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भोपाल की 732 लोकेशन पर महंगी होगी प्रॉपर्टी:63 सुझावों पर मंथल, 23 मार्च को फिर मीटिंग; सांसद-विधायकों की कई मुद्दों पर आपत्ति

भोपाल की 732 लोकेशन पर महंगी होगी प्रॉपर्टी:63 सुझावों पर मंथल, 23 मार्च को फिर मीटिंग; सांसद-विधायकों की कई मुद्दों पर आपत्ति

सांसद-विधायकों और आम लोगों की आपत्ति के बाद भोपाल की कुल 732 लोकेशन पर प्रॉपर्टी गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। कुल 63 दावे-आपत्ति को लेकर मंथन जरूर हुआ है और कुछ को मान्य भी कर लिया, लेकिन उन जगहों को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई, जहां प्रस्ताव 181 प्रतिशत तक बढ़ाने का है। पंजीयन विभाग ने एक महीने के अंदर 100 लोकेशन और बढ़ा दी। कमेटी ने अलार्क रेजीडेंसी की प्रस्तावित दरों को कम करने का सुझाव पास किया। वहीं, भौंरी की कृषि भूमि की दरों को बढ़ाए जाने या प्रचलित दरों अनुरूप रखे जाने के लिए और भूखंड की दरों को कम किए जाने का सुझाव दिया गया था। समिति ने इसे यथावत रखने का निर्णय लिया है। नूर-उस-सबाह रेजीडेंसी कोहेफिजा की ओर से प्रस्तुत सुझाव को अमान्य कर दिया गया। नगर निगम के वार्ड-74 स्थित महोली की मेयर कॉलोनी की प्रस्तावित दरों को प्रचलित गाइड लाइन की दर की श्रेणी में शामिल करने के सुझाव को मंजूर कर लिया गया। कृष्णा होम्स द्वारा भोजपुर रोड ग्राम दीपड़ी की दरों में वृद्धि प्रस्तावित नहीं करने का सुझाव दिया गया था। जिसे मंजूर कर लिया गया। गोल्डन सिटी जाटखेड़ी की प्रस्तावित दरें कम नहीं होगी। ग्राम अचारपुरा, परेवाखेड़ा, चांदपुर, मनीखेड़ी, अरवलिया, परवलिया, ईंटखेड़ी, इमालिया आदि क्षेत्रों में गाइड लाइन को भी नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। री-ट्रांसफर को लेकर प्रस्ताव क्रेडाई ने री-ट्रांसफर को लेकर सुझाव दिया था। इसमें अनुसार, महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी कोई संपत्ति तीन वर्ष की अवधि के भीतर पुनः अंतरण (री ट्रांसफर) की जाती है तो संबंधित संपत्ति के पूर्व पंजीयन में जमा की गई स्टॉम्प ड्यूटी की राशि का समायोजन (इनपुट क्रेडिट) नवीन पंजीयन में प्रदान किया जाना चाहिए। इससे संपत्ति के बार-बार क्रय-विक्रय की स्थिति में नागरिकों एवं व्यवसायियों पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। वर्तमान व्यवस्था में एक ही संपत्ति पर अल्प अवधि में पुनः पूर्ण स्टाम्प ड्यूटी देना पड़ती हैं, जो व्यवहारिक एवं न्याय संगत नहीं है। स्टॉम्प ड्यूटी समायोजन की सुविधा मिलने से रियल एस्टेट क्षेत्र में लेन-देन सरल होंगे। निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और संपत्ति बाजार में तरलता बढ़ेगी। जिससे शासन को भी दीर्घकाल में राजस्व वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा। इस सुझाव से सहमत होकर विधायक भगवानदास सबनानी ने उनकी ओर से भी अनुशंसा की जाकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड और शासन को सुझाव भेजने के लिए कहा है। अन्य सुझाव जो शासन एवं केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से संबंधित होने से उन्हें केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड भेजे जाने के लिए कहा। सांसद ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई… 23 मार्च को फिर होगी बैठक कलेक्टर एवं जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष सिंह ने प्रस्तावित गाइड लाइन वर्ष 2026-27 को अंतिम रूप दिये जाने के लिए 23 मार्च को फिर से बैठक करने की बात कहीं। इसके बाद यह केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजी जाएगी। इन इलाकों में सबसे ज्यादा बढ़ेंगे रेट जानकारी के अनुसार निर्मल सिटी, निशातपुरा रोड, मुर्गी बाजार, समर ग्रीन में 181% बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। वहीं, यशोदा नगर, भोपाल टॉकीज से सेफिया रोड, मालीपुरा, माया विहार, पाल विहार, रेत घाट से वीआईपी रोड, कबाड़खाना, गौतम नगर, पंचशील नगर, न्यू मार्केट, रोशनपुरा, सेवनिया गौंड, चौकी बरखेड़ी, एयरोसिटी परिसर, बेहटा, दामखेड़ा समेत में रेट बढ़ेंगे। इसके अलावा कोलार रोड, बंजारी, अकबरपुर, बावड़ियाकलां, मिसरोद, एयरपोर्ट, अयोध्या बायपास में भी गाइड लाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। भौंरी क्षेत्र में 58 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव एक ओर जहां सैकड़ों इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। वहीं, दूसरी ओर भौंरी क्षेत्र में गाइड लाइन को 58 प्रतिशत तक कम करने का प्रस्ताव भी लाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जहां सरकार के बड़े प्रोजेक्ट हैं, वहां पर रेट घटाना समझ से बाहर है। भौंरी क्षेत्र की 3700 एकड़ में प्रदेश की पहली एआई एंड नॉलेज सिटी प्रस्तावित है। इसे लेकर किसानों ने भोपाल कलेक्टर के पास जाकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। हालांकि, इसे यथावत रखने की बात कही गई है। लगातार दूसरे साल बढ़ेगी गाइड लाइन भोपाल जिला मूल्यांकन समिति 12 महीने में दूसरी बार गाइड लाइन बढ़ेगी। इसके पहले 1 हजार 312 लोकेशन पर औसत 11% गाइडलाइन बढ़ाई थी। इनमें सुल्तानिया रोड, गांधीनगर, दानिश हिल्स, मैकेनिकल मार्केट, नयापुरा, जहांगीराबाद समेत अन्य इलाके शामिल हैं। इतनी लोकेशन का ड्राफ्ट जारी कुल 2175 लोकेशन का ड्राफ्ट जारी किया गया है। नगर निगम सीमा में 607 लोकेशन पर प्रॉपर्टी के रेट 5% से लेकर 181% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। पंजीयन विभाग ने 628 लोकेशन पर दरें बढ़ाने और 795 लोकेशन को मर्ज करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी दाम बढ़ेंगे। ड्राफ्ट के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी भानपुर स्थित निर्मल सिटी में प्रस्तावित है, जहां दर 6400 रुपए प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 18 हजार रुपए की गई है, यानी 181% तक वृद्धि। भोपाल में 4 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जिले में जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन उप पंजीयक कार्यालयों में होता है। लोगों की सुविधा के लिए भोपाल शहर में चार उप पंजीयक कार्यालय काम कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए संपदा 2.0 का नया ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम में रजिस्ट्रेशन से पहले संपत्ति का वास्तविक स्थल निरीक्षण किया जाता है। जियो-टैगिंग के जरिए फोटो अपलोड की जाती है। इससे संपत्ति की सही लोकेशन और जानकारी की पुष्टि हो सके और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने। इन कारणों से बढ़ सकती हैं गाइडलाइन दरें टीएंडसीपी से स्वीकृत नई कॉलोनियों और आम जनता की सुविधाओं के कारण 38 लोकेशन प्रभावित हुईं। नए राष्ट्रीय राजमार्ग, बायपास और रिंग रोड बनने से 18 लोकेशन पर असर पड़ा। वहीं नए औद्योगिक और विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना से 3 लोकेशन प्रभावित पाई गईं। इस तरह जिले की कुल 621 लोकेशनों पर दर वृद्धि का प्रस्ताव है। इनमें कोलार रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, भोपाल बायपास और कई पॉश इलाके शामिल हैं, जहां प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो सकता है।

