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UP CM Yogi Meets Governor; Cabinet Expansion Next Week

UP CM Yogi Meets Governor; Cabinet Expansion Next Week

योगी कैबिनेट का रविवार को दूसरी बार विस्तार होगा। दोपहर 3 बजे 5-6 नए मंत्री शपथ लेंगे। सीएम योगी शनिवार शाम करीब साढ़े 6 बजे राज्यपाल से आनंदीबेन पटेल से मिलने पहुंचे हैं। योगी ने राज्यपाल को नए बनने वाले मंत्रियों की लिस्ट सौंपी है। . कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ मंत्रियों की छुट्‌टी भी हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो रविवार को शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या बढ़ भी सकती है। सपा से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय और पूजा पाल का मंत्री बनना लगभग तय है। इनके अलावा नाई समाज से एमएलसी रामचंद्र प्रधान, विश्वकर्मा समाज से वाराणसी के भाजपा एमएलएसी हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री बनाया जा सकता है। जाट समाज से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को जगह मिल सकती है। ब्राह्मण समाज से पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला भी मंत्री पद की दौड़ में हैं। इनके अलावा कृष्णा पासवान को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। अभी सीएम योगी को मिलाकर कुल 54 मंत्री हैं। इस तरह 6 मंत्री और बन सकते हैं। योगी 2.0 का पहला विस्तार लोकसभा चुनाव- 2024 से ठीक पहले 5 मार्च, 2024 को हुआ था। जनभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करते सीएम योगी। उन्होंने राज्यपाल को लालचंद राम की लिखी पुस्तक ‘भारतीय ज्ञान परंपरा अवधारणा’ भेंट की। अब उन चेहरों को जानिए, जो बन सकते हैं मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी: यूपी भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी यूपी के प्रमुख जाट चेहरों में शामिल हैं। मुरादाबाद के रहने वाले हैं। संघ और भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे। 2016 में पहली बार विधान परिषद सदस्य (MLC) बने। अभी भी एमएलसी हैं। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 2019 में कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज बने। मनोज पांडेय: रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2012-17 में सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। 2022 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए। विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक भी रहे। मनोज पांडेय अवध और पूर्वांचल में बड़े ब्राह्मण नेता हैं। यह 12 मई, 2024 की तस्वीर है। जब गृहमंत्री अमित शाह सपा विधायक मनोज पांडे के घर रायबरेली पहुंचे थे। पूजा पाल: 2022 में सपा के टिकट पर कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक बनीं। वह 2025 में यूपी विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहीं। उनके पति राजू पाल की 2005 में हत्या हुई थी। इसके बाद वह लंबे समय से न्याय और राजनीतिक संघर्ष में सक्रिय रही हैं। 2024 राज्यसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के पक्ष में वोट दिया था। करीब एक साल पहले पूजा पाल ने लखनऊ में सीएम योगी से मुलाकात की थी। यह फोटो सीएम ऑफिस से पोस्ट की गई थी। डॉ. महेंद्र सिंह: मध्यप्रदेश भाजपा के प्रभारी हैं। 2017 से 2022 तक योगी सरकार में ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और जलशक्ति मंत्री रह चुके हैं। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री भी रहे हैं। असम में पहली बार उनके प्रभारी रहते ही भाजपा की सरकार बनी थी। सीएम योगी के साथ भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के भी भरोसेमंद हैं। आशा मौर्य: सीतापुर की महमूदाबाद सीट से भाजपा विधायक हैं। 1990 में भाजपा से जुड़ीं। 1995 और 2000 में लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र से लगातार 2 बार पार्षद चुनी गईं। 2017 में भाजपा ने उन्हें महमूदाबाद विधानसभा से प्रत्याशी बनाया। लेकिन, सपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह वर्मा से 1906 वोटों से हार गई थीं। 2022 के चुनाव में इसी सीट से उन्होंने जीत हासिल की। श्रीकांत शर्मा: मथुरा सीट से भाजपा विधायक हैं। दिल्ली के कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन करने के दौरान एबीवीपी से जुड़े। जुलाई, 2014 में अमित शाह ने उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय मीडिया सेल का प्रभारी बनाया। 2017 में योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मथुरा विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद ऊर्जा मंत्री बनाया गया था। कृष्णा पासवान: फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में संघर्ष भरे जीवन की शुरुआत करने वाली कृष्णा पासवान जिले की प्रमुख दलित नेताओं में गिनी जाती हैं। वह 4 बार विधायक और दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। यूपी भाजपा का विश्वसनीय महिला चेहरा मानी जाती हैं। गोविंद नारायण शुक्ला: विधान परिषद सदस्य (MLC) और वर्तमान में यूपी भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं। अमेठी से ताल्लुक रखने वाले गोविंद नारायण शुक्ला 2021 में निर्विरोध MLC चुने गए थे। वर्तमान में वह गोरखपुर क्षेत्र के प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। सुरेंद्र दिलेर: अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। भाजपा के प्रमुख दलित युवा नेताओं में शामिल हैं। वह हाथरस के पूर्व भाजपा सांसद राजवीर सिंह दिलेर के पुत्र हैं। उनके बाबा किशन लाल दिलेर 6 बार विधायक और 4 बार सांसद रहे हैं। उनके पिता राजवीर सिंह दिलेर एक बार सांसद और एक बार विधायक रह चुके हैं। हंसराज विश्वकर्मा: भाजपा से विधान परिषद सदस्य (MLC) हैं। पिछड़ा वर्ग की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले हंसराज विश्वकर्मा पिछले 34 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। 1989 में बूथ स्तर से राजनीतिक सफर शुरू किया। राम मंदिर आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। 2019 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव में वाराणसी में भाजपा की बड़ी जीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। रामचंद्र प्रधान: भाजपा MLC हैं। राजनीतिक जीवन की शुरुआत बसपा से की। लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के महामंत्री भी रहे। मायावती सरकार में उन्हें MLC और राज्यमंत्री का दर्जा मिला था। साल- 2013 में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद संगठन में उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई। वह भाजपा उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भी रह चुके हैं। ब्राह्मणों की नाराजगी सबसे बड़ी चिंता, बन सकते हैं 2 मंत्री शंकराचार्य विवाद, UGC के नए नियम, पुलिस भर्ती एग्जाम में ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवादित प्रश्न जैसे मुद्दों के चलते ब्राह्मण समाज में नाराजगी का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा सरकार और संगठन की समन्वय बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने के लिए कहा था। मंत्रिमंडल