Tuesday, 21 Jul 2026 | 09:09 PM

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Amitabh Bachchan Hospital Surgery ICU Blog Post

Amitabh Bachchan Hospital Surgery ICU Blog Post

2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमिताभ बच्चन हेपेटाइटिस-बी, लिवर सिरोसिस, माइस्थीनिया ग्रेविस और टीबी जैसी कई गंभीर बीमारियों से जूझ चुके हैं। सीनियर एक्टर अमिताभ बच्चन ने सोमवार को अपने ब्लॉग में अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी और आईसीयू (ICU) में समय बिताने का जिक्र किया। गौरतलब है कि मई 2026 में अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई थीं। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘अस्पताल में, एक सर्जरी के बाद और आईसीयू में, अनुभवी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखभाल में, फिर अस्पताल से छुट्टी और घर वापसी। यह घर वापसी का दौर सबसे मुश्किल होता है। शारीरिक रूप से, मानसिक रूप से और रोजमर्रा की जिंदगी के लिहाज से भी। आप एक सम्मानित चैंपियन रहे हों और एक दिन हार आपके सामने खड़ी हो जाए। यह जिंदगी का सबसे कठिन दौर होता है।’ अमिताभ बच्चन का ब्लाग पोस्ट। उन्होंने आगे लिखा, ‘कुछ लोग इसका बहादुरी से सामना करते हैं। कुछ हार मान लेते हैं। जो लोग हिम्मत नहीं छोड़ते और डटे रहते हैं, वे हमेशा चैंपियन बने रहते हैं। और जो ऐसा नहीं कर पाते, वे अपनी पुरानी उपलब्धियों के सहारे जिंदगी बिताते हैं। यह हर इंसान की अपनी-अपनी पसंद होती है। दोनों में कुछ भी गलत नहीं है। स्वस्थ रहें, खुश रहें।’ ब्लॉग पोस्ट के बाद अमिताभ बच्चन ने सोमवार देर रात X पर लिखा, ‘T 5806 – खेल समाप्त हो गया! पर काम चल रहा है।’ अमिताभ के अस्पताल में भर्ती होने का दावा किया गया था 19 मई को अमिताभ बच्चन के मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती होने का दावा पत्रकार विक्की ललवानी ने अपने यूट्यूब चैनल पर किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। विक्की ललवानी ने यह भी कहा था कि वह खबर कन्फर्म करने मंगलवार शाम नानावटी अस्पताल पहुंचे थे। बिग बी को ए-विंग की तीसरी मंजिल पर रखा गया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि, दैनिक भास्कर ने खबर कन्फर्म करने के लिए परिवार के करीबी सूत्र से संपर्क किया, तो सामने आया था कि अमिताभ को रूटीन चेकअप के लिए 16 मई को नानावटी अस्पताल ले जाया गया था। वह हर महीने रूटीन चेकअप करवाते रहते हैं। इसके तुरंत बाद वह घर लौट आए थे। विक्की ललवानी का दावा था कि अमिताभ बच्चन 16 मई से अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन फैक्ट चेक में यह भी सामने आया था कि 17 मई यानी रविवार को बिग बी हमेशा की तरह फैंस से मिलने के लिए जलसा से बाहर आए थे। इसका वीडियो भी सामने आया था। एडमिट होने की खबरों के बीच किया व्लॉग और पोस्ट अमिताभ बच्चन ने 20 मई को आधिकारिक X अकाउंट से कुछ अजीबोगरीब शब्दों के साथ बेमायने वाली पोस्ट की थी। उन्होंने रात 12 बजकर 3 मिनट पर लिखा- पिलोरी बडुंबा। इसके ठीक बाद उन्होंने 12 बजकर 20 मिनट पर ब्लॉग में लिखा था- चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन सुरु करें, इर बीर फत्ते, कहन ,चल हमऊ, पिलावे सुरु करें। बाजरे दी रोटी खा दी, फू पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लागै जैसे , बोलन लागे काग रे। एक रहे ‘हिल’ भैया की पढ़ाई का दर्पण; औ दूसर विलिंग्टन की याद। लव, प्रेयर एंड मोर। बिग बी का 75% लिवर है खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके थे। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब अमिताभ बच्चन का एक्स-रे हुआ, लेकिन अब भी सही कारण पता नहीं चल सका था। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुआ तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर उसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल, चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने-माने सर्जन एच. एस. भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 डिग्री बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फट चुकी थीं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वह चार दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। 24 सितंबर 1982 को बिग बी को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने वालों की चौबीसो घंटे भीड़ रहती थी। पूरे देश में कहीं पूजा करवाई

