Canada Punjabi Elder Attacked | Hate Crime Arrest; Cars Burned

बुजुर्ग को धक्के मारता कनाडा का स्थानीय युवक। कनाडा में पंजाबियों के प्रति हेट क्राइम का मामला सामने आया है। यहां एक लोकल युवक ने पंजाबी बुजुर्ग को धक्के मारे। उसने बुजुर्ग को कनाडा से पंजाब जाने को कहा। उसने ये भी कहा कि तुम मेरे देश में क्या कर रहे हो। यह घटना शुक्रवार को कनाडा के वुडस्टाक की . जिस वक्त युवक ने बुजुर्ग के साथ बदतमीजी की, वह घर के बाहर घूम रहे थे। इसका वीडियो भी सामने आया है। जिसमें आरोपी युवक ने मास्क लगा रखा है। वह बुजुर्ग पर नस्लीय टिप्पणियां करता हुआ दिख रहा है। इस घटना को देख वहां मौजूद दूसरे लोगों ने तुरंत पुलिस को कॉल कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को जमीन पर गिराकर अरेस्ट कर लिया है। रोड पर खड़ा होकर पंजाबी बुजुर्ग के लिए भद्दी शब्दावली यूज करता युवक। बुजुर्ग को उकसाया, जानिए वीडियो में क्या दिख रहा मास्क पहना युवक वीडियो में बुजुर्ग को उकसाता हुआ नजर आता है। वुडस्टाक पुलिस का कहना है कि अभी प्राथमिक जांच में यही सामने आया है कि युवक ने ये काम अपनी मर्जी से किया है। इसके पीछे कोई ग्रुप या शरारती तत्व नहीं है। सिख समुदाय इसे कनाडा में बढ़ते एंटी सिख हेट क्राइम का हिस्सा मान रहा है। युवक को अरेस्ट करती पुलिस। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर ले जाती कनाडा की पुलिस। पंजाबी बुजुर्ग की पुलिस ने नहीं बताई पहचान वुडस्टाक पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी और पंजाबी बुजुर्ग की पुलिस ने पहचान उजागर नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, कनाडा के कानून अनुसार पहचान नहीं बताई जा सकती। बुजुर्ग के परिवार की तरफ से भी कोई बयान नहीं आया। हालांकि लोगों ने पुलिस के तुरंत एक्शन पर शुक्रिया अदा किया है। अमृतसर के युवक की गाड़ियां फूंकी, ‘गो बैक’ के नारे लिखे 3 दिन पहले कनाडा के ओंटारियो में अमृतसर के एक युवक के घर के बाहर खड़ी दो गाड़ियों को अज्ञात हमलावरों ने आग लगा दी। देखते ही देखते दोनों कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे घर को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। इस घटना में एक आरोपी सीसीटीवी में आग लगाते समय झुलसता हुआ भी दिखाई दे रहा है। हमलावरों द्वारा गो बैक जैसे नारे भी घर की दीवार पर लिखे गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह केवल आगजनी की घटना नहीं, बल्कि एक संभावित नफरत से प्रेरित हमला भी हो सकता है। कनाडा में रह रहे 9 लाख के करीब पंजाबी बता दें कि कनाडा की कुल आबादी का लगभग 2.1% हिस्सा सिखों का है। ये करीब 9 लाख बनता है। कनाडाई पंजाबियों में लगभग 81.4 फीसदी सिख, 6.9 फीसदी हिंदू और 6.8 फीसदी मुस्लिम हैं। कनाडा में अंग्रेजी और फ्रेंच के बाद पंजाबी तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है। अगर बात ब्रैम्पटन की करें तो यहां पर लगभग 1 लाख 44 हजार के लगभग पंजाबी लोग हैं। यह शहर की कुल आबादी का लगभग 22 फीसदी हिस्सा है। कनाडा की जनगणना 2021 के अनुसार इस वक्त यहां 60 से 70 के करीब पंजाबी परिवार रह रहे हैं। 5 साल में कनाडा में हेट स्पीच बढ़ी 80 फीसदी सिखों ने हेट स्पीच झेली- 20 अप्रैल 2026 को वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन (WSO) ने कनाडा की पहली एंटी-सिख हेट रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार 80 फीसदी सिखों का मानना है कि पिछले 5 वर्षों में उनके खिलाफ नफरत बढ़ी है। 65 फीसदी सिखों ने हाल के महीनों में नस्लीय टिप्पणियों का सामना करने की बात कही है। पंजाबियों के खिलाफ ऑनलाइन हेट स्पीच बढ़ी- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पंजाबी छात्रों और प्रवासियों को निशाना बनाकर नस्लीय मीम्स और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बढ़ा है। विशेष रूप से इमीग्रेशन नीतियों में बदलाव के बाद। ऑनलाइन हेट स्पीच में पंजाबियों को कनाडा के संसाधनों पर बोझ बताकर नफरत फैलाई जा रही है, जिससे समुदाय में असुरक्षा का माहौल है। पगड़ी और धार्मिक पहचान से बने साफ्ट टारगेट- WSO की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पगड़ी पहनने वाले 91 फीसदी सिखों को उनकी धार्मिक पहचान के कारण सार्वजनिक स्थानों पर अपमानजनक टिप्पणियों या हेट स्पीच का सामना करना पड़ा। अप्रैल में ओंटारियो और ब्रिटिश कोलंबिया में ऐसी कई घटनाएं दर्ज की गईं जहां सिखों को उनके पहनावे के कारण विदेशी कहकर निशाना बनाया गया। वर्क परमिट न बढ़ने के हुए प्रदर्शनों से हेट स्पीच बढ़ी- अप्रैल 2026 में कनाडा द्वारा शरण के नियमों को सख्त करने और 9 हजार से अधिक पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकने के बाद स्थानीय स्तर पर उनके खिलाफ नफरत भरी बयानबाजी बढ़ी है। सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान पंजाबी छात्रों को वापस जाओ जैसे नारों और नफरत भरे भाषणों का सामना करना पड़ रहा है। कनाडा में पंजाबियों का क्या है योगदान… ट्रकिंग इंडस्ट्री में 20 फीसदी हिस्सेदारीः कनाडा की अर्थव्यवस्था में पंजाबियों का बड़ा हाथ है। कनाडा के ट्रकिंग उद्योग में लगभग 20 फीसदी हिस्सेदारी अकेले पंजाबी समुदाय की है। वे कनाडा की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं। इसके अलावा कनाडा में लगभग 1.2 लाख से अधिक व्यवसाय पंजाबियों के हाथ में हैं, जो स्थानीय स्तर पर हजारों नौकरियां पैदा करते हैं। ब्लूबेरी की खेती में 70 फीसदी हिस्सा पंजाबियों काः ब्रिटिश कोलंबिया के एबॉट्सफ़ोर्ड जैसे क्षेत्रों में ब्लू बेरी की खेती होती है। इसें पंजाबियों का 70 फीसदी से ज्यादा का हिस्सा है। पंजाबी किसानों ने यहां की बंजर जमीनों को उपजाऊ बनाकर कनाडा को कृषि निर्यात में वैश्विक पहचान दिलाने में मदद की है। राजनीतिक में भी योगदान दे रहे पंजाबीः कनाडा की संसद हाउस आफ कॉमन में पंजाबियों का प्रतिनिधित्व उनकी आबादी के अनुपात से भी अधिक है। वर्तमान में लगभग 15 से 18 पंजाबी सांसद कनाडा की नीतियों को आकार दे रहे हैं। हरजीत सिंह सज्जन और अनीता आनंद जैसे नेताओं ने राष्ट्रीय रक्षा और सार्वजनिक सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभाला है। गुरुद्वारे भूखों को अन्न दे रहेः 2023-2024 के आंकड़ों के अनुसार, कनाडा के फूड बैंकों
