Thursday, 17 Sep 2026 | 11:13 AM

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Petrol Ethanol Sugar Rumour Fake Video

Petrol Ethanol Sugar Rumour Fake Video

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो है, जिसमें एथेनॉल की वजह से फ्यूल टैंक के पास चींटियां लगने का दावा किया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एथेनॉल फ्यूल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सांइटिफिक रूप से प्रमाणित है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। हाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वाहन के फ्यूल टैंक के पास चींटियां दिखाई गई थीं। इस पर भारत पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईंधन ग्रेड एथेनॉल में कोई शर्करा (चीनी) नहीं होती। मंत्रालय के अनुसार, कुछ लोग पुराने वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर कर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। सरकार ने कहा कि E20 पेट्रोल डालने के बाद इंजन खराब होने की कोई रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है। E20 पेट्रोल से वाहन बीमा पर कोई असर नहीं केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया है कि E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल फ्लेक्स ईंधन) के इस्तेमाल से वाहन बीमा (इंश्योरेंस) की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। सरकार ने कहा कि इस तरह की आशंकाएं गलत हैं और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद इन्हें खारिज कर दिया गया है। सरकार के अनुसार, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे देशों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है। ब्राजील में तो E27 लंबे समय से ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एथेनॉल के इस्तेमाल से सरकार ने 3 फायदे गिनाए 1.4 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बची: सरकार ने बताया कि एथेनॉल प्रोग्राम की वजह से कच्चे तेल के आयात में कमी आई है। जिससे देश को अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है। किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा: सरकार ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली कृषि उपज की मांग बढ़ने से किसानों की आय को समर्थन मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। ऊर्जा सुरक्षा और पॉल्यूशन कंट्रोल में मदद: बयान के मुताबिक, एथेनॉल फ्यूल देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में मदद कर रहा है और कार्बन उत्सर्जन कम कर रहा है। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठा ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। सेकेंड जनरेशन एथेनॉल : सेकेंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे- चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है। थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल : थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल को एलगी से बनाया जाएगा। अभी इस पर काम चल रहा है। 15 दिन पहले लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस 15 दिन पहले सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… 100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी: गडकरी बोले- प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Beats Pakistan 4-3 in Hockey Pro League; Abhishek, Neelkanth Score

India Beats Pakistan 4-3 in Hockey Pro League; Abhishek, Neelkanth Score

Hindi News Sports India Beats Pakistan 4 3 In Hockey Pro League; Abhishek, Neelkanth Score लंदन5 मिनट पहले कॉपी लिंक गोल करने के बाद जश्न मानते हुए भारतीय प्लेयर्स। (क्रेडिट-हॉकी इंडिया) भारतीय हॉकी टीम ने FIH प्रो लीग में पाकिस्तान को 4-3 से हरा दिया। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में भारत ने 1-0 से पिछड़ने के बाद वापसी की। अभिषेक, नीलकांत शर्मा, सुखजीत सिंह और राजिंदर सिंह ने भारत के लिए गोल किए। पाकिस्तान के लिए अहमद नदीम और कप्तान अबू महमूद और शकील मोईन ने गोल किया। पिछले 10 साल में भारतीय टीम पाकिस्तान से कोई मुकाबला नहीं हारी है। दोनों टीमों के बीच पिछले 18 मुकाबलों में भारत ने 16 जीते हैं। 2 मैच ड्रॉ रहे हैं। पाकिस्तान ने आखिरी बार भारत को दिसंबर 2016 में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में हराया था। पाकिस्तान ने पहले क्वार्टर में बढ़त बनाई भारत ने मैच की शुरुआत अटैक से की, लेकिन गोल नहीं कर सका। इसके उलट पाकिस्तान ने अपने पहले ही पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दाग दिया। अहमद नदीम ने 10वें मिनट में गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। भारत ने फाउल की अपील की, लेकिन अंपायर ने गोल बरकरार रखा। अभिषेक और नीलकांत ने मैच पलटा दूसरे क्वार्टर में भारत ने दबाव बढ़ाया। दिलप्रीत सिंह के शानदार क्रॉस पर अभिषेक ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके तुरंत बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत सिंह की ड्रैग फ्लिक को पाकिस्तान ने रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर नीलकांत शर्मा ने गेंद को नेट में पहुंचाकर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ में भारतीय टीम ने 19 बार पाकिस्तान के सर्किल में इंटर किया, जबकि पाकिस्तान केवल 2 ही कर सका। भारत को 9 पेनल्टी कॉर्नर मिले, हालांकि टीम सिर्फ एक को गोल में बदल सकी। भारत और पाकिस्तानी प्लेयर बॉल के लिए लड़ते हुए। सुखजीत ने बढ़ाई बढ़त तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने तेज शुरुआत की, लेकिन भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने बेहतरीन बचाव किए। इसके बाद भारत के सुखजीत सिंह ने बॉक्स के अंदर शानदार टर्न लेकर जोरदार शॉट से गोल दाग दिया। इस गोल के साथ भारत की बढ़त 3-1 हो गई। राजिंदर ने चौथा गोल किया आखिरी क्वार्टर में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। राजिंदर सिंह ने बेहतरीन ड्रैग फ्लिक लगाकर स्कोर 4-1 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की। कप्तान अबू महमूद ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और फिर अंतिम में एक और गोल दागकर अंतर 4-3 कर दिया, लेकिन तब तक भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। पाकिस्तान बिना कप्तान और कोच के उतरा पाकिस्तान के नियमित कप्तान अम्माद शकील बट वीजा समस्या के कारण टीम के साथ नहीं थे। उनकी जगह अबू महमूद ने कप्तानी संभाली। टीम के मुख्य कोच भी लंदन में मौजूद नहीं थे और मैनेजर ने टीम की जिम्मेदारी संभाली। ————————————— हॉकी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मनप्रीत सिंह बने भारत के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी भारतीय मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने हाल ही में 413वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर दिलीप तिर्की का रिकॉर्ड तोड़ा। इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने उन्हें सम्मानित किया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Beats Pakistan 4-3 in Hockey Pro League; Abhishek, Neelkanth Score

India Beats Pakistan 4-3 in Hockey Pro League; Abhishek, Neelkanth Score

Hindi News Sports India Beats Pakistan 4 3 In Hockey Pro League; Abhishek, Neelkanth Score लंदन1 घंटे पहले कॉपी लिंक गोल करने के बाद जश्न मानते हुए भारतीय प्लेयर्स। (क्रेडिट-हॉकी इंडिया) भारतीय हॉकी टीम ने FIH प्रो लीग में पाकिस्तान को 4-3 से हरा दिया। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में भारत ने 1-0 से पिछड़ने के बाद वापसी की। टीम के लिए अभिषेक, नीलकांत शर्मा, सुखजीत सिंह और राजिंदर सिंह ने गोल किए। वहीं, पाकिस्तान की तरफ से अहमद नदीम और कप्तान अबू महमूद और शकील मोईन ने गोल किया। पिछले 10 साल में भारतीय टीम पाकिस्तान से कोई मुकाबला नहीं हारी है। दोनों टीमों के बीच पिछले 18 मुकाबलों में भारत ने 16 जीते हैं। 2 मैच ड्रॉ रहे हैं। पाकिस्तान ने आखिरी बार भारत को दिसंबर 2016 में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में हराया था। पहले क्वार्टर में पाकिस्तान ने बढ़त बनाई भारत ने मैच की शुरुआत अटैक से की, लेकिन गोल नहीं कर सका। इसके उलट पाकिस्तान ने अपने पहले ही पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दाग दिया। अहमद नदीम ने 10वें मिनट में गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। भारत ने फाउल की अपील की, लेकिन अंपायर ने गोल बरकरार रखा। दूसरे क्वार्टर में अभिषेक और नीलकांत ने मैच पलटा दूसरे क्वार्टर में भारत ने दबाव बढ़ाया। दिलप्रीत सिंह के शानदार क्रॉस पर अभिषेक ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके तुरंत बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत सिंह की ड्रैग फ्लिक को पाकिस्तान ने रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर नीलकांत शर्मा ने गेंद को नेट में पहुंचाकर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ में भारतीय टीम ने 19 बार पाकिस्तान के सर्किल में इंटर किया, जबकि पाकिस्तान केवल 2 ही कर सका। भारत को 9 पेनल्टी कॉर्नर मिले, हालांकि टीम सिर्फ एक को गोल में बदल सकी। भारत और पाकिस्तानी प्लेयर बॉल के लिए लड़ते हुए। (क्रेडिट-हॉकी इंडिया) तीसरे क्वार्टर में सुखजीत ने बढ़ाई बढ़त तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने तेज शुरुआत की, लेकिन भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने बेहतरीन बचाव किए। इसके बाद भारत के सुखजीत सिंह ने बॉक्स के अंदर शानदार टर्न लेकर जोरदार शॉट से गोल दाग दिया। इस गोल के साथ भारत की बढ़त 3-1 हो गई। राजिंदर ने चौथा गोल किया आखिरी क्वार्टर में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। राजिंदर सिंह ने बेहतरीन ड्रैग फ्लिक लगाकर स्कोर 4-1 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की। कप्तान अबू महमूद ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और फिर शकील मोईन ने एक और गोल दागकर स्कोर 4-3 कर दिया, लेकिन तब तक भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। पाकिस्तान बिना कप्तान और कोच के उतरा पाकिस्तान के नियमित कप्तान अम्माद शकील बट वीजा समस्या के कारण टीम के साथ नहीं थे। उनकी जगह अबू महमूद ने कप्तानी संभाली। टीम के मुख्य कोच भी लंदन में मौजूद नहीं थे और मैनेजर ने टीम की जिम्मेदारी संभाली। क्या है FIH प्रो लीग? FIH प्रो लीग अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सालाना लीग है। इसकी शुरुआत 2019 में हुई थी। इसमें पुरुष और महिला वर्ग की दुनिया की टॉप टीमें हिस्सा लेती हैं। टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला जाता है, यानी हर टीम सभी दूसरी टीमों के खिलाफ मुकाबले खेलती है। सीजन के अंत में सबसे ज्यादा पॉइंट्स हासिल करने वाली टीम चैंपियन बनती है। इस लीग की सबसे खास बात इसका होम और अवे फॉर्मेट है। उदाहरण के लिए, अगर भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबला है तो एक मैच भारत में और दूसरा इंग्लैंड में खेला जाएगा। इसी तरह टीमों को अलग-अलग देशों में जाकर मैच खेलने पड़ते हैं। 2025-26 सीजन के मुकाबले भारत के राउरकेला, इंग्लैंड के लंदन, बेल्जियम के एंटवर्प, नीदरलैंड्स के एम्सटर्डम, स्पेन के वैलेंसिया और ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट जैसे शहरों में आयोजित किए गए हैं। मौजूदा सीजन की पॉइंट्स टेबल में बेल्जियम 12 मैचों में 34 अंकों के पहले स्थान पर है। इंग्लैंड (26 अंक) दूसरे और ऑस्ट्रेलिया (24 अंक) तीसरे स्थान पर हैं। भारत 12 मैचों में 10 अंक लेकर आठवें स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान एक भी अंक नहीं जुटा सका और नौवें स्थान पर है। ————————————— हॉकी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मनप्रीत सिंह बने भारत के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी भारतीय मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने हाल ही में 413वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर दिलीप तिर्की का रिकॉर्ड तोड़ा। इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने उन्हें सम्मानित किया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

