Celebs support diljiet dosanjh film satluj after ott platform zee 5 suddenly removes it, actor appeals to share movie after download

Hindi News Entertainment Bollywood Celebs Support Diljiet Dosanjh Film Satluj After Ott Platform Zee 5 Suddenly Removes It, Actor Appeals To Share Movie After Download 1 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंसरशिप विवाद से रुकी हुई फिल्म सतलज (पहले पंजाब 95) को ओटीटी रिलीज के 3 दिन बाद ही जी 5 से भी हटा दिया गया है। बिना कोई पुख्ता कारण दिए, अचानक फिल्म हटाए जाने पर कई सेलेब्स ने नाराजगी जाहिर की है। इसी बीच फिल्म के एक्टर दिलजीत दोसांझ ने फैंस से बढ़-चढ़कर पायरेसी करने और फिल्म को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की है। ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद फिल्म को यूट्यूब पर प्राइवेट चैनल पर रिलीज किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में फैंस फिल्म देख रहे हैं। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी ये फिल्म देखी और जमकर तारीफ की है। इसी बीच कई सेलेब्स फिल्म हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। एक्टर रणवीर शोरे ने फिल्म हटाए जाने पर लिखा है, ‘सतलज’ को हटाए जाने की खबर सुनकर बेहद निराशा हूं। मैं लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहा था। जिस देश की प्राचीन परंपरा और विरासत कहानियों से सीखने की रही हो, वहां यह समझ से परे है कि हम बार-बार कहानियों को दबाने और छिपाने की संस्कृति को ही बढ़ावा क्यों दे रहे हैं। इन सेलेब्स ने भी किया विरोध रणवीर शोरे के अलावा सोनी राजदान और फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी फिल्म हटाए जाने पर निराशा जाहिर की है। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने फिल्म देखकर की तारीफ हरभजन सिंह ने फिल्म देखने के बाद इसकी तारीफ में लिखा है- जलियांवाला बाग इतिहास के सबसे भयावह नरसंहारों में से एक है। इसे एक औपनिवेशिक शासन ने अंजाम दिया था। लेकिन जसवंत सिंह खालड़ा देखने के बाद मेरे मन में जो सवाल सबसे ज्यादा गूंजता है, वह कुछ और है। बाहरी शासक के अत्याचार से भी ज्यादा पीड़ादायक क्या होता है? जब अपने ही लोगों की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाने वाले लोग, उन्हीं के लिए सबसे बड़े डर की वजह बनने के आरोपों में घिर जाएं।एक पुलिस अधिकारी का कर्तव्य निर्दोष लोगों की रक्षा करना होता है, न कि अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना। खालड़ा ने कथित अवैध गुमशुदगियों और गुप्त अंतिम संस्कारों के सबूत सामने लाने का साहस दिखाया। उनकी कहानी याद दिलाती है कि राज्य की शक्ति का दुरुपयोग ऐसी चोटें दे सकता है, जिनके निशान पीढ़ियों तक बने रहते हैं।पंजाब की कई माताएं आज भी जवाब का इंतजार कर रही हैं। अनेक परिवार अब भी न्याय की राह देख रहे हैं। सच को हमेशा के लिए दफन नहीं किया जा सकता। इस कहानी को दुनिया के सामने लाने के लिए हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ ने बेहतरीन काम किया है। जसवंत सिंह खालड़ा का साहस हमेशा याद रखा जाना चाहिए। दिलजीत दोसांझ बोले- फिल्म डाउनलोड कर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ इंस्टाग्राम पर लाइव आए और कहा कि उन्हें कोई फिक्र नहीं हैं। उन्हें लगा था कि फिल्म 3 दिन से पहले ही हटा दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने फैंस से अपील की है कि इसे ज्यादा से ज्यादा डाउनलोड कर शेयर किया जाए और सबको दिखाया जाए। दिलजीत दोसांझ ने ये भी कहा- एक इंसानियत होती है, वह इंसानियत मर गई। मुझे इस बात का दुख नहीं है कि फिल्म इंटरनेट से हटा दी गई, क्योंकि फिल्म लोगों तक पहुंच चुकी है। एक बार जो चीज इंटरनेट पर आ गई, उसे हटाना आसान नहीं है। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं। इस फिल्म के साथ वही हुआ, जो खालड़ा जी के साथ हुआ था। फिल्म हटाने पर पंजाबी कलाकारों ने गुस्सा जताया है। दिलजीत का बयान सामने आने के बाद जी 5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है, ‘हमे आशा है और हम इसके लिए सब कुछ कर रहे हैं। प्लीज पायरेसी को सपोर्ट न करें। हम सतलज फिल्म को वापस लाने की हर कोशिश कर रहे हैं।’ क्यों विवादों में है फिल्म सतलज फिल्म सतलज पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म 2023 में बनकर तैयार हुई, तब इसका टाइटल पंजाब 95 था। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई सीन में बदलाव की मांग की। सेंसर बोर्ड की आपत्ति के बाद फिल्म का नाम पंजाब 95 से सतलज किया गया। 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 पर स्ट्रीम किया गया। 5 जुलाई को जी 5 ने फिल्म हटा दी और आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर कहा कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है। केंद्र सरकार से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि “ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News Entertainment Bollywood Celebs Support Diljiet Dosanjh Film Satluj After Ott Platform Zee 5 Suddenly Removes It, Actor Appeals To Share Movie After Download 20 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंसरशिप विवाद से रुकी हुई फिल्म सतलज (पहले पंजाब 95) को ओटीटी रिलीज के 3 दिन बाद ही जी 5 से भी हटा दिया गया है। बिना कोई पुख्ता कारण दिए, अचानक फिल्म हटाए जाने पर कई सेलेब्स ने नाराजगी जाहिर की है। इसी बीच फिल्म के एक्टर दिलजीत दोसांझ ने फैंस से बढ़-चढ़कर पायरेसी करने और फिल्म को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की है। ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद फिल्म को यूट्यूब पर प्राइवेट चैनल पर रिलीज किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में फैंस फिल्म देख रहे हैं। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी ये फिल्म देखी और जमकर तारीफ की है। इसी बीच कई सेलेब्स फिल्म हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। एक्टर रणवीर शोरे ने फिल्म हटाए जाने पर लिखा है, ‘सतलज’ को हटाए जाने की खबर सुनकर बेहद निराशा हूं। मैं लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहा था। जिस देश की प्राचीन परंपरा और विरासत कहानियों से सीखने की रही हो, वहां यह समझ से परे है कि हम बार-बार कहानियों को दबाने और छिपाने की संस्कृति को ही बढ़ावा क्यों दे रहे हैं। इन सेलेब्स ने भी किया विरोध रणवीर शोरे के अलावा सोनी राजदान और फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी फिल्म हटाए जाने पर निराशा जाहिर की है। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने फिल्म देखकर की तारीफ हरभजन सिंह ने फिल्म देखने के बाद इसकी तारीफ में लिखा है- जलियांवाला बाग इतिहास के सबसे भयावह नरसंहारों में से एक है। इसे एक औपनिवेशिक शासन ने अंजाम दिया था। लेकिन जसवंत सिंह खालड़ा देखने के बाद मेरे मन में जो सवाल सबसे ज्यादा गूंजता है, वह कुछ और है। बाहरी शासक के अत्याचार से भी ज्यादा पीड़ादायक क्या होता है? जब अपने ही लोगों की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाने वाले लोग, उन्हीं के लिए सबसे बड़े डर की वजह बनने के आरोपों में घिर जाएं।एक पुलिस अधिकारी का कर्तव्य निर्दोष लोगों की रक्षा करना होता है, न कि अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना। खालड़ा ने कथित अवैध गुमशुदगियों और गुप्त अंतिम संस्कारों के सबूत सामने लाने का साहस दिखाया। उनकी कहानी याद दिलाती है कि राज्य की शक्ति का दुरुपयोग ऐसी चोटें दे सकता है, जिनके निशान पीढ़ियों तक बने रहते हैं।पंजाब की कई माताएं आज भी जवाब का इंतजार कर रही हैं। अनेक परिवार अब भी न्याय की राह देख रहे हैं। सच को हमेशा के लिए दफन नहीं किया जा सकता। इस कहानी को दुनिया के सामने लाने के लिए हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ ने बेहतरीन काम किया है। जसवंत सिंह खालड़ा का साहस हमेशा याद रखा जाना चाहिए। दिलजीत दोसांझ बोले- फिल्म डाउनलोड कर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ इंस्टाग्राम पर लाइव आए और कहा कि उन्हें कोई फिक्र नहीं हैं। उन्हें लगा था कि फिल्म 3 दिन से पहले ही हटा दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने फैंस से अपील की है कि इसे ज्यादा से ज्यादा डाउनलोड कर शेयर किया जाए और सबको दिखाया जाए। दिलजीत दोसांझ ने ये भी कहा- एक इंसानियत होती है, वह इंसानियत मर गई। मुझे इस बात का दुख नहीं है कि फिल्म इंटरनेट से हटा दी गई, क्योंकि फिल्म लोगों तक पहुंच चुकी है। एक बार जो चीज इंटरनेट पर आ गई, उसे हटाना आसान नहीं है। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं। इस फिल्म के साथ वही हुआ, जो खालड़ा जी के साथ हुआ था। फिल्म हटाने पर पंजाबी कलाकारों ने गुस्सा जताया है। दिलजीत का बयान सामने आने के बाद जी 5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है, ‘हमे आशा है और हम इसके लिए सब कुछ कर रहे हैं। प्लीज पायरेसी को सपोर्ट न करें। हम सतलज फिल्म को वापस लाने की हर कोशिश कर रहे हैं।’ क्यों विवादों में है फिल्म सतलज फिल्म सतलज पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म 2023 में बनकर तैयार हुई, तब इसका टाइटल पंजाब 95 था। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई सीन में बदलाव की मांग की। सेंसर बोर्ड की आपत्ति के बाद फिल्म का नाम पंजाब 95 से सतलज किया गया। 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 पर स्ट्रीम किया गया। 5 जुलाई को जी 5 ने फिल्म हटा दी और आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर कहा कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है। केंद्र सरकार से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि “ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Diljiet Dosanjh Film Sutlej Removed from OTT Plateform, director said- the release is bigger challeng then making

Hindi News Entertainment Bollywood Sutlej Controversy INTERVIEW: Diljiet Dosanjh Film Sutlej Removed From OTT Plateform, Director Said The Release Is Bigger Challeng Then Making 7 मिनट पहलेलेखक: अमित कर्ण कॉपी लिंक मावधिकार कार्यकर्ता पर बनी दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलज विवादों से घिर गई है। सेंसर विवाद के चलते इसे 2 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म जी 5 पर रिलीज किया गया था, हालांकि रिलीज के महज 3 दिन बाद ही इसे अचानक ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। इसी बीच फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने दैनिक भास्कर से फिल्म और विवाद पर बात की। उनका कहना है कि दिलजीत ने कहानी सुनते ही महज 45 सेकेंड में फिल्म करने के लिए हामी भर दी थी। पढ़िए, ‘सतलज’ के निर्देशक हनी त्रेहान से हुई दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव बातचीत- ‘फिल्म बनाना मुश्किल नहीं था, लेकिन उसका रिलीज होना सबसे बड़ा संघर्ष बन गया’- हनी त्रेहान फिल्म सतलज का पहले नाम पंजाब 95 रखा गया था, हालांकि सेंसर बोर्ड ने इस नाम पर आपत्ति जताई। 2023 में ही फिल्म बन चुकी थी, लेकिन सेंसर बोर्ड ने कई कट्स का सुझाव देने के बावजूद इसे पास नहीं किया। इस पर डायरेक्टर हनी त्रेहान ने कहा, ‘मेरे लिए ‘सतलज’ (पहले पंजाब 95) बनाना बड़ी चुनौती नहीं था। असली संघर्ष तब शुरू हुआ, जब इसे दर्शकों तक पहुंचाने की बारी आई। शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक ऐसा कोई मौका नहीं आया, जब मुझे लगा हो कि इस कहानी को बनाने से कोई रोक रहा है। हमने पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी की। जहां-जहां शूटिंग हुई, वहां स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग मिला। लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद थिएटर रिलीज के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया और यही इंतजार धीरे-धीरे सबसे बड़ा संघर्ष बन गया।’ दिलजीत दोसांझ के साथ हनी त्रेहान। ‘करीब साढ़े तीन साल तक यह फिल्म रिलीज का इंतजार करती रही। इतने लंबे समय में कई बार लोगों ने मुझसे पूछा कि आखिर दिक्कत क्या है। सच कहूं तो आज भी मेरे पास उसका कोई निश्चित जवाब नहीं है। मैं इसे कभी व्यक्तिगत या वैचारिक विरोध के तौर पर नहीं देखता। मुझे हमेशा लगा कि शायद उनकी अपनी कुछ प्रक्रियाएं या मजबूरियां रही होंगी। लेकिन एक फिल्मकार के तौर पर इतना जरूर महसूस हुआ कि जब कोई कहानी इतने लंबे समय तक दर्शकों से दूर रह जाती है, तो उसके साथ जुड़े सभी लोगों की परीक्षा होती है।’ ‘दिलजीत दोसांझ ने 45 सेकेंड में मिलने के लिए हामी भर दी’- हनी त्रेहान फिल्म में दिलजीत को कास्ट करने पर हनी कहते हैं, ‘कोविड का दौर था। मैंने दिलजीत दोसांझ को सिर्फ एक छोटा-सा संदेश भेजा कि वह भारत में हैं या अमेरिका। पता चला कि उसी रात उनकी कैलिफोर्निया की फ्लाइट थी। मैंने सोचा था कि शायद मुलाकात नहीं हो पाएगी, लेकिन कुछ ही सेकेंड में उनका जवाब आया कि अगर समय निकला तो जरूर मिलेंगे। शाम को वह एयरपोर्ट जाते हुए सीधे मेरे पास पहुंचे। उनके पास बहुत कम समय था, लेकिन उन्होंने बिना किसी जल्दबाजी के पूरी बात सुनी। उस मुलाकात में मुझे एक बड़े सितारे से ज्यादा एक संवेदनशील इंसान दिखाई दिया, जो कहानी को समझना चाहता था।’ ‘मैंने सबसे पहले यही स्पष्ट किया कि यह फिल्म 1984 की घटनाओं पर नहीं है। मैंने उनसे कहा कि दुनिया अक्सर पंजाब को सिर्फ उसी एक घटना के संदर्भ में याद करती है, जबकि उसके बाद भी वहां बहुत कुछ हुआ, जिसके बारे में बहुत कम बात हुई और सिनेमा ने तो लगभग चुप्पी ही साध ली।’ ‘मैं चाहता था कि वह समझें कि यह फिल्म किसी राजनीतिक बहस का हिस्सा नहीं है। यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ की कीमत अपनी जिंदगी देकर चुकाई। यहीं से मैंने जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष के बारे में विस्तार से बात करनी शुरू की।’ फिल्म सतलज का पहले टाइटल पंजाब 95 रखा गया था। ‘दिलजीत की पहली प्रतिक्रिया मैं कभी नहीं भूल सकता’- हनी आगे हनी त्रेहान ने कहा, ‘मेरे पास रिसर्च की एक फाइल थी, जिसके कवर पर जसवंत सिंह खालड़ा की तस्वीर लगी थी। दिलजीत ने जैसे ही वह तस्वीर देखी, उन्होंने फाइल उठाई, उसे अपने माथे से लगाया, हाथ जोड़कर प्रणाम किया और कुछ पल बिल्कुल शांत रहे।’ ‘उसके बाद उन्होंने मेरी तरफ देखा और सिर्फ इतना कहा- “पाजी, कब आना है? कहां आना है?” उस एक वाक्य ने मुझे यकीन दिला दिया कि उन्होंने इस फिल्म को सिर्फ एक अभिनय परियोजना की तरह नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी की तरह स्वीकार किया है। एक निर्देशक के तौर पर इससे बड़ा भरोसा शायद किसी कलाकार से नहीं मिल सकता।’ ‘दिलजीत ने इस किरदार के लिए कभी पैसों की बात नहीं की’ हनी ने बताया है कि दिलजीत का फोकस फीस पर नहीं सिर्फ फिल्म पर था, उन्होंने कहा, ‘आज के समय में फिल्मों की पहली बातचीत अक्सर फीस, तारीखों और अनुबंध से शुरू होती है। लेकिन इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं हुआ। हमारी पूरी चर्चा सिर्फ कहानी, किरदार और उसके उद्देश्य पर केंद्रित रही। दिलजीत ने एक बार भी यह नहीं पूछा कि उन्हें कितना पारिश्रमिक मिलेगा या फिल्म का व्यावसायिक पक्ष क्या होगा।’ ‘उन्होंने सिर्फ यह जानना चाहा कि हम यह कहानी क्यों कह रहे हैं और इसे किस ईमानदारी से पर्दे पर उतारना चाहते हैं। मेरे लिए यह एक कलाकार की सबसे बड़ी खूबी है। जब कोई अभिनेता कहानी को अपने आर्थिक हितों से ऊपर रखता है, तो निर्देशक का विश्वास भी कई गुना बढ़ जाता है।’ ‘सतलज का उद्देश्य बहस नहीं, संवाद शुरू करना है’- हनी हनी आगे कहते हैं, ‘मैं हमेशा मानता हूं कि सिनेमा का काम सिर्फ मनोरंजन करना नहीं है। कई बार वह समाज से ऐसे सवाल भी पूछता है, जिन पर लंबे समय से चुप्पी रही हो। ‘सतलज’ भी मेरे लिए वैसी ही फिल्म है। इसका उद्देश्य किसी पक्ष या विचारधारा के समर्थन में खड़ा होना नहीं, बल्कि इंसाफ, मानवाधिकार और मानवीय संवेदना पर संवाद शुरू करना है।’ ‘मेरी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि दर्शक इस फिल्म को खुले मन से देखें। अगर फिल्म खत्म होने के बाद लोग पंजाब के उस दौर, जसवंत सिंह खालड़ा के
Diljit Dosanjh Film Removed From ZEE5

