Kangana Ranaut Birthday Interesting Facts Aditya Pancholi Nepotism Controversy

1 घंटे पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक कंगना की फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ को जर्मन भाषा में डब करके रिलीज किया गया था। साल था 2005 का जब 18-19 साल की लड़की, मुंबई में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई थी, ऑडिशन के जरिए काम ढूंढ रही थी। एक दिन, जब वो कॉफी के एक एड के लिए गई, तब कुछ लड़कियां फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए महेश भट्ट के ऑफिस जा रही थीं। वो भी उनके साथ चली गई और ऑडिशन दे दिया। पहले तो उसे वो रोल नहीं मिला, लेकिन जब चुनी गई एक्ट्रेस से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसे मेकर्स का अचानक फोन आया और पूछा, ‘पासपोर्ट है? अगर नहीं है, तो एक हफ्ते में बनवा लो, फिल्म मिल सकती है।’ इसके बाद उसे फिल्म मिली और उसकी फिल्म गैंगस्टर सुपरहिट साबित हुई और वो रातों-रात सुपरस्टार बन गई। हम बात कर रहे हैं कंगना रनोट की। आज वही कंगना 40 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिद, संघर्ष और कामयाबी के दिलचस्प किस्से- माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे कंगना का जन्म 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला (अब सूरजपुर) में एक राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां आशा रनोट एक स्कूल टीचर हैं, जबकि पिता अमरदीप रनोट एक बिजनेसमैन हैं। संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं कंगना बचपन से ही जिद्दी और विद्रोही स्वभाव की थीं और समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव पर सवाल उठाती थीं। कंगना रनोट की बचपन तस्वीरें। कंगना के माता-पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे और उन्होंने चंडीगढ़ के DAV स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू की थी। हालांकि, 12वीं में केमिस्ट्री के टेस्ट में फेल होने और मॉडलिंग/एक्टिंग में रुचि के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अचार और ब्रेड पर भी किया गुजारा महज 16 साल की उम्र में कंगना अपनी खुद की पहचान बनाने की तलाश में दिल्ली आ गईं। यहां उन्होंने मॉडलिंग से शुरुआत की, फिर एक्टिंग की ओर रुख किया और अस्मिता थिएटर ग्रुप में डायरेक्टर अरविंद गौर के मार्गदर्शन में एक्टिंग सीखी और नाटकों में हिस्सा लिया। फिर अरविंद गौर की ही सलाह पर फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए कंगना मुंबई पहुंच गईं। मुंबई पहुंचने के बाद कंगना को कई बार केवल ब्रेड और अचार खाकर दिन गुजारने पड़े। ‘गैंगस्टर’ में रोल पहले चित्रांगदा को मिला था साल 2006 में कंगना ने फिल्म गैंगस्टर से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके एक्टिंग को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला। पहली फिल्म गैंगस्टर मिलने को लेकर कंगना ने टीवी शो ‘आप की अदालत’ में बताया था कि एक दिन वह कॉफी के एक एड का ऑडिशन देने गई थीं, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लड़कियां महेश भट्ट के ऑफिस फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए जा रही हैं। जिसके बाद कंगना भी ऑडिशन देने के लिए चली गईं। ऑडिशन के बाद फिल्म के मेकर्स ने उन्हें बुलाया कंगना की तारीफ तो की, लेकिन कहा कि वह इस रोल के लिए काफी छोटी हैं, क्योंकि किरदार एक बच्चे की मां का था। इसके बाद उस वक्त इस रोल के लिए एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह को सेलेक्ट कर लिया गया। फिल्म गैंगस्टर में कंगना ने सिमरन नाम की महिला की मुख्य भूमिका निभाई थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शूटिंग से ठीक एक हफ्ते पहले अचानक कुछ पर्सनल वजहों से चित्रांगदा ने मेकर्स का फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद कंगना को फोन आया और पूछा गया कि क्या उनके पास पासपोर्ट है? कंगना के पास पासपोर्ट नहीं था, लेकिन उन्हें कहा गया कि एक हफ्ते में बनवा लो, तो उन्हें फिल्म मिल सकती है। इसके बाद कंगना ने अपने पिता की मदद से सिर्फ 2 दिन में पासपोर्ट बनवाया और इस तरह उन्हें यह फिल्म मिली। फैशन के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिला गैंगस्टर के बाद कंगना ने वो लम्हे और लाइफ इन ए मेट्रो जैसी फिल्मों में इमोशनल और मुश्किल किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की। साल 2008 में आई फिल्म फैशन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए पहला नेशनल अवार्ड मिला। इसके बाद साल 2009 से 2012 के बीच कंगना के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2009 में उन्होंने फिल्म राज: द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ में एक मॉडल की भूमिका निभाई, जो हिट रही, लेकिन उन्हें एक जैसे रोल मिलने लगे। उसी साल आई फिल्म वादा रहा और एक निरंजन ने खास प्रदर्शन नहीं किया। 