Amitabh Bachchan Hospital Surgery ICU Blog Post

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6 मिनट पहले कॉपी लिंक अमिताभ बच्चन हेपेटाइटिस-बी, लिवर सिरोसिस, माइस्थीनिया ग्रेविस और टीबी जैसी कई गंभीर बीमारियों से जूझ चुके हैं। अमिताभ बच्चन ने सोमवार को अपने ब्लॉग में अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी और आईसीयू (ICU) में एडमिट होने का जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कब, किस अस्पताल में, कितने दिन और क्यों भर्ती थे। इसी साल मई में अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई थीं। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘अस्पताल में, एक सर्जरी के बाद और आईसीयू में, अनुभवी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखभाल में, फिर अस्पताल से छुट्टी और घर वापसी। यह घर वापसी का दौर सबसे मुश्किल होता है। शारीरिक रूप से, मानसिक रूप से और रोजमर्रा की जिंदगी के लिहाज से भी। आप एक सम्मानित चैंपियन रहे हों और एक दिन हार आपके सामने खड़ी हो जाए। यह जिंदगी का सबसे कठिन दौर होता है।’ अमिताभ बच्चन का ब्लाग पोस्ट। उन्होंने आगे लिखा, ‘कुछ लोग इसका बहादुरी से सामना करते हैं। कुछ हार मान लेते हैं। जो लोग हिम्मत नहीं छोड़ते और डटे रहते हैं, वे हमेशा चैंपियन बने रहते हैं। और जो ऐसा नहीं कर पाते, वे अपनी पुरानी उपलब्धियों के सहारे जिंदगी बिताते हैं। यह हर इंसान की अपनी-अपनी पसंद होती है। दोनों में कुछ भी गलत नहीं है। स्वस्थ रहें, खुश रहें।’ ब्लॉग पोस्ट के बाद अमिताभ बच्चन ने सोमवार देर रात X पर लिखा, ‘T 5806 – खेल समाप्त हो गया! पर काम चल रहा है।’ अमिताभ के अस्पताल में भर्ती होने का दावा किया गया था 19 मई को अमिताभ बच्चन के मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती होने का दावा पत्रकार विक्की ललवानी ने अपने यूट्यूब चैनल पर किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। विक्की ललवानी ने यह भी कहा था कि वह खबर कन्फर्म करने मंगलवार शाम नानावटी अस्पताल पहुंचे थे। बिग बी को ए-विंग की तीसरी मंजिल पर रखा गया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि, दैनिक भास्कर ने खबर कन्फर्म करने के लिए परिवार के करीबी सूत्र से संपर्क किया, तो सामने आया था कि अमिताभ को रूटीन चेकअप के लिए 16 मई को नानावटी अस्पताल ले जाया गया था। वह हर महीने रूटीन चेकअप करवाते रहते हैं। इसके तुरंत बाद वह घर लौट आए थे। विक्की ललवानी का दावा था कि अमिताभ बच्चन 16 मई से अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन फैक्ट चेक में यह भी सामने आया था कि 17 मई यानी रविवार को बिग बी हमेशा की तरह फैंस से मिलने के लिए जलसा से बाहर आए थे। इसका वीडियो भी सामने आया था। एडमिट होने की खबरों के बीच किया व्लॉग और पोस्ट अमिताभ बच्चन ने 20 मई को आधिकारिक X अकाउंट से कुछ अजीबोगरीब शब्दों के साथ बेमायने वाली पोस्ट की थी। उन्होंने रात 12 बजकर 3 मिनट पर लिखा- पिलोरी बड़ुंबा। इसके ठीक बाद उन्होंने 12 बजकर 20 मिनट पर ब्लॉग में लिखा था- चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन सुरु करें, इर बीर फत्ते, कहन ,चल हमऊ, पिलावे सुरु करें। बाजरे दी रोटी खा दी, फू पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लागै जैसे , बोलन लागे काग रे। एक रहे ‘हिल’ भैया की पढ़ाई का दर्पण; औ दूसर विलिंग्टन की याद। लव, प्रेयर एंड मोर। बिग बी का 75% लिवर खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। फिल्म कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके थे। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब अमिताभ बच्चन का एक्स-रे हुआ, लेकिन अब भी सही कारण पता नहीं चल सका था। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुआ तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर उसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल, चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने-माने सर्जन एच. एस. भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 डिग्री बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फट चुकी थीं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वह चार दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। 24 सितंबर 1982 को बिग बी को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने