PM Narendra Modi Tamil Nadu Road Show LIVE Update; West Bengal Election 2026

Hindi News National PM Narendra Modi Tamil Nadu Road Show LIVE Update; West Bengal Election 2026 | TMC BJP Congress DMK नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई41 मिनट पहलेलेखक: सृष्टि मिश्रा कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच TMC ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर कहा है कि उसके नेताओं को निशाना बनाकर उनकी गाड़ियों की जांच कराई जा रही है। सीएम ममता बनर्जी ने भी दावा किया कि बुधवार को कोलकाता एयरपोर्ट जाते समय केंद्रीय बलों ने उनकी गाड़ी की जांच करने की कोशिश की। उन्होंने कहा—अगर हिम्मत है तो रोज मेरी गाड़ी चेक करें। इस्लामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सवाल किया कि प्रधानमंत्री-गृहमंत्री की कार की जांच क्यों नहीं होती? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सेंट्रल मिनिस्टर पैसा लेकर आते हैं। भाजपा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में मातृशक्ति भरोसा कार्ड लॉन्च किया। सरकार बनने पर राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹3,000 देने का वादा किया गया है। कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी और स्मृति ईरानी मौजूद रहीं। बंगाल में दो फेज में वोटिंग होगी। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा। चुनाव से जुड़े आज के 3 अपडेट्स… 1. अमित शाह ने बंगाल के जलपाईगुड़ी में चुनावी रैली की। कहा, ‘गुजरात और केंद्र में 24 साल तक शासन करने वाले नरेंद्र मोद पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। TMC ने नौकरी घोटाले में जो 300 करोड़ रुपए हड़प लिए हैं, उन्हें हम ब्याज सहित वापस वसूल करेंगे।’ 2. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चुनाव प्रचार के लिए पूर्वी वर्धमानपुर पहुंची। यहां इन्होंने हथकरघा कारीगर सुकुमार हलदर के घर खाना खाया। 3. चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘हर मतदाता अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सके, इसके लिए घर से मतदान (होम वोटिंग) की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है।’ राज्यों में चुनाव से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… अपडेट्स 01:18 PM15 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक गाड़ियां चेक करने के मामले पर ममता ने चुनाव आयुक्त को लिखा पत्र पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच TMC ने चुनाव आयोग (EC) पर पक्षपात का आरोप और तेज कर दिया है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर कहा है कि उसके नेताओं को निशाना बनाकर उनकी गाड़ियों की जांच कराई जा रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी दावा किया कि बुधवार को कोलकाता एयरपोर्ट जाते समय केंद्रीय बलों ने उनकी गाड़ी की जांच करने की कोशिश की। उन्होंने कहा—अगर हिम्मत है तो रोज मेरी गाड़ी चेक करें। पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह सब चुनाव आयोग के निर्देश पर हो रहा है और यह “मोटिवेटेड कैंपेन” का हिस्सा है। 12:42 PM15 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक भाजपा हर घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकालेगी: शाह पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- कांग्रेस, टीएमसी और कम्युनिस्ट पार्टियां आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली पार्टियां हैं। जब वे सत्ता में थीं, तब 10 वर्षों तक कई बम धमाके हुए। प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद, जब उरी में हमला हुआ, तो उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की; जब पुलवामा में हमला हुआ, तो उन्होंने हवाई हमला किया। जब पहलगाम में हमला हुआ, तो उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान के घर में घुसकर हमला किया। भाजपा ने इस देश से आतंकवाद और नक्सलवाद का सफाया कर दिया है, और मैं आज जाते समय यह कह रहा हूं कि कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से गंगा सागर तक, भाजपा हर घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकालेगी। 12:35 PM15 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक दिल्ली के जमींदारों को मुंहतोड़ जवाब दें: ममता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाली नव वर्ष के अवसर पर लोगों को ‘पोइला बोइशाख’ की शुभकामनाएं दीं और मतदाताओं से आग्रह किया कि वे दिल्ली के जमींदारों द्वारा लोगों के मतदान के अधिकार छीनने के प्रयासों का मुंहतोड़ जवाब दें। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि बंगाली नव वर्ष लोगों के जीवन को कलंक मुक्त बना देगा। उन्होंने बंगाल की सांस्कृतिक विरासत पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह राज्य सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है। 12:17 PM15 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक बंगाल के लोग बदलाव के लिए बेताब हैं: सीतारमण केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा की जीत पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि लोग खुले तौर पर राज्य सरकार में बदलाव की मांग कर रहे हैं। एएनआई से बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के लोग अच्छी स्थिति में नहीं हैं और बेहतर प्रशासन की मांग करते हुए बंगाल के बदलाव के लिए बेताब हैं। 12:14 PM15 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक प. बंगाल में गोरखा मुद्दे के समाधान को प्राथमिकता देंगे: शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद, वह दार्जिलिंग में गोरखा मुद्दे के समाधान को प्राथमिकता देगी और अतीत में हिंसक आंदोलनों के लिए समुदाय के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेगी। खराब मौसम के कारण दार्जिलिंग पहाड़ियों के ऊपरी इलाकों लेबोंग तक न पहुंच पाने के कारण, उन्होंने एक रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश के माध्यम से सभा को संबोधित किया। 11:39 AM15 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक तमिलनाडु के कन्याकुमारी में पीेएम मोदी का रोड शो 10:39 AM15 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक गाड़ी की जांच पर ममता ने कहा- हिम्मत है तो रोज चेक करो पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बुधवार को कोलकाता एयरपोर्ट जाते समय केंद्रीय बलों ने उनकी गाड़ी की जांच करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत है तो उनकी गाड़ी हर दिन चेक की जाए। ममता बनर्जी ने यह बात उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर में एक चुनावी रैली में कही। इससे एक दिन पहले TMC ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग के निर्देश पर उसके नेताओं के वाहनों की टारगेटेड तरीके से जांच की जा रही है। पार्टी ने खास तौर पर अभिषेक बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा था कि सुरक्षा कर्मी सिर्फ उनके वाहनों की ही सख्ती से जांच कर रहे हैं। 10:32 AM15 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक प.
Bengal Election ED Arrests I-PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls

Hindi News National Bengal Election ED Arrests I PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls | TMC नई दिल्ली/कोलकाता3 मिनट पहले कॉपी लिंक ED ने गिरफ्तारी के बाद विनेश चंदेल को दिल्ली में जज के सामने पेश कर कस्टडी मांगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से 10 दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया है। उन्हें कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोमवार शाम दिल्ली में पकड़ा गया। ED की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति बनाती है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनाव से 10 दिन पहले हुई यह कार्रवाई निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाती है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग और ED, NIA, CBI जैसी एजेंसियों की चुनाव जैसे संवेदनशील समय पर कार्रवाई से डर का माहौल बनता है, निष्पक्षता का नहीं। बनर्जी ने कहा- अमित शाह और BJP, ज्ञानेश कुमार और अपनी हर एजेंसी के साथ 4-5 मई को बंगाल आएं। बंगाल न डरेगा, न चुप रहेगा और न झुकेगा। यहां दबाव का जवाब विरोध से दिया जाता है। 