West Bengal SIR List Controversy; Election Duty Officers

Hindi News National West Bengal SIR List Controversy; Election Duty Officers | Supreme Court CJI नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक बंगाल में पहले फेज की वोटिंग 23 अप्रैल को हुई, इसमें वोटिंग 93% रही। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुई रिकॉर्ड वोटिंग की तारीफ की। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपिन पंचोली की बेंच ने राज्य में चुनावी हिंसा न होने पर संतोष जताया। CJI ने कहा- भारत के नागरिक के रूप में, मुझे मतदान प्रतिशत देखकर बहुत खुशी हुई। जब लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, कि वे लोग समाधान के लिए कोर्ट की तरफ से नियुक्त 19 अपीलीय ट्रिब्यूनलों से संपर्क करें। कोर्ट बंगाल में SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से पहले इस प्रक्रिया को रोकने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने अपीलीय ट्रिब्यूनलों से कहा कि वे उन लोगों को पहले सुनवाई का मौका दें, जो वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए अर्जेंट सुनवाई की गुहार लगाते हैं। कोर्ट ने बंगाल चुनाव ड्यूटी में लोगों की याचिका सुनने से इनकार किया सुप्रीम कोर्ट ने 24 अप्रैल को उन विभिन्न लोगों की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिनके नाम पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान मतदाता सूची से काट दिए गए थे; इनमें लगभग 65 चुनाव ड्यूटी अधिकारी भी शामिल थे। याचिकाकर्ता के वकील एमआर शमशाद ने कहा कि कई अधिकारियों के नाम बिना किसी कारण के मनमाने ढंग से मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। उनके ड्यूटी ऑर्डर में एपिक नंबरों का उल्लेख है। अब उन नंबरों को हटा दिया गया है। अब चुनाव कराने वाले लोग वोट नहीं दे सकते। यह मनमाना है। कई मामलों में कारण भी नहीं बताए गए हैं।” इस पर जस्टिस बागची ने कहा, “इस चुनाव में शायद वे वोट नहीं दे पाएंगे। में उनका नाम बनाए रखने का महत्वपूर्ण अधिकार सुरक्षित रखा जाएगा।” कोर्ट रूम लाइव एडवोकेट कल्याण बनर्जी: दायर की गई 27 लाख अपीलों में से 136 का ही निपटारा किया गया है। यह बहुत दुख की बात है। इस बार 92% मतदान हुआ। दूर-दूर से प्रवासी मजदूर मतदान करने आए हैं। हिंसा की कोई घटना भी नहीं हुई। CJI सूर्यकांत: मैं मतदान प्रतिशत देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। SG तुषार मेहता: यह ऐतिहासिक मतदान है। लेकिन मैं बनर्जी से सहमत हूं… कुछ घटनाओं को छोड़कर यह एक शांतिपूर्ण चुनाव था। जस्टिस बागची: राजाये राजाये जुद्धो होये, कुलो कांगरार जान जाए, यानी युद्ध राजाओं के बीच लड़े जाते हैं, लेकिन आम लोग अपनी जान गंवाते हैं। पहली बार चुनाव आयोग के मुवक्किल की सभी लोग सराहना कर रहे हैं। बंगाल में वोट प्रतिशत बढ़ने की 4 वजह SIR: राज्य में 91 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाता संख्या घट गई है। आंकड़े बताते हैं कि 2024 लोकसभा चुनाव में इन्हीं 152 सीटों पर वोटिंग करीब 80% और 2021 विधानसभा चुनाव में करीब 82.17% रही थी। यानी कुल मतदाता घटे, लेकिन वोट डालने वालों की संख्या लगभग बराबर या ज्यादा रही। एंटी इनकंबेंसी: राज्य में 15 साल से तृणमूल सरकार है। नेताओं से असंतोष, रोजगार, भ्रष्टाचार, सिंडिकेट जैसे मुद्दे भी ज्यादा मतदान की वजह हो सकते हैं। वहीं, मुस्लिम बहुल जिलों और सीमावर्ती इलाकों में यह SIR और NRC के डर से उपजी प्रतिक्रिया भी मानी जा रही है। इस बार ध्रुवीकरण भी जबरदस्त है। इसलिए माना जा रहा है कि हिंदू मतदाताओं का भी वोट प्रतिशत ज्यादा रहा होगा। प्रवासी कामगार: यह भी बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ है। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से केवल वोट डालने बंगाल लौटे हैं। उन्हें लगा कि इस बार वोट नहीं दिया, तो हमेशा के लिए अधिकार छिन सकता है। TMC ने आरोप लगाया कि भाजपा ट्रेन भर कर वोट डालने के लिए लोगों को ला रही है। आयोग की सख्ती: निर्वाचन आयोग की अभूतपूर्व निगरानी और 2.40 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण मतदाताओं ने बिना किसी डर के मतदान किया। पश्चिम बंगाल में लगभग 90 लाख मतदाताओं को हटाने वाली SIR लिस्ट के पब्लिश होने के बाद चुनाव हो रहे हैं। गुरुवार को हुए मतदान में महिला वोटर्स की संख्या पुरुषों से ज्यादा रही। महिला वोटर 92.69% रहीं, जबकि पुरुष वोटर 90.92% रहे। थर्ड जेंडर के वोटर का 56.79% थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
राइटर मधु किश्वर मामले में नया मोड:वीडियो वाले दंपति ने की इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन, चंडीगढ़ पुलिस ने भेजा दूसरा नोटिस, 25 को बुलाया

