Wednesday, 24 Jun 2026 | 03:33 PM

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Bengal Election ED Arrests I-PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls

Bengal Election ED Arrests I-PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls

Hindi News National Bengal Election ED Arrests I PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls | TMC नई दिल्ली/कोलकाता7 घंटे पहले कॉपी लिंक ED ने गिरफ्तारी के बाद विनेश चंदेल को दिल्ली में जज के सामने पेश कर कस्टडी मांगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से 10 दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया है। उन्हें कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोमवार शाम दिल्ली में पकड़ा गया। ED की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति बनाती है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनाव से 10 दिन पहले हुई यह कार्रवाई निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाती है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग और ED, NIA, CBI जैसी एजेंसियों की चुनाव जैसे संवेदनशील समय पर कार्रवाई से डर का माहौल बनता है, निष्पक्षता का नहीं। बनर्जी ने कहा- अमित शाह और BJP, ज्ञानेश कुमार और अपनी हर एजेंसी के साथ 4-5 मई को बंगाल आएं। बंगाल न डरेगा, न चुप रहेगा और न झुकेगा। यहां दबाव का जवाब विरोध से दिया जाता है। 2 अप्रैल: ED ने चंदेल के ठिकानों पर छापेमारी की जांच एजेंसी ने दिल्ली में विनेश चंदेल के ठिकानों के अलावा बेंगलुरु में I-PAC के दूसरे को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह, मुंबई में आम आदमी पार्टी के पूर्व कम्युनिकेशन इंचार्ज विजय नायर के ठिकानों पर भी छापे मारे गए थे। विनेश चंदेल I-PAC के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और इस राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म के संस्थापकों में शामिल हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर, प्रतीक जैन और ऋषिराज सिंह के साथ मिलकर इस कंपनी की नींव रखी थी। अब पूरे मामले को समझिए 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा था- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। रेड के दौरान फाइलें लेकर चली गईं थी CM ममता सर्च ऑपरेशन के दौरान, CM ममता बनर्जी अन्य TMC नेताओं के साथ I-PAC ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि I-PAC पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ED ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली। तस्वीर 8 जनवरी की है, जब बंगाल CM ममता ने कोलकाता में ED की छापेमारी के बीच मीडिया को संबोधित किया था। I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। ED के अफसरों ने प्रतीक के घर और ऑफिस से कई डॉक्यूमेंट्स जब्त किए। ED ने शक्ति के दुरुपयोग की CBI जांच की मांग की ED ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाते हुए मुख्यमंत्री द्वारा कथित शक्ति के दुरुपयोग की CBI जांच की मांग भी की है। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। ED ने आरोप लगाया था कि जांच से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण राज्य प्रशासन की मौजूदगी में वहां से ले जाए गए, जिससे एजेंसी की कार्रवाई में बाधा पहुंची। वहीं TMC और राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ED चुनाव से पहले I-PAC की चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज हासिल करने की कोशिश कर रही थी। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… I-PAC रेड में दखल, सुप्रीम कोर्ट ने ममता से पूछा:केंद्र में आपकी सरकार होती तो क्या करते सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में I-PAC के ऑफिस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने ममता बनर्जी की बंगाल सरकार से पूछा कि अगर केंद्र में आपकी सरकार होती और कोई राज्य ऐसी कार्रवाई करता तो आपका रुख क्या होता। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बंगाल चुनाव 2026: ‘बर्दाश्त नहीं होंगे अगर मुसलमान…’, बंगाल चुनाव को लेकर ये क्या बोले बोल ओसामी, पढ़ें पूरा बयान

बंगाल चुनाव 2026: 'बर्दाश्त नहीं होंगे अगर मुसलमान...', बंगाल चुनाव को लेकर ये क्या बोले बोल ओसामी, पढ़ें पूरा बयान

बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव के प्रचार के लिए इमाम प्रमुख असदुद्दीन ओसामी ने सोमवार को रानीगंज में मीरा गोशे बंगले पर पहुंच कर करिश्मा चौधरी से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नटखट बिल को लेकर सवाल और मीडिया के कई सवालों के जवाब दिए गए। महिला नटखट बिल ने मोदी को सबसे समर्थन मांग और इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम बताया। इस पर जब इमाम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘विधायक क्या है? इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई है। ‘कम से कम कम्यूनिकेशन की एक प्रति तो भेजी जानी चाहिए।’ हमारा लक्ष्य बंगाल में आदिवासियों के लिए राजनीतिक अस्थिरता सुनिश्चित करना है हुमायूँ कबीर ने स्टेडियम और एआईएमआईएम पर समझौता करने का आरोप लगाया है। इस पर इमाम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘कभी-कभी तो कभी हुमायूं हमें बीजेपी की ‘बी टीम’ कहते हैं, लेकिन हम सिर्फ जनता की आवाज हैं और बंगाल में प्रतिष्ठा की गरिमा पर सवाल उठाने वाले किसी को भी नहीं देखेंगे। ओवैसी ने इस बार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और बिग बॉस के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई। बंगाल में बचपन की घटना इतनी ख़राब क्यों-सोसी इससे पहले रविवार को दुर्गापुर में ओसामी ने कहा था कि ममता बनर्जी को सबसे पहले यह बताना चाहिए कि बंगाल में उनकी स्थिति इतनी खराब क्यों है और उन्हें राजनीतिक नेतृत्व क्यों नहीं दिया गया। पिछले 50-60 वर्षों से बंगाल में सेक सरकारी सत्ता में रह रहे हैं, लेकिन मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक स्थिति अभी भी बहुत खराब है। अल्पसंख्यकों को स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व करना चाहिए। (टैग्सटूट्रांसलेट)असदुद्दीन ओवेसी(टी)बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)असदुद्दीन सिद्दीकी(टी)बंगाल(टी)ममता(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)टीएमसी

West Bengal SC Slams SIR Voter List Cut

West Bengal SC Slams SIR Voter List Cut

नई दिल्ली32 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट सोमवार को SIR पर सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को बंगाल के लिए SIR की सूची जारी की थी। इसके बाद 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट मालदा जिले में SIR प्रक्रिया के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव से जुड़े मामले में भी सुनवाई करेगा। दरअसल 1 अप्रैल को मालदा के सुजापुर में SIR के विरोध में हजारों लोगों ने कलियाचक के BDO ऑफिस को घेर लिया था। दो गेट बंद कर दिए, जिससे 7 न्यायिक अधिकारी 9 घंटे ऑफिस के अंदर बंधक रहे थे। बंगाल में 11.85% नाम हटे, ज्यादातर बांग्लादेश बॉर्डर के पास पश्चिम बंगाल में अक्टूबर 2025 में कुल वोटर 7.66 करोड़ थे। इनमें से अब तक 90.83 लाख नाम हटाए गए। लगभग 11.85% वोटर कम हो गए। यानी अब राज्य में 6.76 करोड़ वोटर हैं। चुनाव आयोग ने फाइनल आंकड़े जारी नहीं किए हैं। इसके अलावा जांच के तहत आए 60.06 लाख वोटरों में से 27.16 लाख के नाम हटाए गए। बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में भी बड़े स्तर पर नाम हटे। नॉर्थ 24 परगना में 5.91 लाख में से 3.25 लाख नाम हटे। वहीं, 8.28 लाख में से 2.39 लाख नाम हटे। 8 अप्रैल: TMC चुनाव आयोग से मिला, आरोप- भगा दिया गया 8 अप्रैल को सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में TMC का प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा था। लेकिन बैठक के बाद डेरेक ने कहा कि हमने SIR के मुद्दे पर समय मांगा था, लेकिन मीटिंग के दौरान हमारे साथ खराब व्यवहार किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने हमें सिर्फ 5 मिनट में भगा दिया। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, डेरेक ओ’ब्रायन ने CEC को बोलने से रोका और धमकी दी। वह कोई बात सुन ही नहीं रहे थे। 12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाता करीब 51 करोड़ थे। फाइनल लिस्ट के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। उत्तर प्रदेश में SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गए हैं। यानी 2.04 करोड़ नाम कट गए हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में भी करीब 91 लाख नाम बाहर हुए। बंगाल SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट में पिछली दो सुनवाई… 1 अप्रैल: 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इसकी जानकारी दी थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा, ‘हम इन आंकड़ों से काफी खुश हैं।’ सुप्रीम कोर्ट अब 6 अप्रैल को बंगाल SIR के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। 24 मार्च: SC ने कहा था- बंगाल छोड़कर सभी जगह SIR ठीक से हुआ इससे पहले पिछली सुनवाई में CJI सूर्यकांत ने मौखिक रूप से कहा था कि पूरे देश में SIR प्रक्रिया सुचारु रूप से हुई, लेकिन पश्चिम बंगाल में इसमें दिक्कतें सामने आईं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी जटिल मुद्दे थे, फिर भी कुल मिलाकर वहां सबकुछ ठीक रहा। साथ ही पक्षों को सलाह दी गई कि अगर कोई विशेष समस्या बनी रहती है, तो वे उसे कोर्ट के सामने रखें। —————————————————– ये खबर भी पढें… पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती 8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। पूरी खबर पढे़ं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