दिलजीत की फिल्म ओटीटी प्लेटफार्म से हटाई गई। पंजाब 95 नाम बदलकर ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज की गई दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को दो दिन बाद प्लेटफॉर्म से अचानक हटा दिया गया। इस पर दिलजीत का कहना है कि जो फिल्म के साथ हुआ है, वही खालड़ा साहब के साथ हुआ था। . वहीं, ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, अगले आदेश तक ‘सतलुज’ उपलब्ध नहीं रहेगा। हम कानूनी प्रक्रिया के तहत हर उचित विकल्प तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि जल्द से जल्द इस फिल्म को फिर से दर्शकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके। इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। तीन दिन पहले हुई रिलीज दरअसल, तीन साल के लंबे संघर्ष के बाद पंजाब 95 फिल्म को सतलुज नाम से रिलीज किया गया था। फिल्म चली, इस बीच अचानक इसे हटा दिया गया। कंपनी की तरफ से कहा गया, “सतलुज” को दर्शकों से बहुत प्यार और अच्छा रिस्पॉन्स मिला। फिल्म देखने और समर्थन करने वाले सभी लोगों का हम दिल से धन्यवाद करते हैं। आपका प्यार और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। ZEE5 को “सतलुज” और इसे बनाने वाली टीम पर पूरा भरोसा है। हमारा मानना है कि अच्छी कहानियां लोगों पर गहरा असर छोड़ती हैं। इसलिए हम आगे भी ऐसी बेहतरीन कहानियां लाते रहेंगे। फिलहाल कुछ परिस्थितियों के कारण “सतलुज” ZEE5 पर उपलब्ध नहीं होगी। हम इसे दोबारा जल्द से जल्द वापस लाने के लिए सभी जरूरी कानूनी और अन्य प्रयास कर रहे हैं। हम अच्छी और सच्ची कहानियों के साथ हमेशा मजबूती से खड़े रहेंगे। फिल्म को इस तरह चुप नहीं करवाया जा सकता शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि भारत में ZEE5 से सतलुज को अचानक हटाए जाने की खबर से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। पंजाब के दर्दनाक इतिहास को सामने लाने और सरदार जसवंत सिंह जी खालड़ा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि देने वाली इस दमदार फिल्म को इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह सिर्फ सेंसरशिप नहीं है, बल्कि हमारी सामूहिक यादों, सच और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। मैं इस फैसले की कड़ी निंदा करता हूं। पंजाब को अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का अधिकार है, उसे दबाया नहीं जाना चाहिए। शिरोमणि अकाली दल ने फिल्म को हटाने पर ऐतराज जताया है। अब तक फिल्म के सफर को चार प्वाइंट में जानिए 1. अधिकतर शूटिंग पंजाब में हुई 2022 फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का शुरुआती नाम ‘घल्लूघारा’ रखा गया था, जिसका अर्थ ‘नरसंहार’ होता है। फिल्म की शूटिंग पंजाब के विभिन्न हिस्सों, खासकर अमृतसर में पूरी हुई। अभिनेता दिलजीत ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने के लिए अपने लुक और शारीरिक बनावट में बदलाव किया। 2. मंजूरी मिलने से पहले नाम बदलने का सुझाब साल 2023 में फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के शीर्षक पर आपत्ति जताई और कई बदलाव तथा कट्स सुझाए। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर ‘पंजाब 95’ रखा गया। 3.फिल्म फेस्टिवल में काफी सराहना हुई साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। 4. 127 कट लगाने को कहा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBFC ने फिल्म में 127 कट्स और कई बदलाव सुझाए। इनमें कुछ ऐतिहासिक संदर्भों, स्थानों और पात्रों के नामों में बदलाव की मांग भी शामिल थी। हालांकि, CBFC ने सार्वजनिक रूप से इन सभी प्रस्तावित बदलावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया। भारत में सेंसर की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी। इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा, जिनके जीवन पर सतलुज फिल्म् आधारित है। श्मशान घाटों का दौरा कर जुटाई जानकारियां खालड़ा ने पंजाब पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही इन गुमशुदगियों और हत्याओं को उजागर किया था। उन्होंने उस समय अमृतसर के श्मशान घाटों का दौरा कर यह जानकारी जुटाई कि वहां 6,000 से अधिक शवों का गुप्त रूप से अंतिम संस्कार किया गया था। यह जानकारी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी साझा की, जिससे भारत के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल खड़े हुए। 1995 में हुई थी हत्या खालड़ा को सिखों के हकों के लिए लड़ने का खामियाजा अपनी जान देकर चुकाना पड़ा था। परिवार का आरोप है कि 6 सितंबर, 1995 को पुलिस ने खालड़ा का उनके घर से अपहरण कर लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं की, जिसके बाद जसवंत की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया था।
Khalistan Army Threatens Diljit Dosanjh

लुधियाना की मेयर और दिलजीत दोसांझ। लुधियाना शहर में उस वक्त भारी सनसनी फैल गई जब लुधियाना नगर निगम के उच्च अधिकारियों को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में लुधियाना के मेयर ऑफिस और मशहूर पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के घर को बम से उड़ाने की सीधी धमकी दी गई है। यह ईमेल सोमवार, 25 मई क . क्या लिखा है धमकी भरे ईमेल में? सुबह करीब 7:28 बजे आई ईमेल आईडी का विषय “B”0mb Blast – Mayor Office Ludhiana!” रखा गया है। ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया है। दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी दी गई है। इसके साथ ही रात 9:11 बजे दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी दी है। हमलावरों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “कोई भी मदद दिलजीत दोसांझ करेगा, मारा जाएगा।” लुधियाना में भेजा गया धमकी भरा मेल। 1984 के दंगों का जिक्र, 6 जून तक का अल्टीमेटम ईमेल में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए “खून का बदला खून” की बात लिखी गई है। धमकी देने वालों ने लिखा है कि 6 जून तक बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा। किसने भेजी है यह धमकी? ईमेल के अंत में इसे ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ (KHALISTAN National ARMY) की तरफ से भेजा गया बताया गया है। इसमें भेजने वालों के रूप में दो नाम लिखे गए हैं: 1. इंजीनियर गुरनख सिंह (रुकन शाहवाला) 2. डॉ. गुरनिरवैर सिंह (खान राजादा) पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट धमकी के बाद पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट पर है। ईमेल के आईपी एड्रेस और सेंडर को ट्रेस करने की त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है।