Hindi News Business NITI Aayog: India Diversify Oil Gas Sources | China Pharma Dependence | US Trade नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक नीति आयोग ने मंगलवार को दवा उद्योग और वैश्विक व्यापार पर अपनी ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दवाओं के कच्चे माल के लिए 65% तक चीन पर निर्भर है। वहीं, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट से यह सीख मिली है कि किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को तेल और गैस समेत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अलग-अलग स्रोत विकसित करने चाहिए। नीति आयोग के सुझाव: पेटेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत नीति आयोग ने इस निर्भरता को कम करने और भारतीय फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। भारतीय कंपनियों को अब सिर्फ सस्ती जेनेरिक दवाओं तक सीमित न रहकर ज्यादा कीमत और ऊंचे मार्जिन वाले हाई-वैल्यू फार्मास्युटिकल सेगमेंट में उतरना चाहिए। कॉलेजों/यूनिवर्सिटीज में होने वाली रिसर्च को सीधे फैक्ट्रियों तक पहुंचाने का सिस्टम मजबूत करना होगा, ताकि नए रिसर्च से दवाएं और प्रॉडक्ट्स तेजी से बाजार में आ सकें। दवा और मेडिकल क्षेत्र (लाइफ-साइंसेज) में नई खोजों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नियमों और मंजूरियों की प्रक्रिया को एकदम साफ, आसान और पारदर्शी बनाना होगा। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद लाहिड़ी ने कहा कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे और इस पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने रिपोर्ट में सुझाव भी दिया है कि जब भी भारत किसी देश या ब्लॉक के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत करे, तो उसमें फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर एक अलग चैप्टर जरूर शामिल किया जाना चाहिए। भारत में नई दवाओं पर रिसर्च का खर्च महंगा लाहिड़ी ने कहा कि भारत में पर्यावरण से जुड़े नियम अब काफी कड़े हो गए हैं। इस वजह से कंपनियों के लिए फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने और नई दवाओं पर रिसर्च (R&D) करने का खर्च बहुत बढ़ गया है। हमारे देश में नई खोजों को बढ़ावा देने और उन्हें बिजनेस में बदलने का सिस्टम अभी कमजोर है। इसी कमी के कारण नए और लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले निवेशक यहां निवेश करने से घबरा रहे हैं। दवा के प्रोडक्शन में हम अच्छे, लेकिन वैल्यू चेन में आगे बढ़ना जरूरी लाहिड़ी ने कहा कि भारत को आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ माना जाता है। नीति आयोग ने अपनी स्टडी में पाया है कि दवाओं के प्रोडक्शन के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन अब हमें वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ने की जरूरत है। इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय कंपनियों की अच्छी साख है। अगर भारतीय फार्मा कंपनियां अच्छी क्वालिटी और सही कीमत वाले ब्रांडेड प्रोडक्ट्स बाजार में लाती हैं, तो वैश्विक बाजार पर हमारी मजबूत पकड़ बन सकती है। दुनिया को सस्ती दवाएं देने में भारत नंबर-1 भारत दुनियाभर में सस्ती जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वाला एक प्रमुख देश है। अफ्रीका की कुल जेनेरिक दवाओं की जरूरत का करीब 50% हिस्सा भारत पूरा करता है। अमेरिका की 40% जेनेरिक दवाओं की सप्लाई भारत से होती है। UK की 25% जेनेरिक दवाओं की मांग भारतीय कंपनियां पूरी करती हैं। 2025 में ₹123.13 लाख करोड़ की दवाओं की डिमांड रही अगर पूरी दुनिया में दवाओं के कुल कारोबार की बात करें, तो साल 2025 में दुनियाभर में करीब ₹123.13 लाख करोड़ ($1.3 ट्रिलियन) की दवाओं और उनके कच्चे माल की मांग (डिमांड) थी। इसमें से करीब ₹96.61 लाख करोड़ ($1.02 ट्रिलियन) सिर्फ तैयार दवाओं (जैसे टैबलेट, सिरप और कैप्सूल) को खरीदने में खर्च हुए। बाकी के करीब ₹24.72 लाख करोड़ ($261 बिलियन) उन रसायनों और कच्चे माल को खरीदने में खर्च हुए, जिनका इस्तेमाल फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने के लिए किया जाता है। ————— यह खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹10,566 सस्ती हुई, इस महीने ₹36,015 गिरी: सोना ₹2,522 गिरा, जून में ₹10,748 की गिरावट; जानें अपने शहर के दाम सोने-चांदी की कीमतों में आज 23 जून को गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 10,566 रुपए घटकर 2.27 लाख रुपए पर आ गई है, जो सोमवार को 2.37 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,522 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 जून को यह 1.47 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 10,748 रुपए और चांदी के 36,015 रुपए गिरे हैं। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.63 लाख/किलो थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

