PM Modi Facebook Video Ban Controversy; Meta Glitch

3 घंटे पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने 23 जुलाई को पोस्ट किए वीडियो में पेपर लीक को गंभीर विषय बताया था। मामले पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक से हटाया गया वीडियो Meta ने दोबारा रीस्टोर कर दिया है। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से वीडियो गलती से हट गया था। इससे पहले कुछ समय के लिए फेसबुक पर यह वीडियो दिखाई नहीं दे रहा था, जिसके बाद इस पर सवाल उठे। प्रधानमंत्री मोदी ने यह वीडियो 23 जुलाई को जारी किया था। इसमें उन्होंने जेन-जी और छात्रों को संबोधित करते हुए परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। इधर, न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) ने Meta (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के ग्लोबल हेड और कंपनी के पब्लिक पॉलिसी के ग्लोबल हेड को भी तलब किया है। वीडियो में लिखा आ रहा था कि ये वीडियो भारत में उपलब्ध नहीं है। 23 जुलाई को पीएम ने वीडियो मैसेज पोस्ट किया था 23 जुलाई की रात 12 बजे X हैंडल पर पोस्ट किए गए 2.56 मिनट के वीडियो मैसेज में मोदी ने कहा- पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया… उन्होंने यह भी कहा- हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है।दरअसल, यह पूरा मामला 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक से जुड़ा है। PM ने 2 और वीडियो मैसेज पोस्ट किए थे 24 जुलाई: मोदी बोले- वीडियो पर सकारात्मक सुझाव के लिए शुक्रिया पीएम मोदी ने शुक्रवार रात को वीडियो जारी कर कहा- थैंक यू फ्रेंड्स! कल (गुरुवार) देर रात आपसे मिलने का मौका मिल गया। मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उसको जिस प्रकार से आपने रिस्पॉन्ड किया और सकारात्मक सुझाव दिए, थैंक्स टू एव्रीबॉडी। यह आपका प्यार बना रहेगा तो हमारा नाता और अधिक सक्रियता से जुड़ता रहेगा। थैंक यू, थैंक यू दोस्तों। 26 जुलाईः मोदी बोले- पेपरलीक रोकने के लिए कल कठोर कानून लाएंगे नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का प्रदर्शन खत्म होने के एक दिन बाद 26 जुलाई को पीएम मोदी ने परीक्षा सुधार के लिए हाईपावर टास्क फोर्स का गठन किया। टीम में छह मेंबर्स हैं। इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी इसके अध्यक्ष होंगे। पीएम ने शाम 7 बजे के करीब इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मैसेज जारी कर इसकी जानकारी दी। पीएम ने कहा- स्टूडेंट के भविष्य के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। जिन लोगों ने स्टूडेंट के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। पुलिस ने PM पर आपत्तिजनक कमेंट वाले पोस्ट हटाने को कहा था दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन और 20 जुलाई के संसद चलो मार्च के दौरान पीएम के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियों वाले पोस्ट एवं वीडियो हटाने के लिए कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किए थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसा के दौरान विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीएम के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट सामने आए थे। पूरी खबर पढ़ें… भास्कर नॉलेज सवालः Meta वीडियो कैसे हटाता है? जवाबः Meta पहले AI की मदद से संदिग्ध वीडियो की पहचान करता है। इसके बाद जरूरत पड़ने पर मॉडरेटर उसकी जांच करते हैं। अगर वीडियो कंपनी के कम्युनिटी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे हटा दिया जाता है। वहीं, अगर वीडियो गलती से हट जाता है तो समीक्षा के बाद उसे दोबारा रीस्टोर कर दिया जाता है। —————– ये खबर भी पढ़ें… CJP बोली- सभी प्रदर्शनकारियों की FIR वापस होंगी:रात 1 बजे वीडियो जारी कर बताया-सरकार से बात हुई, हर प्रोटेस्टर सुरक्षित रहेगा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बताया कि सभी प्रदर्शनकारियों की FIR वापस होंगी। CJP प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना ने सोमवार रात एक बजे वीडियो जारी कर यह जानकारी दी। सौरव ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधि (दिल्ली पुलिस के अफसर) मिलने आए थे। हमने उन्हें बताया कि आशंका है कि सरकार ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं होंगे। उन्होंने बिहार सरकार के गृह विभाग की प्रेस रिलीज दिखाई। इसमें लिखा है कि सभी प्रोटेस्टर्स की FIR वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Meta Facebook Service Restored | Nvidia CEO Jensen Huang Jacket Auction

नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर शेयर बाजार से जुड़ी रही। भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते रही तेजी के कारण देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 5 के मार्केट वैल्यूएशन यानी मार्केट कैप में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, अमेरिकी टेक कंपनी एनवीडिया के CEO जेन्सन हुआंग की पहचान बन चुकी उनकी खास ब्लैक लेदर जैकेट करीब 9.4 करोड़ रुपए (9.60 लाख डॉलर) में नीलाम हुई है। ऑक्शन हाउस सोथबी द्वारा आयोजित इस नीलामी में जैकेट की कीमत उम्मीद से 16 गुना ज्यादा मिली है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। पेटीएम का पहली तिमाही का रिजल्ट आएगा अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. टॉप-10-कंपनियों में से 5 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ बढ़ी: TCS टॉप गेनर, वैल्यू ₹72 हजार करोड़ बढ़ी; रिलायंस-SBI का मार्केट कैप भी बढ़ा भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते रही तेजी के कारण देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 5 के मार्केट वैल्यूएशन यानी मार्केट कैप में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी में IT सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS टॉप गेनर रही। पिछले कारोबारी हफ्ते में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 582.06 अंक यानी 0.75% की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का निफ्टी 127.4 अंक यानी 0.52% मजबूत हुआ। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. इंस्टाग्राम और फेसबुक की सर्विस शुरू: दुनियाभर में 4000 से ज्यादा यूजर्स प्रभावित हुए; प्रोफाइल नहीं दिख रही थी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम करीब दो घंटे डाउन बाद फिर शुरू हो गया है। इसके अलावा फेसबुक और मैसेंजर भी यूजर्स इस्तेमाल कर पा रहे हैं। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, 4000 से ज्यादा लोगों ने इंस्टाग्राम में आ रही समस्याओं की शिकायत की। वहीं, फेसबुक पर 3000 से अधिक यूजर्स ने शिकायत की। वहीं, मैसेंजर पर भी 100 से ज्यादा लोगों ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की। यह आउटेज पूरी तरह से ग्लोबल है। हालांकि, भारतीय यूजर्स ने डाउन की कोई शिकायत नहीं की है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. एनवीडिया CEO की ब्लैक लेदर जैकेट ₹9.4 करोड़ में बिकी: नीलामी में उम्मीद से 16 गुना ज्यादा मिली कीमत, पैसा फेलोशिप और रिसर्च पर खर्च होगा अमेरिकी टेक कंपनी एनवीडिया के CEO जेन्सन हुआंग की पहचान बन चुकी उनकी खास ब्लैक लेदर जैकेट करीब 9.4 करोड़ रुपए (9.60 लाख डॉलर) में नीलाम हुई है। ऑक्शन हाउस सोथबी द्वारा आयोजित इस नीलामी में जैकेट की कीमत उम्मीद से 16 गुना ज्यादा मिली है। पहले इसके 40 हजार से 60 हजार डॉलर (करीब 33 लाख से 50 लाख रुपए) में बिकने का अनुमान लगाया गया था। इस नीलामी से मिलने वाली पूरी रकम को टेक और साइंस सेक्टर के युवा इनोवेटर्स की मदद के लिए दान किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शनिवार और रविवार को मार्केट बंद था तो शुक्रवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Instagram Facebook Global Outage | Users Report Service Down Issues

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम डाउन हो गया है। इसके अलावा फेसबुक और मैसेंजर पर भी यूजर्स को दिक्कत हो रही है। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, 4000 से ज्यादा लोगों ने इंस्टाग्राम में आ रही समस्याओं की शिकायत की है। वहीं, फेसबुक पर 3000 से अधिक यूजर्स ने शिकायत की। वहीं, मैसेंजर पर भी 100 से ज्यादा लोगों ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की है। यह आउटेज पूरी तरह से ग्लोबल है। हालांकि, भारतीय यूजर्स ने डाउन की कोई शिकायत नहीं की है। हालांकि, इस आउटेज की असली वजह क्या है, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। मेटा या इसकी व्यक्तिगत सर्विसेज की तरफ से यूजर्स को आ रही दिक्कतों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं आया है। X पर एक यूजर्स ने कहा- प्रोफाइल और स्टोरीज लोड नहीं हो रही कई यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी शिकायतें की हैं। एक इंस्टाग्राम यूजर ने बताया कि उनका फीड तो काम कर रहा है, लेकिन प्रोफाइल नहीं देख पा रहे हैं। दूसरे यूजर ने कहा कि होम पेज लोड नहीं हो रहा है और वे स्टोरीज पोस्ट नहीं कर पा रहे हैं। X पर एक यूजर ने लिखा, “इंस्टाग्राम डाउन है। मुझे फीड पर सिर्फ वेलकम पेज दिख रहा है, कोई नया कंटेंट नहीं आ रहा। क्या चल रहा है?” कुछ यूजर्स ने ब्लैंक फीड के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं। फेसबुक पर अकाउंट टेम्परेरी अनअवेलेबल का एरर मैसेज दिख रहा फेसबुक यूजर्स को लॉग-इन और फीड में एरर का सामना करना पड़ रहा है। एक यूजर ने रात 2 बजे लिखा, “फीड पर सिर्फ दो पोस्ट दिखे और फिर एरर आ गया, यह दोबारा लोड नहीं हो रहा है।” UK से लेकर अमेरिका के टेनेसी तक के लोगों ने मेटा की इस सर्विस में आ रही दिक्कतों की शिकायत की है। कई यूजर्स को स्क्रीन पर अकाउंट टेम्परेरी अनअवेलेबल (यानी साइट में दिक्कत के कारण आपका अकाउंट अभी उपलब्ध नहीं है) का मैसेज मिल रहा है। एक यूजर ने पूछा कि वे मोबाइल पर तो फेसबुक एक्सेस कर पा रहे हैं, लेकिन लैपटॉप पर नहीं, क्या किसी और के साथ भी ऐसा हो रहा है? दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Instagram Facebook Global Outage | Users Report Service Down Issues

