Wednesday, 12 Aug 2026 | 03:32 AM

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Amit Shah; Delimitation Lok Sabha Seats Controversy

amit Shah Explains hou 850-Seat Lok Sabha Number After Opposition Criticism on delimitation

Hindi News National Amit Shah; Delimitation Lok Sabha Seats Controversy | Tamil Nadu UP Maharashtra नई दिल्ली13 घंटे पहले कॉपी लिंक गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में परिसीमन और लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी के बारे में बताया। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यह समझाया कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा की सीटें 543 से 850 कैसे होंगी। दरअसल, चर्चा के दौरान विपक्ष आरोप लगा रहा था कि परिसीमन से उत्तरी राज्यों को फायदा होगा, जबकि दशकों से जनसंख्या वृद्धि में अंतर की वजह से दक्षिणी राज्य पीछे रह जाएंगे। कांग्रेस ने कहा कि ये बिल महिला आरक्षण के लिए नहीं बल्कि यह चोर दरवाजे से परिसीमन के लिए हैं। शाह ने बताया- 850 का आंकड़ा कहां से आया शाह ने कहा, ‘मैं समझाता हूं। मान लीजिए 100 सीटें हैं और 33% महिलाओं के लिए आरक्षण देना है। यदि कुल सीटों में 50% वृद्धि कर दी जाए, तो यह 150 हो जाती हैं। और जब 150 का 33% आरक्षण लागू होता है, तो यह लगभग 100 सीटों के बराबर हो जाता है।’ ‘अभी लोकसभा में 543 सदस्य हैं। परिसीमन के बाद सीटों में 50% वृद्धि की जाएगी और कुल संख्या 816 हो जाएगी। इसमें से 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। 850 एक राउंड फिगर है, वास्तविक संख्या 816 होगी।’ तमिलनाडु की सीटें 39 से 59 हो जाएंगी दक्षिण के पांच राज्यों की कुल लोकसभा सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी। उनका प्रतिशत 23.76 से बढ़कर 23.87 हो जाएगा। इस तरह प्रस्तावित 50% सीट वृद्धि से दक्षिण भारत के हर राज्य को अधिक सीटें मिलेंगी। तमिलनाडु को 20, केरल को 10, तेलंगाना को 9 और आंध्र प्रदेश को 13 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। उत्तर प्रदेश के बाद लोकसभा में दूसरे सबसे अधिक सांसदों वाला राज्य महाराष्ट्र है, जिसे 24 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। शाह बोले- परिसीमन कानून में कोई बदलाव नहीं शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग का कानून पूरी तरह मौजूदा कानून पर है। इसमें कोई बदलाव नहीं है। इसका चल रहे चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। परिसीमन विधेयक के अनुसार: कुल सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं 2011 की जनगणना के आधार पर फिर से तय की जाएंगी। इन विधेयकों के जरिए संविधान के 7 अनुच्छेदों- 55, 81, 82, 170, 330, 332 और 334 (ए) में संशोधन किया जाएगा। संसद में 4 विपक्षी नेताओं के बयान प्रियंका गांधी: 543 में से महिलाओं को 33% आरक्षण क्यों नहीं दे रहे। अगर पद खोने का डर नहीं तो कुछ लोग इसमें अपना पद खो दें, ताकि महिलाएं और ओबीसी वर्ग आ सके। ये आज ही कर दें, शुभ काम हो जाएगा काला टीका भी काम आ जाएगा। असदुद्दीन ओवैसी: जिन राज्यों की आबादी ज्यादा है, उन्हें ज्यादा सीटें मिलेंगी और कम आबादी वाले राज्यों की सीटें घटेंगी। दक्षिणी राज्य देश की GDP का करीब 30% हिस्सा देते हैं और कुल टैक्स राजस्व का 21% वहीं से आता है, लेकिन उन्हें उनके अच्छे शासन के लिए ‘सजा’ दी जा रही है। अखिलेश यादव: ये लोग पिछड़े वर्ग की 33% महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहते हैं। जब परिसीमन की बारी आई तो इन लोगों ने पूरी रणनीति बनाई, कि कैसे क्षेत्र बनाए जाएं कि इसका फायदा इन लोगों को ही मिले। टी आर बालू (डीएमके सांसद): तीनों परिसीमन संशोधन बिल ही सैंडविच बिल हैं, हम इनका विरोध करते हैं। हमने काले झंडे दिखाए। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- विपक्ष क्रेडिट ले, ब्लैंक चेक देने को तैयार:प्रियंका का जवाब- महिलाएं बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को पहचान लेती हैं, सावधान हो जाएं पीएम मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह मोदी की गारंटी है और वादा है। विपक्ष इसका क्रेडिट ले सकता है। मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