Hindi News Business NITI Aayog: India Diversify Oil Gas Sources | China Pharma Dependence | US Trade नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक नीति आयोग ने मंगलवार को दवा उद्योग और वैश्विक व्यापार पर अपनी ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दवाओं के कच्चे माल के लिए 65% तक चीन पर निर्भर है। वहीं, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट से यह सीख मिली है कि किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को तेल और गैस समेत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अलग-अलग स्रोत विकसित करने चाहिए। नीति आयोग के सुझाव: पेटेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत नीति आयोग ने इस निर्भरता को कम करने और भारतीय फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। भारतीय कंपनियों को अब सिर्फ सस्ती जेनेरिक दवाओं तक सीमित न रहकर ज्यादा कीमत और ऊंचे मार्जिन वाले हाई-वैल्यू फार्मास्युटिकल सेगमेंट में उतरना चाहिए। कॉलेजों/यूनिवर्सिटीज में होने वाली रिसर्च को सीधे फैक्ट्रियों तक पहुंचाने का सिस्टम मजबूत करना होगा, ताकि नए रिसर्च से दवाएं और प्रॉडक्ट्स तेजी से बाजार में आ सकें। दवा और मेडिकल क्षेत्र (लाइफ-साइंसेज) में नई खोजों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नियमों और मंजूरियों की प्रक्रिया को एकदम साफ, आसान और पारदर्शी बनाना होगा। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद लाहिड़ी ने कहा कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे और इस पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने रिपोर्ट में सुझाव भी दिया है कि जब भी भारत किसी देश या ब्लॉक के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत करे, तो उसमें फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर एक अलग चैप्टर जरूर शामिल किया जाना चाहिए। भारत में नई दवाओं पर रिसर्च का खर्च महंगा लाहिड़ी ने कहा कि भारत में पर्यावरण से जुड़े नियम अब काफी कड़े हो गए हैं। इस वजह से कंपनियों के लिए फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने और नई दवाओं पर रिसर्च (R&D) करने का खर्च बहुत बढ़ गया है। हमारे देश में नई खोजों को बढ़ावा देने और उन्हें बिजनेस में बदलने का सिस्टम अभी कमजोर है। इसी कमी के कारण नए और लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले निवेशक यहां निवेश करने से घबरा रहे हैं। दवा के प्रोडक्शन में हम अच्छे, लेकिन वैल्यू चेन में आगे बढ़ना जरूरी लाहिड़ी ने कहा कि भारत को आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ माना जाता है। नीति आयोग ने अपनी स्टडी में पाया है कि दवाओं के प्रोडक्शन के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन अब हमें वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ने की जरूरत है। इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय कंपनियों की अच्छी साख है। अगर भारतीय फार्मा कंपनियां अच्छी क्वालिटी और सही कीमत वाले ब्रांडेड प्रोडक्ट्स बाजार में लाती हैं, तो वैश्विक बाजार पर हमारी मजबूत पकड़ बन सकती है। दुनिया को सस्ती दवाएं देने में भारत नंबर-1 भारत दुनियाभर में सस्ती जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वाला एक प्रमुख देश है। अफ्रीका की कुल जेनेरिक दवाओं की जरूरत का करीब 50% हिस्सा भारत पूरा करता है। अमेरिका की 40% जेनेरिक दवाओं की सप्लाई भारत से होती है। UK की 25% जेनेरिक दवाओं की मांग भारतीय कंपनियां पूरी करती हैं। 2025 में ₹123.13 लाख करोड़ की दवाओं की डिमांड रही अगर पूरी दुनिया में दवाओं के कुल कारोबार की बात करें, तो साल 2025 में दुनियाभर में करीब ₹123.13 लाख करोड़ ($1.3 ट्रिलियन) की दवाओं और उनके कच्चे माल की मांग (डिमांड) थी। इसमें से करीब ₹96.61 लाख करोड़ ($1.02 ट्रिलियन) सिर्फ तैयार दवाओं (जैसे टैबलेट, सिरप और कैप्सूल) को खरीदने में खर्च हुए। बाकी के करीब ₹24.72 लाख करोड़ ($261 बिलियन) उन रसायनों और कच्चे माल को खरीदने में खर्च हुए, जिनका इस्तेमाल फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने के लिए किया जाता है। ————— यह खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹10,566 सस्ती हुई, इस महीने ₹36,015 गिरी: सोना ₹2,522 गिरा, जून में ₹10,748 की गिरावट; जानें अपने शहर के दाम सोने-चांदी की कीमतों में आज 23 जून को गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 10,566 रुपए घटकर 2.27 लाख रुपए पर आ गई है, जो सोमवार को 2.37 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,522 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 जून को यह 1.47 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 10,748 रुपए और चांदी के 36,015 रुपए गिरे हैं। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.63 लाख/किलो थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Kunal Shah WhatsApp Global Head

