Assembly Election 2026 LIVE Updates; Modi Mamata Banerjee

Hindi News National Assembly Election 2026 LIVE Updates; Modi Mamata Banerjee | Bengal Assam Kerala Tamil Nadu Puducherry Vidhansabha Chunav कोलकाता/चेन्नई/दिसपुर/तिरुवनंतपुर41 मिनट पहले कॉपी लिंक इन चुनावों में 824 विधानसभा सीटों पर 17.4 करोड़ वोटर वोट डालेंगे- फोटो फाइल ECI ने रविवार को चार राज्यों पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का शेड्यूल घोषित किया। इसके साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि चुनावी राज्यों में 5,173 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं ताकि शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई हो। इसके अलावा, 5,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) भी तैनात की गई हैं। इधर, केरल BJP के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि उम्मीदवारों की पहली लिस्ट आज पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित किए जाने की उम्मीद है। बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। केरल और असम में वोटिंग एक ही चरण में 9 अप्रैल को होगी, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पुडुचेरी में भी वोटिंग 9 अप्रैल को ही होगी। इसके अलावा गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की छह सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं। ECI ने बताया कि चारों राज्यों और पुडुचेरी में वोटों की गिनती 4 मई को होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Mamata Banerjee Alleges BJP Distributing Pamphlets at Protest Site

Hindi News National Mamata Banerjee Alleges BJP Distributing Pamphlets At Protest Site | PM Modi Rally Promo कोलकाता1 दिन पहले कॉपी लिंक ममता बनर्जी ने सोमवार को धरना स्थल पर रवींद्र संगीत का गाना गाया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी है। आज धरना स्थल पर ममता ने रवींद्र संगीत दल के साथ गाना गाया। ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आज बैठक के दौरान राज्य के अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि संवैधानिक अधिकारियों द्वारा झूठी बहादुरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने आज राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ अप्रैल में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की है। ममता ने राज्य में स्पेशल इंटेसिव रिविजिन (SIR) में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में 6 मार्च दोपहर 2 बजे से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। धरना स्थल से 4 तस्वीरें… धरने के चौथे दिन ममता बनर्जी मंच पर पहुंचीं। ममता के साथ मंच पर पार्टी नेता और कार्यकर्ता भी मौजदू हैं। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बदले जाने के पीछे कोई राज है और वे इसकी तह तक जाकर पता लगाएंगी। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा उनके धरनास्थल पर PM की रैली के पर्चे बांट रही है। भाजपा पर पर्चे बांटने का आरोप ममता ने आरोप लगाया कि उनके धरना स्थल पर भाजपा और उसकी एजेंसियों पर्चे बांट रहे हैं। ममता ने TMC कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे पर्चे बांट रहे लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दें। पर्चों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 14 मार्च को कोलकाता में होने वाली रैली का प्रचार किया जा रहा है। ममता ने अपने समर्थकों से कहा, किसी अन्य राजनीतिक दल के कार्यक्रमों में ऐसे पर्चे बांटने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। उन्हें पकड़ो और पुलिस के पश्चिम बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट में 7.04 करोड़ वोटर 28 फरवरी को जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक पिछले साल नवंबर में SIR प्रोसेस शुरू होने के बाद से अब तक 63.66 लाख नाम, यानी वोटर्स का करीब 8.3 परसेंट, हटा दिए गए हैं, जिससे वोटर्स की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा रह गई है। इसके अलावा, 60.06 लाख से ज़्यादा वोटर्स को अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में रखा गया है, जिसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में उनकी एलिजिबिलिटी कानूनी जांच के जरिए तय की जाएगी, यह एक ऐसा प्रोसेस है जो चुनाव क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को और बदल सकता है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें…. राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल विवाद-गृहसचिव ने बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी: आज शाम तक देनी होगी केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के तय प्रोटोकॉल में हुई चूक पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताते हुआ कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
