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शरीर के लिए ‘फिल्टर’ का काम करती हैं इस पौधे की पत्तियां! सुबह खाली पेट करें सेवन, कई बीमारियों में कारगर

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Last Updated:March 31, 2026, 17:22 IST Chandauli News: ज्यादातर घरों में तुलसी की पूजा होती है और इस पौधे को पवित्र माना जाता है. इसके साथ ही तुलसी के कई औषधीय गुण भी हैं. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि तुलसी में वो कौन-कौन से गुण हैं और किन समस्याओं में यह कारगर है. चंदौली: भारत में लगभग हर घर में तुलसी का पौधा पाया जाता है. इसे धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना जाता है और नियमित रूप से पूजा भी की जाती है, लेकिन तुलसी केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि यह एक शक्तिशाली औषधीय पौधा भी है. आयुर्वेद में तुलसी के पत्तों को कई बीमारियों के उपचार में उपयोगी बताया गया है. डॉक्टर रिद्धी पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि तुलसी में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही कारण है कि इसे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने तुलसी के उपयोग के कुछ प्रमुख तरीके बताए हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी में बेहद लाभकारी साबित हो सकते हैं. बेहद कारगर माना जाता है तुलसी का सेवन सबसे पहले, पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए तुलसी का सेवन बेहद कारगर माना जाता है. यदि किसी व्यक्ति को पेट साफ न होने या कब्ज की समस्या रहती है, तो सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में तुलसी के पत्तों का पेस्ट और आधा नींबू मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है. इससे शरीर का डिटॉक्स होता है, पाचन बेहतर होता है और लीवर भी साफ रहता है. नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और व्यक्ति पूरे दिन तरोताजा महसूस करता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता को करता है मजबूत डॉक्टर रिद्धी के अनुसार, त्वचा की देखभाल में भी तुलसी का विशेष महत्व है. आजकल बाजार में मिलने वाले कई स्किन केयर उत्पादों जैसे फेस वॉश और क्रीम में तुलसी और नीम का उपयोग किया जाता है. घर पर भी तुलसी के पत्तों को पीसकर टोनर या सीरम की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. रात में इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा साफ और चमकदार बनती है. इसके अलावा, डार्क सर्कल की समस्या में भी तुलसी के पत्तों का पेस्ट आंखों के नीचे लगाने से लाभ मिलता है. सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं में भी तुलसी बेहद प्रभावी है. काढ़ा बनाते समय इसमें तुलसी के पत्ते, तेज पत्ता, काली मिर्च और शहद मिलाकर पीने से खांसी, कफ और एलर्जी में राहत मिलती है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है. स्वस्थ रखने में निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका डॉक्टर पांडे ने बताया कि बुखार की स्थिति में भी तुलसी का उपयोग किया जा सकता है. चाय में तुलसी के पत्ते डालकर पीने से शरीर को राहत मिलती है. हर्बल या ग्रीन टी में तुलसी मिलाकर पीना स्वास्थ्य के लिए और भी फायदेमंद माना जाता है. तुलसी एक ऐसा पौधा है, जो आसानी से हर घर में उपलब्ध होता है और इसके नियमित उपयोग से कई छोटी-बड़ी बीमारियों से बचाव संभव है. हालांकि, इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. बता दें कि तुलसी न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह एक प्राकृतिक औषधि भी है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Chandauli,Uttar Pradesh First Published : March 31, 2026, 17:22 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

सेहत के लिए वरदान है पान का पत्ता! सिरदर्द से लेकर कब्ज तक राहत, डॉक्टर ने बताया इस्तेमाल का देसी तरीका

