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Rajasthan Amit Shah Inauguration | Carlsen EWC Chess Title Winner News

Rajasthan Amit Shah Inauguration | Carlsen EWC Chess Title Winner News

Hindi News Career Rajasthan Amit Shah Inauguration | Carlsen EWC Chess Title Winner News 38 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. गृह मंत्री अमित शाह ने ₹6,262 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया 16 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के अलवर में ₹6,262 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन किया और नई परियोजनाओं की शुरुआत की। अमित शाह का ये कार्यक्रम केंद्र सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन का हिस्सा है। ये सहकारिता क्षेत्र और डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए है। इन परियोजनाओं में अमित शाह ने अलवर सरस डेयरी कॉम्प्लेक्स में नए डेयरी प्लांट की आधारशिला भी रखी। साथ ही दुग्ध संघों के डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट और पशु आहार संयंत्रों का ई-उद्घाटन किया गया। ये विकास कार्य राजस्थान के 17 जिलों से जुड़े हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना और किसानों की आय एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम के दौरान, शाह नए सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंकों के गठन की घोषणा की और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को फंड ट्रांसफर किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना और किसानों की आय एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। निधन (DEATH) 2. पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी सीएम आशीष बनर्जी का निधन 16 अगस्त को पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का निधन हो गया। वे 74 साल के थे। आशीष 5 रामपुरहाट सीट से 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। पिछली ममता सरकार में वे विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे। आशीष का निधन संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ। वे बीरभूम जिले के टीएमसी ऑफिस में उनका शव फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त की सुबह कार्यालय से एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें लिखा कि उन्होंने भ्रष्टाचार नहीं किया, उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। आशीष बनर्जी ममता बनर्जी के करीबी और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार बनने के बाद वे कई विभागों के मंत्री रहे। वे स्कूल शिक्षा और कृषि मंत्री भी रह चुके थे। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार गए। आशीष ने एक दिन पहले ही बीरभूम में अपने घर में तिरंगा फहराया था। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3, मैग्नस कार्लसन एस्पोर्ट्स वर्ल्ड कप जीता 15 अगस्त को नॉर्वे के वर्ल्ड नंबर-1 चेस प्लेयर मैग्नस कार्लसन ने लगातार दूसरी बार EWC एस्पोर्ट्स वर्ल्ड चेस कप 2026 का खिताब जीता। कार्लसन ने फाइनल में बेलारूस के ग्रैंडमास्टर डेनिस लाजाविक को 2-0 से हराया और फाइनल के दोनों सेट कार्लसन ने 3-1 के स्कोर से जीते। कार्लसन पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहे और एक भी मैच नहीं हारे। कार्लसन को खिताब