CM Mamata Banerjee Protest Third Day Voter List Removal West Bengal SIR

कोलकाता1 घंटे पहले कॉपी लिंक ममता बनर्जी ने 6 मार्च से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी है। TMC सुप्रीमो ने चुनाव आयोग को वैनिश कमीशन कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ‘इलेक्टोरल रोल से सही वोटर्स के नाम हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल’ कर रही है। उनका यह कमेंट ऐसे दिन आया है जब चुनाव आयोग की पूरी बेंच राज्य विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने के लिए कोलकाता आने वाली है। ममता ने कहा – एक देश, एक नेता, एक पार्टी के पागलपन में, BJP ने जन-विरोधी इच्छाओं को पूरा करने के लिए हर लोकतांत्रिक संस्था और संवैधानिक पद को सिस्टमैटिक तरीके से हथियार बना लिया है। बनर्जी ने दावा किया कि BJP का आखिरी मकसद बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए गए संविधान को अपने पार्टी मैनिफेस्टो से बदलना है। पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने धरने के दौरान पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और वरिष्ठ भाजपा नेता आडवाणी की तस्वीर वाला एक बैनर दिखाया। तस्वीर में पीएम और लाल कृष्ण आडवाणी बैठे दिख रहे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हुई हैं। तसवीर 2024 की है जिसमें राष्ट्रपति आडवाणी को भारत रत्न अवॉर्ड से सम्मानित कर रहीहैं। ममता ने राज्य में स्पेशल इंटेसिव रिविजिन (SIR) में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में 6 मार्च दोपहर 2 बजे से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। तीसरे दिन ममता ने क्या-क्या कहा… सालों से उन्होंने सेंट्रल एजेंसियों, नेशनल कमीशन, एक गुलाम गोदी मीडिया और ज्यूडिशियरी के एक आज्ञाकारी हिस्से को बंगाल के खिलाफ इस्तेमाल किया है। वे वोटर्स को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। BJP लीडरशिप दिल्ली की जमींदार है। हम उन्हें बंगाल को अपने अधीन करने के मिशन में कभी कामयाब नहीं होंगे। धर्मतला में हमारा धरना हर उस बांग्ला-विरोधी (बंगाल-विरोधी) एजेंडे का जवाब है जो इस राज्य के लोगों को बेइज्जत करने, डराने और परेशान करने की कोशिश करता है। BJP की एकमात्र प्राथमिकता सत्ता है, लेकिन हमारी प्राथमिकता हमेशा से राज्य की जनता रही है। धरना स्थल से 3 तस्वीरें… ममता बनर्जी ने कोलकाता के एस्प्लेनेड में रविवार को तीसरे दिन धरना दिया। बंगाल के वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और उद्योग मंत्री शशि पांजा ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरना सभा में आदिवासी लोक नर्तकों के साथ थिरकते हुए नजर आईं। SIR की फाइनल वोटर लिस्ट में क्या-क्या है 28 फरवरी को जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक पिछले साल नवंबर में SIR प्रोसेस शुरू होने के बाद से अब तक 63.66 लाख नाम, यानी वोटर्स का करीब 8.3 परसेंट, हटा दिए गए हैं, जिससे वोटर्स की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा रह गई है। इसके अलावा, 60.06 लाख से ज़्यादा वोटर्स को अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में रखा गया है, जिसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में उनकी एलिजिबिलिटी कानूनी जांच के जरिए तय की जाएगी, यह एक ऐसा प्रोसेस है जो चुनाव क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को और बदल सकता है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें…. राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल विवाद-गृहसचिव ने बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी: आज शाम तक देनी होगी केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के तय प्रोटोकॉल में हुई चूक पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताते हुआ कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
President Murmu Calls Mamata Banerjee Sister

Hindi News National President Murmu Calls Mamata Banerjee Sister | Bengal Conference Venue Issue कोलकाता/नई दिल्ली2 दिन पहले कॉपी लिंक राष्ट्रपति मुर्मू 7 मार्च को गोपालपुरा में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई थीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे में प्रोटोकॉल फॉलो नहीं करने के मामले में केंद्र ने राज्य के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, गृह सचिव ने रिपोर्ट में कहा कि राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी नहीं था। प्रशासन ने जो रास्ता चुना था, वह कचरे से भरा था। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए। उधर, पीएम मोदी और भाजपा ने इसे राष्ट्रपति का अपमान बताया है। मोदी कहा था कि ये शर्मानाक, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। पहले पूरा मामला समझिए राष्ट्रपति मुर्मू को 7 मार्च को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में बुलाया गया था। कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना तय था। हालांकि सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। नॉर्थ बंगाल दौरे पर न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री मुझे रिसीव करने आया। मुझे नहीं पता कि ममता मुझसे नाराज हैं या नहीं। वैसे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें। राष्ट्रपति बोलीं- ममता मेरी छोटी बहन जैसीं; 4 बड़ी बातें ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। अगर प्रोग्राम बिधाननगर में होता, तो बेहतर होता। वहां काफी जगह है और बहुत से लोग आ सकते थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां मीटिंग की इजाजत क्यों नहीं दी। गोशाईपुर में जगह छोटी होने की वजह से कई लोग कार्यक्रम में नहीं आ सके। कार्यक्रम ऐसी जगह रखा गया जहां लोगों का पहुंचना मुश्किल था। ऐसा लगता है कि आदिवासी समुदाय के लोगों को कार्यक्रम में आने से रोका गया। ऐसा लग रहा था जैसे कुछ लोग इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को होने नहीं देना चाहते थे। शायद कुछ लोग नहीं चाहते कि संथाल समुदाय आगे बढ़े और मजबूत बने। केंद्र ने गृहसचिव ने 4 मुद्दों पर जवाब मांगा… राष्ट्रपति को रिसीव करने और विदा करने के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक क्यों मौजूद नहीं थे? राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी नहीं था। प्रशासन ने जो रास्ता चुना था, वह कचरे से भरा था। दार्जिलिंग के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट इसके लिए जिम्मेदार हैं। पीएम मोदी बोले- प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विवाद पर X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जो लोग डेमोक्रेसी को मजबूत बनाने में यकीन रखते हैं और आदिवासी समुदाय, सभी बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर है, और इस पद की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस को होश आएगा। ममता बोलीं- राष्ट्रपति पहले भाजपा शासित राज्यों की हालत देखें राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल पर कमेंट करने से पहले आपको BJP शासित राज्यों की हालत देखनी चाहिए। सिर्फ एक पॉलिटिकल पार्टी की बात सुनकर कमेंट करना सही नहीं है। CM ने कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर कहा कि BJP इतना नीचे गिर गई है कि वे राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रपति को उनके कार्यक्रम में राज्य के प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी के बारे में दी गई जानकारी गलत थी। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… जैसलमेर में राष्ट्रपति ने प्रचंड हेलिकॉप्टर में देखा सोनार किला, 25 मिनट तक आसमान में उड़ान भरी जैसलमेर में 27 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में करीब 25 मिनट तक उड़ान भरी। वायुसेना स्टेशन जैसलमेर से हुई इस उड़ान में वह को पायलट के रूप में शामिल रहीं। दूसरे हेलिकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी साथ उड़े। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सोनार किला और पोकरण के शक्ति स्थल को आसमान से नमन किया और रेडियो के जरिए देश को संदेश दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