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खंडवा. ‘खइके पान बनारस वाला’ अमिताभ बच्चन का यह गाना तो आपने जरूर सुना होगा. बनारस का पान अपने स्वाद के लिए दुनियाभर में मशहूर है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही पान का पत्ता आपकी सेहत के लिए भी किसी औषधि से कम नहीं है. जी हां, पान सिर्फ मुंह का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें ऐसे कई गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की कई छोटी-बड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं. पान के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम, विटामिन सी और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोगों से लड़ने की ताकत भी देते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से दादी-नानी के नुस्खों में पान के पत्तों का खास स्थान रहा है. खंडवा निवासी डॉक्टर अनिल पटेल लोकल 18 को बताते हैं कि आज भी जब लोगों को हल्की-फुल्की स्वास्थ्य समस्या होती है, तो वे दवाइयों से पहले घरेलू उपायों पर भरोसा करते हैं. पान का पत्ता भी ऐसा ही एक आसान और असरदार उपाय है, जिसका सही तरीके से इस्तेमाल करने पर कई समस्याओं में राहत मिल सकती है. सर्दी-खांसी और सीने की जकड़न में राहतबदलते मौसम में सर्दी-खांसी होना आम बात है. ऐसे में पान के पत्तों पर थोड़ा सा सरसों या तिल का तेल लगाकर हल्का गर्म करें और छाती पर रखकर सिंकाई करें. इससे जमा हुआ कफ ढीला होता है और सांस लेने में राहत मिलती है. वहीं पान के पत्ते का रस शहद के साथ लेने से पुरानी खांसी में भी फायदा मिलता है. सिरदर्द में देता है तुरंत आरामगर्मी के मौसम में सिरदर्द की समस्या काफी बढ़ जाती है. ऐसे में पान के पत्तों को पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने या ठंडे पत्ते को माथे पर रखने से ठंडक मिलती है और दर्द में राहत मिलती है. यह एक आसान और तुरंत असर करने वाला घरेलू उपाय माना जाता है. पाचन और कब्ज में कारगरखाने के बाद पान खाने की परंपरा सिर्फ स्वाद के लिए नहीं है बल्कि यह पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाती है. पान चबाने से लार का स्राव बढ़ता है, जिससे खाना जल्दी पचता है. वहीं सुबह खाली पेट पान का पत्ता चबाने से कब्ज की समस्या में भी राहत मिल सकती है. मुंह की बदबू और मसूड़ों की समस्याअगर मुंह से बदबू आती है या मसूड़ों में सूजन रहती है, तो पान के पत्तों को पानी में उबालकर उससे कुल्ला करना फायदेमंद होता है. इससे बैक्टीरिया कम होते हैं और मुंह की दुर्गंध दूर होती है. त्वचा के लिए भी फायदेमंदपान के पत्तों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से मुंहासे, सूजन और त्वचा संक्रमण में राहत मिल सकती है. इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण त्वचा को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि ये सभी नुस्खे पारंपरिक अनुभव पर आधारित हैं लेकिन किसी गंभीर समस्या में डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. सही तरीके से और सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने पर पान का पत्ता वाकई आपकी सेहत के लिए एक प्राकृतिक वरदान साबित हो सकता है.

ड्राई आई के लिए कौन सा ड्रॉप है बेस्ट? डॉक्टर पवन गुप्ता ने बताए कारण और सही ट्रीटमेंट, देखें वीडियो

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  Best Drops for Dry Eyes: आजकल ज्यादा स्क्रीम टाइम और खराब लाइफस्टाइल के कारण आई ड्राइनेस की समस्या बढ़ रही है. हर तीसरा शख्स इस परेशानी से जूझ रहा है. दिल्ली के जाने-माने आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर पवन गुप्ता ने एक यूट्यूब वीडियो में बताया है कि डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग, प्रदूषण और पानी की कमी ड्राई आई के मुख्य कारण हैं. इससे आंखों में जलन और धुंधलापन हो सकता है. इसके समाधान के लिए बाजार में कई तरह के ड्रॉप्स उपलब्ध हैं. कई लोग इंटरनेट पर ड्रॉप देखकर खरीद लेते हैं, लेकिन पहले समस्या की वजह पता करनी चाहिए और फिर उसके आधार पर ड्रॉप्स लेने चाहिए. अपनी मर्जी से लोगों को आई ड्रॉप्स यूज नहीं करने चाहिए.