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नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोने-चांदी से जुड़ी रही। सोमवार को एक किलो चांदी 5,828 रुपए बढ़कर 2.38 लाख रुपए पर पहुंची। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,340 रुपए बढ़कर 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया। फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने क्रेड (CRED) एप के फाउंडर कुणाल शाह को वॉट्सएप का नया ग्लोबल हेड बनाया है। वे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जो 7 साल से वॉट्सएप की कमान संभाल रहे थे। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. चांदी ₹5,828 महंगी, ₹2.38 लाख पर पहुंची: सोने का दाम ₹2,340 बढ़ा, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1.47 लाख का हुआ सोने-चांदी के दाम में 22 जून को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 5,828 रुपए बढ़कर 2.38 लाख रुपए पर पहुंची। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2.32 रुपए प्रति किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,340 रुपए बढ़कर 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 19 जून को इसकी कीमत 1.45 रुपए थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. क्रेड एप के फाउंडर कुणाल वॉट्सएप के नए ग्लोबल हेड: विल कैथकार्ट AI की कमान संभालेंगे; पैरेंट कंपनी मेटा क्रेड में ₹8,550 करोड़ निवेश करेगी फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने क्रेड (CRED) एप के फाउंडर कुणाल शाह को वॉट्सएप का नया ग्लोबल हेड बनाया है। वे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जो 7 साल से वॉट्सएप की कमान संभाल रहे थे। कैथकार्ट अब मेटा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। सोमवार को यह जानकारी मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग ने पोस्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने यह फैसला उस डील के तहत लिया है, जिसमें मेटा UPI और बिल पेमेंट एप क्रेड में करीब 8,550 करोड़ रुपए निवेश करेगी। इसके बदले मेटा को क्रेड में 20% की हिस्सेदारी मिलेगी। इसके बाद क्रेड कंपनी की कुल वैल्यूएशन बढ़कर ₹43,239 करोड़ हो जाएगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. ब्रेड-जूस कंपनियों के ‘100%’ शुद्ध प्रोडक्ट का दावा गलत: स्टोरिया और इंग्लिश ओवन पर 1-1 लाख का जुर्माना, CCPA ने विज्ञापन को हटाने को कहा CCPA यानी सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने खाने-पीने के सामानों पर ‘100%’ शुद्धता का भ्रामक दावा करने वाली दो कंपनियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया है। ये स्टोरिया फूड्स एंड बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड और इंग्लिश ओवन ब्रेड बनाने वाली कंपनी मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज लिमिटेड है। अथॉरिटी ने जांच में पाया कि इन कंपनियों ने अपने विज्ञापनों और पैकेट पर 100% शब्द का इस्तेमाल इस तरह किया जो उनके प्रोडक्ट्स की असली सामग्री (कंपोजीशन) से बिल्कुल अलग था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. 14 फूड ब्रांड्स को FSSAI का नोटिस: मैदे को बताया ऑर्गेनिक, गन्ने के रस को कहा ‘नो ऐडेड शुगर’; भ्रामक दावों पर जवाब मांगा FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने 14 फूड ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है। गलत दावें, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों की शिकायतों के कारण ये नोटिस भेजा गया है। FSSAI ने इन सभी कंपनियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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नई दिल्ली46 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोने-चांदी से जुड़ी रही। सोमवार को एक किलो चांदी 5,828 रुपए बढ़कर 2.38 लाख रुपए पर पहुंची। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,340 रुपए बढ़कर 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया। फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने क्रेड (CRED) एप के फाउंडर कुणाल शाह को वॉट्सएप का नया ग्लोबल हेड बनाया है। वे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जो 7 साल से वॉट्सएप की कमान संभाल रहे थे। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. चांदी ₹5,828 महंगी, ₹2.38 लाख पर पहुंची: सोने का दाम ₹2,340 बढ़ा, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1.47 लाख का हुआ सोने-चांदी के दाम में 22 जून को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 5,828 रुपए बढ़कर 2.38 लाख रुपए पर पहुंची। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2.32 रुपए प्रति किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,340 रुपए बढ़कर 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 19 जून को इसकी कीमत 1.45 रुपए थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. क्रेड एप के फाउंडर कुणाल वॉट्सएप के नए ग्लोबल हेड: विल कैथकार्ट AI की कमान संभालेंगे; पैरेंट कंपनी मेटा क्रेड में ₹8,550 करोड़ निवेश करेगी फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने क्रेड (CRED) एप के फाउंडर कुणाल शाह को वॉट्सएप का नया ग्लोबल हेड बनाया है। वे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जो 7 साल से वॉट्सएप की कमान संभाल रहे थे। कैथकार्ट अब मेटा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। सोमवार को यह जानकारी मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग ने पोस्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने यह फैसला उस डील के तहत लिया है, जिसमें मेटा UPI और बिल पेमेंट एप क्रेड में करीब 8,550 करोड़ रुपए निवेश करेगी। इसके बदले मेटा को क्रेड में 20% की हिस्सेदारी मिलेगी। इसके बाद क्रेड कंपनी की कुल वैल्यूएशन बढ़कर ₹43,239 करोड़ हो जाएगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. ब्रेड-जूस कंपनियों के ‘100%’ शुद्ध प्रोडक्ट का दावा गलत: स्टोरिया और इंग्लिश ओवन पर 1-1 लाख का जुर्माना, CCPA ने विज्ञापन को हटाने को कहा CCPA यानी सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने खाने-पीने के सामानों पर ‘100%’ शुद्धता का भ्रामक दावा करने वाली दो कंपनियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया है। ये स्टोरिया फूड्स एंड बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड और इंग्लिश ओवन ब्रेड बनाने वाली कंपनी मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज लिमिटेड है। अथॉरिटी ने जांच में पाया कि इन कंपनियों ने अपने विज्ञापनों और पैकेट पर 100% शब्द का इस्तेमाल इस तरह किया जो उनके प्रोडक्ट्स की असली सामग्री (कंपोजीशन) से बिल्कुल अलग था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. 14 फूड ब्रांड्स को FSSAI का नोटिस: मैदे को बताया ऑर्गेनिक, गन्ने के रस को कहा ‘नो ऐडेड शुगर’; भ्रामक दावों पर जवाब मांगा FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने 14 फूड ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है। गलत दावें, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों की शिकायतों के कारण ये नोटिस भेजा गया है। FSSAI ने इन सभी कंपनियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