Diljit Dosanjh Khalistani Controversy | Canada Show 2026

कैलगरी शो में खालिस्तानियों के झंडे दिखाने पर दिलजीत दोसांझ ने थापी देकर गुस्सा दिखाया। – फाइल फोटो पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का ऑरा वर्ल्ड टूर 2026 विवादों में घिर गया गया है। 30 अप्रैल को कनाडा में कैलगरी शो के दौरान खालिस्तानी झंडे दिखाए गए। इसके जवाब में दिलजीत ने जांघ पर थापी देकर कहा था- मैं बाहर उठाकर फेंकूंगा। . अब दिलजीत की इस थापी को लेकर खालिस्तानी चिढ़ गए हैं। इसे लेकर 3 मई को @बब्बर अकाउंट से दिलजीत को चैलेंज किया गया कि अब सामने खड़े रहना। यह थापी खालिस्तान को नहीं पंथ को मारी गई है। खालिस्तानी ने धमकाते हुए कहा- तुम्हें नत्थ डालेंगे। थापी मारकर तुमने सिख होने का मुखौटा उतार दिया है। बब्बू मान और गुरदास मान का अहंकार भी इसी तरह से तोड़ा था। खालिस्तानियों ने यह भी दावा किया कि कैलगरी में दिलजीत के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि दिलजीत ने उठाकर बाहर फेंकने की बात कहकर ऑस्ट्रेलिया के शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के कानून का उल्लंघन किया है। हालांकि, कैलगरी पुलिस ने इस संबंध में ऑफिशियल नोट जारी नहीं किया है। @बब्बर हैंडल से दिलजीत दोसांझ को खालिस्तानी धमकाता हुआ। खालिस्तानी ने वीडियो में ये धमकी दी… यह थापी पंथ को मारी है: खालिस्तानी हैंडल @बब्बर से शेयर वीडियो में खालिस्तानी ने कहा- दिलजीत ने जो थापी अपने शो में मारी है वह हमें नहीं सिख पंथ को मारी है। इससे पहले ऐसा ही अहंकार गुरदास मान और बब्बू मान को हुआ था। इसके बाद क्या हुआ, सब जानते हैं। अब माफियां मांगते हैं। दिलजीत का भी अहंकार इसी तरह निकालेंगे और इस थापी का जवाब देंगे। अमिताभ बच्चन के पांव क्यों छुए: खालिस्तानी ने कहा कि दिलजीत ने इससे पहले केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) शो में अमिताभ बच्चने के पैर छूकर गलत किया। हालांकि, दिलजीत इस मसले पर कह चुके हैं कि वह अमिताभ के शो में पंजाबियों और बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड जुटाने गए थे, न कि अपने प्रमोशन के लिए। चमकीला को जानबूझकर बच्चे-बच्चे तक पहुंचाया: खालिस्तानी ने दिवंगत पंजाबी सिंगर अमरजीत चमकीला को लेकर बनाई गई फिल्म को लेकर भी दिलजीत दोसांझ को धमकाया। खालिस्तानी ने कहा कि जिस चमकीला का पंजाब से नाम मिटा दिया गया था, उसे दिलजीत ने फिर से बच्चे-बच्चे तक पहुंचा दिया। दिलजीत बोले- मैं तो बीच में फंस गया दिलजीत ने खालिस्तानी झंडे दिखाने को लेकर हुए विवाद पर 2 मई को एडमंटन (कनाडा) में शो के दौरान कहा- मैं तो बीच में फंस गया हूं। भारत जाता हूं तो वहां कई लोग कहते हैं कि खालिस्तानी आ गया। जब मैं विदेश में आता हूं तो ये कहते हैं कि भारत का बंदा आ गया। ऐसे में मैं क्या करूं? कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं सही रास्ते पर चल रहा हूं। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर भी खालिस्तानियों ने खड़ी की थी कंट्रोवर्सी। जानें क्या है पूरा विवाद… 30 अप्रैल को खालिस्तानियों ने दिखाए झंडे: पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ को ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान कनाडा के कैलगरी में शो के दौरान खालिस्तानियों ने झंडे दिखाए। इस पर दिलजीत दिलजीत भड़क गए और पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। दिलजीत ने सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में अपनी जांघ पर थापी देते हुए कहा कि जिसने आना है, मैदान में आ जाए। मैं उठाकर बाहर फेंकूंगा। इससे खालिस्तानी भड़क गए और दिलजीत के खिलाफ ट्रोलिंग शुरू कर दी। दिलजीत बोले- हर प्लेटफॉर्म पर करता हूं पंजाब की बात: 30 अप्रैल को शो के दौरान दिलजीत ने कहा कि वह जिस भी प्लेटफॉर्म पर जाते हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, वे हमेशा पंजाब की बात करते हैं। टीवी चैनलों पर जाकर अपनी किसी फिल्म या गानों का प्रचार नहीं किया, बल्कि केवल पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए। दिलजीत ने बताया कि वह बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए 6 महीने तक जमीन पर रहे। इसके लिए उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया का टूर तक मिस कर दिया। विरोध करना है तो शौक से करें: दिलजीत ने कहा कि जब उन्हें नेशनल मीडिया ने मौका दिया कि वह पंजाब की बात रखेंगे तभी वह वहां गए ताकि पूरे भारत के लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें। दिलजीत ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर पंजाब की बात करने के कारण कोई उनका विरोध करना चाहता है, तो वह शौक से करे। वह इसके लिए तैयार हैं। रोज झंडे दिखाएं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: दिलजीत ने कहा कि अगर कोई उनके पंजाब प्रेम के कारण उन्हें झंडे दिखाना चाहता है, तो वे रोज