जीतने पर 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर ($250,000) यानी, 2 करोड़ 40 लाख की प्राइज मनी मिली। इससे पहले कार्लसन ने 2025 में EWC चेस चैंपियनशिप में अलीरेजा फिरोजा को हराकर खिताब जीता था। EWC 2026 में चेस का आयोजन 11 से 15 अगस्त 2026 तक पेरिस में हुआ। चेस को EWC में दूसरी बार शामिल किया गया है। इसकी शुरुआत 2025 में रियाद, सऊदी अरब से हुई थी। कार्लसन 2004 में महज 13 साल की उम्र में अप्रैल में दुबई ओपन में ग्रैंड मास्टर (GM) का खिताब जीते थे। कार्लसन 15 फरवरी 2026 को FIDE फ्रीस्टाइल शतरंज विश्व चैंपियन बने। मिसलीनियस 4.अमृत उद्यान आम लोगों के लिए खुला 16 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में स्थित ‘अमृत उद्यान’ (पूर्व में मुगल गार्डन) आम लोगों के लिए एक बार फिर से खोल दिया गया है। अमृत उद्यान अपनी अनूठी और दुर्लभ फूलों की प्रजातियों और शानदार मुगल शैली की बागवानी कला के लिए प्रसिद्ध है। 14 अगस्त को उद्यान का उद्घाटन किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस उद्घाटन में हिस्सा लिया था। ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव-2026 के तहत ये उद्यान पूरे एक महीने यानी 15 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा। इस गार्डन में फ्लोरल क्लॉक यानी, फूलों से सजी एक भव्य और कलात्मक घड़ी भी इस बार लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। इस गार्डन में बाल वाटिका भी है, जिसमें 225 साल पुराना शीशम का पेड़ है और बच्चों के मनोरंजन और ज्ञानवर्धन के लिए विशेष रूप से इसे तैयार किया गया है। बाल वाटिका में एक ट्री-हाउस, नेचर्स क्लासरूम और राष्ट्रपति भवन परिसर का ऐतिहासिक 225 साल पुराना शीशम का पेड़ मौजूद है। ये गार्डन मुख्य इमारत के पास स्थित तीन प्रमुख हिस्सों रेक्टेंगुलर गार्डन (आयताकार उद्यान), लॉन्ग गार्डन और सर्कुलर गार्डन (गोलाकार उद्यान) में फैला हुआ है। मुगल गार्डन (अमृत उद्यान’) 1917 में ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था। मुगल गार्डन का काम 1928 से 1929 तक पूरा हुआ था। 28 जनवरी 2023 को मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान’ रखा गया। इस गार्डन बैबलिंग ब्रुक यानी सुंदर और घुमावदार पानी की धारा है, जिसमें कलात्मक झरने, आकर्षक स्टेपिंग स्टोन्स और एक रिफ्लेक्टिंग पूल बनाया गया है। 5. SpaceX ने कम समय में दो फाल्कन लॉन्च कर रिकॉर्ड बनाया 15 अगस्त को SpaceX ने दो अलग-अलग महत्वपूर्ण मिशनों के लिए अपने दो फाल्कन 9 (Falcon 9) रॉकेट लॉन्च किए इस ऐतिहासिक मिशन के तहत दोनों रॉकेटों को मात्र 38 मिनट के अंतर से लॉन्च किया गया। SpaceX ने इतने कम समय के अंतर में दो बड़े लॉन्च कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। पहला लॉन्च फ्लोरिडा के कैप कैनावर्ल स्पेस फोर्स स्टेशन से हुआ, जिसमें ग्लोबल स्टार 2-R मिशन के तहत 8 उपग्रह भेजे गए। इस लॉन्च के जरिए ‘ग्लोबलस्टार’ सैटेलाइट को को उसकी कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है। दूसरा लॉन्च कैलिफोर्निया के स्पेस फोर्स बेस से हुआ, जो यूएस स्पेस फोर्स USSF-36 मिशन के लिए था। यह SpaceX के लिए दो ऑर्बिटल मिशन के बीच सबसे कम अंतराल का नया रिकॉर्ड है। 31 अगस्त 2024 में SpaceX ने दो Falcon 9 लॉन्च के बीच लगभग 65 मिनट का अंतर रखा था। नया रिकॉर्ड पुराने रिकॉर्ड से करीब 27 मिनट कम है। SpaceX SpaceX की स्थापना