लेंसकार्ट के ड्रेस कोड पर विवाद:बिंदी-तिलक पर रोक और हिजाब को मंजूरी देने वाला लेटर वायरल, CEO पीयूष बंसल बोले- यह पुरानी गाइडलाइन

लेंसकार्ट के ड्रेस कोड पर विवाद:बिंदी-तिलक पर रोक और हिजाब को मंजूरी देने वाला लेटर वायरल, CEO पीयूष बंसल बोले- यह पुरानी गाइडलाइन

लेंसकार्ट अपने ऑफिस और स्टोर्स के ड्रेस कोड को लेकर विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर कंपनी का एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ है, जिसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना किया गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब यूजर लेखिका और एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X पर स्क्रीनशॉट साझा किया और आरोप लगाया कि कंपनी की नीति धार्मिक प्रतीकों के साथ असमान व्यवहार करती है। लेखक शेफाली वैद्य ने पीयूष बंसल से पूछा सवाल लेखिका और एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने इस विवादित पॉलिसी को लेकर पीयूष बंसल को टैग किया। उन्होंने X पर लिखा, “पीयूष बंसल, क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि लेंसकार्ट में हिजाब ठीक है लेकिन बिंदी और कलावा क्यों नहीं?” इस पोस्ट के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट को ट्रोल करना शुरू कर दिया और कंपनी की नीति पर सवाल उठाए। CEO पीयूष बंसल ने दी सफाई मामला बढ़ने पर लेंसकार्ट के को-फाउंडर और CEO पीयूष बंसल ने सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वायरल हो रहा डॉक्यूमेंट पुराना और गलत है। यह कंपनी की मौजूदा गाइडलाइन को नहीं दर्शाता। कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा भारत भर में हमारे हजारों टीम मेंबर्स हैं जो हर दिन हमारे स्टोर्स पर अपने विश्वास और संस्कृति को गर्व के साथ पहनते हैं। ” वायरल डॉक्यूमेंट में क्या लिखा है? सोशल मीडिया पर शेयर किए गए इस ‘ग्रूमिंग गाइड’ के मुताबिक, महिला कर्मचारियों को स्टोर में बिंदी या क्लचर लगाने की अनुमति नहीं है। साथ ही, हाथ में पहने जाने वाले धार्मिक धागे (कलावा) या रिस्ट बैंड को भी हटाने का निर्देश दिया गया है। वहीं, इसी डॉक्यूमेंट में लिखा है कि अगर कोई कर्मचारी हिजाब या पगड़ी पहनता है, तो वह काले रंग का होना चाहिए। हिजाब की लंबाई ऐसी हो कि वह कंपनी का लोगो न छुपाए। हालांकि, बुर्का पहनकर स्टोर में काम करने की मनाही की गई है। IPO की तैयारी में है कंपनी, वैल्यूएशन 50 हजार करोड़ यह विवाद ऐसे समय में आया है जब लेंसकार्ट शेयर बाजार में लिस्ट होने (IPO) की तैयारी कर रही है। 2019 में यूनिकॉर्न बनने वाली इस कंपनी की मौजूदा वैल्यूएशन करीब 50 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। हाल ही में कंपनी के शेयरों में भी तेजी देखी गई थी।

