Salman Khan Court Relief Denied; Amitabh Bachchan Stress; ₹370 Biryani Controversy; Karnataka Guidel

Hindi News Entertainment Salman Khan Court Relief Denied; Amitabh Bachchan Stress; ₹370 Biryani Controversy; Karnataka Guidel 2 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड ब्रीफ में जानिए मनोरंजन जगत से जुड़ी वो खबरें जो चर्चा में रहीं.… सलमान खान बनाम ‘काला हिरन’ फिल्म विवाद दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने सलमान खान की याचिका पर तुरंत अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस मधु जैन की बेंच ने सलमान की लीगल टीम को निर्देश दिया है कि वे फिल्म मेकर्स को केस से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपें, ताकि वे अपना जवाब तैयार कर सकें। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी। सलमान खान ने अपनी याचिका में फिल्म ‘काला हिरन: द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज रोकने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह फिल्म उनकी अनुमति के बिना उनके 1998 के काले हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े विवादों पर बनाई जा रही है। काम के तनाव से नहीं सो पा रहे अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन ने अपने ताजा ब्लॉग में काम के दबाव और नींद न आने की समस्या पर बात की है। 83 साल की उम्र में भी वे लगातार कई प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। शुक्रवार सुबह लिखे ब्लॉग में उन्होंने बताया कि काम पूरा करने के बाद उन्हें लगा कि इसे और बेहतर किया जा सकता था। इजाजत मिलने पर उन्होंने दोबारा काम किया। इसी उधेड़बुन में वे रातभर सो नहीं पाए और सुबह हो गई। अमिताभ ने लिखा कि 24 घंटे का समय बहुत कम लगता है, दिन को बढ़ाकर 36 घंटे का कर देना चाहिए। वे इन दिनों नाग अश्विन के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल की तैयारी में बिजी हैं, जो दिसंबर 2027 में रिलीज होगी। 370 ब्रियानी विवाद के बाद कर्नाटक सरकार का फैसला कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक स्टैंडअप शो के दौरान दर्शकों के दो चुटकुलों (जोक्स) पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शो में वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने ₹370 की बिरयानी और मेडिकल स्टूडेंट सेजल पवार ने पुरुष शवों के अंगों को लेकर जोक बनाया था, जिसकी सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हुई। टाइम्स ऑफ इंडियाकी रिपोर्ट के मुताबिक, इस विवाद के बाद कर्नाटक के मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर डॉ. शरण प्रकाश पाटिल ने बड़ा एलान किया है। राज्य सरकार अब मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और रिसर्च के लिए दान किए जाने वाले शवों (कैडेवर) के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए देश की पहली व्यापक गाइडलाइन जारी करेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर सकता है। नेटफ्लिक्स ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक नए कोलैबरेशन की घोषणा की है, जिसके तहत उनके बेहद विवादित माने जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अनफिल्टर्ड और कई बार संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने के लिए आलोचना झेलने वाले समय रैना का यह शो 20 जून से स्ट्रीम होगा। नेटफ्लिक्स द्वारा इस तरह के विवादित शो को प्रमोट करने के फैसले पर आने वाले दिनों में सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले इस प्लेटफॉर्म पर ‘लॉकअप 2’ जैसे विवादित शो प्रीमियर हो चुके हैं विवादों में रह चुका है शो का कंटेंट स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन-1 विवादों के चलते बंद किया गया था। तब इस शो में पेरेंट्स पर की गई टिप्पणी कि देशभर में आलोचना हुई थी। अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा इसे प्रमोट करने से इस तरह के अनफिल्टर्ड कंटेंट को और बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में बने रहने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा भारतीय ओटीटी बाजार में लगातार फ्लॉप शो देने के बाद नेटफ्लिक्स अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा ले रहा है। अमेजन प्राइम और जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच इस तरह के वलगर कंटेंट पर दाव लगाया जा रहा है। बड़े बजट और बड़े सितारों के बावजूद भारतीय दर्शकों से सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने में नाकाम रहा यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म अब मास ऑडियंस को खींचने के लिए अनफिल्टर्ड और विवादित शोज पर दांव लगा रहा है। बड़े सितारों पर दांव फेल, नहीं बना पाए दर्शकों से कनेक्शन नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ समय में सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर और बॉबी देओल जैसे बड़े स्टार्स के साथ कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। हाल ही में आए सैफ अली खान के ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ जैसे शोज की काफी चर्चा हुई, लेकिन रिलीज के बाद ये दर्शकों पर कोई गहरा प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ दिन बातें हुईं और फिर लोग इसे भूल गए। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का मानना है कि नेटफ्लिक्स ने सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर ध्यान दिया, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे किरदार बनाए जो आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए। अमेजन और जियोहॉटस्टार से पिछड़ने के बाद बदली रणनीति भारत के ओटीटी बाजार में अमेजन प्राइम वीडियो अपनी मजबूत फ्रेंचाइजी के कारण काफी आगे निकल चुका है। ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीरीज बनी थी। इसके अलावा ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ के किरदार भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने शुरुआत से खुद को एक प्रीमियम और महंगे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया, जबकि भारत एक प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है। अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने कम कीमत में जमीनी कहानियां दीं, जिससे नेटफ्लिक्स का दायरा सिर्फ महानगरों के अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित रह गया। रचनात्मकता की जगह लॉबी और बड़े बैनरों पर भरोसा डायरेक्टर विवेक शर्मा का कहना है कि नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, बल्कि उसका कंटेंट विजन है। प्लेटफॉर्म पर रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित प्रोडक्शन हाउस के प्रभाव में फैसले लिए जाते हैं। एक ही ग्रुप को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलने से नए विचारों और ताजा कहानियों को जगह नहीं मिल पा रही है। विवेक शर्मा के मुताबिक, कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद कोई बड़ी रचनात्मक सफलता हासिल नहीं की है। यही कारण है कि स्टार्स होने के बावजूद नेटफ्लिक्स के शो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं और वह दर्शकों से दूर होता जा रहा है। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि ‘लॉकअप’ का पहला सीजन एमएक्स प्लेयर पर इसलिए सफल हुआ था क्योंकि वह आम दर्शकों का प्लेटफॉर्म था। अब नेटफ्लिक्स का इस तरफ बढ़ना दिखाता है कि वह अपनी प्रीमियम इमेज छोड़कर हर हाल में व्यूअरशिप हासिल करना चाहता है। अगर यह प्रयोग भी फेल हुआ, तो प्लेटफॉर्म के लिए भारत में टिकना मुश्किल हो जाएगा।
नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर सकता है। नेटफ्लिक्स ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक नए कोलैबरेशन की घोषणा की है, जिसके तहत उनके बेहद विवादित माने जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अनफिल्टर्ड और कई बार संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने के लिए आलोचना झेलने वाले समय रैना का यह शो 20 जून से स्ट्रीम होगा। नेटफ्लिक्स द्वारा इस तरह के विवादित शो को प्रमोट करने के फैसले पर आने वाले दिनों में सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले इस प्लेटफॉर्म पर ‘लॉकअप 2’ जैसे विवादित शो प्रीमियर हो चुके हैं विवादों में रह चुका है शो का कंटेंट स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन-1 विवादों के चलते बंद किया गया था। तब इस शो में पेरेंट्स पर की गई टिप्पणी कि देशभर में आलोचना हुई थी। अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा इसे प्रमोट करने से इस तरह के अनफिल्टर्ड कंटेंट को और बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में बने रहने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा भारतीय ओटीटी बाजार में लगातार फ्लॉप शो देने के बाद नेटफ्लिक्स अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा ले रहा है। अमेजन प्राइम और जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच इस तरह के वलगर कंटेंट पर दाव लगाया जा रहा है। बड़े बजट और बड़े सितारों के बावजूद भारतीय दर्शकों से सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने में नाकाम रहा यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म अब मास ऑडियंस को खींचने के लिए अनफिल्टर्ड और विवादित शोज पर दांव लगा रहा है। बड़े सितारों पर दांव फेल, नहीं बना पाए दर्शकों से कनेक्शन नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ समय में सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर और बॉबी देओल जैसे बड़े स्टार्स के साथ कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। हाल ही में आए सैफ अली खान के ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ जैसे शोज की काफी चर्चा हुई, लेकिन रिलीज के बाद ये दर्शकों पर कोई गहरा प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ दिन बातें हुईं और फिर लोग इसे भूल गए। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का मानना है कि नेटफ्लिक्स ने सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर ध्यान दिया, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे किरदार बनाए जो आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए। अमेजन और जियोहॉटस्टार से पिछड़ने के बाद बदली रणनीति भारत के ओटीटी बाजार में अमेजन प्राइम वीडियो अपनी मजबूत फ्रेंचाइजी के कारण काफी आगे निकल चुका है। ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीरीज बनी थी। इसके अलावा ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ के किरदार भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने शुरुआत से खुद को एक प्रीमियम और महंगे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया, जबकि भारत एक प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है। अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने कम कीमत में जमीनी कहानियां दीं, जिससे नेटफ्लिक्स का दायरा सिर्फ महानगरों के अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित रह गया। रचनात्मकता की जगह लॉबी और बड़े बैनरों पर भरोसा डायरेक्टर विवेक शर्मा का कहना है कि नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, बल्कि उसका कंटेंट विजन है। प्लेटफॉर्म पर रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित प्रोडक्शन हाउस के प्रभाव में फैसले लिए जाते हैं। एक ही ग्रुप को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलने से नए विचारों और ताजा कहानियों को जगह नहीं मिल पा रही है। विवेक शर्मा के मुताबिक, कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद कोई बड़ी रचनात्मक सफलता हासिल नहीं की है। यही कारण है कि स्टार्स होने के बावजूद नेटफ्लिक्स के शो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं और वह दर्शकों से दूर होता जा रहा है। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि ‘लॉकअप’ का पहला सीजन एमएक्स प्लेयर पर इसलिए सफल हुआ था क्योंकि वह आम दर्शकों का प्लेटफॉर्म था। अब नेटफ्लिक्स का इस तरफ बढ़ना दिखाता है कि वह अपनी प्रीमियम इमेज छोड़कर हर हाल में व्यूअरशिप हासिल करना चाहता है। अगर यह प्रयोग भी फेल हुआ, तो प्लेटफॉर्म के लिए भारत में टिकना मुश्किल हो जाएगा।
डायरेक्टर राघवेंद्र ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। वहीं कुछ यूजर्स ने राघवेंद्र राव का बचाव भी किया। उनका कहना था कि वे केवल उद्घाटन शॉट डायरेक्ट कर रहे थे और सीनियर होने के नाते कलाकारों को उनकी सही जगह समझा रहे थे, इसमें कुछ गलत इरादा नहीं था। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं।
डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं। तेलेगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर हैं राघवेंद्र के. राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के एक सीनियर फिल्म डायरेक्टर, स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में 100 से भी ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने एनटी रामा राव, चिरंजीवी और श्रीदेवी जैसे भारतीय सिनेमा के महान कलाकारों के साथ कई यादगार फिल्में दी हैं। इसके अलावा, उन्हें महेश बाबू, वेंकटेश और अल्लू अर्जुन जैसे आज के दौर के बड़े सुपरस्टार्स को फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च करने का श्रेय भी जाता है। उनकी मुख्य फिल्मों में ‘अग्नि पुत्रुडु’ (1987) और ‘आखिरी पोराट्टम’ (1988) शामिल हैं, जिन्हें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के मुख्यधारा सेक्शन में प्रदर्शित किया जा चुका है।