2 अप्रैल: ED ने चंदेल के ठिकानों पर छापेमारी की जांच एजेंसी ने दिल्ली में विनेश चंदेल के ठिकानों के अलावा बेंगलुरु में I-PAC के दूसरे को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह, मुंबई में आम आदमी पार्टी के पूर्व कम्युनिकेशन इंचार्ज विजय नायर के ठिकानों पर भी छापे मारे गए थे। विनेश चंदेल I-PAC के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और इस राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म के संस्थापकों में शामिल हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर, प्रतीक जैन और ऋषिराज सिंह के साथ मिलकर इस कंपनी की नींव रखी थी। अब पूरे मामले को समझिए 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा था- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। रेड के दौरान फाइलें लेकर चली गईं थी CM ममता सर्च ऑपरेशन के दौरान, CM ममता बनर्जी अन्य TMC नेताओं के साथ I-PAC ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि I-PAC पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ED ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली। तस्वीर 8 जनवरी की है, जब बंगाल CM ममता ने कोलकाता में ED की छापेमारी के बीच मीडिया को संबोधित किया था। I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। ED के अफसरों ने प्रतीक के घर और ऑफिस से कई डॉक्यूमेंट्स जब्त किए। ED ने शक्ति के दुरुपयोग की CBI जांच की मांग की ED ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाते हुए मुख्यमंत्री द्वारा कथित शक्ति के दुरुपयोग की CBI जांच की मांग भी की है। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। ED ने आरोप लगाया था कि जांच से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण राज्य प्रशासन की मौजूदगी में वहां से ले जाए गए, जिससे एजेंसी की कार्रवाई में बाधा पहुंची। वहीं TMC और राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ED चुनाव से पहले I-PAC की चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज हासिल करने की कोशिश कर रही थी। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… I-PAC रेड में दखल, सुप्रीम कोर्ट ने ममता से पूछा:केंद्र में आपकी सरकार होती तो क्या करते सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में I-PAC के ऑफिस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने ममता बनर्जी की बंगाल सरकार से पूछा कि अगर केंद्र में आपकी सरकार होती और कोई राज्य ऐसी कार्रवाई करता तो आपका रुख क्या होता। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Bengal Election ED Arrests I-PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls

Hindi News National Bengal Election ED Arrests I PAC Director Vinesh Chandel 10 Days Before Polls | TMC नई दिल्ली/कोलकाता7 घंटे पहले कॉपी लिंक ED ने गिरफ्तारी के बाद विनेश चंदेल को दिल्ली में जज के सामने पेश कर कस्टडी मांगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से 10 दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया है। उन्हें कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोमवार शाम दिल्ली में पकड़ा गया। ED की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति बनाती है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनाव से 10 दिन पहले हुई यह कार्रवाई निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाती है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग और ED, NIA, CBI जैसी एजेंसियों की चुनाव जैसे संवेदनशील समय पर कार्रवाई से डर का माहौल बनता है, निष्पक्षता का नहीं। बनर्जी ने कहा- अमित शाह और BJP, ज्ञानेश कुमार और अपनी हर एजेंसी के साथ 4-5 मई को बंगाल आएं। बंगाल न डरेगा, न चुप रहेगा और न झुकेगा। यहां दबाव का जवाब विरोध से दिया जाता है। 2 अप्रैल: ED ने चंदेल के ठिकानों पर छापेमारी की जांच एजेंसी ने दिल्ली में विनेश चंदेल के ठिकानों के अलावा बेंगलुरु में I-PAC के दूसरे को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह, मुंबई में आम आदमी पार्टी के पूर्व कम्युनिकेशन इंचार्ज विजय नायर के ठिकानों पर भी छापे मारे गए थे। विनेश चंदेल I-PAC के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और इस राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म के संस्थापकों में शामिल हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर, प्रतीक जैन और ऋषिराज सिंह के साथ मिलकर इस कंपनी की नींव रखी थी। अब पूरे मामले को समझिए 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा था- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। रेड के दौरान फाइलें लेकर चली गईं थी CM ममता सर्च ऑपरेशन के दौरान, CM ममता बनर्जी अन्य TMC नेताओं के साथ I-PAC ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि I-PAC पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ED ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली। तस्वीर 8 जनवरी की है, जब बंगाल CM ममता ने कोलकाता में ED की छापेमारी के बीच मीडिया को संबोधित किया था। I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। ED के अफसरों ने प्रतीक के घर और ऑफिस से कई डॉक्यूमेंट्स जब्त किए। ED ने शक्ति के दुरुपयोग की CBI जांच की मांग की ED ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाते हुए मुख्यमंत्री द्वारा कथित शक्ति के दुरुपयोग की CBI जांच की मांग भी की है। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। ED ने आरोप लगाया था कि जांच से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण राज्य प्रशासन की मौजूदगी में वहां से ले जाए गए, जिससे एजेंसी की कार्रवाई में बाधा पहुंची। वहीं TMC और राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ED चुनाव से पहले I-PAC की चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज हासिल करने की कोशिश कर रही थी। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… I-PAC रेड में दखल, सुप्रीम कोर्ट ने ममता से पूछा:केंद्र में आपकी सरकार होती तो क्या करते सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में I-PAC के ऑफिस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने ममता बनर्जी की बंगाल सरकार से पूछा कि अगर केंद्र में आपकी सरकार होती और कोई राज्य ऐसी कार्रवाई करता तो आपका रुख क्या होता। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Kharge Alleges Govt Bill for Election Gain; Special Session From Aug 16

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर समर्थन मांगा। पीएम ने लिखा कि अब समय आ गया है कि इस कानून को पूरे देश में सही मायनों में लागू किया जाए। उन्होंने लिखा कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाने चाहिए। महिलाओं को राजनीति में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की इच्छा सभी पार्टियों ने लंबे समय से जताई है, अब इसे हकीकत में बदलने का समय है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्र के जवाब में पत्र लिखकर कहा कि राज्य चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना यह दिखाता है कि सरकार इस कानून को राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में लागू करना चाहती है। प्रधानमंत्री के पत्र की तस्वीर। खड़गे बोले- सर्वदलीय बैठक हो खड़गे ने यह भी मांग की कि इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और परिसीम से जुड़े मुद्दों पर भई विस्तार से चर्चा की जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी गई। इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा की सीटें मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 की जाएंगी, जिनमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसलिए सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है । संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा, और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा। परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग बिल लाएगी सरकार राज्यों की विधानसभाओं में भी इसी अनुपात में सीटों का आरक्षण होगा। सरकार एक संशोधन बिल के एक संविधान साथ-साथ परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग साधारण बिल भी लाएगी। ताकि नए सिरे से सीटों का निर्धारण हो सके। नई सीटों का निर्धारण 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा सकता है। यह कानून राज्यों की विधानसभाओं और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया जाएगा। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… थरूर बोले- महिला आरक्षण कानून को राजनीतिक हथियार न बनाएं:बिल के साथ परिसीमन प्रक्रिया में जल्दबाजी करने से राज्यों का लोकतांत्रिक संतुलन बिगडे़गा कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि महिला आरक्षण कानून में होने वाले संशोधन को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। ताकि संघवाद कमजोर न हो और संसद की गरिमा को ठेस न पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Kharge Alleges Govt Bill for Election Gain; Special Session From Aug 16