CSK RCB Controversy; IPL 2026 Chinnaswamy Stadium Dosa Idli Song

CSK RCB Controversy; IPL 2026 Chinnaswamy Stadium Dosa Idli Song

स्पोर्ट्स डेस्क5 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मुकाबले के बाद एक विवाद सामने आया है। CSK ने BCCI से RCB के खिलाफ एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। मामला 5 अप्रैल का है, जिस दिन बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई और बेंगलुरु मैच का मैच खेला गया। इस दौरान स्टेडियम में एक गाना बजाया गया, जिसमें डोसा, इडली, सांभर, चटनी जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। CSK का आरोप है कि यह गाना उनके खिलाड़ियों और टीम पर तंज या मजाक के तौर पर बजाया गया। 5 अप्रैल को खेले गए मैच में RCB ने CSK को 43 रन से हराया था। BCCI को पत्र लिखा CSK के मैनेजिंग डायरेक्टर काशी विश्वनाथन ने इस विवाद पर कहा, आमतौर पर डीजे घरेलू टीम का समर्थन करने के लिए होते हैं। लेकिन चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्थिति अलग थी। हमारे खिलाड़ियों के खिलाफ कुछ खास टिप्पणियां की गईं। इसी को ध्यान में रखते हुए, हमने BCCI को पत्र लिखकर इस मामले की जांच करने का अनुरोध किया है। RCB-CSK मैच को सदर्न डर्बी कहा जाता है पिछले कुछ सालों में CSK और RCB के बीच राइवलरी देखने को मिली है, जिस वजह से IPL में उन्हें सदर्न डर्बी का नाम दिया गया। हेड टु हेड में CSK का RCB पर पलड़ा भले ही भारी रहा हो, लेकिन पिछले कुछ सीजन में बेंगलुरु ने चेन्नई पर अपना दबदबा बनाया है। RCB ने CSK को 43 रन से हराया 5 अप्रैल को खेले गए मैच में RCB ने CSK को 43 रन से हराया था। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी RCB ने 250 रन बनाए। यह सीजन का बेस्ट स्कोर है। जवाब में CSK 207 रन ही बना सकी थी। RCB के लिए टिम डेविड ने 25 गेंद पर 8 छक्के लगाकर 70 रन बनाए। कप्तान रजत पाटीदार ने 48, फिल सॉल्ट ने 46, विराट कोहली ने 28 और देवदत्त पडिक्कल ने 50 रन बनाए। भुवनेश्वर कुमार ने 3 विकेट लिए। अभिनंदन सिंह, जैकब डफी और क्रुणाल पंड्या को 2-2 विकेट मिले। भुवी ने IPL में 200 विकेट पूरे कर लिए। ———————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मार्श का 102 मीटर लंबा सिक्स:पंत रिटायर हर्ट हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 23वें मैच में लखनऊ सुपर जाएंट्स को 5 विकेट से हराया। चिन्नास्वामी स्टेडियम में मिचेल मार्श ने 102 मीटर लंबा सिक्स लगाया। लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत चोटिल होकर रिटायर हर्ट हुए। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Lenskart Style Guide Controversy: Ashok Pandit Appeals Boycott

Lenskart Style Guide Controversy: Ashok Pandit Appeals Boycott

24 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्ममेकर अशोक पंडित लेंसकार्ट के कर्मचारियों के लिए जारी स्टाइल गाइड को लेकर भड़क गए और उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कंपनी के बायकॉट करने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अशोक पंडित ने स्टाइल गाइड की फोटो शेयर कर लिखा, “पीयूष बंसल अपने कर्मचारियों से कहते हैं कि हिजाब ठीक है, लेकिन बिंदी/तिलक/कलावा नहीं। लेंसकार्ट एक ऐसी कंपनी है जो हिंदू बहुल भारत में काम करती है, जहां अधिकतर कर्मचारी और उपभोक्ता हिंदू हैं। आप इस पर क्या कहेंगे? यह लेंसकार्ट के कर्मचारियों के लिए स्टाइल गाइड का पेज 11 है। इसका लिंक यहां देख सकते हैं: scribd.com/document/90118…” अशोक पंडित की पोस्ट। पगड़ी और हिजाब केवल काले रंग में मंजूर बता दें कि अशोक पंडित ने स्टाइल गाइड की फोटो शेयर की। उसके मुताबिक, हिजाब पहनने की अनुमति है, लेकिन उसका रंग काला होना चाहिए और वह कंपनी के लोगो को कवर नहीं करना चाहिए। पगड़ी भी केवल काले रंग में ही पहनने की अनुमति दी गई है। वहीं, धार्मिक टीका, तिलक, बिंदी या स्टिकर लगाने की अनुमति नहीं है और मेहंदी लगाने पर भी रोक लगाई गई है। अशोक पंडित ने यह फोटो शेयर की। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की टोपी या हैट पहनने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, स्टोर में ब्लू टॉर्च और स्प्रे बोतल रखना, बाल अस्त-व्यस्त होने पर हेयर नेट का उपयोग करना और टैटू छिपाने के लिए काली फिटेड टी-शर्ट पहनना अनिवार्य बताया गया है। बता दें कि अशोक पंडित एक फिल्ममेकर हैं, साथ ही वो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार रखते रहते हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में नुक्कड़, सर्कस और ये जो है जिंदगी जैसे फेमस शो में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। अशोक पंडित की पहली निर्देशित फिल्म शीन थी। उन्होंने कश्मीरी पंडितों पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मी चक्कर जैसे शो का डायरेक्शन किया और कोलगेट टॉप 10 व तेरे मेरे सपने जैसे शो भी बनाए। साथ ही उन्होंने द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर और 72 हूरें जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Lenskart Style Guide Controversy: Ashok Pandit Appeals Boycott