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम डाउन हो गया है। इसके अलावा फेसबुक और मैसेंजर पर भी यूजर्स को दिक्कत हो रही है। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, 4000 से ज्यादा लोगों ने इंस्टाग्राम में आ रही समस्याओं की शिकायत की है। वहीं, फेसबुक पर 3000 से अधिक यूजर्स ने शिकायत की। वहीं, मैसेंजर पर भी 100 से ज्यादा लोगों ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की है। यह आउटेज पूरी तरह से ग्लोबल है। हालांकि, भारतीय यूजर्स ने डाउन की कोई शिकायत नहीं की है। हालांकि, इस आउटेज की असली वजह क्या है, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। मेटा या इसकी व्यक्तिगत सर्विसेज की तरफ से यूजर्स को आ रही दिक्कतों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं आया है। X पर एक यूजर्स ने कहा- प्रोफाइल और स्टोरीज लोड नहीं हो रही कई यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी शिकायतें की हैं। एक इंस्टाग्राम यूजर ने बताया कि उनका फीड तो काम कर रहा है, लेकिन प्रोफाइल नहीं देख पा रहे हैं। दूसरे यूजर ने कहा कि होम पेज लोड नहीं हो रहा है और वे स्टोरीज पोस्ट नहीं कर पा रहे हैं। X पर एक यूजर ने लिखा, “इंस्टाग्राम डाउन है। मुझे फीड पर सिर्फ वेलकम पेज दिख रहा है, कोई नया कंटेंट नहीं आ रहा। क्या चल रहा है?” कुछ यूजर्स ने ब्लैंक फीड के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं। फेसबुक पर अकाउंट टेम्परेरी अनअवेलेबल का एरर मैसेज दिख रहा फेसबुक यूजर्स को लॉग-इन और फीड में एरर का सामना करना पड़ रहा है। एक यूजर ने रात 2 बजे लिखा, “फीड पर सिर्फ दो पोस्ट दिखे और फिर एरर आ गया, यह दोबारा लोड नहीं हो रहा है।” UK से लेकर अमेरिका के टेनेसी तक के लोगों ने मेटा की इस सर्विस में आ रही दिक्कतों की शिकायत की है। कई यूजर्स को स्क्रीन पर अकाउंट टेम्परेरी अनअवेलेबल (यानी साइट में दिक्कत के कारण आपका अकाउंट अभी उपलब्ध नहीं है) का मैसेज मिल रहा है। एक यूजर ने पूछा कि वे मोबाइल पर तो फेसबुक एक्सेस कर पा रहे हैं, लेकिन लैपटॉप पर नहीं, क्या किसी और के साथ भी ऐसा हो रहा है? दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Facebook, Instagram, WhatsApp Subscription Options

Hindi News Business Meta Plus Plans Launch: Facebook, Instagram, WhatsApp Subscription Options वॉशिंगटन5 मिनट पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के “प्लस” वर्जन रोल आउट किए जा रहे हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे। यह कदम मेटा की विज्ञापन के अलावा कमाई के नए जरिए बनाने की रणनीति का हिस्सा है। इन एप्स के यूजर्स की संख्या पहले ही ग्लोबल लेवल पर अधिकतम सीमा तक पहुंच चुकी है। नए प्लस प्लान कंपनी के मौजूदा ‘मेटा वेरिफाइड’ प्लान की जगह नहीं लेंगे। एप्स के हिसाब से अलग-अलग प्लान और उनकी कीमतें इंस्टाग्राम प्लस: $3.99 (करीब 380 रुपए) प्रति महीना. फेसबुक प्लस: $3.99 (करीब 380 रुपए) प्रति महीना. वॉट्सएप प्लस: $2.99 (करीब 280 रुपए) प्रति महीना. इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस में क्या मिलेगा खास? इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस मुख्य रूप से सोशल एक्सप्रेशन और क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें यूजर्स को यह देखने की सुविधा मिलेगी कि कुल कितने लोगों ने उनकी स्टोरी को दोबारा देखा है। इनके अलावा ये 5 फायदे भी मिलेंगे… पसंदीदा लोगों की अलग-अलग लिस्ट: अभी आप सिर्फ ‘क्लोज फ्रेंड्स’ की एक ही लिस्ट बना सकते हैं। नए फीचर से आप अपनी मर्जी से कई अलग-अलग लिस्ट बना सकेंगे और तय कर पाएंगे कि कौन सी फोटो या वीडियो किसे दिखे। 24 घंटे के बाद भी नहीं हटेगी स्टोरी: अभी स्टोरी 24 घंटे में हट जाती है। अब इसे 24 घंटे से ज्यादा समय तक अपनी प्रोफाइल पर रख पाएंगे। हफ्ते में एक बार अपनी किसी स्टोरी को ‘स्पॉटलाइट’ कर सकेंगे, जिससे उसे ज्यादा से ज्यादा लोग देख सकें। चोरी-छिपे देख सकेंगे दूसरों की स्टोरी: आप सामने वाले की स्टोरी देख भी लेंगे और उसे पता भी नहीं चलेगा, क्योंकि उसका नाम देखने वालों की लिस्ट में नहीं आएगा। इसके अलावा आप अपनी स्टोरी को देखने वालों के नाम भी सर्च कर सकेंगे। बिना दूसरों को परेशान किए प्रोफाइल अपडेट: आप कोई भी फोटो या वीडियो सीधे अपनी प्रोफाइल या हाइलाइट्स में सेव कर सकते हैं। इसके लिए आपके दोस्तों के होम पेज पर कोई नोटिफिकेशन या नया पोस्ट नहीं जाएगा। सजावट के नए तरीके: आपकी प्रोफाइल को सुंदर बनाने के लिए नए तरीके के फॉन्ट, स्क्रीन पर तैरने वाले ‘सुपर हार्ट’ रिएक्शन और मनपसंद एप आइकॉन मिलेंगे। वॉट्सएप प्लस में क्या होगा खास? यह पूरी तरह से पर्सनलाइजेशन और मैसेजिंग पर केंद्रित है। इसमें यूजर्स को एप थीम्स, कस्टम रिंगटोन्स, एडिशनल पिंड चैट्स, लिस्ट कस्टमाइजेशन और प्रीमियम स्टिकर्स जैसे फीचर्स मिलेंगे। मेटा एआई यूजर्स के लिए भी दो प्लान टेस्ट किए जा रहे मेटा वन प्लस : $7.99 (करीब 770 रुपए) प्रति महीना. मेटा वन प्रीमियम: $19.99 (करीब 1,900 रुपए) प्रति महीना. दोनों में फीचर्स समान हैं, लेकिन प्रीमियम प्लान