T20 World Cup NZ vs Canada Match Under Scanner Amidst ICC Cricket Canada Probe

Hindi News Sports T20 World Cup NZ Vs Canada Match Under Scanner Amidst ICC Cricket Canada Probe स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा और न्यूजीलैंड के कप्तान डेरियल मिचेल टी-20 वर्ल्ड कप में टॉस के दौरान। , ICC की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) क्रिकेट कनाडा से जुड़े भ्रष्टाचार के दो मामलों की जांच कर रही है। इस जांच के दायरे में हाल ही में भारत और श्रीलंका में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप का एक मैच भी शामिल है। इसके अलावा, इंटरनेशनल और घरेलू लेवल पर एंटी-करप्शन कोड के संभावित उल्लंघनों की भी पड़ताल की जा रही है। ICC ने यह जांच कनाडा के पब्लिक ब्रॉडकास्टर CBC के कार्यक्रम में प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘करप्शन, क्राइम एंड क्रिकेट’ में लगाए गए आरोपों के बाद शुरू की। 43 मिनट की इस फिल्म में कनाडा क्रिकेट के प्रशासन और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच का एक ओवर शक के घेरे में डॉक्यूमेंट्री में टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच हुए मैच का जिक्र किया गया है। मैच में कनाडा ने तेज गेंदबाजों से शुरुआत की थी, लेकिन तीसरे ओवर में ही स्पिनर साद बिन जफर को ले आए। इसके बाद अगले स्पिनर के तौर पर रविंदरपाल सिंह बाजवा आए। बाजवा ने अपने ओवर की शुरुआत नो-बॉल से की, फिर लेग साइड पर एक वाइड फेंकी और अंत में उस ओवर में 15 रन दिए। बाजवा बल्लेबाज हैं जो पार्ट-टाइम ऑफ स्पिन करते हैं। उनके इसी ओवर की गेंदबाजी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह मैच भारत में 17 फरवरी को चेन्नई में खेला गया था। इस मैच में कनाडा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। कनाडा ने 4 विकेट पर 173 रन बनाए थे। इस मैच को न्यूजीलैंड ने 28 गेंद शेष रहते हुए टारगेट हासिल कर लिया और मैच को 8 विकेट से जीत लिया था। पूर्व कोच का दावा- ‘पसंदीदा प्लेयर्स को चुनने का दबाव था’ ICC की एंटी-करप्शन यूनिट जिस दूसरे मामले की जांच कर रही है, वह टीम चयन को लेकर कोच पर कथित दबाव से जुड़ा है। आरोप है कि टीम मैनेजमेंट की ओर से कोच पर कुछ खास खिलाड़ियों को चुनने के लिए दबाव बनाया गया। ICC एक लीक हुए ऑडियो कॉल की भी जांच कर रही है, जिसमें तत्कालीन कोच खुर्रम चौहान यह दावा करते सुनाई देते हैं कि बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य उन पर पसंदीदा खिलाड़ियों को नेशनल टीम में शामिल करने का दबाव बना रहे थे। यह ऑडियो पिछले साल सामने आया था। इसके अलावा, पूर्व कोच पुबुदु दसानायके ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 2024 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम चयन के दौरान उन पर दबाव डाला गया और बात न मानने पर उन्हें बर्खास्त करने की धमकी दी गई। ICC ने कहा- मामले की जानकारी है, जांच जारी है ICC की इंटीग्रिटी यूनिट के अंतरिम जनरल मैनेजर एंड्रयू एफग्रेव ने कहा कि वे इस डॉक्यूमेंट्री में दिखाए गए मामलों से वाकिफ हैं। हालांकि, अपनी कार्यप्रणाली के तहत वे फिलहाल किसी भी आरोप पर विस्तार से टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ICC की एंटी करप्शन यूनिट इंटेलिजेंस और प्रिवेंशन पर काम कर रही है और जहां भी खेल की गरिमा को खतरा लगेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। CEO पर चोरी और धोखाधड़ी के आरोप कनाडा क्रिकेट पिछले एक साल से प्रशासनिक उथल-पुथल से जूझ रहा है। पूर्व CEO सलमान खान की नियुक्ति पहले से ही विवादों में थी क्योंकि उन्होंने अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छिपाई थी। उन पर कैलगरी पुलिस ने चोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है। हाल ही में अमजद बाजवा की जगह अरविंदर खोसा को बोर्ड का नया अध्यक्ष चुना गया है। खिलाड़ियों को सैलरी और इनामी राशि मिलने में देरी डॉक्यूमेंट्री में यह भी दावा किया गया है कि टी-20 वर्ल्ड कप 2024 में हिस्सा लेने वाले कनाडा के खिलाड़ियों को इनामी राशि मिलने में काफी देरी हुई। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी जुलाई 2023 से बिना किसी कॉन्ट्रैक्ट के थे और वर्ल्ड कप से ठीक चार महीने पहले उन्हें बहुत कम रिटेनर फीस पर रखा गया था। इसमें संगठित अपराध के लिंक होने की बात भी सामने आई है, जिस पर आईसीसी का कहना है कि यह स्थानीय पुलिस और कानून व्यवस्था का मामला है। ———————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज गुजरात vs कोलकाता:KKR ने अब तक एक भी मैच नहीं जीता, GT ने दिल्ली-लखनऊ को हराया IPL 2026 का 25वां मुकाबला आज गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला जाएगा। मैच गुजरात के होम ग्राउंड अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। मुकाबले का टॉस शाम 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Khalistan Supporters Threaten Hindus, Target Temples in Canada April 5, 2026