दिखाएं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके कॉन्सर्ट में बुजुर्ग और बच्चे भी आते हैं। अगर कोई वहां आकर माहौल खराब करेगा या हंगामा करेगा, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा। शो में विरोध बर्दाश्त नहीं करूंगा: सरे में शो के दौरान हुए हंगामे का जिक्र करते हुए दिलजीत ने साफ कर दिया कि वह वेन्यू पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या बाधा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका काम किसी को खुश करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… दिलजीत दोसांझ ने खालिस्तानियों को भगाया:अमेरिका में शो के दौरान मूसेवाला स्टाइल में थापी मारी, बोले- भागो वर्ना उठाकर बाहर मारूंगा पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान अमेरिका के कैलगरी में शो में खालिस्तानियों पर भड़क गए। दिलजीत ने पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। पढ़ें पूरी खबर…
Diljit Dosanjh Statement: Fearless of Death, Ready to Leave Body

39 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा में हुए कॉन्सर्ट के दौरान पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिलजीत स्टेज पर ऐसी बातें कहते नजर आए, जिससे फैंस की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि वह “इस दुनिया और शरीर को छोड़ चुके हैं” और उन्हें मौत से डर नहीं लगता। दिलजीत ने 30 अप्रैल को कनाडा के कैलगरी स्थित स्कोटियाबैंक सैडलडोम में ‘ऑरा वर्ल्ड टूर 2026’ के तहत परफॉर्म किया था। इसी कॉन्सर्ट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह पंजाबी में फैंस से बातचीत करते नजर आए। उन्होंने कहा कि पिछले दिसंबर में वह इस शरीर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब शरीर छोड़ने से पहले उन्हें कुछ काम पूरे करने हैं। दिलजीत की इन बातों ने सोशल मीडिया पर हलचल बढ़ा दी है। कई फैंस उनके मानसिक और भावनात्मक हालात को लेकर चिंता जता रहे हैं। हालांकि, दिलजीत या उनकी टीम की तरफ से इस बयान पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है। कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने यह भी कहा कि उन्हें किसी से नफरत नहीं है और वह प्यार, सम्मान और माफी के साथ जिंदगी जीने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पंजाब के प्रति अपना जुड़ाव जाहिर किया और कहा कि पंजाब हमेशा उनके दिल में रहेगा।इसी शो के दौरान कुछ खालिस्तान समर्थकों ने कथित तौर पर हंगामा किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ लोगों ने झंडे दिखाए और नारेबाजी की। इस पर दिलजीत ने स्टेज से कहा कि जो लोग हंगामा करेंगे, उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा। वर्कफ्रंट की बात करें तो दिलजीत हाल ही में फिल्म ‘बॉर्डर 2’ में नजर आए थे। आने वाले समय में वह ‘मैं वापस आऊंगा’ में दिखाई देंगे, जिसे इम्तियाज अली डायरेक्ट कर रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Punjab AAP MP FIR | Diljit Dosanjh Controversy & Businessman Assault

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर AAP छोड़कर BJP जॉइन करने वाले राज्यसभा सांसद संदीप पाठक से जुड़ी रही। पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ गैर जमानती धाराओं में 2 केस दर्ज कर लिए। जब पुलिस उन्हें पकड़ने पहुंची तो केस का पता चलते ही वह घर के साइड वाले दरवाजे से फिल्मी स्टाइल में निकल गए। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. AAP छोड़ BJP जॉइन करने वाले सांसद पर FIR, पुलिस अरेस्ट करने दिल्ली पहुंची AAP छोड़कर BJP में शामिल हुए पंजाब से राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो FIR दर्ज हुईं है। यह केस भ्रष्टाचार और शोषण से जुड़े हुए हैं। दोनों केस अलग-अलग जिलों में दर्ज किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज हुआ है। संदीप पाठक केस दर्ज होने की खबर बाहर आने से पहले दिल्ली स्थित अपने घर से साइड के दरवाजे से निकल गए। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा- मेरे खिलाफ किसी भी FIR की मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने सांसद संदीप पाठक के दिल्ली स्थित घर के बाहर बैरिकेडिंग कर दी है। इससे पंजाब पुलिस की गिरफ्तारी की कोशिश करने पर दिल्ली पुलिस के साथ टकराव की नौबत आ सकती है। AAP छोड़ने के बाद कार्रवाई झेलने वाले वह चौथे सांसद हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 2. कारोबारी ने लेडी जिम ट्रेनर को पीछे से आकर पकड़ा, अश्लील हरकतें कीं जालंधर में एक कारोबारी ने लेडी जिम ट्रेनर के साथ छेड़छाड़ की। उसने कहा कि उस समय जिम में कई लोग थे, इसी दौरान आरोपी अचानक पीछे से आया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसने अश्लील हरकतें कीं। जब उसने इसका तुरंत विरोध किया और शोर मचाया। जिम में मौजूद अन्य लोग भी इस घटना को देखकर दंग रह गए। उसने तुरंत इसकी शिकायत 112 पर कॉल कर दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी करोबारी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की जा रही है। इंस्पेक्टर रजवंत कौर ने बताया कि मामले की अभी जांच की जा रही है। लेडी ट्रेनर को बयान के लिए बुलाया गया है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. छात्र ने सुसाइड किया, कॉन्वेंट स्कूल में प्रिंसिपल ने दी थी सजा होशियारपुर के कॉन्वेंट स्कूल में कैबिन के बाहर खड़ा करने की सजा देने से आहत गुरदासपुर के 11वीं के छात्र ने जहर निगलकर सुसाइड कर लिया। 