Tuesday, 28 Jul 2026 | 12:53 AM

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PM Modi Mehngai Man; Rahul Gandhi Vs Narendra Modi Norway Visit

Rahul Gandhi Attacks PM Modi Norway Visit; Calls Him Mehengai Man

Hindi News National PM Modi Mehngai Man; Rahul Gandhi Vs Narendra Modi Norway Visit | BJP Congress नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक नॉवे में महिला पत्रकार के सवाल पर पीएम मोदी बिना जवाब दिए निकल गए थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की है। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- जब दुनिया एक कॉम्प्रोमाइज पीएम को कुछ सवालों से घबराकर भागते हुए देखती है, तो भारत की छवि पर क्या असर पड़ता है। जब छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो डरने की भी कोई बात नहीं है। दरअसल राहुल ने नॉर्वे की महिला जर्नलिस्ट हेल लिंग की X पोस्ट शेयर की है। इसमें लिंग नॉर्वे पहुंचे पीएम मोदी से सवाल करती हैं, ‘प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस से कुछ सवाल क्यों नहीं लेते? लेकिन पीएम उनका जवाब दिए बिना ही चले जाते हैं। इधर, केंद्र सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल-डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे की बढ़ोतरी की। इस पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘महंगाई मैन’ कहा है। कांग्रेस ने X पोस्ट में लिखा- जनता पर ‘महंगाई मैन’ मोदी का हंटर फिर चला, पेट्रोल-डीजल 90 पैसे महंगा कर दिया गया। मोदी ने पिछले 4 दिन में 4 रुपए बढ़ा दिए हैं। खड़गे ने भी लिखा- सरकार ने फिर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- आम जनता की लूट और खास लोगों को छूट, आज का मॉडल यही बनता जा रहा है। खड़गे ने लिखा कि जब दुनिया में संकट है, तब सवाल यह है कि सरकार खुद क्या कर रही है? अगर तेल खरीदने की अनुमति मिल गई है, तो फिर जनता पर लगातार दामों का बोझ क्यों डाला जा रहा है। हर बार फैसलों का असर 140 करोड़ लोगों के जीवन पर पड़ता है, इसलिए जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ विदेशों में छवि बनाने से काम नहीं चलेगा। देश के भीतर भी जनता के सवालों का जवाब देना होगा। असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के बजाय जरूरी है कि सरकार साफ-साफ बताए कि संकट से निपटने के लिए ठोस कदम क्या उठाए जा रहे हैं। तभी असली नेतृत्व दिखेगा, वरना यह सिर्फ प्रचार तक सीमित रह जाएगा। 10 मई: राहुल बोले- देश चलाना मोदी के बस की बात नहीं राहुल गांधी ने 10 मई को पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की हालिया ‘सात अपीलों’ पर पलटवार किया था। उन्होंने इसे नाकामी करार दिया। कहा कि अब देश चलाना प्रधानमंत्री के बस में नहीं रह गया है। X पर एक पोस्ट में राहुल ने लिखा, ‘कल मोदी जी ने जनता से त्याग मांगा। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम इस्तेमाल करो, खाद और खाने के तेल का उपयोग घटाओ, मेट्रो से चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं हैं। ये विफलता हैं। पूरी खबर पढ़ें… ………………. यह खबर भी पढ़ें… पीएम मोदी इंडिया-नॉर्डिक समिट में शामिल होंगे: नॉर्वे में 4 देशों के प्रधानमंत्रियों से मिलेंगे; ग्रीन एनर्जी और स्पेस सेक्टर पर चर्चा होगी पीएम मोदी आज नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होने वाले तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह समिट भारत और उत्तरी यूरोपीय देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। पूरी खबर पढ़ें… पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे और बढ़े, 4 दिन पहले 3-3 रुपए बढ़ाए थे देश में पेट्रोल और डीजल आज 19 मई से औसतन 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। इससे पहले 15 मई, शुक्रवार को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। यानी, पांच दिन के भीतर ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Kerala cm VD Satheeshan oath udf congress rahul gandhi

