West Bengal Assembly Elections 2026 Chief Secretary Principal home Secretary changed

Hindi News National West Bengal Assembly Elections 2026 Chief Secretary Principal Home Secretary Changed नई दिल्ली10 मिनट पहलेलेखक: शुभम बोस कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग (EC) ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया है। उनकी जगह 1993 बैच के आईएएस दुष्यंत नरियाला को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। साथ ही राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह 1997 बैच की आईएएस संघमित्रा घोष को गृह सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। नए अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट सोमवार दोपहर 3 बजे तक आयोग को भेजनी होगी। आदेश में कहा गया है कि जिन अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने रविवार को राज्य के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। बंगाल की 294 सीटों पर 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को रिजल्ट आएगा। EC ने कहा- चुनाव तैयारियों की समीक्षा के बाद लिया फैसला चुनाव आयोग ने आदेश में कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद वह लगातार प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में यह फैसला लिया गया है। आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं। 5 मार्च: बंगाल के राज्यपाल का इस्तीफा, आरएन रवि नए गवर्नर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह तमिलनाडु के गवर्नर रहे आरएन रवि को बंगाल भेजा गया है। बोस 23 नवंबर 2022 को बंगाल के राज्यपाल बने थे। बोस के कार्यकाल के दौरान कई बार ममता सरकार और राजभवन के बीच मतभेद भी सामने आए थे। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताते हुए कहा था कि ये केंद्र का एकतरफा फैसला है। गृह मंत्री अमित शाह ने मुझसे राय नहीं ली है। पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… चुनाव के ऐलान से सवा घंटे पहले ममता का ऐलान, बंगाल में पुजारियों-मुअज्जिनों का मानदेय ₹500 बढ़ा, हर महीने ₹2000 मिलेंगे पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा से सवा घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुजारियों और मुअज्जिनों (अजान के लिए आवाज देने वाला) के मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी की है। इन्हें अब हर महीने 2 हजार रुपए मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam & Puducherry Elections 2026

Hindi News National Assembly Polls Announced: West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam & Puducherry Elections 2026 नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल,असम और पुडुचेरी राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान करेगा। बंगाल, असम, तमिलनाडु में 2-2 फेज में और केरल, पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव कराए जाने के आसार हैं। पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है। 2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। असम में 3 और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिंगल फेज में मतदान हुआ था। पांचों राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। इससे पहले जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। असम: राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पीएम मोदी 6 महीने में 3 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां पार्टी ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों/सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं। तमिलनाडु: एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पिछले 60 साल से BJP या कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है। BJP जयललिता की पार्टी AIADMK से गठबंधन कर सकती है। इधर सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK भी मैदान में हैं। केरल: देश का इकलौता राज्य है, जहां अभी भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता। पुडुचेरी: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगासामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Rajya Sabha Elections 2026 | Odisha BJP Congress Resort Politics MLA Horse Trading