नई दिल्ली46 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर समर्थन मांगा। पीएम ने लिखा कि अब समय आ गया है कि इस कानून को पूरे देश में सही मायनों में लागू किया जाए। उन्होंने लिखा कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाने चाहिए। महिलाओं को राजनीति में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की इच्छा सभी पार्टियों ने लंबे समय से जताई है, अब इसे हकीकत में बदलने का समय है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्र के जवाब में पत्र लिखकर कहा कि राज्य चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना यह दिखाता है कि सरकार इस कानून को राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में लागू करना चाहती है। प्रधानमंत्री के पत्र की तस्वीर। खड़गे बोले- सर्वदलीय बैठक हो खड़गे ने यह भी मांग की कि इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और परिसीम से जुड़े मुद्दों पर भई विस्तार से चर्चा की जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी गई। इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा की सीटें मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 की जाएंगी, जिनमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसलिए सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है । संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा, और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा। परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग बिल लाएगी सरकार राज्यों की विधानसभाओं में भी इसी अनुपात में सीटों का आरक्षण होगा। सरकार एक संशोधन बिल के एक संविधान साथ-साथ परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग साधारण बिल भी लाएगी। ताकि नए सिरे से सीटों का निर्धारण हो सके। नई सीटों का निर्धारण 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा सकता है। यह कानून राज्यों की विधानसभाओं और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया जाएगा। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… थरूर बोले- महिला आरक्षण कानून को राजनीतिक हथियार न बनाएं:बिल के साथ परिसीमन प्रक्रिया में जल्दबाजी करने से राज्यों का लोकतांत्रिक संतुलन बिगडे़गा कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि महिला आरक्षण कानून में होने वाले संशोधन को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। ताकि संघवाद कमजोर न हो और संसद की गरिमा को ठेस न पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Election Fight Legal Right, Not Fundamental: Supreme Court Ruling

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को कहा कि मतदान करने और चुनाव लड़ने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि वैधानिक अधिकार हैं। जस्टिस बीवी नागरत्ना और आर महादेवन की बेंच ने कहा कि ये अधिकार केवल उतनी ही सीमा तक अस्तित्व में हैं, जितनी कानून में अनुमति दी गई है। पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वोटिंग का अधिकार व्यक्ति को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति देता है, जबकि चुनाव लड़ने का अधिकार एक अलग और अतिरिक्त अधिकार है, जिसे योग्यता, पात्रता शर्तों और अयोग्यताओं के अधीन रखा जा सकता है। खबर अपडेट की जा रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Kamala Harris 2028 Election, Trump Pakistan China

29 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर संकेत दिया है कि वह दोबारा चुनाव लड़ सकती हैं। न्यूयॉर्क में नेशनल एक्शन नेटवर्क की बैठक के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह फिर चुनाव लड़ेंगी, तो उन्होंने कहा, “हो सकता है, मैं इस बारे में सोच रही हूं।” उनके इस जवाब पर वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं। हैरिस ने यह भी कहा कि वह 2028 में अपना फैसला इस आधार पर लेंगी कि अमेरिकी जनता के लिए कौन सबसे बेहतर काम कर सकता है। कमला हैरिस, जो जो बाइडेन के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति रही थीं, 2024 का राष्ट्रपति चुनाव हार गई थीं। उस चुनाव में उन्हें डोनाल्ड ट्रम्प ने हराया था। हैरिस इससे पहले कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल और अमेरिकी सीनेटर भी रह चुकी हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
UP SIR Voter List Update; Election Commission