Kerala cm VD Satheeshan oath udf congress rahul gandhi

तिरुवनंतपुरम9 मिनट पहले कॉपी लिंक वीडी सतीशन केरलम के 13वें CM होंगे। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन (61) आज केरलम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे लगातार 6 बार से पारावूर सीट से विधायक हैं। उनके साथ 21 मंत्रियों की पूरी कैबिनेट भी शपथ लेगी। समारोह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से होगा। कार्यक्रम में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल होंगे। विदेश में होने के कारण शशि थरूर नहीं आएंगे। UDF ने 140 में से 102 सीटें जीतीं राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सरकार बनी है। विधानसभा चुनाव में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीती हैं। UDF ने राज्य में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के 10 साल के शासन खत्म किया है। कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 63 सीटें जीतीं। स्पीकर, डिप्टी स्पीकर पद कांग्रेस ने रखे कांग्रेस ने स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद भी अपने पास रखे हैं। तिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा स्पीकर और शनिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाया गया है। चीफ व्हिप की नियुक्ति केरल कांग्रेस पार्टी से की जाएगी। UDF में 6 छोटी पार्टियां शामिल शपथ समारोह में कई राज्यों के सीएम भी आएंगे समारोह में कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया, तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत अन्य कांग्रेस नेता शामिल होंगे। तमिलनाडु के CM विजय भी शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस के सीनियर लीडर शशि थरूर अमेरिका के बोस्टन में होने के कारण कार्यक्रम में मौजूद नहीं होंगे। उन्होंने 16 मई को वीडी सतीशन, सांसद केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नीथला के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। वहीं, शपथ समारोह को लेकर सेंट्रल स्टेडियम में बड़ा मंच तैयार किया गया है। यहां हजारों कार्यकर्ताओं और मेहमानों के बैठने की व्यवस्था की गई है। बारिश की संभावना को देखते हुए अस्थायी शेड भी लगाए गए हैं। राहुल चाहते थे वेणगोपाल सीएम बने, पार्टी नेताओं की पसंद सतीशन थे 4 मई को केरलम का रिजल्ट आया। राज्य में UDF की सरकार बनी। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। इसके बाद सीएम फेस को लेकर खींचतान शुरू हुई। सीएम फेस के लिए तीन नाम वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला थे। राहुल गांधी की पहली पसंद वेणुगोपाल थे। कुछ लोग चेन्निथला के पक्ष में भी थे, लेकिन केरलम के कांग्रेस कार्यकर्ता और UDF की सहयोगी पार्टियां सतीशन के नाम पर अड़ी थीं। वेणुगोपाल को सीएम न बनाने के लिए पोस्टर भी लगाए गए थे। कांग्रेस समर्थकों ने सतीशन के सीएम बनाने के समर्थन में वायनाड में पोस्टर लगाए गए थे। इनमें लिखा था- राहुल और प्रियंका वायनाड को भूल जाओ, यहां फिर नहीं जीतोगे। वायनाड अगला अमेठी होगा। समर्थकों ने हाईकमान को चेताया है कि केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया, तो ठीक नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस विधायकों की बैठक में 75-80% विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया था। वीडी सतीशन को महज 6 विधायकों का समर्थन मिला था। हालांकि, बैठक के बाद तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने सतीशन के नाम का समर्थन किया था। इसके अलावा UDF के सहयोगी दल IUML और केरलम कांग्रेस (जोसेफ) ने खुले तौर पर सतीशन को समर्थन किया। इसके बाद 14 मई को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- पार्टी ने तिरुवनंतपुरम में 7 मई को मीटिंग की थी। पार्टी अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी से चर्चा के बाद तय किया गया कि केरलम CM वीडी सतीशन होंगे। ———————————— बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में CM की शपथ की खबरें भी पढ़ें… तमिलनाडु: TVK की सरकार, विजय राज्य के 9वें मुख्यमंत्री बने विजय शपथ लेते समय निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय की पार्टी TVK को 234 में से 108 सीटें मिली थीं। उन्हें कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। पूरी खबर पढ़ें… पश्चिम बंगाल: भाजपा सरकार, सुवेंदु भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 9 मई को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को झुककर प्रणाम किया। NDA और BJP शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में पहुंचे। पश्चिम बंगाल चुनावों में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीती हैं। पूरी खबर पढ़ें… असम: भाजपा सरकार, हिमंता दूसरी बार असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। 12 मई को असम के गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। हिमंता के अलावा 4 विधायकों भाजपा के रामेश्वर तेली, अजंता नेओम, AGP के अतुल बोरा, BPF के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली। पूरी खबर पढ़ें… पुडुचेरी: एनडीए सरकार, एन. रंगासामी 5वीं बार CM बने एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने हैं। उप-राज्‍यपाल कैलाश नाथन ने लोक भवन में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। रंगासामी के अलावा भाजपा के ए नमस्सिवायम और AINRC नेता मल्लादी कृष्णा राव ने मंत्री पद की शपथ ली। 4 मई को आए पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के परिणामों में रंगासामी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को 30 में से 16 सीटें मिली थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

हिमाचल में कांग्रेस-BJP की ‘नेक टू नेक’ फाइट:सीनियर जर्नलिस्ट बोले- एंटी-इनकंबेंसी के बावजूद कांग्रेस ने सियासी जमीन बचाई; भाजपा मुकाबले से बाहर दिखी

हिमाचल में कांग्रेस-BJP की ‘नेक टू नेक’ फाइट:सीनियर जर्नलिस्ट बोले- एंटी-इनकंबेंसी के बावजूद कांग्रेस ने सियासी जमीन बचाई; भाजपा मुकाबले से बाहर दिखी