Lenskart Style Guide Controversy: Ashok Pandit Appeals Boycott

30 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्ममेकर अशोक पंडित लेंसकार्ट के कर्मचारियों के लिए जारी स्टाइल गाइड को लेकर भड़क गए और उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कंपनी के बायकॉट करने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अशोक पंडित ने स्टाइल गाइड की फोटो शेयर कर लिखा, “पीयूष बंसल अपने कर्मचारियों से कहते हैं कि हिजाब ठीक है, लेकिन बिंदी/तिलक/कलावा नहीं। लेंसकार्ट एक ऐसी कंपनी है जो हिंदू बहुल भारत में काम करती है, जहां अधिकतर कर्मचारी और उपभोक्ता हिंदू हैं। आप इस पर क्या कहेंगे? यह लेंसकार्ट के कर्मचारियों के लिए स्टाइल गाइड का पेज 11 है। इसका लिंक यहां देख सकते हैं: scribd.com/document/90118…” अशोक पंडित की पोस्ट। पगड़ी और हिजाब केवल काले रंग में मंजूर बता दें कि अशोक पंडित ने स्टाइल गाइड की फोटो शेयर की। उसके मुताबिक, हिजाब पहनने की अनुमति है, लेकिन उसका रंग काला होना चाहिए और वह कंपनी के लोगो को कवर नहीं करना चाहिए। पगड़ी भी केवल काले रंग में ही पहनने की अनुमति दी गई है। वहीं, धार्मिक टीका, तिलक, बिंदी या स्टिकर लगाने की अनुमति नहीं है और मेहंदी लगाने पर भी रोक लगाई गई है। अशोक पंडित ने यह फोटो शेयर की। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की टोपी या हैट पहनने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, स्टोर में ब्लू टॉर्च और स्प्रे बोतल रखना, बाल अस्त-व्यस्त होने पर हेयर नेट का उपयोग करना और टैटू छिपाने के लिए काली फिटेड टी-शर्ट पहनना अनिवार्य बताया गया है। बता दें कि अशोक पंडित एक फिल्ममेकर हैं, साथ ही वो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार रखते रहते हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में नुक्कड़, सर्कस और ये जो है जिंदगी जैसे फेमस शो में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। अशोक पंडित की पहली निर्देशित फिल्म शीन थी। उन्होंने कश्मीरी पंडितों पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मी चक्कर जैसे शो का डायरेक्शन किया और कोलगेट टॉप 10 व तेरे मेरे सपने जैसे शो भी बनाए। साथ ही उन्होंने द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर और 72 हूरें जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कॉमेडियन को पुलिस ने प्रयागराज से उठाया:पवन कल्याण की 3 शादियों का मजाक उड़ाया, भतीजी के तलाक पर भी कमेंट किया

कॉमेडियन को पुलिस ने प्रयागराज से उठाया:पवन कल्याण की 3 शादियों का मजाक उड़ाया, भतीजी के तलाक पर भी कमेंट किया