Praggnanandhaa Wins Norway Chess 2026

Praggnanandhaa Wins Norway Chess 2026

ओस्लो1 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रज्ञानानंदा ने जीत के बाद विन्सेंट कीमर से हाथ मिलाया। भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने इतिहास रचते हुए नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीत लिया है। 20 साल के प्रज्ञानानंदा इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल राउंड में उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। टूर्नामेंट के आखिरी दिन प्रज्ञानानंदा 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे। उन्होंने क्लासिकल मुकाबला जीतकर 3 अंक हासिल किए और कुल 18 अंकों के साथ खिताब अपने नाम कर लिया। आखिरी राउंड में पलटी बाजी, वेस्ली टाईब्रेकर जीतने के बावजूद हारे टूर्नामेंट के आखिरी राउंड में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो 15.5 अंकों के साथ टॉप पर थे। लेकिन उनका मुकाबला ड्रॉ रहा और फैसला आर्मागेडन टाईब्रेकर में गया। इससे प्रज्ञानानंदा के लिए खिताब जीतने का रास्ता खुल गया। वेस्ली सो ने टाईब्रेकर तो जीत लिया, लेकिन उन्हें केवल 1.5 अंक मिले। इस तरह उनके कुल 17 अंक हुए, जो प्रज्ञानानंदा से एक कम थे। फ्रांस के अलीरजा फिरोजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। आखिरी दौर में मैग्नस कार्लसन ने गुकेश को हराया, लेकिन वह भी खिताब नहीं जीत सके। कार्लसन 13 अंकों के साथ 5वें स्थान पर रहे। प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार हराया इस टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में प्रज्ञानानंदा का प्रदर्शन साधारण रहा, लेकिन बाद के मुकाबलों में उन्होंने शानदार वापसी की। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक वर्ल्ड नंबर-1 और सात बार के नॉर्वे चेस चैंपियन मैग्नस कार्लसन को दो बार क्लासिकल मुकाबलों में हराना रहा। नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा ने मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। आनंद और गुकेश भी नहीं जीत सके थे नॉर्वे चेस खिताब प्रज्ञानानंदा ने वह कर दिखाया जो भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद भी नहीं कर पाए थे। मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश भी अब तक यह टूर्नामेंट नहीं जीत सके हैं। 2013 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट में पहली बार किसी भारतीय ने खिताब जीता है। प्रज्ञानानंदा दूसरी बार नॉर्वे चेस में खेल रहे थे। गुकेश 8 अंकों के साथ छठे (आखरी) स्थान पर रहे। क्या है नॉर्वे चेस का अर्मागेडन फॉर्मेट? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट हर साल होने वाले दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और रोमांचक चेस टूर्नामेंट्स में से एक है। इस साल यह टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून 2026 तक पहली बार नॉर्वे की राजधानी, ओस्लो में आयोजित किया गया था। इसमें ओपन और महिला कैटेगरी, दोनों में केवल 6-6 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जो आपस में दो-दो बार भिड़े। अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है तो फैसला सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत ने पाकिस्तान को अंडर-18 हॉकी एशिया कप में हराया: आखिरी 15 मिनट में 3 गोल कर सेमीफाइनल जीता भारतीय अंडर-18 मेंस हॉकी टीम ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने एशिया कप के फाइनल में जगह बना ली है। फाइनल में भारत का सामना शनिवार को जापान से होगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Praggnanandhaa Wins Norway Chess 2026

Praggnanandhaa Wins Norway Chess 2026

ओस्लो1 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रज्ञानानंदा ने जीत के बाद विन्सेंट कीमर से हाथ मिलाया। भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने इतिहास रचते हुए नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीत लिया है। 20 साल के प्रज्ञानानंदा इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल राउंड में उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। टूर्नामेंट के आखिरी दिन प्रज्ञानानंदा 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे। उन्होंने क्लासिकल मुकाबला जीतकर 3 अंक हासिल किए और कुल 18 अंकों के साथ खिताब अपने नाम कर लिया। आखिरी राउंड में पलटी बाजी, वेस्ली टाईब्रेकर जीतने के बावजूद हारे टूर्नामेंट के आखिरी राउंड में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो 15.5 अंकों के साथ टॉप पर थे। लेकिन उनका मुकाबला ड्रॉ रहा और फैसला आर्मागेडन टाईब्रेकर में गया। इससे प्रज्ञानानंदा के लिए खिताब जीतने का रास्ता खुल गया। वेस्ली सो ने टाईब्रेकर तो जीत लिया, लेकिन उन्हें केवल 1.5 अंक मिले। इस तरह उनके कुल 17 अंक हुए, जो प्रज्ञानानंदा से एक कम थे। फ्रांस के अलीरजा फिरोजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। आखिरी दौर में मैग्नस कार्लसन ने गुकेश को हराया, लेकिन वह भी खिताब नहीं जीत सके। कार्लसन 13 अंकों के साथ 5वें स्थान पर रहे। प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार हराया इस टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में प्रज्ञानानंदा का प्रदर्शन साधारण रहा, लेकिन बाद के मुकाबलों में उन्होंने शानदार वापसी की। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक वर्ल्ड नंबर-1 और सात बार के नॉर्वे चेस चैंपियन मैग्नस कार्लसन को दो बार क्लासिकल मुकाबलों में हराना रहा। नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा ने मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। आनंद और गुकेश भी नहीं जीत सके थे नॉर्वे चेस खिताब प्रज्ञानानंदा ने वह कर दिखाया जो भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद भी नहीं कर पाए थे। मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश भी अब तक यह टूर्नामेंट नहीं जीत सके हैं। 2013 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट में पहली बार किसी भारतीय ने खिताब जीता है। प्रज्ञानानंदा दूसरी बार नॉर्वे चेस में खेल रहे थे। गुकेश 8 अंकों के साथ छठे (आखरी) स्थान पर रहे। क्या है नॉर्वे चेस का अर्मागेडन फॉर्मेट? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट हर साल होने वाले दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और रोमांचक चेस टूर्नामेंट्स में से एक है। इस साल यह टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून 2026 तक पहली बार नॉर्वे की राजधानी, ओस्लो में आयोजित किया गया था। इसमें ओपन और महिला कैटेगरी, दोनों में केवल 6-6 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जो आपस में दो-दो बार भिड़े। अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है तो फैसला सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत ने पाकिस्तान को अंडर-18 हॉकी एशिया कप में हराया: आखिरी 15 मिनट में 3 गोल कर सेमीफाइनल जीता भारतीय अंडर-18 मेंस हॉकी टीम ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने एशिया कप के फाइनल में जगह बना ली है। फाइनल में भारत का सामना शनिवार को जापान से होगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls

Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls

Hindi News Sports Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls स्पोर्ट्स डेस्क3 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत की उभरती चेस खिलाड़ी मायशा परवेज ने कॉमनवेल्थ यूथ रैपिड चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है। 14 साल की मायशा ने अंडर-14 गर्ल्स कैटेगरी के रैपिड चेस में पहला स्थान हासिल किया। यह चैंपियनशिप 17 मई से 25 मई तक श्रीलंका के कालूतरा में खेले गई। युवा स्टार मायशा ने 9 राउंड में 7.5 अंक हासिल किए। मायशा पहले नेशनल लेवल पर मेडल जीतकर अपने परिजान का नाम रोशन करती रही हैं। पहला राउंड गंवाया था, फिर दमदार वापसी की मायशा पहले राउंड में मेजबान देश की येसांदी विक्रमराचि से हार गईं। वे राउंड-1 के बाद 17वें स्थान पर थीं। यहां से मायशा ने लगातार 5 जीत हासिल करके दमदार वापसी की। वे छठे राउंड के बाद की टेबल में दूसरे स्थान पर आ गई थीं। यहां उनके पास 5 अंक थे। ऐसे चला मायशा की जीत का सिलसिला मायशा ने दूसरे राउंड में श्रीलंका की विश्व विमुक्ति को हराया और पॉइंट्स टेबल में 6 अंक पायदान की बढ़त के साथ 11वें स्थान पर आ गईं। मायशा ने तीसरे राउंड में उदाणी साविनद्या, चौथे राउंड में सनुली यहांसा परेरा, 5वें राउंड में सेनुधी अहस्या जयसिंघे और छठे में दिव्याश्री कोल्लीपारा को मात दी। WFM सेथुमली को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया AFM मायशा ने 7वें राउंड में श्रीलंका की विमेन फीडे मास्टर सेथुमली देवहारा पल्लियागे को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया और अंक साझा किया। फिर 8वें राउंड में केजी देवली अबिनादी चानसेया और AFM विनुदी दाहम्सा मड्डुमा पाता बेंडी को हराया। ———————————————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls

Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls

Hindi News Sports Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत की उभरती चेस खिलाड़ी मायशा परवेज ने कॉमनवेल्थ यूथ रैपिड चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है। 14 साल की मायशा ने अंडर-14 गर्ल्स कैटेगरी के रैपिड चेस में पहला स्थान हासिल किया। यह चैंपियनशिप 17 मई से 25 मई तक श्रीलंका के कालूतरा में खेले गई। युवा स्टार मायशा ने 9 राउंड में 7.5 अंक हासिल किए। मायशा पहले नेशनल लेवल पर मेडल जीतकर अपने परिजान का नाम रोशन करती रही हैं। पहला राउंड गंवाया था, फिर दमदार वापसी की मायशा पहले राउंड में मेजबान देश की येसांदी विक्रमराचि से हार गईं। वे राउंड-1 के बाद 17वें स्थान पर थीं। यहां से मायशा ने लगातार 5 जीत हासिल करके दमदार वापसी की। वे छठे राउंड के बाद की टेबल में दूसरे स्थान पर आ गई थीं। यहां उनके पास 5 अंक थे। मायशा ने दूसरे राउंड में श्रीलंका की विश्व विमुक्ति को हराया और पॉइंट्स टेबल में 6 अंक पायदान की बढ़त के साथ 11वें स्थान पर आ गईं। मायशा ने तीसरे राउंड में उदाणी साविनद्या, चौथे राउंड में सनुली यहांसा परेरा, 5वें राउंड में सेनुधी अहस्या जयसिंघे और छठे में दिव्याश्री कोल्लीपारा को मात दी। WFM सेथुमली को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया AFM मायशा ने 7वें राउंड में श्रीलंका की विमेन फीडे मास्टर सेथुमली देवहारा पल्लियागे को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया और अंक साझा किया। फिर 8वें राउंड में केजी देवली अबिनादी चानसेया और AFM विनुदी दाहम्सा मड्डुमा पाता बेंडी को हराया। ———————————————- चेस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश नॉर्वे चेस के दूसरे दौर में हारे, अमेरिका के वेस्ली ने हराया नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gukesh Loses Norway Chess; Wesley So Claims Victory

Gukesh Loses Norway Chess; Wesley So Claims Victory

स्पोर्ट्स डेस्क5 मिनट पहले कॉपी लिंक नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। राउंड-2 के बाद अलीरेजा फिरोजा 6 अंक के साथ ओपन कैटेगरी के टॉप पर हैं, जबकि गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंक के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर हैं। महिला वर्ग में बिबिसारा असाउबायेवा 4.5 अंक के साथ पहले स्थान पर हैं। गुकेश बढ़त के बावजूद हारे डी गुकेश ने अमेरिका के वेस्ली सो के खिलाफ क्लासिकल मुकाबले में लंबे समय तक दबाव बनाए रखा। 116 चालों तक चले मुकाबले में वे जीत के करीब दिखे, लेकिन मुकाबला ड्रॉ हो गया। इसके बाद निर्णायक गेम में वेस्ली सो ने उन्हें हरा दिया। मैच के बाद वेस्ली सो ने कहा कि गुकेश का गेम उनकी रैंकिंग जैसा नहीं दिखा। गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। प्रज्ञानानंदा को फिरोजा ने हराया दूसरी ओर आर प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने हराया। शुरुआत में प्रज्ञानानंदा बेहतर स्थिति में थे, लेकिन फिरोजा ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। लगातार दूसरी जीत के साथ फिरोजा अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने मात दी। फिरोजा टॉप पर हैं। कीमर ने कार्लसन को कड़ी टक्कर दी डिफेंडिंग चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी जर्मनी के विंसेंट कीमर ने कड़ी टक्कर दी। क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद कार्लसन ने आर्मगेडन में जीत हासिल की। विंसेंट कीमर ने कार्लसन को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, कार्लसन ने आर्मगेडन मैच में जीत हासिल की। दिव्या देशमुख ने हम्पी को मात दी महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने अनुभवी कोनेरू हम्पी को आर्मगेडन में हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। दिव्या ने कहा कि उन्हें नॉर्वे चेस के आर्मगेडन मुकाबले और कन्फेशन रूम का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कन्फेशन रूम में खिलाड़ी मैच के दौरान अपने विचार दर्शकों के साथ साझा करते हैं। ——————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रेंच ओपन- कार एक्सीडेंट के बावजूद जीतीं कोको गॉफ फ्रेंच ओपन में खिताब बचाने उतरीं अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ मंगलवार को एक छोटे कार हादसे का शिकार हो गईं। हालांकि, उन्हें चोट नहीं आई और वे मैच जीतकर दूसरे दौर में पहुंच गईं। 22 साल की गॉफ ने बताया कि रोलां गैरों पहुंचने के दौरान उनकी कार पोल से टकरा गई और क्षतिग्रस्त हो गई। उन्हें टैक्सी से स्टेडियम पहुंचना पड़ा। गाफ ने अपने ही देश की टेलर टाउनसेंड को 6-4, 6-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gukesh Loses Norway Chess; Wesley So Claims Victory