कनाडा के मंदिर जिनके बाहर खालिस्तान समर्थकों ने 5 अप्रैल को प्रदर्शन करने की धमकी दी है। खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में फिर से हिंदुओं को धमकियां देनी शुरू कर दी। खालिस्तान चरमपंथी संगठनों(CBKE) ने 5 अप्रैल 2026 को 2 बड़े हिंदू मंदिरों के बाहर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ रैलियां और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। . खालिस्तान समर्थक ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर को टारगेट कर रहे हैं। खालिस्तानियों ने बकायदा सोशल मीडिया पर इन मंदिरों के गेट पर प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। वहीं, हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन (HCF) ने इस पर तुरंत सख्त बयान जारी किया है। उन्होंने साफ कहा है “हमारे मंदिर पूजा के पवित्र स्थान हैं, ये प्रदर्शन के मैदान नहीं हैं। हम धमकी के आगे नहीं झुकेंगे।” HCF ने पूरे कनाडा की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इन चरमपंथियों को रोको, वरना हिंदू समुदाय का भरोसा कनाडा की पुलिस और सरकार से टूट जाएगा। खालिस्तान समर्थकों की तरफ से जारी पोस्टर। खालिस्तान समर्थकों की धमकी पर हिंदुओं जवाब, जानिए.. खालिस्तानियों की धमकी: CBKE ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके साफ ऐलान किया कि 5 अप्रैल को ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर ‘खालिस्तान जिंदाबाद रैली’ निकाली जाएगी। ये रैलियां सीधे मंदिर के गेट पर होगी। हिंदुओं को सुनने पड़ेंगे नारे: खालिस्तान समर्थकों ने धमकी देते हुए कहा है कि हिंदू जब पूजा करने आएंगे तो उन्हें नारे सुनने पड़ेंगे, धक्का-मुक्की हो सकती है। खालिस्तान समर्थक कनाडा में पहले भी मंदिरों के बाहर माहौल खराब करने की कोशिश कर चुके हैं।खालिस्तान समर्थक एसजेएफ की तरफ से सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट। हिंदुओं को उकसाने की साजिश: खालिस्तानियों की धमकी के बाद HCF का कहना है कि ये कोई शांतिपूर्ण विरोध नहीं, बल्कि जानबूझकर उकसावे की साजिश है। मंदिर को राजनीतिक स्टेज बनाने की कोशिश की जा रही है। 2024 में हिंदुओं पर लाठियां चलाई थी: HCF का कहना है कि 3 नवंबर 2024 को ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर पर खालिस्तान समर्थकों ने दिन-दहाड़े हमला बोल दिया था। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्गों पर लाठियां चलाई थी। सिर्फ इसलिए क्योंकि वे शांतिपूर्वक पूजा कर रहे थे। HCF कहता है कि वो हमला अकेला नहीं था, लगातार मंदिरों को टारगेट किया जा रहा है, भक्तों को डराया जा रहा है। महिलाओं-बच्चों को धमकाया जा रहा है। अब की बार पीछे नहीं हटेंगे: HCF ने अपने बयान में बहुत साफ-साफ शब्दों में जवाब दिया है और कहा है कि हमारे मंदिर पवित्र हैं। ये विरोध प्रदर्शन के स्थल नहीं, न ही राजनीतिक मंच हैं। अगर इस बार कोई हरकत हुई तो हम डरकर पीछे नहीं हटेंगे। HCF का कहना है कि हम चुप नहीं रहेंगे। हम डरेंगे नहीं। हम अपने मंदिरों से नहीं भागेंगे। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय कनाडा का अभिन्न हिस्सा है। वे शांतिप्रिय हैं, लोकतंत्र और प्लूरलिज्म में विश्वास रखते हैं। लेकिन अब काफी हो चुका। सरकार हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे।नवंबर 2024 में मंदिर के बाहर खालिस्तान समर्थकों का हंगामा और हिंदुओं पर हमला करते हुए। फाइल फोटो मंदिरों के आसपास बने बबल जोन: HCF कहना है कि कनाडा की संसद ने पहले ही बिल C-9 पास किया है। इसमें पूजा स्थलों पर घृणा, धमकी और बाधा डालने को सख्त सजा का प्रावधान है। ब्रैम्पटन में पहले से ही मंदिरों के आसपास ‘बबल जोन’ बना दिए गए हैं, जहां प्रदर्शन करना मना है। टारगेट करना प्रोस्टेस्ट नहीं, धमकी है: हिंदू संगठन ने साफ कहा किटारगेट करना कोई प्रोटेस्ट नहीं, ये धमकी है। पूजा में बाधा डालना कोई फ्री स्पीच नहीं, ये जबरदस्ती है। खालिस्तान समर्थक हिंदू समुदाय को चुप कराने की कोशिश कर रहा है। HCF ने चेतावनी दी कि ये सिर्फ हिंदुओं का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे कनाडा की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक भाईचारे के लिए खतरा है। खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ करें कार्रवाई: HCF ने कनाडा के अलग-अलग शहरों की पुलिस को पोसट टैग करते हुए लिखा है कि खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। हिंसा भड़काने वालों की जवाबदेही तय हो: HCF ने कहा है कि कनाडा की खुफिया एजेंसी ने कई बार चेतावनी दी है कि कनाडा-आधारित खालिस्तानी चरमपंथी घरेलू सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। HCF का कहना है कि जो लोग हिंसा को भड़काते हैं, उनकी पहचानकर जवाबदेही तय की जाए।
कनाडा में खालिस्तानी झंडे फहराने पर बैन:संसद में बिल पास, धार्मिक स्थल के पास लोगों को डराना अपराध