हिमाचल प्रदेश के 25 नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस-भाजपा में मुकाबला लगभग बराबरी का रहा। सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ साढ़े तीन साल की एंटी इनकंबेंसी के बावजूद एकतरफा लहर नहीं चली। सोलन, बिलासपुर और ऊना जिला में बीजेपी ने बढ़त जरूर बनाई, लेकिन राज्य की सत्ता की चाबी तय करने वाले सबसे बड़े जिला कांगड़ा जिला में बीजेपी पिछड़ी है। बीजेपी के गढ़ मंडी में भी कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया। शिमला, कुल्लू, सिरमौर और हमीरपुर में अभी मुकाबला बराबरी का लग रहा है। इन जिलों में चेयरमैन का फैसला अन्य (निर्दलीय) के हाथ में है। हालांकि, चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा पार्टी समर्थित प्रत्याशी न उतारने के फैसले से लग रहा था कि सत्तारूढ़ दल घुटने टेक चुका है। फिर भी कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं बीजेपी ने अधिकृत प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। सीनियर जर्नेलिस्ट उदयवीर पठानिया ने कहा कि बराबरी के बावजूद इन चुनाव में बीजेपी पिछड़ी है। उन्होंने आगे कहा- अब सिलसिलेवार पढ़ें, किस जिला में कौन से दल को बढ़त… कांगड़ा जिला में कांग्रेस का शानदार प्रदर्शन कांगड़ा जिला के विभिन्न नगर परिषदों में कांग्रेस के प्रदर्शन ने सबको चौंकाया है। कांगड़ा नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित 8 पार्षद चुनाव जीते, जबकि BJP समर्थित एक प्रत्याशी जीत पाया है। ज्वालामुखी में कांग्रेस के सात और बीजेपी समर्थित दो पार्षद चुनाव जीत पाए हैं। नूरपूर में कांग्रेस समर्थित 6 पार्षद और बीजेपी समर्थित 3 चुनाव जीते हैं। देहरा बीजेपी के किले में कांग्रेस की सेंध देहरा नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित पांच और बीजेपी समर्थित दो ही पार्षद चुनाव जीते हैं। देहरा में 20 साल से बीजेपी का कब्जा था। इस बार यहां कांग्रेस का चेयरमैन बनना तय है। शाहपुर में भाजपा समर्थित आठ, कांग्रेस समर्थित 2 और निर्दलीय तीन चुनाव जीते। नगरोटा बगवां में बीजेपी की जीत कांग्रेस को नगरोटा बगवां में झटका लगा है। कैबिनेट रैंक वाले पर्यटन निगम चेयरमैन के गृह विधानसभा क्षेत्र नगरोटा बगवां में बीजेपी समर्थित चार पार्षद, कांग्रेस समर्थित दो और एक निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुआ। बीजेपी की जीत के बावजूद यहां चेयरमैन कांग्रेस का बनना तय है, क्योंकि चेयरमैन की सीट SC के लिए रिजर्व है और SC पार्षद कांग्रेस का जीता है। इस तरह, कांगड़ा के सभी पांच नगर परिषद में चेयरमैन कांग्रेस के बन सकते हैं। मंडी के नेरचौक में कांग्रेस समर्थित 9 पार्षद जीते मंडी में भी कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा, क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में मंडी जिले की 10 में से 9 सीटें बीजेपी जीती थी। मगर निकाय चुनाव में यहां बीजेपी को झटका लगा है। नेरचौक में कांग्रेस समर्थित 8 पार्षद, BJP समर्थित एक उम्मीदवार चुनाव जीता है। करसोग नगर पंचायत में सात में से पांच कांग्रेस समर्थित, एक निर्दलीय और एक वार्ड में चुनाव का बहिष्कार किया गया। सरकाघाट में भी कांग्रेस समर्थित तीन, भाजपा समर्थित तीन और 2 निर्दलीय जीते हैं। सुंदरनगर-जोगेंद्रनगर में बीजेपी जीती जोगेंद्रनगर में भाजपा का शानदार प्रदर्शन रहा। यहां बीजेपी समर्थित 5 प्रत्याशी और दो सीटों पर निर्दलीय चुनाव जीते हैं। सुंदरनगर में भाजपा समर्थित नौ, दो कांग्रेस और दो सीटों पर निर्दलीय चुनाव जीते। हमीरपुर में किसी दल को बढ़त नहीं, निर्दलीय का रोल बढ़ा हमीरपुर के नगर परिषद सुजानपुर में कांग्रेस समर्थित दो, भाजपा समर्थित तीन और चार निर्दलीय चुनाव जीते हैं। अब चेयरमैन किस दल का बनेगा, यह निर्दलीयों पर निर्भर करेगा। नड्डा के गृह जिला में BJP का पलड़ा भारी बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिला बिलासपुर में बीजेपी का पलड़ा भारी लग रहा है। बिलासपुर में कांग्रेस समर्थित दो और भाजपा समर्थित नौ उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। बिलासपुर जिला के घुमारवी नगर परिषद में भी कांग्रेस पिछड़ी है। यहां कांग्रेस समर्थित तीन और बीजेपी समर्थित पांच पार्षद चुनाव जीते है। श्री नैना देवी में भी कांग्रेस की हार हुई है। यहां कांग्रेस समर्थित 2 और बीजेपी समर्थित 5 पार्षद जीते है। सोलन में बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया सोलन जिला में भी बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। परवाणू में कांग्रेस समर्थित चार और बीजेपी समर्थित पांच प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। नालागढ़ में भी बीजेपी समर्थित सात, कांग्रेस समर्थित एक और एक निर्दलीय चुनाव जीता है। कांग्रेस के गढ़ रामपुर में पहली बार जीती BJP शिमला जिला के रामपुर में बीजेपी ने कांग्रेस के गढ़ में शानदार प्रदर्शन किया। रामपुर में पहली बार बीजेपी के चार पार्षद चुनाव जीते हैं। कांग्रेस समर्थित भी चार और एक निर्दलीय चुनाव जीता है। यानी यहां भी निर्दलीय पर निर्भर करेगा कि चेयरमैन किस दल का बनेगा। ठियोग नगर परिषद में मुकाबला बराबरी का रहा। यहां कांग्रेस-बीजेपी समर्थित 3-3 पार्षद जीते। एक निर्दलीय भी पूर्व में भाजपा का रहा है, लेकिन बीजेपी ने जब अपने अधिकृत प्रत्याशी उतारे तो उसकी अनदेखी की गई। लिहाजा अब निर्दलीय उम्मीदवार ठियोग का चेयरमैन तय करेगा। चंबा में बराबरी का मुकाबला, डलहौजी में BJP जीती चंबा नगर परिषद में कांग्रेस-बीजेपी समर्थित 5-5 और एक निर्दलीय जीता है, जबकि डलहौजी में कांग्रेस समर्थित एक और बीजेपी समर्थित 8 पार्षद चुनाव जीते है। मनाली में बीजेपी ने कांग्रेस का क्लीन स्वीप किया कुल्लू जिला के मनाली नगर परिषद में कांग्रेस खाता भी नहीं खोल पाई। यहां सभी प्रत्याशी भाजपा समर्थित चुनाव जीते हैं। यह मनाली के कांग्रेस विधायक भुवनेश्वर गौड़ के लिए भी झटका माना जा रहा है। कुल्लू नगर परिषद के 11 वार्ड में से भाजपा समर्थित तीन, कांग्रेस समर्थित तीन और छह निर्दलीय चुनाव जीते हैं। कुल्लू नगर परिषद पर किसका कब्जा होगा, यह निर्दलीय तय करेंगे। ऊना में बीजेपी को बढ़त ऊना जिला के संतोषगढ़ में भाजपा समर्थित 6, कांग्रेस समर्थित 3, नगर परिषद मैहतपुर में भाजपा समर्थित चार, कांग्रेस समर्थित तीन और दो निर्दलीय चुनाव जीते। नाहन में बीजेपी का चेयरमैन बनना तय सिरमौर जिला के नाहन में बीजेपी समर्थित 7 और कांग्रेस समर्थित 6 पार्षद चुनाव जीते, जबकि पांवटा में मिला-जुला रिजल्ट रहा। पांवटा में पांच कांग्रेस समर्थित और चार बीजेपी समर्थित चुनाव जीते है। यहां पर चार अन्य भी जीतकर आए है। इनकी चेयरमैन चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

