March 17, 2026, 20:21 IST Benefits of Ghee with Warm Water: आयुर्वेद में घी को अमृत के समान माना गया है, और जब इसे सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है, तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. शालिनी जुगरान के अनुसार, यह मिश्रण न केवल याददाश्त बढ़ाता है और कब्ज जैसी पुरानी बीमारी को जड़ से खत्म करता है, बल्कि जोड़ों के दर्द और वजन घटाने में भी रामबाण है. शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने और त्वचा पर कुदरती चमक लाने का यह सबसे आसान और असरदार तरीका है. मॉडर्न लाइफस्टाइल में जहां हम अक्सर प्रोसेस्ड फैट की ओर भागते हैं, वहीं सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ घी का सेवन मुफीद साबित हो सकता है. यहमिक्सचर न सिर्फ शरीर को अंदर से साफ करता है, बल्कि मेंटल और फिजिकल हेल्थ के लिए एक टॉनिक की तरह काम करता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान ने बताया कि आयुर्वेद में घी को ‘मेध्य रसायन’कहा गया है, जिसका मतलब है वह तत्व जो बुद्धि और स्मरण शक्ति को बढ़ाता है. उन्होंने कहा कि जब हम सुबह खाली पेट इसका सेवन करते हैं, तो यह सीधे हमारे नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र को पोषण प्रदान करता है. यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को सक्रिय करने और एकाग्रता बढ़ाने में मददगार होता है. घी पाचन अग्नि को प्रज्वलित करने का काम भी करता है. इसका सेवन सुबह खाली पेट करने से आंतों की कार्यक्षमता बढ़ती है. यह कब्ज जैसी पुरानी समस्याओं को दूर करने में रामबाण है क्योंकि यह मल त्याग की प्रक्रिया को सुचारू और आसान बनाता है, जिससे दिन भर पेट साफ और स्वस्थ रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ जुगरान बताती हैं कि घी सिर्फ गुड फैट नहीं है, बल्कि इसमें विटामिन A, D, E और K जैसे वसा में घुलनशील विटामिन मौजूद होते हैं जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं. जब इसे गर्म पानी के साथ लिया जाता है, तो शरीर इन पोषक तत्वों को जाता अवशोषित कर पाता हैं. हमारा शरीर रोजाना कई तरह के टॉक्सिन्स बनाता है. सुबह खाली पेट घी और पानी का मेल शरीर की आंतरिक सफाई या ‘डिटॉक्स’ करने में मदद करता है. यह पाचन तंत्र की दीवारों पर जमे अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है, जिससे मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और शरीर हल्का महसूस करता है. आजकल जोड़ों का दर्द एक आम परेशानी बन गई है. घी में ब्यूट्रिक एसिड एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है. गुनगुने पानी के साथ इसका इस्तेमाल हड्डियों के जोड़ों में ‘लुब्रिकेशन’ यानी चिकनाई बढ़ाता है, जिससे जोड़ों की अकड़न कम होती है और चलने-फिरने में आसानी होती है. जब शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, तो उसका सीधा असर स्किन पर दिखता है. घी में मौजूद विटामिन ए और ई स्किन को अंदर से हाइड्रेट करते हैं. सर्दियों के मौसम में, यह ट्रिक स्किन को रूखेपन से बचाकर उसे एक कुदरती चमक और नमी देता है. वहीं घी में मौजूद ओमेगा-3 और ओमेगा-9 फैटी एसिड बॉडी के जिद्दी फैट को कम करने में मदद करते हैं. गुनगुने पानी के साथ घी पीने से पेट लंबे वक्त तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं और वजन कंट्रोल में रहता है. First Published : March 17, 2026, 20:21 IST