West Bengal SC Slams SIR Voter List Cut

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नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट सोमवार को SIR पर सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को बंगाल के लिए SIR की सूची जारी की थी। इसके बाद 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट मालदा जिले में SIR प्रक्रिया के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव से जुड़े मामले में भी सुनवाई करेगा। दरअसल 1 अप्रैल को मालदा के सुजापुर में SIR के विरोध में हजारों लोगों ने कलियाचक के BDO ऑफिस को घेर लिया था। दो गेट बंद कर दिए, जिससे 7 न्यायिक अधिकारी 9 घंटे ऑफिस के अंदर बंधक रहे थे। बंगाल में 11.85% नाम हटे, ज्यादातर बांग्लादेश बॉर्डर के पास पश्चिम बंगाल में अक्टूबर 2025 में कुल वोटर 7.66 करोड़ थे। इनमें से अब तक 90.83 लाख नाम हटाए गए। लगभग 11.85% वोटर कम हो गए। यानी अब राज्य में 6.76 करोड़ वोटर हैं। चुनाव आयोग ने फाइनल आंकड़े जारी नहीं किए हैं। इसके अलावा जांच के तहत आए 60.06 लाख वोटरों में से 27.16 लाख के नाम हटाए गए। बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में भी बड़े स्तर पर नाम हटे। नॉर्थ 24 परगना में 5.91 लाख में से 3.25 लाख नाम हटे। वहीं, 8.28 लाख में से 2.39 लाख नाम हटे। 8 अप्रैल: TMC चुनाव आयोग से मिला, आरोप- भगा दिया गया 8 अप्रैल को सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में TMC का प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा था। लेकिन बैठक के बाद डेरेक ने कहा कि हमने SIR के मुद्दे पर समय मांगा था, लेकिन मीटिंग के दौरान हमारे साथ खराब व्यवहार किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने हमें सिर्फ 5 मिनट में भगा दिया। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, डेरेक ओ’ब्रायन ने CEC को बोलने से रोका और धमकी दी। वह कोई बात सुन ही नहीं रहे थे। 12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाता करीब 51 करोड़ थे। फाइनल लिस्ट के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। उत्तर प्रदेश में SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गए हैं। यानी 2.04 करोड़ नाम कट गए हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में भी करीब 91 लाख नाम बाहर हुए। बंगाल SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट में पिछली दो सुनवाई… 1 अप्रैल: 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इसकी जानकारी दी थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा, ‘हम इन आंकड़ों से काफी खुश हैं।’ सुप्रीम कोर्ट अब 6 अप्रैल को बंगाल SIR के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। 24 मार्च: SC ने कहा था- बंगाल छोड़कर सभी जगह SIR ठीक से हुआ इससे पहले पिछली सुनवाई में CJI सूर्यकांत ने मौखिक रूप से कहा था कि पूरे देश में SIR प्रक्रिया सुचारु रूप से हुई, लेकिन पश्चिम बंगाल में इसमें दिक्कतें सामने आईं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी जटिल मुद्दे थे, फिर भी कुल मिलाकर वहां सबकुछ ठीक रहा। साथ ही पक्षों को सलाह दी गई कि अगर कोई विशेष समस्या बनी रहती है, तो वे उसे कोर्ट के सामने रखें। —————————————————– ये खबर भी पढें… पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती 8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। पूरी खबर पढे़ं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

