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भोपाल में लैब संचालक ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:पत्नी से विवाद के बाद नाराज होकर घर से निकले थे, लौटकर दी जान

भोपाल में लैब संचालक ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:पत्नी से विवाद के बाद नाराज होकर घर से निकले थे, लौटकर दी जान

भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले एक लैब संचालक ने मंगलवार देर रात घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। इससे पहले उनका पत्नी से मामूली विवाद हुआ था। नाराज होकर घर से निकले और देर रात घर लौटे, कब उन्होंने खुदकुशी कर ली पत्नी और बच्चों को पता ही नहीं चला। बुधवार तड़के उठी पत्नी ने पति के शव को देखा, जिसके बाद पड़ोसियों की मदद से बॉडी को उतारा और पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। खाने को लेकर हुआ था पत्नी से विवाद पुलिस के मुताबिक पुष्पेंद्र दोरे पिता रामलखन दोरे (40) कोलार रोड गिरधर अपार्टमेंट के रहने वाले थे। एक लैब का संचालन करते थे। उनके दो बेटे हैं और दोनों स्कूली छात्र हैं। पुष्पेंद्र ने मंगलवार देर रात को मर्जी का खाना नहीं मिलने की बात पर नाराज हो गए थे। घर कब लौटे किसी को भनक तक नहीं लगी इस बात को लेकर उनका पत्नी से मामूली विवाद हुआ था। इसके बाद वह घर से चले गए। देर रात को घर लौटे और एक कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। बुधवार दोपहर को पीएम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी एंगल पर जांच की जा रही है।

IAS पति को छुड़वाकर मुझसे शादी की, फिर धोखा दिया:बैंक मैनेजर पत्नी के गंभीर आरोप, कांग्रेस नेता बोले–15 साल से ब्लैकमेल कर रही

IAS पति को छुड़वाकर मुझसे शादी की, फिर धोखा दिया:बैंक मैनेजर पत्नी के गंभीर आरोप, कांग्रेस नेता बोले–15 साल से ब्लैकमेल कर रही