साउथ के स्टैंडअप कॉमेडियन अनुदीप कटिकला को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। आंध प्रदेश की पुलिस मंगलवार को प्रयागराज पहुंची और अनुदीप को उठा ले गई। अनुदीप अपने परिवार से मिलने आए थे। परिजनों के मुताबिक, पुलिस उन्हें ट्रेन से आंध्र प्रदेश के काकीनाडा ले गई है। अनुदीप पर आरोप है कि उन्होंने अपने एक स्टैंड-अप वीडियो में एक्टर पवन कल्याण की तीन शादियों का मजाक उड़ाया। तेलुगु एक्ट्रेस और पवन कल्याण की भतीजी निहारिका कोनिडेला पर भी कमेंट किया। निहारिका का 2023 में तलाक हो चुका है। अनुदीप ने मजाक में कहा था कि ऐसे मामलों में वह अपने चाचा (पवन कल्याण) से सलाह ले सकती हैं। पवन कल्याण वर्तमान में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं। इस टिप्पणी के बाद उनकी पार्टी जन सेना के समर्थकों ने आपत्ति जताई। मामले में 11 अप्रैल को काकीनाडा टाउन पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। पवन कल्याण का विधानसभा क्षेत्र पीठापुरम भी काकीनाडा जिले में ही आता है। निहारिका का जिक्र करने से शुरू हुआ था विवाद विवाद उस मजाक से शुरू हुआ, जिसमें अनुदीप कटिकला ने एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला का जिक्र किया। आरोप है कि अनुदीप ने निहारिका के तलाक का जिक्र कर महिलाओं के नाम घसीटे और अशोभनीय टिप्पणी की। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि अनुदीप ने अपने वीडियो के जरिए पवन कल्याण और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाया। उन पर व्यंग्य और कथित अश्लील भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर शांति व्यवस्था बिगाड़ने और वैमनस्य फैलाने की बात कही गई है। वीडियो सामने आने के बाद अनुदीप को जन सेना समर्थकों की ओर से ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्हें धमकियां भी मिलने लगीं। लोकेशन ट्रेस कर प्रयागराज आई आंध्र प्रदेश पुलिस परिवार के एक सदस्य ने बताया- काकीनाडा जिले के दो पुलिस अधिकारी 14 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने एक पार्क में अनुदीप के फोन की लोकेशन ट्रेस की। उस समय अनुदीप अपने पिता के साथ थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह केस काकीनाडा के टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज है। शिकायत जन सेना पार्टी के पूर्वी गोदावरी के संयुक्त सचिव बड़े वेंकट कृष्णा ने की है। अनुदीप को पहले प्रयागराज में स्थानीय थाने ले जाया गया। इसके बाद उन्हें ट्रेन से काकीनाडा ले जाया गया है। पुलिस ने परिवार को बताया कि काकीनाडा पहुंचने के बाद उन्हें नोटिस देकर स्टेशन बेल पर रिहा किया जा सकता है। मामले में ज्यादातर धाराएं जमानती हैं। अनुदीप पर मानहानि और अश्लील कंटेंट का आरोप अनुदीप कटिकला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन पर BNS की धारा 356(2) के तहत मानहानि का आरोप है। धारा 353(2) के तहत अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाकर वैमनस्य बढ़ाने का केस दर्ज किया गया है। वहीं, धारा 79 के तहत महिला की गरिमा का अपमान करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई गई है। यह धारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित करने से जुड़ी है। पुलिस ने इन धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कौन हैं स्टैंड-अप कॉमेडियन अनुदीप कटिकला 30 वर्षीय अनुदीप कटिकला हैदराबाद के स्टैंड-अप कॉमेडियन हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत कॉर्पोरेट सेक्टर से की थी। करीब दो साल तक वे एक ई-लर्निंग कंपनी में एसोसिएट प्रोडक्ट मैनेजर रहे। इसके बाद उन्होंने करियर बदलने का फैसला लिया और फुल-टाइम स्टैंड-अप कॉमेडी में आ गए। साल 2023 में उन्होंने छोटे-छोटे शो से कॉमेडी की शुरुआत की। वे दूसरे नए कॉमेडियंस के साथ मिलकर अलग-अलग मंचों पर परफॉर्म करते रहे। अनुदीप हैदराबाद में नियमित ओपन माइक भी होस्ट करते थे, जिन्हें ‘तेलुगु स्टैंड-अप कॉमेडी शो’ के नाम से जाना जाता है। इन शो के जरिए नए कलाकारों को मंच मिला और उन्हें अपनी कला दिखाने का मौका मिला। टॉलीवुड रोस्ट से सुर्खियों में आए अनुदीप अनुदीप कटिकला ‘सिली साउथ कॉमेडी क्लब’ के फांउडर भी हैं। यह तेलुगु स्टैंड-अप कॉमेडियंस का एक ग्रुप है, जहां नए और उभरते कलाकारों को मंच मिलता है। हैदराबाद और बेंगलुरु में नियमित शो करते हुए उन्होंने अपनी पहचान मजबूत की। इसी दौरान उन्होंने ‘द टॉलीवुड रोस्ट शो’ भी तैयार किया। इस शो में उन्होंने टॉलीवुड सितारों पर खुलकर व्यंग्य किया। शो के बारे में उनका कहना था कि इसमें किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। अब इसी तरह के मजाक और टिप्पणियां चर्चा में हैं। तेलुगु सितारों पर किए गए उनके जोक्स को लेकर विवाद बढ़ा और मामला तूल पकड़ गया। अनुदीप ने अपने जोक्स पर दी थी सफाई विवाद बढ़ने के बाद अनुदीप कटिकला ने अपने मजाक को लेकर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनका मकसद तलाक जैसे विषय को सामान्य बनाना था। अनुदीप के मुताबिक, उन्होंने अपने शो में यह भी कहा था कि तलाक कोई मजाक की बात नहीं है। इससे जुड़े लोगों के निजी कारणों का सम्मान किया जाना चाहिए। जब कोई व्यक्ति कठिन स्थिति में होता है, तो वह ऐसे लोगों से सलाह लेता है जो पहले उसी दौर से गुजर चुके हों। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे घुटने की सर्जरी कराने वाला व्यक्ति किसी ऐसे रिश्तेदार से सलाह ले सकता है, जिसकी पहले सर्जरी हो चुकी हो। इसी वीडियो में अनुदीप ने राम चरण, बालकृष्ण और जूनियर एनटीआर पर भी चुटकुले किए थे। राम चरण के कुछ प्रशंसकों ने एक टिप्पणी पर नाराजगी जताई। इसमें अनुदीप ने उन्हें “फेमिनिस्ट” कहा था और उनकी पत्नी उपासना के संदर्भ में मजाक किया था। ———————— ये खबर भी पढ़िए- नोएडा बवाल- RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR, गलत VIDEO पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप नोएडा में 2 दिन हुए बवाल के बाद आज यानी बुधवार को फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हालात सामान्य हैं। जगह-जगह फोर्स तैनात है। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 16 कंपनी RAF और पीएसी लगाई गई है। नोएडा सेक्टर 63, 84, 85, 80, फेस 2 में पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। इस बीच, नोएडा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में राजद