BJP Manifesto Bengal | narendra Modi, rahul gandhi, Assam, Kerala, Puducherry Voting

BJP Manifesto Bengal | narendra Modi, rahul gandhi, Assam, Kerala, Puducherry Voting

Hindi News National BJP Manifesto Bengal | Narendra Modi, Rahul Gandhi, Assam, Kerala, Puducherry Voting कोलकाता/चेन्नई11 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा, कांग्रेस और टीएमसी समेत अन्य दल अब बंगाल और तमिलनाडु में अपने प्रचार अभियान को और तेज करने जा रहे हैं। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के तहत गुरुवार को असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में वोटिंग हुई। बंगाल में वोटिंग दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा जबकि तमिलनाडु में सभी सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। भाजपा आज पश्चिम बंगाल के लिए अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा शाह पश्चिमी मेदिनीपुर में जनसभा और खड़गपुर में रोड शो करेंगे। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन बड़ी चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने हल्दिया, आसनसोल और बीरभूम में जनसभा की। पीएम मोदी ने भाजपा की 6 गारंटी दीं। साथ ही कहा- मैं आपको एक और गारंटी भी देता हूं कि अब तक जिन्होंने प. बंगाल को लूटा है, उन सबका हिसाब होगा। पीएम मोदी की बंगाल में 6 गारंटियां भय के माहौल में आज लोगों को बार-बार कानून से मदद मांगनी पड़ती है। लेकिन हमारी सरकार में आपको न्याय मिलेगा। सरकारी सिस्टम जनता के लिए जवाबदेह होगा। घोटाले, दुष्कर्म हर क्राइम की फाइल खुलेगी। जिसने भी करप्शन किया है, उसकी जगह जेल में होगी। मंत्री हो या संत्री, जनता का पैसा नहीं खाने देंगे। जो शरणार्थी हैं, उन्हें सम्मान मिलेगा, जो घुसपैठी हैं, उन्हें खदेड़ा जाएगा। सभी सरकारी कर्मचारियों को इस निर्मम सरकार ने भयभीत करके रखा है। मोदी सरकार आपके साथ खड़ी है। सरकार बनते ही यहां 7वां पे कमीशन लागू करवाएंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Bengal Election LIVE | TMC Stronghold Birbhum Visit; Congress Leader Joins BJP Ahead of Assam Polls

Bengal Election LIVE | TMC Stronghold Birbhum Visit; Congress Leader Joins BJP Ahead of Assam Polls

Hindi News National Bengal Election LIVE | TMC Stronghold Birbhum Visit; Congress Leader Joins BJP Ahead Of Assam Polls कोलकाता5 घंटे पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन रैलियां करेंगे। भाजपा उन इलाकों में अपना समर्थन मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां उसे बड़ी सफलता मिली है। इसके अलावा वहां भी पैठ बनाने की कोशिश है जिसे सत्ताधारी TMC का गढ़ माना जाता है। मोदी अपनी पहली रैली सुबह 9.30 बजे पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में करेंगे। इसके बाद, दोपहर में आसनसोल के पोलो ग्राउंड स्थित आउटडोर स्टेडियम जाएंगे। तीसरी जनसभा दोपहर 2 बजे बीरभूम जिले के सिउड़ी में होगी। हल्दिया को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र माना जाता है और यह राज्य में BJP के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक है। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में पूर्वी मेदिनीपुर जिले की 16 में से 8 विधानसभा सीटें जीती थीं और 2024 के आम चुनावों में इस जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। बीरभूम जिले को TMC का गढ़ माना जाता है। बीरभूम में सत्ताधारी पार्टी का प्रभाव रहा है हालांकि जिले के कुछ हिस्सों में लंबे समय से आरएसएस का संगठनात्मक नेटवर्क मौजूद है। भाजपा यहां एंटी इनकम्बेंसी का फायदा उठाना चाहती है। असम चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस उम्मीदवार ने पार्टी छोड़ी असम में वोटिंग से एक दिन पहले उदलगुरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन दैमारी ने पार्टी छोड़ दी। हालांकि कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने अभी तक पार्टी को अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि दैमारी का नाम EVM में बना रहेगा और लोग अभी भी उन्हें वोट दे सकते हैं क्योंकि नामांकन वापस लेने की समय सीमा काफी पहले ही खत्म हो चुकी है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