Congress Gets 12 Ministers, CM Post Included; IUML 5

Congress Gets 12 Ministers, CM Post Included; IUML 5

Hindi News National Kerala UDF Cabinet List: Congress Gets 12 Ministers, CM Post Included; IUML 5 तिरुवनंतपुरम10 मिनट पहले कॉपी लिंक केरलम में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले रविवार को 21 मंत्रियों वाली लिस्ट सामने आ गई है। कैबिनेट में सबसे ज्यादा 12 मंत्री (CM पद सहित) कांग्रेस ने अपने पास रखे हैं। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 5 विधायक कैबिनेट का हैं। इनके अलावा केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (जैकब) रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) और CMP (कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी) से 1-1 मंत्री हैं। UDF ने तिरुवंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा स्पीकर और शनीमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाने का फैसला किया है। सतीशन ने कहा कि कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा गया है। शपथ ग्रहण 18 मई को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से होगा। राज्य के होने वाले मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता वीडी सतीशन के साथ पूरी कैबिनेट शपथ लेगी। केरल में UDF सरकार, सबसे ज्यादा कांग्रेस के 12 मंत्री (CM सहित) वी डी सतीशन (मुख्यमंत्री) रमेश चेन्नीथला सनी जोसेफ के मुरलीधरन ए पी अनिल कुमार पी सी विष्णुनाथ रोजी एम जॉन बिंदु कृष्णा एम लिजू टी सिद्दीकी के ए थुलसी ओ जे जनीश IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) पी के कुन्हालिकुट्टी एन शमसुद्दीन के एम शाजी पी के बशीर वी ई अब्दुल गफूर (कोझिकोड से IUML विधायक परक्कल अब्दुल्ला को 2.5 साल बाद कैबिनेट में शामिल किया जाएगा) केरल कांग्रेसमॉन्स जोसेफ केरल कांग्रेस (जैकब)अनूप जैकब RSP (रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी) शिबू बेबी जॉन CMP (कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी) सी पी जॉन 14 मई: केरलम के नए सीएम के लिए सतीशन के नाम का ऐलान कांग्रेस ने केरलम के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद 14 मई को ऐलान किया था कि 61 साल के वीडी सतीशन राज्य के नए सीएम होंगे। वह पारावूर सीट से विधायक हैं। घोषणा के बाद सतीशन 14 मई को ही केरलम के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश किया था। कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था तिरुवनंतपुरम में 7 मई को मीटिंग की थी। पार्टी अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी से चर्चा के बाद तय किया गया कि केरलम CM वीडी सतीशन होंगे। नाम के ऐलान होने का बाद सतीशन ने कहा था कि मैं इस पद को निजी उपलब्धि नहीं बल्कि दैवीय कृपा मानता हूं। मैं वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला समेत सभी नेताओं को अपने विश्वास में लूंगा। सीएम के लिए 3 नेताओं का नाम था, सतीशन चुने गए मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम चल रहा था। रिजल्ट के बाद केरलम कांग्रेस अलग-अलग गुटों में बंटी रही। एक धड़ा सतीशन के समर्थन में था, जिन्हें नई पीढ़ी और आक्रामक विपक्षी चेहरा माना जाता है। दूसरा धड़ा वेणुगोपाल और चेन्निथला के पक्ष में था। दावा किया जा रहा था कि ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल के समर्थन में थे। वेणुगोपाल को केंद्रीय नेतृत्व का करीबी नेता माना जाता है, जबकि सतीशन का मजबूत जनाधार था। वेणुगोपाल को सीएम न बनाने के लिए पोस्टर भी लगाए गए थे। कांग्रेस समर्थकों ने सतीशन के सीएम बनाने के समर्थन में वायनाड में पोस्टर लगाए गए थे। इनमें लिखा था- राहुल और प्रियंका वायनाड को भूल जाओ, यहां फिर नहीं जीतोगे। वायनाड अगला अमेठी होगा। समर्थकों ने हाईकमान को चेताया है कि केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया, तो ठीक नहीं होगा। वायनाड के अलावा केरलम में अलग-अलग शहरों में ऐसे पोस्टर लगे हैं। इनमें लिखा है कि अगर केसी वेणुगोपाल को CM बनाया तो ये बड़ी गलती होगी। केरलम में पार्टी ने 140 में से 102 सीटें जीतीं केरलम में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीती हैं। इनमें कांग्रेस की 63 सीटें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस विधायकों की बैठक में 75-80% विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया था। वीडी सतीशन को महज 6 विधायकों का समर्थन मिला था। हालांकि, बैठक के बाद तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने सतीशन के नाम का समर्थन किया था। इसके अलावा UDF के सहयोगी दल IUML और केरलम कांग्रेस (जोसेफ) ने खुले तौर पर सतीशन को समर्थन किया। ………………………….. यह खबरें भी पढ़ें बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में सीएम शपथ ले चुके तमिलनाडु: TVK की सरकार, विजय राज्य के 9वें मुख्यमंत्री बने विजय शपथ लेते समय निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय की पार्टी TVK को 234 में से 108 सीटें मिली थीं। उन्हें कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। पूरी खबर पढ़ें… पश्चिम बंगाल: भाजपा सरकार, सुवेंदु भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 9 मई को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को झुककर प्रणाम किया। NDA और BJP शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में पहुंचे। पश्चिम बंगाल चुनावों में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीती हैं। पूरी खबर पढ़ें… असम: भाजपा सरकार, हिमंता दूसरी बार असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। 12 मई को असम के गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। हिमंता के अलावा 4 विधायकों भाजपा के रामेश्वर तेली, अजंता नेओम, AGP के अतुल बोरा, BPF के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली। पूरी खबर पढ़ें… पुडुचेरी: एनडीए सरकार, एन. रंगासामी 5वीं बार CM बने एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने हैं। उप-राज्‍यपाल कैलाश नाथन ने लोक भवन में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। रंगासामी के अलावा भाजपा के ए नमस्सिवायम और AINRC नेता मल्लादी कृष्णा राव ने मंत्री पद की शपथ ली। 4 मई को आए पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के परिणामों में रंगासामी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को 30 में से 16 सीटें मिली थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर

NEET पेपर लीक पर BJP बोली- राहुल भ्रम फैला रहे:कांग्रेस 22 लाख छात्रों के भविष्य पर राजनीति कर रही, हमने तुरंत कार्रवाई की

NEET पेपर लीक पर BJP बोली- राहुल भ्रम फैला रहे:कांग्रेस 22 लाख छात्रों के भविष्य पर राजनीति कर रही, हमने तुरंत कार्रवाई की

BJP के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संजय मयूख ने NEET पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, संवेदनहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। डॉ. मयूख ने कहा कि राहुल गांधी आखिर कब तक सिर्फ खोखले आरोपों और भ्रम फैलाने की राजनीति करते रहेंगे? यह समय देश के लाखों मेधावी छात्रों की पीड़ा को समझने और उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील होने का है, न कि इस दुखद परिस्थिति पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का। डॉ. मयूख ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले में अपनी जवाबदेही निभाते हुए तुरंत CBI जांच, प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई निर्णायक कदम उठाए हैं। ऐसे समय में विपक्ष से एक जिम्मेदार भूमिका की उम्मीद थी। उन्होंने आगे कहा, ​”अगर सरकार री-NEET और CBI जांच का फैसला नहीं लेती, तो यही लोग सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते। अब जब सरकार ने त्वरित, ईमानदार और सख्त निर्णय लिए हैं, तो राहुल गांधी की राजनीति का आधार ही कमजोर पड़ गया है।” भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले राहुल गांधी को अपने और अपनी पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुए अनगिनत पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर देश को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का इतिहास युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का रहा है जैसे यूपीए शासनकाल में हुए AIPMT पेपर लीक, ​SSC घोटाले, ​CBSE पेपर लीक। डॉ. मयूख ने साफ किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है- छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। पेपर लीक माफियाओं पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत देशव्यापी कार्रवाई की जा रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस मामले को दबा नहीं रही, बल्कि जड़ से खत्म कर रही है। कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें संलिप्त ​बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे को सलाखों के पीछे भेजा गया है। ​जयपुर, गुरुग्राम, नासिक सहित देश के कई स्थानों से जुड़े ऑपरेटिव्स और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह लीपापोती नहीं है। यह चुप्पी नहीं है। यह धरातल पर दिखती हुई सख्त कार्रवाई है। राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कहा कि इस संवेदनशील समय में देश के छात्रों और युवाओं को किसी राजनीतिक एजेंडे या भटकाव की नहीं, बल्कि सहयोग, संवेदनशीलता, विश्वास और समर्थन की सबसे अधिक आवश्यकता है। ​मोदी सरकार देश के हर एक ईमानदार और परिश्रमी छात्र के साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी है। सरकार की यह लड़ाई देश के युवाओं के हक के लिए है, और किसी भी पेपर लीक माफिया या राजनीतिक अवसरवादी को बख्शा नहीं जाएगा।

‘केरल में भविष्य की ओर देखें’: मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीसन के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं होंगे शशि थरूर; यहाँ जानिए क्यों | भारत समाचार

Kerala SSLC Result 2026 OUT LIVE: KBPE Class 10 Result Released — Check Marksheet on results.kite.kerala.gov.in, keralaresults.nic.in, Pass Percentage

