Salman Khan Subhash Ghai Controversy

20 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान और फिल्ममेकर सुभाष घई ने मुख्य रूप से साल 2008 में आई फिल्म ‘युवराज’ में एक साथ काम किया है। फिल्ममेकर सुभाष घई ने हाल ही में बताया कि सलमान खान के साथ हुए उनके झगड़े के बाद सलीम खान ने सलमान को उनसे माफी मांगने के लिए भेजा था। यह घटना फिल्म ‘युवराज’ में दोनों के साथ काम करने से पहले हुई थी। घई के मुताबिक, एक पार्टी में सलमान ने कथित तौर पर उन्हें गालियां दी थीं और दोनों के बीच हाथापाई भी हुई थी। टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में सुभाष घई ने बताया, “युवराज के लिए सलमान खान के भाई ने मुझसे संपर्क किया और कहा, ‘आप सलमान के साथ फिल्म क्यों नहीं बनाते?’ मैंने कहा, ‘क्या सलमान इसके लिए तैयार हैं? क्योंकि मैंने उनके साथ कभी काम नहीं किया।’ उन्होंने कहा, ‘वह तैयार हैं।’” इसके बाद घई ने फिल्म की कहानी लिखी। उन्होंने कहा, “मेरी चुनौती यह थी कि मुझे एक ऐसे किरदार में एक्टर को लेना था, जिसे उसने पहले कभी नहीं निभाया हो।” बता दें कि फिल्म ‘युवराज’ में सलमान खान के साथ अनिल कपूर और कैटरीना कैफ भी थीं। इसके बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सक्सेस नहीं हो पाई। 2008 में रिलीज हुई सलमान खान स्टारर फिल्म ‘युवराज’ करीब ₹48 करोड़ के बजट में बनी थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब ₹31.22 करोड़ की कमाई की थी। घई बोले- स्टार इमेज किरदार पर भारी पड़ सकती है फिल्म के कामयाब नहीं होने पर घई ने कहा, “कई बार ये किरदार इसलिए काम नहीं करते, क्योंकि स्टार किरदार पर हावी हो जाता है। वह किरदार निभाने के बजाय खुद को ही निभाता है।” घई ने आगे कहा, “एक समय के बाद स्टार खुद का ही कैरिकेचर बन जाते हैं। आप कितनी बार खुद को दोहरा सकते हैं? बच्चन साहब यानी अमिताभ बच्चन को सलाम है कि उन्होंने इतने सारे किरदार निभाए हैं।” सुभाष घई ने 1976 में फिल्म कालीचरण से अपने निर्देशन की शुरुआत की, जो बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। पार्टी में सलमान से हुआ था झगड़ा घई ने झगड़े वाली घटना को याद करते हुए कहा, “फिल्म से पहले हमारा झगड़ा हुआ था। हाथापाई हुई थी। इसके बाद उनके (सलमान) पिता ने उन्हें डांटा था।” उन्होंने बताया, “हम एक पार्टी में थे। सलमान नशे में थे। वह कुछ गलत बात कह रहे थे, तो मैंने उनसे कहा, ‘ऐसा मत कहो।’ उन्हें मुझसे किसी बात की नाराजगी थी।” घई ने कहा, “उन्होंने मुझसे पूछा, ‘तुमने यह या वह क्यों किया?’ मैंने कहा कि डायरेक्टर के तौर पर यह मेरा फैसला है। वह मुझे गालियां देने लगे। मैंने उनसे ऐसा नहीं करने को कहा। इसके बाद वहां हमारा झगड़ा हो गया।” सलीम खान ने सलमान को माफी मांगने भेजा घई के मुताबिक, इस बहस के बाद सलीम खान ने मामले को सुलझाया। उन्होंने कहा, “अगली सुबह सलीम साहब ने मुझे फोन किया और बताया कि सलमान ने अपनी मां को ये सारी बातें बता दी थीं।” घई ने कहा, “उन्होंने बताया कि मैंने (सलीम) उसे डांटा है। इसके बाद उन्होंने सलमान को मेरे घर माफी मांगने के लिए भेजा। सलमान आए और उन्होंने शालीनता से माफी मांगी।” उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद मैं उन्हें पसंद करने लगा, क्योंकि वह अपने पिता की बहुत इज्जत करते थे। मैंने उस बात को वहीं खत्म कर दिया। हम अक्सर एक-दूसरे के घर जाते थे। इसके बाद हमने साथ में एक फिल्म की।” ………… सुभाष घई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें 83 साल के हुए डायरेक्टर सुभाष घई: जन्मदिन के मौके पर बताया क्यों नानाजी ने सुभाष चंद्र बोस के नाम पर उनका नाम रखा था? डायरेक्टर सुभाष घई ने अपने 83वें जन्मदिन के मौके पर दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत की थी। इसमें उन्होंने बताया था कि 83 साल की उम्र में अब वे अपनी सेहत, आध्यात्मिकता, आचरण, परिवार, समाज और देशहित के लिए जितना संभव हो सके, उतना काम करेंगे। साथ ही बताया था कि क्यों उनके नानाजी ने सुभाष चंद्र बोस के नाम पर उनका नाम रखा था? पूरी खबर यहां पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Nepal Flood Alert Delay Controversy