Iran Singer Concert Hijab Controversy; 74 Lashes Punishment

तेहरान39 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान की मशहूर सिंगर परस्तू अहमदी और उनके साथ काम करने वाले 8 लोगों को ऑनलाइन कॉन्सर्ट के लिए 74-74 कोड़े मारने की सजा सुनाई गई है। उन पर 2 साल तक देश छोड़ने और 2 साल तक किसी भी आर्टिस्टिक एक्टिविटीज पर रोक लगाई गई है। यह सजा ईरान के कोम प्रांत की अदालत ने यूट्यूब पर पब्लिश किए गए एक कॉन्सर्ट के मामले में सुनाई है। अदालत ने आर्टिस्ट पर अश्लील कंटेट पब्लिश करने और सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यह मामला दिसंबर 2024 का है। उस समय 29 साल की परस्तू अहमदी ने बिना हिजाब पहने यूट्यूब पर एक लाइव कॉन्सर्ट किया था। इस दौरान उन्होंने ईरान का लोकप्रिय देशभक्ति गीत ‘अज खूने जवानाने वतन’ (मातृभूमि के युवाओं के खून से) गाया था। कॉन्सर्ट का वीडियो कुछ ही समय में वायरल हो गया। यूट्यूब पर इसे लाखों लोगों ने देखा। वीडियो जारी होने के बाद ईरानी अधिकारियों ने परस्तू अहमदी और कई संगीतकारों को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन वीडियो प्रकाशित करने के मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रही। यूट्यूब पर अपलोड होने के बाद परस्तू के गाने को 24 घंटे में 2 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले थे। गाने 4 पुरुषों के साथ स्लीवेस ड्रेस में दिखी परस्तू अहमदी ने 27 मिनट का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह बिना हिजाब और स्लीव ड्रेस पहनकर चार पुरुष संगीतकारों के साथ गाना गाती नजर आ रही थीं। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने इसे काल्पनिक कॉन्सर्ट बताया था। परस्तू के इस प्रोग्राम का वीडियो यूट्यूब पर लाखों बार देखा गया। कई लोगों ने इसे महिलाओं की अभिव्यक्ति की आजादी का प्रतीक बताया, जबकि ईरानी अधिकारियों ने इसे कानून के खिलाफ माना। ईरान में महिलाओं के लिए सार्वजनिक जगहों पर हिजाब पहनना अनिवार्य है। अधिकारियों ने बिना हिजाब पहनकर गाने को नियमों का उल्लंघन माना। परस्तू कई तस्वीरों में स्लीवड्रेस और बिना हिजाब के नजर आ चुकी हैं। पब्लिक में अकेले गाना नहीं गा सकती महिलाएं ईरान के कानून के मुताबिक महिलाएं सार्वजनिक रूप से अकेले गाना नहीं गा सकतीं और न ही बिना हिजाब लोगों के सामने आ सकती हैं। परस्तू अहमदी ने बिना हिजाब और खुले कंधों के साथ परफॉर्म कर इन लंबे समय से लागू प्रतिबंधों को खुली चुनौती दी। परस्तू 2022 में हिजाब विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पहली बार चर्चा में आई थीं। तब उन पर हिजाब विरोधी प्रदर्शन के समर्थन में गाने का आरोप लगा था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था और उनके घर की तलाशी भी ली गई थी। ईरान में हिजाब प्रदर्शन के समय महिलाओं के समर्थन में गाना गाने के लिए ईरान सरकार ने परस्तू पर कार्रवाई की थी। मानवाधिकार संगठनों ने नाराजगी जताई अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान की एडवोकेसी डायरेक्टर बहार घंदेहरी ने इस सजा की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि सिर्फ गाना गाने और बिना हिजाब सार्वजनिक रूप से नजर आने पर 74 कोड़ों की सजा देना दिखाता है कि ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति अब भी नहीं बदली है। मानवाधिकार वकील मोइन खजाएली ने भी फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी कानून में महिलाओं के गाना गाने, संगीत कार्यक्रम करने या संगीत से जुड़ा कंटेंट बनाने को अपराध नहीं माना गया है। ऐसे में इन कामों को अश्लीलता फैलाने जैसा अपराध बताकर सजा देना कानूनी तौर पर भी कमजोर दलील है। ईरान में हिजाब को लेकर लंबे समय से विवाद 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना कानूनी रूप से जरूरी है। कानून के मुताबिक महिलाओं को पुरुषों की मौजूदगी में सिर ढकना होता है। हालांकि कई महिलाएं इन नियमों का विरोध करती रही हैं। यह मुद्दा 2022 में पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया था, जब 22 वर्षीय महसा अमिनी को तेहरान में हिजाब सही तरीके से न पहनने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। गिरफ्तारी के तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। ईरानी सरकार ने कहा था कि उनकी मौत पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई। लेकिन मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की जांच टीम ने इस दावे पर सवाल उठाए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया था कि अमीनी की मौत ईरानी अधिकारियों की पिटाई के कारण हुई। महसा अमीनी की मौत के बाद पूरे ईरान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरीं और हिजाब कानूनों के खिलाफ आवाज उठाई। हालांकि सरकार ने इन प्रदर्शनों को सख्ती से दबाया। ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद कई महीने तक देश विरोधी प्रदर्शन हुए थे। ईरान में पहले भी महिलाओं को सजा मिली जनवरी 2024- रोया हेशमती पर बिना हिजाब के कई बार घूमने का आरोप लगा। कोर्ट ने 74 कोड़े मारने की सजा सुनाई। 24 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा। अप्रैल 2023- हिजाब न पहनने पर एक आदमी ने 2 महिलाओं के सिर पर दही डाल दिया था। इसके बाद पुलिस ने उन दोनों महिलाओं को ही गिरफ्तार कर लिया था। ————————————— ईरान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ईरान पीस डील का सबसे बड़ा चेहरा बने जेडी वेंस:जंग रुकी तो अगले राष्ट्रपति बनने के सबसे बड़े दावेदार, फेल हुई तो करियर तबाह अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार रात ऐतिहासिक और विवादित पीस डील हुई। इसके बाद से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इसका सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक वेंस लगातार फ्रंट फुट पर आकर इस फैसले का बचाव कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Hydration Break Momentum Killer Controversy

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Hydration Break Momentum Killer Controversy वॉशिंगटन16 मिनट पहले कॉपी लिंक फीफा ने टूर्नामेंट में ‘अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक’ की शुरुआत की है। फीफा वर्ल्ड कप में एक नया नियम चर्चा और विवाद का केंद्र बन गया है। फीफा ने टूर्नामेंट में ‘अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक’ की शुरुआत की है। नियम के मुताबिक, पहले हाफ के 22वें मिनट और दूसरे हाफ के 67वें मिनट के आसपास खेल को रोककर खिलाड़ियों को पानी पीने के लिए 3 मिनट का समय दिया जा रहा है। फीफा का कहना है कि भीषण गर्मी और उमस से खिलाड़ियों को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। खिलाड़ी और कोच इन ब्रेक्स को ‘मोमेंटम ब्रेक’ कह रहे हैं। जब कोई टीम लगातार हमले कर रही होती है और दूसरी टीम दबाव में होती है, तभी यह 3 मिनट का ब्रेक रेस्क्यू की तरह आता है। अमेरिकी महिला टीम की कोच एम्मा हेस ने कहा कि यह ब्रेक उस टीम के लिए वरदान है, जो अपना मोमेंटम खो रही होती है। केस स्टडी: इन मैचों में हाइड्रेशन ब्रेक के बाद पलटा पासा ऑस्ट्रेलिया तुर्किये (2-0) ऑस्ट्रेलिया के दोनों गोल दोनों हाफ में हाइड्रेशन ब्रेक के तुरंत बाद आए, भले ही पूरे मैच में तुर्किये का दबदबा ज्यादा था। ब्रेक से पहले ऑस्ट्रेलिया ने एक शॉट लिया था, लेकिन ब्रेक के बाद 3 शॉट लिए और गोल दागा। ब्राजील मोरक्को (1-1) मोरक्को 1-0 से आगे था। पहले हाफ के ब्रेक के बाद खेल की लय बदल गई। ब्राजील का बराबरी का गोल ब्रेक के 6 मिनट बाद आया। मोरक्को ने ब्रेक से पहले 7 शॉट लिए थे, लेकिन ब्रेक के बाद वे 5 शॉट ही ले पाए। जापान नीदरलैंड्स (2-2) दूसरे हाफ के ब्रेक के बाद जापान ने बराबरी का गोल दागा। ब्रेक से पहले उनके पास केवल 2 शॉट थे, लेकिन ब्रेक के बाद उन्होंने 5 शॉट लिए। जर्मनी कराकाओ (7-1) जर्मनी विरोधी टीम के अप्रत्याशित ‘डायमंड फॉर्मेशन’ से हैरान था। जर्मन कोच जूलियन नागेल्समैन ने ब्रेक के दौरान बोर्ड पर रणनीति समझाई और बड़ी जीत दर्ज की। कनाडा बोस्निया (1-1) ब्रेक से पहले बोस्निया के गोल के बाद कनाडा दबाव में था। ब्रेक के बाद कनाडा संभला। विरोधी बॉक्स में उनके टच 4 से बढ़कर 17 हो गए और मैच ड्रॉ कराया। हाइड्रेशन ब्रेक कोच को अपने खिलाड़ियों को इकट्ठा करने और अपनी रणनीति में बदलाव करने का मौका देते हैं। ब्रेक से सुपर बाउल जैसी कमाई, ब्रॉडकास्टर उठा रहे इनका फायदा यूएस स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के रिसर्च एनालिस्ट माइकल जॉनसन के मुताबिक, यह 3 मिनट का ब्रेक ब्रॉडकास्टर्स के लिए ‘अलादीन का चिराग’ साबित हो रहा है। वर्ल्ड कप के 104 मैचों के दौरान मिलने वाले ये कमर्शियल ब्रेक बेहद मूल्यवान हैं। अमेरिकी बाजार में इस 3 मिनट के स्लॉट की कीमत सुपर बाउल के विज्ञापनों जितनी यानी करीब 65 से 85 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज डिफेंडर गैरी नेविल ने भी इसे ‘चोरी-छिपे लाया गया विज्ञापन ब्रेक’ करार दिया है, जिसका