President Murmu Calls Mamata Banerjee Sister

Hindi News National President Murmu Calls Mamata Banerjee Sister | Bengal Conference Venue Issue कोलकाता1 घंटे पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में संबोधित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बंगाल में कार्यक्रम की जगह बदले जाने पर शनिवार को नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। राष्ट्रपति ने कहा… नॉर्थ बंगाल दौरे पर न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई राज्य मंत्री उन्हें रिसीव करने आया। मुझे नहीं पता कि ममता मुझसे नाराज हैं या नहीं। वैसे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें। उन्होंने कार्यक्रम की जगह बदले जाने पर कहा कि अगर प्रोग्राम बिधाननगर में होता, तो बेहतर होता। वहां काफी जगह है और बहुत से लोग आ सकते थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां मीटिंग की इजाजत क्यों नहीं दी। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि ये शर्मानाक है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। दरअसल 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने राष्ट्रपति पश्चिम बंगाल पहुंचीं थीं। इसी दौरान उन्होंने छोटे कार्यक्रम स्थल को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फांसिदेवा में तय किया गया मैदान काफी छोटा था, जिसके कारण कई लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। राष्ट्रपति मुर्मू ने और क्या कहा… अगर कार्यक्रम बिधाननगर में होता तो बेहतर होता, क्योंकि वहां ज्यादा जगह है और ज्यादा लोग आ सकते थे। गोशाईपुर में जगह छोटी होने की वजह से कई लोग कार्यक्रम में नहीं आ सके। कार्यक्रम ऐसी जगह रखा गया जहां लोगों का पहुंचना मुश्किल था। ऐसा लगता है कि आदिवासी समुदाय के लोगों को कार्यक्रम में आने से रोका गया। ऐसा लग रहा था जैसे कुछ लोग इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को होने नहीं देना चाहते थे। शायद कुछ लोग नहीं चाहते कि संथाल समुदाय आगे बढ़े और मजबूत बने। जानें पूरा मामला… राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम में बुलाया गया था। ये असल में सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होने वाला था। हालांकि, सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया। जब राष्ट्रपति शनिवार दोपहर को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो कुछ ही लोग मौजूद थे। सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने वाले अकेले प्रतिनिधि थे। प्रोटोकॉल के मुताबिक, राष्ट्रपति को रिसीव करने के लिए आमतौर पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री मौजूद होता है। पीएम मोदी बोले- प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विवाद पर X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जो लोग डेमोक्रेसी को मजबूत बनाने में यकीन रखते हैं और आदिवासी समुदाय, सभी बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर है, और इस पद की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस को होश आएगा। ममता बोलीं-राष्ट्रपति पहले भाजपा शासित राज्यों की हालत देखें राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल पर कमेंट करने से पहले आपको BJP शासित राज्यों की हालत देखनी चाहिए। सिर्फ एक पॉलिटिकल पार्टी की बात सुनकर कमेंट करना सही नहीं है। CM ने कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर कहा कि BJP इतना नीचे गिर गई है कि वे राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रपति को उनके कार्यक्रम में राज्य के प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी के बारे में दी गई जानकारी गलत थी। राष्ट्रपति ने संथाल युवाओं से भाषा-परंपरा बचाने की अपील की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में संथाल समुदाय के योगदान को सही पहचान नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि कई महान हस्तियों को जानबूझकर इतिहास में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने युवाओं से शिक्षा अपनाने, भाषा और परंपराओं को बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह संताल समुदाय के लिए गर्व की बात है कि हमारे पूर्वज, तिलका मांझी ने लगभग 240 साल पहले शोषण के खिलाफ विद्रोह का झंडा उठाया था। उनके विद्रोह