पश्चिम बंगाल बजट 2026: कल्याण प्रोत्साहन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और धर्म-आधारित योजनाओं का अंत

पश्चिम बंगाल बजट 2026: कल्याण प्रोत्साहन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और धर्म-आधारित योजनाओं का अंत

एक ऐतिहासिक पहली घटना में, पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ कल्याण के मिश्रण वाले बजट का अनावरण किया, जिसमें धर्म-आधारित वित्तीय योजनाओं को खत्म करते हुए महिलाओं, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए धन आवंटित किया गया। आलोचक इसकी व्यवहार्यता और रोजगार सृजन पर प्रभाव पर सवाल उठाते हैं। -speakn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 22 जून, 2026, 18:50 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल सरकार का बजट(टी)बंगाल की राजनीति(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत(टी)सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भारत(टी)आर्थिक नीति भारत(टी)शिक्षा बजट भारत(टी)राजकोषीय नीति भारत(टी)भारत(टी)भारत बजट समाचार(टी)बुनियादी ढांचा विकास भारत(टी)ताजा समाचार(टी)ममता बनर्जी(टी)राजनीतिक बहस पश्चिम बंगाल(टी)धर्म आधारित योजनाएं(टी)डब्ल्यूबी बजट 2026(टी)कल्याण योजनाएं पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल बजट(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)महिला कल्याण योजना भारत

India vs Pakistan Hockey FIH Pro League London 2026

India vs Pakistan Hockey FIH Pro League London 2026

स्पोर्ट्स डेस्क8 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय मेंस हॉकी टीम मंगलवार को FIH प्रो लीग के लंदन लेग के अपने पहले मैच में पाकिस्तान से खेलेगी। मुकाबला लंदन के ली वेली हॉकी सेंटर में भारतीय टाइमिंग के हिसाब से शाम 7 बजे शुरू होगा। दोनों टीमें करीब दो साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। इनकी पिछली भिड़ंत 2024 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में हुई थी। तब भारत ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह के 2 गोल की बदौलत 2-1 से जीत हासिल की थी। पॉइंट्स टेबल में भारत 8वें और पाकिस्तान 9वें स्थान पर 9 टीमों के पॉइंट्स टेबल में भारतीय टीम 8वें स्थान पर मौजूद है। वहीं, पाकिस्तान की टीम भारत से ठीक एक पायदान नीचे 9वें स्थान पर है और उसे अभी टूर्नामेंट में अपना पहला पॉइंट्स हासिल करना बाकी है। टूर्नामेंट के होम लेग में भारत का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था, जहां टीम 4 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी थी और कुल 19 गोल खाए थे। तीन बार की चैंपियन नीदरलैंड को 3-2 से हराया भारतीय टीम ने अपने रॉटरडैम में हुए पिछले लेग में 4 में से 2 मैच जीते थे। भारत ने वर्ल्ड नंबर-2 और तीन बार की चैंपियन नीदरलैंड को 3-2 से हराया। साथस ही भारतीय टीम ने जर्मनी के खिलाफ 3-1 से जीत हासिल की थी। इस लेग में भारतीय टीम इन दोनों टीमों से 1-1 मैच हारी भी थी। मुश्किल दौर से गुजर रही पाकिस्तानी टीम लंदन लेग से पहले पाकिस्तान की टीम बेहद खराब दौर से गुजर रही है। टीम जर्मनी, नीदरलैंड्स, बेल्जियम और स्पेन के खिलाफ अपने सभी 12 प्रो लीग मैच हार चुकी है और उस पर टूर्नामेंट से बाहर (रेलीगेशन) होने का खतरा मंडरा रहा है। इस सीजन 13 स्टेज खेले जा रहे FIH प्रो लीग का यह सातवां सीजन है। 2025-26 सीजन में कुल 13 स्टेजेस (लेग) खेले जा रहे हैं, जो 10 देशों में आयोजित किए जा रहे हैं। टूर्नामेंट 9 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ था और 28 जून 2026 तक चलेगा। इस सीजन में मेंस और विमेंस कैटेगरी में 9-9 टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रत्येक टीम 16 मैच खेलती है और मुकाबले अलग-अलग स्टेज में खेले जाते हैं, जहां कई टीमें एक ही वेन्यू पर इकट्ठा होकर दो-दो मैच खेलती हैं। FIH प्रो लीग में चैंपियन कैसे चुना जाता है? FIH प्रो लीग में हर जीत पर 3 पॉइंट्स मिलते हैं। हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं मिलता। ड्रॉ होने पर मैच शूटआउट में जाता है। शूटआउट जीतने वाली टीम को 2 और हारने वाली टीम को 1 अंक मिलता है। लीग स्टेज के अंत में पॉइंट्स टेबल में सबसे ऊपर रहने वाली टीम को चैंपियन घोषित किया जाता है। इसके अलावा, 2025-26 सीजन की चैपिंयन टीम को 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के लिए सीधा कोटा भी मिलेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Asian Relay Championship 2026; India Women Beat China to Win 4x100m Gold