कनाडा की संसद के निचले सदन में खालिस्तानी गतिविधियों पर सख्ती से जुड़ा बड़ा बिल पास किया है। ‘कॉम्बैटिंग हेट एक्ट’ नाम के इस विधेयक के तहत बब्बर खालसा जैसे संगठनों के झंडे और प्रचार सामग्री के सार्वजनिक प्रदर्शन को गैरकानूनी बनाया जाएगा। साथ ही धार्मिक स्थलों के बाहर लोगों को डराने या बाधा डालने को भी अपराध माना जाएगा। हालांकि, कंजर्वेटिव और एनडीपी पार्टियों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए इसका विरोध किया है। अब यह बिल अंतिम मंजूरी के लिए कनाडा की सीनेट में भेजा गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का मकसद अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर आतंकवाद को बढ़ावा देने से रोकना है, जैसे कि खालिस्तानी झंडे लहराना या उनसे जुड़ी सामग्री बांटना। बुधवार को ये बिल पास किया गया। बिल से जुड़ी अहमें बातें… सरकार का पक्ष और अगला कदम इस बिल को पेश करने वाले और ब्लॉक क्यूबेकॉइस के साथ समझौता कराने वाले न्याय मंत्री सीन फ्रेजर ने विरोधियों की आलोचनाओं को खारिज किया है। उनका कहना है कि नया कानून किसी की आस्था को अपराध नहीं बनाएगा। अब यह बिल सीनेट (उच्च सदन) के पास जाएगा, जहां कानून बनने से पहले इसका गहन अध्ययन किया जाएगा। सीनेट के पास अभी भी इस कानून में बदलाव के लिए अपने सुझाव देने का अधिकार है। धार्मिक छूट हटाने पर हुआ समझौता लिबरल पार्टी को ब्लॉक क्यूबेकॉइस का समर्थन एक विशेष शर्त पर मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, लिबरल्स ने बिल में एक ऐसा क्लॉज शामिल किया है जो कनाडा के हेट स्पीच (घृणा भाषण) कानून से धार्मिक छूट को खत्म कर सकता है। वर्तमान में आपराधिक संहिता में हेट स्पीच के लिए एक छूट का प्रावधान है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति सद्भावपूर्ण तरीके से किसी धार्मिक विषय पर अपनी राय रखता है या किसी धार्मिक ग्रंथ में अपने विश्वास के आधार पर तर्क देकर अपनी बात स्थापित करता है, तो उसे हेट स्पीच नहीं माना जाता। नया बिल इस छूट को खत्म करने का प्रस्ताव रखता है। कंजरवेटिव्स ने इस धार्मिक छूट को हटाने वाले प्रावधान का विरोध करते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। कई धार्मिक समूहों ने भी इस पर चिंता जताई है। वहीं, कैनेडियन सिविल लिबर्टीज एसोसिएशन जैसे नागरिक अधिकार समूहों का मानना है कि इससे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर असर पड़ सकता है और सरकार से असहमति जताने वाली आवाजों पर दबाव बन सकता है। ——— ये खबर भी पढ़ें… कनाडा पुलिस का पंजाबी को ‘ड्यूटी टू वॉर्न’ नोटिस, परिवार समेत जान का खतरा, निज्जर के साथी रहे खालिस्तान समर्थक, लॉरेंस गैंग पर शक सिख फेडरेशन ऑफ कनाडा के हेड खालिस्तान समर्थक मोनिंदर सिंह व उनके परिवार के लिए पुलिस ने खतरे का अलर्ट जारी किया है। इसके लिए ड्यूटी टू वॉर्न एडवाइजरी जारी की गई है। मोनिंदर कनाडा में गुरुद्वारे के बाहर कत्ल किए गए हरदीप निज्जर के साथी हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन:कनेडियन पुलिस अफसरों ने माना; खालिस्तान समर्थकों का विरोध हो सकता है हत्या का कारण

कनाडा के लासाल में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन सामने आ रहा है। कनेडियन मीडिया के अनुसार हत्याकांड की जांच कर रहे अफसरों ने पहली बार माना है कि नैंसी हत्याकांड में खालिस्तान समर्थक हाथ हो सकता है। अब तक हुई जांच के बाद पुलिस को लग रहा है कि सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने के कारण नैंसी ग्रेवाल की हत्या की गई है। पुलिस ने अब खालिस्तानी कनेक्शन की तरफ जांच करनी शुरू कर दी है। नैंसी की मां और बहन पहले ही खालिस्तान समर्थकों पर उसकी हत्या का आरोप लगा चुकी हैं। लासाल पुलिस सर्विस इस मामले की जांच कर रही है और अब ओंटारियो प्रोविंशियल पुलिस भी इस जांच में शामिल हो गई है। नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड की जांच पुलिस अलग-अलग एंगलों से कर रही है। पुलिस पर्सनल रंजिश और अन्य एंगलों पर भी जांच कर रही है, लेकिन पुलिस का अब सबसे ज्यादा फोकस खालिस्तानी कनेक्शन पर है। हालांकि पुलिस अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हत्या और घर पर आगजनी के केस जोड़कर जांच में जुटी पुलिस ओंटारियो प्रांतीय पुलिस ने नैंसी ग्रेवाल की हत्या और नंवबर माह में उसके घर पर आगजनी की घटना को जोड़कर जांच शुरू कर दी है। ओंटारियों पुलिस ने नवंबर में हुई घटना की जांच विंडसर पुलिस से अपने हाथ में ले ली है। पुलिस को अंदेशा है कि जिन लोगों ने आग लगाने की कोशिश की हत्या में भी वही शामिल हें। मां और बहन लगा चुकी खालिस्तान समर्थकों पर आरोप नैंसी ग्रेवाल की मां और बहन उसकी हत्या का आरोप खालिस्तान समर्थकों पर लगा चुकी हैं। नैंसी सोशल मीडिया के जरिए खालिस्तान समर्थकों पर हमले करती थी। जिसकी वजह से खालिस्तान समर्थकों से उसे लगातार थ्रेट भी मिलती रही। सिख समुदाय को कर रहे बदनाम कनेडियन मीडिया के अनुसार मेट्रोपॉलिटन विंडसर की सिख कल्चरल सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष हरजिंदर सिंह कंदोला ने कहा कि सिख समुदाय को बदनाम करने के कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नैंसी हत्याकांड की असली वजह जानने के लिए केवल सबूतों पर आधारित, गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि जांच सिर्फ आरोपों के आधार पर न की जाए। कंदोला ने कहा कि उनका संगठन पुलिस के साथ सहयोग करेगा। नवंबर में घर पर आग लगाने की कोशिश नैंसी ग्रेवाल ने सोशल मीडिया पर बताया था कि 8 नवंबर को उसके घर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई थी। उसकी सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी। तब भी नैंसी ग्रेवाल ने खालिस्तान समर्थकों को इस हमले के लिए जिम्मेदार बताया था। 3 मार्च को हुई थी नैंसी ग्रेवाल की हत्या 45 वर्षीय, पंजाबी मूल की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और पर्सनल सपोर्ट वर्कर, मूल रूप से लुधियाना-जालंधर की थी और कनाडा के विंडसर में रहती थीं। उसकी 3 मार्च को शाम करीब 9:30 बजे लासाल, ओंटारियो में टॉड लेन पर एक क्लाइंट के घर के बाहर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इसे टारगेटेड किलिंग माना है। अब तक की जांच में क्या हुआ पुलिस किस-किस से लिंक कर रही है