2010 में फिल्म काइट्स में उनका छोटा सा रोल था। हालांकि, फिल्म वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई में उनके काम की तारीफ हुई। बाद की फिल्में नॉक आउट और नो प्रॉब्लम उनके करियर को ज्यादा आगे नहीं ले जा सकीं। लेकिन फिर 2011 में आई फिल्म तनु वेड्स मनु ने उनकी इमेज बदल दी और दर्शकों ने उनके कॉमिक अंदाज को भी खूब पसंद किया। तनु वेड्स मनु में कंगना ने ‘तनु’ (तनुजा त्रिवेदी) का किरदार निभाया था। फिल्म क्वीन ने करियर को ऊंचाई दी 2013 में कृष 3 जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद कंगना ने 2014 में क्वीन से अपने करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म में एक साधारण लड़की के आत्मनिर्भर बनने की कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद तनु वेड्स मनु रिटर्न्स (2015) में डबल रोल निभाकर उन्होंने लगातार दूसरा नेशनल अवॉर्ड जीता। आगे चलकर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी और पंगा के लिए उन्हें चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। बता दें कि कंगना किसी महिला कलाकार द्वारा जीते गए नेशनल अवॉर्ड्स की संख्या में दूसरे स्थान पर हैं। शबाना आजमी पहले स्थान पर हैं, जिन्हें 5 नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। आदित्य पंचोली के डर से अनुराग बसु के ऑफिस में छिपीं कंगना रनोट फिल्मों के अलावा अपने बयानों और विवादों के कारण खबरों में रही हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्टर आदित्य पंचोली पर शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के कई गंभीर आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 2017 में टीवी शो ‘आप की अदालत’ में आरोप लगाया था कि आदित्य पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें लंबे समय तक घर
हिंदू संगठनों ने युवक की पिटाई कर पुलिस को सौंपा:युवती के साथ मिला था, मोबाइल में आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिलने का आरोप

इंदौर के आजाद नगर में हिंदू संगठनों ने शनिवार रात हंगामा कर दिया। यहां एक युवती के साथ शिप्रा के एक युवक को पकड़ा गया। संगठन के लोगों ने युवक की जमकर पिटाई की, बाद में उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। आजाद नगर पुलिस ने धन्ना सेठ उर्फ रूहाब शाह, निवासी शिप्रा, पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक इलाके में हिंदूवादी संगठन और कुछ वकीलों ने युवती के साथ इलाके में धन्ना को पकड़ा था। रहवासियों ने यहां काफी देर तक हंगामा किया। बाद में हिंदूवादियों ने धन्ना को पुलिस के हवाले कर दिया। उनका आरोप था कि धन्ना के मोबाइल में आपत्तिजनक सामग्री मिली है और वह हिंदू युवतियों को अपना शिकार बनाता है। यहां लोगों ने युवती के साथ भी मारपीट की। युवती ने शिकायत से किया इनकार थाने में युवती को भी पूछताछ के लिए लाया गया। पुलिस अधिकारियों ने उससे एफआईआर को लेकर बात की, लेकिन उसने शिकायत करने से इनकार कर दिया। उसने बताया कि वह धन्ना को कई सालों से जानती है। रात में हंगामे को देखते हुए पुलिस ने धन्ना को थाने में ही रखा। वहीं शिप्रा पुलिस से भी उसकी जानकारी मंगाई जा रही है। थाने के घेराव की चेतावनी इस मामले में हिंदूवादी युवकों और वकीलों ने आजाद नगर थाने का घेराव करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि धन्ना लंबे समय से इलाके में आता-जाता रहा है और उसके साथ कुछ अन्य युवक भी रहते हैं। उस पर पहले से शादीशुदा होने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि युवती द्वारा शिकायत नहीं करने के चलते पुलिस ने केवल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।
Pakistan Army Chief Asim Munir & Shia Community Iran Controversy

इस्लामाबाद2 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने गुरुवार को शिया धर्मगुरुओं से कहा कि जो लोग ईरान से इतना प्यार करते हैं, वे वहां चले जाएं। उनके इस बयान को शिया समुदाय के नेताओं ने अपमानजनक और भड़काऊ बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुनीर ने रावलपिंडी में एक इफ्तार कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि वे किसी को भी, किसी दूसरे देश के लिए अपनी वफादारी की वजह से, पाकिस्तान में अफरा-तफरी फैलाने की इजाजत नहीं देंगे।” इससे पहले उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि किसी दूसरे देश की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बयान के बाद शिया समुदाय का कहना है कि यह उनकी देश भक्ति पर सवाल उठाने जैसा है। उनका मानना है कि यह बयान उनकी धार्मिक भावनाओं और पहचान को गलत तरीके से पेश करता है। कराची में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में 1 मार्च को प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारियों को रोकती हुई पुलिस। अचानक कार्यक्रम छोड़ गए मुनीर रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक के बाद उलेमाओं से कहा गया था कि डिनर के बाद फिर से बातचीत होगी। लेकिन जनरल मुनीर अचानक कार्यक्रम छोड़कर चले गए। इससे शिया नेताओं को लगा कि उनके साथ न सिर्फ औपचारिक बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी अपमान किया गया है। शिया समुदाय के नेताओं ने इस विवाद के बाद कहा कि उनकी वफादारी पाकिस्तान और इस्लाम दोनों के प्रति है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान के निर्माण में शिया समुदाय का अहम योगदान रहा है। देश के कई बड़े नेता और संसाधन इस समुदाय से जुड़े रहे हैं। शिया नेताओं का कहना है कि मक्का, मदीना, इराक और ईरान जैसे