Gukesh Loses Norway Chess; Wesley So Claims Victory

स्पोर्ट्स डेस्क22 मिनट पहले कॉपी लिंक नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। राउंड-2 के बाद अलीरेजा फिरोजा 6 अंक के साथ ओपन कैटेगरी के टॉप पर हैं, जबकि गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंक के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर हैं। महिला वर्ग में बिबिसारा असाउबायेवा 4.5 अंक के साथ पहले स्थान पर हैं। गुकेश बढ़त के बावजूद हारे डी गुकेश ने अमेरिका के वेस्ली सो के खिलाफ क्लासिकल मुकाबले में लंबे समय तक दबाव बनाए रखा। 116 चालों तक चले मुकाबले में वे जीत के करीब दिखे, लेकिन मुकाबला ड्रॉ हो गया। इसके बाद निर्णायक गेम में वेस्ली सो ने उन्हें हरा दिया। मैच के बाद वेस्ली सो ने कहा कि गुकेश का गेम उनकी रैंकिंग जैसा नहीं दिखा। गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। प्रज्ञानानंदा को फिरोजा ने हराया दूसरी ओर आर प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने हराया। शुरुआत में प्रज्ञानानंदा बेहतर स्थिति में थे, लेकिन फिरोजा ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। लगातार दूसरी जीत के साथ फिरोजा अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने मात दी। फिरोजा टॉप पर हैं। कीमर ने कार्लसन को कड़ी टक्कर दी डिफेंडिंग चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी जर्मनी के विंसेंट कीमर ने कड़ी टक्कर दी। क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद कार्लसन ने आर्मगेडन में जीत हासिल की। विंसेंट कीमर ने कार्लसन को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, कार्लसन ने आर्मगेडन मैच में जीत हासिल की। दिव्या देशमुख ने हम्पी को मात दी महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने अनुभवी कोनेरू हम्पी को आर्मगेडन में हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। दिव्या ने कहा कि उन्हें नॉर्वे चेस के आर्मगेडन मुकाबले और कन्फेशन रूम का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कन्फेशन रूम में खिलाड़ी मैच के दौरान अपने विचार दर्शकों के साथ साझा करते हैं। ——————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रेंच ओपन- कार एक्सीडेंट के बावजूद जीतीं कोको गॉफ फ्रेंच ओपन में खिताब बचाने उतरीं अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ मंगलवार को एक छोटे कार हादसे का शिकार हो गईं। हालांकि, उन्हें चोट नहीं आई और वे मैच जीतकर दूसरे दौर में पहुंच गईं। 22 साल की गॉफ ने बताया कि रोलां गैरों पहुंचने के दौरान उनकी कार पोल से टकरा गई और क्षतिग्रस्त हो गई। उन्हें टैक्सी से स्टेडियम पहुंचना पड़ा। गाफ ने अपने ही देश की टेलर टाउनसेंड को 6-4, 6-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Super Chess Classic Longest Match

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Hindi News Sports Super Chess Classic Longest Match | Praggnanandhaa Vs Lagrave; 5 Contenders For Title बुखारेस्ट (रोमानिया)45 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रागननंदा और फ्रांस के मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव के बीच शनिवार को सुपर चेस क्लासिक में 6 घंटे तक मैराथन मुकाबला खेला गया। यह मैच 139 बाजियों तक चला। प्रज्ञानंदा को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। बुखारेस्ट में 8वें राउंड में प्रागननंदा के पास जीत के अच्छे मौके थे, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके। टूर्नामेंट के आखिरी राउंड से पहले खिताब की रेस रोमांचक हो गई है। अब 5 खिलाड़ी मजबूत दावेदार हैं। डच खिलाड़ियों के लिए खराब दिन, वेस्ले सो को वॉकओवर मिला टॉप पर चल रहे अमेरिका के फैबियानो कारूआना और जर्मनी के विंसेंट कीमर का मुकाबला ड्रॉ रहा। दूसरी ओर उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने नीदरलैंड के जॉर्डन वान फॉरेस्ट पर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। नीदरलैंड के दोनों खिलाड़ियों के लिए दिन खराब रहा। फॉरेस्ट को सिंदारोव से हार मिली, जबकि अनीश गिरी को सबसे कम रैंकिंग वाले रोमानियाई खिलाड़ी डेक बोग्दान-डेनियल ने हराया। अमेरिका के वेस्ले सो को अलीरेजा फिरोजा के हटने से वॉकओवर मिला। विजेता को मिलेंगे 1,00,000 अमेरिकी डॉलर टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 3,75,000 अमेरिकी डॉलर (USD) है। विजेता को 1,00,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। शीर्ष खिलाड़ियों के बीच टाई होने पर विजेता तय करने के लिए कम समय के टाईब्रेक मैच खेले जाएंगे। ———————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रेसलर विनेश मामले में WFI को हाईकोर्ट की फटकार दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Super Chess Classic Longest Match

