Nashik Adivasi Student Protest Vs Maharashtra Politics; Congress BJP

Hindi News Career Nashik Adivasi Student Protest Vs Maharashtra Politics; Congress BJP | Tribal Dept Corruption 1 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र के नासिक में आदिवासी विकास विभाग में भ्रष्ट, अव्यवस्थित कामकाज, आश्रमशालाओं और छात्रावासों में छात्रों की लगातार हो रही मौतों को नजरंदाज करने वाली सरकार के विरोध में मंगलवार को राज्य भर के आदिवासी छात्रों ने आंदोलन किया। मंत्री अशोक उइके के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर हजारों छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय और आदिवासी विकास भवन तक मार्च निकाला। मांगें पूरी होने तक पीछे न हटने का संकल्प लेते हुए उन्होंने सरकार की चुप्पी का विरोध किया। 2 साल में 584 छात्रों की मौत हुई है राज्य की आश्रमशालाओं में दो वर्षों के भीतर विभिन्न कारणों से लगभग 584 छात्रों की मृत्यु हुई है। छात्रों ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके इस्तीफा की मांग की। इस मांग के साथ-साथ अन्य विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने 18 अगस्त से नासिक के हुतात्मा अनंत कान्हेरे मैदान में आंदोलन शुरू किया है। आमरण अनशन कर रहे तीन छात्रों का स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। आंदोलन के दौरान छात्रों ने दो बार आदिवासी विकास भवन तक मोर्चा निकाला, फिर भी सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदा किया। इसी वजह से मंगलवार को ‘सकल आदिवासी विद्यार्थी कृति समिति’ की ओर से विशाल ‘उलगुलान मोर्चा’ निकाला गया। कांग्रेस नेताओं ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, नेता विजय वडेट्टीवार, डॉ. विक्रांत भूरिया और वसंत पुरके समेत कई बड़े नेताओं ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की मांगें सुनीं और उनका पूरा साथ देने का वादा किया। 10 दिन से ज्यादा समय से भूख हड़ताल पर छात्र इस बीच, छात्रों की भूख हड़ताल पिछले 10 दिनों से ज्यादा समय से जारी है। कई छात्रों की सेहत बिगड़ने की खबर है, कुछ का जिला सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है, तो कुछ स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें.. बच्चे स्कूल के बाहर तिरपाल के नीचे पढ़ रहे:शिक्षक बोले- स्कूल कभी भी गिर सकता है, छत से पानी भी टपक रहा; वीडियो वायरल मप्र के मंडला के एक स्कूल का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे, स्कूल के जर्जर भवन के बाहर तिरपाल (पॉलिथीन की छत) लगाकर पढ़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gujarat University VC Office Protest

Hindi News Career Gujarat University VC Office Protest | Corruption Controversy Video 4 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और कांग्रेस नेता ने गुजरात यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति के खिलाफ 40 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसे लेकर 25 अगस्त 2026 को NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुजरात यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति नीरजा गुप्ता पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप का था। इसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने 100, 200 और 500 रुपए के नकली नोट वीसी ऑफिस में उछाले। वीडियो में ऑफिस और टेबल पर नकली नोट बिखरे नजर आए। आरोपों के मुताबिक मामला प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत गुजरात यूनिवर्सिटी को मिली करीब 40 करोड़ की ग्रांट से जुड़ा है। लाखों का घपला करने का आरोप NSUI का आरोप है कि 40 करोड़ की ग्रांट में से करीब 9.84 लाख की राशि पूर्व VC के बेटे के विदेश स्थित बैंक खाते