फेमस राइटर मधु किश्वर मामले में नया मोड़ आ गया है। चंडीगढ़ पुलिस ने मिसलीडिंग वीडियो मामले में जो एफआईआर दर्ज की है उसमें दिखाई दे रहे दंपति ने इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन कर ली है। वहीं दूसरी ओर राइटर मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस ने पहला नोटिस दिल्ली में उसके घर देकर 22 अप्रैल को पुलिस स्टेशन 26 में पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वह पेश नहीं हुई। इसके बाद मामले में फिर से चंडीगढ़ पुलिस ने दूसरा नोटिस राइटर मधु किश्वर को भेज दिया है और 25 अप्रैल को पेश होने के लिए कहा है। अब देखते हैं कि 25 अप्रैल को भी राइटर मधु किश्वर पेश होती हैं या फिर नहीं। एफआईआर की कॉपी देने से इनकार राइटर मधु किश्वर ने कहा कि दूसरी बार एक और नोटिस लेकर आए पुलिसकर्मी चंडीगढ़ पुलिस के थे, जिनके साथ दिल्ली पुलिस का भी एक व्यक्ति शामिल था। मैं हैरान हूं कि इस टीम ने भी मुझे एफआईआर की कॉपी देने से इनकार कर दिया, लेकिन मुझसे 25 अप्रैल को चंडीगढ़ के पुलिस स्टेशन 26 में पेश होने की उम्मीद कर रहे हैं। मेरे सहायक ने हमारे बीच हुई पूरी बातचीत रिकॉर्ड की है, जिसे मैं कुछ ही मिनटों में साझा करूंगा। जब मैंने इंस्पेक्टर से बार-बार पूछा कि मुझे एफआईआर की कॉपी क्यों नहीं दी जा रही, तो उनके पास इसका कोई जवाब नहीं था। दंपति ने की इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन चंडीगढ़ की एसएसपी कवंरदीप कौर ने कहा कि पुलिस स्टेशन 26 में जो राइटर मधु किश्वर व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उस मामले में जो वीडियो में दंपति हैं, उन दोनों ने पुलिस इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन कर ली है। साथ ही राइटर मधु किश्वर को 22 अप्रैल को नोटिस जारी कर बुलाया था, लेकिन वह नहीं आईं, जिसके बाद उन्हें दूसरा नोटिस भेजकर फिर से बुलाया गया है। दरअसल, मधु किश्वर समेत अन्य लोगों पर चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में 20 अप्रैल को ही एक शिकायत पर FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया। इससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश की गई और समाज में भ्रम फैलाया गया। चंडीगढ़ पुलिस रात में दिल्ली पहुंची दिल्ली में मधु किश्वर के दफ्तर में उनके और पुलिस अधिकारियों के बीच बात हुई। इस दौरान मधु किश्वर ने कहा कि न उनकी तरफ से कोई दुर्भावना थी और न दूसरी तरफ से। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस से पूछा कि क्या वह स्थानीय पुलिस के साथ नहीं आए हैं? इस पर चंडीगढ़ से आई महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम साथ आई है। मधु किश्वर ने इस टीम को कानून का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के घर पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पुलिस न तो आ सकती है और न ही उन्हें अरेस्ट कर सकती है। उन्होंने इस मुद्दे पर पुलिस टीम के सीनियर अधिकारी से भी बात की तो उसने बताया कि ये टीम चंडीगढ़ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में सिर्फ नोटिस देने आई है। इस पर उन्होंने कहा कि कानून का पालन करते हुए दिन में आना चाहिए। मधु किश्वर के मुताबिक, दोनों पक्षों ने शालीनता और शिष्टाचार बनाए रखा। जैसे ही उन्हें एफआईआर की कॉपी मिलेगी, वह चंडीगढ़ में दर्ज इस केस में शामिल होंगी। 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला भ्रामक पोस्ट-क्लिप शेयर की जा रही: दरअसल, 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी का बताकर एक फर्जी और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। इसे लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने लेखिका मधु किश्वर के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस की एक टीम देर रात उनको नोटिस देने पहुंची थी। यह मामला सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन चंडीगढ़ में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। SHO बोले- राइटर पर शेयर करने का आरोपः सेक्टर 19 चंडीगढ़ की SHO सरिता रॉय ने कहा कि 19 अप्रैल को सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई है। यह एक वीडियो से जुड़ी है जिसे एक्स पर पोस्ट किया गया था। मधु किश्वर पर इसे रीपोस्ट करने का आरोप है। हम उन्हें 35.3 BNSS का नोटिस देने आए थे। उन्हें पुलिस स्टेशन में पेश होने का नोटिस दिया गया है। अश्लील शब्द यूज किए, नुकसान पहुंचाने का मकसद: शिकायतकर्ता के अनुसार, यह सब जानबूझकर किया गया, जिसमें अश्लील शब्दों का उपयोग करते हुए झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित लोगों को यह जानकारी थी या उन्हें विश्वास करने का पर्याप्त कारण था। उनका उद्देश्य किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
श्योपुर भाजपा कार्यालय पर पोस्टर चिपकाए:लिखा- बीजेपी ने बीफ कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी, तीन लोगों पर FIR