Thousands of Students, Celebs to Attend

Thousands of Students, Celebs to Attend

Hindi News Business Sage University Bhopal Swarnim 2026 Festival: Thousands Of Students, Celebs To Attend भोपाल1 घंटे पहले कॉपी लिंक देश में तेजी से उभरती मध्य भारत की सेज यूनिवर्सिटी कैंपस में 20 से 22 अप्रैल 2026 तक एनुअल कल्चरल एंड एजुकेशनल फेस्टिवल ‘स्वर्णिम 2026’ का आयोजन किया जाएगा। यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित हो रहा ये राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का तीसरा वर्ष है। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देशभर के विद्यार्थी, शिक्षक, ख्याति प्राप्त आर्टिस्ट, विषय विशेषज्ञ और कलाकार हिस्सा लेंगे। तीन दिवसीय आयोजन में कई प्रतियोगिताएं होंगी तीन दिवसीय के इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में टैलेंट,ज्ञान-विज्ञान,एक्सपो,प्रतियोगिता,टेक्नोलॉजी,म्यूजिक-मस्ती का संगम देखने को मिलेगा। जिसमें देशभर के हजारों छात्र , कई प्रख्यात नाम, संस्थान भाग लेंगे। फेस्ट में GenZpreneurs स्टार्टअप पिच, Pharmapreneurs प्रतियोगिता, Battle ground fury, ई-स्पोर्ट्स चैंपियनशिप, किसान मेला, बैंड प्रतियोगिता, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के द्वारा विज्ञापन प्रतियोगिता, रोबो रेस चैलेंज, कबाड़ से जुगाड़ प्रतियोगिता, ई-चेस चैंपियनशिप, संगीत एकल प्रतियोगिता और GenZpreneurs फाइनल पिच , गाला फैशन फिएस्टा – फ्यूजन ऑफ स्टाइल्स, डांस प्रतियोगिता, काव्यांजलि साहित्यिक प्रतियोगिता, ओपन-एयर मंच पर ग्रैंड गाला म्यूजिक नाइट जैसे कई कार्यक्रम होंगे। देशभर के छात्रों में स्वर्णिम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिलता है , पिछले दो संस्करणों में देश भर से हजारों छात्रों ने भाग लिया व अवार्ड्स जीते। लोकल व देश के कई टॉप रिटेल ब्रांड्स ने स्वर्णिम में भाग लिया,उनका फेस्ट का अनुभव शानदार रहा। सेज ग्रुप की मैनेजिंग डायरेक्टर आर्किटेक्ट शिवानी अग्रवाल ने मीडिया को बताया “स्वर्णिम केवल एक फेस्ट नहीं बल्कि रचनात्मकता, ज्ञान, टेक्नोलॉजी , टैलेंट का उत्सव है। स्वर्णिम के माध्यम से हमारा उद्देश्य छात्रों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां नवाचार, संस्कृति और नए विचार एक साथ आएं और युवा प्रतिभाओं को सीखने, प्रतिस्पर्धा करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिले। फेस्ट में आयोजित किये जा रहे इवेंट्स में भाग लेने के लिए छात्र यूनिवर्सिटी की वेबसाइट www.sageuniversity.edu.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

भोपाल पुलिस ने रेलकर्मियों को पीटा…VIDEO:सड़क पर घूंसे-थप्पड़ मारे, कॉलर पकड़कर खींचते ले गए; बस रोकने पर झूमाझटकी; 30 मिनट ट्रैफिक जाम रहा

भोपाल पुलिस ने रेलकर्मियों को पीटा...VIDEO:सड़क पर घूंसे-थप्पड़ मारे, कॉलर पकड़कर खींचते ले गए; बस रोकने पर झूमाझटकी; 30 मिनट ट्रैफिक जाम रहा

भोपाल में डी मार्ट के सामने रविवार शाम बस रोकने को लेकर ट्रैफिक पुलिस और रेलकर्मियों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने दो रेलकर्मियों को बीच सड़क पर थप्पड़-घूंसे मारे और कॉलर पकड़कर खींचते हुए ले गए। मामला कोलार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक बस रोकने को लेकर पहले बहस शुरू हुई। इसके बाद सड़क पर ही झूमाझटकी और मारपीट की स्थिति बन गई। इस दौरान रेलकर्मी भी ट्रैफिक आरक्षक की कॉलर पकड़ते हुए दिखाई दिए। हंगामे के कारण करीब 30 से 35 मिनट तक सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। मारपीट और झूमाझटकी के वीडियो भी सामने आए हैं। ट्रैफिक पुलिस और रेलकर्मियों के बीच विवाद की तस्वीरें देखिए आरक्षक से बस रोकने का कारण पूछने के बाद बढ़ा विवाद जानकारी के मुताबिक कोलार स्थित डी मार्ट के सामने ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगी थी। यहां ट्रैफिक आरक्षक सरजीत यादव तैनात थे। रविवार शाम करीब 6:30 बजे उन्होंने एक बस को रोका। बस रुकते ही उसमें सवार कुछ लोग नीचे उतर आए और आरक्षक से बस रोकने का कारण पूछने लगे। बस में सवार लोगों ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया। आरक्षक ने उन्हें बताया कि शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध है। साथ ही बस पर बैनर लगा होने के कारण नंबर प्लेट भी साफ दिखाई नहीं दे रही थी। इसी बात को लेकर बस में सवार कुछ रेलकर्मी नाराज हो गए और आरक्षक से बहस करने लगे। आरक्षक से झूमाझटकी का आरोप पुलिस के मुताबिक बहस के दौरान कुछ रेलकर्मियों ने आरक्षक सरजीत यादव के साथ झूमाझटकी की और अपशब्द कहे। इसके बाद आरक्षक ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। हंगामा बढ़ता देख पास में मौजूद ट्रैफिक के एसआई मौके पर पहुंचे। इसके बाद डायल-112 की टीम भी वहां पहुंची और दो रेलकर्मियों को पकड़कर अपने साथ ले गई। इस दौरान सड़क पर काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिससे कोलार रोड पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। आरक्षक पर बदसलूकी का आरोप रेलवे कर्मचारियों का आरोप है कि बस रोकने के दौरान आरक्षक ने उनके साथ अभद्रता की, जिसके कारण विवाद बढ़ गया। वहीं आरक्षक का कहना है कि रेलकर्मी बस रोके जाने से नाराज थे और उन्होंने ही पहले झूमाझटकी व मारपीट की। वहीं घटना के वीडियोज सामने आने के बाद डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। …………………………….. यह खबर भी पढ़ें ग्वालियर में दुश्मनों को फंसाने दोस्त के सीने में गोली मारी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक युवक ने दुश्मनों को हत्या के प्रयास के मामले में फंसाने के लिए अपने ही दोस्त के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही दोस्त खड़ी बाइक पर गिर पड़ा। घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है। गोली मारने की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। मामला गोला का मंदिर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…