Asian Relay Championship 2026; India Women Beat China to Win 4x100m Gold

Hindi News Sports Asian Relay Championship 2026; India Women Beat China To Win 4x100m Gold स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने एशियन रिले चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन को हराते हुए 43.85 सेकंड का सीजन-बेस्ट टाइम निकाला। इस चैंपियनशिप में भारत ने 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज सहित कुल 3 मेडल अपने नाम किए हैं। टीम में श्रावणी नंदा, एसएस स्नेहा, सुदेष्णा शिवंकर और तमन्ना शामिल थीं। इस चौकड़ी ने रेस के दौरान सटीक बैटन एक्सचेंज और बेहतरीन फिनिशिंग स्पीड का प्रदर्शन किया। थाईलैंड ने बॉन्ज जीता भारत ने 43.85 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस रेस में चीन की टीम 44.09 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसने सिल्वर मेडल जीता। वहीं थाईलैंड ने 44.11 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। रिलायंस फाउंडेशन के कोच मार्टिन ओवेन्स के मार्गदर्शन में टीम ने इस रेस प्लान को सफलता के साथ पूरा किया। भारतीय टीम ने 43.85 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। तमन्ना और स्नेहा ने जीते दो-दो मेडल इस चैंपियनशिप में भारत के लिए तमन्ना और स्नेहा शानुवल्ली का व्यक्तिगत प्रदर्शन बेहतरीन रहा, जिन्होंने दो-दो मेडल के साथ अपने अभियान को समाप्त किया। महिला 4×100 मीटर में गोल्ड जीतने से पहले, इन दोनों एथलीटों ने मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले में भी देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था। मिक्स्ड टीम में इनके साथ अनिमेष कुजूर और प्रणव गुरव शामिल थे, जिन्होंने 41.27 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस इवेंट में थाईलैंड (41.14 सेकंड) पहले और चीन (41.29 सेकंड) दूसरे स्थान पर रहा। मिक्स्ड 4×400 मीटर में भारत को मिला सिल्वर भारत को टूर्नामेंट का तीसरा पदक मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले इवेंट में मिला। इस टीम में थीर्थेश पी शेट्टी, एमआर पूवम्मा, भारत श्रीधर और नीरू पाठक शामिल थे। भारतीय चौकड़ी ने 3:17.06 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी की और सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल वियतनाम की टीम ने जीता। 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीमों को मिली निराशा स्प्रिंट इवेंट्स में सफलता के बाद भारत को 4×400 मीटर रिले इवेंट में पदक से चूकना पड़ा। महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में एमआर पूवम्मा, रशदीप कौर, अनसा बाबू और सलोनी नागर की टीम 3:34.88 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रही। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल वियतनाम (3:31.16 सेकंड) ने जीता। वहीं, पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में थीर्थेश पी शेट्टी, अविनाश कुमार, सूरज अलगर राजा और भारत श्रीधर की टीम 3:05.33 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रही। इस रेस में भी वियतनाम की टीम ने अपना दबदबा बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता। —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… फीफा वर्ल्ड कप में केप वर्डे का उलटफेर:2 बार के चैंपियन उरुग्वे को 2-2 पर रोका; 92 साल में मिस्र की पहली जीत फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार को ग्रुप G और ग्रुप H के मुकाबले खेले गए। ग्रुप G में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की। मिस्र अपना पहला वर्ल्ड कप 1934 में खेला था। वहीं, बेल्जियम और ईरान के बीच मैच 0-0 की बराबरी रहा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…