के लगभग 60 साल बाद, बहादुर भाइयों सिद्धो-कान्हू और चांद-भैरव ने बहादुर बहनों फूलो-झानो के साथ मिलकर 1855 में संताल हुल का नेतृत्व किया। मुर्मू ने कहा, “लेकिन मुझे पता है कि संथालों ने देश के लिए कितना योगदान दिया है। बाबा तिलका मांझी, सिदो-कान्हू और चांद-भैरव, और भी ऐसे लोग हैं जिनके नाम इतिहास में नहीं हैं। मुझे लगता है, अगर उनके नाम शामिल होते, तो पूरा इतिहास उनके नामों से भर जाता। मुर्मू ने कार्यक्रम में और क्या कहा… राष्ट्रपति ने ओल चिकी लिपि के आविष्कारक पंडित रघुनाथ मुर्मू को याद किया। कहा कि 1925 में बनाई गई इस लिपि ने संताली भाषा और साहित्य को नई पहचान दी। रघुनाथ मुर्मू ने कई नाटक लिखकर समाज में साहित्य और जागरूकता फैलाने का काम किया। अपनी भाषा से जुड़े रहें, लेकिन दूसरी भाषाएं भी सीखें। आदिवासी युवाओं को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना चाहिए। आदिवासी समुदाय ने सदियों से लोक संगीत, नृत्य और परंपराओं को सुरक्षित रखा है। संथाल समेत आदिवासी समुदाय तरक्की और प्रकृति संरक्षण का संतुलन बनाए रखने की मिसाल बनेंगे। भाषा और संस्कृति को बचाते हुए शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखने से मजबूत भारत का निर्माण होगा। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… जैसलमेर में राष्ट्रपति ने प्रचंड हेलिकॉप्टर में देखा सोनार किला, 25 मिनट तक आसमान में उड़ान भरी जैसलमेर में 27 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में करीब 25 मिनट तक उड़ान भरी। वायुसेना स्टेशन जैसलमेर से हुई इस उड़ान में वह को पायलट के रूप में शामिल रहीं। दूसरे हेलिकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी साथ उड़े। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सोनार किला और पोकरण के शक्ति स्थल को आसमान से नमन किया और रेडियो के जरिए देश को संदेश दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mamata Banerjee Protest | WB Budget Schemes Implemented Today

कोलकाता15 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी है। ममता रातभर धरना स्थल पर ही रहीं। ममता ने पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेसिव रिविजिन (SIR) में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में 6 मार्च दोपहर 2 बजे से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। ममता बनर्जी ने समर्थकों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पोस्ट SIR में वोटर लिस्ट से वोटर्स के नाम हटाना हटाना बंगाल को बांटने के इरादे से किया गया है। हमने बजट में दो योजनाओं की घोषणा की थी। एक है ‘बंगालर युवा साथी’ और दूसरी है ‘भूमिहीन खेत मजदूर’। दोनों योजनाएं अप्रैल से शुरू होनी थीं, लेकिन हमने इन्हें आज से शुरू करने का फैसला किया है। वे बंगाल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि हमारा राज्य कई योजनाएं लाने में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा LPG की कीमतें फिर से बढ़ा दी गई हैं। अब आपको 21 दिन पहले गैस बुक करानी होगी, तो अगर आपके घर में LPG खत्म हो जाए तो आप 21 दिन क्या करेंगे? खाएंगे क्या? क्या आप घर पर खाना मंगवाएंगे? यहां तक कि केरोसिन का कोटा भी कम कर दिया गया है। आप हर दिन चीजों की कीमतें बढ़ा रहे हैं। क्या इसीलिए आप वोट रद्द करवाना चाहते हैं? बंगाल को तोड़ने के लिए? दूसरे शायद आपसे डरते हों, लेकिन हम नहीं। हम आपका पर्दाफाश करेंगे।” धरना स्थल पर ममता के साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद हैं। पार्टी समर्थक सुबह से ही पहुंच रहे हैं। धरना स्थल की 3 तस्वीरें… धरना मंच पर ममता के साथ टीएमसी नेता मौजूद हैं। मंच पर मौजूद टीएमसी नेता और ममता बनर्जी। धरने में पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल हुए। SIR के बाद 63.66 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए 28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद से करीब 63.66 लाख नाम यानी कुल मतदाताओं के लगभग 8.3% नाम सूची से हटाए गए हैं। इसके बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई है। इसके अलावा 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘अंडर एडजुडिकेशन’ श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि उनकी पात्रता आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के बाद तय की जाएगी। इससे कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। —————————————- ये खबर भी पढ़ें: बंगाल SIR- फाइनल लिस्ट में 7.04 करोड़ से ज्यादा वोटर, अब तक 11 राज्यों-UT की अंतिम मतदाता सूची जारी पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट (28 फरवरी) पब्लिश हो गई। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