श्योपुर के शिवपुरी रोड पर स्थित भाजपा कार्यालय में बुधवार सुबह जमकर हंगामा हुआ। तीन युवकों ने कार्यालय परिसर में घुसकर न केवल आपत्तिजनक पोस्टर चिपकाए, बल्कि नारेबाजी भी की। देर शाम भाजपा के जिला उपाध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सुबह करीब 11 बजे की है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह जाट ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि परितोष उर्फ बंजी राठौड़, अमित सोनी और आशीष सेन बिना अनुमति भाजपा कार्यालय में घुस आए। इन लोगों ने वहां लगी शिलापट्टिका पर पार्टी के खिलाफ लिखा- गोभक्ति की नौटंकी करने वाली बीजेपी ने बीफ, कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी है, ये गौ प्रेम है या चंदा प्रेम? इन बातों को लिखकर पोस्टर चिपकाए गए हैं। जब भाजपा पदाधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और पोस्टर हटाने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। “हिंदुओं को भड़काने की राजनीति” इस घटना पर पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे कांग्रेस की ‘ओछी मानसिकता’ करार देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्रमाण है, तो वे कानूनी रास्ता अपनाएं। उन्होंने आगे कहा कि “बीफ” जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चंदा लेने के झूठे आरोप लगाना और ऐसी राजनीति करना सीधे तौर पर हिंदुओं को भड़काने का काम है। पुलिस की कार्रवाई भाजपा कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सहायक उप निरीक्षक संजय यादव को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
Lenskart Controversy Protest; Bindi Hijab Dress Code Guidelines

Hindi News National Lenskart Controversy Protest; Bindi Hijab Dress Code Guidelines | Peyush Bansal Net Worth 8 मिनट पहले कॉपी लिंक आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड को लेकर विवाद बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। पिछले 4 दिनों से हिंदू संगठनों से जुड़े लोग देश भर के लेंसकार्ट स्टोर में जाकर कर्मचारियों को तिलक लगा रहे और कलावा बांध रहे है। इस बीच बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कंपनी के प्रमोटर्स से कहा, ‘तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है? तेरो कक्का का भारत है क्या? हां! हमारे तो बाप का भारत है।’ दरअसल, पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर कंपनी का एक पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ था। इसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना करने की बात कही गई थी, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। राज्यों से विरोध की तस्वीरें… 1. भोपाल में हिंदू संगठनों ने स्टोर के कर्मचारियों को तिलक लगाया भोपाल में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने लेंसकार्ट के कर्मचारियों को तिलक लगाया। भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा स्थित लेंसकार्ट स्टोर के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया। मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। इस दौरान उन्होंने नारे लगाए- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 2. रायपुर में स्टोर के कर्मचारियों से कहा- लोगों को बताइए आप हिंदू हैं छत्तीसगढ़ के रायपुर में लेंसकार्ट स्टोर में घुसकर एक संर्मिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को टीका लगाया। रायपुर के लेंसकार्ट शोरूम में मंगलवार को एक धार्मिक संगठन के कुछ कार्यकर्ता पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से उनके नाम पूछे और उन्हें तिलक लगाकर काम करने को कहा। साथ ही, ग्राहकों को अपनी पहचान बताने की बात भी कही। इसके बाद एक महिला ने अपना चश्मा दिखाते हुए कहा कि वह इसी कंपनी का चश्मा इस्तेमाल करती हैं, लेकिन अब इसे तोड़कर फेंक रही हैं। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। 3. उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद में BJP विधायक बोले- लेंसकार्ट का मालिक नकली हिंदू है गाजियाबाद में बीजेपी विधायक समर्थकों के साथ लेंसकार्ट स्टोर में घुसे। गाजियाबाद की लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर मंगलवार शाम अपने समर्थकों के साथ लेंसकार्ट के शोरूम पहुंचे। वहां उन्होंने कंपनी के ड्रेस कोड का विरोध किया और कहा कि भारत में रहकर बिंदी और कलावा पहनने पर रोक लगाना गलत है। कंपनी के मालिक की जांच होनी चाहिए, इसके माता या पिता मुसलमान होंगे। 4. महाराष्ट्र: BJP नेता की लेंसकार्ट स्टोर में घुसकर हंगामा मुंबई में बीजेपी नेता ने लेंसकार्ट स्टोर में घुसकर मैनेजर से बहस की। मुंबई के अंधेरी में 19 अप्रैल को लेंसकार्ट स्टोर में बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान (नाजिया सनातनी) ने लेंसकार्ट स्टोर में घुसकर पर हंगामा किया। उन्होंने स्टोर के मुस्लिम मैनेजर से ड्रेस पॉलिसी को लेकर बहस की, उस पर शरिया लागू करने का आरोप लगाया। उन्होने हिंदू कर्मचारियों को तिलक लगाया। अब समझिए पूरा विवाद… एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लेंसकार्ट का ड्रेस कोड को लेकर जारी डाक्यूमेंट शेयर किया। उन्होंने कंपनी के फाउंडर से पूछा- पीयूष बंसल, क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि लेंसकार्ट में हिजाब ठीक है लेकिन बिंदी और कलावा क्यों नहीं? इसके बाद लोगों ने लेंसकार्ट को ट्रोल किया और कंपनी की नीति पर सवाल उठाए। पीयूष बंसल बोले- वायरल डॉक्यूमेंट पुराना और गलत कंपनी के फाउंडर पीयूष गोयल ने विवाद बढ़ता देख 15 अप्रैल को X पर पोस्ट कर बताया कि वायरल डॉक्युमेंट पुराना है। उन्होंने कहा कि यह कंपनी की मौजूदा गाइडलाइन को नहीं दर्शाता। कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है। देश में हमारे हजारों टीम मेंबर्स हैं, जो हर दिन अपने विश्वास और संस्कृति को गर्व के साथ पहनते हैं। वायरल डॉक्यूमेंट में क्या लिखा है? सोशल मीडिया पर शेयर किए गए इस ‘ग्रूमिंग गाइड’ के मुताबिक, महिला कर्मचारियों को स्टोर में बिंदी या क्लचर लगाने की अनुमति नहीं है। साथ ही, हाथ में पहने जाने वाले धार्मिक धागे (कलावा) या रिस्ट बैंड को भी हटाने का निर्देश दिया गया है। वहीं, इसी डॉक्यूमेंट में लिखा है कि अगर कोई कर्मचारी हिजाब या पगड़ी पहनता है, तो वह काले रंग का होना चाहिए। हिजाब की लंबाई ऐसी हो कि वह कंपनी का लोगो न छुपाए। हालांकि, बुर्का पहनकर स्टोर में काम करने की मनाही की गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