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक हाईप्रोफाइल फैमिली विवाद सामने आया है। पत्नी बैंक में मैनेजर हैं और पति कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता है। बैंकर पत्नी ने अपने नेता पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि नेता पति ने दहेज में दो करोड़ रुपए मांगे और पैसे न देने पर उनके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया है। पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर कांग्रेस नेता के खिलाफ मारपीट और दहेज प्रताड़ना की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। खास बात ये भी है कि पत्नी और पति दोनों की ये दूसरी शादी है और इस शादी को 19 साल हो चुके हैं। पत्नी का आरोप है कि उसकी पहली शादी आईएएस अफसर से हुई थी। नेता ने जबरन ये शादी तुड़वा दी। इधर कांग्रेस नेता का कहना है कि पत्नी उन्हें 15 साल से ब्लैकमेल कर रही है। जब उन्होंने तलाक का नोटिस दिया तब पत्नी ने ये एफआईआर करवाई है। कौन है ये हाईप्रोफाइल कपल और किस तरह पूरा विवाद सामने आया। भास्कर ने दोनों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… 2003 में आईएएस से शादी और खुशहाल जिंदगी शिखा सिंह की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। एक अच्छे, पढ़े-लिखे परिवार से आने वाली शिखा ने एमबीए किया है और उनके रिश्तेदार पुलिस विभाग में उच्च पदों पर रहे हैं। साल 2003 में उनकी शादी मध्यप्रदेश कैडर के एक आईएएस अफसर से हुई। भोपाल के पॉश इलाके ‘चार इमली’ में उनका सरकारी आवास था और जिंदगी खुशहाल थी। शिखा खुद एक प्रतिष्ठित बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। उनकी जिंदगी में महेंद्र सिंह चौहान का प्रवेश एक सामान्य मुलाकात से हुआ। उस वक्त चौहान एनआईटीटीटीआर के चेयरमैन थे। शिखा बताती हैं, ‘वे अक्सर मुझसे मिलने बैंक आने लगे। उन्होंने मुझे मेरे आईएएस पति से अलग होने के लिए उकसाना शुरू कर दिया और वे इसमें कामयाब भी रहे।’ पिता बोले- चार इमली से सड़क पर आ जाओगी उन्होंने अपनी पत्नी के बारे में ऐसी भावुक बातें कहीं, जिससे शिखा का उनसे भावनात्मक जुड़ाव हो गया। चौहान ने शिखा की मुलाकात अपने दोनों बच्चों से भी कराई। शिखा का दावा है कि चौहान की बेटी ने उन्हें बताया था कि उनके माता-पिता एक दशक से अलग-अलग कमरों में सोते हैं। जब शिखा ने इस रिश्ते के बारे में अपने परिवार को बताया, तो भूचाल आ गया। पिता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी, ‘तुम चार इमली (आईएएस अफसरों का रिहायशी इलाका) से सीधे सड़क पर आ जाओगी।’ परिवार के हर सदस्य ने इस रिश्ते का विरोध किया, क्योंकि चौहान न केवल शादीशुदा थे, बल्कि शिखा से उम्र में 20 साल बड़े भी थे। उस समय चौहान की बेटी 17 और बेटा 15 साल का था। शिखा ने बताया कि मैं उनकी बातों में आ गई थी। शुरुआती साल अच्छे बीते, फिर बंदिशों का दौर शादी के बाद शुरुआती कुछ साल अच्छे बीते। शिखा, चौहान और उनके दो बच्चों के साथ रहने लगीं। उनका अपना एक बेटा भी हुआ। लेकिन यह खुशहाली ज्यादा दिन नहीं टिकी। शिखा का आरोप है कि जल्द ही उन पर बंदिशें लगनी शुरू हो गईं। उनके साथ क्रुरतापूर्ण बर्ताव होने लगा और दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा। शादी का फैसला मेरा था, इसलिए मैं जहर के घूंट पीकर चुप रह जाती थी। शिखा ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को दिए अपने आवेदन में कहा है कि शादी के 2-3 साल बाद ही पति का व्यवहार क्रूरतापूर्ण हो गया। उन पर मायके से पैसे लाने का दबाव डाला जाने लगा। मुझसे कहा गया कि मैं अपने मायके की प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगूं। जब मैंने इनकार किया तो मेरे साथ मारपीट की जाती थी। मेरे बेटे के साथ भी उनका व्यवहार क्रूर था। वे गुस्से में आकर मुझे और मेरे बेटे को कमरे में बंद कर देते थे। जहर देकर जान से मारने की कोशिश का आरोप शिखा के आरोप यहीं नहीं रुकते। उन्होंने एक ऐसी घटना का जिक्र किया है जो रोंगटे खड़े कर देती है। एक दिन मेरे पति ने मुझे जूस में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिसे पीकर मेरी हालत बिगड़ने लगी और मैं बेहोश हो गई। जब मुझे होश आया तो मैं अस्पताल में थी। शिखा के मुताबिक, उनकी यह हालत देखकर चौहान डर गए और उन पर दबाव बनाने लगे कि वह इस बारे में किसी को कुछ न बताएं। उन्होंने कसम खाई कि आगे से ऐसा कभी नहीं होगा और वह सुधर जाएंगे। मैं उनकी बातों में आ गई और चुप रही। यह चुप्पी ज्यादा दिन नहीं चली। शिखा का आरोप है कि चौहान का व्यवहार पहले जैसा हो गया। शराब पीकर मारपीट और तलाक की धमकियां देना फिर शुरू हो गया। जान से मारने की धमकी देकर घर से निकाला विवाद का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब चौहान ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी बंदूक दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिखा ने अपनी शिकायत में कहा, मुझसे कहते थे कि जब तुम मर जाओगी तो तुम्हारे पापा की पूरी संपत्ति मेरे नाम हो जाएगी। यह मामला 9 फरवरी को अपने चरम पर पहुंच गया, जब शिखा के अनुसार, दोपहर 2 बजे उनके पति ने घर में उनके साथ मारपीट की और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। घर के बाहर गेट पर ताला लगा दिया और धमकी दी कि अगर मायके से 2 करोड़ रुपये और कार लेकर नहीं आई तो तुम्हें जान से मार दूंगा। तुम ऑफिस जाती हो, रास्ते में तुम्हारे साथ कुछ भी कर सकता हूं। शिखा ने पुलिस को बताया है कि उनका बेटा हॉस्टल में रहता है और वह भोपाल में अकेली रहती हैं। उन्हें अपने पति से जान का खतरा है, जिनके पास दो लाइसेंसी बंदूकें हैं। फर्जी दस्तखत और एनजीओ से बेदखली का आरोप घरेलू हिंसा के आरोपों के अलावा, शिखा ने अपने पति पर धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि चौहान ने उनके फर्जी दस्तखत कर उन्हें जन शिक्षण संस्थान, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम के दो एनजीओ के डायरेक्टर पद से हटा दिया और अपने लोगों को नियुक्त कर दिया। इस