West Bengal Voter List Controversy; BJP TMC Mamata Banerjee

Hindi News National West Bengal Voter List Controversy; BJP TMC Mamata Banerjee | Election 2026 कोलकाता17 घंटे पहले कॉपी लिंक 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो-तीन माह ही बचे हैं। यहां अभी भाषण और रैलियों का शोर नहीं है। लेकिन, सियासत भरपूर गर्म है। कोलकाता के न्यू मार्केट से चांदनी चौक, न्यू टाउन से जेसप बिल्डिंग और मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से बर्द्धमान तक करीब 600 किमी के सफर में साफ हो गया कि अभी वोटर लिस्ट ही चुनावी रणभूमि बनी हुई है। कोलकाता के एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि ममता बनर्जी ने SIR की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट ले जाकर अपनी जुझारू छवि फिर हाईलाइट की है। टीएमसी उनके सुप्रीम कोर्ट के वीडियो वायरल कर रही है। जगह-जगह ममता की काले कोट में होर्डिंग लगे हैं। भाजपा SIR को घुसपैठियों के खिलाफ लड़ाई बता रही थी। पर, ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ यानी विसंगति के आधार पर जारी सवा करोड़ बंगाली लाइन में लग गए हैं। हर सीट पर औसतन 19 हजार से ज्यादा नाम हटे हैं। टीएमसी बोली- ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में खड़ा कर दिया टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष कहते हैं, भाजपा ने SIR से हमारी लड़ाई आसान कर दी। 15 साल की सत्ता की कुछ एंटी-इंकंबेंसी होगी, तो खत्म हो गई। एसआईआर भाजपा के लिए उल्टा तीर हो गया। वे फील्ड में नहीं जा पा रहे। ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में लगवा दिया। भाजपा का आरोप- ममता अपने ‘घोस्ट वोटर्स’ के नाम कटने से डर में हैं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष समिक भट्टाचार्य कहते हैं कि ममता ‘घोस्ट’ वोटर्स और घुसपैठियों के नाम कटने से डरी हैं। वह इनकी बदौलत जीतती थीं। मैं ऐसे लोगों को जानता हूं, जो कई साल पहले गुजर चुके, लेकिन उनके वोट पड़ते थे। सिर्फ वोटर लिस्ट की सफाई नहीं हो रही, यह ममता के विसर्जन का रास्ता बन रहा है। एनालिस्ट ने बताया नाम कटने से जीत-हार का गणित एक पार्टी के लिए काम कर रहे डेटा एनालिस्ट बताते हैं कि 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। इनमें टीएमसी 102 और भाजपा 64 सीट जीती थी। एसआईआर के तहत ड्राफ्ट सूची से प्रति सीट औसतन 19,795 नाम हटे हैं। जहां जीत का अंतर कम था, वहां मतदाता सूची में बदलाव का असर ज्यादा दिख सकता है। वे यह भी कहते हैं कि टीएमसी 68 सीटें 25,001 से 50,000 के अंतर से जीती थी, जबकि भाजपा को ऐसी 12 ही सीटें मिली थीं। 50 हजार से ज्यादा अंतर से टीएमसी 43 और भाजपा सिर्फ एक सीट जीती थी। यानी जहां मुकाबला करीबी था, वहां अंतिम सूची की बारीकी राजनीतिक रूप से ज्यादा मायने रखेगी। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के तहत ज्यादातर नोटिस SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख 20 हजार 898 नाम हटे हैं। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ तथा ‘अनमैप्ड’ श्रेणियों को मिलाकर करीब 1.26 करोड़ नोटिस जारी हुए हैं। निर्वाचन आयोग के दफ्तरों में दस्तावेज अपलोड करने और जांच की आपाधापी है। कोलकाता नॉर्थ के जिला निर्वाचन ऑफिस जेसप बिल्डिंग में 14 फरवरी को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ की सुनवाई में मूल रूप से बिहार के रहने वाले एक बुजुर्ग पत्नी और बेटे के साथ आए। वे लंबे समय से कोलकाता में हैं, पहले वोट दे चुके हैं, लेकिन इस बार नोटिस मिला। कोलकाता की बबीता ने बताया कि वोटर लिस्ट में उनके पिता के नाम में ‘कुमार’ है, लेकिन 2002 की लिस्ट में ‘KR’ लिखा है। इसलिए मेरा नाम लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में आ गया। एक अन्य महिला के पति का नाम ‘Ashok’ लिखा है लेकिन लिस्ट में नाम ‘Asoke’ है। इसलिए सुनवाई में आना पड़ा। देवी की स्पेलिंग ‘Devi’ या ‘Debi’ होना, गांगुली और गंगोपाध्याय, चटर्जी और चट्टोपाध्याय