दूल्हा-दुल्हन से बोले मंत्री- अपने पार्टनर के साथ ही जाना:लेडी टीआई और महापौर में तू-तू मैं-मैं; पूर्व मंत्री बोले- मंत्री मनमानी कर रहीं

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। नवविवाहित जोड़ों को मंत्री की अनोखी सलाह नरसिंहपुर जिले के करेली में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में पहुंचे मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को एक अलग ही अंदाज में सलाह दे डाली। मंच से उन्होंने कहा कि यहां करीब 200 शादियां हुई हैं, ऐसे में पहचान का संकट हो सकता है। विदाई के समय अपने-अपने जोड़े के साथ ही जाएं। कहीं ऐसा न हो कि भूलवश अगल-बगल वाले के साथ ही निकल पड़ें। मंत्री ने यह बात भले ही मजाकिया लहजे में कही, लेकिन अब उनके इस बयान पर लोग खूब चटकारे ले रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि मंत्री जी ने पहले ही चेतावनी दे दी है, अब कोई गड़बड़ी न हो। अपने-अपने पार्टनर के साथ ही जाएं। बाद में ये मत कहना कि बताया नहीं। उधर, जैसे ही बात आगे बढ़ी, सियासत भी गर्मा गई। विपक्ष ने मंत्री के बयान को हाथों-हाथ लेते हुए इसे मंच की गरिमा के खिलाफ और आपत्तिजनक बताया। साथ ही इसे नवविवाहित जोड़ों का अपमान भी करार दिया। महापौर और महिला टीआई के बीच नोकझोंक मुरैना में महापौर शारदा सोलंकी और एक महिला टीआई के बीच हुई बहस का मामला चर्चा में है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महापौर नाराजगी जताते हुए पुलिसकर्मियों से बहस करती दिखाई दे रही हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुरैना में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के घर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। इसी दौरान महापौर शारदा सोलंकी भी वहां पहुंचीं। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इस बात पर उनकी सबलगढ़ थाना प्रभारी (टीआई) राजकुमारी परमार से कहासुनी हो गई। टीआई ने महापौर से कहा कि ये किसी का घर है, मैडम। इस पर महापौर ने आपत्ति जताते हुए कहा- ये मेरा भी घर है। मैं नगर की प्रथम नागरिक हूं, भाजपा की वरिष्ठ नेता हूं। मंत्री से मेरे पारिवारिक संबंध हैं और प्रदेश के मुखिया आए हैं, ऐसे में प्रोटोकॉल के तहत मुझे वहां होना चाहिए। बाद में अन्य नेताओं के हस्तक्षेप के बाद महापौर को अंदर जाने की अनुमति दे दी गई। हालांकि, इस दौरान महापौर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- मजाक बना रखा है इन लोगों ने, मैं एक घंटे से खड़ी हूं। वहीं, टीआई राजकुमारी परमार ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी के साथ अभद्रता या बहस नहीं की, बल्कि सिर्फ अपनी ड्यूटी निभाई। महापौर के एक घंटे इंतजार वाले बयान पर उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा- एक घंटा तो मुख्यमंत्री जिले में भी नहीं रुके। पूर्व मंत्री का मंच से निशाना, भाजपा में खींचतान मंडला जिले की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। पूर्व मंत्री देव सिंह सैयाम ने बिना नाम लिए मंत्री संपतिया उईके पर तीखा हमला बोल दिया। उनके बयान से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। दरअसल, सैयाम नैनपुर में आयोजित एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मंच से ही मंत्री और स्थानीय विधायक पर मनमानी करने का आरोप लगाया। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर उन्होंने नाराजगी जताई। पूर्व मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और भेदभाव किसी भी सरकारी कार्यक्रम में ठीक नहीं है। सभी को सम्मान मिलना चाहिए और इस तरह का रवैया लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने एक साल पहले हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री भी मौजूद थे, लेकिन उन्हें मंच पर जगह नहीं दी गई। सैयाम ने कहा कि मंत्री रहते हुए उन्होंने ही इस योजना की शुरुआत की थी, इसके बावजूद उन्हें मंच से दूर रखा गया, जो अनुचित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उस कार्यक्रम में सरपंच तक मंच पर मौजूद थे, लेकिन पूर्व मंत्री होने के बावजूद उन्हें मंच पर नहीं जाने दिया गया। गौरतलब है कि जिस सरपंच का जिक्र किया जा रहा है, वह मंत्री संपतिया उईके की बेटी हैं। अब इस पूरे घटनाक्रम को लोग भाजपा के अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देख रहे हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि कम से कम मंडला में तो ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का