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Hindi News Sports Super Chess Classic Longest Match | Praggnanandhaa Vs Lagrave; 5 Contenders For Title बुखारेस्ट (रोमानिया)3 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रागननंदा और फ्रांस के मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव के बीच शनिवार को सुपर चेस क्लासिक में 6 घंटे तक मैराथन मुकाबला खेला गया। यह मैच 139 बाजियों तक चला। प्रज्ञानंदा को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। बुखारेस्ट में 8वें राउंड में प्रागननंदा के पास जीत के अच्छे मौके थे, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके। टूर्नामेंट के आखिरी राउंड से पहले खिताब की रेस रोमांचक हो गई है। अब 5 खिलाड़ी मजबूत दावेदार हैं। आखिरी में दोनों प्लेयर्स के पास केवल किंग ही बचे थे। डच खिलाड़ियों के लिए खराब दिन, वेस्ले सो को वॉकओवर मिला टॉप पर चल रहे अमेरिका के फैबियानो कारूआना और जर्मनी के विंसेंट कीमर का मुकाबला ड्रॉ रहा। दूसरी ओर उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने नीदरलैंड के जॉर्डन वान फॉरेस्ट पर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। नीदरलैंड के दोनों खिलाड़ियों के लिए दिन खराब रहा। फॉरेस्ट को सिंदारोव से हार मिली, जबकि अनीश गिरी को सबसे कम रैंकिंग वाले रोमानियाई खिलाड़ी डेक बोग्दान-डेनियल ने हराया। अमेरिका के वेस्ले सो को अलीरेजा फिरोजा के हटने से वॉकओवर मिला। विजेता को मिलेंगे 1,00,000 अमेरिकी डॉलर टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 3,75,000 अमेरिकी डॉलर (USD) है। विजेता को 1,00,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। शीर्ष खिलाड़ियों के बीच टाई होने पर विजेता तय करने के लिए कम समय के टाईब्रेक मैच खेले जाएंगे। ———————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रेसलर विनेश मामले में WFI को हाईकोर्ट की फटकार दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Vaishali First Indian Woman Chess Candidates Winner