आखरी अपडेट:15 मई, 2026, 17:27 IST तिरुवनंतपुरम के सांसद, जिनका नाम एक समय संभावित सीएम उम्मीदवार के रूप में भी लिया जा रहा था, ने एक्स पर अपनी स्थिति स्पष्ट की कांग्रेस ने गुरुवार को सतीसन को केरल का सीएम नामित किया, जिससे पार्टी के नेतृत्व के फैसले पर कई दिनों से चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया। (फ़ाइल छवि: पीटीआई) केरल में ‘सिंहासन की लड़ाई’ भले ही कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीसन को चुनने के साथ अपने तार्किक निष्कर्ष पर पहुंच गई हो, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी के सबसे प्रमुख वैश्विक चेहरों में से एक की आसन्न अनुपस्थिति ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि आंतरिक घर्षण के अंगारे गर्म बने रहें। 18 मई को, जबकि तिरुवनंतपुरम में लोक भवन सत्ता के ऐतिहासिक परिवर्तन की तैयारी कर रहा है, डॉ. शशि थरूर ठीक 8,112 मील दूर होंगे – संयुक्त राज्य अमेरिका में व्यक्तिगत इतिहास की आधी सदी का जश्न मना रहे होंगे। शिक्षाविद और वर्षगाँठ अपनी अनुपस्थिति को स्पष्ट करने के लिए, तिरुवनंतपुरम के सांसद, जिनका नाम एक समय संभावित सीएम उम्मीदवार के रूप में भी चर्चा में था, ने खुलासा किया कि वह इस सप्ताह के अंत में अपने अल्मा मेटर, टफ्ट्स यूनिवर्सिटी में फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी में एक दोहरे मील के पत्थर के लिए बोस्टन में हैं। थरूर प्रतिष्ठित आरंभिक भाषण देंगे और अपनी स्नातक कक्षा की 50वीं वर्षगांठ के पुनर्मिलन में भाग लेंगे। मुझे अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न हो पाने का दुख है @incKerala सहकर्मी और केरल के नए सीएम @vdsatheesan. मैं अपने अल्मा मेटर, फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी के स्नातक समारोह में प्रारंभ भाषण देने के लिए इस सप्ताह के अंत में बोस्टन में हूं। @टफ्ट्सयूनिवर्सिटी —…— शशि थरूर (@ShashiTharoor) 15 मई 2026 थरूर ने पोस्ट किया, “अमेरिका में अतीत का जश्न मनाने का एक अवसर, जबकि मैं केरल में भविष्य की आशा करता हूं।” सतह पर, कारण स्पष्ट नहीं है; पांच दशकों के बाद किसी के अल्मा मेटर में मुख्य भाषण एक दुर्लभ, करियर-परिभाषित सम्मान है जिसे कुछ राजनेता अस्वीकार करेंगे। फोकस में प्रकाशिकी हालाँकि, केरल कांग्रेस की राजनीति के अतिसंवेदनशील रंगमंच में, समय को शायद ही कभी महज संयोग के रूप में देखा जाता है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि थरूर की शारीरिक अनुपस्थिति केसी वेणुगोपाल बनाम वीडी सतीसन विवाद के तात्कालिक परिदृश्य से एक सुविधाजनक “रणनीतिक विराम” प्रदान करती है। जबकि केंद्रीय नेतृत्व को वेणुगोपाल के स्थान पर सतीसन को चुनकर “विनम्र पाई खाने” के लिए मजबूर होना पड़ा, बोस्टन में थरूर की उपस्थिति ने उन्हें परिणाम की दृश्यमान अजीबता से अछूता रहने की अनुमति दी। थरूर द्वारा बोस्टन में “पुनर्मिलन” का जश्न मनाने में एक सूक्ष्म विडंबना है, जबकि केरल में उनकी अपनी पार्टी अपने युद्धरत गुटों के अव्यवस्थित पुनर्मिलन का प्रयास कर रही है। एक ऐसे नेता के लिए जिसे अक्सर राज्य के संगठनात्मक “ए” और “आई” समूहों द्वारा दरकिनार कर दिया गया है, यह विदेश यात्रा “बाहरी-अंदरूनी” के रूप में उनकी छवि को मजबूत करती है – एक ऐसा व्यक्ति जो वैश्विक स्तर पर काम करता है, भले ही वह स्थानीय “भविष्य” पर नजर रखता हो। ‘केरल में भविष्य’ में भविष्य काल थरूर की पोस्ट की समापन पंक्ति – “केरल में भविष्य” के प्रति उनके दृष्टिकोण पर जोर देती हुई – अपनी छाप छोड़ने से नहीं चूकी। सतीसन अब एक शक्तिशाली, स्वतंत्र विचारधारा वाले मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित हो गए हैं, ऐसे नेताओं के लिए मिसाल कायम की गई है जो पारंपरिक “अधीनस्थ” ढांचे में फिट नहीं बैठते हैं। क्या टफ्ट्स के पवित्र हॉल से थरूर की वापसी नए प्रशासन में अधिक मुखर भूमिका का संकेत देती है या क्या वह आंतरिक घेरे के ठीक बाहर मंडराते रहते हैं, यह 18 मई के समारोह का सबसे सम्मोहक उप कथानक बना हुआ है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘केरल में भविष्य की ओर देखें’: मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीसन के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं होंगे शशि थरूर; उसकी वजह यहाँ है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल(टी)कांग्रेस(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)राहुल गांधी(टी)वीडी सतीसन(टी)शशि थरूर

Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav

Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav

Hindi News National Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav BJP SP Congress नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक पेट्रोल, डीजल में 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। सरकार पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। इस बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ‘महंगाई मैन’ मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया है। चुनाव खत्म हो गए हैं, मोदी की वसूली शुरू हो गई है। वहीं सपा के अखिलेश यादव ने एक कार्टून शेयर करते हुए लिखा कि हमने तो पहले ही कहा था कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं है। आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है। देखिए देश भर में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav

Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav

Hindi News National Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav BJP SP Congress नई दिल्ली34 मिनट पहले कॉपी लिंक पेट्रोल, डीजल में 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। सरकार पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। इस बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ‘महंगाई मैन’ मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया है। चुनाव खत्म हो गए हैं, मोदी की वसूली शुरू हो गई है। वहीं सपा के अखिलेश यादव ने एक कार्टून शेयर करते हुए लिखा कि हमने तो पहले ही कहा था कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं है। आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है। देखिए देश भर में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

प्रभाव की सीमा: क्यों केसी वेणुगोपाल की केरल से ‘शानदार वापसी’ ने गांधी परिवार को कमजोर बना दिया है | भारत समाचार

US President Donald Trump shakes hands with China's President Xi Jinping at the Great Hall of the People in Beijing. (Source: AFP)