धार्मिक स्थलों से उनका जुड़ाव उनकी आस्था का हिस्सा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी देशभक्ति कम है। उन्होंने साफ कहा कि धार्मिक संबंधों को देशभक्ति से जोड़कर देखना गलत है। पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शनों से मुनीर नाराज शिया धर्मगुरुओं का कहना है कि मुनीर के बयान से ऐसा लगा कि वे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में हुए विरोध प्रदर्शनों के लिए शिया समुदाय को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। बैठक में मौजूद शिया नेताओं ने कहा कि मुनीर ने गिलगित-बाल्टिस्तान में हुई अशांति को सीधे शिया लीडरशिप से जोड़ दिया और पूरे समुदाय को जिम्मेदार ठहराया। शिया धर्मगुरु मोहम्मद शिफा नजफी ने कहा कि उन्होंने वहीं पर मुनीर की बात का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सभी शियाओं को इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है और सभी को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। नजफी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान की सेना में भी शिया मौजूद हैं और देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना भी शिया थे। उनके मुताबिक, जब उन्होंने यह बात उठाई तो मुनीर के रवैये में थोड़ा बदलाव आया, लेकिन फिर भी उन्होंने कहा कि “अगर आप ईरान से इतना प्यार करते हैं, तो वहां चले जाएं, दरवाजे खुले हैं।” ईरान के विरोधियों से दोस्ती साध रहा पाकिस्तान मुनीर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अपनी विदेश नीति में संतुलन बदलता हुआ दिख रहा है। पहले वह ईरान और खाड़ी देशों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता था, लेकिन अब वह सऊदी अरब और उसके सहयोगियों के करीब जाता दिख रहा है। हालांकि, मुनीर के शिया समुदाय के साथ हुई इफ्तार पार्टी को लेकर पाकिस्तान सेना के आधिकारिक बयान में अलग तस्वीर पेश की गई। सेना ने कहा कि मुनीर ने धार्मिक नेताओं से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने और सांप्रदायिक तनाव से बचने की अपील की। पाकिस्तान में 15% शिया समुदाय की आबादी पाकिस्तान में ईरान के बाद सबसे बड़ी शिया आबादी रहती है, जो कुल जनसंख्या का करीब 15 फीसदी (3.77 करोड़) मानी जाती है। यह विवाद उस समय सामने आया है जब मार्च में खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश की, जहां अमेरिकी मरीन ने फायरिंग की और कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वहीं स्कार्दू में एक संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर को आग लगा दी गई। गिलगित-बाल्टिस्तान में भी कई लोगों की मौत की खबरें आईं। —————————————- पाकिस्तान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान की अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक, 400 की मौत:250 घायल; तालिबान का आरोप- PAK ने नशा मुक्ति सेंटर पर बम गिराए पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की है। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हो गई, वहीं 250 से ज्यादा घायल हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Prakash Raj Trolls Allu Arjun, Ram Charan, NTR Jr Over Dhurandhar 2 Praise

34 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर प्रकाश राज ने एक क्रिप्टिक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे फिल्म धुरंधर 2 का मजाक उड़ाते दिखे। साथ ही उन्होंने धुरंधर 2 की तारीफ करने को लेकर एक्टर अल्लू अर्जुन, विजय देवरकोंडा और जूनियर एनटीआर पर तंज कसा। दरअसल, गुरुवार को प्रकाश राज ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उनके घर के एक कोने में रेडियो पर गाना बज रहा है। इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘मैं धुरंधर से बहुत दूर…क्या आप भी?’ उन्होंने एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए साउथ स्टार्स पर भी निशाना साधा। उस ट्वीट में लिखा था कि धुरंधर 2 की तारीफ अल्लू अर्जुन, विजय देवरकोंडा, जूनियर एनटीआर और महेश बाबू ने की है, जबकि किसी बॉलीवुड स्टार ने प्रतिक्रिया नहीं दी। इस पर प्रकाश राज ने लिखा, ‘जिम्मेदारियों का बोझ अब साउथ तक भी पहुंचने लगा है।’ साउथ एक्टर्स ने की फिल्म की तारीफ बता दें कि कई साउथ एक्टर्स ने फिल्म धुरंधर 2 की तारीफ की है। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फिल्म को लेकर एक्टर महेश बाबू ने लिखा था, ‘धुरंधर: द रिवेंज एकदम शानदार तरीके से बनाई गई धमाकेदार फिल्म है! रणवीर का अब तक का सबसे शानदार रूप देखने को मिला है। आदित्य धर ने इसे जिस तरह से सोचा और पेश किया है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। आर माधवन की एक्टिंग और शाश्वत सचदेव का म्यूजिक खास तौर पर शानदार है। यह फिल्म देखने और जश्न मनाने लायक है। पूरी टीम को बधाई।’ महेश बाबू का ट्वीट। अल्लू अर्जुन ने भी धुरंधर 2 की तारीफ की साउथ एक्टर अल्लू अर्जुन ने भी फिल्म धुरंधर 2 देखने के बाद इसकी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि यह हर भारतीय को गर्व महसूस कराएगी। उन्होंने रणवीर सिंह और आर माधवन समेत फिल्म की पूरी स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस की भी सराहना की। बुधवार को अल्लू अर्जुन ने ट्वीट करते हुए फिल्म को लेकर लिखा था, ‘अभी-अभी धुरंधर 2 देखी-देशभक्ति के साथ जबरदस्त स्वैग है। यह एक ऐसी फिल्म है जो हर देशभक्त को गर्व महसूस कराएगी। कई ऐसे पल हैं, जहां आप तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे। पूरी तरह धमाका! पूरी टीम को बधाई।