Hindi News National Rajya Sabha Elections 2026 | Odisha BJP Congress Resort Politics MLA Horse Trading भुवनेश्वर5 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा ने शनिवार रात को 2 बसों से अपने विधायकों को पारादीप भेजा। ओडिशा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने 82 विधायकों को पारादीप भेज दिया है। पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, सांसद सुजीत कुमार और निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के समर्थन में रणनीति बनाने के लिए यह कदम उठाया है। शनिवार शाम भुवनेश्वर स्थित भाजपा मुख्यालय में बैठक के बाद मंत्री और विधायक दो लग्जरी बसों से पारादीप के लिए रवाना हुए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक सभी विधायक पारादीप में दिलीप राय के होटल में ठहरेंगे। इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने आठ विधायकों को बेंगलुरु के वंडरला रिजॉर्ट भेजा था। ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है, जिसमें भाजपा को दो और बीजेडी को एक सीट मिलने की संभावना है। चौथी सीट के लिए दिलीप राय और डॉ. दत्तेश्वर होता के बीच मुकाबला माना जा रहा है। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 10 राज्यों में चुनाव 16 मार्च को होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना होगी। भाजपा बोली- पारादीप में वोटिंग ट्रेनिंग देंगे खाद्य आपूर्ति मंत्री केसी पात्रा और कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि 16 मार्च के राज्यसभा चुनाव में भाजपा को चार में से तीन सीटें जीतने का भरोसा है और वोट अमान्य न हों, इसके लिए विधायकों को पारादीप में प्रशिक्षण दिया जाएगा। भाजपा ने डिप्टी चीफ व्हिप पी.के. देब को मतदान के लिए अधिकृत एजेंट बनाया है। वहीं ओडिशा विधानसभा में शनिवार को मॉक ड्रिल भी हुई, क्योंकि 147 सदस्यीय सदन में 84 विधायक पहली बार चुने गए हैं, इसलिए प्रशिक्षण जरूरी माना गया। बीजेडी ने हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया बीजेडी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई। उन्होंने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश का आरोप लगाया है। पटनायक ने इससे पहले पार्टी विधायकों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर उन्हें 13 और 14 मार्च को प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा था। कांग्रेस का अपने विधायक से संपर्क टूटा मोहना से कांग्रेस विधायक दशरथी गोमांगो से संपर्क नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने कहा कि उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। वहीं बाराबती-कटक से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने बीजेडी समर्थित उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को समर्थन देने के पार्टी फैसले पर नाराजगी जताई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
IPL 2026 Schedule Shift? Elections in 5 States May Delay Start

स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2025 का सीजन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीता था। विधानसभा चुनावों की वजह से IPL 2026 का शेड्यूल बदल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टूर्नामेंट का आगाज अब 26 मार्च की जगह 28 मार्च को हो सकता है। हालांकि, BCCI ने अभी तक नई तारीख पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले चुनाव कार्यक्रम के चलते कुछ शहरों में सुरक्षा और बाकी इंतजामों की चुनौती खड़ी हो सकती है। इसी संभावित टकराव को देखते हुए बोर्ड शुरुआती मैचों की तारीख आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है। चेपॉक, ईडन गार्डन्स में होते हैं मैच विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में तीन ऐसे प्रमुख स्टेडियम हैं जो IPL वेन्यू के रूप में इस्तेमाल होते रहे हैं। तमिलनाडु के चेन्नई स्थित एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) चेन्नई सुपर किंग्स का होम ग्राउंड है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित ईडन गार्डन्स कोलकाता नाइट राइडर्स का घरेलू मैदान है, जबकि असम के गुवाहाटी में बना बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम राजस्थान रॉयल्स का सेकेंड होम वेन्यू रहा है। चुनाव के कारण दो चरणों में आ सकता है शेड्यूल 2008 में IPL शुरू होने के बाद जब भी देश में आम चुनाव (2009, 2014, 2019 और 2024) या किसी राज्य में विधानसभा