Air India Delhi-Canada Flight Diverted After 9 Hours; Wrong Boeing Sent

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक एअर इंडिया ने इस घटना को ऑपरेशनल इश्यू बताया है। तस्वीर- फाइल फोटो। भारतीय एयरलाइंस कंपनी एअर इंडिया की एक बार फिर बड़ी चूक सामने आई है, जिसके कारण दिल्ली से कनाडा के वैंकूवर जा रही फ्लाइट AI-185 को उड़ान भरने के करीब 7 घंटे बाद वापस दिल्ली लौटना पड़ा। दरअसल, एअर इंडिया ने यात्रियों को गलती से बोइंग 777-200 LR फ्लाइट में भेज दिया था, जबकि कनाडा में उसे केवल बोइंग 777-300 ER भेजने की इजाजत है। एविएशन नियमों के तहत अलग-अलग देशों में अलग-अलग विमान मॉडल के लिए इजाजत होती है। कनाडा ने एअर इंडिया को सिर्फ B777-300 ER के लिए मंजूरी दी है, न कि LR वर्जन के लिए। गलती का पता तब चला जब विमान करीब 4 घंटे उड़ान भरकर चीन के कुनमिंग एयरस्पेस में पहुंच चुका था। इसके बाद तुरंत विमान को वापस बुला लिया गया। फ्लाइट ने गुरुवार सुबह 11:34 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी और शाम 7:19 बजे वापस दिल्ली लैंड किया। विमान में दिल्ली से कनाडा जाने वाले 300 से ज्यादा यात्री मौजूद थे। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24.com के अनुसार, विमान ने चीन के एयरस्पेस से दिल्ली के लिए यू-टर्न लिया। हर घंटे 9 टन फ्यूल खर्च, करीब ₹60 लाख नुकसान का अनुमान एअर इंडिया ने इस घटना को ऑपरेशनल इश्यू बताया और कहा कि सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं। यात्रियों को होटल की सुविधा दी गई और उन्हें अगली सुबह यानी 20 मार्च को दूसरी फ्लाइट से वैंकूवर के लिए रवाना किया गया। सूत्रों के मुताबिक, इस गलती को गंभीरता से लिया गया है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है। जानकारी के अनुसार, एक बोइंग 777 विमान हर घंटे करीब 8-9 टन फ्यूल खर्च करता है, ऐसे में यह गलती एयरलाइन के लिए काफी महंगी साबित हुई है। बोइंग 777 जैसे बड़े विमान के लिए, 8 टन (8,000 किलोग्राम) जेट ईंधन की कीमत मौजूदा दरों के आधार पर लगभग ₹7 लाख से ₹9 लाख के बीच हो सकती है। ऐसे में 7 घंटे हवा में रहने के दौरान एअर इंडिया फ्लाइट में करीब 60 लाख रुपए का फ्यूल खर्च हुआ। फायर अलर्ट के बाद एअर इंडिया की न्यूयॉर्क-मुंबई फ्लाइट मदीना डायवर्ट इधर एअर इंडिया की न्यूयॉर्क से मुंबई आ रही फ्लाइट AI-116 को गुरुवार दोपहर सऊदी अरब के मदीना में डायवर्ट करना पड़ा। कॉकपिट में कार्गो सेक्शन में आग लगने का अलर्ट मिलने के बाद एहतियातन यह फैसला लिया गया। एयरलाइन के मुताबिक, बोइंग 777 विमान ने मदीना एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। हालांकि, लैंडिंग के बाद की जांच में यह अलर्ट गलत निकला और किसी तरह की आग नहीं पाई गई। जांच पूरी होने के बाद विमान को दोबारा ऑपरेशन के लिए क्लियर कर दिया गया। यह फ्लाइट मुंबई के लिए रवाना हो गई। एअर इंडिया ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। 13 फरवरी- DGCA ने एअर इंडिया पर ₹1 करोड़ जुर्माना लगाया भारत के नागरिक उड्डयन नियामक (DGCA) ने 13 फरवरी को बताया था कि उसने एअर इंडिया पर 1.10 लाख डॉलर (करीब 1 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एक एयरबस विमान को बिना ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ (विमानल उड़ाए जाने योग्य है या फिटनेस सर्टिफिकेट) के 8 बार उड़ाए जाने के कारण की गई। DGCA ने एक गोपनीय आदेश में कहा कि इस चूक से देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन पर जनता का भरोसा और कम हुआ है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार मामला 26 नवंबर 2025 का है, जब एअर इंडिया ने खुद DGCA को इस चूक की जानकारी दी थी। कंपनी ने बताया था कि उनके एक एयरबस A320 नियो विमान का एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका था। फिर भी उसे 24 और 25 नवंबर को 8 रेवेन्यू सेक्टर्स (व्यावसायिक उड़ानों) में इस्तेमाल किया गया। इसके बाद 2 दिसंबर को DGCA ने मामले की जांच शुरू की थी। ———————————— एयरलाइंस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… एअर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट का लैंडिंग के दौरान पहिया निकला:नोज गियर टूटा; थाइलैंड में हार्ड लैंडिंग, 133 लोग सवार थे थाईलैंड में एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट 18 मार्च की दोपहर लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गई। विमान के रनवे पर उतरते ही उसका नोज गियर टूट गया और आगे का पहिया अलग हो गया। फ्लाइट हैदराबाद से फुकेट जा रही थी। थाई अखबार द नेशन के मुताबिक घटना के बाद कुछ समय के लिए रनवे बंद करना पड़ा, हालांकि विमान में सवार सभी 133 यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। पूरी खबर पढ़ें… एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा की भी टिकटें महंगी: घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर ₹1300 तक फ्यूल सरचार्ज लगेगा एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा एयर की फ्लाइट्स टिकट भी महंगी हो गई हैं। एयरलाइन कंपनी ने 15 मार्च से सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। अकासा एयर ने कहा कि 15 मार्च को रात 12:01 बजे के बाद बुक किए जाने वाले टिकटों पर 199 रुपए से लेकर 1,300 रुपए तक का एडिशनल सरचार्ज वसूला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कनाडा में अश्लील हरकतें करने वाला फर्जी पंजाबी युवक अरेस्ट:झूठी बीमारी दिखा लेडी डॉक्टरों को प्राइवेट पार्ट दिखा फरार हो जाता; ट्रोलिंग से सुर्खियों में आया

कनाडा में एक युवक के फर्जी पंजाबी नाम से लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें करने के मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस युवक को दिसंबर महीने में अरेस्ट किया था। मगर, वह सुर्खियों में तब आया, जब उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रोल किया जाने लगा। कनाडा की पील रीजनल पुलिस के मुताबिक आरोपी प्राइवेट पार्ट में बीमारी के बहाने अस्पताल में जाता। वहां लेडी डॉक्टर से मिलता और क्लिनिक जाकर सारे कपड़े उतार देता। फिर लेडी डॉक्टर को प्राइवेट पार्ट छूने को कहता। जिससे पता चलता कि उसे कोई बीमारी नहीं है। पोल खुलते ही वह वहां से भाग जाता। ऐसा एक-दो नहीं लेकिन उसने कई लेडी डॉक्टरों के साथ किया। तब किसी लेडी डॉक्टर ने उसकी शिकायत कर दी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब वैभव से आकाशदीप सिंह बने आरोपी युवक को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस लेडी डॉक्टरों से सामने आने की अपील कर रही है। कनाडा की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रूबी भसीन ने भी 15 मार्च को वीडियो पोस्ट कर डॉक्टरों से सामने आने की अपील की है। 5 पाइंट में जानें युवक के क्राइम की पूरी कहानी… गिरफ्तारी के बाद युवक पर क्या कार्रवाई हुई पील रीजनल पुलिस के मुताबिक युवक वैभव 36 साल का है। वह मूल रूप से इंडिया का रहने वाला है। मगर, उसे कनाडा की नागरिकता मिली हुई है। वह अभी ब्रैम्पटन का स्थायी नागरिक (PR) है। पुलिस जांच में पता चला कि उसने मिसिसॉगा की कई लेडी डॉक्टर्स के साथ अश्लील हरकतें की है। पुलिस का कहना है कि एक डॉक्टर ने उसकी हरकत पर शक होने के चलते पुलिस को शिकायत कर दी। युवक के खिलाफ 3 महीने से स्थानीय कोर्ट में ट्रायल भी चला। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में कनाडा पुलिस ने क्या कहा कनाडा की पील रीजनल पुलिस के पब्लिक रिलेशन अफसर (PRO) ने मीडिया रिलीज जारी कर कहा कि वैभव के खिलाफ जानबूझकर लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें करने की शिकायतें आईं। जांच में पता चला कि वैभव ने पंजाबी ओरिजन के युवक का फेक नाम लेकर मिलने का चार्ज लगाया है। युवक ने कई महीनों तक मिसिसॉगा के विभिन्न मेडिकल क्लिनिक्स में फर्जी बीमारियां बताकर महिला डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें कीं। पुलिस ने उस पर 4 गंभीर आरोप लगाए हैं। केस अभी ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस (OCJ) में चल रहा है। पुलिस ने कहा कि कोर्ट में केस होने के चलते आरोपी का इंडियन एड्रेस, डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में ट्रायल की प्रक्रिया लंबी चलती है। डॉक्टरों के कोर्ट में बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस की तरफ से युवक को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। चूकी वह कनाडाई नागरिक बन चुका है, इसलिए प्रक्रिया में वक्त लग सकता है।
Canada Student Death | Father Seeks Govt Help to Bring Body to Ujjain

उज्जैन8 घंटे पहले कॉपी लिंक गुरकीरत की हत्या के बाद से उज्जैन में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। कनाडा में कार से कुचले गए उज्जैन के छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की बॉडी भारत लाने में परिवार के सामने बड़ी आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। परिजन का कहना है कि कनाडा सरकार बॉडी देने के लिए करीब 40 हजार डॉलर (लगभग 35 लाख रुपए) जमा कराने को कह रही है। इतना ही नहीं, जांच प्रक्रिया के कारण अस्पताल से बॉडी 15 दिन बाद ही दी जाएगी। परिवार ने बताया कि बॉडी को कनाडा से उज्जैन लाने में करीब 10 लाख रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। ऐसे में परिजन ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। बता दें, गुरकीरत सिंह मनोचा की दो दिन पहले कनाडा में कार से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। गुरकीरत की असामयिक मौत से परिजन का बुरा हाल है। सरकार से मदद की लगाई गुहार गुरकीरत सिंह के पिता गुरजीत सिंह का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में सरकार ही उनकी मदद करे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है। पिता बोले- बेटा बेहद शांत स्वभाव का था पिता गुरजीत सिंह ने बताया कि गुरकीरत लगभग सवा साल पहले पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। वह बेहद शांत और नेक स्वभाव का था। वह किसी भी विवाद में नहीं पड़ता था। उन्होंने कहा कि यह घटना परिवार के लिए बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कनाडा में जांच जारी है। स्थानीय पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो-तीन अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। परिवार में शोक, लोगों का लगा तांता उज्जैन में लगातार लोग गुरकीरत के घर पहुंचकर परिजन से मिल रहे हैं और उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। गुरकीरत के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य बेटे को याद कर रो रहे हैं। उनकी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे। वह सदमे में हैं। कनाडा जाने वीजा प्रक्रिया शुरू कर रहे गुरकीरत के पारिवारिक मित्र अभिलाष जैन ने बताया कि परिवार के सदस्य कनाडा जाने के लिए वीजा प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। वे वहां पहुंचकर आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना चाहते हैं। स्थानीय परिचित और समाज के लोग भी परिवार के संपर्क में हैं। उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दे रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें… उज्जैन के स्टूडेंट को कनाडा में कार चढ़ाकर मार डाला मध्य प्रदेश के उज्जैन के एक छात्र की कनाडा में कॉलेज के छात्रों ने हत्या कर दी। 10-12 युवकों ने पहले छात्र की पिटाई की, फिर उस पर गाड़ी चढ़ा दी। छात्र को गंभीर चोटें आई थीं। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। वारदात 14 मार्च को फोर्ट सेंट जॉन शहर में हुई। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Canada YouTuber Nancy Grewal Murder