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘आर माधवन और सभी कलाकारों का शानदार प्रदर्शन है। टेक्निकल लेवल पर भी फिल्म कमाल की है। मुझे गर्व है कि हमारे देश में मेरे भाई रणवीर सिंह जैसे बेहतरीन और बहुमुखी अभिनेता हैं। रणवीर सिंह फायर हैं। आदित्य धर ने कमाल कर दिया, वे पूरी तरह छा गए। हमारे देश में उनके जैसे शानदार फिल्ममेकर्स होना गर्व की बात है। एक भारतीय कहानी… इंटरनेशनल स्वैग के साथ! जय हिंद।’ अल्लू अर्जुन का ट्वीट। इसके अलावा राम चरण और जूनियर एनटीआर ने भी फिल्म धुरंधर 2 की तारीफ की थी। राम चरण ने सोशल मीडिया पर फिल्म को रॉ, ग्रिपिंग और इम्पैक्टफुल बताया। उन्होंने कहा था कि डायरेक्टर आदित्य धर ने स्केल और इमोशन को बेहतरीन तरीके से पेश किया है। राम चरण का ट्वीट। वहीं जूनियर एनटीआर ने भी फिल्म को दमदार प्रोजेक्ट बताया था। जूनियर एनटीआर का ट्वीट। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन हैं। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
AAP minister laljit bhullar DM Suicide and other controversy update| Bhagwant Mann CM Punjab

अमृतसर के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड से कुर्सी गंवाने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्री लालजीत भुल्लर पहली बार विवादों में नहीं फंसे, इससे पहले भी लाल किला हिंसा, जातिवादी टिप्पणी से लेकर मंत्री बनते ही स्टंटबाजी को ले . कभी सफाई देकर तो कभी माफी मांगकर वह बचते रहे। हालांकि इस बार वह सीधे अफसर के सुसाइड केस में फंस गए। पंजाब में एक साल बाद चुनाव है, ऐसी सूरत में AAP सरकार किसी तरह का रिस्क लेने के मूड़ में नहीं है। इसी वजह से मामला मीडिया में आते ही CM भगवंत मान ने तुरंत भुल्लर का इस्तीफा मांग लिया। लाल किला हिंसा के वक्त दीप सिद्धू के साथ नजर आते लालजीत भुल्लर।- फाइल फोटो 1. लाल किला हिंसा के वक्त दीप सिद्धू के साथ वीडियो हुआ था वायरल लालजीत सिंह भुल्लर 26 जनवरी 2021 को लाल किले पर हुई हिंसा के दौरान एक पुराने वीडियो में दिखने के कारण विवादों में घिर गए थे। इस वीडियो में उन्हें दीप सिद्धू के साथ ‘निशान साहिब’ फहराते हुए कथित तौर पर देखा गया, जिसके बाद विपक्षी दलों (कांग्रेस, भाजपा) ने उन पर गंभीर सवाल उठाए। अगस्त 2022 में यह वीडियो वायरल हुआ, जिसमें AAP नेता भुल्लर लाल किले की हिंसा के समय मौजूद थे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भुल्लर किसान आंदोलन के दौरान कट्टरपंथियों का समर्थन कर रहे थे, जबकि राज्य सरकार तिरंगा अभियान चला रही थी। उस समय लालजीत भुल्लर ने सफाई देते हुए कहा कि वह एक किसान के बेटे के रूप में दिल्ली गए थे और उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। विपक्षी दलों ने उनकी बर्खास्तगी की मांग की, जबकि भुल्लर ने आरोप लगाने वालों MLA कुलदीप खैहरा पर पलटवार करते हुए उनके पिता के खालिस्तान समर्थक होने का मुद्दा उठाया। दीप सिद्धू के साथ दिख रहे लालजीत भुल्लर। यह मामला 2022 में उनके मंत्री बनने से पहले का है।- फाइल फोटो ट्रासपोर्ट मंत्री बनकर गाड़ी से किए स्टंट करीब 4 साल पहले मंत्री बनते ही लालजीत सिंह भुल्लर का खतरनाक स्टंट सामने आया था। वह अपनी एंडेवर गाड़ी के सनरूफ से बाहर निकलकर हाथ हिलाते दिख रहे थे। यह वीडियो नेशनल हाईवे पर बनाया गया था। गाड़ी तेज रफ्तार में चल रही थी और उनके दो गनमैन भी गाड़ी के दरवाजे के शीशे खोलकर बाहर की ओर जान को खतरे में डालकर लटके हुए थे। इस मामले में मंत्री लालजीत भुल्लर ने कहा कि यह वीडियो पुराना है। जब वह चुनाव जीते थे, तब यह वीडियो बना था। हालांकि, उनके साथ गनमैन और आगे चल रही दो पायलट गाड़ियों को देखकर उनके इस दावे पर भी सवाल खड़े हुए थे। उस समय वह ट्रांसपोर्ट मंत्री थे। उन्होंने सफाई दी कि यह वीडियो पुराना है और जब वे जीते थे, तब उन्हें हार पहनाए गए थे। उसके बाद उन्हें कभी हार नहीं पहनाए गए। हालांकि, मंत्री के आगे चल रही दो पायलट जिप्सियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उस वक्त पुलिस प्रशासन उन्हें छोड़ने आया था। भुल्लर के स्टंट करते का ये वीडियो वायरल हुआ था।- फाइल फोटो 3 स्वर्णकार समुदाय पर टिप्पणी की भुल्लर ने खडूर साहिब लोकसभा चुनाव 2024 में प्रचार के दौरान पट्टी (तरनतारन) में पार्टी मीटिंग में पूर्व कांग्रेस विधायक हरमिंदर सिंह गिल पर हमला करते हुए रामगढ़िया और सुनियारा (स्वर्णकार) समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक/जातिवादी टिप्पणियां कीं। उन्होंने खुद को “लाहौरिया जट्ट” बताते हुए कहा कि “मैं लाहौरिया जट्ट हूं, सुनियारा नहीं।” हरमिंदर गिल को संबोधित करते हुए भुल्लर ने कहा था- ‘तुम्हारी तरह कोई गुल्ली सुनियारा नहीं… यहां हर कोई गुल्ली घर सुनियारा बुलाता है।’ इसे जातिवादी माना गया। उस समय विपक्षी दल (शिअद और कांग्रेस) ने उन पर FIR दर्ज करने, गिरफ्तारी और मंत्री पद से हटाने की मांग की थी। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा था। मगर, बाद में उन्होंने वीडियो जारी कर माफी मांग ली थी। साथ ही कहा कि बात सिर्फ हरमिंदर गिल पर थी, किसी बिरादरी पर नहीं। रामगढ़िया संगठनों (जैसे ऑल विश्वकर्मा रामगढ़िया फाउंडेशन) ने असंतुष्ट रहते हुए AAP का बहिष्कार करने का आह्वान किया। कुछ जगहों पर उनका पुतला भी जलाया गया। भुल्लर की टिप्पणी करते हुए फाइल फोटो। **************** ये खबर भी पढ़ें… पंजाब में मंत्री का नाम लेकर अफसर ने सुसाइड किया:वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने मरने से पहले वीडियो जारी किया; CM ने मिनिस्टर का इस्तीफा लिया पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लेकर वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले अमृतसर में तैनात डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने 12 सेकेंड का वीडियो जारी किया। इसमें रंधावा ने कहा- खा ली सल्फास, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर के डर से, अब मैं नहीं बचता। इसका पता चलते ही CM भगवंत मान ने मंत्री भुल्लर से इस्तीफा ले लिया। मामले की जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंप दी गई है। इस्तीफा लेने की पुष्टि करते हुए CM मान ने चंडीगढ़ में कहा- इसके पीछे क्या कारण हैं, यह जांच का विषय है। जांच किसी तरह से प्रभावित न हो, इसके लिए मंत्री का इस्तीफा लिया गया है (पढ़ें पूरी खबर)
Golden Temple AI Controversy: Yuvraj, Hardik Bareheaded | SGPC Outrage| Virat kohli| Ranveer singh

गोल्डन टेंपल, अमृतसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से वीडियो-फोटो बनाकर बेअदबी का नया मामला सामने आया है। एक क्रिकेट फैन फेज ने गोल्डन टेंपल में क्रिकेटर्स और बॉलीवुड स्टार्स की फोटो फेसबुक पर शेयर की है। पहली फोटो में उन्होंने क्रिकेटर युवराज सिंह . इससे कुछ दिन पहले ही एक कंकाल की गोल्डन टेंपल की परिक्रमा और लंगर हॉल में जूते पहने AI वीडियो शेयर की गई थी। इसके अलावा एक व्यक्ति को जीप लेकर परिक्रमा में दिखाया गया था। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) इसे लेकर सख्त एतराज जता चुकी है लेकिन बेअदबी का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब नई फोटो पर भी SGPC ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि इस मामले में अब केंद्र व राज्य सरकार को सख्त कानून बनाना चाहिए ताकि ऐसे आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में कोई इस तरह की बेअदबी न कर सके। जानिए, बेअदबी की नई फोटो में क्या.. पहली फोटो: इसमें क्रिकेटर युवराज सिंह, अर्शदीप सिंह, अभिषेक शर्मा और उनकी मां को दिखाया गया है। इसमें अर्शदीप ने पगड़ी पहनी है जबकि अभिषेक का सिर भी कपड़े से ढका है। उनकी मां का सिर भी चुन्नी से ढका गया है लेकिन युवराज सिंह को नंगे सिर दिखाया गया है। पीछे गोल्डन टेंपल नजर आ रहा है। यह फोटो 19 मार्च को शाम 7.09 बजे अपलोड की गई थी। दूसरी फोटो: इसी फेसबुक अकाउंट से जारी दूसरी फोटो में क्रिकेटर हार्दिक पांड्या, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी और बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह को दिखाया गया है। इसमें भी पहली फोटो की तरह ही बेअदबी की गई है। फोटो में विराट, धोली और रणवीर का सिर तो ढका हुआ है लेकिन हार्दिक पांड्या को नंगे सिर दिखाया गया है। पीछे गोल्डन टेंपल भी नजर आ रहा है। यह फोटो 20 मार्च को करीब 7.10 बजे अपलोड की गई। जिस पेज पर फोटो, उस पर 2.38 लाख फालोअर्स यह फोटो क्रिक इंटरटेनमेंट पेज से वायरल की जा रही हैं। इस पेज पर 2.38 लाख फालोअर्स हैं। हालांकि फोटो डालते समय लिखा जरूर है कि यह AI जेनरेटेड इमेज हैं। इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या जानबूझकर ऐसा किया गया। वह इसलिए क्योंकि इन फोटो में सिर्फ एक-एक क्रिकेटर को ही नंगे सिर दिखाया गया है। बाकी के सिर ढके हुए हैं। हालांकि कमेंट में लोगों ने फोटो जेनरेट करने वालों को खूब लताड़ भी लगाई है लेकिन उन्होंने फोटो नहीं हटाई है। इस फेसबुक पेज पर ये बेअदबी वाली फोटो अपलोड की जा रही हैं। SGPC के एडवोकेट बोले- सख्त कार्रवाई जरूरी इस बारे में SGPC के एडवोकेट अमनबीर सिंह सियाली ने कहा कि लगातार वायरल हो रही इन तस्वीरों को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को शिकायतें भी सौंपी जा रही हैं। इससे पहले 3 बेअदबी की घटनाओं के बारे में जानिए… 1. कंकाल को पगड़ी पहनाई, जूते पहने परिक्रमा-लंगर हॉल में दिखाया 3 दिन पहले अमृतसर के गोल्डन टेंपल से जुड़ा बेअदबी का AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो सामने आया था। इसमें एक कंकाल को पगड़ी पहनाकर गोल्डन टेंपल की परिक्रमा में दिखाया गया। जिसमें उसने जूते पहने हुए थे। यही नहीं, वह लंगर हॉल में भी जूते समेत ही लंगर खा रहा था। ये वीडियो इंस्टाग्राम पर एनाटॉमी क्राउन नाम के अकाउंट से अपलोड किया गया है। इस अकाउंट पर करीब 10 हजार ही फॉलोअर्स हैं। ज्यादातर पोस्ट AI से जनरेट हुई हैं। 