चुनाव हुए हैं, टूर्नामेंट का शेड्यूल दो हिस्सों में जारी किया गया है। ऐसे में संभावना है कि इस बार भी BCCI ऐसा ही करेगा। ओपनिंग मैच का वेन्यू भी चर्चा में, RCB के होम ग्राउंड पर संशय IPL गवर्निंग काउंसिल इस बात पर भी मंथन कर सकती है कि टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच कहां कराया जाए, क्योंकि डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) इसमें शामिल होगी। पिछले जून में बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में RCB की जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ में 11 फैंस की मौत हो गई थी। इसके बाद RCB और कर्नाटक क्रिकेट के बीच इस बात पर चर्चा चल रही है कि टीम अपने सातों होम मैच वहीं खेलेगी या किसी दूसरे वेन्यू पर शिफ्ट करेगी। फ्रेंचाइजी ने नवी मुंबई, रायपुर और पुणे जैसे शहरों को वैकल्पिक विकल्प के तौर पर शॉर्टलिस्ट किया है। RCB के IPL विक्ट्री सेलिब्रेशन में 11 फैंस की मौत हो गई थी। ऑक्शन में 26 मार्च बताया गया था BCCI ने पिछले साल दिसंबर में अबू धाबी में हुई IPL नीलामी के दौरान फ्रेंचाइजियों को बताया था कि सीजन 26 मार्च से 31 मई तक चलेगा। उस समय 26 मार्च से शुरुआत तय मानी जा रही थी। अब अगर ओपनिंग डेट आगे बढ़ती है तो फाइनल की तारीख में बदलाव होगा या नहीं, इस पर अभी कोई संकेत नहीं है। IPL 2026 का ऑक्शन अबू धाबी में हुआ था। मार्च के पहले हफ्ते में शेड्यूल जारी किया जा सकता है BCCI मार्च के पहले हफ्ते में शेड्यूल जारी किया जा सकता है। पहले योजना थी कि चुनाव आयोग के तारीखों की घोषणा के बाद पूरा शेड्यूल जारी किया जाएगा। लेकिन समय कम होने और फ्रेंचाइजियों के दबाव के बीच संभावना है कि BCCI पहले आधा शेड्यूल जारी करे और बाद में पूरा कार्यक्रम घोषित करे। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी ऐसा किया गया था। ——————————– IPL 2026 से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रियान पराग राजस्थान रॉयल्स के नए कप्तान होंगे IPL 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीम ने ऑलराउंडर रियान पराग को टीम का अगला कप्तान नियुक्त किया है। यह फैसला संजू सैमसन के चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में चले जाने के बाद लिया गया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tamil Nadu Election 2026 Polling Booth; Gyanesh Kumar

Hindi News National Tamil Nadu Election 2026 Polling Booth; Gyanesh Kumar | TN SIR Voters Count चेन्नईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चेन्नई में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। चीफ इलेक्शन कमिश्नर(CEC) ज्ञानेश कुमार ने चुनावी प्रक्रिया को तमिलनाडु की शान बताया। उन्होंने शुक्रवार को चेन्नई में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। CEC ने राज्य के सभी वोटरों से आने वाले विधानसभा चुनावों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) कराया गया है। इसके बाद वर्तमान में यहां 5 करोड़ 67 लाख वोटर हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में लगभग 75,000 पोलिंग स्टेशन होंगे, जिनमें से 44,000 ग्रामीण इलाकों में होंगे। ट्रांसपेरेंसी पक्का करने के लिए हर पोलिंग बूथ पर 100% वेबकास्टिंग होगी। ज्ञानेश कुमार ने और क्या बताया… हाल ही में चुनाव आयोग ने एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। इसमें 72 देशों के चीफ इलेक्शन कमिश्नर, इलेक्शन कमिश्नर और चुनावी स्टाफ ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में तमिलनाडु के 10वीं सदी के “कुडावोलाई सिस्टम” के बारे में जानकारी दी गई। आयोग पिछले कुछ दिनों से तमिलनाडु में है। जिला कलेक्टर, SP, DIG, IG, 24 प्रवर्तन एजेंसियों, राज्य सरकार, चीफ सेक्रेटरी और DGP के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई। 27 अक्टूबर 2025 से 23 फरवरी 2026 तक SIR किया गया। उद्देश्य था कि कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं और कोई अयोग्य व्यक्ति शामिल न हो। राज्य में कुल 5 करोड़ 67 लाख मतदाता हैं। हर पोलिंग स्टेशन पर औसतन 756 मतदाता होंगे। 258 बूथ पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित होंगे। 47 बूथ दिव्यांगों द्वारा संचालित होंगे। 265 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने का भरोसा दिया। सभी प्रवर्तन एजेंसियों को सख्ती से काम करने और वोटरों को लालच देने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया। 