Vaishali First Indian Woman Chess Candidates Winner

Hindi News Sports Vaishali First Indian Woman Chess Candidates Winner | Faces Ju Wenjun 7 मिनट पहले कॉपी लिंक रमेशबाबू 10 साल में वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली गैर-चीनी खिलाड़ी हैं। भारत की 24 साल की शतरंज खिलाड़ी वैशाली रमेशबाबू ने 15 अप्रैल को साइप्रस के कैप सेंट जॉर्ज होटल एंड रिसॉर्ट में खेले गए फाइनल राउंड में शानदार जीत दर्ज की और FIDE वीमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। अब वे वर्ल्ड चैंपियनशिप में चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन को चुनौती देंगी। वैशाली ने फाइनल राउंड में सफेद मोहरों से खेलते हुए रूस की अनुभवी खिलाड़ी कैटरिना लग्नो को हराया। ओपनिंग से ही बनाई मजबूत पकड़ रूस की कैटरिना लग्नो ने मुकाबले की शुरुआत में सिसिलियन डिफेंस की ड्रैगन वेरिएशन अपनाई। यानी उन्होंने अपने किंग को सुरक्षित रखते हुए काले मोहरों को इस तरह जमाया कि उनका ऊँट (बिशप) कोने से लंबी दूरी तक असर डाल सके। इसके जवाब में वैशाली रमेश बाबू ने यूगोस्लाव अटैक खेला। मतलब, उन्होंने शुरुआत से ही सफेद मोहरों से किंग साइड पर तेज हमला करने की रणनीति अपनाई और खेल पर पकड़ बना ली। करीब 16वीं चाल तक वैशाली के पास साफ बढ़त थी। इसके बाद उन्होंने बिना जल्दबाज़ी किए अपनी स्थिति को और मजबूत किया और धीरे-धीरे उसे जीत में बदल दिया। इस दौरान उन्होंने रूसी खिलाड़ी की गलतियों का भी पूरा फायदा उठाया। 48वीं चाल पर लग्नो ने हार मान ली। उस समय वैशाली के पास क्वीन और दो हाथी (रूक) थे, जबकि लग्नो के पास सिर्फ क्वीन और ऊँट ही बचा था। यह स्थिति साफ तौर पर वैशाली के पक्ष में थी, इसलिए जीत तय हो गई। दूसरे मैच के ड्रॉ से मिला फायदा आखिरी राउंड शुरू होने से पहले वैशाली रमेशबाबू और कजाकिस्तान की बिबिसारा असौबायेवा 7.5 अंको के साथ बराबरी पर थीं। आखिरी मुकाबले में कजाकिस्तानी खिलाड़ी को भारत की दिव्या देशमुख ने ड्रॉ पर रोक दिया। इसका फायदा वैशाली को मिला, जिससे उन्हें बढ़त हासिल हुई और वे चैंपियन बन गईं। धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी वैशाली टूर्नामेंट में सबसे कम रेटिंग वाली खिलाड़ी थीं। पहले चार मुकाबले ड्रॉ रहे और पांचवें में हार मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर खेल दिखाते हुए वापसी की और खिताब जीत लिया। 10 साल बाद कोई गैर चीनी खिलाड़ी फाइनल में साल 2016 से विमेंस वर्ल्ड चैंपियनशिप पूरी तरह से चीनी खिलाड़ियों के कब्जे में रही है। वैशाली पिछले एक दशक में पहली ऐसी खिलाड़ी हैं जो चीन के इस दबदबे को चुनौती देंगी। खेल विशेषज्ञ अब वैशाली की तुलना गुकेश से कर रहे हैं, जिन्होंने 2024 में चीन के ही डिंग लिरेन को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी। उम्मीद जताई जा रही है कि 2026 में वैशाली भी जू वेनजुन को हराकर वही कारनामा दोहराएंगी। गुकेश ने जीता था पिछला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट पिछली बार भारत के डी गुकेश ने इसे जीतकर चीन के डिंग लिरेन को चुनौती दी थी। तब गुकेश कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बने थे। 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने 1995 में पहली बार कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता था। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट क्या है और क्यों अहम कैंडिडेट्स टूर्नामेंट शतरंज की दुनिया का सबसे अहम इवेंट माना जाता है, क्योंकि यही तय करता है कि वर्ल्ड चैंपियन को अगला चैलेंजर कौन होगा। इसे वर्ल्ड चैंपियनशिप का सेमीफाइनल भी कहा जाता है। विजेता को सीधे वर्ल्ड चैंपियन से खेलने का मौका मिलता है। यह शतरंज का सबसे बड़ा क्वालिफाइंग टूर्नामेंट है। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट हर दो साल में होता है और विजेता वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है। ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला भारत के डी गुकेश से, जबकि विमेंस कैटेगरी की विजेता चीन की जू वेनजुन से होगा। कैसे होता है टूर्नामेंट? इसमें दुनिया के टॉप 8 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। सभी खिलाड़ी एक-दूसरे से 2 बार (राउंड-रॉबिन फॉर्मेट) खेलते हैं। कुल 14 राउंड होते हैं। हर जीत पर 1 अंक, ड्रॉ पर 0.5 अंक मिलता है। सबसे ज्यादा पॉइंट्स वाला खिलाड़ी विजेता बनता है।———————————————-स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…मार्श का 102 मीटर लंबा सिक्स:पंत रिटायर हर्ट हुए, कोहली 49 पर आउट, जितेश के सिक्स पर बॉल बॉय का कैच; मोमेंट्स रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 23वें मैच में लखनऊ सुपर जाएंट्स को 5 विकेट से हराया। चिन्नास्वामी स्टेडियम में मिचेल मार्श ने 102 मीटर लंबा सिक्स लगाया। लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत चोटिल होकर रिटायर हर्ट हुए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…