सुबह खाली पेट खाएं सिर्फ 1 लहसुन की कली, शरीर में दिखेंगे हैरान करने वाले बदलाव! – News18 हिंदी

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X सुबह खाली पेट खाएं सिर्फ 1 लहसुन की कली, शरीर में दिखेंगे गजब के बदलाव   Raw Garlic Health Benefits: ऋषिकेश के आयुष डॉक्टर राजकुमार बताते हैं कि भारतीय रसोई की शान लहसुन सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अगर आप अपने दिन की शुरुआत खाली पेट कच्चे लहसुन की एक कली से करते हैं, तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जो बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल इन्फेक्शन से बचाने में मदद करती है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, जिससे गैस और अपच जैसी समस्याओं में आराम मिलता है. दिल की सेहत के लिए भी लहसुन रामबाण माना जाता है; इसमें पाया जाने वाला एलिसिन तत्व ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है. इसके अलावा, यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है. बस ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें.

गर्मियों में रोज पिएं इस फल का जूस, देगा इतनी ठंडक कि भूल जाएं कोल्ड ड्रिंक, तेज धूप में भी रहेंगे कूल-कूल – News18 हिंदी

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X गर्मियों में रोज पिएं इस फल का जूस, देगा इतनी ठंडक कि भूल जाएं कोल्ड ड्रिंक   Drinks For Summer: गर्मियों में बेल का शरबत पीना अमृत के समान माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है. बेल का शरबत पेट की गर्मी को शांत करता है और गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होता है. साथ ही यह लू से बचाव में भी कारगर माना जाता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि बेल का शरबत पाचन तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके नियमित सेवन से पेट साफ रहता है और पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है. गर्मियों में अक्सर शरीर में पानी की कमी की समस्या हो जाती है, लेकिन बेल का शरबत शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखने में मदद करता है. यह शरीर को तरावट देता है और थकान को भी दूर करता है.

कई बीमारियों के लिए रामबाण है ये छोटू सा पौधा, बालों से लेकर लिवर तक में फायदेमंद, जानें कैसे करें सेवन – News18 हिंदी

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X कई बीमारियों के लिए रामबाण है ये पौधा, बालों से लेकर लिवर तक में फायदेमंद   Health Tips: आयुर्वेद में भृंगराज को बेहद उपयोगी औषधि माना जाता है, जिसका उपयोग कई प्रकार की बीमारियों के उपचार में किया जाता है. खास बात यह है कि इसका उपयोग शरीर के अंदर और बाहर दोनों तरह से किया जा सकता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ विपिन सिंह ने लोकल 18 को बताया कि भृंगराज एक ऐसी औषधीय वनस्पति है, जिसके नियमित और सही उपयोग से शरीर को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. यह औषधि सस्ती होने के साथ-साथ आसानी से उपलब्ध भी हो जाती है, खासतौर पर बालों से जुड़ी समस्याओं में भृंगराज को बेहद प्रभावी माना जाता है. इसके उपयोग से बालों का झड़ना कम होता है, बाल मजबूत बनते हैं और समय से पहले सफेद होने की समस्या भी कम हो सकती है. यही कारण है कि आयुर्वेद में भृंगराज को बालों के लिए केशराज यानी बालों का राजा भी कहा जाता है.