में ट्रांसफर की गई। उन्होंने खुद को प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर बनाकर अपनी सैलरी के अलावा अलग से हर माह 4.20 लाख रुपए सिंडिकेट की मंजूरी के बगैर ही सैलरी के तौर पर वसूले। NSUI और कांग्रेस ने दी चेतावनी NSUI और कांग्रेस ने कहा है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी जाती है तो आने वाले दिनों में इंचार्ज कुलपति के यूनिवर्सिटीज में प्रवेशबंदी की जाएगी। इसके साथ ही जंतर – मंतर से बड़ा आंदोलन किया जा सकता है। नीरजा को है कई भाषाओं का ज्ञान नीरजा गुप्ता की 2023 में नियुक्ति इसलिए भी खास मानी गई थी क्योंकि गुजरात यूनिवर्सिटी के 70 से ज्यादा वर्षों के इतिहास में वह पहली महिला कुलपति थीं। नीरजा की प्रोफाइल के अनुसार उन्हें हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, असमिया, उर्दू, ओड़िया, पाली और प्राकृत सहित कई भारतीय भाषाओं और रूसी व ग्रीक का नॉलेज है। ये खबर भी पढ़ें… बिहार में 32,388 टीचर्स की भर्ती निकली: राजस्थान में 24,752 वैकेंसी, देशभर में निकलीं 63 हजार नौकरियां; देखें हफ्ते की टॉप जॉब्स इस हफ्ते निकली हैं बिहार लोक सेवा आयोग और राजस्थान अर्बन डेवलपमेंट सहित कई विभागों में 63,525 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 6 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 6 ग्राफिक्स के जरिए जानिए। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Kangana Ranaut vs Rahul Gandhi

6 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति सेनन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ का मैसेज लिखा था। इसके जवाब में कंगना ने बीजेपी के इंस्टाग्राम हैंडल का एक इलस्ट्रेटेड (कार्टून) पोस्ट री-शेयर किया। इसमें कंगना ने लिखा, “ब्रो, वेट। भारत माता की जय। शुरू करते हैं।” इस पोस्ट के जरिए बीजेपी ने ट्रिपल तलाक, शाह बानो केस, महिला आरक्षण और कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी को लेकर कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाए हैं। एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एड पर लगातार विवाद जारी है। राहुल बोले- महिला क्या पहनती है, यह उसकी पसंद दरअसल, ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट में कृति सेनन के कपड़ों को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद में राहुल गांधी ने मंगलवार को कृति सेनन के बयान को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर री-शेयर किया। राहुल गांधी ने लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। बीजेपी के कार्टून पोस्ट से कंगना ने कसा तंज राहुल गांधी के इस बयान के बाद कंगना रनौत ने बीजेपी का एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में इलस्ट्रेशन (चित्रों) के जरिए राहुल गांधी के ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ वाले नारे का जवाब दिया गया है। इलस्ट्रेशन में एक महिला राहुल गांधी से पूछती है कि ट्रिपल तलाक पर आपकी पार्टी ने क्या किया? जिस पर राहुल का कैरेक्टर कहता है कि वह तो वोट बैंक पॉलिटिक्स थी। इसके बाद महिला आरक्षण बिल, शाह बानो केस और कर्नाटक कैबिनेट का जिक्र होता है। पोस्ट में सवाल उठाया गया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के 33 मंत्रियों में एक भी महिला मंत्री क्यों नहीं है। कंगना ने कृति के कपड़ों पर भी उठाया था सवाल कंगना रनौत ने इससे पहले भी कृति सेनन के रक्षाबंधन वाले एड पर सवाल उठाए थे। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था कि आज महिलाओं के पास पहनने के लिए हर तरह के कपड़े मौजूद हैं, फिर रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार पर भाई को राखी बांधते समय ऐसे कपड़े चुनने की क्या वजह थी। कंगना ने एड को अजीब बताया था। इसके जवाब में कृति सेनन ने कहा था कि किसी भी महिला की अपनी संस्कृति के प्रति निष्ठा को उसके कपड़ों की नेकलाइन से नहीं नापा जाना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। एड में कृति सेनन इंडो-वेस्टर्न आउटफिट में नजर आई थीं और वे अपने भाई के साथ-साथ अपने पेट डॉग को भी राखी बांध रही थीं। सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। पूरी खबर पढ़ें ये खबर भी पढ़ें ‘भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?’:कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Kangana Ranaut vs Rahul Gandhi

22 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति सेनन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ का मैसेज लिखा था। इसके जवाब में कंगना ने बीजेपी के इंस्टाग्राम हैंडल का एक इलस्ट्रेटेड (कार्टून) पोस्ट री-शेयर किया। इसमें कंगना ने लिखा, “ब्रो, वेट। भारत माता की जय। शुरू करते हैं।” इस पोस्ट के जरिए बीजेपी ने ट्रिपल तलाक, शाह बानो केस, महिला आरक्षण और कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी को लेकर कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाए हैं। एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एड पर लगातार विवाद जारी है। राहुल बोले- महिला क्या पहनती है, यह उसकी पसंद दरअसल, ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट में कृति सेनन के कपड़ों को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद में राहुल गांधी ने मंगलवार को कृति सेनन के बयान को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर री-शेयर किया। राहुल गांधी ने लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। बीजेपी के कार्टून पोस्ट से कंगना ने कसा तंज राहुल गांधी के इस बयान के बाद कंगना रनौत ने बीजेपी का एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में इलस्ट्रेशन (चित्रों) के जरिए राहुल गांधी के ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ वाले नारे का जवाब दिया गया है। इलस्ट्रेशन में एक महिला राहुल गांधी से पूछती है कि ट्रिपल तलाक पर आपकी पार्टी ने क्या किया? जिस पर राहुल का कैरेक्टर कहता है कि वह तो वोट बैंक पॉलिटिक्स थी। इसके बाद महिला आरक्षण बिल, शाह बानो केस और कर्नाटक कैबिनेट का जिक्र होता है। पोस्ट में सवाल उठाया गया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के 33 मंत्रियों में एक भी महिला मंत्री क्यों नहीं है। कंगना ने कृति के कपड़ों पर भी उठाया था सवाल कंगना रनौत ने इससे पहले भी कृति सेनन के रक्षाबंधन वाले एड पर सवाल उठाए थे। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था कि आज महिलाओं के पास पहनने के लिए हर तरह के कपड़े मौजूद हैं, फिर रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार पर भाई को राखी बांधते समय ऐसे कपड़े चुनने की क्या वजह थी। कंगना ने एड को अजीब बताया था। इसके जवाब में कृति सेनन ने कहा था कि किसी भी महिला की अपनी संस्कृति के प्रति निष्ठा को उसके कपड़ों की नेकलाइन से नहीं नापा जाना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। एड में कृति सेनन इंडो-वेस्टर्न आउटफिट में नजर आई थीं और वे अपने भाई के साथ-साथ अपने पेट डॉग को भी राखी बांध रही थीं। सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। पूरी खबर पढ़ें ये खबर भी पढ़ें ‘भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?’:कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा घेरा हटाया गया

दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स और ट्रैफिक बोलार्ड्स हटा दिए हैं। इन बैरिकेड्स से पहले हाई कमीशन के आसपास बाहरी सुरक्षा घेरा बना हुआ था। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरियर और पार्किंग पोल हटा दिए थे। महाराष्ट्र के जलगांव में सड़क हादसा, बस-ट्रक की टक्कर में 4 की मौत महाराष्ट्र के जलगांव में पाचोरा-मालेगांव रोड पर MSRTC बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई। हादसा चालीसगांव क्षेत्र के दहिवाल गांव के पास हुआ। टक्कर के बाद दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। हादसे के कारणों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। आज की अन्य बड़ी खबरें… केन्या में हेलिकॉप्टर क्रैश, 7 की मौत; 5 अमेरिकी नागरिक और इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख भी मारे गए केन्या के सांबुरु काउंटी में बुधवार सुबह हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। इनमें 5 अमेरिकी नागरिक और इक्वाडोर की खुफिया एजेंसी के प्रमुख मिशेल सेंसी-कॉन्टुगी शामिल हैं। हेलिकॉप्टर माउंट ओलोलोक्वे के पास क्रैश हुआ था। यह लोइसाबा वाइल्डलाइफ कंजर्वेंसी से एवासो न्गिरो नदी की ओर जा रहा था। इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख मिशेल सेंसी-कॉन्टुगी के साथ उनकी पत्नी स्टेफनी सेंसी भी हादसे में मारी गईं। स्टेफनी फैशन डिजाइनर थीं। स्पेनिश टीवी नेटवर्क टेलीमुंडो के एग्जीक्यूटिव जोसे सुआरेज के भी मारे जाने की खबर है। हेलिकॉप्टर ऑपरेटर के मुताबिक, हादसे की वजह अभी पता नहीं चली है। केन्या रेड क्रॉस ने बताया कि हादसे वाली जगह पर आग और मुश्किल रास्ते के कारण राहत और शव निकालने के काम में परेशानी हुई। केन्या के परिवहन मंत्रालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। राहुल गांधी ने वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी को दी श्रद्धांजलि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री और अपने पिता राजीव गांधी की जयंती पर वीर भूमि पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा- मंदिरों में भेदभाव की कोई जगह नहीं, कांचीपुरम के मंदिर का मामला मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि भगवान की नजर में सभी जीव समान हैं और भगवान किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। कोर्ट ने साफ किया कि मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों में भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं है। कोर्ट ने भगवद् गीता के अध्याय 9 के श्लोक 29 का हवाला देते हुए कहा कि मैं सभी जीवों के प्रति समान भाव रखता हूं। न मैं किसी का पक्ष लेता हूं, न किसी से द्वेष करता हूं। जो भक्तिभाव से मेरी पूजा करते हैं, वे मुझमें हैं और मैं उनमें हूं। मामला कांचीपुरम के अरुलमिगु देवराज स्वामीगल मंदिर, खासकर श्री मनवाला मामुनिगल श्राइन से जुड़ा था। यहां के एक निवासी ने याचिका में आरोप लगाया था कि गैर-ब्राह्मण भक्तों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा कि मनवाला मामुनिगल श्राइन में दो प्रवेश द्वार हैं- एक मुख्य और दूसरा साइड एंट्री। आरोप था कि गैर-ब्राह्मण भक्तों को मुख्य प्रवेश से जाने नहीं दिया जाता, जो साफ भेदभाव है। पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को पुलिस की मंजूरी, 30 शर्तें पुणे पुलिस ने राहुल गांधी के 22 अगस्त को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। हालांकि, पुलिस ने इसके लिए 30 शर्तें तय की हैं। आयोजकों को आपत्तिजनक तस्वीरें या बैनर लगाने से रोकने के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। कार्यक्रम शहर के RTO चौक के पास SSPMS कॉलेज ग्राउंड में शाम 4:30 से रात 9:30 बजे तक होगा। पुलिस के मुताबिक, इसमें 8,000 से 10,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। मणिपुर में 3 दिन स्कूल-कॉलेज बंद, कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का फैसला मणिपुर सरकार ने राज्य में 20 से 22 अगस्त तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश दिया है। सरकार ने यह फैसला मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लिया है। इस दौरान बोर्ड से जुड़े सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी संस्थानों पर लागू होगा। दरअसल, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर JFD ग्रुप ने 48 घंटे की हड़ताल बुलाई है। बुधवार को हड़ताल के दूसरे दिन घाटी के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के पुतले जलाए और रैलियां निकालीं।