भाजपा का नारा पूरी तरह से जमीन पर उतरता नजर नहीं आ रहा। जब भाजपा पार्षद को खुद उठाना पड़ा कचरा भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। हैरानी की बात यह रही कि यहां भाजपा पार्षद को ही खुद कचरा उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। दरअसल, एक शादी समारोह के बाद इलाके में कचरे का बड़ा ढेर लग गया था, जिससे लोगों का वहां से गुजरना मुश्किल हो रहा था। स्थानीय लोगों ने भी परेशानी जताई। इस पर भाजपा पार्षद अरविंद वर्मा ने स्वास्थ्य अधिकारी और सफाई दरोगा को कई बार फोन कर कचरा उठाने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि वे सुबह से लगातार संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। जब दोपहर तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्षद ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया और कचरा उठाना शुरू कर दिया। इसी दौरान नगर निगम का कचरा वाहन मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद पार्षद ने कचरा उसमें डाल दिया। यह घटना न सिर्फ सफाई व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कभी-कभी जनप्रतिनिधियों को खुद ही मैदान में उतरना पड़ता है। इनपुट सहयोग – आकाश कौरव (नरसिंहपुर), दुष्यंत सिकरवार (मुरैना), विवेक अग्निहोत्री (मंडला), ईश्वर परमार (भोपाल) ये भी पढ़ें – भाजपा विधायक की धमकी- SDOP का बंगला गोबर से भर दूंगा: मंत्री के लिए महिला नेताओं को छोड़नी पड़ी कुर्सी शिवपुरी के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने एक्टर सनी देओल को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मेरा मुक्का पहले ढाई किलो का था, अब यह ढाई सौ किलो
रीवा में वाहनों की नीलामी में घोटाले का आरोप:2 फोर व्हीलर समेत 23 वाहन 1.13 लाख में बेचे, पहले 39 वाहन 85 हजार में नीलाम किए

रीवा जिले में लावारिस वाहनों की नीलामी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिछिया थाना परिसर में मंगलवार को 23 वाहनों की नीलामी महज 1 लाख 13 हजार रुपए में होने के बाद अब पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, नीलामी में 21 दोपहिया और 2 चारपहिया वाहन शामिल थे, जिन्हें खुली बोली के माध्यम से बेचा गया। लेकिन इतनी कम कीमत पर वाहनों की बिक्री होने से पारदर्शिता को लेकर संदेह जताया जा रहा है। अधिवक्ता बीके माला ने इस मामले में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि नीलामी प्रक्रिया में “पेड लोगों” को बुलाया जाता है। उनका कहना है कि आम जनता को नीलामी की जानकारी नहीं दी जाती, बल्कि पहले से तय कुछ लोगों को बुलाकर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित रह जाती है। 39 बाइक को 85 हजार में नीलाम कर दिया उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले सिविल लाइन थाना में 39 बाइक-जिनमें अपाचे, एक्टिवा और हीरो डीलक्स जैसी गाड़ियां शामिल थीं, को महज 85 हजार रुपए में नीलाम कर दिया गया था, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। अधिवक्ता के मुताबिक, नीलामी का बेस प्राइज भी बेहद कम रखा जाता है, जिससे वाहनों की कीमत औने-पौने में तय हो जाती है और कुछ लोगों को अनुचित लाभ मिलता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि नीलामी पूरी तरह नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से कराई गई है। हालांकि, लगातार लग रहे आरोपों के बीच अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और जांच की मांग तेज हो गई है। हालांकि प्रशासन ने भी आरोपों से इंकार किया है और अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है। पर आरोपों के बीच लगातार संशय की स्थिति बनी हुई है।
थाईलैंड में भारतीय टूरिस्ट पर नस्लभेदी कमेंट:रेस्टोरेंट स्टाफ बोली- इंडिया वेरी बैड; पुलिस बुलाने पर मैनेजर ने माफी मांगी

थाईलैंड के आओ नांग शहर में एक भारतीय टूरिस्ट और ट्रैवल व्लॉगर सूमो को नस्लभेदी कमेंट का सामना करना पड़ा। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें एक रेस्टोरेंट की महिला स्टाफ उनसे “इंडिया वेरी बैड” कहते नजर आ रही है। व्लॉगर के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब वह नाश्ता करने गए थे। बिल में हल्की गड़बड़ी हुई, जिसके बाद अनुवाद के लिए महिला को बुलाया गया। जैसे ही उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता भारत बताई, माहौल बदल गया और उन पर आरोप लगाए गए कि भारतीय पैसे नहीं देना चाहते। इसके बाद भारतीय टूरिस्ट ने पुलिस बुलाई। पुलिस के आने पर रेस्टोरेंट के मैनेजर ने माफी मांगी। व्लॉगर बोला- थाईलैंड में पहली बार ऐसा व्यवहार हुआ व्लॉगर सूमो ने बताया कि विवाद पैसे को लेकर नहीं था, क्योंकि रकम सिर्फ 120 थाई बात यानी करीब 349 रुपए थी। व्लॉगर ने वीडियो में कहा कि यह पहली बार था जब उन्हें थाईलैंड में ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद व्लॉगर ने संदर्भ देने के लिए एक और वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि कई लोग मान लेते हैं कि ऐसी स्थिति में गलती टूरिस्ट की ही होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। व्लॉगर ने बताया कि उन्हें बहस करने के बजाय टूरिस्ट पुलिस को बुलाना बेहतर लगा। पुलिस ने उनकी बात समझी और रेस्टोरेंट के मैनेजर ने उनसे माफी मांगी। इस घटना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को लेकर एक जैसी सोच बनाना गलत है। भारत में भी लोगों के मन में कुछ गलत धारणाएं होती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ऐसी सोच सही है। लोगों ने सोशल मीडिया पर व्लॉगर का समर्थन किया सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने व्लॉगर का समर्थन किया। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए कि इसके पीछे पूरी कहानी क्या है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए व्लॉगर ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि कुछ भारतीय ही कमेंट में अपने लोगों के खिलाफ बोल रहे थे। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां भी नस्लभेद दिखे, उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। भारतीयों के साथ विदेश में पहले भी हुए हैं ऐसे विवाद भारतीय टूरिस्टों के साथ विदेश में भेदभाव या खराब व्यवहार की घटनाएं नई नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में अलग-अलग देशों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें या तो नस्लभेदी कमेंट किए गए। 2023 में इंडोनेशिया के बाली में कुछ भारतीय टूरिस्टों पर स्थानीय नियम तोड़ने और सार्वजनिक जगहों पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों को लेकर कई नकारात्मक टिप्पणियां देखने को मिलीं। इसी तरह 2022 में दुबई के एक रेस्टोरेंट में भारतीय ग्राहकों को सर्विस देने से मना करने का मामला सामने आया था। आरोप था कि स्टाफ ने कहा कि “भारतीय ज्यादा मोलभाव करते हैं और टिप नहीं देते।” यह मामला वायरल हुआ तो रेस्टोरेंट मैनेजमेंट को सफाई देनी पड़ी। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प 2.0 में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम 91% बढ़ा:H-1B वीजा पर धमकियां भी मिल रहीं; मंदिरों पर भी हमले बढ़े अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम के मामले बढ़े हैं। बाइडेन कार्यकाल में दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत व हिंसा सीमित रही। अक्टूबर 2024 तक 46,000 ट्रोलिंग और 884 धमकियां दर्ज हुईं। लेकिन ट्रम्प के लौटते ही हालात बिगड़ गए। अक्टूबर 2025 तक ट्रोलिंग बढ़कर 88,000 तक पहुंची, यानी इसमें 91% की वृद्धि दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ें…
ABV-IIITM सहायक रजिस्ट्रार मामले में बड़ा फैसला:हाईकोर्ट ने कहा- चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म, जॉब जॉइन के बाद जांच पर रोक

ग्वालियर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार की नियुक्ति विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति को बार-बार जांच के दायरे में लाना उचित नहीं है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह बार-बार जांच करना कर्मचारी के अधिकारों के साथ अन्याय होगा। अदालत ने यह भी माना कि एक बार वैधानिक प्रक्रिया पूरी हो जाए तो उसे अनावश्यक रूप से विवादित नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि चयन प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी नहीं थी। लिखित परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी, जबकि अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर किया गया, जो नियमों के अनुरूप था। अदालत ने कहा कि चयन प्रक्रिया को पहले ही बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से मंजूरी मिल चुकी थी, ऐसे में तकनीकी त्रुटियों के आधार पर इसे चुनौती देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि न तो किसी असफल अभ्यर्थी ने चयन को चुनौती दी और न ही पक्षपात का कोई ठोस आरोप सामने आया। SBI छोड़कर जॉइन किया था पद मामला संदीप उपाध्याय की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नौकरी छोड़कर साल 2019 में संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार पद पर जॉइन किया था। नियुक्ति के बाद कुछ शिकायतों के आधार पर संस्थान ने कई जांच समितियां गठित कीं। इन समितियों ने चयन प्रक्रिया, पे प्रोटेक्शन और प्रोबेशन अवधि पर सवाल उठाए। यहां तक कि नियुक्ति रद्द करने की सिफारिश भी कर दी गई थी।
लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री पर विवाद:पंजाब कांग्रेस प्रधान ने कंपनी को नोटिस भेजा; कहा-निर्दोष लोगों को मारा जो भुलाए नहीं जा सकते