मुश्किल कामों के लिए डीपर रीजनिंग और हाई कंप्यूट क्वेरीज की क्षमता अनलॉक करेगा। इससे मेटा एप्स पर बेहतरीन वीडियो और इमेज-जनरेशन की सुविधा मिलेगी। सामान्य यूजर्स के लिए मेटा एआई मुफ्त रहेगा। क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए महंगे एडवांस प्लान क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए इसी हफ्ते दो प्लान टेस्ट किए जाएंगे: मेटा वन एसेंशियल ($14.99/mo – करीब ₹1,450): इसमें वेरिफाइड बैज, फर्जी अकाउंट से सुरक्षा और एक एन्हांस्ड लिंकशीट मिलेगी। इससे यूजर अपने सभी सोशल चैनल्स के लिंक एक जगह जोड़ सकेंगे। मेटा वन एडवांस ($49.99/mo – करीब ₹4,800): इसमें एसेंशियल के फायदों के साथ-साथ फेसबुक फीड में फीचर होने, सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखने, रील्स पर बोल्ड ‘फॉलो’ बटन और एंगेज करने वाले लोगों को ऑटोमैटिक फॉलो इनविटेशन भेजने की सुविधा मिलेगी। यह प्लान कंपनियों को अपनी वेबसाइट या शॉप पर ट्रैफिक बढ़ाने में मदद करेगा। इसमें डीपर कॉम्पिटिटिव इनसाइट्स जैसे एनालिटिक्स टूल्स, ऑप्टिमाइज्ड शेड्यूलिंग टूल्स, बिना पासवर्ड शेयर किए दूसरे मॉडरेटर्स को एक्सेस देने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, अगर कोई दूसरा यूजर उनका कंटेंट दोबारा इस्तेमाल करता है, तो नोटिफिकेशन मिलेगा ताकि वे ओरिजिनल रील का क्रेडिट लेबल मांग सकें। क्यों बदल रहा है सोशल मीडिया का बिजनेस मॉडल? सालों तक फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप पूरी तरह मुफ्त रहे क्योंकि कंपनियां यूजर्स के डेटा और विज्ञापनों) से अरबों कमाती थीं। लेकिन अब पूरी दुनिया में इन एप्स के यूजर्स की संख्या चरम पर पहुंच चुकी है, यानी नए यूजर्स मिलने की रफ्तार धीमी हो गई है। साथ ही प्राइवेसी नियमों के कड़े होने से विज्ञापन से होने वाली कमाई पर असर पड़ा है। यही वजह है कि मेटा, इलॉन मस्क के एक्स की तरह अब सीधे यूजर्स से पैसे लेकर अपनी कमाई का जरिया सुरक्षित कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Facebook, Instagram, WhatsApp Subscription Options

Hindi News Business Meta Plus Plans Launch: Facebook, Instagram, WhatsApp Subscription Options वॉशिंगटन6 मिनट पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के ‘प्लस’ वर्जन रोल आउट किए जा रहे हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे। इसके लिए पैसे चुकाने होंगे। यह कदम मेटा की विज्ञापन के अलावा कमाई का नया जरिया बनाने की रणनीति का हिस्सा है। नए प्लस प्लान कंपनी के मौजूदा ‘मेटा वेरिफाइड’ प्लान की जगह नहीं लेंगे। मेटा ने अभी इन नए ‘प्लस’ सब्सक्रिप्शन प्लान्स को वैश्विक स्तर पर रोलआउट करने की घोषणा की है, लेकिन कंपनी ने भारत में इसकी लॉन्चिंग की तारीख का ऐलान नहीं किया है। चूंकि, भारत मेटा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा यूजर बेस वाला मार्केट है, इसलिए कंपनी आमतौर पर यहां किसी भी बड़े फीचर को फेज्ड मैनर रोलआउट करती है। इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस में क्या मिलेगा खास? इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस मुख्य रूप से सोशल एक्सप्रेशन और क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें यूजर्स को यह देखने की सुविधा मिलेगी कि कुल कितने लोगों ने उनकी स्टोरी को दोबारा देखा है। इनके अलावा ये 5 फायदे भी मिलेंगे… पसंदीदा लोगों की अलग-अलग लिस्ट: अभी आप सिर्फ ‘क्लोज फ्रेंड्स’ की एक ही लिस्ट बना सकते हैं। नए फीचर से आप अपनी मर्जी से कई अलग-अलग लिस्ट बना सकेंगे और तय कर पाएंगे कि कौन सी फोटो या वीडियो किसे दिखे। 24 घंटे के बाद भी नहीं हटेगी स्टोरी: अभी स्टोरी 24 घंटे में हट जाती है। अब इसे 24 घंटे से ज्यादा समय तक अपनी प्रोफाइल पर रख पाएंगे। हफ्ते में एक बार अपनी किसी स्टोरी को ‘स्पॉटलाइट’ कर सकेंगे, जिससे उसे ज्यादा से ज्यादा लोग देख सकें। चोरी-छिपे देख सकेंगे दूसरों की स्टोरी: आप सामने वाले की स्टोरी देख भी लेंगे और उसे पता भी नहीं चलेगा, क्योंकि उसका नाम देखने वालों की लिस्ट में नहीं आएगा। इसके अलावा आप अपनी स्टोरी को देखने वालों के नाम भी सर्च कर सकेंगे। बिना दूसरों को परेशान किए प्रोफाइल अपडेट: आप कोई भी फोटो या वीडियो सीधे अपनी प्रोफाइल या हाइलाइट्स में सेव कर सकते हैं। इसके लिए आपके दोस्तों के होम पेज पर कोई नोटिफिकेशन या नया पोस्ट नहीं जाएगा। सजावट के नए तरीके: आपकी प्रोफाइल को सुंदर बनाने के लिए नए तरीके के फॉन्ट, स्क्रीन पर तैरने वाले ‘सुपर हार्ट’ रिएक्शन और मनपसंद एप आइकॉन मिलेंगे। वॉट्सएप प्लस में क्या होगा खास? यह पूरी तरह से पर्सनलाइजेशन और मैसेजिंग पर केंद्रित है। इसमें यूजर्स को एप थीम्स, कस्टम रिंगटोन्स, एडिशनल पिंड चैट्स, लिस्ट कस्टमाइजेशन और प्रीमियम स्टिकर्स जैसे फीचर्स मिलेंगे। मेटा एआई यूजर्स के लिए भी दो प्लान टेस्ट किए जा रहे मेटा वन प्लस : $7.99 (करीब 770 रुपए) प्रति महीना. मेटा वन प्रीमियम: $19.99 (करीब 1,900 रुपए) प्रति महीना. दोनों में फीचर्स समान हैं, लेकिन प्रीमियम प्लान मुश्किल कामों के लिए डीपर रीजनिंग और हाई कंप्यूट क्वेरीज की क्षमता अनलॉक