यूपी में चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की फाइनल लिस्ट शुक्रवार को जारी कर दी। यूपी में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। फाइनल लिस्ट से 2.05 करोड़ नाम कटे हैं। 84 लाख नए नामों को जोड़ा गया है। . SIR से पहले अक्टूबर 2025 में यूपी में कुल 15.44 करोड़ वोटर्स थे। पहली ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद यह आंकड़ा 12.55 करोड़ हो गया था। इसमें 2.89 करोड़ लोगों के नाम कटे थे। पहले ड्राफ्ट लिस्ट से जो नाम कटे थे, उसमें 84 लाख नामों को लिस्ट में जोड़ा गया है। लखनऊ में सबसे ज्यादा 9.17 लाख नाम कटे सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम लखनऊ में कटे। SIR से पहले राजधानी में 39,94,535 वोटर थे। ड्राफ्ट सूची में 27,94,397 नाम रह गए। अंतिम सूची में 2,85,961 नाम बढ़े। इस हिसाब से यहां कुल 9,14,177 नाम कटे हैं। अब कुल 30,80,358 मतदाता रह गए हैं। इसके बाद गाजियाबाद का नंबर है। यहां SIR से पहले 2837991 वोटर थे। ड्राफ्ट सूची में 2019852 नाम रह गए थे। अंतिम सूची में 2,43,666 नाम बढ़े। यानी यहां कुल 574,473 नाम कटे हैं। अब कुल 22,63,518 मतदाता रह गए हैं। अंतिम सूची में 13.39 करोड़ मतदाता मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया- 6 जनवरी को जो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई थी, उसमें 12,55,56,025 मतदाताओं के नाम थे। इसमें पुरुषों की संख्या 6,88,43,159 और महिलाओं की संख्या 5,67,08,747 थी। उन्होंने बताया कि अंतिम मतदाता सूची में 13,39,84,792 वोटर्स शामिल हैं। इसमें पुरुष मतदाता 7,30,71,061 यानी 54.54% और महिला मतदाता 6,09,09,525 (45.46%) हैं। तृतीय लिंग मतदाताओं की संख्या 4,206 है। ड्राफ्ट लिस्ट के बाद 8.15 लाख नाम कटे नवदीप रिणवा ने बताया कि 6 जनवरी से आज तक 8,15,996 नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। इनमें 3,50,436 लॉजिकल एरर वाले नाम हैं। 3,28,350 मतदाता गैर-मौजूद रहे। 79,076 नाम 2 जगह थे। 55,865 लोग मृत पाए गए। 2269 की उम्र 18 साल से कम मिली। अंतिम सूची में नाम कैसे चेक कर सकते हैं उन्होंने बताया कि अंतिम मतदाता सूची voters.eci.gov.in और ceouttarpradesh.nic.in पर देखी जा सकती है। अगर आपका नाम सूची में नहीं है तो आप फॉर्म-6 भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन https://voters.eci.gov.in पर अपने मोबाइल नंबर के जरिए किया जा सकता है। आवेदन फॉर्म डाउनलोड भी किया जा सकता है। यूपी से पहले 11 राज्यों की फाइनल लिस्ट जारी हो चुकी यूपी से पहले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की फाइनल लिस्ट जारी हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 68 लाख नाम गुजरात में कटे हैं। दूसरे नंबर पर बंगाल है, जहां 63 लाख वोटर्स कम हुए। यूपी SIR की पूरी प्रक्रिया को समझ लीजिए… SIR की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी। 4 नवंबर से गणना शुरू हुई। पहले गणना फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर थी। बाद में इसे बढ़ाकर पहले 11 दिसंबर और फिर 25 दिसंबर किया गया। पहले ड्राफ्ट रोल 31 दिसंबर को प्रकाशित होना था, जिसे 15 दिन बढ़ाकर 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित किया गया। दावे-आपत्तियों की अवधि 6 फरवरी 2026 तक थी, जिसे बढ़ाकर 6 मार्च 2026 कर दिया गया था। अंतिम सूची 10 अप्रैल को जारी की गई। यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
Assam Election Voting | High Turnout Impact; CM Himanta Biswa Sarma Trend

Hindi News National Assam Election Voting | High Turnout Impact; CM Himanta Biswa Sarma Trend गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी12 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के दो राज्यों असम, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए। 1950 में असम के बनने के बाद से राज्य में सबसे ज्यादा 85.40% वोटिंग हुई। इससे पहले 2016 में 84.7% मतदान हुआ था। वहीं पुडुचेरी में आजादी के बाद सबसे ज्यादा 89.87% मतदान हुआ। इससे पहले का रिकॉर्ड 85% (2006, 2011 और 2016 विधानसभा चुनाव) का था। केरलम में पिछले 49 सालों में दूसरी सबसे ज्यादा वोटिंग हुई, यहां 78.09% वोट डाले गए। 1977 में रिकॉर्ड 79.2% मतदान हुआ था। वोटिंग परसेंट के आंकड़े 9 अप्रैल की रात 10 बजे तक के हैं। चुनाव आयोग का फाइनल आंकड़े जारी करना बाकी है। असम के 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग असम में 126 सीटों पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवारों का भाग्य का फैसला होगा। 