2. गाड़ी समेत युवक को जूते पहने परिक्रमा में दिखाया गोल्डन टेंपल की पवित्र परिक्रमा से जुड़े AI जनरेटेड 3 विवादित वीडियो सामने आए थे। पहले वीडियो में एक लड़का जूते पहनकर गोल्डन टेंपल की पवित्र परिक्रमा में खड़ा दिखाई देता है और फिर कार में बैठकर परिसर से बाहर जाता नजर आता है। वहीं, दूसरे वीडियो में श्री दरबार साहिब का परिवर्तित दृश्य दिखाया गया है, जो सिख धर्म की मर्यादा के खिलाफ है। तीसरे वीडियो में कपल को गोल्डन टेंपल के सामने आपत्तिजनक हरकत करते हुए दिखाया गया है। वीडियो सामने के आने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अमृतसर में 29 जनवरी को केस दर्ज किया गया था। पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाई गोल्डन टेंपल में 13 जनवरी को युवक ने पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाई। वीडियो को ‘मुस्लिम शेर’ लिखकर सोशल मीडिया पर डाला गया था। इस पर SGPC ने कड़ी आपत्ति जताई थी। 24 जनवरी को यूपी के गाजियाबाद में निहंगों ने उसे पकड़ लिया था और जमकर पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था। युवक की पहचान सुब्हान रंगरीज के रूप में हुई थी, जो दिल्ली का रहने वाला है। इसके बाद उस पर बेअदबी का केस दर्ज हुआ। उसे गिरफ्तार कर अमृतसर लाया गया। हालांकि अब वह जमानत पर है।
Bhopal Hamidiya Hospital LIVE Baby Declared Dead Controversy

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक बार फिर नवजात को मृत घोषित करने के बाद उसमें हरकत दिखने का मामला सामने आया है, जिससे अस्पताल में विवाद की स्थिति बन गई। शुक्रवार को 6 माह की गर्भवती महिला की इमरजेंसी डिलीवरी के बाद बच्चे को मृत बताया गया, लेकिन कुछ दे . इमरजेंसी डिलीवरी के बाद मृत घोषित किया नवजात जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे मानताशा नाम की महिला हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक 2 में गंभीर हालत में पहुंची। महिला लगभग 6 महीने की गर्भवती थी और अस्पताल पहुंचने के समय ही शिशु का सिर बाहर आ चुका था। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत लेबर रूम में भर्ती कर इमरजेंसी डिलीवरी कराई। डिलीवरी के बाद परिजनों को बताया गया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है। लेकिन कुछ समय बाद नवजात में हलचल जैसी स्थिति दिखने लगी, जिससे परिजनों में आक्रोश फैल गया और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के बाद पुलिस को बुलाना पड़ा परिजनों के हंगामे को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और कोहेफिजा थाने से टीआई के.जी. शुक्ला को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रित किया। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन घटना ने एक बार फिर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला हमीदिया अस्पताल में इससे पहले भी इसी तरह का विवाद बुधवार को सामने आया था। उस मामले में एक नवजात को मृत घोषित कर मृत्यु प्रमाण पत्र दे दिया गया था। परिजनों का दावा था कि जब वे करीब चार घंटे बाद एनआईसीयू में शव लेने पहुंचे, तो बच्ची में सांस चल रही थी। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया, जिसमें नवजात का पेट हिलता नजर आया। इस घटना के बाद भी अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे और अब दोबारा सामने आए मामले ने चिंता और बढ़ा दी है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में नवजात अत्यंत प्रीमेच्योर होता है। जानकारी के अनुसार, पहले सामने आए मामले में बच्ची का वजन लगभग 450 ग्राम था, जो सामान्य से काफी कम है। डॉक्टरों के मुताबिक, जन्म के समय स्टेथोस्कोप से जांच में हार्टबीट नहीं मिली थी। ऐसी स्थिति में प्रोटोकॉल के तहत नवजात को मृत माना जाता है और आगे की प्रक्रिया की जाती है। ये खबर भी पढ़ें… नवजात की सांसें चल रही थीं, दे दिया डेथ सर्टिफिकेट भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक नवजात को मृत घोषित किए जाने के चार घंटे बाद उसकी सांसें चलने का दावा किया गया है। नवजात के पिता का कहना है कि उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र दे दिया गया था, लेकिन जब शव लेने एनआईसीयू पहुंचे तो बच्ची में हरकत दिखाई दी। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया है।पूरी खबर पढ़ें
हरियाणवी एक्ट्रेस की कमर छूने का मामला पहुंचा महिला आयोग:अंजलि राघव ने कहा- पवन सिंह की टीम ने बदनाम किया; सीता का रोल छिना

हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की स्टेज पर भोजपुरी सिंगर-एक्टर द्वारा कमर छूने का मामला फिर तूल पकड़ गया है। अंजिल ने हरियाणा महिला आयोग को शिकायत भेजी है। ई-मेल के जरिये इस मामले से जुड़े सबूत भी आयोग को भेजे हैं। असल में रैपर सिंगर बादशाह के मामले में महिला आयोग के सख्त रवैये के बाद अंजलि ने शिकायत करने की हिम्मत जुटाई। अंजलि ने कहा कि उस दिन लखनऊ में पहले मंच पर पवन सिंह ने गलत तरीके से कमर छुई। यह अनुचित व्यवहार था। यही नहीं बाद में बदनाम करने के लिए सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। अंजलि ने आयोग से आग्रह किया है कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट हटवाए जाएं। एक्ट्रेस का कहना है कि इसी वजह से उनका दिल्ली रामलीला में सीता का रोल छिन गया। जानिए…आयोग को भेजी शिकायत में क्या अहम बातें सोशल मीडिया से अपमानजक पोस्ट हटवा अंजलि राघव ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए भेजी शिकायत में कहा- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ चल रहे