करेगा। इससे मेटा एप्स पर बेहतरीन वीडियो और इमेज-जनरेशन की सुविधा मिलेगी। सामान्य यूजर्स के लिए मेटा एआई मुफ्त रहेगा। क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए महंगे एडवांस प्लान क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए इसी हफ्ते दो प्लान टेस्ट किए जाएंगे: मेटा वन एसेंशियल ($14.99/mo – करीब ₹1,450): इसमें वेरिफाइड बैज, फर्जी अकाउंट से सुरक्षा और एक एन्हांस्ड लिंकशीट मिलेगी। इससे यूजर अपने सभी सोशल चैनल्स के लिंक एक जगह जोड़ सकेंगे। मेटा वन एडवांस ($49.99/mo – करीब ₹4,800): इसमें एसेंशियल के फायदों के साथ-साथ फेसबुक फीड में फीचर होने, सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखने, रील्स पर बोल्ड ‘फॉलो’ बटन और एंगेज करने वाले लोगों को ऑटोमैटिक फॉलो इनविटेशन भेजने की सुविधा मिलेगी। यह प्लान कंपनियों को अपनी वेबसाइट या शॉप पर ट्रैफिक बढ़ाने में मदद करेगा। इसमें डीपर कॉम्पिटिटिव इनसाइट्स जैसे एनालिटिक्स टूल्स, ऑप्टिमाइज्ड शेड्यूलिंग टूल्स, बिना पासवर्ड शेयर किए दूसरे मॉडरेटर्स को एक्सेस देने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, अगर कोई दूसरा यूजर उनका कंटेंट दोबारा इस्तेमाल करता है, तो नोटिफिकेशन मिलेगा ताकि वे ओरिजिनल रील का क्रेडिट लेबल मांग सकें। क्यों बदल रहा है सोशल मीडिया का बिजनेस मॉडल? सालों तक फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप पूरी तरह मुफ्त रहे क्योंकि कंपनियां यूजर्स के डेटा और विज्ञापनों) से अरबों कमाती थीं। लेकिन अब पूरी दुनिया में इन एप्स के यूजर्स की संख्या चरम पर पहुंच चुकी है, यानी नए यूजर्स मिलने की रफ्तार धीमी हो गई है। साथ ही प्राइवेसी नियमों के कड़े होने से विज्ञापन से होने वाली कमाई पर असर पड़ा है। यही वजह है कि मेटा, इलॉन मस्क के एक्स की तरह अब सीधे यूजर्स से पैसे लेकर अपनी कमाई का जरिया सुरक्षित कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
वर्ल्ड अपडेट्स:मेटा के पूर्व इंजीनियर ने भेदभाव का आरोप लगाया, कहा- छंटनी में गैर-चीनी कर्मचारियों को टारगेट किया गया

फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा के एक पूर्व इंजीनियर ने कंपनी पर नस्लीय भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। जेरेमी बर्नियर नाम के इंजीनियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट लिखकर अपने अनुभव साझा किए। उन्हें हाल ही में कंपनी की छंटनी में नौकरी से निकाल दिया गया था। बर्नियर का दावा है कि उनकी टीम में लगभग 90% कर्मचारी चीनी थे और गैर-चीनी कर्मचारियों को अक्सर अलग-थलग महसूस कराया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम में गैर-चीनी कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाया गया और छंटनी में भी उन्हें ज्यादा निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि जिन 7 कर्मचारियों को उन्होंने अपनी टीम में नौकरी जाते देखा उनमें से 6 गैर-चीनी थे। बर्नियर ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी टीम में ज्यादातर बातचीत मंदारिन भाषा में होती थी, जिससे बाकी लोग खुद को टीम से कटा हुआ महसूस करते थे। उनके मुताबिक, मीटिंग्स भले ही अंग्रेजी में होती थीं, लेकिन मीटिंग खत्म होते ही लोग तुरंत मंदारिन में बात करने लगते थे। उन्होंने लिखा, मैं एक-दो बातचीत की बात नहीं कर रहा, बल्कि लगभग हर बातचीत मंदारिन में होती थी। 10 से ज्यादा लोग मंदारिन में बात करते थे और दो गैर-चीनी कर्मचारी कुछ समझ नहीं पाते थे। बर्नियर ने अपने अनुभव की तुलना चीन की कंपनी हुआवेई से करते हुए कहा कि अगर वहां किसी दूसरी भाषा का इतना ज्यादा इस्तेमाल होता, तो चीन के लोग नाराज हो जाते। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… व्हाइट हाउस के पास फायरिंग, ट्रम्प अंदर मौजूद थे:सुरक्षाबलों ने संदिग्ध को गोली मारी, मौत अमेरिका के वॉशिंगटन में शनिवार को एक संदिग्ध शख्स ने व्हाइट हाउस के पास करीब 30 राउंड फायरिंग की। घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के संदिग्ध हमलावर ने सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर गोलियां चलाईं, जहां US सीक्रेट सर्विस के अधिकारी तैनात थे। अफसरों की जवाबी कार्रवाई में हमलावर को गोली लगी। हॉस्पिटल ले जाने पर उसकी मौत हो गई। इस गोलीबारी में एक आम नागरिक भी गोली लगने से घायल हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि उसे हमलावर की गोली लगी या जवाबी फायरिंग के दौरान चोट पहुंची। घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना से कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रम्प की बेटी को भी हत्या की धमकी मिली थी। इस मामले में एक इराकी युवक को गिरफ्तार किया गया था। वह ईरानी सेना से जुड़ा हुआ था। आरोपी के पास इवांका और उनके पति जैरेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित घर का ब्लूप्रिंट यानी नक्शा भी मिला था। पढ़ें पूरी खबर…
Partner Facebook Flirt; Relationship Insecurity Signs