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के कथित साजिशकर्ता गैंगस्टर लॉरेंस के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ “लॉरेंस ऑफ पंजाब” को लेकर विवाद तेज हो गया है। इस मामले में अब पंजाब कांग्रेस भी सामने आई है। कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस फिल्म के खिलाफ प्रोडक्शन कंपनी को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि यह न तो सुर्खियों के लिए है और न ही राजनीति के लिए। यह उन हर माताओं के लिए है जो आज भी अपने बेटे का इंतज़ार कर रही हैं, जो कभी वापस नहीं लौटेंगे। पंजाब अभी भी अपने जख्मों से उबर रहा है, और इन जख्मों को मनोरंजन या कंटेंट में बदलना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए कहा कि उन सभी निर्दोष लोगों को भी नहीं भुलाया जा सकता जिन्होंने लॉरेंस बिश्नोई जैसे नेटवर्क से जुड़ी हिंसा में अपनी जान गंवाई। उन्होंने आगे कहा कि कुछ कहानियां महिमामंडन के लिए नहीं होतीं और कुछ दर्द बेचने के लिए नहीं होता। राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने कानूनी रास्ता इसलिए चुना क्योंकि चुप रहना एक तरह का विश्वासघात होता। उनके मुताबिक, पंजाब को गरिमा चाहिए, यह सब नहीं। अब राजा वड़िंग की पोस्ट को तीन प्वाइंटों में जानें – 1. सिद्धू मूसेवाला की मौत हर एक पंजाबी और दुनिया भर में उनके लाखों फैंस के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान थी। आज ZEE5 उसी गैंगस्टर पर “लॉरेंस ऑफ पंजाब” नाम की डॉक्यूमेंट्री सीरीज बनाने जा रहा है? 2. यह सिर्फ सिद्धू की बात नहीं है। इस अपराध नेटवर्क के कारण सैकड़ों पंजाबी अपनी जान गंवा चुके हैं। अनगिनत परिवार आज भी दर्द और शोक में जी रहे हैं। यह कोई कंटेंट नहीं है, बल्कि हम सबके लिए एक थप्पड़ है। 3. भगत सिंह पंजाब की पहचान हैं। हमारे सैनिक पंजाब की पहचान हैं। हमारे किसान पंजाब की पहचान हैं। कोई गैंगस्टर नहीं, कभी भी नहीं। मैं इसके खिलाफ PIL दायर कर रहा हूं। इस सीरीज पर रोक लगनी चाहिए। अब बहुत हो गया। 27 अप्रैल को रिलीज होनी है ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और पंजाब में अपराध की संस्कृति पर आधारित है। इस सीरीज का निर्देशन राघव डार ने किया है और इसमें लॉरेंस बिश्नोई की छात्र राजनीति से लेकर एक बड़े अपराधी बनने तक की यात्रा को दिखाया गया है। यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज की जाएगी और इसकी रिलीज तारीख 27 अप्रैल 2026 तय की गई है। ट्रेलर रिलीज के बाद पंजाब में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पंजाब कांग्रेस ने इस सीरीज को बैन करने की मांग की है, उनका कहना है कि इससे अपराधी का महिमामंडन हो सकता है। 2.16 मिनट की ट्रेलर को तीन प्वाइंटों जाने – 1. डॉक्यूमेंट्री का जो ट्रेलर रिलीज हुआ है, उसमें बताया गया है कि 1989- 1980 के दौर में पंजाब ने मिलिटेंसी का काला समय देखा। उस समय हालात ऐसे थे कि हर किसी को यह चिंता नहीं थी कि घर में खाने को रोटी है या नहीं, बल्कि हथियार होना ज्यादा जरूरी समझा जाता था। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत दिखाई गई है, जिसमें पत्रकार बताते हैं कि पंजाब के गैंगस्टरों का कोई ठोस मकसद नहीं होता। शो-ऑफ, नाम और फेम ही उन्हें आकर्षित करते हैं। एक सीनियर पत्रकार बताते हैं कि पहले पंजाब का कल्चर ऐसा था जहां भगत सिंह जैसे लोग हीरो माने जाते थे। अब लारेंस बिश्नोई हीरो है। 2. ट्रेलर में दिखाया गया है कि लॉरेंस के शूटर ने सलमान खान के घर पर गोलियां चलाईं। कपिल शर्मा, गिप्पी गरेवाल और रोहित शेट्टी के यहां भी फायरिंग करवाई गई। इसके बाद जेल में बंद लॉरेंस को दिखाया गया है। सिद्धू मूसेवाला की हवेली के दृश्य भी नजर आते हैं, जिसके बाद हत्या से जुड़ी कहानी को दिखाया जाता है। इसमें गोल्डी बराड़ से जुड़ी स्क्रीन शॉट जैसी चीजें भी दिखाई गई हैं। 3. चंडीगढ़ के एक पुलिस अधिकारी का बयान भी इसमें शामिल हैं, जो कहते हैं कि इस तरह की राह में सिर्फ नुकसान होता है। ऐसे लोग या तो पूरी जिंदगी जेल में रहते हैं या मारे जाते हैं। सूफी सिंगर हंसराज का भी इंटरव्यू है, जिसमें वे कहते हैं कि अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरा ही मिलता है, लेकिन हम किसी की जिंदगी का किस्सा खत्म कर देते हैं। लॉरेंस का पंजाब और चंडीगढ़ से लिंक जानिए 1. चंडीगढ़ से पढ़ाई और छात्र राजनीति लॉरेंस बिश्नोई ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई चंडीगढ़ में की। कॉलेज के समय से ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। 2012 में सेक्टर-10 के DAV कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान दो छात्र संगठनों में झगड़ा हुआ, जिसमें उस पर गेट तोड़ने और फायरिंग करने के आरोप लगे। चंडीगढ़ में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और चोरी जैसे कई मामले दर्ज हुए। इसके बाद वह पीछे नहीं मुड़ा। वह कॉलेज टाइम में छात्र राजनीति में सक्रिय था। उसके साथ राजनीति करने वाले उस समय के कई लोग आज पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। 2. सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड 2022 में पंजाब के मानसा में सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसे मुख्य साजिशकर्ता माना गया। इसके अलावा 2025 में चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में ‘पैरी’ नाम के युवक की हत्या और बुड़ैल में प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की हत्या में भी उसके गैंग का नाम सामने आया। पैरी कभी लॉरेंस का दोस्त था और ये सभी साथ पढ़ते थे। 3. जेल से टीवी इंटरव्यू 2023 में लॉरेंस ने पंजाब की जेल में रहते हुए एक नेशनल टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया। यह इंटरव्यू दो चरणों में प्रसारित हुआ। मामला सामने आने के बाद पुलिस पर सवाल उठे और केस हाईकोर्ट तक पहुंच गया। जांच के लिए स्पेशल SIT गठित की गई। हाईकोर्ट ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना। यह इंटरव्यू खरड़ CIA स्टाफ में हुआ था। 4. धमकी और रंगदारी लॉरेंस इस समय साबरमती जेल में बंद है, लेकिन दावा है कि उसका गैंग चंडीगढ़ और पंजाब में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने में सक्रिय है। कई बार धमकी देने और फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। कई लोगों को रंगदारी के लिए कॉल्स भी आ रही हैं।