आखरी अपडेट:14 मई, 2026, 22:35 IST तथ्य यह है कि राहुल गांधी को ‘अपनी इच्छाएं पूरी करनी पड़ीं’ और संभावित विद्रोह की स्थिति में वेणुगोपाल को पद छोड़ने के लिए कहना पड़ा। इस नतीजे से केंद्रीय नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी असुरक्षित नजर आ रहे हैं। यह एक कथित आंतरिक मतभेद को भी उजागर करता है, जिसमें सोनिया गांधी द्वारा समर्थित प्रियंका गांधी वाड्रा कथित तौर पर ‘स्व-प्रदत्त’ संकट से बचने के लिए अधिक लोकप्रिय स्थानीय विकल्प की वकालत कर रही हैं। फ़ाइल चित्र/पीटीआई केरल में नेतृत्व गतिरोध का समाधान केसी वेणुगोपाल के शीर्ष पद से हटने के एक साधारण मामले से कहीं अधिक है; यह एक ऐतिहासिक क्षण है जो कांग्रेस पार्टी की आंतरिक गतिशीलता के भीतर बदलती टेक्टोनिक प्लेटों को उजागर करता है। जबकि “हाईकमान” संस्कृति ने लंबे समय से पार्टी को परिभाषित किया है, मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीसन की नियुक्ति नई दिल्ली और क्षेत्रीय क्षत्रपों के बीच शक्ति के एक महत्वपूर्ण पुनर्मूल्यांकन का संकेत देती है। हाईकमान की सीमाएँ इसमें कोई संदेह नहीं है कि केसी वेणुगोपाल राहुल गांधी की आंख और कान बने हुए हैं। एआईसीसी महासचिव (संगठन) के रूप में, वेणुगोपाल का टिकट वितरण पर काफी प्रभाव था, जो स्वाभाविक रूप से विधायकों के एक महत्वपूर्ण गुट के समर्थन में तब्दील हो गया। “अपने आदमी” के लिए राहुल गांधी की प्राथमिकता एक खुला रहस्य था, जो अंतिम घोषणा से कुछ क्षण पहले पार्टी मुख्यालय के बाहर लगे दोनों नेताओं के विशाल पोस्टरों से उजागर हुआ। हालाँकि, तथ्य यह है कि राहुल गांधी को “अपनी इच्छा को दबाना पड़ा” और संभावित विद्रोह के कारण वेणुगोपाल को पद छोड़ने के लिए कहना पड़ा। इससे पता चलता है कि गांधी परिवार प्रभाव की उस सीमा पर पहुंच गया है जिसे अब वह पार नहीं कर सकता। भारी जनभावना और खंडित विधायक दल के जोखिम का सामना करते हुए, केंद्रीय नेतृत्व को मानने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्वतंत्र मुख्यमंत्री का उदय वीडी सतीसन का उत्थान “शक्तिशाली मुख्यमंत्री” की वापसी का प्रतीक है – एक ऐसा नेता जो पूरी तरह से दिल्ली के अधीन होने की आवश्यकता महसूस नहीं करता है। क्योंकि उनकी कुर्सी का श्रेय जनपथ से नामांकन के बजाय स्थानीय नेताओं और मतदाताओं के साथ उनकी स्थिति को जाता है, सतीसन एक स्वतंत्र जनादेश के साथ कार्यालय में प्रवेश करते हैं। यह उन्हें कर्नाटक में सिद्धारमैया, या पूर्व में अशोक गहलोत और कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे नेताओं के समान श्रेणी में रखता है। हालाँकि ये नेता गांधी परिवार के प्रति वफादारी का पारंपरिक आवरण बनाए रखते हैं, लेकिन उनके पास अपना खुद का दिमाग भी है। सतीसन की जीत केंद्रीय आदेश पर क्षेत्रीय नेतृत्व की ताकत का प्रमाण है। गांधी परिवार की असुरक्षा इस नतीजे से केंद्रीय नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी असुरक्षित नजर आ रहे हैं। यह एक कथित आंतरिक मतभेद को भी उजागर करता है, जिसमें सोनिया गांधी द्वारा समर्थित प्रियंका गांधी वाड्रा कथित तौर पर “स्व-प्रदत्त” संकट से बचने के लिए अधिक लोकप्रिय स्थानीय विकल्प की वकालत कर रही हैं। आलाकमान के लिए, अपने ही पिछवाड़े में “विनम्र पाई खाना” (राहुल गांधी के वायनाड कनेक्शन को देखते हुए) एक स्पष्ट अनुस्मारक है कि जब दांव ऊंचे होते हैं तो क्षेत्रीय शक्ति अक्सर केंद्रीय सत्ता पर हावी हो जाती है। केसी वेणुगोपाल के लिए आगे क्या? कांग्रेस की परंपरा में बलिदान को अक्सर पुरस्कृत किया जाता है, लेकिन इंतजार लंबा हो सकता है। जबकि वेणुगोपाल अपनी “शानदार” वापसी के लिए राहुल गांधी की नजरों में ऊपर उठ गए होंगे, विडंबना यह है कि दिल्ली में उनका कद कम हो सकता है। सत्ता से निकटता के बावजूद, अपने गृह राज्य में शीर्ष पद हासिल करने में उनकी असमर्थता, उनके प्रभाव की सीमा का सुझाव देती है। यदि उन्हें इस बलिदान की “प्रतिपूर्ति” करनी है, तो कांग्रेस की अध्यक्षता ही एकमात्र महत्वपूर्ण कदम होगा। हालाँकि, मल्लिकार्जुन खड़गे मजबूती से अपनी जगह पर हैं और संगठनात्मक चुनाव अक्टूबर तक नहीं होने हैं, वेणुगोपाल के नाम पर आम सहमति की गारंटी नहीं है। फैसला केरल को “वीडी” में एक ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जिसे जमीनी हकीकत और जमीनी स्तर के कैडर का समर्थन प्राप्त है। लेकिन बड़े पैमाने पर कांग्रेस पार्टी के लिए, “केरल के लिए लड़ाई” ने एक मिसाल कायम की है: शक्तिशाली आलाकमान को राजी किया जा सकता है – या मजबूर किया जा सकता है – जब क्षेत्रीय नब्ज आंतरिक सर्कल की फुसफुसाहट से अधिक जोर से धड़कती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया प्रभाव की सीमा: क्यों केसी वेणुगोपाल की केरल से ‘शानदार वापसी’ ने गांधी परिवार को कमजोर बना दिया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल(टी)कांग्रेस(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)राहुल गांधी(टी)वीडी सतीसन