Hindi News Lifestyle Partner Facebook Flirt; Relationship Insecurity Signs | Do’s & Dont’s Boundaries 2 घंटे पहले कॉपी लिंक सवाल– मैं जयपुर से हूं। मेरी उम्र 28 साल है और मैं सेरामिक आर्टिस्ट हूं। मेरा पार्टनर भी आर्टिस्ट है। वह सोशल मीडिया पर लड़कियों के साथ बहुत फ्लर्ट करता है। जैसे उनकी हर पोस्ट पर हार्ट इमोजी बनाना, कमेंट करना, देर रात फेसबुक पर ऑनलाइन रहना और चैटिंग करना। मैं पूछूं कि किससे बात कर रहे हो तो नाराज हो जाता है। कहता है, मैं इनसिक्योर हूं। वो उल्टे मुझे ही गिल्ट महसूस करवाने लगता है। क्या दूसरी लड़कियों के साथ फ्लर्ट और चैटिंग भी एक तरह की चीटिंग नहीं है। मैं बहुत अनकंफर्टेबल महसूस कर रही हूं। क्या करूं? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। आपका तनाव महसूस करना और सवाल पूछना, दोनों वाजिब है। यहां मैं मनोविज्ञान के नजरिए से आपके सवाल का जवाब देने की कोशिश करूंगी। डिजिटल एज में रिलेशनशिप इंटरनेट और सोशल मीडिया से पहले के दौर में ‘चीटिंग’ की परिभाषा अलग थी। तब धोखे का एक ही मतलब था- किसी तीसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध। लेकिन आज की तारीख में जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा मोबाइल पर गुजर रहा है। हमारी बहुत सारी बातचीत, जुड़ाव, प्रेम और आकर्षण दरअसल हमारी डिजिटल स्क्रीन पर ही हो रहे हैं। तो जाहिर है, ये सवाल मन में आता है कि क्या फेसबुक पर किसी की पोस्ट पर रोज हार्ट इमोजी बनाना या रोज कमेंट करना सिर्फ फ्लर्टिंग है या ये भी चीटिंग है। आइए समझते हैं- फिजिकल चीटिंग से ज्यादा तकलीफदेह ‘इमोशनल चीटिंग’ जैसाकि ऊपर ग्राफिक के पॉइंट्स से जाहिर है कि सिर्फ लाइक और कमेंट करना तो नॉर्मल सोशल बिहेवियर है। लेकिन ये माइक्रो और इमोशनल चीटिंग में भी बदल सकता है। लेकिन सिर्फ तब जब आपका पार्टनर– अपने रिश्ते को इग्नोर करके दूसरे को ज्यादा वक्त और तवज्जो दे। जब वो किसी तीसरे से अपनी बेहद पर्सनल बातें शेयर करने लगे। जब आपका पार्टनर किसी और से इस हद तक जुड़ जाए कि वो आपके हिस्से का प्यार, लगाव, खुशी और वक्त किसी और को देने लगे। जरूरी नहीं कि उस रिश्ते में फिजिकल इंटिमेसी भी हो। बस होता ये है कि जो आपका था, वो अब किसी और को मिल रहा है। यह एक तरह का इमोशनल डिसप्लेसमेंट है। इमोशनल चीटिंग कई बार फिजिकल चीटिंग से भी ज्यादा तकलीफदेह हो सकती है। लोग फ्लर्ट क्यों करते हैं? फ्लर्टिंग अपने आप में गलत नहीं है और न ही ये हमेशा गलत होती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि कई साइंस स्टडीज दरअसल फ्लर्टिंग को एक हेल्दी साइन के रूप में देखती हैं। फ्लर्टिंग लोगों के सोशल स्किल और उनकी पर्सनैलिटी का हिस्सा भी हो सकती है। वे बातचीत में थोड़ी तारीफ या थोड़े मजाक का सहारा लेते हैं, थोड़ा टीज या फ्लैटर करते हैं। इन सबमें कोई समस्या नहीं है। ऐसा करने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ये बोरडम से लेकर सेल्फ एस्टीम से जुड़ा मसला भी हो सकता है। सारे एंगल नीचे ग्राफिक में देखें– फ्लर्टिंग कब रेड फ्लैग है? फ्लर्टिंग समस्या तब होती है, जब फ्लर्ट करना व्यक्ति का सहज स्वभाव न हो। वह सभी के साथ इस तरह पेश न आता हो, बल्कि उसका ये व्यवहार किसी खास व्यक्ति पर ही केंद्रित हो। इतना ही नहीं, वो इन बातों को छिपाने लगे, पूछने पर नाराज हो जाए। नीचे ग्राफिक में वो सारे संकेत देखिए, जब फ्लर्टिंग रेड फ्लैग हो सकती है। इरादे और उसका प्रभाव मनोविज्ञान में दो चीजें होती हैं– एक है इरादा और दूसरा है उसका असर। हो सकता है कि इरादा नेक हो, लेकिन उसका असर बुरा पड़े। जैसेकि आपके केस में पार्टनर कह सकता है– ये कोई सीरियस बात नहीं है। मैं तो बस मजाक कर रहा था। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। लेकिन पॉइंट ये है कि इरादा जो भी हो, उसका प्रभाव क्या हुआ है । उसका प्रभाव ये है कि आप– पीड़ा महसूस कर रही हैं। असुरक्षा महसूस कर रही हैं। तनाव महसूस कर रही हैं। रिश्ते में अकेलापन महसूस कर रही हैं। अब आपको क्या करना चाहिए? आपकी फीलिंग्स को टालना, उन्हें इग्नोर करना या झुठलाना ठीक नहीं है। सबसे पहले आपको अपनी फीलिंग्स को एड्रेस करना है। इसके लिए आपको ये कदम उठाने चाहिए– पार्टनर से खुलकर इस बारे में बात करनी चाहिए। उन्हें ब्लेम नहीं करना चाहिए, सिर्फ अपनी फीलिंग्स जाहिर करनी चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि उनके व्यवहार की वजह से आप पीड़ा, असुरक्षा महसूस करती हैं। उनसे आग्रह करना चाहिए कि इस मुद्दे को तत्काल एड्रेस करना जरूरी है। आप सजेस्ट कर सकती हैं कि जरूरत हो तो हम कपल काउंसलिंग के लिए भी जा सकते हैं। हेल्दी रिलेशन के 6 जरूरी कदम आपको सेल्फ केयर के ऊपर लिखे कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा नीचे ग्राफिक में छह बातें लिखी हैं, जो किसी भी हेल्दी रिलेशनशिप की बुनियाद हैं। हर रिश्ते में डूज और डोंट्स की सीमा तय करने से लेकर सेल्फ रिस्पेक्ट को प्रिऑरिटी पर रखना जरूरी है। अंतिम बात मुझे पूरी उम्मीद है कि बातचीत, प्यार और संवेदना से यह समस्या सुलझ सकती है। लेकिन अगर ऐसी स्थितियां पैदा हों कि आपका पार्टनर– आपकी बात सुनने से इनकार करे। आपकी फीलिंग्स को पूरी तरह इग्नोर करे। कहे कि “तुम बात का बतंगड़ बना रही हो।” उल्टे आपको ही दोष देने लगे। आपके दुख से