हरियाणा में जन्मी पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल के कत्ल को एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन कनाडा पुलिस अभी तक किसी को अरेस्ट नहीं कर पाई है। हालांकि कनाडा पुलिस खालिस्तानी, गैंगस्टर, निजी रंजिश और क्लाइंट मैटर समेत कई एंगल से इसकी जांच कर रही है। . इसी बीच नैन्सी ग्रेवाल की मां ने दावा किया कि उसे बेटी के कातिलों के बारे में पता है, लेकिन नाम नहीं बताना चाहती। उन्होंने कहा- मुझे कनाडा में बेटी के घर में रहना है। नाम बताऊंगी तो वे मुझे भी मार देंगे। मां ने ये जरूर बताया कि नैन्सी की हत्या गोल्ड के झगड़े में हुई है। इसी बीच नैन्सी ग्रेवाल के सपोर्ट में आए निहंग हरजीत सिंह रसूलपुर को खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने कहा कि अगर इस मैटर में चुप न हुए तो घर में IED के डिब्बे लगेंगे। उसके बाद ऊपर जाकर कमल कौर भाभी और नैन्सी ग्रेवाल से खूब बातें करते रहना। कनाडा का लासाल पुलिस स्टेशन। पुलिस नैन्सी मामले में किसी की गिफ्तारी नहीं कर पाई है। नैन्सी ग्रेवाल की मां ने क्या कहा नैन्सी की मां ने दावा किया कि लोकल गुरुद्वारे का एक सेवादार कनाडा में रेस्क्यू करने के नाम पर मरने वालों का सोना उतार लेता है। इस मसले में नैन्सी के पास एक क्लाइंट आई थी। बुजुर्ग मां नैन्सी के आगे गिड़गिड़ाने लगी कि उसके बेटे की मौत के बाद गुरुद्वारे वाले एक आदमी ने सोना उतार लिया है। इसके साथ उसके क्रेडिट कार्ड और डेढ़ लाख रुपए भी रख लिए। इस मामले में नैन्सी ने 6 महीने पहले पैरवी शुरू की। उसने सोना-पैसा और क्रेडिट कार्ड मांगे, लेकिन गुरुद्वारा वालों ने देने से मना कर दिए। नैंसी के समर्थन में बोलने पर निहंग रसूलपुर को BKI की धमकी नैन्सी ग्रेवाल के कत्ल के बाद उसके सपोर्ट में बोलने वालों को भी धमकी मिलने लगी है। रोपड़ के रहने वाले निहंग सिंह हरजीत सिंह रसूलपुर ने दावा किया कि उनको बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की तरफ से जान से मारने की धमकी दी गई है। निहंग सिंह ने एक आडियो सुनाते हुए दावा किया कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने खुद को मनिंदर बिल्ला बताया। धमकी देते हुए बिल्ला ने कहा- हां जी, रसूलपुर जी वाहेगुरु जी का खालसा श्री वाहेगुरु जी की फतेह। मैं मनिंदर बिल्ला बोल रहा हूं। BKI से। मैं तुम्हें मैसेज लगा रहा हूं और इसे अपने दिमाग में बिठा लो और कान खोलकर सुन लो। तुम जो करना है, करो। जिसको जो बोलना है बोलो, जो बयानबाजी करनी है करो। मैं नहीं कहता कि बयानबाजी ना करो। एक हो गया तू और एक वह तेरे साथ वाला जो नया भर्ती किया है सतनाम। अगर मैंने तुम्हारे मुंह से शहीद सिखों के बारे में बयानबाजी सुन ली तो मेरा पता करवा लेना कि मैं कौन हूं। यह मैं कोई पब्लिसिटी के लिए नहीं कर रहा। मैं तुझे मैसेज लगा रहा हूं। मैं प्यार से समझा रहा हूं। मैंने सरकार के थाने नहीं छोड़े। वहां ग्रेनेड फेंके और लॉन्चर मारे। मैंने कोई ठेका नहीं छोड़ा। मेरे लिए तुम किसी खेत की मूली हो। जिस दिन दिल किया मैं उखाड़कर फेंकूंगा। यह एक बार मैं प्यार से कहता हूं कि कुछ मुझे करना ना पड़े इसलिए मजबूर ना करो। मैं गोलियां नहीं मारूंगा सीधे तुम्हारे घरों में IED वाले डिब्बे ही लगेंगे। फिर ऊपर जाकर भाभी कमल कौर और नैन्सी ग्रेवाल से खूब बातें करना। ************* नैन्सी मर्डर केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इंफ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल की मां ने रोते हुए वीडियो डाला: बोलीं- बेटी की मौत से पागल हो रही हूं, होश में नहीं थी कि किसका नाम ले लिया खालिस्तानी आतंकी बोला- नैन्सी ग्रेवाल का कत्ल नहीं कराया:हम बैलेट से लड़ रहे, बुलेट से नहीं; बहन ने घर में आग का VIDEO जारी किया नैन्सी ग्रेवाल हत्याकांड, कनाडाई सिख-हिंदू गुस्से में:3 मार्च एंटी खालिस्तान डे मनाने का ऐलान; 18 बार चाकू मारा, जीभ भी काटी थी नैन्सी ग्रेवाल हत्याकांड, 15 दिन पहले प्लान हुआ मर्डर:दोस्त को कहा था- मौत मंजूर, चुप नहीं रहूंगी; पढ़िए बहन के 5 अहम खुलासे खालिस्तान के खिलाफ बोलने पर हुई नैन्सी ग्रेवाल की हत्या:मां बोली- 20 बार चाकू मारे, जीभ भी काट दी; सुक्खा-हरिके ने जिम्मा लिया नैन्सी ग्रेवाल के टारगेट पर रहते थे निहंग-खालिस्तानी:जट्ट की जगह ब्राह्मण-बंगाली कहा जाता, पति से तलाक हुआ, कनाडा में कत्ल यूट्यूबर की कहानी कनाडा में पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या:मां बोली- खालिस्तानियों ने मारा; हरियाणा में जन्मी, विवादित टिप्पणियां करती थी
Nancy Grewal Murder Canada | Anti-Khalistan Day March 3

इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। – फाइल फोटो पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या के बाद कनाडा में खालिस्तान समर्थकों का विरोध बढ़ गया है। कनाडाई डेमोक्रेट्स, स्थानीय हिंदू और सिख ऑर्गेनाइजेशन के साथ राजनेताओं ने खालिस्तानियों को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रोष जताया। . उन्होंने लिखा- नैन्सी अच्छी इंसान थी। अब 3 मार्च को एंटी खालिस्तान डे के तौर पर मनाया करेंगे। इसी दिन नैन्सी की चाकू से 18 बार वार और जीभ काटकर हत्या की गई थी। विंडसर वेस्ट के सांसद हर्ब गिल ने भी कहा है- लासाल और पूरे विंडसर-एसेक्स के कई लोगों की तरह मुझे भी नैन्सी ग्रेवाल की मौत का दुख है। नैन्सी सोशल मीडिया की दुनिया में एक जानी-मानी आवाज थीं और सोशल मीडिया की पोस्टों ने यह साफ कर दिया कि दुनिया भर में बहुत से लोग उनके विचारों को फॉलो करते थे। इधर, नैन्सी ग्रेवाल की मां आज कनाडा पहुंच जाएंगी और डेडबॉडी लेने के लिए फार्मेलिटीज पूरी करेंगी। इसके साथ ही लासाल पुलिस आज कातिलों को लेकर खुलासा कर सकती है। बता दें कि कनाडा के विंडसर में रहने वाली नैन्सी ग्रेवाल की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। नैन्सी खालिस्तानी मूवमेंट के खिलाफ सोशल मीडिया पर बोलती थीं। उनकी मौत ने कनाडा की राजनीति और पुलिस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो जारी कर दावा किया कि विरोध करने पर खालिस्तान समर्थकों ने रेडियो होस्ट को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। इसी तरह के वीडियो-फोटो शेयर कर लोग खालिस्तानियों के प्रति अपना रोष जता रहे हैं। 3 पॉइंट्स में जानें नैन्सी की हत्या पर लोगों का विरोध… कनाडा पुलिस की सुरक्षा में बड़ी चूक: नैन्सी ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले ही बताया था कि उन्हें 40 से ज्यादा बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। नवंबर 2025 में उनके घर पर पर हमला भी हुआ था। फिर भी पुलिस ने उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी। लासाल पुलिस चीफ माइकल पियर्स ने कहा है कि नैन्सी की हत्या इत्तेफाक या रैंडम हमला नहीं है। यह एक सोची-समझी साजिश थी। CBC की रिपोर्ट के मुताबिक, एक खालिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट ने इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि नैन्सी को उनके बयानों और खालिस्तान के खिलाफ बोलने की सजा दी गई है। खालिस्तानियों के पॉलिटिकल रिलेशन, फोटो खिंचवा रहे: कनाडा के लोगों ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए दावा किया कि खालिस्तानियों के पॉलिटिकल रिलेशन हैं। राजनीति इशारे पर कनाडा का माहौल खराब हो रहा है। लोगों ने एक फोटो पोस्ट कर लिखा- विंडसर के मेयर ड्रू डिलकेंस की एक फोटो चर्चा में है, जिसमें वह अवतार कूनर के पास बैठे हैं। अवतार कूनर को खालिस्तानी समर्थक बताया जा रहा है। उसी कमरे की दीवार पर जगतार सिंह हवारा की एक बड़ी फोटो लगी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों पुलिस और नेता ऐसे लोगों के साथ खड़े हैं जो खुलेआम धमकियां देते हैं। खालिस्तानियों पर हमास और हिजबुल्ला जैसी सख्ती हो: नैन्सी की हत्या के बाद कनाडा का यहूदी समुदाय भी गुस्से में है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि यह कत्ल सिस्टम की नाकामी है। नैन्सी को पुलिस सुरक्षा न मिलना राष्ट्रीय शर्म है। यहूदी संगठनों ने मांग की है कि कनाडा सरकार खालिस्तानी उग्रवादियों के साथ भी वैसी ही सख्ती बरते जैसी हमास और हिजबुल्ला जैसे आतंकी संगठनों के साथ बरती जाती है। उन्होंने हिंदू और सिख समुदायों के साथ खड़े होकर कहा, ओम शांति। उनकी यादें हमेशा बनी रहें। सांसद हर्ब गिल ने अपनी बात रखने के अलावा लोगों से अपील की कि अगर किसी के पास इस केस से संबंधित कोई जानकारी है, जो केस को सॉल्व करने में मदद कर सकती है तो डिटेक्टिव सार्जेंट जेमी नेस्टर को सूचित करें। विंडसर वेस्ट के सांसद हर्ब गिल ने की सजा की मांग विंडसर वेस्ट के सांसद हर्ब गिल ने कहा कि वह खुद 30 साल तक पुलिस ऑफिसर रह चुके हैं। उन्होंने नैन्सी की मौत को दुखद बताया। उन्होंने मांग की है कि नैन्सी के हत्यारों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। उनके पुलिस बैकग्राउंड की वजह से अब लासाल पुलिस पर दबाव और बढ़ गया है। यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की फाइल फोटो। एंटी-खालिस्तान डे की घोषणा हिंदू कैनेडियन फेडरेशन ने नैन्सी ग्रेवाल की याद में हर साल 3 मार्च को एंटी खालिस्तान डे मनाने की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह मूवमेंट उन लोगों के खिलाफ है जो कनाडा की धरती पर होमग्रोन टेररिज्म फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि नैंसी ग्रेवाल ने आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू और खालिस्तानी नेटवर्क को बेनकाब किया था। कनाडा में जो खालिस्तान के खिलाफ बोलता है उसी को पीटा या मारा जाता है। इससे पहले रेडियो होस्ट दीपक पुंज पर हमला, फिर ज्योति सिंह मान पर हमला और अब नैन्सी की हत्या। हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन की ओर से सोशल मीडिया पर घोषणा की गई। हर साल 3 मार्च को एंटी खालिस्तानी-डे मनाने के लिए जारी किया गया पोस्टर। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… नैन्सी ग्रेवाल हत्याकांड, 15 दिन पहले प्लान हुआ मर्डर:दोस्त को कहा था- मौत मंजूर, चुप नहीं रहूंगी; पढ़िए बहन के 5 अहम खुलासे पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और नर्स नैन्सी ग्रेवाल के मर्डर को लेकर बहन अलीशा ने कई खुलासे किए हैं। बहन ने बताया कि नैन्सी को जान का खतरा था। उसने बकायादा कनाडा पुलिस को कुछ लोगों के नाम दे रखे थे। नैन्सी ने पुलिस को कहा था कि अगर उसे कुछ हो जाए तो इन लोगों से पूछताछ की जाए। पूरी खबर पढ़ें…