काठमांडू4 मिनट पहलेलेखक: हेमेन्दर शर्मा कॉपी लिंक नेपाल के भोटे कोशी और त्रिशुली नदी में 26 अगस्त की सुबह अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचाई थी। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद अब अलर्ट जारी करने की टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, रसुवा जिला प्रशासन को चीन की तरफ से बाढ़ की सूचना सुबह 9 बजे मिली थी। इसके बाद सुबह 9.15 बजे नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले करीब छह लाख लोगों को SMS अलर्ट भेजा गया। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि उसे जिला प्रशासन से सुबह 8.40 बजे ही बाढ़ की सूचना मिल गई थी। लोगों को SMS अलर्ट सुबह 9.35 बजे भेजा गया था। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्हें दोस्तों और रिश्तेदारों से सुबह 7.30 बजे ही बाढ़ की चेतावनी मिल गई थी। अलर्ट की टाइमिंग को लेकर इन अलग-अलग दावों के बीच सिस्टम की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।शनिवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 682 पहुंच गई, जबकि 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इनमें 275 भारतीय शामिल हैं। अब तक 7,514 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जिनमें 163 विदेशी भी हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटे कोशी नदी में पानी के साथ मलबा और चट्टानों का सैलाब आया था। प्रत्यक्षदर्शी बोले- सुबह 7.30 बजे ही मिल गई थी जानकारी त्रिशूली निवासी 36 साल के रमेश रिजाल के मुताबिक, चीन बॉर्डर के पास रहने वाले उनके एक दोस्त ने सुबह 7.30 बजे फोन कर भयानक बाढ़ आने की जानकारी दी थी। रिजाल ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी करते रहे। सुबह 9.20 बजे उन्होंने अपने नए घर के निर्माण का वीडियो भी बनाया। इसके बाद अफरा-तफरी मचने पर वे परिवार के साथ सुरक्षित जगह चले गए। त्रिभुवन सेकेंडरी को-एजुकेशनल स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बताया कि एक सहकर्मी को नदी के ऊपरी इलाके से बाढ़ की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने स्कूल की घंटी लगातार बजाने का निर्देश दिया। स्कूल में करीब 1,600 स्टूडेंट्स हैं। दवाड़ी के मुताबिक, उनकी आंखों के सामने स्कूल बाढ़ में बह गया, हालांकि बच्चे सुरक्षित बचा लिए गए। बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। भूकंप के 13 मिनट बाद नदी का डेटा सिस्टम बंद मौसम विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को सुबह 8.37 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके 13 मिनट बाद सुबह 8.50 बजे भोटे कोशी नदी का जलस्तर मापने वाला डेटा रिसीविंग सिस्टम काम करना बंद कर गया। भूकंप के बाद तिब्बत के ल्हेंदे खोला नदी में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ गिरा था। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है। बाढ़ का पानी इतनी तेज रफ्तार से आया कि लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने तक का मौका नहीं मिला। 9.36 बजे पानी बाजार की ओर बढ़ा, 2 मिनट में सब बह गया त्रिशूली बाजार में कबाड़ का कारोबार करने वाले बिहार मूल के जलेश्वर साहनी ने बाढ़ की तबाही की तस्वीरें खींचीं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9.15 बजे रासुवागढ़ी में मौजूद उनके भाई ने फोन कर विशाल बाढ़ के आने की सूचना दी। इसके बाद साहनी परिवार के साथ पहाड़ी पर चले गए। साहनी ने सुबह 9.36 बजे एक तस्वीर ली, जिसमें बाढ़ का पानी त्रिशूली बाजार की ओर बढ़ता दिख रहा था। इसके महज दो मिनट बाद 9.38 बजे ली गई दूसरी तस्वीर में पूरा त्रिशूली बाजार बाढ़ में बह चुका था। यानी तबाही की रफ्तार इतनी तेज थी कि दो मिनट में पूरा मंजर बदल गया। विपक्ष ने चीन के सैटेलाइट सिस्टम पर उठाए सवाल नेपाली कांग्रेस के उपनेता अभिषेक प्रताप शाह ने कहा कि चीन का सैटेलाइट सिस्टम ग्लेशियरों की निगरानी करता है। इसलिए चीन को खतरे की सूचना समय रहते देनी चाहिए थी। इसी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि बाढ़ की चेतावनी स्थानीय प्रशासन और लोगों तक सही समय पर क्यों नहीं पहुंची। ———————————- यह खबर भी पढ़ें… नेपाल- भोटेकोशी नदी में पानी बढ़ा, फिर बाढ़ का खतरा:रसुवा सहित 3 जिलों में अलर्ट नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रविवार सुबह बताया कि भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव तेज होने की जानकारी मिली है। इसके बाद जिला प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में अलर्ट जारी किया गया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Nepal Flood Alert Delay Controversy