फायदा फॉक्स जैसे अमेरिकी ब्रॉडकास्टर्स उठा रहे हैं। हालांकि, ब्रिटेन के आईटीवी और टेलीमुंडो इस दौरान विज्ञापन न दिखाकर खेल का विश्लेषण दिखा रहे हैं। खिलाड़ियों से लेकर कोच तक ने की आलोचना मिकेल मेरिनो, स्पेनिश मिडफील्डरकुछ मैचों में इनकी जरूरत होगी और कुछ में बिल्कुल नहीं। जिन स्टेडियमों में छत बंद है और एसी है, वहां खेल रोकना अन्याय है। इससे खेल धीमा हो जाता है और अनुमान लगाना आसान हो जाता है। – नेस्टर लोरेंजो, कोलंबिया के कोचकोपा अमेरिका में जब तापमान 35 डिग्री था, तब हाइड्रेशन ब्रेक समझ में आता था। अब इसकी जरूरत नहीं। शुरुआत में कोच और खिलाड़ियों की बातचीत दिखाई जाती थी। लेकिन अब सिर्फ विज्ञापन चलते हैं। वर्जिल वान डिक, नीदरलैंड्स के कप्तानटीवी पर मैच देख रहे लोगों के लिए यह अच्छा अनुभव नहीं है। जब भी ब्रेक होता है, तुरंत विज्ञापन शुरू हो जाते हैं। हर मैच में इसकी अनिवार्यता सिर्फ कमर्शियलाइजेशन को बढ़ावा दे रही है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… मेसी ने फुटबॉल वर्ल्डकप में क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिकॉर्ड तोड़ा: हैट्रिक गोल करने वाले सबसे उम्रदराज फुटबॉलर बने, 11 इंटरनेशनल हैट्रिक लगा चुके अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने 17 जून को फुटबॉल वर्ल्ड कप में पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अल्जीरिया के खिलाफ उन्होंने 3 गोल मारे। अब वे फुटबॉल वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज प्लेयर बन गए है। यह वर्ल्ड कप में मेसी की पहली हैट्रिक भी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Hydration Break Momentum Killer Controversy

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Hydration Break Momentum Killer Controversy वॉशिंगटन3 घंटे पहले कॉपी लिंक फीफा ने टूर्नामेंट में ‘अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक’ की शुरुआत की है। फीफा वर्ल्ड कप में एक नया नियम चर्चा और विवाद का केंद्र बन गया है। फीफा ने टूर्नामेंट में ‘अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक’ की शुरुआत की है। नियम के मुताबिक, पहले हाफ के 22वें मिनट और दूसरे हाफ के 67वें मिनट के आसपास खेल को रोककर खिलाड़ियों को पानी पीने के लिए 3 मिनट का समय दिया जा रहा है। फीफा का कहना है कि भीषण गर्मी और उमस से खिलाड़ियों को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। खिलाड़ी और कोच इन ब्रेक्स को ‘मोमेंटम ब्रेक’ कह रहे हैं। जब कोई टीम लगातार हमले कर रही होती है और दूसरी टीम दबाव में होती है, तभी यह 3 मिनट का ब्रेक रेस्क्यू की तरह आता है। अमेरिकी महिला टीम की कोच एम्मा हेस ने कहा कि यह ब्रेक उस टीम के लिए वरदान है, जो अपना मोमेंटम खो रही होती है। केस स्टडी: इन मैचों में हाइड्रेशन ब्रेक के बाद पलटा पासा ऑस्ट्रेलिया तुर्किये (2-0) ऑस्ट्रेलिया के दोनों गोल दोनों हाफ में हाइड्रेशन ब्रेक के तुरंत बाद आए, भले ही पूरे मैच में तुर्किये का दबदबा ज्यादा था। ब्रेक से पहले ऑस्ट्रेलिया ने एक शॉट लिया था, लेकिन ब्रेक के बाद 3 शॉट लिए और गोल दागा। ब्राजील मोरक्को (1-1) मोरक्को 1-0 से आगे था। पहले हाफ के ब्रेक के बाद खेल की लय बदल गई। ब्राजील का बराबरी का गोल ब्रेक के 6 मिनट बाद आया। मोरक्को ने ब्रेक से पहले 7 शॉट लिए थे, लेकिन ब्रेक के बाद वे 5 शॉट ही ले पाए। जापान नीदरलैंड्स (2-2) दूसरे हाफ के ब्रेक के बाद जापान ने बराबरी का गोल दागा। ब्रेक से पहले उनके पास केवल 2 शॉट थे, लेकिन ब्रेक के बाद उन्होंने 5 शॉट लिए। जर्मनी कराकाओ (7-1) जर्मनी विरोधी टीम के अप्रत्याशित ‘डायमंड फॉर्मेशन’ से हैरान था। जर्मन कोच जूलियन नागेल्समैन ने ब्रेक के दौरान बोर्ड पर रणनीति समझाई और बड़ी जीत दर्ज की। कनाडा बोस्निया (1-1) ब्रेक से पहले बोस्निया के गोल के बाद कनाडा दबाव में था। ब्रेक के बाद कनाडा संभला। विरोधी बॉक्स में उनके टच 4 से बढ़कर 17 हो गए और मैच ड्रॉ कराया। हाइड्रेशन ब्रेक कोच को अपने खिलाड़ियों को इकट्ठा करने और अपनी रणनीति में बदलाव करने का मौका देते हैं। ब्रेक से सुपर बाउल जैसी कमाई, ब्रॉडकास्टर उठा रहे इनका फायदा यूएस स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के रिसर्च एनालिस्ट माइकल जॉनसन के मुताबिक, यह 3 मिनट का ब्रेक ब्रॉडकास्टर्स के लिए ‘अलादीन का चिराग’ साबित हो रहा है। वर्ल्ड कप के 104 मैचों के दौरान मिलने वाले ये कमर्शियल ब्रेक बेहद मूल्यवान हैं। अमेरिकी बाजार में इस 3 मिनट के स्लॉट की कीमत सुपर बाउल के विज्ञापनों जितनी यानी करीब 