सेहत का खजाना है फलों का राजा आम, इम्युनिटी बढ़ाए और पाचन भी रखे फिट, जानें जबरदस्त फायदे

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Last Updated:March 30, 2026, 10:32 IST Benefits of Eating Mango: आम को फलों का राजा कहा जाता है और यह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें विटामिन A, C और E के साथ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते है. आम का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है. इसमें मौजूद विटामिन A आंखों की रोशनी के लिए लाभकारी माना जाता है. गर्मियों में आम शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है और थकान कम करता है. साथ ही यह त्वचा को निखारने और बालों को स्वस्थ रखने में भी सहायक है. सीमित मात्रा में आम खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और गर्मियों में ताजगी बनी रहती है. शायद ही कोई ऐसा हो, जिसे आम खाना पसंद नहीं. आम, भारतीय इतिहास और संस्कृति का एक अभिन्न अंग होने के कारण सबसे पसंदीदा भारतीय फलों में से एक है और इसे ‘फलों के राजा’ के रूप में जाना जाता है. लोग आम को अचार, जैम, शेक या चटनी कई रूप में खाना पसंद करते हैं. स्वाद के अलावा, आम स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं, क्योंकि ये विटामिन सी, पोटेशियम और फाइबर से भरपूर होते हैं. आम आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी फल है. इसमें प्रचुर मात्रा में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जो शरीर में जाकर विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है. विटामिन ए आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और रतौंधी जैसी समस्याओं से बचाव करता है. इसके नियमित सेवन से आंखों की कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं और दृष्टि तेज होती है. आम विटामिन सी का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है. नियमित रूप से आम का सेवन करने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा कम होता है. यह त्वचा और पाचन के लिए भी लाभकारी होता है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google आम में मैंगिफेरिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जिसमें कैंसर विरोधी गुण मौजूद होते हैं. यह तत्व शरीर की कोशिकाओं को क्षति से बचाने में मदद करता है और फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करता है. नियमित रूप से आम का सेवन करने से कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में सहायता मिल सकती है. इसके पोषक तत्व शरीर की समग्र सेहत को बेहतर बनाते हैं और गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक होते हैं. आम दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद फल है, क्योंकि इसमें पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. पोटेशियम एक महत्वपूर्ण खनिज है, जो रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक होता है और हृदय की धड़कन को संतुलित बनाए रखता है. नियमित रूप से आम का सेवन करने से हृदय रोगों का जोखिम कम हो सकता है. इसके पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ संपूर्ण हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद करते हैं. आम पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक फल है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. फाइबर भोजन के पाचन को आसान बनाता है और आंतों की कार्यप्रणाली को सुचारु रखता है. नियमित रूप से आम का सेवन करने से कब्ज जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत मिल सकती है. इसके प्राकृतिक एंजाइम्स पाचन प्रक्रिया को तेज करते हैं, जिससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है और समग्र स्वास्थ्य सुधरता है. डॉक्टर रिद्धी पांडे ने लोकल 18 से बताया कि आम सेहत के लिए बहुत फायदेमंद फल है. इसमें कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को लाभ पहुंचाते हैं. हालांकि, उन्होंने सलाह दी कि आम का सेवन भी अन्य फलों की तरह सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, ताकि इसके अधिक सेवन से होने वाले नुकसान से बचा जा सके. First Published : March 30, 2026, 10:19 IST

दांत दर्द में रामबाण है ये छोटा सा पीला फूल, मसूड़ों की सूजन में भी देता राहत; जानें कैसे करें उपयोग