West Bengal Voter List Deductions

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तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी आज भवानीपुर विधानसभा सीट से नामांकन भरेंगी। भाजपा ने इसी सीट से सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है। वे नेता विपक्ष भी हैं। सुवेंदु 2 अप्रैल को नामांकन कर चुके हैं। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह उनके साथ मौजूद थे। भवानीपुर के अलावा ममता और सुवेंदु नंदीग्राम से भी आमने-सामने हैं। 2021 में उन्होंने ममता को यहां से हराया था। वहीं, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन करूर और इरोड में आज चुनावी सभा करेंगे। असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को सिंगल फेज में वोटिंग है। इसलिए मंगलवार शाम 5 बजे तीन राज्यों में चुनाव प्रचार थमा। असम के मुख्यमंत्री हिमंता ने मंगलवार रात तेजपुर में NDA उम्मीदवार पृथ्वीराज राभा के लिए चुनाव प्रचार किया। बंगाल में एसआईआर से कुल 91 लाख मतदाताओं के नाम कटे 7 अप्रैल को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की फाइनल लिस्ट जारी की। कुल 90.83 लाख नाम हटाए गए हैं। यह आंकड़ा राज्य के कुल मतदाताओं का 11.85% है। पिछले साल नवंबर में शुरू हुई प्रक्रिया के बाद 28 फरवरी को आई सूची में 63.66 लाख नाम हटे थे, तब 60.06 लाख वोटर्स ‘विवेचनाधीन’ श्रेणी में रखे गए थे। जांच के बाद, इन 60.06 लाख में से 27.16 लाख और नाम हटाए गए हैं। वहीं, 32.68 लाख को पात्र मानकर सूची में शामिल किया गया है। करीब 22,163 लोगों के मामले में ई-हस्ताक्षर न होने से उनके नाम अभी सूची में दर्ज नहीं हैं। सबसे ज्यादा नाम मुर्शिदाबाद (4.55 लाख), नॉर्थ 24 परगना (3.25 लाख), मालदा (2.39 लाख), नादिया (2.98 लाख) और साउथ 24 परगना (2.23 लाख) से कटे हैं। आज TMC नेताओं का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलेगा। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स अभी कॉपी लिंक असम में हिमंता आगे, 90 सीटें जीत सकता है NDA असम में विधानसभा की 126 सीटों पर कल 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। दैनिक भास्कर असम के एक छोर बांग्लादेश बॉर्डर से दूसरे छोर अरुणाचल बॉर्डर तक पहुंचा। दो सवालों के जवाब तलाशे… BJP और कांग्रेस में कौन बढ़त बनाता दिख रहा है? नेताओं के बयानों से अलग आम लोगों के मुद्दे क्या हैं? जवाब के लिए आम लोगों, सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की। इससे ये 3 बातें समझ आईं… पूरी खबर पढ़ें… 2 मिनट पहले कॉपी लिंक तिरुवन्नामलाई में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने चुनाव प्रचार किया 9 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में बीजेपी प्रत्याशी मंदिर में दर्शन करने पहुंची तमिलनाडु के कोयंबटूर में BJP उम्मीदवार वनाथी श्रीनिवासन स्थानीय मंदिर पहुंची। वे यहां चुनावी सभा भी करेंगी। 11 मिनट पहले कॉपी लिंक असम में 9 अप्रैल को वोटिंग, चुनाव आयोग की जनता से अपील असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने कहा- 9 अप्रैल को असम विधानसभा चुनावों के लिए मतदान होगा। आपका वोट आपका अधिकार है। इसलिए बाहर निकलें, अपना वोट डालें और एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर अपने कर्तव्य को पूरा करें। इसमें हिस्सा लें और अपने आस-पास के दूसरों लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि हर वोट एक आवाज है। सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, मतदान अधिकारियों के साथ सहयोग करें और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करें। 14 मिनट पहले कॉपी लिंक चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे और अंतिम फेज को लागू करने की तैयारी में है। इसमें दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद या नतीजों की घोषणा के बाद SIR की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