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने की भोपाल उत्तर के विधायक की तारीफ:कहा- गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने का संकल्प लाए, यह हिंदू विधायकों को करना चाहिए था

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने की भोपाल उत्तर के विधायक की तारीफ:कहा- गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने का संकल्प लाए, यह हिंदू विधायकों को करना चाहिए था

मध्य प्रदेश की सियासत में ‘गौमाता’ को लेकर एक नया और दिलचस्प मोड़ आ गया है। भोपाल उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील द्वारा विधानसभा में गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने के लिए पेश किए गए ‘अशासकीय संकल्प’ ने संतों के गलियारों में हलचल मचा दी है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक वीडियो संदेश जारी कर आतिफ अकील की जमकर तारीफ की है। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि जो काम खुद को हिंदू कहने वाले विधायकों को करना चाहिए था, वह एक मुस्लिम विधायक ने कर दिखाया है। शंकराचार्य ने ‘हिंदू विधायकों के माथे पर बताया कलंक’ शंकराचार्य ने अपने संदेश में एमपी विधानसभा के हिंदू विधायकों को आइना दिखाते हुए तीन बड़ी बातें कहीं हैं। आतिफ अकील के संकल्प में यह है खास मुस्लिम जनप्रतिनिधि आगे, हिंदू क्यों देरी कर रहे शंकराचार्य ने केवल आतिफ ही नहीं, बल्कि अन्य मुस्लिम नेताओं का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि संसद में अफजाल अंसारी और गुजरात की कांग्रेस सांसद गनी बेन ठाकुर ने भी गौमाता के लिए आवाज उठाई है। प्रयागराज के सांसद उज्जवल रमण सिंह का भी उदाहरण दिया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में विधायक बालमुकुंद ने अपनी ही सरकार से इस पर जवाब मांगा है, लेकिन सरकारें अभी भी देरी कर रही हैं। हर हिंदू गौमाता के पक्ष में खड़ा हो और खुद को असली हिंदू घोषित करे, वरना जनता की नजर में आप ‘नकली हिंदू’ कहलाएंगे। यह खबर भी पढ़ें… गोहत्या पर सियासी-गर्मी के बाद विधानसभा में प्रस्ताव की तैयारी दिसंबर में नगर निगम के स्लॉटर हाउस से निकले ट्रक में गोमांस मिलने के बाद मचे हंगामे के बाद अब कांग्रेस के विधायक आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने की मांग की है। वह विधानसभा में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने का संकल्प लेकर आएंगे। मंगलवार को इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

भोपाल में नर्सिंग की छात्रा ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:प्रेमी की दूसरी जगह शादी तय होने की बात से दुखी थी

भोपाल में नर्सिंग की छात्रा ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:प्रेमी की दूसरी जगह शादी तय होने की बात से दुखी थी

भोपाल के अयोध्या नगर की विंध्याचल कॉलोनी में रहने वाली नर्सिंग की छात्रा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। जीजा के भाई से उसका प्रेम संबंध था। हालांकि प्रेमी की पिछले दिनों दूसरी लड़की से शादी तय हो गई। इससे दुखी होकर उसने सुसाइड किया है। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार रात की है। जबकि शनिवार दोपहर को पीएम के बाद बॉडी परिजनों के हवाले कर दी गई। पुलिस के मुताबिक उमा लोधी पुत्री नर्मदा प्रसाद (24) विंध्याचल कॉलोनी अयोध्या नगर में किराए से रहती थी। नर्स बनने की चाह में भोपाल आई थी वह मूल रूप से बरखेड़ा हसन जिला सीहोर की रहने वाली थी। उमा चार बहन और 6 भाईयों में आठवें नंबर की थी। उसके रिश्तेदार नरेंद्र ने बताया कि उमा का अपने ही जीजा के भाई से करीबी रिश्ता था। दोनों शादी करना चाहते थे। हालांकि बाद में युवक के परिजनों ने कहीं और उसकी शादी तय कर दी। युवक ने पूछा था- कोई परेशानी तो नहीं उमा ने भी इसका विरोध नहीं किया था। अब युवक ने उमा को कॉल कर पूछा कि मैं शादी करने वाला हूं तुम्हे कोई परेशानी तो नहीं है। गुरुवार को आए इस कॉल के बाद से उमा तनाव में थी। परिजनों का मानना है कि इसी डिप्रेशन के चलते उमा ने जान दी है।

दिल्ली में कांग्रेसियों के कृत्य का एमपी में विरोध:भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में भाजयुमो करेगा कांग्रेस कार्यालयों का घेराव

दिल्ली में कांग्रेसियों के कृत्य का एमपी में विरोध:भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में भाजयुमो करेगा कांग्रेस कार्यालयों का घेराव

दिल्ली के भारत मंडपम में हुई एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा आज भोपाल सहित प्रदेश भर के प्रमुख जिलों में स्थित कांग्रेस कार्यालयों का घेराव कर आक्रामक प्रदर्शन करेगा। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर समेत मोर्चा के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में कांग्रेस की कार्यशैली का विरोध करेंगे। शनिवार को भोपाल संभाग के अंतर्गत प्रदेश कांग्रेस कार्यालय शिवाजी चौराहा के पास, भोपाल ग्रामीण में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही सीहोर, विदिशा, राजगढ़, रायसेन एवं नर्मदापुरम जिलों के भाजयुमो कार्यकर्ता एकत्र होकर कांग्रेस दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही युवा मोर्चा के नेतृत्व में ग्वालियर, मुरैना, सागर, इंदौर, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, रीवा, शहडोल, जबलपुर और छिंदवाड़ा जिलों में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की घटिया कार्यशैली सामने आई बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने बताया कि आज पूरा विश्व भारत की तकनीकी क्षमता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता एआई में नेतृत्व की सराहना कर रहा था, तब राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी घटिया कार्यशैली का परिचय देते हुए भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के स्थल के अंदर अर्धनग्न प्रदर्शन कर भारत की छवि धुमिल करने का प्रयास किया है। इस प्रकार के प्रदर्शन से पूरे राष्ट्र का सिर शर्म से झुका है, जिसके विरोध में 21 फरवरी को प्रदेश भर में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालयों का घेराव कर राहुल गांधी एवं कांग्रेस के विरोध में आक्रामक प्रदर्शन किया जाएगा।

इंस्टाग्राम फ्रेंड से शादी, फिर हत्या! दहेज के बक्से में मिली लाश, भोपाल में सनसनी