काठमांडू9 मिनट पहलेलेखक: हेमेन्दर शर्मा कॉपी लिंक नेपाल के भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में 26 अगस्त की बाढ़ ने तबाही मचाई थी। नेपाल में 26 अगस्त की सुबह आई बाढ़ के बाद अलर्ट जारी करने की टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, चीन की ओर से रसुवा जिला प्रशासन को बाढ़ की सूचना सुबह 9 बजे मिली थी। इसके बाद सुबह 9.15 बजे नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले छह लाख लोगों को SMS अलर्ट भेजा गया। प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि उसे जिला प्रशासन से सुबह 8.40 बजे ही बाढ़ की सूचना मिल गई थी। लोगों को SMS अलर्ट सुबह 9.35 बजे भेजा गया था। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्हें दोस्तों और रिश्तेदारों से सुबह 7.30 बजे ही बाढ़ की चेतावनी मिल गई थी। शनिवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 682 पहुंच गई है। तीन हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इनमें 275 भारतीय शामिल हैं। अब तक 7,514 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जिनमें 163 विदेशी भी हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटे कोशी नदी में पानी के साथ मलबा और चट्टानों का सैलाब आया था। प्रत्यक्षदर्शी बोले- सुबह 7.30 बजे जानकारी मिल गई थी त्रिशूली निवासी 36 साल के रमेश रिजाल के मुताबिक, चीन बॉर्डर के पास रहने वाले उनके एक दोस्त ने सुबह 7.30 बजे फोन कर भयानक बाढ़ आने की जानकारी दी थी। रिजाल ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वे बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी करते रहे। सुबह 9.20 बजे उन्होंने अपने नए घर के निर्माण का वीडियो भी बनाया। इसके बाद अफरातफरी मचने पर परिवार के साथ सुरक्षित जगह चले गए। त्रिभुवन सेकेंडरी को-एजुकेशनल स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बताया कि एक सहकर्मी को नदी के ऊपरी इलाके से बाढ़ की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने स्कूल की घंटी लगातार बजाने का निर्देश दिया। स्कूल में करीब 1,600 स्टूडेंट्स हैं। दवाड़ी के मुताबिक, उनकी आंखों के सामने स्कूल बाढ़ में बह गया, हालांकि बच्चे सुरक्षित बचा लिए गए। बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। भूकंप के 13 मिनट बाद नदी का डेटा सिस्टम बंद मौसम विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को सुबह 8.37 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके 13 मिनट बाद सुबह 8.50 बजे भोटे कोशी नदी का जलस्तर मापने वाले डेटा रिसीविंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। भूकंप के बाद तिब्बत के ल्हेंदे खोला नदी में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ गिरा था। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है। बाढ़ का पानी इतनी तेज रफ्तार से आया कि लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने तक का मौका नहीं मिला। 9.36 बजे पानी बाजार की ओर बढ़ा, 2 मिनट में सब बह गया त्रिशूली बाजार में कबाड़ का कारोबार करने वाले बिहार मूल के जलेश्वर साहनी ने बाढ़ की तबाही की तस्वीरें खींचीं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9.15 बजे रासुवागढ़ी में मौजूद उनके भाई ने फोन कर विशाल बाढ़ के आने की सूचना दी। इसके बाद साहनी परिवार के साथ पहाड़ी पर चले गए। साहनी ने सुबह 9.36 बजे एक तस्वीर ली, जिसमें बाढ़ का पानी त्रिशूली बाजार की ओर बढ़ता दिख रहा था। इसके महज दो मिनट बाद 9.38 बजे ली गई दूसरी तस्वीर में पूरा त्रिशूली बाजार बाढ़ में बह चुका था। यानी तबाही की रफ्तार इतनी तेज थी कि दो मिनट में पूरा मंजर बदल गया। विपक्ष ने चीन के सैटेलाइट सिस्टम पर उठाए सवाल नेपाली कांग्रेस के उपनेता अभिषेक प्रताप शाह ने कहा कि चीन का सैटेलाइट सिस्टम ग्लेशियरों की निगरानी करता है। इसलिए चीन को खतरे की सूचना समय रहते देनी चाहिए थी। इसी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि बाढ़ की चेतावनी स्थानीय प्रशासन और लोगों तक सही समय पर क्यों नहीं पहुंची। ———————————- यह खबर भी पढ़ें… नेपाल- भोटेकोशी नदी में पानी बढ़ा, फिर बाढ़ का खतरा:रसुवा सहित 3 जिलों में अलर्ट नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रविवार सुबह बताया कि भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव तेज होने की जानकारी मिली है। इसके बाद जिला प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में अलर्ट जारी किया गया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Samay Raina Controversy | BJP MLA Ram Kadam Statement on Bihar & Kashmir