23 फरवरी: तमिलनाडु में SIR की फाइनल लिस्ट पब्लिश हुई, 74 लाख नाम कटे चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) 2026 के तहत तमिलनाडु की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश कर दी है। इसके मुताबिक राज्य में अब कुल 5.67 करोड़ वोटर के नाम हैं। इस प्रोसेस में करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं जिसके बाद राज्य में 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं। चेन्नई की हार्बर विधानसभा में सबसे कम वोटर सबसे ज्यादा 5,36,991 वोटर चेंगलपट्टू जिले की विधानसभा नंंबर 27 शोझांगनल्लूर में हैं। वहीं सबसे कम 1,16,896 वोटर चेन्नई जिले की विधानसभा नंबर 18 हार्बर में दर्ज हुए हैं। ————- ये खबर भी पढ़ें… AIADMK से निष्कासित पूर्व CM पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल:मुख्यमंत्री स्टालिन ने सदस्यता दिलाई, तीन बार तमिलनाडु के CM रह चुके तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व AIADMK नेता ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) ने शुक्रवार को DMK का दामन थाम लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में पार्टी जॉइन की। यह कदम अप्रैल-मई में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले उठाया गया है। तीन बार सीएम रहे पन्नीरसेल्वम जे जयललिता के करीबी ओ.पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
तेलंगाना निकाय चुनाव: तेलंगाना निकाय चुनाव में 13 हजार से ज्यादा ताकतवर मुकाबले, 11 को वोट को लेकर पूरा।

नगर निगम निकाय चुनाव में लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर है, जहां सत्ता की गलियों से लेकर झीलों तक तेलंगाना तट की घोषणा की जा रही है। राज्य के 7 नगर निगमों और 116 नगर निगमों में होने वाले इस ओलंपिक महाकुंभ में कुल 12,993 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 2,996 वार्डों में इस चुनाव के लिए सभी खंडों को शामिल किया गया है, जहां प्रति वार्ड औसत चार ग्रीन के बीच कड़ी टक्कर को देखने को मिलता है। मतदान 11 तारीख को सुबह से शुरू होगा और 13 को प्रारंभिक के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा। रणनीतिकारों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में आबादी के मैदान में उतरने का मतलब यह है कि कोई भी बैठना आसान नहीं है और हर वार्ड में प्रतिस्पर्धा दिलचस्प होने वाली है। पॉलिटिकल ने चुनावी प्रचार को अपने चरम पर पहुंचा दिया है और 9 तारीख को प्रचार अवधि समाप्त होने से पहले वे वोटर्स को नारे लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पोलिंग आयोग ने आदर्श आचार संहिता के पालन के निर्देश दिए हैं, ताकि वोटिंग प्रक्रिया के दौरान मतदान करने वालों की संख्या कम हो सके। राजनीतिक के लिए अहम् परीक्षा यह चुनाव केवल स्थानीय डायनासोर के लिए नहीं, बल्कि राज्य के बड़े राजनीतिक चरित्र के लिए भी एक अहम परीक्षा की तरह है। मूर्तिकला से लेकर शहरी विकास तक, इस बार कई मुद्दों पर चर्चाओं में शामिल हैं। खैर ये चुनावी स्थानीय शास्त्रीय लड़ाई तो है, लेकिन इसके नतीजों का असर राज्य की राजनीति पर भी देखने को मिलता है। अब सभी परस्पर विरोधी 11 तारीख को मतदान प्रतिशत पर टिकी हैं, क्योंकि अधिकतर वोट होंगे, लोकतंत्र को समूह ही मजबूत माना जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गयी चुनाव आयोग ने चाक-चौबंद के लिए फिलीस्तीन मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था शुरू की है और लोगों को डराने या धमकाने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। 13 तारीख को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि आम जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है और राज्य के शहरी क्षेत्र का विकास किस दिशा में होगा। ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में सबसे पीछे की कुर्सी पर बैठे हैं ममता बनर्जी, कर रही खुद सर के मुकदमे की लड़ाई (टैग्सटूट्रांसलेट)चुनाव(टी)तेलंगाना(टी)तेलंगाना नागरिक चुनाव(टी)तेलंगाना नगरपालिका चुनाव(टी)तेलंगाना स्थानीय निकाय चुनाव(टी)तेलंगाना राजनीति समाचार(टी)नगर निगम चुनाव(टी)वार्ड चुनाव तेलंगाना(टी)चुनाव(टी)तेलंगाना(टी)तेलंगाना नगर निगम चुनाव(टी)तेलंगाना नगरपालिका चुनाव(टी)तेलंगाना स्थानीय नगरपालिका चुनाव(टी)तेलंगाना राजनीति समाचार(टी)नगर निगम चुनाव(टी)वार्ड चुनावतेलंगाना