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भोपाल. निशातपुरा थाना क्षेत्र में स्थित एक पानी की टंकी के पास पड़े संदूक से महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. सुबह स्थानीय निवासियों को तेज दुर्गंध मिली, जिस पर उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने पानी से संदूक निकालकर देखा तो उसमें एक महिला की लाश पड़ी थी, जो दो-तीन दिन पुरानी बताई जा रही थी. फॉरेंसिक और अधिकारिक जांच के बाद शव की शिनाख्त सिया नाम की महिला के रूप में हुई, जो आरोपी समीर की तीसरी पत्नी थी. पुलिस ने उसे सुबह ही हिरासत में ले लिया. पुलिस अफसरों का कहना है कि आरोपी पर पहले ही शक हो गया था, उसके बारे में पड़ोसियों ने भी जानकारी दी थी तो तमाम सबूत जमा करने के बाद उसे गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस ने शुरुआती जांच में यह भी साफ किया कि संदूक वही था जो कुछ समय पहले आरोपी समीर को दूसरी शादी के दहेज में मिला था. जांचकर्ताओं के मुताबिक इसी संदूक में तीसरी पत्नी का शव कैद था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के लिए शव को संदूक में बंद कर पानी के टैंक में फेंका गया. स्थानीय लोग और पुलिस अधिकारियों ने इस रहस्य को सुलझाने के लिए एकत्रित सबूतों और घटनास्थल के आसपास पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी पूछताछ में खुलासा करेगा और जल्‍दी ही पर्दाफाश हो जाएगा. संदूक में शव: हत्या या साजिशपुलिस के अनुसार मृतका सिया की पहचान संदूक से बरामद लाश के रूप में हुई. सिया का शरीर फूला हुआ था, जिससे अंदेशा है कि वह पिछले दो-तीन दिनों पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालना शुरू किया है. प्रारंभिक जांच बता रही है कि हत्या कहीं और हुई और फिर शव को पानी की टंकी में फेंका गया. जांच अधिकारी ने बताया कि संदूक दहेज के दौरान आरोपी समीर की दूसरी पत्नी को दिया गया था. यह नई जानकारी मामले को और जटिल बनाती है और पुलिस को एक स्पष्ट सिया हत्या योजना के सुराग भी देती है. सिया के शरीर से मिले घावों और संदूक में बंद हालत से यह भी ज्ञात होता है कि हत्या हत्या के बाद शव को छुपाने की कोशिश की गई. पुलिस का कहना है कि सिया कुछ समय समीर और उसकी दूसरी पत्‍नी के साथ भी रही. कुछ महीने पहले ही लेकर आया था, ‘सिया’ को बता रहा था साली पुलिस ने बताया कि आरोपी समीर के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि वह कुछ महीने पहले सिया को लेकर आया था. पूर्व में उसकी एक दूसरी पत्नी भी थी, लेकिन कुछ दिनों पहले विवाद के कारण वह अपने मायके चली गई थी. सिया से उसकी पहचान सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. सिया के इंस्‍टाग्राम पर हजारों फालोअर हैं. शुरूआत में उसने सिया को अपनी साली बताया था, लेकिन बाद में दोनों ने शादी कर ली. समीर ऑटो चलाने का काम करता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उसका ऑटो भी नहीं चल रहा था. पुलिस पूछताछ में यह जानकारी मिली कि समीर और सिया के बीच लगातार विवाद होता था, जिसका असर उनकी ज़िंदगी पर साफ दिख रहा था. पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद समीर दूसरी पत्नी को लेने जबलपुर गया था, इसी दौरान उसे हिरासत में लिया गया. पुलिस की गिरफ़्तारी और पूछताछआज सुबह जैसे ही आरोपी दूसरी पत्नी को अपने ससुराल से लेकर आया, तब पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान आरोपी से सख्ती से बदसलूकी और हत्या से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं. पुलिस को यह भी संदेह है कि संदूक और पानी के टंकी तक शव पहुंचा कर हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की साजिश रची गई थी. जांच अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से भी पूछताछ जारी है. आरोपी समीर के फोन रिकॉर्ड और सोशल मीडिया बातचीत को भी खंगाला जा रहा है. पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी और आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. शव बरामदगी का वक्तपुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतका की लाश बक्से में बंद मिली थी. पानी की टंकी के पास तेज दुर्गंध फैल रही थी, जिस पर पुलिस ने जांच की और संदूक को पानी से बाहर निकाला. संदूक में बंद महिला की लाश देखकर वहां मौजूद लोग हक्के-बक्के रह गए. घटनास्थल पर वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुँचे और बारीकी से जांच की. आरोपी का परिवार और पुलिस कार्रवाईसमीर की दूसरी पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्यों को भी हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. इस दौरान पुलिस ने आसपास के गुमशुदा मामला दर्ज महिलाओं के ब्योरे भी जुटाए हैं ताकि मृतका सिया की पहचान को अंतिम रूप दिया जा सके. पुलिस का मानना है कि जल्द ही सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा. जांच बहुत धीमी और सूक्ष्म ढंग सेपुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच बहुत धीमी और सूक्ष्म ढंग से की जा रही है. फॉरेंसिक टीम और विशेषज्ञों के समर्थन से यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या टैम्परिंग और संदूक के निशान किस समय चिह्नित हुए. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मामले की निगरानी कर रहे हैं और समय-समय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जानकारी देंगे. पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हत्या कब और कहां की गई थी, लेकिन संदूक को पानी की टंकी में फेंकने का उद्देश्य हत्या ही है यह साफ़ नजर आ रहा है. आने वाले समय में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन डेटा और शिकायती बयानों की पड़ताल से केस की तह तक पहुंचने की कोशिश जारी रहेगी.