West Bengal CS SC Slams Judicial Officers Attack

West Bengal CS SC Slams Judicial Officers Attack

नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल के मालदा में 1 अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ ऑफिस घेरा। वहीं गुरुवार को सड़क पर आगजनी की। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में लगे 7 न्यायिक अधिकारियों के घेराव और उन पर हमले के मामले में राज्य के चीफ सेक्रेटरी दुष्यंत नारियाला को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने अपने प्लेनरी पावर का इस्तेमाल करते हुए मामले की जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि जब न्यायिक अधिकारियों पर हमला हुआ (1 अप्रैल ) तब चीफ सेक्रेटरी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का फोन नहीं उठाया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए और यह प्रशासन की बड़ी विफलता है। कोर्ट ने पूछा कि जब प्रशासन को घेराव के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था तो सुरक्षा के प्रभावी उपाय क्यों नहीं किए गए? घटना सोची-समझी साजिश लगती है। सरकारी दफ्तरों में राजनीति का असर बढ़ रहा कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा कम हो रही है और सरकारी दफ्तरों में राजनीति का असर बढ़ रहा है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि इस मामले में राज्य पुलिस ने जिन 26 लोगों को गिरफ्तार किया है उनसे NIA पूछताछ करेगी, चाहे वे जेल (न्यायिक हिरासत) में ही क्यों न हों। 60 लाख दावे-आपत्तियों का निपटारा आज कोर्ट ने बताया कि पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके लगभग 60 लाख दावे और आपत्तियां आज ही निपटा दी जाएंगी। 6 अप्रैल दोपहर तक लगभग 59.15 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है। कोर्ट ने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बल पश्चिम बंगाल से नहीं हटाए जाएंगे। CJI ने यह भी कहा कि अगर राज्य की व्यवस्था ठीक से काम नहीं करती है, तो कोर्ट आगे कार्रवाई पर विचार करेगा। दरअसल, 7 न्यायिक अधिकारी 1 अप्रैल को मालदा के बीडीओ ऑफिस पहुंचे थे। इनमें तीन महिलाएं थीं। तभी वोटर लिस्ट में नाम कटने के विरोध में हजारों लोगों ने ऑफिस को घेर लिया।पुलिस ने इस मामले में 35 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। मालदा हमले के गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीरें पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को हमले के आरोपी मोफक्करुल इस्लाम (ब्लैक जैकेट) और उसके साथी एकरामुल बागनी को अरेस्ट किया है। गुरुवार को मालदा घटना से जुड़ी करीब 18 आरोपियों को अरेस्ट किया गया था। अब तक कुल 35 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। मालदा हिंसा, 2 दिन का घटनाक्रम… 1 अप्रैल: दोपहर में प्रदर्शन, शाम को अधिकारी बंधक बनाए गए एक अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया था। जब उन्हें पुलिस ने बाहर निकाला तो रास्ता रोकने की कोशिश की गई। मालदा में विरोध प्रदर्शन दिन में पहले कालियाचक 2 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस के बाहर शुरू हुआ था। जो देर रात तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने शुरू में न्यायिक अधिकारियों से मिलने की मांग की थी। अंदर जाने की परमिशन न मिलने पर, उन्होंने शाम करीब 4 बजे प्रदर्शन शुरू कर दिया और परिसर का घेराव कर लिया। अधिकारियों को 9 घंटे से ज्यादा समय तक बंधक बनाकर रखा गया था। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को 18 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक चुनावी उम्मीदवार भी शामिल है। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली और 16 लोगों को गिरफ्तार कर जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। 2 अप्रैल: कई जिलों में विरोध, सड़कें जाम कीं, आगजनी हुई 2 अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-12 जाम किया। टायरों में आग लगा दी। कलियाचक की घटना के बाद मालदा में 2 अप्रैल को भी विरोध प्रदर्शन हुआ। गुरुवार को नारायणपुर में BSF कैंप के सामने भीड़ इकठ्ठा हो गई। लोगों ने नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया। सड़क पर टायरों में आग लगा दी गई। मालदा, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार और पुरबा बर्धमान में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, सड़कें जाम कीं और मौन जुलूस निकाले; इन जगहों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, CJI बोले- हमें पता है उपद्रवी कौन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर एक्शन लिया और घटना को न्याय प्रशासन में बाधा डालने का एक ‘दुस्साहसी और जानबूझकर किया गया प्रयास’ बताया। CJI सूर्यकांत की बेंच ने इस बात पर चिंता जताई कि पहले से पता होने के बावजूद, राज्य के अधिकारी समय पर सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रहे, जिसके कारण अधिकारियों को घंटों तक बिना खाना-पानी के रहना पड़ा। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। पूरी खबर पढ़ें… —————- ये खबर भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल में 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर बंधक, सुप्रीम कोर्ट नाराज:कहा- हमें पता है उपद्रवी कौन; वोटर लिस्ट से नाम कटने पर लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बनाए जाने की घटना पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