मानहानि मामले में राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष खेद व्यक्त किया | #शाम5 बजेसंक्षिप्त

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान की गई टिप्पणियों से जुड़े मानहानि मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष खेद व्यक्त किया है। इस मामले ने राजनीतिक भाषण, अभियान बयानबाजी, कानूनी जवाबदेही और चुनाव के दौरान आलोचना की सीमाओं पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया है। इस घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखी जा रही है क्योंकि राजनीतिक नेताओं से जुड़े मानहानि के मामले मुक्त भाषण, सार्वजनिक चर्चा, न्यायिक जांच और अभियान के बयानों में जिम्मेदारी के बारे में सवाल उठाते रहते हैं। n18oc_the5pmbrief n18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 25 जून, 2026, 17:43 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)अभियान टिप्पणी मामला(टी)कांग्रेस(टी)कांग्रेस नेता राहुल गांधी(टी)कोर्ट केस राहुल गांधी(टी)मानहानि मामला(टी)मानहानि कानून भारत(टी)चुनाव अभियान टिप्पणी(टी)चुनावी बयानबाजी(टी)भारत कानूनी समाचार(टी)न्यायिक जांच(टी)कानूनी जवाबदेही(टी)मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय(टी)एमपी एचसी(टी)राजनीतिक मानहानि मामला(टी)राजनीतिक भाषण(टी)राहुल गांधी(टी)राहुल गांधी अभियान भाषण(टी)राहुल गांधी मानहानि मामला(टी)राहुल गांधी ने खेद व्यक्त किया(टी)राहुल गांधी नवीनतम समाचार(टी)राहुल गांधी एमपी उच्च न्यायालय
योगी आदित्यनाथ ने सपा-कांग्रेस गठबंधन की आलोचना की, मुलायम सिंह यादव की विरासत का आह्वान किया | न्यूज18

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की विरासत का हवाला देते हुए कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी के गठबंधन की आलोचना की है। योगी की टिप्पणी में अखिलेश यादव पर निशाना साधा गया है और सवाल उठाया गया है कि क्या सपा-कांग्रेस गठबंधन मुलायम सिंह से जुड़े राजनीतिक मूल्यों और वैचारिक विरासत के अनुरूप है। इस बयान ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक लड़ाई को तेज कर दिया है, जिससे प्रमुख चुनावी मुकाबलों से पहले विपक्षी गठबंधन, भाजपा की अभियान रणनीति, विरासत की राजनीति, जाति समीकरण, राष्ट्रीय राजनीति और सपा-कांग्रेस संबंधों पर ध्यान केंद्रित हो गया है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 25 जून, 2026, 17:01 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)अखिलेश कांग्रेस गठबंधन(टी)अखिलेश यादव(टी)बीजेपी उत्तर प्रदेश(टी)बीजेपी बनाम एसपी कांग्रेस(टी)सीएम योगी(टी)कांग्रेस(टी)भारत गठबंधन(टी)विरासत राजनीति(टी)मुलायम विरासत(टी)मुलायम सिंह विचारधारा(टी)मुलायम सिंह यादव(टी)विपक्षी गठबंधन(टी)समाजवादी पार्टी(टी)समाजवादी पार्टी कांग्रेस गठबंधन(टी)सपा(टी)सपा-कांग्रेस गठबंधन(टी)यूपी राजनीति(टी)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री(टी)उत्तर प्रदेश की राजनीति(टी)योगी आदित्यनाथ(टी)योगी ने सपा कांग्रेस गठबंधन पर हमला किया(टी)योगी ने सपा कांग्रेस गठबंधन की आलोचना की(टी)योगी ने मुलायम की विरासत का जिक्र किया
कांग्रेस ने कर्नाटक की 7 एमएलसी सीटों में से 5 पर जीत हासिल की | क्रॉस वोटिंग सौदे से भाजपा, जद(एस) को झटका | राजनीति | न्यूज18