15 साल के स्टूडेंट की गलती इतनी थी कि वह स्कूल के फर्स्ट फ्लोर पर चला गया। जिस पर उसे एक मैडम ने देख लिया। इसका पता चलने पर प्रिंसिपल ने उसे यह सजा दी। वह करीब 3 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। इसके बाद शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार ने उसके सिर पर सेहरा सजाकर अंतिम विदाई दी। वहीं गुरदासपुर पुलिस ने स्कूल के खिलाफ खुदकुशी को मजबूर करने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. बाइबल की बेअदबी, पति ने पत्नी से छीनकर फाड़ी, बोला- यीशु को बोल, आकर तुझे बचा ले जालंधर के फिल्लौर में एक व्यक्ति ने गुस्से में आकर बाइबल के अंग फाड़ दिए। उसकी पत्नी बाइबल पढ़ रही थी, जिससे गुस्से में आकर उसके पति ने यह हरकत की। महिला के मुताबिक पति ने उसे कहा कि अगर तेरा यीशु तुझे बचाने वाला है, तो उसे बुला ले, वह आकर तुझे बचा ले। बेअदबी का पता चलते ही पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी की खबर फैलते ही स्थानीय समुदाय में भारी नाराजगी है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई में देरी का भी आरोप लगाया। बेअदबी के मामले में अहम बात ये भी है कि इस केस में पंजाब की AAP सरकार के नए कानून के तहत कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि उसमें ईसाईयों के धार्मिक ग्रंथ बाइबल को शामिल नहीं किया गया था। (पढ़ें पूरी खबर) 5. पत्नी का मौत से पहले का वीडियो, बोल रही- पति के लेडी कॉन्स्टेबल से संबंध पठानकोट में सड़क हादसे में हुई महिला की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। महिला के बेटे और बेटी ने पिता पर हत्या करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिता के इशारे पर ही मां का एक्सीडेंट हुआ है। उन्होंने कहा कि पिता के एक अन्य महिला के साथ संबंध थे और वह लंबे समय से हम लोगों को धमकियां भी दे रहे थे। मां को रातभर टॉर्चर करते थे। उन्होंने कहा कि एक बार जब वह स्कूल गए थे, तब उसकी मां को बुरी तरह पीटा गया और उनसे कोरे कागजों पर जबरदस्ती साइन करवाए गए। बाद में पता चला कि वे फर्जी तलाक के कागजात थे। वहीं, महिला की मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कह रही है कि पति के एक लेडी कॉन्स्टेबल के साथ अवैध संबंध हैं। पति तलवारों से डराता है और धमकी देता है कि वह उसे मारकर पंखे से लटका देगा या नहर में फेंक देगा। बच्चों को भी जान से मारने की धमकी देता है। (पढ़ें पूरी खबर) 6. गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के लिए आखिर तक अड़ा रहा गोपी, ₹30 लाख का ऑफर ठुकराया कपूरथला में कत्ल किया गया गैंगस्टर गोपी निज्जर आखिर तक अपने साथी कुख्यात गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के लिए अड़ा रहा। सुक्खा काहलवां की पुलिस कस्टडी में हत्या की गई थी। इस मामले में एक-एक कर सारे गवाह मुकर गए। यहां तक कि कत्ल के वक्त मौजूद पुलिसवाले भी मुकर गए लेकिन गोपी निज्जर अड़ा रहा। उसे एक आरोपी के पिता ने 30 लाख रुपए का ऑफर भी दिया था लेकिन उसने पीछे हटने से इनकार कर दिया। कॉलेज फ्रेंड से सुक्खा काहलवां का राइट हैंड बने गोपी निज्जर की उसी की कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोपी निज्जर की सुक्खा से दोस्ती कैसे हुई, सुक्खा मर्डर के बाद उसने कैसे गैंग संभाली, उसकी कत्ल की
Diljit Dosanjh Targets Khalistanis on Stage at Calgary Show

शो के दौरान बोलते हुए पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ। पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान अमेरिका के कैलगरी में शो में खालिस्तानियों पर भड़क गए। दिलजीत ने पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। . दिलजीत ने सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में अपनी जांघ पर थापी देते हुए कहा कि जिसने आना है मैदान में आ जाए। मैं उठाकर बाहर फेंकूंगा। उन्होंने कहा कि ये जो विरोध कर रहे हैं इन्होंने पंजाब के लिए क्या किया। हमारा काम नहीं था फिर भी पंजाब में आई बाढ़ में लोगों की मदद की। उनके घर बनाए। बिना नाम लिए एक शो (KBC) का जिक्र करते हुए दिलजीत ने कहा कि हमारे लोगों की आवाज नेशनल मीडिया तक नहीं पहुंची थी। इसलिए वे शो में गए थे, वहां जाकर अपनी या फिल्म की प्रोमोशन नहीं की बल्कि पंजाब के भले के लिए ही फंड इकट्ठा किया। बता दें कि इन दिनों दिलजीत अमेरिका के टूर पर हैं। दिलजीत ने जिम्मी के शो का भी जिक्र करते हुए कहा कि मुझे क्या जरूरत थी यहां भी जिम्मी के शो में जाने की। मैंने वहां भी पंजाब की बात की। कामागाटामारू घटना का जिक्र किया। दिलजीत ने कहा कि कोई राजनीतिक कारणों से उनका विरोध कर रहा है, तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। दिलजीत ने चलते शो में कहीं अहम बातें… हर प्लेटफॉर्म पर करता हूं पंजाब की बात: 30 अप्रैल को शो के दौरान दिलजीत ने कहा कि वह जिस भी प्लेटफॉर्म पर जाते हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, वे हमेशा पंजाब की बात करते हैं। टीवी चैनलों पर जाकर अपनी किसी फिल्म या गानों का प्रचार नहीं किया, बल्कि केवल पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए। दिलजीत ने बताया कि वह बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए 6 महीने तक जमीन पर रहे और इसके लिए उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया का टूर तक मिस कर दिया। विरोध करना है तो शौक से करें: दिलजीत ने कहा कि जब उन्हें नेशनल मीडिया ने मौका दिया कि वे पंजाब की बात रखेंगे तभी वे वहां गए ताकि पूरे भारत के लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें। दिलजीत ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर पंजाब की बात करने के कारण कोई उनका विरोध करना चाहता है, तो वे शौक से करें। वे इसके लिए तैयार हैं। रोज झंडे दिखाएं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: दिलजीत ने कहा कि अगर कोई उनके पंजाब प्रेम के कारण उन्हें झंडे दिखाना चाहता है, तो वे रोज दिखाएं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके कॉन्सर्ट में बुजुर्ग और बच्चे भी आते हैं। अगर कोई वहां आकर माहौल खराब करेगा या हंगामा करेगा, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा। शो में विरोध बर्दाश्त नहीं करूंगा: सरे में शो के दौरान हुए हंगामे का जिक्र करते हुए दिलजीत ने साफ कर दिया कि वे वेन्यू पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या बाधा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका काम किसी को खुश करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है। दिलजीत ने कहा कि मेरा काम अपने लोगों की सेवा करना है। दिलजीत को लेकर पहले भी कंट्रोवर्सी हुई… 1. अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर विवाद: साल 2025 का सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के सेट पर पहुंचे। यहां उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए व उनका आशीर्वाद लिया। आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) और गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी कड़ी निंदा की। आरोप लगाया कि दिलजीत उन लोगों का सम्मान कर रहे हैं, जिनका नाम 1984 के सिख दंगों के दौरान विवादों में आया था। इसके बाद से ही पन्नू ने दिलजीत को ‘टारगेट’ करना शुरू किया। 2. ‘भारत का पोस्टर बॉय’ होने का आरोप: 2025 के टूर के दौरान कई कट्टरपंथी संगठनों ने सोशल मीडिया पर दिलजीत के खिलाफ मुहिम चलाई। उन्हें “भारत सरकार का एजेंट” और “बीजेपी-आरएसएस का समर्थक” कहा गया। संगठनों का आरोप था कि दिलजीत अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल विदेशों में भारत सरकार की छवि सुधारने व सिख समुदाय के बीच केंद्र सरकार की पैठ बनाने के लिए कर रहे हैं। 3. तिरंगे और राष्ट्रवाद को लेकर विवाद: पिछले टूर के कुछ शो के दौरान दिलजीत ने गर्व के साथ भारतीय तिरंगा लहराया और गर्व जताया। खालिस्तान समर्थकों ने इसे “सिख विरोधी” कृत्य करार देने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि दिलजीत को केवल पंजाबी पहचान को प्रमोट करना चाहिए, न कि भारतीय राष्ट्रवाद को। 4. सिडनी और मेलबर्न शो के दौरान नारेबाजी: 2025 के अंत में जब दिलजीत ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर रहे थे, तब स्टेडियम के बाहर कुछ लोगों ने खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया था। 5. सोशल मीडिया वॉर और धमकियां: दुनिया के कई बड़े देशों में हो रहे ‘ऑरा’ टूर के दौरान पन्नू ने कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में दिलजीत को चेतावनी दी गई कि वे “भारत के एजेंडे” को आगे बढ़ाना बंद करें, वरना उनके ग्लोबल शो में खलल डाला जाएगा। *********** ये खबर भी पढ़ें पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के ऑस्ट्रेलिया कॉन्सर्ट में विवाद: सिख युवकों को किरपाण पहनने पर एंट्री से रोका; नाराज फैंस ने शो छोड़ा पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए पहले स्टेडियम कॉन्सर्ट में धार्मिक चिह्न किरपाण को लेकर विवाद हो गया। कॉन्सर्ट में हजारों प्रशंसक उमड़े, लेकिन इस आयोजन में सिख श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रतीक किरपाण लेकर अंदर न जाने देने के लिए रोक दिया गया। (पढ़ें पूरी खबर)
Diljit Dosanjh Jimmy Fallon Show Video; Bhangra Dance

7 मिनट पहले कॉपी लिंक सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ एक बार फिर जिमी फैलन के शो में मंगलवार को नजर आए। शो में दिलजीत ने जिमी को भांगड़ा भी सिखाया। साथ ही इस इंटरनेशनल शो में दिलजीत ने पंजाबी गाने पर परफॉर्म किया। दिलजीत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शो के स्टूडियो से एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उनकी टीम स्टूडियो का दरवाजा खोलते हुए पूछती है, ‘क्या लगता था, नहीं लौटेंगे?’ इसके बाद कैमरा दिलजीत की ओर घूमता है और वह कहते हैं, ‘कहा था ना कि एक बार पंजाबी आ जाएं तो जल्दी नहीं जाते। जिमी फैलन आ गए ओये।’ वीडियो में आगे दिलजीत और जिमी फैलन साथ में भांगड़ा करते दिखाई देते हैं। दिलजीत और जिमी फैलन साथ में भांगड़ा करते हुए। दिलजीत ने शो में अपने नए पंजाबी गाने ‘मोरनी’ पर परफॉर्म भी किया। शो के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल ने भी कुछ क्लिप शेयर किए हैं, जिनमें दोनों की मस्ती और डांस की झलक देखने को मिलती है। दिलजीत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में यह भी बताया कि जिमी ने उन्हें एक धन्यवाद पत्र लिखकर शो में दोबारा आने के लिए आभार जताया। शो के आधिकारिक हैंडल पर शेयर किए गए दिलजीत 2024 में भी शो में नजर आए थे इससे पहले दिलजीत 28 अप्रैल 2024 को जिमी फैलन के शो द टुनाइट शो में नजर आए थे। वर्क फ्रंट की बात करें तो दिलजीत हाल ही में फिल्म बॉर्डर 2 में दिखे थे। वह अब जल्द डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में दिखेंगे। 1947 के पार्टीशन के बैकग्राउंड पर बनी इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, शरवरी वाघ और वेदांग रैना भी हैं। फिल्म 12 जून को थिएटर में रिलीज होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