को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस मिले हैं। वोटर लिस्ट से नाम हटने पर क्या करें? चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम जरूर जांच लें। मतदाता eci.gov.in पर जाकर अपना नाम और EPIC नंबर देखकर पुष्टि कर सकते हैं। अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया 6 आसान सवाल-जवाब में पढ़ें… सवालः फॉर्म-6 कहां से मिलेगा? जवाबः फॉर्म-6 आप अपने नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से ले सकते हैं। यह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके अलावा तहसील, SDM कार्यालय या इलेक्शन ऑफिस से भी फॉर्म-6 मिल जाता है। सवालः फॉर्म-6 कैसे भरें? जवाबः फॉर्म-6 भरते समय अपना पूरा नाम, सही पता, उम्र और मोबाइल नंबर ध्यान से लिखें। अगर पहले कहीं आपका नाम वोटर लिस्ट में था और उसकी जानकारी याद हो तो वह भी दर्ज करें। फॉर्म पूरा भरने के बाद अंत में अपना हस्ताक्षर करना न भूलें। सवालः कौन-से दस्तावेज लगेंगे? जवाबः फॉर्म के साथ पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी लगानी होगी। पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, बिजली का बिल या बैंक पासबुक की कॉपी दी जा सकती है। उम्र के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट की कॉपी लगानी होगी। सवालः फॉर्म जमा कहां करें? जवाबः फॉर्म आप अपने इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दे सकते हैं। चाहें तो इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी इलेक्शन ऑफिस में जाकर भी फॉर्म जमा किया जा सकता है। सवालः जांच और सुनवाई कैसे होगी? जवाबः फॉर्म जमा होने के बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपके बताए पते पर आकर जांच करेगा। अगर किसी जानकारी को लेकर जरूरत पड़ी, तो आपको सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है। सवालः नाम कब तक जुड़ेगा? जवाबः जांच पूरी होने के बाद अगर सब जानकारी सही पाई जाती है, तो आपका नाम अंतिम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा। ……………………………….. SIR से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में SIR से 97 लाख वोटर के नाम कटे: गुजरात में 73 लाख नाम हटाए; राजस्थान-बंगाल में 1 करोड़ से ज्यादा नाम कट चुके चुनाव आयोग ने शुक्रवार
West Bengal SIR Voter List Case; Mamata Banerjee EC Vs Supreme Court

Hindi News National West Bengal SIR Voter List Case; Mamata Banerjee EC Vs Supreme Court | Calcutta HC नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद पर ‘असाधारण’ निर्देश जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल को इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए मौजूदा और पूर्व जिला जज को तैनात करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि सरकार और आयोग के बीच विश्वास की कमी है। SIR ड्राफ्ट रोल से जुड़े दावे और आपत्तियों का निपटारा और निगरानी हाईकोर्ट की ओर से अपॉइंट अफसर और जज करेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों के आदेश अदालत के आदेश माने जाएंगे। कलेक्टर और एसपी को इन आदेशों का पालन कराना होगा। साथ ही चुनाव आयोग को 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने की परमिशन दी गई है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर बाद में सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करने की भी छूट दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के 4 निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार द्वारा पर्याप्त ग्रेड-ए अधिकारियों को SIR प्रक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं कराने पर गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की मदद के लिए माइक्रो-ऑब्जर्वर और राज्य सरकार के अधिकारी तैनात रहेंगे। कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को मुख्य सचिव, डीजीपी और चुनाव आयोग के अधिकारियों समेत सभी संबंधित पक्षों की बैठक बुलाने का निर्देश। डीजीपी को SIR अधिकारियों को दी गई धमकियों पर क्या कदम उठाए गए, इस पर सप्लीमेंट्री एफिडेविट दाखिल करने का आदेश। कोर्ट ने जो मामले अभी लंबित हैं, हाईकोर्ट प्रशासन उन्हें संभालने के लिए फिलहाल कोई अस्थायी व्यवस्था (अंतरिम व्यवस्था) बनाए। कोर्ट रूम LIVE राज्य सरकार: बंगाल सरकार द्वारा पर्याप्त ग्रेड-ए अधिकारियों की तैनाती नहीं की जाने पर वकील कपिल सिब्बल और मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि ग्रुप-B अधिकारी उपलब्ध करा दिए गए हैं। कपिल सिब्बल ने कहा कि एसडीएम राज्य में ग्रुप-A अधिकारी होते हैं। माइक्रो-ऑब्जर्वर को हटाने के लिए एसडीएम स्तर का अधिकारी जरूरी नहीं है। चुनाव आयोग: वकील दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि एसडीएम रैंक के अधिकारी उपलब्ध नहीं कराए गए। एसडीएम ऐसे अधिकारी होते हैं जो अर्ध-न्यायिक (कानूनी प्रभाव वाले) आदेश दे सकते हैं। ममता बनर्जी: वकील श्याम दीवान ने आरोप लगाया कि माइक्रो-ऑब्जर्वर पर रोक लगने के बाद आयोग ने स्पेशल रोल ऑब्जर्वर नाम की नई व्यवस्था शुरू कर दी है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस आरोप को गलत बताया है। सुप्रीम कोर्ट: राज्य सरकार से यदि सहयोग नहीं मिला तो वह न्यायिक अधिकारियों को तैनात करेगी या चुनाव आयोग को अन्य राज्यों से अधिकारी तैनात करने की अनुमति देगी। राज्य सरकार: कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि 28 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी गई तो कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। चुनाव आयोग: सीनियर लीडर डीएस नायडू ने असहयोग और कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाते हुए आरोप लगाया कि शरारती तत्वों ने दस्तावेज फाड़ दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।राजनीतिक कार्यकर्ता चुनाव अफसरों के खिलाफ बयान दे रहे हैं, लेकिन किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई। TMC सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीफ की TMC ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लोगों की बड़ी जीत बताया। TMC का कहना है कि इससे साबित होता है कि रिवीजन प्रक्रिया में गड़बड़ियां थीं और असली वोटरों के नाम हटाए जा रहे थे। वहीं भाजपा ने कन्फ्यूजन के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि राज्य प्रशासन प्रक्रिया में रुकावट डाल रहा है, जबकि चुनाव आयोग निष्पक्ष संशोधन चाहता है। BJP का दावा है कि SIR नकली वोटरों को हटाने के लिए जरूरी है, जबकि TMC इसे असली वोटरों को टारगेट करने की कोशिश बता रही है। साउथ 24 परगना में CEC के खिलाफ 7 शिकायत दर्ज बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान लोगों को परेशान करने के आरोप में चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के खिलाफ जिबनताला पुलिस स्टेशन में सात शिकायतें दर्ज हुईं। ये शिकायतें TMC विधायक सौकत मोल्ला के साथ कुछ लोगों ने कीं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिकायतों की जांच की जाएगी। विधायक का कहना है कि उनके क्षेत्र में बड़ी संख्या में नाम वोटर लिस्ट से हटाने की सिफारिश की गई है। विधायक ने आरोप लगाया कि करीब 33 हजार नाम हटाने की कोशिश की गई, जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के हैं, और इसे असली वोटरों को रोकने की साजिश बताया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। वहीं स्थानीय BJP नेता ने PTI से कहा कि ऐसी कोई आधिकारिक लिस्ट जारी नहीं हुई है और भारत के चुनाव आयोग के प्रमुख के खिलाफ सीधे FIR दर्ज नहीं की जा सकती। मामले से जुड़ी पिछली सुनवाई… 9 फरवरी: SIR में कोई रुकावट नहीं आने देंगे सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बात सभी राज्यों के लिए है। जरूरत पड़ने पर आदेश जारी किए जाएंगे। EC ने कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर आरोप लगाया था कि कुछ बदमाशों ने बंगाल में SIR से जुड़े नोटिस जला दिए और अब तक इस मामले में कोई FIR नहीं हुई। कोर्ट ने बंगाल के DGP से जवाब मांगा है। DGP से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी: ममता बोलीं- EC बंगाल को निशाना बना रहा ममता ने कोर्ट में कहा था कि चुनाव से पहले 2 महीने में ऐसा कुछ करने की कोशिश की जा रही है, जो 2 साल में होना था। खेतीबाड़ी के मौसम में लोगों को परेशान किया जा रहा है। 24 साल बाद इसे 3 महीने में पूरा करने की जल्दबाजी क्यों है। 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है। ECI की प्रताड़ना के चलते BLO की जान जा रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है। असम और नॉर्थ ईस्ट में ऐसा क्यों नहीं हो रहा। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : ममता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई








