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Canada India Uranium Deal | March Current Affairs Delhi Baby Girl Gift

Canada India Uranium Deal | March Current Affairs Delhi Baby Girl Gift

Hindi News Career Canada India Uranium Deal | March Current Affairs Delhi Baby Girl Gift 2 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी और कनाडाई पीएम कार्नी ने मुलाकात की 2 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई। मोदी और पीएम कार्नी ने इस बैठक में यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए डील की। ये MoU लगभग 2.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है। ये डील 10 साल तक के लिए होगी। भारत और कनाडा ने 2015 में यूरेनियम से जुड़ी डील की थी। 2018 में इस डील को एक्सटेंड किया गया था और कनाडा ने भारत को 2020 तक 3000 मैट्रिक टन यूरेनियम की सप्लाई की है। पीएम कार्नी की ये पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। 2024 में भारत, कनाडा का सातवां सबसे बड़ा माल और सर्विस बिजनेस का पार्टनर था, दोनों देशों का व्यापार 30.8 बिलियन डॉलर था। इससे पहले पीएम मोदी ने नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन के मौके पर कार्नी से मुलाकात की थी। 2. दिल्ली में लखपति बिटिया योजना शुरू 2 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में लखपति बिटिया योजना का शुभारंभ किया। लाड़ली योजना को दिल्ली लखपति बिटिया योजना में बदला गया है। दिल्ली लखपति बिटिया योजना का फायदा 1 लाख 20 हजार रुपए तक की आय वाले परिवारों को मिलेगा। स्कीम में 1.20 लाख सालाना आय वाले परिवारों को लड़की के जन्म पर 11 हजार रुपए जमा किए जाएंगे। इसके अलावा, क्लास 1, 6वीं, 9वीं, 10वीं और 12वीं में एडमिशन पर 5 हजार रुपए बैंक खाते में जमा किए जाएंगे। 10वीं पास करने और ग्रेजुएशन में एडमिशन लेने पर 5 हजार रुपये जमा किए जाएंगे। नई स्कीम के तहत ऐसी लड़कियां जिनका जन्म दिल्ली में ही हुआ है और जिनके परिवार पिछले 3 साल से दिल्ली में ही रह रहे हैं, उन्हें इस स्कीम का फायदा मिलेगा। दिल्ली लखपति बिटिया योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जोउ जियायी से मुलाकात की 2 मार्च को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की नई अध्यक्ष जोउ जियायी से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और AIIB साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। निर्मला सीतारमण ने नवीन वित्तपोषण और गैर-वित्तपोषण उपकरणों के माध्यम से AIIB सदस्य देशों, विशेष रूप से कम आय वाले देशों में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। AIIB के ऑपरेशन्स में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में प्रोजेक्ट्स को जल्दी मंजूरी दिलाने और रीजनल ऑफिस शुरू करने पर भी जोर दिया गया। AIIB का मुख्य उद्देश्य एशिया और अन्य क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा) विकास को वित्तीय सहायता देना है। इसमें सड़क रेल परियोजनाएं, पोर्ट और शहरी विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स में मदद देना। AIIB में 120 सदस्य हैं और चीन के बाद भारत AIIB का सबसे बड़ा शेयर होल्डर है। AIIB की शुरुआत 2013 में हुई थी। इसका हेडक्वाटर चीन के बीजिंग में है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. एलिसा हीली का वन-डे क्रिकेट से संन्यास 1 मार्च को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एलिसा हीली ने अपना आखिरी वन-डे क्रिकेट मैच खेला। अपने आखिरी मुकाबले में इंडिया वुमेन के खिलाफ कैप्टन एलिसा हीली ने 98 गेंद पर 158 रन बनाए। एलिसा महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे अच्छी विकेटकीपर और बल्लेबाजों में से एक मानी जाती हैं। एलिसा ने 2010 में अपने करियर की शुरुआत की और सभी फॉर्मेट में क्रिकेट खेला। एलिसा 2023 में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) महिला टीम की कप्तान रहीं। हीली ने जनवरी 2025 में संन्यास का ऐलान किया था। इंडिया-ऑस्ट्रेलिया ODI सीरीज उनकी आखिरी सीरीज है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय महिला टीम वनडे सीरीज 3-0 से हारी। हीली आखिरी ODI में शतक लगाने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं। उनसे पहले साउथ अफ्रीका की जोहमारी लॉटेगबर्ग ने 2007 में शतक जड़ा था। 2018 में एलिसा वन-डे और 2019 में T20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर रहीं। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 5. HPCL एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश मेहतानी रिटायर 1 मार्च को राजेश मेहतानी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए। मेहतानी लगभग 38 साल तक HPCL के सीनियर एग्जीक्यूटिव रहे। मेहतानी ने अपने कार्यकाल के दौरान ऑपरेशंस, रिटेल सेल्स, रिटेल इंजीनियरिंग और एविएशन समेत कई डिवीजन्‍स में सीनियर रोल्‍स निभाए। HPCL एक पब्लिक सेक्टर ऑयल एंड गैस कंपनी है, जो 1974 में बनी। इसका हेडक्वाटर मुंबई, महाराष्ट्र में है। यह तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) की सहायक कंपनी है और पूरे भारत में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को रिफाइन करने, डिस्ट्रीब्यूट करने और उसकी मार्केटिंग करने का काम करती है। मेहतानी का रिटायरमेंट SEBI रेगुलेशन 2015 के शेड्यूल III सेक्शन A के तहत किया गया है। 6. कोल इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर कैप्टन घनश्याम रिटायर हुए 1 मार्च को महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में स्वतंत्र डायरेक्टर रहे कैप्टन घनश्याम सिंह राठौड़ पद से रिटायर हुए। कैप्टन राठौड़ को 1 मार्च 2023 को CIL बोर्ड में एक स्वतंत्र डायरेक्टर के तौर पर अपॉइंट हुए थे। कैप्टन राठौर ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। कैप्टन राठौड़ 42 बख्तरबंद रेजिमेंट में स्क्वाड्रन लीडर रह चुके हैं। CIL भारत का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक और एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। कोल इंडिया लिमिटेड की स्थापना 1975 में हुई थी, इसका मुख्यालय कोलकाता में है। आज का इतिहास 3 मार्च 1575 में अकबर ने तुकरोई की लड़ाई में बंगाली सेना को हराया। 1716 में इंदौर शहर की स्थापना हुई थी। 1923 में ‘टाइम’ पत्रिका का प्रकाशन शुरू हुआ था। 1953 में क्यूबा में फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में क्रांति शुरू हुई। 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध की शुरुआत हुई थी। ———————– ये खबरें भी पढ़ें… जम्‍मू-कश्‍मीर 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी जीता:9 से 14 साल की लड़कियों के लिए फ्री HPV वैक्‍सीन कैंपेन शुरू; करेंट अफेयर्स 2 मार्च जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…

Canada PM Visit India | Trade Deal Focus; Crime Statement

Canada PM Visit India | Trade Deal Focus; Crime Statement

नई दिल्ली/ओटावा20 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज 4 दिन के दौरे पर भारत पर पहुंच रहे हैं। इस दौरे का मकसद भारत और कनाडा के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नए साझेदारी को मजबूत करने पर फोकस करना है। प्रधानमंत्री के तौर पर मार्क कार्नी का यह पहला भारत दौरा है। कनाडा में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कार्नी मुंबई में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में निवेश पर चर्चा होगी। कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा के अधिकारी अब भारत पर लगाए गए कुछ गंभीर आरोपों से पीछे हटते नजर आ रहे हैं। पहले कनाडा ने आरोप लगाया था कि भारत उसकी जमीन पर हस्तक्षेप कर रहा है और सीमापार दबाव जैसी गतिविधियों में शामिल है। सीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ कनाडाई अधिकारी ने कहा कि अगर कनाडा को लगता कि भारत उसकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल दे रहा है, तो प्रधानमंत्री भारत की यात्रा नहीं करते। दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में पिछले साल G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात हुई थी। 2 मार्च को नई दिल्ली में मोदी से मिलेंगे कार्नी कार्नी 1 मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे और 2 मार्च को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसका मुख्य एजेंडा में कंप्रीहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) की वार्ताओं को शुरू करना शामिल है, जो लंबे समय से रुकी हुई है। इसके अलावा, सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद कार्नी ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा पर रवाना होंगे। पूरा दौरा 27 फरवरी से शुरू होकर 7 मार्च तक चलेगा। इसका यात्रा का मकसद कनाडा का अमेरिका पर आर्थिक निर्भरता कम करना और नए व्यापारिक रास्ते खोलना है। भारत में निवेश को बढ़ावा दे रहा कनाडा भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कनाडा के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 21 अरब डॉलर से ज्यादा है। भारत में 600 से ज्यादा कनाडाई कंपनियां काम कर रही हैं। भारत से कनाडा को मुख्य निर्यात में दवाइयां, रत्न-आभूषण और समुद्री उत्पाद शामिल हैं। कनाडा के बड़े पेंशन फंड पहले से ही भारत में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने भारत में 100 बिलियन डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का निवेश किया है। अब कनाडा इस निवेश को और बढ़ाना चाहता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि दोनों देशों के बीच कभी-कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कनाडा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा। क्लीन एनर्जी और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग की संभावना इस दौरे में एनर्जी सबसे अहम मुद्दा है। दोनों देश यूरेनियम सप्लाई समझौते पर बात कर रहे हैं, जिससे भारत के न्यूक्लिय पावर प्लांट को ईंधन मिल सके। इसके अलावा क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) और एनर्जी ट्रांजिशन (ऊर्जा परिवर्तन ) के लिए जरूरी महत्वपूर्ण खनिजों पर भी सहयोग बढ़ाने की चर्चा है। कनाडा प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश है, जबकि भारत को तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए भरोसेमंद और जलवायु-अनुकूल ऊर्जा स्रोतों की जरूरत है। इसलिए यह क्षेत्र दोनों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) और अन्य स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की योजना है। 2024 में कनाडा के कुल ऊर्जा निर्यात में भारत को केवल 761.5 मिलियन डॉलर का हिस्सा मिला। जबकि भारत से आयात 206 मिलियन डॉलर था, लेकिन अब इसे बढ़ाने पर जोर है। यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को रीसेट करेगा भारत के कनाडा में उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने ओटावा में एक इंटरव्यू में बताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को पूरी तरह रीसेट करेगी और नए व्यापार के बड़े अवसर खोलेगी। यूरेनियम सप्लाई डील: यात्रा के दौरान लगभग 10-साल के लिए 2.8 अरब कनाडाई डॉलर का यूरेनियम सौदा होने की संभावना है, जो भारत की बढ़ती परमाणु ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा। यह समझौता देश के ऊर्जा और नागरिक न्यूक्लियर कार्यक्रम को समर्थन देगा। ऊर्जा सहयोग: भारत भारी क्रूड ऑयल, लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और अन्य ऊर्जा उत्पादों में कनाडा के साथ सहयोग बढ़ाने में रुचि रखता है। कनाडा भी अमेरिका पर अपनी ऊर्जा निर्यात निर्भरता कम करने के लिए भारत जैसे विविध साझेदार ढूँढ रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा: दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने पहले ही उच्च-स्तरीय वार्ता की है, जिसमें कूटनीतिक और कानून-प्रवर्तन संपर्क अधिकारी नियुक्त करने पर सहमति बनी है, ताकि सुरक्षा सहयोग को मजबूती दी जा सके। तकनीकी, शिक्षा और संस्कृति: AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, शोध एवं शिक्षा में साझेदारी पर समझौते की संभावना है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार के अलावा सामाजिक-वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग भी बढ़ेगा। व्यापार और निवेश वार्ता: बातचीत में आर्थिक साझेदारी समझौता(CEPA) को आधिकारिक रूप से शुरू करने की तैयारी है, जो वस्त्र, सेवाएं, निवेश, कृषि और डिजिटल वाणिज्य जैसे क्षेत्रों को कवर करेगा। पिछले साल कार्नी और मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी, जिसमें दोनों ने CEPA को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी। दोनों देशों का लक्ष्य है कि यह व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता अगले लगभग 12 महीनों के भीतर पूरा हो सके, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक लगभग 50-70 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। खास डील्स की उम्मीद: भारत कनाडा के भारी कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पाद खरीदना चाहता है। साथ ही, पाइपलाइन और टर्मिनल जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की बात चल रही है। कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश के पटनायक ने कहा कि भारत-कनाडा अपने रिश्तों को सुधारने पर काम कर रहे हैं। भारत-कनाडा के बीच तनाव एक साल पहले संबंध बहुत खराब थे। पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो ने 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था। 2024 में कनाडा ने छह भारतीय अधिकारियों को निकाला और आरोप लगाया कि भारत सरकार से जुड़े

कनाडा में ग्रूमिंग गैंग के टारगेट पर पंजाबी लड़कियां:लालच-डर दिखाकर साथ सोने को करते मजबूर; युवकों के साथ रेस्टोरेंट मैनेजर-लैंडलॉर्ड भी शामिल

कनाडा में ग्रूमिंग गैंग के टारगेट पर पंजाबी लड़कियां:लालच-डर दिखाकर साथ सोने को करते मजबूर; युवकों के साथ रेस्टोरेंट मैनेजर-लैंडलॉर्ड भी शामिल

कनाडा में पंजाबी लड़कियां ग्रूमिंग गैंग के टारगेट पर हैं। यह गैंग स्टडी वीजा पर आईं युवतियों के साथ कई तरह के लालच देकर उन्हें फंसाता है। फिर उन्हें साथ सोने के लिए मजबूर करता है। इसके लिए युवकों ने बाकायदा वॉट्सऐप ग्रुप तक बनाए हुए हैं। ऐसा ही एक युवक इस ग्रुप से बाहर निकला तो उसने इसकी पूरी कहानी बता दी। कनाडा में द कौर मूवमेंट की फाउंडर गुरप्रीत कौर ने कनाडा के एक रेडियो चैनल पर इसका खुलासा किया। गुरप्रीत ने कहा कि इसमें सिर्फ युवक ही नहीं बल्कि घर के मालिक यानी लैंडलॉर्ड, रेस्टोरेंट ऑनर या मैनेजर के अलावा कंपनी के लोग तक शामिल हैं। वह कभी फीस चुकाने-किराया माफ करने का लालच देते हैं तो कभी जॉब देने का, जिसके चक्कर में युवतियां फंस जाती हैं। यहां तक कि उनका बिल भरने का लालच भी दिया जाता है। कोई नहीं मानती तो उसे घर या देश से निकालने का भी डर दिखाया जाता है। लड़कियों को कैसे टारगेट करते ग्रूमिंग गैंग 150 लड़कों का ग्रूमिंग ग्रुप का कॉलेजों में जाल द कौर मूवमेंट की संस्थापक गुरप्रीत कौर बताती हैं कि सरे और टोरंटो जैसे शहरों में व्हाट्सएप पर ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप चल रहे हैं जिनमें लगभग 150 लड़के शामिल हैं। इन ग्रुप्स का एजेंडा उन पंजाबी लड़कियों को निशाना बनाना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या विदेश में अकेली रह रही हैं। ये लड़के अक्सर कॉलेजों में दोस्त बनकर लड़कियों के करीब आते हैं और उनकी पर्सनल जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद वे उस जानकारी को अपने ग्रुप में शेयर करते हैं। उनके लिए लड़कियों का शोषण गेम बन गया है। गुरप्रीत कौर ने बताया कि लड़कों का मकसद उन लड़कियों को टारगेट करना है जो अकेली आई हैं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, वे बस आपके साथ सोना चाहते हैं। उनका मेन मकसद यही होता है कि वे आपके साथ सोएं या फिर यह एक गेम बनाया हुआ है कि लेट्स सी (चलो देखो) कि हम क्या कर सकते हैं। रूम रेंट भरने या कैश का दिया जा रहा लालच गुरप्रीत कौर कहती हैं कि पंजाबी के साथ दूसरे देशों की लड़कियों का फिजिकल शोषण ट्रैप लगाकर किया जाता है। लड़कियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उन्हें यह लालच दिया जाता है कि यदि वे शारीरिक संबंध बनाएंगी तो उनका रूम रेंट भर दिया जाएगा या कैश पैसा दे देंगे। रेस्टोरेंट पर भी यह बहुत आम है। मैनेजर्स लड़कियों को घंटे देने या डबल पैसे देने का वादा करते हैं, बशर्ते लड़कियां उनके साथ सोएं। यहां तक कि शादीशुदा मकान मालिक भी कॉलेज स्टूडेंट्स का फायदा उठाते हैं। बदनामी के डर से आवाज नहीं उठा रहीं लड़कियां गुरप्रीत कौर बताती हैं कि इस पूरी समस्या की जड़ इंडियन लोगों की सोच और लोग क्या कहेंगे का डर है। गुरप्रीत बताती हैं कि 12 फीसदी यौन शोषण के मामले परिवार के अंदर से आ रहे हैं। कनाडा की फैमिली में भी बुरा हाल है। कनाडा की लड़कियां तो सामने आ जाती हैं लेकिन इंडियन लड़कियां बदनामी के डर से चुप रह जाती हैं। कई बार पंजाब में बैठे माता-पिता का कर्ज उताने का दबाव भी गलत रास्तों पर धकेल देता है। गुरप्रीत ने कहा कि कनाडा में रह रही लड़कियों के पास माता-पिता को आना चाहिए ताकि जहां पर वे रेंट पर रह रही हैं, वहां डर रहे। कॉलेजों में लड़कियों के साथ बनाते दोस्ती ग्रुप में शामिल लड़के या तो खुद कॉलेज में लड़की से मिले होते हैं या फिर दोस्तों जरिए कनेक्ट कर लेते हैं। लड़की को लेकर आने वाले को भी कुछ न कुछ लालच दिा जाता है। इसलिए सब कनेक्टेड रहते हैं। गुरप्रीत कौर ने बताया कि सरे वाले ग्रुप में एक लड़का था और जब वह उस ग्रुप में गया तो उसे पता नहीं था कि यहां ये सब चल रहा है। उसने किसी तरीके से ग्रुप छोड़ दिया और सारी इन्फॉर्मेशन दी। गुरप्रीत कौर ने बताया कि इस तरह से लड़कियों के फिजिकल शोषण के लिए कनाडा में सख्त कानून हैं, लेकिन दुख इस बात का है कि अकसर ऐसे मामले तभी सामने आते हैं जब रेप हो चुका होता है। पंजाब में भी ग्रूमिंग गैंग का चलन बढ़ रहा पंजाब में भी ग्रूमिंग गैंग के निशाने पर पंजाबी लड़कियां हैं। इसे लेकर निहंग अकाली गज्ज सिंह नामक अकाउंस से वीडियो शेयर कर चिंता जताई गई है। वीडियो में दावा किया गया है कि ये पंजाब का वीडियो है। इसमें एड्रेस को छिपाते हुए मुस्लिम लड़के के साथ रोजा खोलती सिख लड़की दिखाई गई है। निहंग सिंह ने दावा किया कि देख लो पंजाब में ग्रूमिंम कैसे होती है। हमारे पंजाब की बेटी रोजा खोल रही है जैसे इसकी बुआ की शादी हो। इसी तरह की हरकतों से पूरे सिख पंथ पर बात आ जाती है। दूसरे लोग तो जान-बूझकर ऐसी वीडियो डालते हैं ताकि लोग देखें कि कैसे हम तुम्हारी बेटियों को बदल रहे हैं। इसे तो गुरबाणी में से मूल मंत्र भी ढंग से नहीं आता होगा। इसे पूछना चाहिए कि तुम्हारी ये क्या करतूत है। निहंग सिंह ने कहा कि हम इसलिए बोल रहे हैं कि ये पंजाबी लड़की है, वरना ये कहीं भी चली जाए हमें फर्क नहीं पड़ता।

एक्स हसबेंड ने X वाइफ से लिया ऐसा बदला, सन्न रह गया पूरा शहर, चारों तरफ मची चीख-पुकार | hyderabad sunitha murdered case ex husband arrested revenge inside story domestic violence canada visa passport suspension

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Last Updated:February 19, 2026, 13:28 IST हैदराबाद के वनस्थलीपुरम में एक पूर्व पति ने अपनी एक्स वाइफ के साथ जो सलूक किया, उसकी चर्चा सोशल मीडिया पर शुरू हो गई है. एक्स हसबेंड ने अपनी ही एक्स वाइफ को चाकू से गोदकर हत्या कर दी. पूर्व पत्नी ने पूर्व पति पर घरेलू हिंसा का केस क रखा था. इस कारण आरोपी का पासपोर्ट जब्त हो गया था और वह कनाडा नहीं जा पा रहा था. इसी रंजिश में उसने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया. हैदराबाद पुलिस ने आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है. हैदराबाद में एक्स पति ने एक्स वाइफ से लिया खौफनाक बदला. हैदरबाद. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के वनस्थलीपुरम इलाके में बुधवार को दिन-दहाड़े एक ऐसी घटना घटी है, जिससे हर कोई हैरान और परेशान हो गया. एक पति-पत्नी की तलाक के बाद जो कहानी सामने आई, वह हर किसी को होश उड़ा रहा है. एक आईटी इंजीनियर ने पारिवारिक कलह और कोर्ट कचहरी के चक्कर से तंग आकर अपराधी बन गया. सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी एक्स वाइफ के घर में घुसकर मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद बाथरूम में बंद हो गया. पुलिस ने आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक की पहचान सुनीता के रूप में हुई है और आरोपी शख्स का नाम महेश है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह शख्स क्यों इस घटना को अंजाम दिया? क्या मां की मौत ने शख्स को अंदर से तोड़ दिया था? क्या यह हत्या केवल निजी दुश्मनी का नतीजा था या फिर इसके पीछे करियर की बर्बादी, कानूनी पचड़े और परिवार की मौत का बदला लेने की एक लंबी और सनकी दास्तां छिपी थी? कहानी शुरू होती है साल 2022 में जब आरोपी और 29 वर्षीय पीड़िता की शादी हुई थी. दोनों ही आईटी क्षेत्र में काम करते थे और एक खुशहाल भविष्य का सपना देख रहे थे. शादी के बाद पति कनाडा चला गया और कुछ समय बाद पत्नी भी उसके पास पहुंच गई. लेकिन सात समंदर पार जाने के बाद दोनों के बीच दूरियां कम होने के बजाय बढ़ने लगीं. आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि महिला वापस भारत लौट आई और उसने महाराष्ट्र में अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज करा दिया. सनक की वजह- पासपोर्ट जब्त और मां की मौत साल 2024 में दोनों का आधिकारिक रूप से तलाक हो गया. महिला ने अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाते हुए अप्रैल 2025 में दूसरी शादी कर ली. वहीं दूसरी ओर आरोपी पति की मुश्किलें बढ़ती जा रही थीं. मार्च 2025 में उसकी मां का निधन हो गया, जिसके बाद वह भारत आया. लेकिन घरेलू हिंसा के केस के कारण उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी हो चुका था. इस वजह से उसका पासपोर्ट निलंबित कर दिया गया और वह वापस कनाडा नहीं जा सका. 30-year-old woman allegedly stabbed multiple times by her ex-husband

Canada Gangsters Deportation Prep | CBSA 296 List; Sidhu Moose Wala Link

Canada Gangsters Deportation Prep | CBSA 296 List; Sidhu Moose Wala Link

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के प्रमुख आरोपी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ समेत कई अन्य गैंगस्टरों को कनाडा से डिपोर्ट करने की तैयारी चल रही है। कनाडा सरकार ने अवैध तरीके या रिफ्यूजी बनकर रहने वाले गैंगस्टरों को डिपोर्ट करने की मुहिम शुरू की है। इसक . कनेडियन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने अलग-अलग देशों के 296 गैंगस्टरों की सूची तैयार की है। इनमें से 32 गैंगस्टरों को इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ऑफ कनाडा ने डिपोर्ट के आदेश भी दे दिए हैं। हालांकि, CBSA ने अभी तक डिपोर्ट किए जाने वाले गैंगस्टरों की सूची सार्वजनिक नहीं की। कनाडा सरकार ने गैंगस्टरों को डिपोर्ट करने में सख्ती दिखाई तो गोल्डी बराड़, अर्शदीप डल्ला समेत कई गैंगस्टर भारत आ जाएंगे और पंजाब पुलिस उन्हें अलग-अलग केसों में गिरफ्तार कर सकेगी। गैंगस्टरों के निशाने पर पंजाबी कारोबारी कनाडा में गैंगस्टरों के निशाने पर पंजाबी कारोबारी सबसे ज्यादा हैं। कनाडा के सरे शहर की पुलिस को पंजाबी में एडवाजरी जारी करनी पड़ी, ताकि सभी लोग रंगादारी मांगने वालों से बचने के बारे में जागरूक हो सकें। गैंगस्टर पहले फोन कॉल्स से रंगदारी मांगते हैं और अगर वह रंगदारी नहीं देते तो फिर उनके घरों पर जाकर फायरिंग करते हैं। खालिस्तान समर्थकों पर भी लगे आरोप कनाडा में रहने वाले खालिस्तान समर्थकों पर भी रंगदारी मांगने व फायरिंग करने के आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में कनाडा के सरे में तीन खालिस्तान समर्थकों को रंगदारी व फायरिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कनाडा में इन तीन खालिस्तान समर्थक युवकों हरजोत सिंह, तरनवीर सिंह और दयाजीत बिलिंग को गिरफ्तार किया गया। – फाइल फोटो विपक्ष के नेता ने कनाडा की संसद में क्या कहा बिना स्क्रीनिंग के आने दिए गैंगस्टर: सदन में विपक्षी नेता पियरे पोइलिवरे ने कहा कि लिबरल सरकार की विफल नीतियों ने कनाडा में रंगदारी का संकट पैदा कर दिया है। लगातार इसके मामले आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “सरकार ने बिना किसी पुख्ता जांच (स्क्रीनिंग) के लॉरेंस गैंग के गैंगस्टरों को कनाडा में आने की अनुमति दी।” फेक शरणार्थी बनकर रह रहे: उन्होंने कनाडा की संसद में कहा कि गैंगस्टरों को अब दोषी ठहराए जाने के बाद भी यहां रहने की अनुमति दी जा रही है। गैंगस्टर शरणार्थी होने का कोई फर्जी दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने दोषी ठहराए जाने पर गैंगस्टरों को डिपोर्ट करने का प्रस्ताव रखा था। कानून में संशोधन की मांग: विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि जो भी गैंगस्टर रंगदारी मांगता है या अन्य वारदात करता है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। फर्जी शरणार्थियाें को कनाडा से बाहर निकालने के लिए कानून बनाया जाए। इसके लिए जरूरत पड़ने पर कानून में संसो​धन भी किया जाए। विपक्षी नेता पियरे पोइलिवरे सदन में अपनी बात रखते हुए। – फाइल फोटो गैंगस्टरों से बचने के लिए पुलिस ने ये प्रयास किए… हेल्पलाइन की जारी पुलिस ने सरे एक्टॉर्शन टिप लाइन (Surrey Extortion Tip Line)- 236-485-5149 के नाम से एक हेल्पलाइन शुरू की। जिसे सप्ताह के सातों दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मॉनिटर किया जाता है। जानकारी देने वालों को मिलेगा इनाम पुलिस ने अपराध पर लगाम लगाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी देने वालों के लिए 2.5 लाख डॉलर (लगभग 2 करोड़ रुपए से अधिक) का इनाम फंड बनाया है। इसमें दोषियों को सजा दिलाने वाली विशेष सूचना देने पर 1 लाख डॉलर तक का इनाम दिया जा सकता है। यह कनाडा के इतिहास के सबसे बड़े पुलिस इनामों में से एक माना जा रहा है। पंजाबी में पब्लिक को जागरूक करते हुए सरे पुलिस। – फाइल फोटो एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स बनाई सरकार ने RCMP के नेतृत्व में एक एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स बनाई है, जिसमें इमिग्रेशन के अधिकारी भी शामिल हैं। बी.सी. के प्रीमियर डेविड एबी और सरे की मेयर ब्रेंडा लॉक ने संघीय सहायता बढ़ाने की मांग की है। सरे पुलिस सर्विसेज ने 15 अधिकारियों और सिविल कर्मचारियों को रंगदारी की जांच के लिए बनाई गई टास्क फोर्स में तैनात किया है। टास्क फोर्स में अन्य एजेंसियों के अफसरों को भी शामिल किया गया है। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी को भी इस जांच में जोड़ा गया है। सेंसिटिव इलाकों में गश्त बढ़ी इसके अलावा प्रोजेक्ट अश्योरेंस के नाम की टीम रोजाना उन इलाकों में गश्त कर रही है, जिन्हें अपराधियों ने निशाना बनाया है। पुलिस ने एडमोन्टन और पील रीजन सहित अन्य शहरों के अधिकारियों के साथ बैठक कर खुफिया जानकारी और जांच रणनीतियां भी साझा की हैं। ॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कनाडा की संसद में लॉरेंस गैंग पर कार्रवाई की मांग:प्रतिपक्ष नेता ने गैंगस्टर्स को बताया फर्जी शरणार्थी, कहा- डिपोर्ट करें कनाडा भारतीय गैंगस्टरों की शरणस्थली बना हुआ है। कनाडा सरकार ने गैंगस्टरों को वहां शरण तो दे दी पर अब वही गैंगस्टर वहां भी रंगदारी वसूलने लगे हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि हाउस ऑफ कॉमन्स(कनाडा की संसद) में विपक्ष के नेता को लॉरेंस गैंग के गैंगस्टरों पर सरकार से सवाल पूछना पड़ गया। पूरी खबर पढ़ें…

कनाडा ने 2025 में 2,800 भारतीयों को निकाला:6500 भारतीय को निकालने की तैयारी; शरणार्थी नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई

कनाडा ने 2025 में 2,800 भारतीयों को निकाला:6500 भारतीय को निकालने की तैयारी; शरणार्थी नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई

कनाडा सरकार ने 2025 के पहले 10 महीनों में 2,831 भारतीय नागरिकों को देश से बाहर निकाला है। ये जानकारी कनाडा की कैनेडियन बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) के आंकड़ों से सामने आई है। इसके मुताबिक पिछले साल कुल 18,785 लोगों को कनाडा से निकाला गया, जिनमें भारतीय दूसरे नंबर पर हैं। सबसे ज्यादा 3,972 लोग मेक्सिको के थे। इतना ही नहीं, अभी 29,542 लोगों को निकालने की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें 6,515 भारतीय भी शामिल हैं। यानी आने वाले समय में और भारतीयों पर भी कार्रवाई हो सकती है। कनाडा सरकार ने बताया है कि जिन लोगों को निकाला गया, उनमें से कई पर क्रिमिनल मामले थे। लेकिन बड़ी संख्या उन लोगों की भी थी जिन्होंने शरणार्थी दावे से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया। कनाडा में तीन तरीके बाहर निकाला जाता है कनाडा में किसी को बाहर करने के तीन तरीके होते हैं- डिपार्चर ऑर्डर, एक्सक्लूजन ऑर्डर और डिपोर्टेशन ऑर्डर। कुछ लोगों को 30 दिन के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया जाता है। अगर वे नहीं जाते तो उन पर कड़ी कार्रवाई होती है। कुछ मामलों में एक साल या पांच साल तक दोबारा कनाडा आने पर रोक लगती है। वहीं डिपोर्टेशन ऑर्डर में बिना खास अनुमति के दोबारा एंट्री नहीं मिलती। कनाडा के इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार की कोशिश कनाडा में इमिग्रेशन इस समय बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। पिछले साल चुनाव के दौरान भी यही सबसे अहम मुद्दा था और अब भी सरकार और विपक्ष के बीच इसी पर बहस चल रही है। मुकाबला मुख्य रूप से लिबरल पार्टी और कंजर्वेटिव पार्टी के बीच है। लिबरल पार्टी के नेता पीएम मार्क कार्नी का कहना है कि इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार की जरूरत है। उनका कहना है कि जब तक घरों की कमी की समस्या ठीक नहीं होती, तब तक इमिग्रेशन की संख्या को कंट्रोल में रखा जाएगा। 2025 के लिए करीब 3 लाख 95 हजार लोगों को स्थायी निवास देने का टारगेट रखा गया था, जो देश की आबादी के 1% से कम है। सीमा सुरक्षा को लेकर भी सरकार कड़े कदम उठा रही है। 1.3 बिलियन डॉलर की योजना के तहत सीमा पर ड्रोन और नई निगरानी तकनीक लगाई गई है। जून 2025 में सरकार ने स्ट्रांग बॉर्डर एक्ट नाम का नया कानून भी पेश किया, जिसका मकसद सीमा को और मजबूत करना और इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा सख्त बनाना है। कनाडा में हर चौथा व्यक्ति विदेशी मूल का कनाडा दुनिया के उन देशों में है जहाँ प्रवासियों (इमिग्रेंट) की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2021 की आधिकारिक जनगणना के मुताबिक, कनाडा में लगभग 83.6 लाख (8.3 मिलियन) लोग विदेश में जन्मे हैं, जो देश की कुल आबादी का करीब 23% है। यह आंकड़ा स्टैटिस्टिक्स कनाडा ने जारी किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कनाडा की अर्थव्यवस्था और जनसंख्या वृद्धि में प्रवासियों का खास रोल रही है, लेकिन हाल के सालों में इस मुद्दे पर बहस भी तेज हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कनाडा में भारतीय मूल के लगभग 13 लाख (1.3 मिलियन) लोग रहते हैं। वहीं करीब 3 लाख (लगभग 3.03 लाख) लोग पाकिस्तानी मूल के हैं। कनाडा सरकार विदेशी छात्रों को PHD के लिए बुला रही कनाडा सरकार एक तरफ जहां शर्णार्थियों की संख्या कंट्रोल करना चाहती है, वहीं विदेशों से ज्यादा मास्टर्स और पीएचडी करने वाले छात्रों को बुलाना चाहती है। द ग्लोबल एंड मेल की रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए इमिग्रेशन विभाग सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहा है। पोस्ट में बताया जा रहा है कि अगर छात्र कनाडा पढ़ने आएंगे तो उनके परिवार वाले भी साथ आने के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पिछले एक साल में कनाडा आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या काफी कम हो गई है। ‘इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिजनशिप कनाडा’ के मुताबिक 2025 में पिछले साल के मुकाबले 61% कम नए छात्र आए। जनवरी 2024 में सरकार ने विदेशी छात्रों की संख्या पर लिमिट लगा दी थी, जिसके बाद कुल छात्रों की संख्या करीब एक-तिहाई घट गई। —————– यह खबर भी पढ़ें… कनाडा के स्कूल में गोलीबारी, शूटर समेत 9 की मौत:25 घायल, स्कूल में 175 स्टूडेंट पढ़ते हैं; PM कार्नी ने जर्मनी दौरा रद्द किया कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के टम्बलर रिज शहर में मंगलवार को एक हाईस्कूल में गोलीबारी हुई। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 घायल हैं। अभी तक ये जानकारी नहीं आई है कि मरने वालों में कोई छात्र है या नहीं। स्कूल को एहतियातन बंद कर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…