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Last Updated:March 30, 2026, 09:53 IST Benefits of Akarkara: अकरकरा को दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में बेहद लाभकारी औषधि माना जाता है. इसे पाइरेथ्रम रूट भी कहा जाता है और इसका वैज्ञानिक नाम Anacyclus pyrethrum है. आयुर्वेद में लंबे समय से इसका उपयोग मौखिक समस्याओं के उपचार में किया जाता रहा है. दांत दर्द या मसूड़ों की सूजन होने पर अकरकरा के चूर्ण को सरसों के तेल या लौंग के तेल में मिलाकर मसूड़ों पर लगाने की सलाह दी जाती है. इससे दर्द में राहत मिलती है और सूजन कम होती है. अकरकरा में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और सूजनरोधी गुण संक्रमण को कम करने में मदद करते है. यह घाव को जल्दी भरने में सहायक होता है और मसूड़ों को मजबूत बनाता है. नियमित और सीमित उपयोग से मुंह की कई समस्याओं से प्राकृतिक रूप से राहत पाई जा सकती है. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में कई ऐसे औषधीय पौधे पाए जाते है. जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है. लेकिन कई बार लोगों को उन पौधों के बारे में जानकारी न होने के कारण उन्हें बेकार समझकर फेंक देते है. इस समय गर्मियों के मौसम में घर के आसपास या खेतों में अकरकरा का पौधा आसानी से मिल जाएगा. इसमें पीला सा छोटा फूल पाया जाता है. अकरकरा, जिसे पाइरेथ्रम रूट भी कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम है Anacyclus pyrethrum. यह एक बारहमासी पौधा है. इसकी जड़ को सुखाकर चूर्ण बनाया जाता है जो कि कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. इसके जड़, पत्ते और बीजों में मौजूद तत्व दर्द कम करने, सूजन घटाने और घाव भरने में मदद करते है. अकरकरा को खासतौर पर दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में बहुत लाभकारी माना जाता है. इसके लिए अकरकरा के चूर्ण को सरसों के तेल यह लौंग के तेल में मिलाकर मसूड़ों पर लगाया जाता है. यह न केवल दर्द से राहत देता है बल्कि उसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण घाव को जल्दी भरने में मदद करते है. Add News18 as Preferred Source on Google कुछ लोगों को लगातार हिचकी आती रहती है. अगर आप भी हिचकी जैसी समस्या से अक्सर परेशान रहते है तो आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे है जो हिचकी की समस्या से राहत दिला सकता है. अगर बार-बार हिचकी आ रही हो, तो अकरकरा के चूर्ण में शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन कर सकते है. बदलते मौसम के कारण गले में खराश और खांसी का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे में आप भी खांसी और खराश जैसी समस्या से परेशान है तो आज हम आपको एक ऐसे पौधे के पत्तियों के बारे में बताने जा रहे है. जिसका काढ़ा पीने से गले की खराश और सुखी खांसी से राहत मिल सकती है. अकरकारा की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से जल्द राहत मिल सकती है. आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि डायबिटीज के मरीजों के लिए अकरकरा की जड़ों का चूर्ण बनाकर सेवन करना चाहिए. इससे डायबिटीज कंट्रोल रहता है. शरीर पर घाव हो जाने पर इसकी पत्तियों का लेप बनाकर लगाने से घाव जल्दी भरते है. कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. First Published : March 30, 2026, 09:53 IST

आप कितने हैं हेल्दी? इन 7 जरूरी संकेतों से जानें आपका शरीर कितना है स्वस्थ और फिट