2 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के वीडियो वायरल होने के बाद विरोध शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक राम कदम ने रैना पर विवादित बयान देकर मुफ्त में पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया है। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड से शुरू हुआ विवाद समय रैना ने शुक्रवार को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सीजन-2 का नया एपिसोड रिलीज किया था। इसके कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इनमें रैना और स्टैंडअप कॉमेडियन शेरॉन वर्मा के बीच उनके मूल स्थानों को लेकर बातचीत भी शामिल थी। शेरॉन वर्मा बिहार से हैं, जबकि समय रैना कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं। इसी बातचीत से विवाद शुरू हुआ। बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर टिप्पणियों पर आपत्ति वायरल क्लिप के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रैना की टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया। खासकर कश्मीरी पंडित समुदाय के कुछ लोगों ने कहा कि किसी समुदाय या क्षेत्र को कॉमेडी का विषय बनाकर उसका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। विवाद ने स्टैंडअप कॉमेडी में मजाक और सामाजिक संवेदनशीलता की सीमा को लेकर बहस छेड़ दी है। राम कदम बोले- विवाद से पब्लिसिटी हासिल करना मकसद बीजेपी विधायक राम कदम ने समय रैना की कथित टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग जानबूझकर विवादित बयान देते हैं ताकि उन्हें चर्चा और प्रसिद्धि मिल सके। राम कदम के मुताबिक, सनातन हिंदू धर्म और कश्मीरी पंडितों को मजाक या उपहास का विषय नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति जानबूझकर आपत्तिजनक बात कहकर बाद में माफी मांग ले, तो इससे उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। उनके अनुसार, तब तक विवादित बयान के जरिए संबंधित व्यक्ति को देशभर में पब्लिसिटी मिल चुकी होती है। शो में अर्चना पूरन सिंह ने भी दिया करारा जवाब इसी एपिसोड में समय रैना ने अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी अर्चना पूरन सिंह पर भी मजाक किया। एक कंटेस्टेंट ने बताया कि वह शायरी के अलावा डांस, व्लॉगिंग और रैपिंग भी करता है। व्लॉगिंग का जिक्र आते ही रैना ने अर्चना पूरन सिंह के फैमिली व्लॉग्स पर तंज कसते हुए कहा कि व्लॉगिंग के लिए टैलेंट की जरूरत नहीं होती। इस पर अर्चना ने तुरंत पलटकर जवाब दिया- ‘गालियां देना टैलेंट है।’ उनके जवाब पर शो में मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाईं। पहले भी विवादों में रह चुका है शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ और समय रैना इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। शो की भाषा और कंटेंट को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किए जाने के बाद भी उनकी आलोचना हुई थी। कॉमेडियन सुनील पाल ने भी इस सम्मान पर सवाल उठाया था। ताजा विवाद के बाद सोशल मीडिया पर फिर बहस तेज हो गई है कि कॉमेडी के नाम पर किसी क्षेत्र, समुदाय या धार्मिक समूह को लेकर की गई टिप्पणी की क्या सीमा होनी चाहिए। _______________________________ यह खबर भी पढ़ें.. समय रैना समेत 5 कॉमेडियन के खिलाफ केस रद्द:दिव्यांगों पर कमेंट पर FIR हुई थी, अब सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग टूर्नामेंट कराने की तारीफ की दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट के केस में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना समेत पांच के खिलाफ दर्ज केस शुक्रवार को रद्द कर दिए। इन पर इंजियाज गॉट लेटेंट शो में दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट और उनका मजाक उड़ाने FIR दर्ज की गई थी।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Samay Raina Controversy | BJP MLA Ram Kadam Statement on Bihar & Kashmir