अपमानजनक पोस्ट और झूठे प्रचार को तुरंत हटवाने के निर्देश दिए जाएं। सीता का किरदार छिन गया शिकायत में आगे लिखा- मैं 16 वर्ष की आयु से विभिन्न रामलीलाओं में माता सीता का किरदार निभाती थी। इसी के जरिए पहचान बनाई। इस विवाद के बाद दिल्ली की रामलीला में मेरा यह किरदार छीन लिया गया। लखनऊ कार्यक्रम में हुआ विवाद कुछ माह पहले मैं अपने एक गाने के प्रमोशन के लिए लखनऊ गई थी। वहां भोजपुरी गायक पवन सिंह ने मंच पर मेरी अनुमति के बिना मुझे छुआ, जिसका वीडियो भी उनकी टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इंस्टाग्राम पर उठाई आवाज, मिली माफी अंजलि ने बताया- मैंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस घटना की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सार्वजनिक की। इसके बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर मुझसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उस समय लगा मामला शांत हो गया। पीआर टीम ने लगातार धमकियां दी पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां दीं। कहा गया कि मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे औरबदनाम किया जाएगा। मेरे खिलाफ कई फर्जी और आपत्तिजनक पोस्ट किए गए। कुछ क्षेत्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मेरे बारे में झूठी कहानियां और अफवाहें भी फैलाई गईं। मानसिक तनाव और सामाजिक बहिष्कार का दावा इन घटनाओं के कारण मुझे मानसिक पीड़ा और सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा। इसका असर मेरे काम पर भी पड़ा। मैं दिल्ली रामलीला में पिछले लंबे समय से माता सीता का किरदार निभाती आ रही थी। मुझसे वो किरदार छीन लिया गया। जो मेरी दिवंगत माता की अंतिम इच्छा से जुड़ा था। कुछ लोगों ने मेरा और परिवार का बहिष्कार किया, जिससे अवसाद की स्थिति में पहुंच गईं। साइबर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की शिकायत में आगे लिखा- मैंने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट्स और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ साइबर पुलिस दिल्ली में शिकायत दी, लेकिन अभी तक आपत्तिजनक सामग्री हटाई नहीं गई है। आयोग आपत्तिजनक पोस्ट और झूठे इंटरव्यू तुरंत हटवाए। साथ ही संबंधित लोगों से सार्वजनिक माफी दिलवाई जाए। अब पढ़िए…कमर छूने से ट्रोलिंग तक की पूरी कहानी ————— यह खबर भी पढ़ें… हरियाणवी एक्ट्रेस बोलीं- अक्षरा ने पवन सिंह को बढ़ावा दिया: खुद कुछ नहीं बिगाड़ पाई, अब ज्ञान दे रही कि मैं होती तो उठाकर फेंक देती हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव ने भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह पर पलटवार किया है। अंजलि राघव ने कहा कि अक्षरा सिंह ने ही पवन सिंह को बढ़ावा दिया और वे दोनों स्टेज पर सबके सामने किस करते थे। जब पवन सिंह ने अक्षरा सिंह को छोड़ा, तब वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाईं और अब वह ज्ञान दे रही है कि मैं होती तो उठाकर फेंक देती। (पूरी खबर पढ़ें)
Director clarify on Sarke chunar teri sarke controversy, says- its based on bottle, wife also raised question on choli ke peeche song

Hindi News Entertainment Bollywood Director Clarify On Sarke Chunar Teri Sarke Controversy, Says Its Based On Bottle, Wife Also Raised Question On Choli Ke Peeche Song 19 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म केडीः द डेविल के अश्लील गाने सरके चुनर तेरी सरके के विवाद पर डायरेक्टर प्रेम जोगी ने सफाई दी है। उनका कहना है कि ये पूरा गाना बोतल पर बना है, जिसे पूरा सुने बिना ही लोग निष्कर्ष पर पहुंच गए। उनका ये भी कहना है कि अगर किसी की सोच गलत है तो वो गाने को गलत ही समझेगा। डायरेक्टर प्रेम के अलावा उनकी पत्नी रक्षिता ने भी विवाद पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये गाना अश्लील है तो जब चोली के पीछे जैसे गाने या डर्टी पिक्चर आई तब उस पर आपत्ति क्यों नहीं ली गई। फिल्म केडीः द डेविल के डायरेक्टर प्रेम जोगी ने हाल ही में बैंग्लोर टाइम्स को दिए इंटरव्यू में विवाद पर कहा, “अगर किसी का नजरिया सही है, तो वह इस गाने को गलत तरीके से नहीं लेगा। जब भी किसी महिला का मामला होता है, लोग सबसे बुरा क्यों सोच लेते हैं? लोग असली वीडियो देखे बिना या संदर्भ समझे बिना रिएक्शन दे रहे हैं।” फिल्म केडीः द डेविक के डायरेक्टर प्रेम जोगी। आगे डायरेक्टर कहते हैं, “सेंसर बोर्ड किसी कारण से है। मुझे उन पर भरोसा है और मैं उनके फैसले के साथ खड़ा रहूंगा। अगर कुछ लोग इस गाने को कोई लेबल देना चाहते हैं, तो वे स्वतंत्र हैं। लेकिन मैं जानता हूं कि मेरा इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं है।” बातचीत में प्रेम जोगी ने ये भी कहा है कि भले ही हिंदी गाना हटा दिया गया है, लेकिन इसका कन्नड़ वर्जन हटाया नहीं जाएगा। वे आलोचना को खारिज नहीं कर रहे, लेकिन उनका कहना है कि वो ऐसे मामलों से निपटने के लिए तैयार हैं। डायरेक्टर की पत्नी ने चोली के पीछे गाने पर उठाया सवाल विवाद के बीच डायरेक्टर प्रेम की पत्नी रक्षिता ने भी कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर गाने और डायरेक्टर के समर्थन वाले कई पोस्ट शेयर किए हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा है, जब ‘फीलिंग्स’(पुष्पा-2 का गाना), ‘ड्रीमम वेकअपम’ (अय्या मूवी का गाना), ‘चोली के पीछे’ (खलनायक का गाना) या ऐसे ही 100 गानों में एक जैसी बातें थीं, तब सबको ठीक लगा। जब पूरी फिल्म आई जिसमें दिखाया गया कि एक्टर्स ने पूरी फिल्म में यौन संबंध बनाए, तब भी सबको ठीक लगा। लेकिन एक गाने पर इतना बड़ा मुद्दा बना दिया गया। मैं सिर्फ इसे समझने की कोशिश कर रही हूं, ताकि समझ सकूं कि ऐसा क्यों हो रहा है।” डायरेक्टर की पत्नी ने इस समय डर्टी पिक्चर पर भी सवाल उठाए, जो बोल्ड कंटेंट के लिए विवादों में थी। क्या है पूरा विवाद? पैन इंडिया फिल्म केडीः द डेविल, 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। 