West Bengal CS SC Slams Judicial Officers Attack

West Bengal CS SC Slams Judicial Officers Attack

नई दिल्ली41 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल के मालदा में 1 अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ ऑफिस घेरा। वहीं गुरुवार को सड़क पर आगजनी की। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में लगे 7 न्यायिक अधिकारियों के घेराव और उन पर हमले के मामले में राज्य के चीफ सेक्रेटरी दुष्यंत नारियाला को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने अपने प्लेनरी पावर का इस्तेमाल करते हुए मामले की जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि जब न्यायिक अधिकारियों पर हमला हुआ (1 अप्रैल ) तब चीफ सेक्रेटरी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का फोन नहीं उठाया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए और यह प्रशासन की बड़ी विफलता है। कोर्ट ने पूछा कि जब प्रशासन को घेराव के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था तो सुरक्षा के प्रभावी उपाय क्यों नहीं किए गए? घटना सोची-समझी साजिश लगती है। सरकारी दफ्तरों में राजनीति का असर बढ़ रहा कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा कम हो रही है और सरकारी दफ्तरों में राजनीति का असर बढ़ रहा है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि इस मामले में राज्य पुलिस ने जिन 26 लोगों को गिरफ्तार किया है उनसे NIA पूछताछ करेगी, चाहे वे जेल (न्यायिक हिरासत) में ही क्यों न हों। 60 लाख दावे-आपत्तियों का निपटारा आज कोर्ट ने बताया कि पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके लगभग 60 लाख दावे और आपत्तियां आज ही निपटा दी जाएंगी। 6 अप्रैल दोपहर तक लगभग 59.15 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है। कोर्ट ने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बल पश्चिम बंगाल से नहीं हटाए जाएंगे। CJI ने यह भी कहा कि अगर राज्य की व्यवस्था ठीक से काम नहीं करती है, तो कोर्ट आगे कार्रवाई पर विचार करेगा। दरअसल, 7 न्यायिक अधिकारी 1 अप्रैल को मालदा के बीडीओ ऑफिस पहुंचे थे। इनमें तीन महिलाएं थीं। तभी वोटर लिस्ट में नाम कटने के विरोध में हजारों लोगों ने ऑफिस को घेर लिया।पुलिस ने इस मामले में 35 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। मालदा हमले के गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीरें पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को हमले के आरोपी मोफक्करुल इस्लाम (ब्लैक जैकेट) और उसके साथी एकरामुल बागनी को अरेस्ट किया है। गुरुवार को मालदा घटना से जुड़ी करीब 18 आरोपियों को अरेस्ट किया गया था। अब तक कुल 35 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। मालदा हिंसा, 2 दिन का घटनाक्रम… 1 अप्रैल: दोपहर में प्रदर्शन, शाम को अधिकारी बंधक बनाए गए एक अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया था। जब उन्हें पुलिस ने बाहर निकाला तो रास्ता रोकने की कोशिश की गई। मालदा में विरोध प्रदर्शन दिन में पहले कालियाचक 2 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस के बाहर शुरू हुआ था। जो देर रात तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने शुरू में न्यायिक अधिकारियों से मिलने की मांग की थी। अंदर जाने की परमिशन न मिलने पर, उन्होंने शाम करीब 4 बजे प्रदर्शन शुरू कर दिया और परिसर का घेराव कर लिया। अधिकारियों को 9 घंटे से ज्यादा समय तक बंधक बनाकर रखा गया था। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को 18 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक चुनावी उम्मीदवार भी शामिल है। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली और 16 लोगों को गिरफ्तार कर जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। 2 अप्रैल: कई जिलों में विरोध, सड़कें जाम कीं, आगजनी हुई 2 अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-12 जाम किया। टायरों में आग लगा दी। कलियाचक की घटना के बाद मालदा में 2 अप्रैल को भी विरोध प्रदर्शन हुआ। गुरुवार को नारायणपुर में BSF कैंप के सामने भीड़ इकठ्ठा हो गई। लोगों ने नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया। सड़क पर टायरों में आग लगा दी गई। मालदा, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार और पुरबा बर्धमान में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, सड़कें जाम कीं और मौन जुलूस निकाले; इन जगहों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, CJI बोले- हमें पता है उपद्रवी कौन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर एक्शन लिया और घटना को न्याय प्रशासन में बाधा डालने का एक ‘दुस्साहसी और जानबूझकर किया गया प्रयास’ बताया। CJI सूर्यकांत की बेंच ने इस बात पर चिंता जताई कि पहले से पता होने के बावजूद, राज्य के अधिकारी समय पर सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रहे, जिसके कारण अधिकारियों को घंटों तक बिना खाना-पानी के रहना पड़ा। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। पूरी खबर पढ़ें… —————- ये खबर भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल में 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर बंधक, सुप्रीम कोर्ट नाराज:कहा- हमें पता है उपद्रवी कौन; वोटर लिस्ट से नाम कटने पर लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बनाए जाने की घटना पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gwalior Gandhi Udyana Tigers Increase to 10; Royal Bengal & White Cubs Born

Gwalior Gandhi Udyana Tigers Increase to 10; Royal Bengal & White Cubs Born

ग्वालियर6 घंटे पहले कॉपी लिंक ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में सफेद बाघिन मीरा ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे तीन शावकों को जन्म दिया। इनमें दो रॉयल बंगाल और एक सफेद टाइगर शावक शामिल हैं। इस जन्म के साथ ही चिड़ियाघर में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है। चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उपेंद्र यादव ने बताया कि सभी शावक स्वस्थ हैं और उनकी मां मीरा भी सुरक्षित है। उन्होंने पुष्टि की कि जन्मे शावकों में दो रॉयल बंगाल (पीले) और एक सफेद टाइगर है। प्रसव के बाद से मीरा और उसके शावकों की लगातार निगरानी की जा रही है। जू क्यूरेटर गौरव परिहार के अनुसार, नवजात शावकों को सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से आइसोलेशन में रखा गया है। उन्हें बाहरी संपर्क से दूर रखा जाएगा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है। मीरा को भी बेहतर रिकवरी के लिए हल्का और पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में अब बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है। इस नए जन्म के बाद गांधी प्राणी उद्यान में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है। इनमें 4 सफेद और 6 रॉयल बंगाल टाइगर शामिल हैं। कुल संख्या में 4 नर, 3 मादा और 3 नवजात शावक हैं। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के निर्देश पर चिड़ियाघर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। नवजात शावकों की देखभाल के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन किया जा रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