BJP Vs Rahul Gandhi Foreign Trips Funding; Sambit Patra Congress

BJP Vs Rahul Gandhi Foreign Trips Funding; Sambit Patra Congress

Hindi News National BJP Vs Rahul Gandhi Foreign Trips Funding; Sambit Patra Congress | Political News नई दिल्ली37 मिनट पहले कॉपी लिंक राहुल 2025 में 17 दिसंबर से 20 दिसंबर तक जर्मनी गए थे। इस दौरान उन्होंने BMW मुख्यालय का दौरा किया था। भाजपा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाया। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कहा- राहुल गांधी ने पिछले 22 साल में 54 विदेश यात्राएं की हैं। सितंबर 2025 में सीक्रेट यात्राएं भी की हैं। उन्होंने दावा किया कि हर विदेश दौरे में राहुल के साथ 3-4 लोग भी जाते थे। इन यात्राओं पर कुल खर्च करीब ₹60 करोड़ बैठता है। राहुल के हलफनामे के मुताबिक पिछले 10 साल में उनकी घोषित आय ₹11 करोड़ रही, तो इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया, किसने फंडिंग की? राहुल फंडिंग का सोर्स बताएं। वियतनाम यात्रा पर भी सवाल उठाया इसी साल जनवरी में भाजपा ने दावा किया था कि राहुल वियतनाम दौरे पर गए हैं। आरोप लगाया था कि राहुल वियतनाम में भारत विरोधी लोगों के मेहमान बनकर देश के खिलाफ बोलेंगे। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा था कि राहुल विदेश जाकर भारत के खिलाफ जहर उगलने का काम करते हैं। उन्होंने कांग्रेस से मांग की कि यह साफ किया जाए कि राहुल गांधी को विदेशों में कौन लोग और किन मकसदों से आमंत्रित करते हैं। त्रिवेदी ने सवाल उठाया था कि जब कांग्रेस शासित राज्यों में भी राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर बुलावा नहीं मिलता, तो विदेशों में उन्हें कौन और क्यों आमंत्रित करता है। भाजपा के इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल की 2025 की विदेश यात्राएं… 17 दिसंबर से 20 दिसंबर- राहुल गांधी प्रोग्रेसिव अलायंस के आमंत्रण पर तीन दिन के दौरे पर 17 दिसंबर को जर्मनी पहुंचे थे। 25 जून से 6 जुलाई 2025: 2025 के मध्य में राहुल गांधी लंदन भी यात्रा पर रहे। सुरक्षा एजेंसियों के लेटर में यह विवरण आया है। 4 से 8 सितंबर 2025: इस दौरान उन्होंने मलेशिया का दौरा किया था। सितंबर 2025: राहुल दक्षिण अमेरिका के ब्राजील, कोलंबिया समेत चार देशों के दौरे पर रहे। इसमें छात्रों, व्यापारियों और नेताओं से बातचीत की थी। राहुल गांधी की यह तस्वीर सितंबर में सामने आई थी, जिसे लेकर दावा किया गया था कि वोटर अधिकार यात्रा के बाद वे सिंगापुर में छुटि्टयां मनाने गए थे। जून 2024 में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल के विदेश में 4 विवादित बयान 18 दिसंबर जर्मनी में कहा- BJP संविधान खत्म करने की साजिश रच रही राहुल गांधी ने 18 दिसंबर को जर्मनी में बीजेपी पर भारतीय संविधान को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। राहुल ने कहा- बीजेपी संविधान की उस मूल भावना को खत्म करना चाहती है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार देती है। पूरी खबर पढ़ें… 2 अक्टूबरः कोलंबिया में कहा- RSS और भाजपा की विचारधारा में कायरता राहुल ने 2 अक्टूबर को कोलंबिया की EIA यूनिवर्सिटी में ‘द फ्यूचर इज टुडे’ कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की विचारधारा के मूल में कायरता है।’ इसके लिए उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के 2023 में चीन को लेकर दिए बयान का हवाला दिया। पूरी खबर पढ़ें… 21 अप्रैलः अमेरिका में कहा- महाराष्ट्र चुनाव में गड़बड़ी साफ दिख रही राहुल गांधी ने 21 अप्रैल को अमेरिका के बॉस्टन में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पर सवाल उठाए। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह पूरी तरह साफ है कि भारतीय चुनाव आयोग समझौता कर चुका है। इस सिस्टम में कुछ गड़बड़ी है। पूरी खबर पढ़ें… 9 सितंबर 2024ः अमेरिका में कहा- सब कुछ मेड इन चाइना राहुल गांधी विपक्ष के नेता के तौर पर पहली बार विदेश दौरे पर थे। उन्होंने 9 सितंबर को अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के छात्रों से भारतीय राजनीति, इकोनॉमी और भारत जोड़ो यात्रा समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। राहुल ने कहा, “भारत में सब मेड इन चाइना है। चीन ने प्रोडक्शन पर ध्यान दिया है इसलिए चीन में रोजगार की दिक्कतें नहीं हैं।” राहुल गांधी ने 9 सितंबर 2024 को यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में कहा कि खुद के आइडिया को खत्म कर लोगों के बारे में सोचना ही देवता होना होता है। नेता प्रतिपक्ष बनने से पहले की विदेशी यात्राएं जो विवादित रहीं… मई 2022- राहुल गांधी ब्रिटेन के दौरे पर थे। उन्होंने CBI और ED का हवाला देते हुए भारत सरकार की तुलना पाकिस्तान सरकार से की थी। BJP ने राहुल पर विदेश में जाकर भारत को बदनाम करने का आरोप लगाया दिसंबर 2020- राहुल गांधी नानी से मिलने इटली गए थे। 28 दिसंबर को हर साल कांग्रेस का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इसमें वे शामिल नहीं हुए। इस पर विवाद हुआ। कुछ महीने बाद पंजाब, गोवा, उत्तराखंड, मणिपुर और यूपी में चुनाव हुए। इसमें कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। इसके बाद कई कांग्रेस नेताओं ने इसे राहुल के विदेशी दौरे से जोड़ा। राहुल पर आरोप लगा कि इटली जाने के लिए उन्होंने पंजाब में रैली को कैंसिल करवा दिया। दिसंबर 2019- भारत में CAA के खिलाफ बड़ा आंदोलन चल रहा था। राहुल गांधी तब दक्षिण कोरिया चले गए थे। उनकी इस यात्रा को लेकर कई कांग्रेसी नेताओं ने भी सवाल उठाए थे। अक्टूबर 2019- हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले चुनाव से सिर्फ 15 दिन पहले राहुल गांधी कंबोडिया चले गए। BJP ने कहा कि राहुल गांधी पर्सनल टूर पर बैंकॉक गए हैं। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि वे मेडिटेशन के लिए कम्बोडिया गए हैं। ……………………… यह खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- देश चलाना मोदी के बस की बात नहीं: सोना न खरीदें, विदेश न जाएं जैसी 7 अपीलें उपदेश नहीं; नाकामी के सबूत राहुल गांधी ने 11 मई को पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की हालिया ‘सात अपीलों’ पर पलटवार किया था। उन्होंने इसे नाकामी करार दिया। कहा कि अब देश चलाना प्रधानमंत्री के बस में नहीं रह गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को