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आरएसएस के कार्यक्रम में तीन कुलपतियों के शामिल होने से केरल में राजनीतिक तूफान, मुख्यमंत्री ने की निंदा | #साफ बात
केरल में तीन कुलपतियों के आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसकी मुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं ने तीखी आलोचना की है। यह विवाद शैक्षणिक तटस्थता, संस्थागत स्वतंत्रता और विश्वविद्यालय स्थानों में राजनीतिक या वैचारिक संगठनों की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। यह बहस सांप्रदायिक समूहों के साथ कांग्रेस पार्टी के पिछले गठबंधनों पर भी सवाल उठा रही है, जिससे केरल के राजनीतिक टकराव में एक और परत जुड़ रही है। जैसे-जैसे विवाद गहराता जा रहा है, ध्यान इस बात पर बना हुआ है कि क्या विश्वविद्यालय के नेताओं को वैचारिक कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए और अकादमिक जुड़ाव और राजनीतिक संबद्धता के बीच कहां रेखा खींची जानी चाहिए। n18oc_plain-speak n18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 19:04 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)शैक्षणिक स्वतंत्रता(टी)शैक्षणिक तटस्थता(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत(टी)कैंपस राजनीति(टी)मुख्यमंत्री आलोचना(टी)कांग्रेस(टी)कांग्रेस गठबंधन(टी)भारतीय राजनीति(टी)संस्थागत स्वतंत्रता(टी)केरल(टी)केरल सीएम(टी)केरल की राजनीति(टी)केरल के कुलपति(टी)न्यूज18(टी)विपक्षी नेता केरल(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजनीतिक तूफान केरल(टी)आरएसएस कार्यक्रम(टी)आरएसएस पंक्ति केरल(टी)सांप्रदायिक समूह(टी)तीन कुलपति(टी)विश्वविद्यालय तटस्थता(टी)विश्वविद्यालय की राजनीति(टी)कुलपति आरएसएस कार्यक्रम में भाग लेते हैं(टी)कुलपति
रुकावट पैदा करने वाला: यदि ‘भारत’ गठबंधन मित्रता भी सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो क्या कांग्रेस के विलय की बातें नासमझी भरी हैं? | भारत समाचार

आखरी अपडेट:14 जून, 2026, 10:00 IST रणनीतिक लाभ के बावजूद, ऐसे विलयों के जमीनी स्तर के कार्यान्वयन को मजबूत राज्य इकाइयों से भारी विरोध का सामना करना पड़ता है इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लोकसभा नेता राहुल गांधी, कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और अन्य। (फ़ाइल तस्वीर/पीटीआई) खुद को संस्थागत बनाने में भारतीय गुट की लगातार असमर्थता – एक गठबंधन समन्वयक स्थापित करने या एक सामंजस्यपूर्ण सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम का मसौदा तैयार करने में विफलता – ने भारतीय विपक्षी राजनीति में एक गहरा बदलाव ला दिया है। जबकि एक विशाल, बहुदलीय गठबंधन टर्मिनल जड़ता के साथ संघर्ष कर रहा है, प्रत्यक्ष विलय के माध्यम से एक संरचनात्मक समेकन एक कट्टरपंथी सिद्धांत से अस्तित्वगत आवश्यकता में बदल गया है। क्षेत्रीय दिग्गजों का नाटकीय विखंडन, दल-बदल विरोधी कानून के कड़े मापदंडों के साथ मिलकर, चुपचाप शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) और ममता बनर्जी की वफादार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गुट जैसी क्षेत्रीय शाखाओं को अपने मूल संगठन, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में लौटने पर विचार करने के लिए मजबूर कर रहा है। यह गति वैचारिक आकस्मिकता के बजाय ठंडे अंकगणित से प्रेरित है। राज्य विधानसभाओं में बड़े पैमाने पर विवर्तनिक बदलावों के बाद – विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में तृणमूल की हार और पार्टी के लगातार आंतरिक विद्रोहों के बाद – अलग-थलग पड़े क्षेत्रीय क्षत्रप दसवीं अनुसूची की कठोर वास्तविकताओं का सामना कर रहे हैं। अलग हुए समूहों और विद्रोही गुटों ने मूल पार्टी के नाम और प्रतीकों पर दावा करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की सफलतापूर्वक इंजीनियरिंग की है, सबसे पुरानी पार्टी के साथ विलय सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा शेष विधायी घटकों को थोक अवशोषण से बचाने के लिए एकमात्र बुलेटप्रूफ कानूनी अभयारण्य प्रदान करता है। गठबंधन घर्षण जाल को दरकिनार करना वर्षों से, बड़ा भारतीय गुट अंतहीन समिति की बैठकों के चक्र में फंसा हुआ है, जो एक एकीकृत राष्ट्रीय कथा को मानकीकृत करने या स्थानीय टिकट वितरण में मध्यस्थता करने में असमर्थ है। कॉर्पोरेट-शैली का विलय इन संरचनात्मक बाधाओं को पूरी तरह से दरकिनार कर देता है। अलग-अलग क्षेत्रीय संस्थाओं को एक कानूनी इकाई में विघटित करके, विपक्ष भीषण, सार्वजनिक सीट-बंटवारे विवादों को समाप्त कर देता है जो परंपरागत रूप से महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में राजनीतिक पूंजी को समाप्त कर देते हैं। शिव सेना (यूबीटी) के नेताओं ने खुले तौर पर इस पुनर्गठन के लिए मैचमेकर के रूप में काम किया है, सार्वजनिक रूप से धर्मनिरपेक्ष ताकतों से एक केंद्रीकृत कमांड संरचना स्थापित करने के लिए कांग्रेस के पाले में वापस आने का आग्रह किया है। रणनीतिक तर्क स्पष्ट है: जबकि एक अमूर्त गठबंधन क्षेत्रीय नेतृत्व पर पूर्ण सहमति तक नहीं पहुंच सकता है, एक एकल पार्टी एक एकीकृत आलाकमान के तहत पूर्ण संस्थागत अनुशासन लागू करती है। यह एकीकरण 2029 के आम चुनावों के लिए एक स्पष्ट खाका पेश करता है, जो कॉर्पोरेट और शहरी मतदाताओं को अत्यधिक अप्रत्याशित, खंडित गठबंधन के बजाय एक सुव्यवस्थित, दो-पक्षीय राष्ट्रीय विकल्प के साथ प्रस्तुत करता है। स्थानीय युद्धक्षेत्र और नीतिगत कलह रणनीतिक लाभ के बावजूद, ऐसे विलयों के जमीनी स्तर के कार्यान्वयन को मजबूत राज्य इकाइयों से भारी विरोध का सामना करना पड़ता है। महाराष्ट्र में, राज्य कांग्रेस के नेता अत्यधिक सशंकित रहते हैं, निजी तौर पर संस्थाओं के बीच गंभीर नीतिगत मतभेदों पर चिंता जताते हैं। सबसे पुरानी पार्टी के आक्रामक, केंद्रीकृत आर्थिक रुख अक्सर दशकों से क्षेत्रीय नेताओं द्वारा बनाए गए स्थानीय, व्यापार-अनुकूल संबंधों के साथ टकराते हैं। इसके अलावा, स्थानीय कैडर जिन्होंने प्रतिद्वंद्वी गुटों के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए लगभग तीस साल बिताए हैं, वे अचानक कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता अपनाने के प्रति बेहद प्रतिरोधी हैं। इसी तरह, पश्चिम बंगाल में, ममता बनर्जी के वफादार गुट का कोई भी औपचारिक एकीकरण जमीनी स्तर पर तत्काल राजनीतिक शून्य पैदा करता है। इससे पारंपरिक स्थानीय विपक्षी स्थानों को पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हाथों में धकेलने का जोखिम है। हालाँकि, जैसे-जैसे केंद्रीय जांच एजेंसियां और राज्य पुलिस परिधीय पार्टियों पर भारी दबाव डालती जा रही है, स्वतंत्र क्षेत्रीय पहचान बनाए रखने की विलासिता तेजी से गायब हो रही है। भारत के कई विरासती क्षेत्रीय क्षत्रपों के लिए, कांग्रेस के साथ विलय करना अब एक महत्वाकांक्षी राजनीतिक विकल्प नहीं है; यह संरचनात्मक संरक्षण के लिए अंतिम तंत्र बन गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में पथिकृत सेन गुप्ता पथिकृत सेन गुप्ता News18.com के वरिष्ठ एसोसिएट संपादक हैं और लंबी कहानी को छोटा करना पसंद करते हैं। वह राजनीति, खेल, वैश्विक मामलों, अंतरिक्ष, मनोरंजन और भोजन पर छिटपुट रूप से लिखते हैं। वह …और पढ़ें न्यूज़ इंडिया रुकावट पैदा करने वाला: यदि ‘भारत’ गठबंधन मित्रता भी सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो क्या कांग्रेस के विलय की बातें नासमझी भरी हैं? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस(टी)शरद पवार(टी)एनसीपी(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)भारत