Badshahs Titteri Phirse Song Released

Badshahs Titteri Phirse Song Released

सोनीपत3 मिनट पहले कॉपी लिंक टटीरी फिर से सॉन्ग में लड़कियों को एक अंडरपास में नाचते हुए दिखाया गया है। बादशाह की एंट्री हेलिकॉप्टर में होती है। बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह ने विवाद के बाद हरियाणवी सॉन्ग ‘टटीरी फिर से’ रिलीज कर दिया है। बादशाह ने गाने में विवादित सीन और लाइनों को हटा दिया है। जिस लाइन पर सबसे ज्यादा विवाद हुआ, उसकी जगह बादशाह ने रैप में बोला है- ‘आया बादशाह रंग दिखाने, फिर जलवा दिखाने’। रोडवेज बस के सीन को हटाकर लड़कियों को हरियाणवी पहनावे दामन-कुर्ती में एक अंडरपास में नाचते हुए दिखाया गया है। कुछ बुजुर्गों को भी हुक्के के साथ दिखाया गया है। यूट्यूब पर इस सॉन्ग पर अभी तक एक मिलियन व्यूज आ चुके हैं। पिछले महीने एक मार्च को रिलीज हुए ‘टटीरी’ सॉन्ग में बोले गए शब्दों और सीन को लेकर हुए विवाद पर बादशाह पर पंचकूला और जींद में तीन मामले दर्ज किए गए। इसके बाद यूट्यूब से ये गाना हटा दिया गया था। हरियाणा महिला आयोग ने भी बादशाह को पेश होने के लिए कहा था। 7 मार्च को बादशाह ने राष्ट्रीय महिला आयोग में पेश होकर माफी मांग ली थी। बादशाह ने रैप की विवादित लाइन को भी बदल दिया है। जानिए पहले टटीरी गाने को क्या विवाद हुआ… एक मार्च को रिलीज हुआ, 3 एफआईआर दर्ज हुई : बादशाह का टटीरी सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। सॉन्ग के रिलीज होने के साथ ही इसमें बादशाह के लिरिक्स और लड़कियों के सीन को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई। पानीपत की नारी तू नारायणी उत्थान समिति अध्यक्ष सविता आर्या ने बादशाह के खिलाफ राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर जींद और पंचकूला में बादशाह के खिलाफ 3 FIR दर्ज हुई। इसके बाद पंचकूला पुलिस ने सॉन्ग को यूट्यूब से हटवा दिया। आयोग के सामने पेश न होने पर गिरफ्तारी के आदेश: इसके बाद हरियाणा महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लिया था। 13 मार्च हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने सिंगर को पानीपत में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। बादशाह की जगह पेश हुए उनके वकीलों ने दलील दी थी कि बादशाह सिक्योरिटी रीजन और प्रोफेशनल कमिटमेंट की वजह से पेश नहीं हो सके। इसके बाद चेयरपर्सन ने पंचकूला और पानीपत SP को बादशाह की गिरफ्तारी और पासपोर्ट जब्ती के निर्देश दिए। सिंगर ने पंचकूला थाने में रखा पक्ष: इसके बाद सिंगर बादशाह ने पंचकूला पुलिस की जांच में शामिल होकर अपना पक्ष रखा था। पूछताछ के बाद सिंगर को बेल पर छोड़ दिया गया था। पंचकूला साइबर थाना SHO युद्धवीर ने बताया था कि सभी धाराएं जमानती हैं। उनसे करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई थी। बादशाह ने वीडियो शेयर कर मांगी थी माफी: विवाद के बाद बादशाह ने वीडियो बनाकर माफी मांगी थी। उन्होंने वीडियो में कहा था- ‘मेरा टरीरी गाना जब से रिलीज हुआ है तब से इसके एक हिस्से में मेरे लिरिक्स को और विजुअल रिप्रेजेंटेशन की वजह से जो मैसज गया, उससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची। मेरा इरादा नहीं था कि मैं किसी बच्चे या महिला के बारे में बेहुदी बात करूं। मैं उम्मीद करता हूं कि मुझे हरियाणा का बेटा समझकर माफ करेंगे।’ महिला आयोग के सामने पेश होकर मांगी माफी: विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। इस मामले में बादशाह और निर्देशक जोबन संधू, महावीर सिंह और निर्माता हितेन 7 अप्रैल को आयोग के सामने आए। बादशाह ने माफी मांगी और वादा किया कि वे 4 महीने में एक अच्छा गाना बनाएंगे और गरीब परिवारों की 50 लड़कियों की पढ़ाई का खर्चा भी उठाएंगे। 7 अप्रैल को बादशाह और उनकी टीम नई दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश हुई थी। गाने में कैथल की सिमरन की भी आवाज टटीरी सॉन्ग में फीमेल वोकल कैथल की सिमरन जागलान के हैं। सिमरन, हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं, जिन्होंने फेमस हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाया है। सिमरन एक बॉक्सर भी हैं और स्टेट चैंपियन रह चुकी हैं। अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए वह सिंगिंग भी कर रही हैं। तीन साल पहले बनाए गए ‘टटीरी’ गाने पर बादशाह की नजर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने इसका रीमिक्स वर्जन बनाया। —————————- ये खबर भी पढ़ें :- बादशाह संग ‘टटीरी’ सॉन्ग गाने वाली सिमरन की कहानी:पिता हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाकर फेमस हुए, बेटी बॉक्सिंग में स्टेट चैंपियन रही बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह ने हरियाणवी फोक सॉन्ग ‘टटीरी’ लॉन्च किया है। इस गाने में कैथल की रहने वाली सिमरन जागलान ने अपनी आवाज दी है। सिमरन, हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं, जिन्होंने फेमस हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गुना नगरपालिका की 'गर्लफ्रेंड पंत' करेगी जनगणना:नपा का ऑर्डर बना चर्चा का विषय; 17 अप्रैल से होगी ट्रेनिंग

गुना नगरपालिका की 'गर्लफ्रेंड पंत' करेगी जनगणना:नपा का ऑर्डर बना चर्चा का विषय; 17 अप्रैल से होगी ट्रेनिंग