14 मार्च को इस फिल्म का गाना सरके चुनर तेरी कई भाषाओं में रिलीज हुआ। ये गाने नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। यूट्यूब पर गाना जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसका कारण था, गाने के अश्लील और डबल मीनिंग बोल। इसके अलावा गाने में दिखाए गए डांस स्टेप्स और पिक्चराइजेशन भी काफी आपत्तिजनक थे। सोशल मीडिया पर गाने की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Mirpur ODI Controversy | Pakistan Questions Bangladesh Review, Complains to Referee

52 मिनट पहले कॉपी लिंक शाहीन शाह अफरीदी मैच की आखिरी गेंद पर स्टंप आउट हो गए। मीरपुर में खेले गए तीसरे वनडे में अंपायर के एक फैसले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने मैच रेफरी नियामुर राशिद से शिकायत की है। पाकिस्तान का कहना है कि ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना ने बांग्लादेश को गलत तरीके से LBW रीव्यू लेने की अनुमति दी। पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट का आरोप है कि बांग्लादेश ने रीव्यू उस समय लिया जब गेंद का रिप्ले पहले ही स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर दिखाया जा चुका था। क्या है पूरा मामला घटना मैच की आखिरी दो गेंदों से जुड़ी है। उस समय पाकिस्तान को जीत के लिए दो गेंदों में 12 रन चाहिए थे। रिशाद हुसैन की गेंद शाहीन अफरीदी के पास से लेग साइड की तरफ निकल गई, जिस पर अंपायर ने वाइड दे दिया। इसके बाद बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने आपस में चर्चा की और LBW के लिए रीव्यू लिया। रिव्यू लेने में नियमों का पालन नहीं किया गया पाकिस्तान ने रिव्यू लेने में नियमों का पालन नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया है। पाकिस्तान का कहना है कि जब स्क्रीन पर गेंद के बल्ले के पास से गुजरने का वीडियो दिखाया गया, तभी बांग्लादेशी कप्तान ने अंपायर से रिव्यू लेने की अपील की। जबकि नियमों के अनुसार, DRS का फैसला खिलाड़ी को बिना किसी बाहरी मदद या टीवी फुटेज देखे स्वयं लेना होता है। पाकिस्तान का यह भी कहना है कि रिव्यू लेने के लिए तय 15 सेकंड की समय सीमा का पालन नहीं किया गया। हालांकि, टीवी प्रसारण में कोई टाइमर दिखाई नहीं दिया, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि 15 सेकंड की समय सीमा समाप्त हुई थी या नहीं। वाइड का फैसला पलटा, शाहीन अफरीदी हुए नाराज DRS में हॉक-आई पर साफ हुआ कि गेंद बैट के निचले हिस्से को छूकर निकली थी। इसलिए वाइड का फैसला बदल दिया गया। हालांकि बांग्लादेश का रिव्यू खारिज हो गया, लेकिन वाइड हटने के बाद समीकरण बदल गया और पाकिस्तान को आखिरी गेंद पर 12 रन चाहिए थे। आखिरी गेंद पर शाहीन अफरीदी स्टंप आउट हो गए। इसके साथ ही बांग्लादेश ने मैच 11 रन से जीत लिया और सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। पाकिस्तान से सलमान अली आगा ने 106 रन बनाए। उन्हें तस्कीन अहमद ने पवेलियन भेजा। PCB की मांग: अंपायर अपनी गलती सार्वजनिक तौर पर स्वीकारें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पीसीबी चाहता है कि मैच रेफरी इस बात को स्वीकार करें कि अंपायरिंग और प्रोटोकॉल के पालन में गलती हुई है। पाकिस्तान का मानना है कि अगर वह गेंद वाइड रहती, तो उन्हें एक अतिरिक्त रन और एक अतिरिक्त गेंद मिलती, जिससे मैच का नतीजा बदल सकता था। सीरीज में दूसरा विवाद-पहले सलमान आगा के रनआउट पर हुआ था हंगामा इस सीरीज में यह दूसरा मौका है जब अंपायरिंग को लेकर विवाद हुआ है। दूसरे वनडे में सलमान आगा को उस वक्त रनआउट दिया गया था जब वे क्रीज से बाहर निकलकर मेहदी हसन मिराज को गेंद पकड़ाने की कोशिश कर रहे थे। उस वक्त भी काफी बहस हुई थी और सलमान आगा पर उनकी प्रतिक्रिया के लिए मैच फीस का 50% जुर्माना लगाया गया था। वहीं मेहदी हसन पर भी 20% जुर्माना लगा था। सलमान आगा के आउट होने के बाद मेहदी हसन मिराज और सलमान आगा के बीच बहस हुई। ———————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… BCCI अवॉर्ड्स- संजू ने वैभव की मिमिक्री का किस्सा सुनाया:बोले- ऐसा लगा वीडियो गेम खेल रहा; द्रविड़- भारत का असली दम दिख रहा बांग्लादेश ने पाकिस्तान को तीसरे वनडे में 11 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। ढाका के शेरे बंगला नेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में तंजिद हसन तमिम ने शानदार शतक लगाते हुए टीम को 50 ओवर में 5 विकेट पर 290 रन तक पहुंचाया। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