65 से 85 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज डिफेंडर गैरी नेविल ने भी इसे ‘चोरी-छिपे लाया गया विज्ञापन ब्रेक’ करार दिया है, जिसका फायदा फॉक्स जैसे अमेरिकी ब्रॉडकास्टर्स उठा रहे हैं। हालांकि, ब्रिटेन के आईटीवी और टेलीमुंडो इस दौरान विज्ञापन न दिखाकर खेल का विश्लेषण दिखा रहे हैं। खिलाड़ियों से लेकर कोच तक ने की आलोचना मिकेल मेरिनो, स्पेनिश मिडफील्डरकुछ मैचों में इनकी जरूरत होगी और कुछ में बिल्कुल नहीं। जिन स्टेडियमों में छत बंद है और एसी है, वहां खेल रोकना अन्याय है। इससे खेल धीमा हो जाता है और अनुमान लगाना आसान हो जाता है। – नेस्टर लोरेंजो, कोलंबिया के कोचकोपा अमेरिका में जब तापमान 35 डिग्री था, तब हाइड्रेशन ब्रेक समझ में आता था। अब इसकी जरूरत नहीं। शुरुआत में कोच और खिलाड़ियों की बातचीत दिखाई जाती थी। लेकिन अब सिर्फ विज्ञापन चलते हैं। वर्जिल वान डिक, नीदरलैंड्स के कप्तानटीवी पर मैच देख रहे लोगों के लिए यह अच्छा अनुभव नहीं है। जब भी ब्रेक होता है, तुरंत विज्ञापन शुरू हो जाते हैं। हर मैच में इसकी अनिवार्यता सिर्फ कमर्शियलाइजेशन को बढ़ावा दे रही है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… मेसी ने फुटबॉल वर्ल्डकप में क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिकॉर्ड तोड़ा: हैट्रिक गोल करने वाले सबसे उम्रदराज फुटबॉलर बने, 11 इंटरनेशनल हैट्रिक लगा चुके अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने 17 जून को फुटबॉल वर्ल्ड कप में पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अल्जीरिया के खिलाफ उन्होंने 3 गोल मारे। अब वे फुटबॉल वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज प्लेयर बन गए है। यह वर्ल्ड कप में मेसी की पहली हैट्रिक भी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Dambulla Cricket Controversy | Vaibhav Suryavanshi, Tilak Varma Fined 50% Match Fees

स्पोर्ट्स डेस्क12 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए मुकाबले के बाद हुए विवाद में वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के विशेन हलामबागे पर मैच फीस का 50% जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है। दांबुला में मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश ने दोनों खिलाड़ियों को बहस का प्रमुख जिम्मेदार मानते हुए इसकी मांग की। मामले में भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा पर 30% और श्रीलंका ए के विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला पर 20% जुर्माना लगाने को कहा गया है। मैच रेफरी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कार्रवाई मैच के दौरान और बाद में हुई घटनाओं के आधार पर है। अब अंतिम फैसला क्रिकेट बोर्ड और टूर्नामेंट की अनुशासन समिति को लेना है। सोमवार को भारत और श्रीलंका के बीच मैच खत्म होने के बाद सूर्यवंशी की हलामबागे से बहस हुई थी। इसके बाद सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई प्लेयर को धक्का दे दिया था। वैभव की श्रीलंकाई खिलाड़ी से हुई थी धक्का-मुक्की 15 जून को खेला गया मुकाबला टाई हुआ। इसके बाद श्रीलंका-ए ने सुपर ओवर में 16 रन बनाए। जवाब में भारत 9 रन ही बना सका। भारत के मैच हारने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने वैभव को कुछ कहा। इससे वैभव भड़क गए और उनकी श्रीलंकाई खिलाड़ी के साथ धक्का-मुक्की हो गई। सोमवार को हुए मैच में श्रीलंकाई खिलाड़ियो से बहस करते सूर्यवंशी। श्रीलंकाई खिलाड़ी के कमेंट से विवाद शुरू हुआ मेजबान टीम के खिलाड़ी विशन हलमबागे ने वैभव पर कमेंट किया था। हलमबागे ने वैभव से कहा, यह IPL नहीं है, मैच खत्म… अब तुम घर जाओ। इस टिप्पणी पर सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का दे दिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए और स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि, मैदान पर मौजूद दोनों टीमों के बाकी खिलाड़ियों ने बीच-बचाव किया और दोनों को एक-दूसरे से अलग किया। टूर्नामेंट की शुरुआत से ही कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ी सूर्यवंशी पर लगातार स्लेजिंग कर रहे थे। बताया गया कि वे खिलाड़ियों के IPL प्रदर्शन को लेकर भी तंज कस रहे थे। यूथ वनडे में ICC के नियम लागू नहीं होते ए-टीम स्तर के मुकाबलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई का नियम सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग है। ऐसे मामलों में ICC की ओर से जुर्माना या सजा अपने आप लागू नहीं होती। मैच रेफरी की सिफारिशें अब BCCI और श्रीलंका क्रिकेट को भेज दी गई हैं। अब दोनों बोर्ड यह तय करेंगे कि इन प्रस्तावित जुर्मानों को मंजूरी दी जाए या नहीं और इन्हें लागू किया जाए या नहीं। रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में कोई औपचारिक सुनवाई नहीं हुई। मैच रेफरी ने मैदान पर मौजूद अंपायरों की रिपोर्ट के आधार पर ये सिफारिशें की हैं। वैभव इस सीरीज में एक भी फिफ्टी नहीं लगा सके ट्राई नेशन वनडे सीरीज भारत ए, अफगानिस्तान-ए और श्रीलंका-ए के बीच खेली जा रही हैं। वैभव इस सीरीज में आउट ऑफ फॉर्म रहे हैं। वे 4 मैचों में 117 रन ही बना सके। इस सीरीज में उनका बेस्ट प्रदर्शन 44 रन रहा है। ——————————– इंडिया-ए ट्राई सीरीज के फाइनल में इंडिया-ए ने ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में जगह बना ली है। उसने बुधवार को करो या मरो मैच में अफगानिस्तान-ए को 101 रन के बड़े अंतर से हराया। बुधवार को दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में 320 रन का टारगेट चेज कर रही अफगानिस्तान-ए 36.5 ओवर में 218 रन पर ऑलआउट हो गई। निशांत सिंधु ने 4 विकेट झटके। यश ठाकुर और निशांत सिंधु को 2-2 विकेट मिले। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Vaibhav Surya Wanshi, Spin Coach Statement, Cricket Controversy, Sri Lanka A, India A, Sai Raj, Dambulla, Player Behavior

Hindi News Sports Cricket Vaibhav Surya Wanshi, Spin Coach Statement, Cricket Controversy, Sri Lanka A, India A, Sai Raj, Dambulla, Player Behavior स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक वैभव सूर्यवंशी की कंट्रोवर्सी टीम इंडिया तक पहुंच गई है। सीनियर टीम के स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने मंगलवार को कहा कि सूर्यवंशी शांत स्वभाव का लड़का है लेकिन पता नहीं उसे कैसे उकसाया गया। बहुतुले ने यह बात मंगलवार को प्रेस कॉफ्रेंस में कही। सोमवार को दांबुला में खेले गए ट्राई-नेशन ए सीरीज के एक रोमांचक मुकाबले में इंडिया-ए को श्रीलंका-ए के खिलाफ हार मिली। मैच के बाद भारत के 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ी विशन हलमबागे के बीच बहस हो गई। इस घटना पर बहुतुले ने आगे कहा, श्रीलंकाई खिलाड़ियों को भी सिखाया जाना चाहिए कि मैदान पर कैसा व्यवहार करना है। यही बात हमारे खिलाड़ियों पर भी लागू होती है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और इस मामले को टीम के भीतर (इंटरनली) सुलझाया जाएगा। सुपर ओवर के बाद जमकर हुआ ड्रामा सोमवार को खेला गया मुकाबला टाई हुआ। इसके बाद श्रीलंका-ए ने सुपर ओवर में 16 रन बनाए। जवाब में भारत 9 रन ही बना सका। भारत के मैच हारने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने वैभव को कुछ कहा। इससे वैभव भड़क गए और उनकी श्रीलंकाई खिलाड़ी के साथ धक्का-मुक्की हो गई। श्रीलंकाई खिलाड़ियो से बहस करते सूर्यवंशी। श्रीलंकाई खिलाड़ी हलमबागे के कमेंट से शुरू हुआ विवाद घटना से जुड़ी जो नई जानकारियां सामने आई हैं, उनके मुताबिक मैच जीतने के बाद मेजबान टीम के खिलाड़ी विशन हलमबागे ने वैभव पर कमेंट किया था। हलमबागे ने वैभव से कहा, मैच खत्म… अब तुम घर जाओ। इस टिप्पणी पर सूर्यवंशी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। दोनों खिलाड़ियों में हुई धक्का-मुक्की विशन हलमबागे की बात सुनकर वैभव ने पहले उन्हें जवाब दिया और फिर श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का दे दिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए और स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि, मैदान पर मौजूद दोनों टीमों के बाकी खिलाड़ियों ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों को एक-दूसरे से अलग किया। कोच बहुतुले ने कहा- वह शांत स्वभाव का लड़का है बहुतुले ने कहा, यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, लेकिन हमें यह नहीं पता कि इसकी शुरुआत कैसे हुई या उकसावा किसकी तरफ से था। मैं वैभव को जितना जानता हूं, वह एक बहुत ही शांत स्वभाव का लड़का है। दोबारा नहीं होगी ऐसी गलती बहुतुले ने कहा, वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और सीख रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वैभव को पूरी जानकारी दी जाए कि ऐसा क्यों हुआ। वह एक युवा बच्चा है जिसके ऊपर बड़ी जिम्मेदारियां हैं। मुझे उम्मीद है कि वह इस बात को समझेगा और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराएगा। इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