35 जिलों में से 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा 95.56% मतदान साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुआ। सबसे कम 75.25% वोटिंग वेस्ट कार्बी एंगलोंग में हुई। सीएम हिमंता बोले- असमिया समाज वोटर की वजह से बढ़ा मतदान असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, बांग्लादेशी मूल के मुसलमान समाज का 95 से 96 प्रतिशत वोट प्रतिशत हुआ करता था लेकिन बाकि जो असमिया समाज है, वहां पर 75-76% तक का वोट प्रतिशत होता था। इस बार दोनों समाज के बीच प्रतियोगिता रही। पारंपरिक तौर पर जो समाज सक्रिय मतदान करता है उन्होंने तो ज्यादा मतदान किया ही है लेकिन जिस समाज में पारंपरिक तौर पर अधिक मतदान नहीं होता है, उस समाज ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया है। केरल के कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.32% वोटिंग केरलम में140 विधानसभा सीटों पर 2.6 करोड़ मतदाता हैं। वहीं 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। राज्य के 14 जिले में से दो जिलों में 80% से ऊपर मतदान हुआ। सबसे ज्यादा वोटिंग 81.32% वोटिंग कोझिकोड में हुई। वहीं सबसे कम 70.76% मतदान पथनमथिट्टा में हुआ। केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुन रहे हैं। भाजपा ने कहा- महिला वोटर्स की वजह से बढ़ा मतदान CPI(M) नेता सीएन मोहनन ने कहा कि जिन लोगों की मौत हो चुकी है या जो कहीं और चले गए हैं। उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इसी वजह से वोटिंग का प्रतिशत बढ़ा है। BJP नेता केएस शैजू ने कहा, हमारे एनालिसिस से पता चलता है कि इस बार ज्यादा महिला मतदाताओं ने वोट डाला है। पुडुचेरी में रिकॉर्ड 90% वोटिंग पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों में कुल 10 लाख मतदाता हैं। यहां 90% के करीब वोटिंग हुई। केंद्र शासित प्रदेश में कुल दो जिले हैं। सबसे ज्यादा 90.47% मतदान पुडुचेरी जिले में हुआ। वहीं करईकल में 86.77% वोटिंग हुई। पुडुचेरी के इतिहास में पहली बार इतनी वोटिंग हुई है। अब तीनों राज्यों में चुनावी गणित को समझें… असम: 51 साल सत्ता में काबिज रही कांग्रेस, भाजपा की हैट्रिक लगाने की कोशिश बीते 76 साल में असम में राज्य में 15 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से सबसे लंबे समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा। करीब 51 साल तक कांग्रेस के 10 मुख्यमंत्रियों ने सत्ता संभाली। 1978 में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। जनता पार्टी के गोलाप बोरबोरा पहले गैर-कांग्रेसी सीएम बने। लेकिन 2 साल बाद फिर कांग्रेस सत्ता में लौटी। 1985 में ‘असम गण परिषद’ नई रीजनल पार्टी के तौर पर उभरी, जिसने कांग्रेस को चुनौती दी। इसी साल AGP के प्रफुल्ल कुमार महंत सीएम बने। उन्होंने अल्टरनेटिव 2 टर्म पूरे किए। इसके बाद 2001 में कांग्रेस के तरुण गोगोई ने सत्ता संभाली। उन्होंने लगातार 3 चुनाव जीते और रिकॉर्ड 15 साल तक सीएम की कुर्सी संभाली। 2016 में पूरे नॉर्थ-ईस्ट में असम ऐसा राज्य बना, जहां बीजेपी ने पहली बार सरकार बनाई। सर्बानंद सोनोवाल सीएम बने। 2021 में लगातार दूसरी बार बीजेपी ने बहुमत हासिल किया और सत्ता संभाली हिमंता बिस्व सरमा ने। हिमंता के कांग्रेस, AGP और बीजेपी तीनों से रिश्ते हैं। वे AGP के प्रफुल्ल कुमार महंत के राजनीतिक शिष्य, कांग्रेस के तरुण गोगोई के भरोसेमंद सिपहसालार और बीजेपी में नॉर्थ-ईस्ट का चेहरा हैं। केरल: केवल पिनराई विजयन लगातार 2 बार सीएम बने 1956 में केरलम के गठन के बाद से अब तक राज्य में 12 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से 6 सीएम लेफ्ट के रहे, जिन्होंने 39 साल सत्ता संभाली। वहीं 4 सीएम कांग्रेस के बने, जिन्होंने 28 साल सरकार चलाई। CPI(M) के ई.के. नयनार सबसे लंबे समय तक 11 साल सीएम रहे। उन्होंने 3 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन लगातार कभी कुर्सी नहीं संभाली। 1980 में UDF बनाम LDF की राजनीति शुरु हुई। बीते 46 साल से दोनों ने बारी-बारी सरकार चलाई, लेकिन 2021 में ये अनकही परंपरा टूट गई। 2021 में CPI(M) के पिनराई विजयन ने बतौर सीएम पहला कार्यकाल पूरा कर दोबारा सत्ता संभाली। 