काटजू अस्पताल में हाईटेक प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी सेंटर:3 करोड़ की लागत से हुआ तैयार; मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक का इलाज एक छत के नीचे

काटजू अस्पताल में हाईटेक प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी सेंटर:3 करोड़ की लागत से हुआ तैयार; मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक का इलाज एक छत के नीचे

भोपाल के शासकीय कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में महिलाओं के लिए एक बड़ी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा शुरू होने जा रही है। यहां “स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर फॉर प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी” स्थापित किया जा रहा है, जो मध्यभारत का अपनी तरह का पहला और अनूठा सेंटर होगा। करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी। मेनोपॉज और हार्मोनल समस्याओं के लिए विशेष सुविधा काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और सेंटर की स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के अनुसार महिलाओं में आमतौर पर 45 से 50 वर्ष की उम्र के बीच मेनोपॉज की स्थिति शुरू होती है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे हड्डियों से जुड़ी समस्याएं, हार्मोनल असंतुलन और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। नए सेंटर में इन सभी समस्याओं के लिए विशेष परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इन्फर्टिलिटी और गर्भधारण से जुड़ी समस्याओं का इलाज इस सेंटर में बांझपन यानी इन्फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं के इलाज पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां पीसीओएस, फाइब्रॉइड, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्त्री रोगों की जांच आधुनिक तकनीकों के माध्यम से की जाएगी। गर्भधारण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए आईयूआई जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस सेंटर में वीआईए तकनीक के माध्यम से कैंसर की शुरुआती जांच की जाएगी। इस तकनीक की मदद से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सकेगा, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा और महिलाओं की जान बचाई जा सकेगी। आधुनिक मशीनों से होगा इलाज केगेल चेयर- पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली मशीन है। जिन महिलाओं को बच्चेदानी या पेल्विक मांसपेशियों के ढीले होने की समस्या होती है, उनमें बिना सर्जरी के उपचार संभव हो सकेगा। कोलपोस्कोप- मशीन के जरिए गर्भाशय ग्रीवा, योनि और संबंधित अंगों की गहन जांच की जाएगी। लेजर मशीन- इसके माध्यम से सिस्ट, मेनोपॉज से जुड़ी समस्याएं और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है। किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

भोपाल नगर निगम घोटाला- अपर आयुक्त सेवतकर को हटाया:लोकायुक्त ने की थी FIR; बजट से पहले कमिश्नर ने हटाकर दूसरे को सौंपा वित्त विभाग

भोपाल नगर निगम घोटाला- अपर आयुक्त सेवतकर को हटाया:लोकायुक्त ने की थी FIR; बजट से पहले कमिश्नर ने हटाकर दूसरे को सौंपा वित्त विभाग

भोपाल नगर निगम की वित्त एवं लेखा शाखा में अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर को कमिश्नर संस्कृति जैन ने हटा दिया। लोकायुक्त ने उन पर एफआईआर दर्ज की थी। उनकी जगह अपर आयुक्त मुकेश शर्मा को प्रभार सौंपा गया है। कुछ दिनों में नगर निगम का बजट पेश होना है। जिसे बनाने का जिम्मा सेवतकर के पास ही था। बता दें कि नगर निगम में बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए निकालने के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की थी। टीम ने निगम के डाटा सेंटर समेत कई शाखाओं में छापेमारी कर पिछले करीब 10 साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त कर लिया था। इस मामले में सेवतकर समेत अन्य पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। एफआईआर के बाद शनिवार को कमिश्नर जैन ने सेवतकर को हटाने की कार्रवाई की। कोर्ट से सर्च वारंट लेकर की थी छापेमारी निगम में फर्जी भुगतान की शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को मिली थी। प्रारंभिक जांच में तथ्य सही पाए जाने पर 9 मार्च को आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापेमारी की गई थी। ये गड़बड़ी आई थी सामने आरोप है कि नगर निगम के जलकार्य, सामान्य प्रशासन और केंद्रीय वर्कशॉप जैसे विभागों के नाम पर वाहनों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए। कई मामलों में वास्तव में काम हुआ ही नहीं, लेकिन सिस्टम में ई-बिल तैयार कर दिए गए। कुछ मामलों में जिस विभाग के नाम से बिल बनाए गए, उन्हें ही इसकी जानकारी नहीं थी। इन जगहों पर हुई थी छापेमारी लोकायुक्त पुलिस ने निगम के लेखा शाखा, कंप्यूटर शाखा, डाटा सेंटर, लिंक रोड-2 स्थित मुख्य कार्यालय और फतेहगढ़ स्थित पुराने कार्यालय में एक साथ छापेमारी की। लोकायुक्त का कहना है कि डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में अन्य कर्मचारियों और फर्मों की भूमिका भी सामने आ सकती है। SAP सॉफ्टवेयर का डाटा जब्त किया प्रारंभिक जांच में मोटर वर्क शाखा, जल कार्य विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े कुछ कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच टीम ने भुगतान से जुड़े SAP सॉफ्टवेयर का डिजिटल डाटा भी कब्जे में लिया है। अब इसकी जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि किन-किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तव में काम हुआ भी था या नहीं। इस मामले में अपर आयुक्त ने कहा- कमिश्नर से चर्चा के बाद भुगतान इस मामले में अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर ने कहा था कि लेखा शाखा में बिल सीधे तैयार या पास नहीं किए जाते। बिल संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद आते हैं और फंड की उपलब्धता के अनुसार नगर निगम आयुक्त से चर्चा के बाद भुगतान किया जाता है।

भोपाल के बड़ा तालाब का सीमांकन शुरू, बेहटा में विरोध:लाउखेड़ी-बोरवन भी पहुंची टीमें; एफटीएल को लेकर नोंकझोंक

भोपाल के बड़ा तालाब का सीमांकन शुरू, बेहटा में विरोध:लाउखेड़ी-बोरवन भी पहुंची टीमें; एफटीएल को लेकर नोंकझोंक

पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को भोपाल के बड़ा तालाब किनारे फिर से सीमांकन शुरू हुआ। बैरागढ़ तहसील की टीम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा पहुंची। बेहटा में एफटीएल के पाइंट और सीमांकन को लेकर लोगों ने टीम से नोंकझोंक की। वहीं, अशब्द भी कहे। चार घंटे चली कार्रवाई में 50 मीटर के दायरे में 100 से ज्यादा अतिक्रमण मिले। शुक्रवार को भी टीम मैदान में उतरेगी। आखिरी कार्रवाई 28 फरवरी को की थी। हलालपुरा के आसपास तालाब किनारे एक गार्डन की बाउंड्रीवॉल के साथ गोदाम भी तोड़ दिया था। इसके बाद होली के चलते कार्रवाई धीमी पड़ी, जिसने गुरुवार को फिर रफ्तार पकड़ी। जिला प्रशासन, नगर निगम की संयुक्त टीम ने ग्राम लाउखेड़ी, बोरवन बैरागढ़ और बेहटा क्षेत्र में सीमांकन किया। यहां तालाब के 50 मीटर के दायरे का चिंहित किया गया। बूढ़ागांव और बेहटा में मिली झुग्गियां सीमांकन के दौरान बोरवन गांव की बूढ़ागांव झुग्गी बस्ती और बेहटा की झुग्गी बस्ती में सर्वे में अतिक्रमण मिला। यहां तालाब के 50 मीटर के दायरे में करीब 100 झुग्गियां आ रही हैं। इन झुग्गियों को चिन्हित करने के लिए टीम ने मौके पर लाल निशान लगाए। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम आगे भी अन्य क्षेत्रों में सीमांकन की कार्रवाई जारी रखेगी। इससे तालाब के आसपास के अतिक्रमण और निर्माण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। विरोध का सामना भी करना पड़ा सीमांकन के दौरान बेहटा में लोगों के विरोध का सामना भी टीम में शामिल अफसरों को करना पड़ा। इस दौरान एक व्यक्ति ने टीम के सदस्यों से कहा कि यहां पर क्यों लाल निशान लगा रहे हैं? ये अनुमति किसने दी है? उसने टीम के सदस्यों को अपशब्द भी कहे। हालांकि, टीम ने सर्वे का काम जारी रखा। अगले सप्ताह टीटी नगर सर्कल में सीमांकन होगा अब तक बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में ही बड़ा तालाब किनारों पर अतिक्रमण ढूंढा जा रहा है। टीटी नगर सर्कल में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, एसडीएम अर्चना शर्मा ने सोमवार से कार्रवाई करने की बात कही है। बता दें कि यही इलाका सबसे प्राइम लोकेशन है। तालाब किनारे में बेशकीमती जमीनें हैं। होटल-रेस्तरां भी बने हुए हैं। कई सरकारी एजेंसियों के दफ्तर भी बने हुए हैं। कई आईएएस और नेताओं की जमीनें इसी किनारे हैं। एक बड़ी कॉलोनी भी इसी क्षेत्र में बनी हुई है।

भोपाल में अस्पताल में तोड़फोड़ पुलिस पर पथराव:मरीज की मौत के बाद गुस्साए परिजनों का हंगामा, लाठी-डंडों से लैस होकर पुलिस पर हमला