गुना में जनगणना का काम शुरू हो गया है। इसके लिए गणना करने वाले कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के लिए नगरपालिका के कर्मचारियों को भी लगाया गया है। इसमें एक नाम ऐसा शामिल किया है, जो चर्चा का विषय बन गया है। नगरपालिका द्वारा जारी सूची में कर्मचारी का नाम ‘गर्लफ्रेंड पंत’ लिखा हुआ है। बता दें कि पहले चरण में मकानों की गणना के बाद अब जनगणना का काम शुरू हो रहा है। दूसरे चरण ने अब जनगणना का काम होना है। जनगणना करने वाले कर्मचारियों को पहले ट्रेनिंग दी जा रही है। अलग अलग विभागों के कर्मचारियों को इसके लिए चयनित किया गया है। कर्मचारियों को जनगणना की ट्रेनिंग दी जाएगी। गुना नगरपालिका के 36 कर्मचारियों की गणनाकार के रूप में ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही 6 कर्मचारियों को सुपरवाइजर बनाया गया है। इन कर्मचारियों को 17,18 और 19 अप्रैल को ट्रेनिंग दी जाएगी। गांधी वोकेशनल कॉलेज में इनको ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए नगरपालिका की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश ने 5 नंबर पर लिखा कर्मचारी का नाम चर्चा का विषय बन गया है। कर्मचारी के नाम की जगह ‘गर्लफ्रेंड पंत’ लिखा हुआ है। उसकी यूजर आईडी भी et _24460027372_girlfriend लिखी हुई है। हालांकि, जब आदेश में दिए कर्मचारी के मोबाइल नंबर को सर्च किया गया, तो उसका नाम प्रेमिका पंत लिखा हुआ आया। आदेश सामने आते ही यह चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, नपा के अधिकारी इसे टाइपिंग त्रुटि बता रहे हैं।

World updates| Trump Wanted Gulf of Mexico Named After Him | Controversy

World updates| Trump Wanted Gulf of Mexico Named After Him | Controversy

Hindi News International World Updates| Trump Wanted Gulf Of Mexico Named After Him | Controversy| Iran, China, Russia, Usa, Putin, Trump, 3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने एक समय गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम ‘गल्फ ऑफ ट्रम्प’ रखने पर भी विचार किया था, लेकिन बाद में यह फैसला छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह शायद काम नहीं करता और विवाद बढ़ सकता था। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि यह फैसला उनकी बड़ी योजना का हिस्सा था। इसके तहत उन्होंने इस खाड़ी का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ रखने का आदेश दिया था। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में, 20 जनवरी 2025 को, एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करके यह बदलाव लागू किया। इस आदेश के तहत अमेरिका के अंदर सभी सरकारी एजेंसियों को नया नाम अपनाने के निर्देश दिए गए। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भी अपने रिकॉर्ड में यह बदलाव दर्ज किया। हालांकि, इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई। खासकर मेक्सिको ने इसका विरोध किया। वहां की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि गल्फ ऑफ मैक्सिको नाम सदियों से इस्तेमाल हो रहा है और पूरी दुनिया में मान्यता प्राप्त है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

World updates| Trump Wanted Gulf of Mexico Named After Him | Controversy

World updates| Trump Wanted Gulf of Mexico Named After Him | Controversy

Hindi News International World Updates| Trump Wanted Gulf Of Mexico Named After Him | Controversy| Iran, China, Russia, Usa, Putin, Trump, 26 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने एक समय गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम ‘गल्फ ऑफ ट्रम्प’ रखने पर भी विचार किया था, लेकिन बाद में यह फैसला छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह शायद काम नहीं करता और विवाद बढ़ सकता था। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि यह फैसला उनकी बड़ी योजना का हिस्सा था। इसके तहत उन्होंने इस खाड़ी का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ रखने का आदेश दिया था। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में, 20 जनवरी 2025 को, एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करके यह बदलाव लागू किया। इस आदेश के तहत अमेरिका के अंदर सभी सरकारी एजेंसियों को नया नाम अपनाने के निर्देश दिए गए। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भी अपने रिकॉर्ड में यह बदलाव दर्ज किया। हालांकि, इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई। खासकर मेक्सिको ने इसका विरोध किया। वहां की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि गल्फ ऑफ मैक्सिको नाम सदियों से इस्तेमाल हो रहा है और पूरी दुनिया में मान्यता प्राप्त है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