Lenskart Apologizes for Dress Code Row; Employees Can Now Wear Bindi, Tilak

Hindi News Business Lenskart Apologizes For Dress Code Row; Employees Can Now Wear Bindi, Tilak नई दिल्ली28 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर घरेलू LPG से जुड़ी रही। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग की वजह से मार्च में देश की रसोई गैस (LPG) सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, पिछले महीने यानी मार्च में घरेलू LPG की खपत में 13% की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं लेंसकार्ट ने सोशल मीडिया पर भारी विरोध के बाद पब्लिकली माफी मांगी है। इसके अलावा कंपनी ने अब एक नई इन-स्टोर स्टाइल गाइडलाइन जारी की है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. मार्च में घरेलू LPG की खपत 13% घटी: ईरान जंग की वजह से सप्लाई प्रभावित; पेट्रोल-डीजल की डिमांड 8% तक बढ़ी अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग की वजह से मार्च में देश की रसोई गैस (LPG) सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, पिछले महीने यानी मार्च में घरेलू LPG की खपत में 13% की भारी गिरावट दर्ज की गई। सप्लाई में आई इस कमी की मुख्य वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलमार्ग का बंद होना और खाड़ी देशों से सप्लाई प्रभावित होना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. लेंसकार्ट ने ड्रेस कोड विवाद पर माफी-मांगी: अब बिंदी-तिलक पहन सकेंगे कर्मचारी; कंपनी ने जारी की नई इन-स्टोर स्टाइल गाइडलाइन आईवियर रिटेलर कंपनी लेंसकार्ट ने सोशल मीडिया पर भारी विरोध के बाद पब्लिकली माफी मांगी है। इसके अलावा कंपनी ने अब एक नई और पारदर्शी ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी की है, जिसमें कर्मचारियों को कार्यस्थल पर अपने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को पहनने की पूरी अनुमति दी गई है। लेंसकार्ट की नई पॉलिसी में अब बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे आस्था के प्रतीकों को शामिल किया गया है। कंपनी ने X पर बयान जारी कर कहा कि वे अपनी गाइडलाइंस को सार्वजनिक और पारदर्शी बना रहे हैं ताकि ग्राहकों और समुदाय की चिंताओं को दूर किया जा सके। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. टॉप-10-कंपनियों में से 8 की वैल्यू 1.87 लाख करोड़ बढ़ी: एयरटेल टॉप गेनर रही, वैल्यू ₹58.83 हजार करोड़ बढ़ी; LIC का मार्केट कैप भी बढ़ा मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 8 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.87 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई। इस दौरान भारती एयरटेल की वैल्यू सबसे ज्यादा बढ़ी है। एयरटेल का मार्केट कैप 58,831 करोड़ रुपए बढ़कर ₹11.25 लाख करोड़ हो गया है। LIC की मार्केट वैल्यू ₹27,608 करोड़ बढ़कर ₹5.32 लाख करोड़ पर पहुंच गई। TCS की मार्केट वैल्यू ₹20,731 करोड़ बढ़कर ₹9.34 लाख करोड़ हो गई है। वहीं रिलायंस, लार्सन एंड टुब्रो, ICICI बैंक, SBI और इंफोसिस की वैल्यू भी बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. NSE के अनलिस्टेड शेयर ₹2,075 से गिरकर ₹1,885 पर आए: नए निवेशक OFS में हिस्सा नहीं ले सकते; जून में IPO आने की उम्मीद NSE के आईपीओ की खबरों के बीच इसके अनलिस्टेड शेयर ₹2,075 के हाई से गिरकर ₹1,885 पर आ गए हैं। इसकी वजह SEBI का वह नियम है जिसके तहत केवल वही निवेशक IPO में शेयर बेच सकते हैं जिन्होंने कम से कम एक साल पहले से शेयर होल्ड किए हों। NSE अपने IPO के जरिए ₹20,000 करोड़ से ज्यादा जुटाना चाहती है। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा यानी NSE खुद कोई नया पैसा नहीं जुटाएगी। सारी रकम मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी जो अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं। NSE करीब 4 से 4.5% इक्विटी इस रास्ते से बेचेगी। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जून तक दाखिल होने की उम्मीद है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है बाजार: गिफ्ट निफ्टी 250 अंक चढ़ा; ईरान-अमेरिका तनाव समेत 5 फैक्टर तय करेंगे चाल शेयर बाजार में 20 अप्रैल से शुरू होने वाले हफ्ते की शुरुआत तेजी के साथ हो सकती है। ईरान के साथ अमेरिका की जंग के जल्द खत्म होने की उम्मीद और गिरते क्रूड ऑयल के दाम बाजार को सहारा दे रहे हैं। इसके अलावा चौथी तिमाही के नतीजे, विदेशी निवेशकों की एक्टिविटी और ग्लोबल मार्केट की चाल भी बाजार की दिशा तय करने वाले मुख्य कारण होंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शुक्रवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔






