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दांत दर्द में रामबाण है ये छोटा सा पीला फूल, मसूड़ों की सूजन में भी देता राहत; जानें कैसे करें उपयोग

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Benefits of Akarkara: अकरकरा को दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में बेहद लाभकारी औषधि माना जाता है. इसे पाइरेथ्रम रूट भी कहा जाता है और इसका वैज्ञानिक नाम Anacyclus pyrethrum है. आयुर्वेद में लंबे समय से इसका उपयोग मौखिक समस्याओं के उपचार में किया जाता रहा है. दांत दर्द या मसूड़ों की सूजन होने पर अकरकरा के चूर्ण को सरसों के तेल या लौंग के तेल में मिलाकर मसूड़ों पर लगाने की सलाह दी जाती है. इससे दर्द में राहत मिलती है और सूजन कम होती है. अकरकरा में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और सूजनरोधी गुण संक्रमण को कम करने में मदद करते है. यह घाव को जल्दी भरने में सहायक होता है और मसूड़ों को मजबूत बनाता है. नियमित और सीमित उपयोग से मुंह की कई समस्याओं से प्राकृतिक रूप से राहत पाई जा सकती है.

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में कई ऐसे औषधीय पौधे पाए जाते है. जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है. लेकिन कई बार लोगों को उन पौधों के बारे में जानकारी न होने के कारण उन्हें बेकार समझकर फेंक देते है. इस समय गर्मियों के मौसम में घर के आसपास या खेतों में अकरकरा का पौधा आसानी से मिल जाएगा. इसमें पीला सा छोटा फूल पाया जाता है.

फूल

अकरकरा, जिसे पाइरेथ्रम रूट भी कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम है Anacyclus pyrethrum. यह एक बारहमासी पौधा है. इसकी जड़ को सुखाकर चूर्ण बनाया जाता है जो कि कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. इसके जड़, पत्ते और बीजों में मौजूद तत्व दर्द कम करने, सूजन घटाने और घाव भरने में मदद करते है.

फूल

अकरकरा को खासतौर पर दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में बहुत लाभकारी माना जाता है. इसके लिए अकरकरा के चूर्ण को सरसों के तेल यह लौंग के तेल में मिलाकर मसूड़ों पर लगाया जाता है. यह न केवल दर्द से राहत देता है बल्कि उसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण घाव को जल्दी भरने में मदद करते है.

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सेहत

कुछ लोगों को लगातार हिचकी आती रहती है. अगर आप भी हिचकी जैसी समस्या से अक्सर परेशान रहते है तो आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे है जो हिचकी की समस्या से राहत दिला सकता है. अगर बार-बार हिचकी आ रही हो, तो अकरकरा के चूर्ण में शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन कर सकते है.

फूल

बदलते मौसम के कारण गले में खराश और खांसी का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे में आप भी खांसी और खराश जैसी समस्या से परेशान है तो आज हम आपको एक ऐसे पौधे के पत्तियों के बारे में बताने जा रहे है. जिसका काढ़ा पीने से गले की खराश और सुखी खांसी से राहत मिल सकती है. अकरकारा की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से जल्द राहत मिल सकती है.

फूल

आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि डायबिटीज के मरीजों के लिए अकरकरा की जड़ों का चूर्ण बनाकर सेवन करना चाहिए. इससे डायबिटीज कंट्रोल रहता है. शरीर पर घाव हो जाने पर इसकी पत्तियों का लेप बनाकर लगाने से घाव जल्दी भरते है. कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है.

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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में कई ऐसे औषधीय पौधे पाए जाते है. जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है. लेकिन कई बार लोगों को उन पौधों के बारे में जानकारी न होने के कारण उन्हें बेकार समझकर फेंक देते है. इस समय गर्मियों के मौसम में घर के आसपास या खेतों में अकरकरा का पौधा आसानी से मिल जाएगा. इसमें पीला सा छोटा फूल पाया जाता है.

फूल

अकरकरा, जिसे पाइरेथ्रम रूट भी कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम है Anacyclus pyrethrum. यह एक बारहमासी पौधा है. इसकी जड़ को सुखाकर चूर्ण बनाया जाता है जो कि कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. इसके जड़, पत्ते और बीजों में मौजूद तत्व दर्द कम करने, सूजन घटाने और घाव भरने में मदद करते है.

फूल

अकरकरा को खासतौर पर दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में बहुत लाभकारी माना जाता है. इसके लिए अकरकरा के चूर्ण को सरसों के तेल यह लौंग के तेल में मिलाकर मसूड़ों पर लगाया जाता है. यह न केवल दर्द से राहत देता है बल्कि उसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण घाव को जल्दी भरने में मदद करते है.

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फूल

बदलते मौसम के कारण गले में खराश और खांसी का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे में आप भी खांसी और खराश जैसी समस्या से परेशान है तो आज हम आपको एक ऐसे पौधे के पत्तियों के बारे में बताने जा रहे है. जिसका काढ़ा पीने से गले की खराश और सुखी खांसी से राहत मिल सकती है. अकरकारा की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से जल्द राहत मिल सकती है.

फूल

आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि डायबिटीज के मरीजों के लिए अकरकरा की जड़ों का चूर्ण बनाकर सेवन करना चाहिए. इससे डायबिटीज कंट्रोल रहता है. शरीर पर घाव हो जाने पर इसकी पत्तियों का लेप बनाकर लगाने से घाव जल्दी भरते है. कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है.

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