70 साल में केवल विजयन ऐसे सीएम ही हैं, जिन्होंने लगातार 2 बार शपथ ली। पुडुचेरी में 10 में से 7 सीएम कांग्रेस के रहे 1963 में पुडुचेरी विधानसभा का गठन हुआ। तब से अब तक यहां 10 मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यहां की राजनीति केंद्र के प्रभाव और स्थानीय गठबंधनों के हिसाब से चलती है। इसी के चलते पुडुचेरी के 7 सीएम कांग्रेस से रहे, जिन्होंने करीब 32 साल सत्ता संभाली। फिर 1970 के दशक में DMK और AIADMK जैसी द्रविड़ पार्टियों की एंट्री हुई। DMK ने 4 बार और AIADMK ने 2 बार सरकार बनाई। इसके बाद फिर कांग्रेस का शासन शुरू हुआ, जो 2011 तक चला। लेकिन कांग्रेस के कद्दावर नेता एन. रंगासामी ने खुद की पार्टी AINRC बना ली और चुनाव जीतकर सत्ता संभाली। एन. रंगासामी एक नेता हैं, जिन्होंने कांग्रेस में रहते हुए और फिर अपनी की पार्टी AINRC बनाकर कुल 4 बार सीएम पद की शपथ ली। 2021 में रंगासामी ने बीजेपी के साथ अलायंस किया और सरकार बनाई। रंगासामी सबसे लंबे वक्त तक करीब 17 साल से सीएम हैं। हालांकि ये लगातार नहीं है। वोटिंग की 6 तस्वीरें… असम में वोट डालने के लिए महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ में
विधानसभा चुनाव 2026: सुबह 9 बजे तक असम में 17.87 प्रतिशत, केरल में 16.23 प्रतिशत और पुडुचेरी में 17.41 प्रतिशत मतदान

विधानसभा चुनाव 2026: केरल, असम और पुडुचेरी में चुनावों के लिए मतदान सुबह 7 बजे से जारी है। शुरुआती दो घंटों में असम और पुडुचेरी के चॉकलेट केरल में कम वोटिंग दर्ज की गई है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, असम में सुबह 9 बजे से 17.87 बजे तक प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, शुरुआती दो घंटे में पुडुचेरी में 17.41 प्रतिशत और केरल में 16.23 प्रतिशत वोट पड़े हैं। असम के माजुली जिले में सबसे अधिक 20.03 प्रतिशत, मोरीगांव जिले में 19.96 प्रतिशत, दरांग में 19.74 प्रतिशत, गोलपारा में 19.66 प्रतिशत और जोरहाट में 19.01 प्रतिशत मतदान हुआ है। सुबह 9 बजे तक असम के कामरूप जिले में सबसे कम 15.36 प्रतिशत वोट गिरे। वहीं, सुबह 9 बजे तक केरल के एर्नाकुलम जिले में सबसे अधिक 17.80 प्रतिशत और कासरगोड जिले में सबसे कम 15.08 प्रतिशत मतदान हुआ है। बता दें कि केरल में 883 अभ्यर्थी मैदान में हैं, यानी प्रति सीट औसत छह से सात प्रतिशत अपनी-अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां की संख्या 27 लाख है, जो 30,000 से भी ज्यादा पॅालिटेशन विज्ञापन में उतारे गए हैं। चार क्षेत्र- पुडुचेरी, करेकल, माहे और यनम से सामूहिक बाने केंद्र संयुक्त प्रदेश पुडुचेरी में कुल 9.50 लाख से ज्यादा वोटर हैं। इनमें से 24,919 मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। कुल 294 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 अभ्यर्थी मैदान में हैं, जिनमें 59 महिलाएं शामिल हैं। असम में लगभग 25.05 मिलियन पंजीकृत धारक हैं जो इन नामांकनों में भाग लेने के योग्य हैं। राज्य ने वोटिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 31,490 वोटिंग सेंटर बनाए हैं। 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए यह चुनाव बेहद अहम है, जिसमें बीजेपी अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस की सरकार में वापसी की उम्मीद है। इस चुनाव 2023 में इस आगामी राज्य में परिसीमन के बाद पहला चुनाव होगा। केरल के 140 खण्डों में तीन गठबंधनों के बीच मुकाबला है, जिसमें एल एफसी, यू एफसी और एसईआर चरण- प्रमुख हैं। केरल के लेफ्ट फ्रंट में लगातार पांच बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालाँकि, इस बार सामने आए एल इफ़ेक्ट के नेतृत्व वाले एल फ़्लैक की सत्ता को बरकरार रखने की चुनौती है, क्योंकि कांग्रेस नेट यू फ़्लेक्ट और बीजेपी नेट के नेतृत्व वाले उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश में अभी ‘ऑल इंडिया चिनैप कांग्रेस’ (एआईएनआरसी) के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है, जिसके कमांडर मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के हाथों में है और जिसे भाजपा का समर्थन प्राप्त है। (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)इलेक्शन(टी)कराइकल(टी)केरल(टी)माहे(टी)विधानसभा(टी)यनम(टी)पुड्डुचेरी(टी)मोरिगंव(टी)9 अप्रैल चुनाव(टी)विधानसभा चुनाव(टी)असम चुनाव(टी)यनम(टी)माहे(टी)माहे(टी)केरल चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम(टी)चुनाव(टी)कराईकल(टी)केरल(टी)माहे(टी)विधान सभा(टी)यनम(टी)पुद्दुचेरी(टी)मोरीगांव(टी)9 अप्रैल चुनाव(टी)विधानसभाचुनाव(टी)असम चुनाव(टी)मध्यप्रदेश