भोपाल में अस्पताल में तोड़फोड़ पुलिस पर पथराव:मरीज की मौत के बाद गुस्साए परिजनों का हंगामा, लाठी-डंडों से लैस होकर पुलिस पर हमला

भोपाल के आनंद नगर स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में लापरवाही से मौत के आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। अस्पताल में तोड़फोड़ और विवाद बढ़ता देख स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाइश देने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों और परिचितों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया। जमकर पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। सर में पत्थर लगने से एक पुलिसकर्मी को गंभीर चोट आई है, जबकि तीन को मामूली चोटे लगी हैं। घटना बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। पूरा घटनाक्रम लगभग 1 घंटे चला। हंगामा कर रहे दो दर्जन से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सभी को पिपलानी थाने में रखा गया है। सुरक्षा के लिहाज से दो थानों की पुलिस बल मौके पर मौजूद है। मौत से भड़की भीड़ ने अस्पताल में की तोड़फोड़ जानकारी के मुताबिक लक्ष्मण वंशकार आदमपुर छावनी का रहने वाला था। पेट की समस्या के चलते उसे बीती बीती देर रात अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि इलाज में लापरवाही की गई। डॉक्टरों की लापरवाही के चलते लक्ष्मण की मौत हुई है। मौत के बाद मृतक के परिजन इलाज करने वाले डॉक्टर से मिलना चाहते थे। अस्पताल स्टाफ ने फिलहाल डॉक्टर का अस्पताल में नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद भड़के परिजनों ने हंगामा शुरू किया और अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। 1 घंटे तक चला हंगामा हंगामा बढ़ता देख अस्पताल के स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों से थाने चलकर शिकायत दर्ज करने की बात कही। आश्वासन दिया की मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे उचित कार्रवाई तय की जाएगी। इसके बाद भी लोग तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाज करने वाले डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी मांग के चलते परिजन पुलिस से भिड़ गए और विवाद बढ़ गया जिसके बाद पथराव किया गया। भीड़ पर काबू पाने पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया। तत्काल आसपास के थानों की पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया।

भोपाल के बड़ा तालाब से 50 मीटर में निर्माण अवैध:153 झुग्गियां-निर्माण लिस्टेट; खानूगांव में 15 सरकारी जमीनों पर कब्जे मिले

भोपाल के बड़ा तालाब से 50 मीटर में निर्माण अवैध:153 झुग्गियां-निर्माण लिस्टेट; खानूगांव में 15 सरकारी जमीनों पर कब्जे मिले

भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में जितने भी निर्माण 16 मार्च 2022 के बाद हुए, वे सभी अवैध माने जाएंगे। ये बड़ा तालाब का शहरी हिस्सा है, जबकि ग्रामीण हिस्से में एफटीएल से ढाई सौ मीटर की दूरी तय है। अब तक के सर्वे में कुल 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण सामने आ चुके हैं। इनमें कई रसूखदारों के आलिशान मकान भी शामिल हैं। अफसरों की माने तो 16 मार्च 2022 को वेटलैंड एक्ट लागू हुआ था। इसके बाद यदि एफटीएल के निर्धारित दायरे में कोई भी निर्माण हुआ है तो वह अवैध ही कहलाएगा। दूसरी ओर, नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल के आदेशों का पालन करते हुए पुराने अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे। इसकी रिपोर्ट भी एनजीटी में पेश करना है। इसलिए फिर शुरू हुई है। सांसद अलोक शर्मा और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की फटकार के बाद यह कार्रवाई तेज कर दी गई है। कहां मिले कब्जे होली से पहले पूरा होगा सीमांकन कलेक्टर सिंह ने बड़ा तालाब के आसपास के हिस्से के अधिकार क्षेत्र वाले सभी एसडीएम को होली से पहले हर हाल में सीमांकन पूरा करने को कहा है। साथ ही एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को वाटर बॉडी में मिलने वाले गंदे नालों का पता लगाने की बात कही गई है। पानी को दूषित करने वाले सभी सोर्स का पता लगाया जाएगा। ऐसे दो स्तर पर होगी कार्रवाई बता दें कि वेटलैंड एक्ट 16 मार्च 2022 को लागू हुआ था। ऐसे में इसके बाद एफटीएल के दायरे में होने वाले सभी निर्माण एक तरह से अवैध ही माने जाएंगे। चाहे इसे लेकर निगम या पंचायत स्तर से कोई भी अनुमति दी ही क्यों न गई हो। शहर में 50 मीटर और ग्रामीण में 250 मीटर का पैमाना निर्धारित है। यदि इससे पहले का कोई निर्माण है, लेकिन वह तालाब की जद में आ रहा है तो संबंधित से नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि संबंधित विभागों की अनुमति के बारे में दस्तावेज मांगे जाएंगे। साथ ही परमिशन देने वालों की जानकारी भी ली जाएगी। अब तक 3 बार सर्वे, ठोस कार्रवाई नहीं बता दें कि बड़ा तालाब का बीते दस साल में 3 बार सर्वे हो चुका है। इनमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आए, लेकिन सर्वे रिपोर्ट का आज तक पता नहीं है। इस वजह से बैरागढ़, खानूगांव, सूरज नगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी समेत कई जगहों पर अतिक्रमण हुए। कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, स्कूल-कॉलेज, घरों की सीमाएं बड़ा तालाब में हैं। 50 मीटर के दायरे में ढेरों अतिक्रमण एक्सपर्ट राशिद नूर की मानें तो शहरी सीमा में 50 मीटर और ग्रामीण सीमा में 250 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन एफटीएल मुनार से सटकर ही पक्के निर्माण बन गए हैं। ऐसे 1 या 2 नहीं, बल्कि सैकड़ों निर्माण हैं। भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव और सूरजनगर में बड़ी बिल्डिंग, फार्म हाउस, रिसॉर्ट भी देखने को मिल सकते हैं। हैरत की बात ये है कि बड़ा तालाब रामसर साइट भी है। बावजूद सालों से सिर्फ फाइलों में ही कब्जे हटे हैं। सूरजनगर में तो जिस जगह पर रामसर साइट है और नगर निगम की मुनार लगी है। ठीक उससे जुड़ी बिल्डिंग की बाउंड्रीवॉल है। यही पर नगर निगम की सीवेज लाइन भी बिछाई गई है। मुनार के पास सड़क भी भरी गई है, जो नियम के विरुद्ध है। दूसरी ओर गौरागांव से बील गांव की तरफ सड़क भी तालाब के बीच से ही गुजरी है। मुनारों में भी फर्जीवाड़ा…दो तरह की मुनारे मिले बड़ा तालाब के किनारों पर भू-माफिया सक्रिय हैं, जो कम दाम पर प्लॉट देने का वादा कर रहे हैं। उन्होंने और लोगों ने इस दायरे को लेकर ही भ्रम की स्थिति भी खड़ी की है। जिन मुनारों से एफटीएल की सीमा तय होती है, उन्हीं में फर्जीवाड़ा किया गया है। मौके पर एफटीएल बताने वाली 5 तरह की मुनारे लगे हुए मिले हैं। इनमें से एक में बीएमसी यानी, भोपाल म्युनसिपल कॉर्पोरेशन लिखा है। बाकी पर सफेद रंग है। लिखा कुछ नहीं है। इन्हीं फर्जी मुनारों के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण है। सिलसिलेवार जानिए, अब तक क्या हुआ… पहला सर्वे: साल 2016 में डीजीपीएस सर्वे, पर रिपोर्ट सामने नहीं आई साल 2016 में नगर निगम ने डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराया था। यह जमीन का सटीक माप करने की तकनीक है, जो जीपीएस की तुलना में ज्यादा जानकारी सामने लाती है। जमीन की सीमा, आकार का सटीक डेटा इकट्ठा करती है। इस सर्वे में बड़ा तालाब का क्षेत्र 38.72 वर्ग किमी बताया गया था, जबकि पहले यह एरिया 32 वर्ग किमी माना जाता था। इसकी रिपोर्ट में तालाब के एफटीएल के को-ऑर्डिनेट्स दर्ज हैं। इन को-ऑर्डिनेट्स के आधार पर धरातल पर भी सीमाएं तय की जा सकती हैं। तालाब की सीमा में आ रही निजी जमीन के मालिकाना हक का भी निर्धारण हो सकता है, लेकिन यह रिपोर्ट निगम की फाइलों में दबकर रह गई। रिपोर्ट का आज तक खुलासा नहीं हो सका। दूसरा सर्वे: 141 मुनारे ही गायब हो गए इसी साल एनजीटी ने बड़े तालाब का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसमें 943 में से 802 मुनारे ही मिले थे। इसमें भी 337 मुनारे पानी के भीतर डूबे हुए थे, यानी उन्हें एफटीएल से पहले ही लगाया गया था। 141 मुनारे मौके से गायब थे, लेकिन इसके बाद मुनारे दोबारा लगाने और अतिक्रमण रोकने की कोई ठोस पहल नहीं हुई। तीसरा सर्वे: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सर्वे हुआ, रिपोर्ट का पता नहीं इस साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सर्वे किया गया। जिला प्रशासन ने मप्र झील संरक्षण प्राधिकरण के साथ मिलकर सर्वे किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट का कोई पता नहीं है। ये रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। न ही सरकार के किसी दस्तावेज में यह जिक्र आया है कि इस सर्वे का क्या हुआ? एक मोबाइल ऐप पर इसकी रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही जाती है। जब तक यह दस्तावेज में नहीं आएगा तब तक धरातल पर सीमांकन नहीं हो सकता। पांच महीने पहले CM दे चुके निर्देश, सांसद ने कहा-मास्टर प्लान बने बड़ा तालाब को लेकर सरकार तो गंभीर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने

भोपाल में घर में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद:पड़ोसियों ने पुलिस से की शिकायत, कहा- मस्जिद के रूप में हो रहा उपयोग

भोपाल में घर में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद:पड़ोसियों ने पुलिस से की शिकायत, कहा- मस्जिद के रूप में हो रहा उपयोग

भोपाल के साकेत नगर इलाके में एक मकान में नमाज अदा किए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने थाने में आवेदन देकर आपत्ति दर्ज कराई है। आवेदन में आरोप लगाया है कि संबंधित मकान का उपयोग मस्जिद के रूप में किया जा रहा है। एडीशनल डीसीपी गौतम सौलंकी ने बताया कि साकेत नगर क्षेत्र से एक आवेदन प्राप्त हुआ है। शिकायत में कहा है कि एक घर में नमाज पढ़ी जा रही है और उसे मस्जिद के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने आवेदन को जांच में लिया है और तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में अब तक वहां किसी प्रकार की मस्जिद संचालित होने की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित स्थल एक आवासीय मकान है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने जताई नाराजगी ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजधानी की गंगा-जमुनी तहजीब को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अपने निजी मकान में इबादत कर रहा है और वह सार्वजनिक स्थल पर आयोजन नहीं कर रहा, तो उस पर आपत्ति उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर आवेदन देकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर भी प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। धर्म के नाम पर विवाद खड़ा करना शहर की सांस्कृतिक परंपरा के विपरीत है। अपन घर में इबादत कर सकता है व्यक्ति ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया जांच में संबंधित मकान आवासीय ही पाया गया है और वहां स्थायी रूप से मस्जिद संचालित होने के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने घर में इबादत कर सकता है, बशर्ते वह सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न करे। राजधानी जैसे शहर में आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

MANIT में भारतीय ज्ञान परंपरा फेयर का आयोजन:मॉर्डन युग में पुरानी संस्कृति का संगम, छात्रों ने छावा फिल्म के दृश्य की नाट्य प्रस्तुति की

MANIT में भारतीय ज्ञान परंपरा फेयर का आयोजन:मॉर्डन युग में पुरानी संस्कृति का संगम, छात्रों ने छावा फिल्म के दृश्य की नाट्य प्रस्तुति की

भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्लोलॉजी में IKS यानि इंडियन नॉलेज सिस्टम फेयर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन इंस्पायर क्लब द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपरा को आधुनिक युग की शिक्षा के साथ जोड़ना था। मुख्य अतिथि चैतन्य चरण प्रभु और पंडित जसराज से के शिष्य पंडित गौतम काले थे, जिन्हें 2019 में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इंस्पायर क्लब: अनुशासन और आध्यात्मिक जीवन की पहल इंस्पायर क्लब MANIT की एक टेक्नो स्पिरिचुअल सोसाइटी है। इसकी स्थापना प्रोफेसर डॉ. साविता दीक्षित ने रैगिंग जैसी समस्याओं को कम करने और छात्रों को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से की थी। क्लब में करीब 200 छात्र जुड़े हुए हैं। इन छात्रों के लिए अलग हॉस्टल की व्यवस्था है। सदस्य सादा जीवन अपनाते हैं, लहसुन प्याज तक का सेवन नहीं करते और प्रतिदिन सुबह ध्यान, योग, माला जाप और मंदिर में पूजन करते हैं। भारतीय परंपरा का व्यापक स्वरूप है IKS IKS यानी इंडीयन नॉलेज सिस्टम भारतीय ज्ञान परंपरा का व्यापक स्वरूप है। इसमें वेद, आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान, दर्शन और अर्थशास्त्र जैसे विषय शामिल हैं। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सरकार भारतीय पारंपरिक ज्ञान को मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल करने पर जोर दे रही है। शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा संस्थाएं इसे पाठ्यक्रम और शोध से जोड़ने का काम कर रही हैं। उद्देश्य यह है कि भारतीय संस्कृति और आधुनिक विज्ञान के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। फिल्म छावा की नाट्य प्रस्तुति IKS फेयर में छात्रों ने फिल्म छावा के एक चर्चित दृश्य पर नाट्य प्रस्तुति दी। मंचन में दिखाया गया कि शिवाजी महाराज के निधन के बाद औरंगजेब दक्कन पर आक्रमण करता है और कैसे वीर छावा धोके से उसके कब्जे में पहुंचते हैं। संवाद, वेशभूषा और भावनात्मक अभिनय ने दर्शकों को उस ऐतिहासिक दौर की गंभीरता से रूबरू कराया। प्रस्तुति के माध्यम से छात्रों ने वीरता, संघर्ष और इतिहास से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। ये खबर भी पढ़ें… उच्च शिक्षा विभाग की नई पहल:मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग से एमओयू आज प्रदेश के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग नई पहल करने जा रहा है। बुधवार को मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (पश्चिमी क्षेत्र) के साथ विभाग द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…