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Last Updated:March 30, 2026, 09:00 IST How to know you are healthy: अगर खानपान सही न हो, आप एक्सरसाइज ना करें तो उम्र बढ़ने के साथ आपका शरीर बीमार, बूढ़ा, कमजोर होने लगता है. फिट रहने के लिए बहुत जरूरी है कि आप हेल्दी फूड्स को डाइट में शामिल करें. रेगुलर फिजिकल एक्टिव रहें. आप बीमार होते हैं तो शरीर कई तरह के लक्षण दिखाने शुरू करता है, लेकिन जब आप हेल्दी होते हैं, निरोगी होते हैं तो शरीर कैसे संकेत देता है, ये भी जानना जरूरी है. ये 7 संकेत बताते हैं आप स्वस्थ हैं या नहीं How to know you are healthy: शरीर में किसी तरह की भी परेशानी होने पर शरीर खुद-ब-खुद संकेत देता है. शरीर में आए बदलाव बता देते हैं कि कहीं न कहीं कोई परेशानी हो रही है, लेकिन कई बार पूरी तरह स्वस्थ होने पर भी शरीर संकेत देता है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी है. आज हम आपको स्वस्थ शरीर के ऐसे 7 संकेतों के बारे में बताएंगे. अगर यह संकेत आपका शरीर भी देता है, तो समझ लीजिए कि आप बिल्कुल निरोगी जीवन जी रहे हैं. स्वस्थ शरीर का पहला संकेत है कि बिस्तर पर लेटने के बाद 15 मिनट बाद नींद आना. अगर बिस्तर पर लेटने के बाद आराम से बिना किसी परेशानी के गहरी और अच्छी नींद आ जाती है और सुबह बिना अलार्म के अपने आप नींद समय पर खुल जाती है, तो यह स्वस्थ नींद का संकेत है. गहरी और अच्छी नींद बहुत जरूरी है, क्योंकि यह समय शरीर को रिकवर करने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. दूसरा संकेत है पूरे दिन एनर्जी से भरे रहना. अगर पूरे दिन बिना थकावट के काम हो जाता है और सुस्ती और आलस नहीं महसूस होता है, तो यह एक अच्छा संकेत है. तीसरा संकेत है, पाचन में कोई परेशानी नहीं होगी. पूरे दिन गैस, भारीपन की समस्या न होना अच्छे पाचन का संकेत है. अगर खाना खाने के बाद आलस और भारीपन महसूस नहीं होता है, तो यह अच्छी पाचन क्रिया का संकेत है. चौथा संकेत है साफ चेहरा और गुलाबी जीभ. अगर शरीर अंदर से मजबूत और पूरी तरह स्वस्थ है तो चेहरा बिल्कुल साफ रहता है. पाचन में परेशानी होने पर चेहरे पर मुहांसे और एक्ने की परेशानी बनी रहती है और जीभ पर छाले होने लगते हैं. पांचवां संकेत है मन की शांति. अगर शरीर स्वस्थ होता है तो मन भी एकाग्र और खुश रहता है. हर काम करने में मन लगता है लेकिन वहीं बीमार होने पर मन काम से भटकता है. छठा है बीमारी से जल्दी रिकवर करना. स्वस्थ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा होती है. मौसमी बदलाव भी शरीर को ज्यादा समय तक परेशान नहीं कर पाते हैं. बुखार और खांसी जैसी परेशानी कुछ ही समय में ठीक हो जाती है. सातवां और आखिरी है समय पर भूख लगना. कुछ लोगों को कम भूख लगती है. थोड़े से खाने से ही पेट भर जाता है, लेकिन अगर समय पर अच्छे से भूख लगती है तो यह स्वस्थ पाचन का संकेत है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : March 30, 2026, 09:00 IST

काले-हरे अंगूर का अलग-अलग काम, जानें किसको खाने से के क्या फायदे? गर्मी में कौन सा बेस्ट?

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X काले-हरे अंगूर का अलग-अलग काम, जानें किसको खाने से के क्या फायदे?   Grapes Eating Tips: गर्मी की शुरुआत के साथ बाजार में ताजे फलों की आवक बढ़ गई है, जिसमें अंगूर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. इन दिनों बाजार में हरे और काले, दोनों तरह के अंगूर उपलब्ध हैं. लोग स्वाद के आधार पर इन्हें खरीदते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से कौन बेहतर है? यह सवाल बार-बार बना ही रहता है. खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. संतोष मौर्य बताते हैं कि काले अंगूर पोषक तत्वों के मामले में ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और फ्लेवोनॉयड्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी मजबूत करने और अंदरूनी सफाई में मदद करते हैं. काले अंगूर में मौजूद रेस्वेराट्रोल तत्व दिल की सेहत के लिए लाभकारी होता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. इसके अलावा, यह कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने और वजन घटाने में भी सहायक माने जाते हैं. वहीं, हरे अंगूर भी किसी से कम नहीं हैं. इनमें विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को ताजगी देते हैं. पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं. खासकर गैस, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं में हरे अंगूर लाभकारी होते हैं.