पूरी तरह डिटैच्ड, अप्रभावित रहे। तो ऐसी स्थितियों में आपको अपने मेंटल-इमोशनल वेलबीइंग को प्रिऑरिटी देनी चाहिए। सबसे पहले अपनी मेंटल–फिजिकल हेल्थ को डैमेज होने से बचाना चाहिए। काउंसलर से मिलकर बात करनी चाहिए। सबसे पहले अपना आत्मसम्मान और अपनी खुशी चुननी चाहिए। ……………………. रिलेशनशिप एडवाइज से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- हसबैंड प्रमोशन लेकर दूसरे शहर चले गए: जॉब, घर, बच्चा अकेले संभाल रही हूं, अकेली और फ्रस्ट्रेट हूं, क्या करूं? आप एक मजबूत महिला हैं, जो घर, जॉब और बच्ची की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रही हैं। अगर पति दूसरे शहर चले गए हैं और आपको उनका साथ नहीं मिल पा रहा है तो फ्रस्ट्रेशन होना नॉर्मल है। आइए आपकी सिचुएशन को समझते हैं और साथ मिलकर कोई रास्ता
Meta Prepares 15,000 Job Cuts

Hindi News Business Meta Prepares 15,000 Job Cuts | AI Investment & Startup Buys Drive Reasons 23 मिनट पहले कॉपी लिंक फेसबुक और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी में है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में से 20% कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। मेटा के पास 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 79,000 कर्मचारी थे, इस हिसाब से करीब 15,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी जा सकती है। कंपनी यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ रहे अरबों डॉलर के खर्च और डेटा सेंटर्स की लागत को मैनेज करने के लिए उठा रही है। हालांकि, मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने इन खबरों को ‘काल्पनिक’ बताते हुए फिलहाल किसी भी छंटनी से इनकार किया है। AI में निवेश की भरपाई के लिए छंटनी का प्लान रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा ने अपने ‘सुपरइंटेलिजेंस लैब्स’ (MSL) में नई प्रतिभाओं को लाने के लिए भारी निवेश किया है। कंपनी ने हाल ही में अलेक्जेंडर वांग के स्टार्टअप ‘स्केल एआई’ को 14.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.21 लाख करोड़ रुपए) में खरीदा है। इसके अलावा, मेटा ने 2028 तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 600 बिलियन डॉलर (लगभग 50 लाख करोड़ रुपए) खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इसी भारी भरकम खर्च की भरपाई करने के लिए कंपनी वर्कफोर्स कम करने पर विचार कर रही है। जुकरबर्ग बोले- अब बड़े काम के लिए बड़ी टीम की जरूरत नहीं मार्क जुकरबर्ग ने पहले ही संकेत दिया था कि एआई ने प्रोडक्टिविटी को आसान बना दिया है। उन्होंने इसी साल जनवरी में कहा था कि जो प्रोजेक्ट पहले बड़ी टीमों के जरिए पूरे किए जाते थे, वे अब एआई की मदद से एक सिंगल टैलेंटेड व्यक्ति द्वारा पूरे किए जा सकते हैं। मेटा की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी हो सकती है अगर कंपनी 20% कर्मचारियों को निकालती है, तो यह मेटा के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी होगी। इससे पहले नवंबर 2022 में कंपनी ने 11,000 लोगों को निकाला था। इसके ठीक चार महीने बाद मार्च 2023 में 10,000 और कर्मचारियों की छुट्टी की गई थी। एआई रेस में पिछड़ रही है कंपनी, नए मॉडल में देरी यह खबर तब आई है जब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मेटा एआई की रेस में पिछड़ रही है। मेटा का अपकमिंग टेक्स्ट-बेस्ड मॉडल ‘एवोकाडो’ इंटरनल टेस्ट में फेल होने के कारण डिले हो गया है। यह मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब द्वारा बनाया गया पहला मॉडल है। इसकी भरपाई के लिए कंपनी चीनी एआई स्टार्टअप ‘मेनस’ (Manus) को 2 बिलियन डॉलर में खरीदने की तैयारी में है। साथ ही ‘मोल्टबुक’ जैसे एआई प्लेटफॉर्म्स पर भी दांव लगा रही है। अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां भी निकाल चुकी हैं स्टाफ सिर्फ मेटा ही नहीं, एआई पर खर्च बढ़ाने के लिए कई अन्य टेक दिग्गज भी छंटनी कर चुके हैं। इसी साल जनवरी में अमेजन ने करीब 16,000 कर्मचारियों (1% वर्कफोर्स) को निकाला था। सास (SaaS) दिग्गज एटलसियन ने भी एआई पर खर्च के लिए 1,600 लोगों की छुट्टी की। माइक्रोसॉफ्ट, एक्सेंचर और टीसीएस जैसी कंपनियां भी एआई में बदलाव के बीच अपने वर्कफोर्स को रिस्ट्रक्चर कर रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
AI Content Rules 2026; Social Media Deepfake Labelling Regulations