18 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के वीडियो वायरल होने के बाद विरोध शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक राम कदम ने रैना पर विवादित बयान देकर मुफ्त में पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया है। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड से शुरू हुआ विवाद समय रैना ने शुक्रवार को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सीजन-2 का नया एपिसोड रिलीज किया था। इसके कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इनमें रैना और स्टैंडअप कॉमेडियन शेरॉन वर्मा के बीच उनके मूल स्थानों को लेकर बातचीत भी शामिल थी। शेरॉन वर्मा बिहार से हैं, जबकि समय रैना कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं। इसी बातचीत से विवाद शुरू हुआ। बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर टिप्पणियों पर आपत्ति वायरल क्लिप के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रैना की टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया। खासकर कश्मीरी पंडित समुदाय के कुछ लोगों ने कहा कि किसी समुदाय या क्षेत्र को कॉमेडी का विषय बनाकर उसका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। विवाद ने स्टैंडअप कॉमेडी में मजाक और सामाजिक संवेदनशीलता की सीमा को लेकर बहस छेड़ दी है। राम कदम बोले- विवाद से पब्लिसिटी हासिल करना मकसद बीजेपी विधायक राम कदम ने समय रैना की कथित टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग जानबूझकर विवादित बयान देते हैं ताकि उन्हें चर्चा और प्रसिद्धि मिल सके। राम कदम के मुताबिक, सनातन हिंदू धर्म और कश्मीरी पंडितों को मजाक या उपहास का विषय नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति जानबूझकर आपत्तिजनक बात कहकर बाद में माफी मांग ले, तो इससे उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। उनके अनुसार, तब तक विवादित बयान के जरिए संबंधित व्यक्ति को देशभर में पब्लिसिटी मिल चुकी होती है। शो में अर्चना पूरन सिंह ने भी दिया करारा जवाब इसी एपिसोड में समय रैना ने अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी अर्चना पूरन सिंह पर भी मजाक किया। एक कंटेस्टेंट ने बताया कि वह शायरी के अलावा डांस, व्लॉगिंग और रैपिंग भी करता है। व्लॉगिंग का जिक्र आते ही रैना ने अर्चना पूरन सिंह के फैमिली व्लॉग्स पर तंज कसते हुए कहा कि व्लॉगिंग के लिए टैलेंट की जरूरत नहीं होती। इस पर अर्चना ने तुरंत पलटकर जवाब दिया- ‘गालियां देना टैलेंट है।’ उनके जवाब पर शो में मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाईं। पहले भी विवादों में रह चुका है शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ और समय रैना इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। शो की भाषा और कंटेंट को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किए जाने के बाद भी उनकी आलोचना हुई थी। कॉमेडियन सुनील पाल ने भी इस सम्मान पर सवाल उठाया था। ताजा विवाद के बाद सोशल मीडिया पर फिर बहस तेज हो गई है कि कॉमेडी के नाम पर किसी क्षेत्र, समुदाय या धार्मिक समूह को लेकर की गई टिप्पणी की क्या सीमा होनी चाहिए। _______________________________ यह खबर भी पढ़ें.. समय रैना समेत 5 कॉमेडियन के खिलाफ केस रद्द:दिव्यांगों पर कमेंट पर FIR हुई थी, अब सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग टूर्नामेंट कराने की तारीफ की दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट के केस में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना समेत पांच के खिलाफ दर्ज केस शुक्रवार को रद्द कर दिए। इन पर इंजियाज गॉट लेटेंट शो में दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट और उनका मजाक उड़ाने FIR दर्ज की गई थी।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
UPTET 2026 Result Controversy | Candidates Protest Against OMR Rejection

Hindi News Career UPTET 2026 Result Controversy | Candidates Protest Against OMR Rejection 3 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने 26 अगस्त को UPTET 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट जारी होने के बाद एक ओर जहां पास होने वाले उम्मीदवार खुश हैं, वहीं ऐसे 60 हजार उम्मीदवार बेहद निराश है जिनका रिजल्ट OMR शीट में हुई गलती की वजह से रिजेक्ट हो गया है। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार शामिल है जो आयोग की ऑफिशियल आंसर की से अपने आंसर मिलाने पर आसानी से परीक्षा पास कर रहे थे। लेकिन फाइनल रिजल्ट में उनका स्टेटस रिजेक्ट दिख रहा है। आयोग ने बताई रिजल्ट रिजेक्ट होने की वजह आयोग के अनुसार रोल नंबर, क्वेश्चन पेपर बुकलेट की संख्या या अन्य जरूरी कॉलम में सर्कल गलत भरने, ऊपर-नीचे हो जाने या किसी कॉलम के छूट जाने के कारण कंप्यूटर सॉफ्टवेयर ने इन OMR शीट को जांचने से सीधे खारिज कर दिया। अब इसके खिलाफ उम्मीदवारों ने ऑब्जेक्शन दर्ज किया है। उम्मीदवारों ने की मैनुअल जांच की मांग उम्मीदवारों की मांग है कि कई मामलों में लिखित रूप में रोल नंबर, बुकलेट नंबर सही था, लेकिन संबंधित गोला भरने में गलती हुई। जब उम्मीदवारों की पहचान की जा सकती है, तो ऐसी OMR को सीधे रिजेक्ट करने के बजाय मैनुअल जांच की जानी चाहिए। आयोग को दिए 5 हजार से अधिक प्रत्यावेदन प्रयागराज में उम्मीदवारों ने आयोग के सामने अपनी मांग रखी और परीक्षा के बाद ही 5 हजार से अधिक प्रत्यावेदन आयोग को दिए। 28 अगस्त को उम्मीदवारों ने प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सामने विरोध दर्ज कराया। इस दौरान 300 से ज्यादा उम्मीदवार आयोग पहुंचे और रिजल्ट की दोबारा जांच की मांग की। ——————————————————- ये खबर भी पढ़ें गुजरात यूनिवर्सिटी के प्रदर्शन में नकली नोटों की बारिश:NSUI का विरोध, पूर्व VC पर 9.84 लाख बेटे के बैंक खाते में ट्रांसफर का आरोप नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और कांग्रेस नेता ने गुजरात यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति के खिलाफ 40 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कंगना रनोट-बाबा रामदेव की सुलह की इनसाइड स्टोरी:तोहफे-मिठाई लेकर घर पहुंचे प्रवक्ता, कॉल पर हुई बातचीत; बयानबाजी से बचने पर सहमति जताई

योगगुरु बाबा रामदेव और बीजेपी सांसद-एक्ट्रेस कंगना रनौत के बीच पिछले दिनों से चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। रक्षाबंधन के मौके पर दोनों के बीच पैचअप की पूरी कवायद दिल्ली के 14 जनपथ स्थित कंगना रनौत के आवास पर हुई। बाबा रामदेव की ओर से उनके प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला गिफ्ट लेकर कंगना के घर पहुंचे। दोनों ने बात कर सहमति जताई है कि वह सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं करेंगे। कंगना ने सुलह के बाद अब बाबा रामदेव को राखी भी भिजवाई है। कंगना से मुलाकात के बाद बाबा रामदेव और कंगना की फोन पर भी बात कराई गई। कंगना के करीबी और उनके राजनीतिक सलाहकार मयंक मधुर के मुताबिक, इस बातचीत के साथ दोनों के बीच चल रही नाराजगी और सार्वजनिक बयानबाजी को खत्म करने पर सहमति बन गई है। मयंक के अनुसार, मुलाकात के बाद सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और बाबा रामदेव तथा कंगना रनौत की फोन पर बातचीत कराई गई। दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों में जो भी मतभेद पैदा हुए थे, उन पर बात हुई। इस पूरे घटनाक्रम में कंगना के सलाहकार मयंक मधुर की पहल भी अहम रही। दोनों पक्षों के बीच बातचीत की जमीन तैयार करने और विवाद को खत्म करने की दिशा में पहल करने के बाद रक्षाबंधन के मौके पर यह मुलाकात संभव हो सकी। 14 जनपथ पर हुई यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि बाबा रामदेव और कंगना रनौत के बीच विवाद पिछले दिनों सार्वजनिक तौर पर काफी चर्चा में रहा था। दोनों की टिप्पणियों और उसके बाद हुई बयानबाजी ने मामले को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सोशल मीडिया पर भी दोनों के समर्थकों के बीच इसे लेकर बहस होती रही। ऐसे में अब रक्षाबंधन के मौके पर विवाद खत्म करने की पहल को एक प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। कंगना ने कहा- भूल चूक माफ, ईश्वर लंबी आयु दे बाबा रामदेव की ओर से उपहार और मिठाई मिलने के बाद कंगना रनोट ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, ‘त्योहार का दिन होता है सब भूल-चूक माफ करने के लिए। मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छी बात कही कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम, दोनों स्वीकार करती हूं। बहुत धन्यवाद। ईश्वर आपको लंबी आयु दे।’ कंगना रनोट ने बाबा रामदेव को भेजी राखी सुलह होने के बाद कंगना रनोट ने बाबा रामदेव को राखी भेजी। उन्होंने अपनी कार्यकर्ता से वह राखी बंधवाई है। क्या था कंगना रनोट और रामदेव बाबा का पूरा विवाद? कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” विवाद लगभग खत्म हो चुका था, लेकिन कंगना ने डीडी न्यूज के इंटरव्यू में फिर बाबा रामदेव पर बयान दिया। उन्होंने कहा है, ‘बाबा रामदेव मुझसे पहले ही नाराज चल रहे हैं। अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा।’
कंगना रनोट-बाबा रामदेव की सुलह की इनसाइड स्टोरी:तोहफे-मिठाई लेकर घर पहुंचे प्रवक्ता, कॉल पर हुई बातचीत; बयानबाजी से बचने पर सहमति जताई

योगगुरु बाबा रामदेव और बीजेपी सांसद-एक्ट्रेस कंगना रनौत के बीच पिछले दिनों से चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। रक्षाबंधन के मौके पर दोनों के बीच पैचअप की पूरी कवायद दिल्ली के 14 जनपथ स्थित कंगना रनौत के आवास पर हुई। बाबा रामदेव की ओर से उनके प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला गिफ्ट लेकर कंगना के घर पहुंचे। दोनों ने बात कर सहमति जताई है कि वह सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं करेंगे। कंगना ने सुलह के बाद अब बाबा रामदेव को राखी भी भिजवाई है। कंगना से मुलाकात के बाद बाबा रामदेव और कंगना की फोन पर भी बात कराई गई। कंगना के करीबी और उनके राजनीतिक सलाहकार मयंक मधुर के मुताबिक, इस बातचीत के साथ दोनों के बीच चल रही नाराजगी और सार्वजनिक बयानबाजी को खत्म करने पर सहमति बन गई है। मयंक के अनुसार, मुलाकात के बाद सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और बाबा रामदेव तथा कंगना रनौत की फोन पर बातचीत कराई गई। दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों में जो भी मतभेद पैदा हुए थे, उन पर बात हुई। इस पूरे घटनाक्रम में कंगना के सलाहकार मयंक मधुर की पहल भी अहम रही। दोनों पक्षों के बीच बातचीत की जमीन तैयार करने और विवाद को खत्म करने की दिशा में पहल करने के बाद रक्षाबंधन के मौके पर यह मुलाकात संभव हो सकी। 14 जनपथ पर हुई यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि बाबा रामदेव और कंगना रनौत के बीच विवाद पिछले दिनों सार्वजनिक तौर पर काफी चर्चा में रहा था। दोनों की टिप्पणियों और उसके बाद हुई बयानबाजी ने मामले को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सोशल मीडिया पर भी दोनों के समर्थकों के बीच इसे लेकर बहस होती रही। ऐसे में अब रक्षाबंधन के मौके पर विवाद खत्म करने की पहल को एक प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। कंगना ने कहा- भूल चूक माफ, ईश्वर लंबी आयु दे बाबा रामदेव की ओर से उपहार और मिठाई मिलने के बाद कंगना रनोट ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, ‘त्योहार का दिन होता है सब भूल-चूक माफ करने के लिए। मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छी बात कही कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम, दोनों स्वीकार करती हूं। बहुत धन्यवाद। ईश्वर आपको लंबी आयु दे।’ कंगना रनोट ने बाबा रामदेव को भेजी राखी सुलह होने के बाद कंगना रनोट ने बाबा रामदेव को राखी भेजी। उन्होंने अपनी कार्यकर्ता से वह राखी बंधवाई है। क्या था कंगना रनोट और रामदेव बाबा का पूरा विवाद? कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” विवाद लगभग खत्म हो चुका था, लेकिन कंगना ने डीडी न्यूज के इंटरव्यू में फिर बाबा रामदेव पर बयान दिया। उन्होंने कहा है, ‘बाबा रामदेव मुझसे पहले ही नाराज चल रहे हैं। अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा।’
मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया,

कृति सेनन के रक्षाबंधन से जुड़े एड में रिवीलिंग कपड़े पहनने पर अब रामायण एक्टर सुनील लहरी भड़क गए हैं। उन्होंने इस एड का बहिष्कार किए जाने की तारीफ की और इसे संस्कृति के विरुद्ध कहा। सुनील लहरी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने कहा, ‘प्रणाम दोस्तों, हमारे त्योहार, हमारे पर्व या फेस्टिवल, हम जो चाहें कह लें, इनके साथ हमारी भावनाएं, रिश्ते, संस्कार जुड़े हैं। इनका सम्मान करना, हम सबकी जिम्मेदारी है। जैसे कि पिछले दिनों एक रक्षाबंधन के विज्ञापन को एकजुट होकर जिस तरह बहिष्कार किया, उसका मैं सम्मान करता हूं। हम सब मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है। हम सबको उनका रक्षक होना चाहिए, भक्षक नहीं। वह सम्माननीय हैं, पूजनीय हैं।’ जानिए क्या है विवाद और कैसे दो गुटों में बंटे लोग- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। कुनिका सदानंद ने आलोचना करने पर कंगना पर साधा निशाना- सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कृति के बचाव में कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी हाल-फिलहाल में हुआ विवाद- उर्वशी रौतेला की तिरंगे से प्रेरित ड्रेस- एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने हाल ही में जयपुर में हुए मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में पहने तिरंगा-प्रेरित गाउन पर उठे विवाद पर सफाई दी। उर्वशी ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू कॉपी नहीं थी, बल्कि तिरंगे से प्रेरित कॉउचर डिजाइन था। पेड्डी में जान्हवी के रिवीलिंग कपड़ों पर विवाद- इसी साल रिलीज हुई फिल्म पेड्डी में जान्हवी कपूर ने गांव की लड़की का किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म में बेहद रिवीलिंग कपड़े पहनने पर एक्ट्रेस विवादों में आ गईं। कई लोग एक्ट्रेस के सपोर्ट में उतरे। विवाद बढ़ने के बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू ने सार्वजनकि तौर पर माफी मांगी और सीन में बदलाव किए। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी उठे सवाल- प्रियंका चोपड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई एक मुलाकात में शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जिस पर विवाद हुआ था। दीपिका पादुकोण के फिल्म पद्मावत के गाने घूमर में शॉर्ट ब्लाउस पहनने और पेट दिखाने पर जमकर विवाद हुआ। बाद में मेकर्स ने स्पेशल इफेक्ट्स से पेट छिपाया था। दीपिका पादुकोण के खिलाफ पठान के बेशरम रंग गाने में भगवा रंग की बिकिनी पहनने पर भी जमकर विरोध हुआ। विरोध प्रदर्शन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगने पर मेकर्स को गाने में बदलाव करना पड़ा था।
मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया,

कृति सेनन के रक्षाबंधन से जुड़े एड में रिवीलिंग कपड़े पहनने पर अब रामायण एक्टर सुनील लहरी भड़क गए हैं। उन्होंने इस एड का बहिष्कार किए जाने की तारीफ की और इसे संस्कृति के विरुद्ध कहा। सुनील लहरी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने कहा, ‘प्रणाम दोस्तों, हमारे त्योहार, हमारे पर्व या फेस्टिवल, हम जो चाहें कह लें, इनके साथ हमारी भावनाएं, रिश्ते, संस्कार जुड़े हैं। इनका सम्मान करना, हम सबकी जिम्मेदारी है। जैसे कि पिछले दिनों एक रक्षाबंधन के विज्ञापन को एकजुट होकर जिस तरह बहिष्कार किया, उसका मैं सम्मान करता हूं। हम सब मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है। हम सबको उनका रक्षक होना चाहिए, भक्षक नहीं। वह सम्माननीय हैं, पूजनीय हैं।’ जानिए क्या है विवाद और कैसे दो गुटों में बंटे लोग- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। कुनिका सदानंद ने आलोचना करने पर कंगना पर साधा निशाना- सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कृति के बचाव में कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी हाल-फिलहाल में हुआ विवाद- उर्वशी रौतेला की तिरंगे से प्रेरित ड्रेस- एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने हाल ही में जयपुर में हुए मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में पहने तिरंगा-प्रेरित गाउन पर उठे विवाद पर सफाई दी। उर्वशी ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू कॉपी नहीं थी, बल्कि तिरंगे से प्रेरित कॉउचर डिजाइन था। पेड्डी में जान्हवी के रिवीलिंग कपड़ों पर विवाद- इसी साल रिलीज हुई फिल्म पेड्डी में जान्हवी कपूर ने गांव की लड़की का किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म में बेहद रिवीलिंग कपड़े पहनने पर एक्ट्रेस विवादों में आ गईं। कई लोग एक्ट्रेस के सपोर्ट में उतरे। विवाद बढ़ने के बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू ने सार्वजनकि तौर पर माफी मांगी और सीन में बदलाव किए। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी उठे सवाल- प्रियंका चोपड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई एक मुलाकात में शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जिस पर विवाद हुआ था। दीपिका पादुकोण के फिल्म पद्मावत के गाने घूमर में शॉर्ट ब्लाउस पहनने और पेट दिखाने पर जमकर विवाद हुआ। बाद में मेकर्स ने स्पेशल इफेक्ट्स से पेट छिपाया था। दीपिका पादुकोण के खिलाफ पठान के बेशरम रंग गाने में भगवा रंग की बिकिनी पहनने पर भी जमकर विरोध हुआ। विरोध प्रदर्शन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगने पर मेकर्स को गाने में बदलाव करना पड़ा था।