नई दिल्ली14 घंटे पहले कॉपी लिंक अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हो गए हैं। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पीएम बोले- कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत इन नियमों के लागू होने से एक दिन पहले यानी, 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI समिट में भी लेबल को लेकर सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे खाने के सामान पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या फैब्रिकेटेड, यानी एआई से बनाया गया है। मेटाडेटा से छेड़छाड़ की तो डिलीट होगा पोस्ट 1. एआई लेबल: वीडियो पर ‘डिजिटल स्टैम्प’ जैसे खाने के पैकेट पर लिखा होता है कि वह ‘शाकाहारी’ है या ‘मांसाहारी’, ठीक वैसे ही अब हर एआई वीडियो, फोटो या ऑडियो पर एक लेबल लगा होगा। मान लीजिए आपने एआई से एक वीडियो बनाया जिसमें कोई नेता भाषण दे रहा है, तो उस वीडियो के कोने में साफ लिखा होना चाहिए- “AI जनरेटेड”। 2. टेक्निकल मार्कर: डिजिटल डीएनए मेटाडेटा को आप उस फाइल का ‘डिजिटल डीएनए’ मान सकते हैं। यह स्क्रीन पर तो नहीं दिखता, लेकिन फाइल की कोडिंग के अंदर छिपा होता है। इसमें यह जानकारी दर्ज होगी कि यह फोटो या वीडियो किस तारीख को बना, किस AI टूल से बना और किस प्लेटफॉर्म पर पहली बार अपलोड हुआ। अगर कोई एआई का इस्तेमाल करके अपराध करता है, तो पुलिस इस ‘टेक्निकल मार्कर’ के जरिए उसके असली सोर्स तक पहुंच सकेगी। 3. छेड़छाड़ पर रोक: मिटाया नहीं जा सकेगा लेबल पहले लोग एआई से बनी फोटो का कोना काटकर या एडिटिंग करके उसका ‘वॉटरमार्क’ हटा देते थे ताकि वह असली लगे। अब सरकार ने इसे गैर-कानूनी बना दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी तकनीक अपनानी होगी कि अगर कोई उस लेबल या मेटाडेटा को हटाने की कोशिश करे, तो या तो वह कंटेंट ही डिलीट हो जाए। चाइल्ड पोर्नोग्राफी और डीपफेक पर सख्त एक्शन अगर AI का इस्तेमाल चाइल्ड पोर्नोग्राफी, अश्लीलता, धोखाधड़ी, हथियारों से जुड़ी जानकारी या किसी की नकल उतारने के लिए किया जाता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा। नवंबर में रश्मिका मंदाना का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था। सचिन तेंदुलकर का डीपफेक वीडियो, जिसमें वे गेमिंग ऐप को प्रमोट करते दिखे थे। 3 घंटे की डेडलाइन, पहले 36 घंटे का समय मिलता था आईटी नियमों में हुए नए बदलाव के बाद अब सोशल मीडिया कंपनियों के पास कार्रवाई के लिए बहुत कम समय होगा। पहले किसी गैर-कानूनी कंटेंट को हटाने के लिए 36 घंटे का समय दिया जाता था, जिसे अब घटाकर सिर्फ 3 घंटे कर दिया गया है। यूजर ने गलत जानकारी दी तो प्लेटफॉर्म जिम्मेदार अब जब भी कोई यूजर सोशल मीडिया पर कुछ अपलोड करेगा, तो प्लेटफॉर्म को उससे यह डिक्लेरेशन लेनी होगी कि क्या यह कंटेंट एआई से बनाया गया है। कंपनियों को ऐसे टूल्स तैनात करने होंगे जो यूजर के इस दावे की जांच कर सकें। अगर कोई प्लेटफॉर्म एआई कंटेंट को बिना डिस्क्लोजर के पब्लिश होने देता है, तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार माना जाएगा। केंद्र ने कहा- इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा कि ये स्टेप ‘ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट’ बनाने के लिए है। यह जनरेटिव AI से आने वाली मिस-इनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। सरकार के नोटिफिकेशन में दिए जरूरी सवालों के जवाब… सेक्शन 1: नए नियम और उनके उद्देश्य 1. आईटी संशोधन नियम, 2026 क्या हैं? यह नियम 2021 के आईटी नियमों को मजबूत करते हैं, ताकि एआई द्वारा बनाई गई जानकारी (SGI) और ऑनलाइन होने वाले नुकसानों को रोका जा सके । 2. इन संशोधनों की जरूरत क्यों पड़ी? एआई के जरिए अब असली दिखने वाले डीपफेक बनाना आसान हो गया है । इनसे गलत सूचनाएं फैलने, पहचान चोरी होने और अश्लीलता (NCII) जैसे खतरों को रोकने के लिए ये नियम लाए गए हैं। ये नियम 20 फरवरी, 2026 से पूरे देश में लागू हो चुके हैं । सेक्शन 2: मुख्य परिभाषाएं और दायरा 3. ‘ऑडियो, विजुअल या ऑडियो-विजुअल जानकारी’ का क्या मतलब है? कंप्यूटर के जरिए बनाई या बदली गई कोई भी आवाज, फोटो, ग्राफिक या वीडियो कंटेंट। 4. ‘सिंथेटिकली जनरेटेड इंफॉर्मेशन’ (SGI) क्या है? ऐसी जानकारी जिसे एआई या एल्गोरिदम से बनाया गया हो और वह बिल्कुल असली व्यक्ति या घटना की तरह लगे। जिसे देखकर कोई भी धोखा खा जाए। 5. किन चीजों को SGI नहीं माना जाएगा? फोटो की ब्राइटनेस बढ़ाना, वीडियो कंप्रेस करना या बैकग्राउंड शोर कम करना । या फिर पीपीटी बनाना, डायग्राम बनाना या रिसर्च के लिए काल्पनिक केस स्टडी बनाना । वीडियो में सबटाइटल जोड़ना, अनुवाद करना या ऑडियो को टेक्स्ट में बदलना। वहीं अगर एआई से फर्जी मार्कशीट या सरकारी लेटर बनाया, तो उसे छूट नहीं मिलेगी। 6. क्या ये नियम सिर्फ वीडियो पर लागू हैं? SGI मुख्य रूप से फोटो, वीडियो और ऑडियो पर केंद्रित है। सिर्फ टेक्स्ट SGI नहीं है, लेकिन अगर टेक्स्ट का इस्तेमाल गैर-कानूनी काम में होता है, तो IT नियमों के दायरे में आएगा । सेक्शन 3: यूजर्स और कंपनियों की जिम्मेदारी 7. क्या प्लेटफॉर्म्स पर ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा बनी रहेगी? हां, अगर कंपनियां इन नियमों का पालन करते हुए एआई कंटेंट को हटाती हैं, तो उनकी कानूनी सुरक्षा (धारा 79) बनी रहेगी । यानी, कंपनी पर कार्रवाई नहीं होगी। सेफ हार्बर’ को आसान भाषा में ऐसे समझें: कानूनी ढाल: यह सोशल मीडिया कंपनियों को मिला एक सुरक्षा कवच है, जो कहता है कि अगर किसी यूजर ने प्लेटफॉर्म पर कोई गलत पोस्ट या वीडियो डाला है, तो उसके लिए कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। शर्तिया सुरक्षा: यह सुरक्षा तभी तक मिलती है जब तक कंपनियां सरकार के नियमों को मानती हैं। अगर वे शिकायत मिलने पर 3 घंटे के भीतर SGI नहीं हटातीं, तो








